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सं॰ 08/आरोप-01-45/2015-16376/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 24242424 दिसम्बरदिसम्बरदिसम्बरदिसम्बर 2021202120212021
श्री शब्बीर हसन, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-686/2011(163/2019) तत्कालीन अंचलाधिकारी, निर्मली, सुपौल के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, सुपौल के पत्रांक 422-2 दिनांक 25.04.2016 द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई हेतु आरोप पत्र प्राप्त हुआ। आरोप पत्र में श्री हसन के विरूद्ध सक्षम पदाधिकारी के आदेश के बिना सरकारी भवन की निलामी करने, नियम का उल्लंघन एवं सरकारी राजस्व की क्षति करने तथा मृतक के आश्रित को अनुग्रह अनुदान का भुगतान नहीं कर सरकारी राशि गबन करने का असफल प्रयास करने संबंधी आरोप प्रतिवेदित किया गया।
2. जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा प्रतिवेदित आरोप पत्र संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 7426 दिनांक 16.06.2017 द्वारा श्री हसन से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री हसन ने अपना स्पष्टीकरण (दिनांक 02.06.2018) समर्पित किया, जिसमें उनके द्वारा आरोपवार स्थिति स्पष्ट करते हुए आरोपों से इन्कार किया गया। तदुपरांत विभागीय पत्रांक 13240 दिनांक 04.10.2018 द्वारा जिला पदाधिकारी, सुपौल से श्री हसन के स्पष्टीकरण पर मंतव्य की मांग की गयी। स्मारोपरांत जिला पदाधिकारी, सुपौल के पत्रांक 597-2 दिनांक 04.08.2021 द्वारा श्री हसन के स्पष्टीकरण पर मंतव्य प्राप्त हुआ।
3. श्री हसन के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप पत्र, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, सुपौल से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत पाया गया कि जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा श्री हसन के विरूद्ध प्राप्त परिवाद पत्र की जॉंच पूर्व में तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, निर्मली से कराई गयी थी तथा जॉंच प्रतिवेदन से उनके द्वारा सहमति भी व्यक्त की गयी थी, जिसमें प्रतिवेदित किया गया है कि :-
(i) हरिपुर पंचायत के अभिलेख के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि तत्कालीन अंचल अधिकारी, निर्मली, जो प्रखंड विकास पदाधिकारी के भी प्रभार में थे, द्वारा पंचायत भवन, हरिपुर के भवन की निलामी 4,500 रु0 में की गयी, जिसका अनुमोदन दिनांक 21.09.96 को आम सभा की बैठक में दिया गया। इस राशि का मूल्यांकन कनीय अभियन्ता, श्री सुभाष कुमार गुप्ता द्वारा 4,300 रु0 किया गया था। भवन की निलामी हेतु सक्षम पदाधिकारी का आदेश प्राप्त नहीं किया गया था। 2 ;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध रु0 में पेड़ की निलामी की गयी, जो राशि कम है। पेड़ का मूल्यांकन तथा सक्षम पदाधिकारी का आदेश उपलब्ध नहीं है । बिना मूल्यांकन कराये तथा बिना सक्षम पदाधिकारी के आदेश के पेड़ की निलामी कर देना अनियमितता है।
(iii) डगमारा पंचायत अन्तर्गत डूबे व्यक्ति के अनुग्रह अनुदान के संबंध में छान-बीन करने पर पाया इस आरोप के छान-बीन से निष्कर्ष निकलता है कि डगमारा में बाढ़ के कारण तिलयुगा नदी में एक व्यक्ति की मृत्यु हुई थी और इस संबंध में कोई प्राथमिकी दर्ज नहीं की गयी थी तथा अब तक मृत व्यक्ति के आश्रित को अनुग्रह राशि का भुगतान नहीं हुआ है। अतः यह आरोप सही है। 4. श्री हसन के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, सुपौल से प्राप्त मंतव्य में भी आरोप सं0-1 के संबंध में उल्लेख किया गया है कि श्री हसन के अवधि काल के सभी सहायक रोकड़ पंजी, चालान पंजी, एन.आर.पंजी एवं सामान्य रोकड़ पंजी के अवलोकन से प्रतीत होता है कि पंचायत भवन हरिपुर के सामानों की निलामी की राशि प्रखंड नजारत में जमा नहीं की गयी है तथा आरोप सं0-2 के संबंध में उल्लेख किया गया है कि कमलपुर पंचायत के सेमल वृक्ष की निलामी राशि भी जमा नहीं की गयी है। 5. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 11970 दिनांक 07.10.2021 द्वारा श्री शब्बीर हसन, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-686/2011 का स्पष्टीकरण अस्वीकृत करते हुए सरकारी नियम का उल्लंघन करने, निलामी की राशि जमा नहीं करने तथा मृतक के आश्रित को अनुग्रह अनुदान का भुगतान नहीं करने के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-19 के संगत प्रावधानों के तहत् नियम-14 के आलोक में एक वर्ष के लिए संचयी प्रभाव के बिना कालमान वेतनमान में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया। 6. उक्त अधिरोपित दंड पर पुनर्विचार हेतु श्री हसन द्वारा अपना पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक 20.10.2021 समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा प्रतिवेदित आरोप के संबंध में कुछ नहीं कहा गया है। सिर्फ सेवानिवृति की तिथि के आधार पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया। 7. उल्लेखनीय है कि श्री हसन के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत ही अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा ''एक वर्ष के लिए संचयी प्रभाव के बिना कालमान वेतनमान में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति'' का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया है। 8. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री हसन का पुनर्विचार आवेदन अस्वीकृत करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अधिरोपित दंड ''एक वर्ष के लिए संचयी प्रभाव के बिना कालमान वेतनमान में निम्नतर प्रक्रम पर अवनति'' को पूर्ववत् बरकरार रखा जाता है।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में
प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से,
मो0 सिराजुद्दीन अंसारी,
सरकार के अवर सचिव।
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