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;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध
;बपकरू17द्ध ;बपकरू19द्ध 1;बपकरू17द्ध43 ;बपकरू24द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू26द्ध
;बपकरू27द्ध;बपकरू25द्ध ;बपकरू4द्ध 1;बपकरू25द्ध43;बपकरू4द्ध ;बपकरू31द्ध;बपकरू4द्ध 3;बपकरू25द्ध 2;बपकरू25द्ध21
सं॰ 2/सी॰-10177-2008-13150/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 3 नवम्बर3 नवम्बर3 नवम्बर3 नवम्बर 2021202120212021
श्री अखिलेष कुमार सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक-871/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सोनभद्र वंषी सूर्यपुर, अरवल के विरूद्ध इंदिरा आवास मद में उपलब्ध राशि का 60 प्रतिशत तक व्यय नहीं करने, प्रधान मंत्री इंदिरा आवास एवं बुनियादी इंदिरा आवास योजना की राशि को जमा नहीं करने, इंदिरा आवास के तहत् चयनित लाभुकों के संबंध में विहित प्रपत्र में सूचना उपलब्ध नहीं कराने, स्वास्थ्य उपकेन्द्र हेतु जमीन का चयन नहीं किये जाने इत्यादि आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, अरवल के ज्ञापांक 2174 दिनांक 29.11.2008 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर अनुषासनिक कार्रवाई हेतु उपलब्ध कराया गया।
श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 10394 दिनांक 19.10.2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया को संचालित पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी, जहानाबाद के पत्रांक 28 दिनांक 10.03.2015 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। समर्पित जाँच प्रतिवेदन के आलोक में श्री सिंह से विभागीय पत्रांक 5670 दिनांक 15.04.2015 द्वारा लिखित अभ्यावेदन समर्पित करने का निदेष दिया गया। उक्त के आलोक में श्री सिंह के दिनांक 07.05.2015 द्वारा अभ्यावेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं आरोपित पदाधिकारी से प्राप्त बचाव अभ्यावेदन के समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए विभागीय पत्रांक 11050 दिनांक 31.07.2015 द्वारा अग्रेतर जाँच करने का अनुरोध किया गया।
संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया के पत्रांक 326 दिनांक 04.02.2020 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री सिंह के विरूद्ध कुल-19 आरोपों में से आरोप संख्या-01, 12, 13, 15, 16, 18 अप्रमाणित एवं आरोप संख्या-14 आंशिक प्रमाणित तथा आरोप संख्या-02, 03, 04, 05, 06, 07, 08, 09, 10, 11, 17, 19 को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में आंशिक एवं प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18 के संगत प्रावधानों के तहत् श्री सिंह से विभागीय पत्रांक 3882 दिनांक 17.03.2020 एवं अन्य स्मार पत्रों द्वारा बचाव बयान/अभ्यावेदन की मांग की गयी, किन्तु स्मारित किये जाने के बावजूद भी श्री सिंह से बचाव बयान अप्राप्त रहा।2 ;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री सिंह के विरूद्ध प्रमाणित आरोप मुख्यतया वरीय पदाधिकारियों के आदेष की अवहेलना एवं लापरवाही से संबंधित है। साथ ही उनके द्वारा सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में घोर लापरवाही बरतने एवं अपने र्काव्यों के प्रति संवेदनषील नहीं रहने से संबंधित है। इस आषय का सभी आरोप संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। श्री सिंह द्वारा प्रमाणित आरोपों पर अपना बचाव बयान लगातार स्मारित किये जाने के बावजूद भी नहीं दिया जाना उनके र्काव्यहीनता एवं लापरवाही को दर्षाता है।
अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत् (i) देय तिथि से पाँच वर्षाें तक प्रोन्नति पर रोक देय तिथि से पाँच वर्षाें तक प्रोन्नति पर रोक देय तिथि से पाँच वर्षाें तक प्रोन्नति पर रोक देय तिथि से पाँच वर्षाें तक प्रोन्नति पर रोक एवं एवं एवं एवं (ii) संचयी प्रभाव संचयी प्रभाव संचयी प्रभाव संचयी प्रभाव से पाँच वेतनवृद्धियों पर रोक से पाँच वेतनवृद्धियों पर रोक से पाँच वेतनवृद्धियों पर रोक से पाँच वेतनवृद्धियों पर रोक का दंड अधिरोपित करने का विनिश्चय किया गया। विभागीय पत्रांक 5156 दिनांक 28.04.2021 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से श्री सिंह के विरूद्ध विनिष्चित दण्ड प्रस्ताव पर सहमति/परामर्ष की मांग की गई। आयोग के पत्रांक 838/लो0से0आ0 दिनांक 09.07.2021 द्वारा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा विनिष्चित दण्ड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी।
अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विनिष्चत दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में श्री अखिलेष कुमार सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक-871/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सोनभद्र वंषी सूर्यपुर, अरवल सम्प्रति उप सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8071 दिनांक 04.08.2021 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत (i) देय तिथि से पाँच वर्षाें तक प्रोन्नति पर रोक एवंदेय तिथि से पाँच वर्षाें तक प्रोन्नति पर रोक एवंदेय तिथि से पाँच वर्षाें तक प्रोन्नति पर रोक एवंदेय तिथि से पाँच वर्षाें तक प्रोन्नति पर रोक एवं (ii) संचयी प्रभाव से पाँच वेतनवृद्धियों पर रोक संचयी प्रभाव से पाँच वेतनवृद्धियों पर रोक संचयी प्रभाव से पाँच वेतनवृद्धियों पर रोक संचयी प्रभाव से पाँच वेतनवृद्धियों पर रोक दंड संसूचित किया गया।
उपर्युक्त दंड पर विचार हेतु श्री सिंह द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया है। श्री सिंह का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में मूल रूप से कहना है कि :-
श्री सिंह से प्राप्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। श्री सिंह द्वारा अपने अभ्यावेदन में मुख्यतया उनके विरूद्ध नियमानुकूल विभागीय कार्यवाही नहीं चलाये जाने का उल्लेख किया गया है। उनका कहना है कि उनके विरूद्ध नियमानुकूल आरोप-पत्र गठन नहीं किया गया है। आरोप के मदों के समर्थन में कदाचार लांछणों का कोई सार लेखाबद्ध नहीं किया गया है। उनका यह भी कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा उपस्थापन पदाधिकारी के मंतव्य पर ही बिना किसी ठोस साक्ष्य के आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा बिना समीक्षा के संचालन पदाधिकारी के मंतव्य के आधार पर वृहत दंड अधिरोपित किया गया है। श्री सिंह के द्वारा तत्कालीन जिला पदाधिकारी के विरूद्ध अनियमित कार्यों में साथ नहीं देने एवं जातिय दुर्भावनावष आरोप-पत्र गठित किये जाने का आरोप लगाया गया है। यहाँ उल्लेखनीय है कि श्री सिंह के द्वारा अपने अभ्यावेदन में विभागीय कार्यवाही के पूरे प्रक्रिया पर प्रष्नचिन्ह खड़ा किया गया है। उनके द्वारा अपने तत्कालीन जिलाधिकारी के विरूद्ध आरोप लगाया गया है। साथ ही अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा नियमानुकूल कार्रवाई नहीं किये जाने का भी उल्लेख किया गया है। श्री सिंह के द्वारा प्रतिवेदित आरोप पर अपने बचाव में किसी भी बिन्दु का उल्लेख नहीं किया गया है। श्री सिंह के विरूद्ध इंदिरा आवास योजना के कार्यान्वन में अनियमितता बरते जाने इत्यादि से संबंधित आरोप प्रतिवेदित है। श्री सिंह के विरूद्ध कुल-20 प्रतिवेदित आरोप में से संचालन पदाधिकारी द्वारा 12 (बारह) आरोप को प्रमाणित एवं 01 (एक) आरोप को आंषिक रूप से प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त मंतव्य पर श्री सिंह को स्मारित किये जाने के बावजूद भी लिखित अभिकथन समय पर समर्पित नहीं किया गया है। लिखित अभिकथन अप्राप्त रहने पर प्रतिवेदित आरोप एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य के समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्ध दंड विनिष्चित किया गया एवं विनिष्चित दंड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से मंतव्य प्राप्ति उपरांत शास्ति अधिरोपित किया गया है।
समीक्षोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सिंह के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8071 दिनांक 04.08.2021 द्वारा अधिरोपित दंड को पूर्वव्त बरकरार रखने का निर्णय लिया गया।3 ;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अखिलेष कुमार सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 871/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सोनभद्र-वंषी-सूर्यापुर, अरवल के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8071 दिनांक देय तिथि से पाँच वर्षों के लिए प्रोन्नति पर रोक एवं (ii) संचयी प्रभाव के साथ संचयी प्रभाव के साथ संचयी प्रभाव के साथ संचयी प्रभाव के साथ 04.08.2021 द्वारा अधिरोपित दंड (i) देय तिथि से पाँच वर्षों के लिए प्रोन्नति पर रोक एवं देय तिथि से पाँच वर्षों के लिए प्रोन्नति पर रोक एवं देय तिथि से पाँच वर्षों के लिए प्रोन्नति पर रोक एवं पाँच वेतनवृपिाँच वेतनवृपिाँच वेतनवृपिाँच वेतनवृद्धि पर रोकद्ध पर रोकद्ध पर रोकद्ध पर रोक को पूर्वव्त बरकरार रखा जाता है।
आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष :-आदेष :-आदेष :-आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से, षिवमहादेव प्रसादषिवमहादेव प्रसादषिवमहादेव प्रसादषिवमहादेव प्रसाद,,,, सरकार के अवर ससरकार के अवर ससरकार के अवर ससरकार के अवर सचिव।चिव।चिव।चिव।
———— ख्;बपकरू17द्धँ;बपकरू16द्ध ;बपकरू5द्ध ;बपकरू27द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू16द्ध ;बपकरू5द्ध;बपकरू16द्ध ;बपकरू5द्ध ;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू31द्ध;बपकरू5द्ध मरु ;बपकरू27द्धघ् ;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध ः5श्1़10ः;बपकरू17द्ध़ए़;बपकरू17द्ध़घ् Website: http://egazette.bih.nic.in