;बपकरू4द्ध
ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध
;बपकरू17द्ध ;बपकरू19द्ध 1;बपकरू17द्ध43 ;बपकरू24द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू26द्ध
;बपकरू27द्ध;बपकरू25द्ध ;बपकरू4द्ध 1;बपकरू25द्ध42;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध 3;बपकरू25द्ध ष् 2;बपकरू25द्ध21
सं॰ 2/आरोप-01-02/2018-13122/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 3 नवम्बर3 नवम्बर3 नवम्बर3 नवम्बर 2021202120212021
श्री आनन्द प्रकाष (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1088/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, घोघरडीहा, मधुबनी के विरूद्ध वर्ष 2007-08 में सांंसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत 14वीं लोकसभा के माननीय सांसद श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव, झंझारपुर संसदीय क्षेत्र की अनुषंसा के अनुसार स्वी—त योजनाओं को ससमय पूर्ण कराये जाने में उदासीनता एवं लापरवाही बरतने संबंधी आरोप के लिए ग्रामीण विकास विभााग, बिहार, पटना के पत्रांक 344904 दिनांक 26.12.2017 के माध्यम से जिला पदाधिकारी, मधुबनी के पत्रांक 1211 दिनांक 30.11.2016 द्वारा गठित आरोप-पत्र प्राप्त हुआ। जिला पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त आरोप-पत्र एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर विभागीय स्तर से गठित आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों के लिए श्री प्रकाष से स्पष्टीकरण की गयी। श्री प्रकाष के विरूद्ध आरोप-पत्र में गठित आरोप निम्नलिखित है :- आरोप :- आरोप :- आरोप :- आरोप :- इनके द्वारा वर्ष 2007-08 में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत 14वीं लोकसभा के माननीय सांसद श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव, झंझारपुर संसदीय क्षेत्र की अनुशंसा के अनुसार स्वी—त निम्नांकित योजनाओं को ससमय पूर्ण कराये जाने में उदासीनता एवं लापरवाही बरती गयी।
| क्र॰क्र॰क्र॰क्र॰ | योजना का नाम योजना योजना योजना का नाम | प्रशासनिक स्वी ति की प्रशासनिक स्वी————ति की प्रशासनिक स्वी प्रशासनिक स्वी ति की ति की राशि |
| 1 | घोघरडीहा प्रखंड के अन्तर्गत महदेवा गाँव के कपिलेश्वर बाबा के घर के सामने तालाब के पास सार्वजनिक भवन का निर्माण कार्य। | 325000.00 |
| 2 | घोघरडीहा प्रखंड के अन्तर्गत पिरोजगढ़ की घेराबंदी कार्य। | 350000.00 |
श्री प्रकाष के विरूद्ध गठित आरोप-पत्र पर अनुषासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 6009 दिनांक 23.06.2020 द्वारा स्पष्टीकरण की गयी। उक्त के आलोक में श्री प्रकाष के पत्रांक 49 दिनांक 16.07.2020 द्वारा योजनावार स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। श्री प्रकाष द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 9123 दिनांक 01.10.2020 द्वारा जिला पदाधिकारी, मधुबनी से मंतव्य की मांग की गयी, जिसके आलोक में जिला पदाधिकारी, मधुबनी2 ;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध के पत्रांक 1295 दिनांक 27.07.2021 द्वारा मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जिसमें श्री प्रकाष द्वारा योजना संख्या-01 के संदर्भ में समर्पित स्पष्टीकरण को आंषिक स्वीकार योग्य एवं योजना संख्या-02 के संबंध में समर्पित स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं प्रतिवेदित किया गया।
श्री प्रकाष के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, मधुबनी से प्राप्त मंतव्य की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त श्री प्रकाष के स्पष्टीकरण को अस्वी—त करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9131 दिनांक 19.08.2021 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08) एवं (ii) संचयी प्रभाव के बिना दो संचयी प्रभाव के बिना दो संचयी प्रभाव के बिना दो संचयी प्रभाव के बिना दो नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत् (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08) एवं निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08) एवं निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08) एवं वेतन वृद्धि पर रोक वेतन वृद्धि पर रोक वेतन वृद्धि पर रोक वेतन वृद्धि पर रोक का दंड संसूचित किया गया।
उपरोक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री प्रकाष द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया है, जिसमेें आरोपवार इनका कहना है कि :-
''(i) घोघरडीहा प्रखंडान्तर्गत महदेवा गांव के कपिलेष्वर बाबा के घर के सामने तलाब के पास सार्वजनिक घोघरडीहा प्रखंडान्तर्गत महदेवा गांव के कपिलेष्वर बाबा के घर के सामने तलाब के पास सार्वजनिक घोघरडीहा प्रखंडान्तर्गत महदेवा गांव के कपिलेष्वर बाबा के घर के सामने तलाब के पास सार्वजनिक घोघरडीहा प्रखंडान्तर्गत महदेवा गांव के कपिलेष्वर बाबा के घर के सामने तलाब के पास सार्वजनिक भवन का निर्माण कार्यभवन का निर्माण कार्यभवन का निर्माण कार्यभवन का निर्माण कार्य (प्रषासनिक स्वी—ति की राषि मो0 तीन लाख पचीस हजार रूपये मात्र) ।- इस योजना से संबंधित प्रखंड कार्यालय, घोघरडीहा में संधारित अभिलेख संख्या-02/08-09 के अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि योजना से संबंधित अभिलेखीय कार्यवाही दिनांक 21.02.2009 को क्रियान्वित करते हुए श्री सुरेष प्रसाद, राजस्व कर्मचारी को योजना अभिकर्त्ता नियुक्त किया गया और दिनांक 23.02.2009 को उन्हें प्रथम किस्त की राषि (मो0 साढ़े सात हजार रूपये मात्र) उनके द्वारा दिए गए अनुरोध अग्रिम आवेदन के आलोक में विमुक्त की गयी। अभिकर्ता के आवेदन पर कनीय अभियंता, घोघरडीहा की अनुषंसा के आलोक में दिनांक 28.04.2009 को उन्हें ़द्वितीय किस्त की राषि के रूप में मो0 पचीस हजार रूपये विमुक्त की गयी। क्षेत्र भ्रमण के क्रम में योजना स्थल के निरीक्षण के क्रम में अभिकर्ता को शीघ्र कार्य पूर्ण कराने हेतु दिनांक 22.06.2009 को निर्देषित किया गया परंतु जून माह में सामान्य स्थानान्तरण प्रक्रिया के तहत अभिकर्ता के अन्यत्र स्थानान्तरण हो जाने के कारण उनके स्थान पर रामबहादुर यादव, पंचायत सचिव को दिनांक 03.10.2009 वैकल्पिक अभिकर्ता के रूप में नामित व प्राधि—त करते हुए उन्हें प्रथम किस्त की राषि विमुक्त की गयी और कनीय अभियंता, घोघरडीहा की अनुषंसा के आलोक में पुनः उन्हें दिनांक 30.10.2009 को योजना मद में द्वितीय किस्त की राषि (मो0 पचास हजार रूपये) विमुक्त की गयी। अभिकर्ता के द्वारा लिये गये अग्रिम के विरूद्ध मो0 छियासी हजार चार सौ अट्ठाईस रूपये के समतुल्य मापी पुस्त समर्पित किये जाने के बाद कनीय अभियंता, घोघरडीहा के अनुषंसा के आलोक में दिनांक 07.01.2010 को अभिकर्ता को मो0 साठ हजार रूपये का अग्रिम हस्तगत कराते हुए उनसे मास्टर रोल अभिश्रव आदि उपलब्ध कराने हेतु निदेषित किया गया। उपरोक्त सभी राषि विमुक्ति योजना मद में जिला कार्यालय, मधुबनी से प्राप्त प्रथम किस्त की राषि से (मो0 से (मो0 से (मो0 से (मो0 उपरोक्त सभी राषि विमुक्ति योजना मद में जिला कार्यालय, मधुबनी से प्राप्त प्रथम किस्त की राषि उपरोक्त सभी राषि विमुक्ति योजना मद में जिला कार्यालय, मधुबनी से प्राप्त प्रथम किस्त की राषि उपरोक्त सभी राषि विमुक्ति योजना मद में जिला कार्यालय, मधुबनी से प्राप्त प्रथम किस्त की राषि एक लाख बासठ हजार पांच सौ रूपये) की गयी और अधोहस्ताक्षरी के पदस्थापन अवधि में प्रखंड कार्यालय, एक लाख बासठ हजार पांच सौ रूपये) की गयी और अधोहस्ताक्षरी के पदस्थापन अवधि में प्रखंड कार्यालय, एक लाख बासठ हजार पांच सौ रूपये) की गयी और अधोहस्ताक्षरी के पदस्थापन अवधि में प्रखंड कार्यालय, एक लाख बासठ हजार पांच सौ रूपये) की गयी और अधोहस्ताक्षरी के पदस्थापन अवधि में प्रखंड कार्यालय, घोघरडीहा को द्वितीय किस्त की राषि प्राप्त ही नहीं हुई। द्वितीय किस्त की राषि जब अधोहस्ताक्षरी के कार्यकाल में घोघरडीहा को द्वितीय किस्त की राषि प्राप्त ही नहीं हुई। द्वितीय किस्त की राषि जब अधोहस्ताक्षरी के कार्यकाल में घोघरडीहा को द्वितीय किस्त की राषि प्राप्त ही नहीं हुई। द्वितीय किस्त की राषि जब अधोहस्ताक्षरी के कार्यकाल में घोघरडीहा को द्वितीय किस्त की राषि प्राप्त ही नहीं हुई। द्वितीय किस्त की राषि जब अधोहस्ताक्षरी के कार्यकाल में प्राप्त ही नहीं हुआ तो योजना पूर्ण कराने का प्रष्न ही नहीं उठता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि इस योजना मद में प्राप्त ही नहीं हुआ तो योजना पूर्ण कराने का प्रष्न ही नहीं उठता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि इस योजना मद में का प्रष्न ही नहीं उठता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि इस योजना मद में का प्रष्न ही नहीं उठता है। इस प्रकार स्पष्ट है कि इस योजना मद में प्राप्त ही नहीं हुआ तो योजना पूर्ण कराने प्राप्त ही नहीं हुआ तो योजना पूर्ण कराने प्राप्त प्रथम किस्त की राषि का शत-प्रतिषत उपयोग करके योजना को क्रियान्वित किया गया। संलग्न अभिलेख के प्राप्त प्रथम किस्त की राषि का शत-प्रतिषत उपयोग करके योजना को क्रियान्वित किया गया। संलग्न अभिलेख के प्राप्त प्रथम किस्त की राषि का शत-प्रतिषत उपयोग करके योजना को क्रियान्वित किया गया। संलग्न अभिलेख के प्राप्त प्रथम किस्त की राषि का शत-प्रतिषत उपयोग करके योजना को क्रियान्वित किया गया। संलग्न अभिलेख के आदेष फलक की छायाप्रति के अवलोकन से यह तथ्य संपुष्ट होता है। संलग्न मापी पुस्त की छायाप्रति भी आदेष फलक की छायाप्रति के अवलोकन से यह तथ्य संपुष्ट होता है। संलग्न मापी पुस्त की छायाप्रति भी इसका इसका इसका इसका आदेष फलक की छायाप्रति के अवलोकन से यह तथ्य संपुष्ट होता है। संलग्न मापी पुस्त की छायाप्रति भी आदेष फलक की छायाप्रति के अवलोकन से यह तथ्य संपुष्ट होता है। संलग्न मापी पुस्त की छायाप्रति भी सर्मथनीय साक्ष्य है कि योजनाएं क्रियान्वित की जा रही थी। विदित हो कि अधोहस्ताक्षरी के स्थानान्तरण के लगभग सर्मथनीय साक्ष्य है कि योजनाएं क्रियान्वित की जा रही थी। विदित हो कि अधोहस्ताक्षरी के स्थानान्तरण के लगभग सर्मथनीय साक्ष्य है कि योजनाएं क्रियान्वित की जा रही थी। विदित हो कि अधोहस्ताक्षरी के स्थानान्तरण के लगभग सर्मथनीय साक्ष्य है कि योजनाएं क्रियान्वित की जा रही थी। विदित हो कि अधोहस्ताक्षरी के स्थानान्तरण के लगभग दो वर्ष आठ माह पश्चात् जिला योजना कार्यालय, मधुबनी के पत्रांक 66मु0/जि0यो0 दिनांक 19....01010101....2013 योजना मद 2013 योजना मद 2013 योजना मद 2013 योजना मद दो वर्ष आठ माह पश्चात् जिला योजना कार्यालय, मधुबनी के पत्रांक 66मु0/जि0यो0 दिनांक 19 दो वर्ष आठ माह पश्चात् जिला योजना कार्यालय, मधुबनी के पत्रांक 66मु0/जि0यो0 दिनांक 19 दो वर्ष आठ माह पश्चात् जिला योजना कार्यालय, मधुबनी के पत्रांक 66मु0/जि0यो0 दिनांक 19 के द्वितीय किस्त की राषि विमुक्त की गई। वर्णिके द्वितीय किस्त की राषि विमुक्त की गई। वर्णिके द्वितीय किस्त की राषि विमुक्त की गई। वर्णिके द्वितीय किस्त की राषि विमुक्त की गई। वर्णित परिस्थितियां यह स्पष्ट करती है कि योजना के क्रियान्वयन में मेरे त परिस्थितियां यह स्पष्ट करती है कि योजना के क्रियान्वयन में मेरे त परिस्थितियां यह स्पष्ट करती है कि योजना के क्रियान्वयन में मेरे त परिस्थितियां यह स्पष्ट करती है कि योजना के क्रियान्वयन में मेरे स्तर से कभी भी उदासीनता व लापरवाही नहीं बरती गई है और कार्यहित में सम्यक् निर्णय व कार्रवाई ससमय किया स्तर से कभी भी उदासीनता व लापरवाही नहीं बरती गई है और कार्यहित में सम्यक् निर्णय व कार्रवाई ससमय किया स्तर से कभी भी उदासीनता व लापरवाही नहीं बरती गई है और कार्यहित में सम्यक् निर्णय व कार्रवाई ससमय किया स्तर से कभी भी उदासीनता व लापरवाही नहीं बरती गई है और कार्यहित में सम्यक् निर्णय व कार्रवाई ससमय किया गया है।गया है।गया है।गया है।3 ;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध कराने हेतु तृतीय नामित-अभिकर्ता को द्वितीय किस्त की राषि (मो0 पचहत्तर हजार रूपये) विमुक्त किया गया। दिनांक 22.02.2010 को तृतीय अभिकर्ता श्री षिव प्रसाद यादव, पंचायत सचिव के द्वारा लिये गये अग्रिम के विरूद्ध मो0 एक लाख पचीस हजार आठ सौ सैंतालीस रूपये का मापी पुस्त समर्पित करते हुए योजना पूर्ण करने हेतु अग्रिम की मांग किये जाने के आलोक में उन्हें मो0 चालीस हजार रूपये की राषि विमुक्त की गयी। पुनः दिनांक 12.03.2010 को योजना के तृतीय अभिकर्ता के द्वारा मो0 एक लाख पनचानवे हजार चार सौ चवालीस रूपये का मापी पुस्त समर्पित करते हुए मो0 बत्तीस हजार रूपये अग्रिम की मांग की गयी।
इस तिथि तक जिला कार्यालय, मधुबनी से प्राप्त प्रथम किस्त की राषि (पौने दो लाख रूपये) के विरूद्ध एक इस तिथि तक जिला कार्यालय, मधुबनी से प्राप्त प्रथम किस्त की राषि (पौने दो लाख रूपये) के विरूद्ध एक इस तिथि तक जिला कार्यालय, मधुबनी से प्राप्त प्रथम किस्त की राषि (पौने दो लाख रूपये) के विरूद्ध एक इस तिथि तक जिला कार्यालय, मधुबनी से प्राप्त प्रथम किस्त की राषि (पौने दो लाख रूपये) के विरूद्ध एक लाख छप्पन हजार दो सौ छियालीस रूपये अग्रिम के रूप में दिये जाने के उपरांत योजना मद में अवषेष मात्र 18754 लाख छप्पन हजार दो सौ छियालीस रूपये अग्रिम के रूप में दिये जाने के उपरांत योजना मद में अवषेष मात्र 18754.... लाख छप्पन हजार दो सौ छियालीस रूपये अग्रिम के रूप में दिये जाने के उपरांत योजना मद में अवषेष मात्र 18754 लाख छप्पन हजार दो सौ छियालीस रूपये अग्रिम के रूप में दिये जाने के उपरांत योजना मद में अवषेष मात्र 18754 00 रूपये थी, जिसे तृतीय अ0ि0 रूपये थी, जिसे तृतीय अ0ि0 रूपये थी, जिसे तृतीय अ0ि0 रूपये थी, जिसे तृतीय अभिकर्ता को भुगतान करते हुए मेरे द्वारा विहित प्रक्रिया से प्रखंड कार्यालय, घोघरडीहा के भकर्ता को भुगतान करते हुए मेरे द्वारा विहित प्रक्रिया से प्रखंड कार्यालय, घोघरडीहा के भकर्ता को भुगतान करते हुए मेरे द्वारा विहित प्रक्रिया से प्रखंड कार्यालय, घोघरडीहा के भकर्ता को भुगतान करते हुए मेरे द्वारा विहित प्रक्रिया से प्रखंड कार्यालय, घोघरडीहा के पत्रांक 592 दिनांक 16पत्रांक 592 दिनांक 16पत्रांक 592 दिनांक 16पत्रांक 592 दिनांक 16....03030303....2010 से उप विकास आयुक्त, मधुबनी से योजना मद में द्वितीय किस्त की राषि विमुक्त 2010 से उप विकास आयुक्त, मधुबनी से योजना मद में द्वितीय किस्त की राषि विमुक्त 2010 से उप विकास आयुक्त, मधुबनी से योजना मद में द्वितीय किस्त की राषि विमुक्त 2010 से उप विकास आयुक्त, मधुबनी से योजना मद में द्वितीय किस्त की राषि विमुक्त करने का अनुरोध किया गया, जो मेरे स्थानान्तरण के उपरान्त प्रखंड कार्यालय, घोघरडीहा को जिला विकास प्रषाखा य, घोघरडीहा को जिला विकास प्रषाखा य, घोघरडीहा को जिला विकास प्रषाखा य, घोघरडीहा को जिला विकास प्रषाखा करने का अनुरोध किया गया, जो मेरे स्थानान्तरण के उपरान्त प्रखंड कार्याल करने का अनुरोध किया गया, जो मेरे स्थानान्तरण के उपरान्त प्रखंड कार्याल करने का अनुरोध किया गया, जो मेरे स्थानान्तरण के उपरान्त प्रखंड कार्याल के पत्रांक 1275/जिला विकास दिनांक 12के पत्रांक 1275/जिला विकास दिनांक 12के पत्रांक 1275/जिला विकास दिनांक 12के पत्रांक 1275/जिला विकास दिनांक 12....05050505....2010 को प्राप्त हुआ। उपरोक्त तथ्यों से यह भलीभांति स्पष्ट हो जाता 2010 को प्राप्त हुआ। उपरोक्त तथ्यों से यह भलीभांति स्पष्ट हो जाता 2010 को प्राप्त हुआ। उपरोक्त तथ्यों से यह भलीभांति स्पष्ट हो जाता 2010 को प्राप्त हुआ। उपरोक्त तथ्यों से यह भलीभांति स्पष्ट हो जाता है कि अधोहस्ताक्षरी की पदस्थापना अवधि में उक्त योजना मद में द्वितीय किस्त की राषि प्रखंड कार्यालय, घोघरडीहा है कि अधोहस्ताक्षरी की पदस्थापना अवधि में उक्त योजना मद में द्वितीय किस्त की राषि प्रखंड कार्यालय, घोघरडीहा है कि अधोहस्ताक्षरी की पदस्थापना अवधि में उक्त योजना मद में द्वितीय किस्त की राषि प्रखंड कार्यालय, घोघरडीहा है कि अधोहस्ताक्षरी की पदस्थापना अवधि में उक्त योजना मद में द्वितीय किस्त की राषि प्रखंड कार्यालय, घोघरडीहा मेंमेंमेंमें प्राप्त नहीं हुई जबकि मैंने इसकी विमुक्ति हेतु लिखित अनुरोध भी किया था। जब योजना को पूर्ण कराने के लिए प्राप्त नहीं हुई जबकि मैंने इसकी विमुक्ति हेतु लिखित अनुरोध भी किया था। जब योजना को पूर्ण कराने के लिए प्राप्त नहीं हुई जबकि मैंने इसकी विमुक्ति हेतु लिखित अनुरोध भी किया था। जब योजना को पूर्ण कराने के लिए प्राप्त नहीं हुई जबकि मैंने इसकी विमुक्ति हेतु लिखित अनुरोध भी किया था। जब योजना को पूर्ण कराने के लिए आवष्यक राषि ससमय अधियाचना के बाद भी अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को उपलब्ध ही नहीं करायी गयी थी, तो आवष्यक राषि ससमय अधियाचना के बाद भी अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को उपलब्ध ही नहीं करायी गयी थी, तो आवष्यक राषि ससमय अधियाचना के बाद भी अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को उपलब्ध ही नहीं करायी गयी थी, तो आवष्यक राषि ससमय अधियाचना के बाद भी अधोहस्ताक्षरी कार्यालय को उपलब्ध ही नहीं करायी गयी थी, तो योजना पूर्ण कराने में उदासीनता व लापरवाही बरतने का आरोप स्वतः खंडित हो जाता है।का आरोप स्वतः खंडित हो जाता है।का आरोप स्वतः खंडित हो जाता है।का आरोप स्वतः खंडित हो जाता है। योजना पूर्ण कराने में उदासीनता व लापरवाही बरतने योजना पूर्ण कराने में उदासीनता व लापरवाही बरतने योजना पूर्ण कराने में उदासीनता व लापरवाही बरतने
उक्त के आलोक में श्री प्रकाष द्वारा अपने विरूद्ध अधिरोपित दंडादेष को विलोपित किये जाने हेतु अनुरोध किया गया है।''
श्री प्रकाष से प्राप्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री प्रकाष द्वारा अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में पूर्व में आरोप पर दिये गये स्पष्टीकरण के बिन्दुओं को ही पुनः समर्पित किया गया है। श्री प्रकाष के विरूद्ध आरोप उनकेे पदस्थापन अवधि में वर्ष 2007-08 में सांसद स्थानीय क्षेत्र विकास योजनान्तर्गत 14वीं लोकसभा के माननीय सांसद, श्री देवेन्द्र प्रसाद यादव, झंझारपुर संसदीय क्षेत्र के ऐच्छिक कोष से स्वी—त योजनाओं को ससमय पूर्ण करने की दिषा में उदासीनता बरतने से संबंधित है। प्रतिवेदित आरोप पर उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, मधुबनी से मंतव्य की मांग की गयी थी। जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा प्रथम आरोप पर उनके स्पष्टीकरण को आंषिक रूप से स्वीकार योग्य एवं द्वितीय आरोप पर उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं प्रतिवेदित किया गया है। जिला पदाधिकारी, मधुबनी का कहना है कि श्री प्रकाष प्रष्नगत योजनाओं को ससमय पूर्ण कराने की दिषा में उदासीन रहें तथा उनके द्वारा योजना को पूर्ण कराने में पर्यवेक्षण का अभाव पाया गया। इसके आलोक में सम्यक् विचारोपरान्त जनता के निमित कल्याणकारी योजना को गंभीरता से नहीं लिए जाने एवं र्काव्य के प्रति लापरवाही के आरोपों के लिए श्री प्रकाष के विरूद्ध दंडादेष अधिरोपित किया गया। प्रतिवेदित आरोप एवं जिला पदाधिकारी, मधुबनी के मंतव्य के आलोक में श्री प्रकाष द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री प्रकाष के द्वारा पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण के बिन्दुओं को ही पुनः उल्लेख करते हुए पुनः अभ्यावेदन समर्पित किया गया है। श्री प्रकाष से प्राप्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में प्रतिवेदित आरोप के आलोक में अपने बचाव में कोई नया तथ्य नहीं समर्पित किया गया है। समीक्षोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री प्रकाष के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9131 दिनांक 19.08.2021 द्वारा अधिरोपित दंड को पूर्वव्त बरकरार रखने का निर्णय लिया गया है।
अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री आनन्द प्रकाष (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1088/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, घोघरडीहा, मधुबनी द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9131 दिनांक 19.08.2021 द्वारा (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08), निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08), निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08), निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08), (ii) संचयी संचयी संचयी संचयी प्रभाव के बिना दो वेतन वृद्धि पर रोकप्रभाव के बिना दो वेतन वृद्धि पर रोकप्रभाव के बिना दो वेतन वृद्धि पर रोकप्रभाव के बिना दो वेतन वृद्धि पर रोक का दंड को पूर्वव्त बरकरार रखा जाता है।
है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष :-आदेष :-आदेष :-आदेष :- आदेष दिया जाता आदेष दिया जाता आदेष दिया जाता आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से, षिवमहादेव प्रसादषिवमहादेव प्रसादषिवमहादेव प्रसादषिवमहादेव प्रसाद,,,, सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।
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