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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 30 December 2021

Published 30 December 2021

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2021-12-30.1048
Languages
English, Hindi

;बपकरू4द्ध

ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध

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;बपकरू17द्ध ;बपकरू19द्ध 1;बपकरू17द्ध43 ;बपकरू24द्ध;बपकरू25द्ध;बपकरू26द्ध

;बपकरू27द्ध;बपकरू25द्ध ;बपकरू4द्ध 1;बपकरू25द्ध4;बपकरू29द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध 3;बपकरू25द्ध ष् 2;बपकरू25द्ध21

सं॰ 02/आरोप-01-31/2016-16484/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 22227 दिसम्बर7 दिसम्बर7 दिसम्बर7 दिसम्बर 2021202120212021

श्री दिनेष कुमार (बि0प्र0से0), 885/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, मझौलिया, पश्चिम चम्पारण सम्प्रति उप सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग, पटना के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के पत्रांक 2198/विधि दिनांक 31.10.2016 एवं पत्रांक 151/विधि दिनांक 28.11.2016 द्वारा गठित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' उपलब्ध कराया गया। जिला पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया द्वारा गठित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' एवं संचिका में उपलब्ध साक्ष्य/अभिलेखाें तथा माननीय लोकायुक्त कार्यालय, बिहार, पटना के पत्रांक 8590 दिनांक 14.09.2021 में माननीय सदस्य (न्यायिक) लोकायुक्त, बिहार, पटना द्वारा पारित आदेश दिनांक 12.05.2021 के आलोक में विभागीय स्तर पर तैयार आरोप-पत्र पर अनुशासिनक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

श्री कुमार के विरूद्ध आरोप है कि :-श्री कुमार के विरूद्ध आरोप है कि :-श्री कुमार के विरूद्ध आरोप है कि :-श्री कुमार के विरूद्ध आरोप है कि :-

(i) प्रखंड-मझौलिया के ग्राम-पंचायत राज-धोकराहां में द्वादष वित्त योजना के अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं का प्रषासनिक स्वी—ति हेतु अभिलेख को अकारण दो माह तक लंबित रखना।

(ii) योजनाओं की स्वी—ति हेतु स्थल निरीक्षण के आधार पर प्रषासनिक स्वी—ति नहीं देना तथा उसके बाद व्यस्तता का बहाना बनाकर स्पष्टीकरण/बयान दिये जाने की अवधि तक स्थल निरीक्षण नहीं करना। (iii) माननीय लोकायुक्त द्वारा उक्त मामले में (वाद सं0-01/लोक(पंचायत)-77/2007) में दिनांक 12.05. 2021 की सुनवाई का कार्यकारी अंष निम्नलिखित है :-

"Let it be kept in mind that the learned counsel for Sri. Dinesh Kumar,

had sought an indulgence for producing any further material in his defense but he

had failed to do so and on 01.04.2019 Mr. Dinesh Kumar appearing in person had

stated that he has nothing to add beyond what have already been said by him. Sri.

Hari Krishna Mishra infact had failed to given any reasonable explanation for the

latches on his part but keeping in view that he was merely a recommending

authority and the schemes of panchayat were forged stall due to negligence on the

part of the concern B.D.O., namely Sri. Dinesh Kumar, no order is now sought to

be passed against him inasmuch as he had retired long back from service but then

2 ;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध

the main culprit being Sri. Dinesh Kumar, cannot be spare and the Institution of

Lokayukta in view of the findings recorded in the interim order dated 18.02.2019

read with earlier order recommend for inititation of departmental proceeding

against Sri. Dinesh Kumar, both for his force stopping the schemes of panchayat

and submitting a misleading report/explanation to the Institution of Lokayukta. It is

a matter of fact that a female Mukhiya was hit hard by the conspiracy of the

panchayat Secretary and B.D.O., and the schemes of the panchayat has taken a

back seat due to misconduct on the part of Sri. Dinesh Kumar, the then Block

Development Officer."

विभागीय पत्रांक 13043 दिनांक 02.11.2021 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार के पत्र दिनांक 03.12.2021 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसमें पूर्व में विभाग को समर्पित स्पष्टीकरण का उल्लेख है। श्री कुमार के पत्रांक 35 दिनांक 11.01.2017 द्वारा विभाग में समर्पित स्पष्टीकरण में इनका कहना है कि :-

आरोप संआरोप संआरोप संआरोप संख्या-01 के संबंध में स्पष्टीकरण ।ख्या-01 के संबंध में स्पष्टीकरण ।ख्या-01 के संबंध में स्पष्टीकरण ।ख्या-01 के संबंध में स्पष्टीकरण ।---- निदेशक, स्वलेखा प्रषासन एवं स्व0 नियोजन ग्रामीण विकास अभिकरण, पष्चिम चम्पारण के पत्रांक 10/प्र0 दिनांक 07.12.2017 द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में इस आधार पर मेरे उपर आरोप सिद्ध करने का प्रयास किया गया है कि पंचायत सेवक हरे—ष्ण मिश्र द्वारा दिये गये बयान में यह कहा गया है कि तीन अभिलेख प्रखण्ड कार्यालय में दिनांक 02.04.2017 को दिया गया था और मुखिया पति सिंह का आरोप है कि दिनांक 02.04.2007 से 12.06.2007 तक अभिलेख को कार्यालय में लंबित रखा गया।

पंचायत सचिव द्वारा साप्ताहिक बैठक में इस संबंध में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी को अवगत कराया गया है कि अभिलेख कार्यालय में दिया गया है। श्री मिश्र के कहने पर जब सहायक से पुछा तो बताया कि मुखिया पति अभिलेख लेकर चलेंगे। इसकी सूचना मैंने पंचायत सचिव को उस समय दे दिया था। इस बात की पुष्टि पंचायत सेवक के ब्यान से भी होती है। करीब डेढ़ माह बाद मुखिया द्वारा यह गलत आरोप लगाया जा रहा है कि प्रखण्ड विकास पदाधिकारी द्वारा दो माह तक अभिलेख लंबित रखा गया। जबकि मेरे कार्यालय में अभिलेख था ही नहीं। निदेषक, स्वलेखा प्रषासन एवं स्व0 नियोजन ग्रामीण विकास अभिकरण, पष्चिम चम्पारण के जाँच में यह बात प्रकाष में सामने आया था कि मुखिया पति बीच में ही कार्यालय से अभिलेख लेकर चला गया था। ऐसे मुख्य बिन्दु को जाँच पदाधिकारी द्वारा नजर अंदाज कर दिया गया है।

उसे दो योजना में से एक योजना में मेरे द्वारा स्वी—ति दी गई और वर्षा बाद कार्य करने की अनुमति दी गई जो सरकारी नियमानुसार सही था। सरकार एवं जिला पदाधिकारी के आदेष पर 15 जून से मिट्टी के कार्य पर रोक लगाया गया था। इसकी सूचना अन्य पंचायतों को भी दिया गया था।

द्वितीय योजना का ग्रामीणों के बीच पूर्व से विवाद चल रहा था। जिस पुलिया का मरम्त हेतु प्रस्ताव लाया गया था, वह एक मुँहवाला छोटी पुलिया थी और इसका मरम्मती पर होने वाले खर्च मो0 1,21,200/- रूपये का प्राक्कलन दिया था। उस राषि से नया पुलिया का निर्माण का विरोध हो रहा था। साथ ही पुलिया की स्थिति अच्छी थी इसी कारण ग्रामीणों का विरोध हो रहा था। इसलिए मेरे द्वारा स्थल निरीक्षण कर स्वी—ति दिया जाना था। इसके बाद दुबारा न तो मुखिया द्वारा न तो पंचायत सचिव द्वारा इस अभिलेख को मेरे समक्ष लाया गया। उस समय मंझौलिया में भयंकर बाढ़ आने से 16 पंचायत पूर्णतः प्रभावित था। बाढ़ के समय निरीक्षण कार्य संभव नहीं था।

मुखिया स्वयं कभी भी प्रखण्ड कार्यालय नहीं आती थी। इसके पति श्री शम्भु सिंह ही पुरा कार्यों को देखता था। सभी योजना स्वयं करता था, जिसके कारण पंचायत सचिव से झगड़ा चलता था। विदित हो कि मुखिया पति श्री शम्भु सिंह एक सरकारी षिक्षक हैं और उस समय मधुबनी में पदस्थापित था। इसके विरूद्ध वर्तमान जिला पदाधिकारी श्री राहुल सिंह द्वारा इसके विरूद्ध मधुबनी के जिला पदाधिकारी को लिखा गया था तथा मंझौलिया थाना में प्राथमिकी भी दर्ज किया गया है। उसके बाद मुखिया पति श्री शम्भु सिंह मुझे परेषान करने के लिए मेरे ऊपर गलत ढंग से अनुसूचित जाति के तहत दो केस करा दिया गया है, जो अभी चल रहा है।

आरोप सआरोप सआरोप सआरोप संख्या-02 के संबंध में स्पष्टीकरण ।ंख्या-02 के संबंध में स्पष्टीकरण ।ंख्या-02 के संबंध में स्पष्टीकरण ।ंख्या-02 के संबंध में स्पष्टीकरण ।- - - - मुखिया द्वारा दिनांक 06.12.2007 के बाद न तो अभिलेख लेकर उपस्थापित किया गया और न ही निरीक्षण के लिए कहा गया। विदित हो कि वर्ष 2007 के भयंकर बाढ़ में धोकराहा पंचायत भी पूर्ण रूप से प्रभावित था। बाढ़ पीड़ितों के लिए खाद्यान वितरण को लेकर दिसम्बर 2007 तक कार्य चलता रहा। आये दिन प्रखण्ड कार्यालय में धरना प्रदर्षन चलता रहा, जिसके कारण वह जाँच नहीं हो सका।

बाद में स्थानीय लोगों ने बताया कि उपरोक्त दोनों कार्य मुखिया द्वारा करा लिया गया है और उसका राषि भी निकाल ली गई है लेकिन स्पष्ट नहीं हो सका कि किस मद से योजना का कार्य किया गया है।

श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि मझौलिया प्रखंड के ग्राम-पंचायत राज-धोकराहा में द्वादष वित्त योजना के अंतर्गत क्रियान्वित योजनाओं का प्रषासनिक स्वी—ति हेतु अभिलेख को अकारण दो माह तक लंबित रखा गया, योजनाओं की स्वी—ति हेतु स्थल निरीक्षण के आधार पर प्रषासनिक स्वी—ति नहीं दिया गया तथा उसके बाद व्यस्तता का बहाना बनाकर स्पष्टीकरण/ बयान दिये जाने की अवधि तक स्थल निरीक्षण नहीं किया गया। श्री कुमार के द्वारा पंचायत के जनता के कल्याणर्थ स्वी—त योजनाआें के क्रियान्वयन में घोर लापरवाही बरती गयी है। माननीय लोकायुक्त, पटना द्वारा भी पूरे मामले की सुनवाई के सम्यक्‌ विचारोपरान्त पंचायत के योजनाओं को असफल क्रियान्वयन हेतु श्री कुमार को दोषी पाते हुए उनके विरूद्ध कार्रवाई की अनुषंसा की गई है। श्री कुमार द्वारा द्वादश विा योजना के अन्तर्गत जनता के कल्याणार्थ स्वी—त योजनाओं के प्रति3 ;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध लापरवाही उनके र्काव्यहीनता एवं प्रशासनिक अर्कमण्यता का द्योतक है। उनका यह —त्य बिहार आचार नियमावली 1976 के नियम-3(1) के संगत प्रावधानों के प्रतिकूल है।

उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में समीक्षोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकारा द्वारा श्री कुमार के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-19(1) प्रावधान के तहत नियम-14 में अंकित (i) निन्दन (आरोप वर्ष 20निन्दन (आरोप वर्ष 20निन्दन (आरोप वर्ष 20निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08),07-08),07-08),07-08), (ii) एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दंड एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक एक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया।

अतः वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री दिनेष कुमार (बि0प्र0से0), 885/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, मझौलिया सम्प्रति उप सचिव, राज्य निर्वाचन आयोग, पटना द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए प्रतिवेदित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 में अंकित निम्नलिखित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-

(i) निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08), निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08), निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08), निन्दन (आरोप वर्ष 2007-08), (ii) एक वेतनवृद्धि पएक वेतनवृद्धि पएक वेतनवृद्धि पएक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक।र असंचयात्मक प्रभाव से रोक।र असंचयात्मक प्रभाव से रोक।र असंचयात्मक प्रभाव से रोक।

आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष :-आदेष :-आदेष :-आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-बिहार-बिहार-बिहार-राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से,राज्यपाल के आदेष से, षिवमहादेव प्रसादषिवमहादेव प्रसादषिवमहादेव प्रसादषिवमहादेव प्रसाद,,,, सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 30 December 2021. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2021-12-30.1048/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2021-12-30.1048.