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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 02 February 2022

Published 02 February 2022

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2022-02-02.5
Languages
English, Hindi

click here for IIIF manifest

निबंधन संख्या पी0टी0-40

बिहार गजट

बिहार सरकार }kjk प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, inLFkkiu, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं। 2-15 भाग-1-क—Lo;alsod xqYeksa के समादे"Vkओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और eq[rkjh परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-jkT;iky और dk;kZ/;{kksa द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---

भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और mPp U;k;ky; के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और jkT; गजटों के उ(cid:7373)रण।

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भाग-4—बिहार अधिनियम ---

विषय-सूची i`"B

i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:LFkkपित विधेयक,उDr विधान मंडल में उपLFkkपित या उपLFkkपित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और mDr विधान मंडल में पुर:LFkkपन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की T;ss"B अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:LFkkfir विधेयक, संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:LFkkiu के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA 16-16 पूरक

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पूरक-क 17-182 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 भाग-1 नियुक्ति, inLFkkiu] बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं।

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पटना उच्च न्यायालय

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अधिसूचनाएं

1 अक्तूबर 2021

सं0 308 नि0ः--दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को स्तंभ-3 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है।

क्रम संख्या पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जिला का नाम
1 2 3
1. श्री राजेश कुमार V, मुंसिफ, सोनपुर (सारण) सारण

उच्च न्यायालय के आदेश से, एन0 के0 पाण्डेय, महानिबंधक।

The 1st October 2021

Sl. No. Name of Officer with designation and present place of posting along with Judgeship Name of the District
1 2 3
1. Sri Rajesh Kumar V Munsif, Sonepur (Saran) Saran

No. 308 A : --In exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the Munsif (Civil Judge, Junior Division) named in column no. 2 of the table given below, the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class also for the district noted against his name in column no. 3 of the table. Name of Officer with designation and present place of posting along with Judgeship

By order of the High Court, N.K. Pandey, Registrar General.

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5 अक्तूबर 2021

सं0 309 नि0ः--उच्च न्यायालय निम्न तालिका के स्तंभ-II में उल्लिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष स्तंभ-III में उल्लिखित क्षेत्राधिकार के लिए विधि विभाग के ज्ञाप सं0- 1806/जे. दिनांक 13.04.1992 तथा 1604/जे. दिनांक 21.04.1999 में उल्लिखित अधिनियमों के अधीन वादों के निष्पादन या निष्पादन हेतु सुपुर्द करने के लिए आवश्यक शक्तियाँ प्रदान की जाती है।

इन्हें अपने-अपने क्षेत्राधिकारों के अंतर्गत वादों में जिसका निष्पादन करने के लिए इन्हें प्राधिकृत किया गया है, संज्ञान लेने की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है।3 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 इन्हें विधि विभाग के उपरोक्त ज्ञाप सं0 में उल्लिखित आर्थिक अपराधों से संबंधित मुकदमों के निष्पादन हेतु स्थापित विशेष न्यायालयों, जिसका क्षेत्राधिकार स्तंभ-III में उल्लिखित है और जिसका मुख्यालय स्तंभ-IV, में उल्लिखित है, के पीठासीन पदाधिकारी के रूप में कार्य करने के लिए भी नियुक्त किया जाता है।

क्रम संख्या पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं पदस्थापन का स्थान क्षेत्राधिकार मुख्यालय
I II III IV
1. श्री आदि देव, अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, पटना। पटना, नालंदा, रोहतास, भभुआ, भोजपुर, बक्सर, गया, जहानाबाद, औरंगाबाद, नवादा, भागलपुर, बांका, मुंगेर, जमुई एवं खगड़िया पटना
2. श्री विकास मिश्रा, अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी, मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, पूर्वी चम्पारण, पश्चिमी चम्पारण, सारण, सिवान, गोपालगंज, दरभंगा, समस्तीपुर, मधुबनी एवं बेगूसराय मुजफ्फरपुर

उच्च न्यायालय के आदेश से, एन0 के0 पाण्डेय, महानिबंधक।

The 5th October, 2021

No. 309 A : --The High Court have been pleased to confer upon the Officers named in Column No. II of the table given below, the powers for trial or to commit for trial of cases with respect to offences under the acts as mentioned in Law Department Memo Nos. 1806/J. Dated 13.04.1992 and 1604/J. Dated 21.04.1999 for the territorial Jurisdiction mentioned against their names in Column No. III of the given table.

The Court are further pleased to confer upon the Officers named in Column No. II powers to take cognizance of such cases, as they have been authorized to try.

Sl. No. Name of the Officers with designation and place of posting Territorial Jurisdiction Headquarter of the Court
I II III IV
1. Sri Aadi Dev, Sab Judge-cum-A.C.J.M., Patna Patna, Nalanda, Rohtas, Bhabhua, Bhojpur, Buxar, Gaya, Jehanabad, Aurangabad, Nawadah, Bhagalpur, Banka, Munger, Jamui and Khagaria Patna
2. Sri Vikash Mishra, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Muzaffarpur (W) Muzaffarpur, Sitamarhi, Vaishali, East Champaran, West Champaran, Saran, Siwan, Gopalganj, Darbhanga, Samastipur, Madhubani and Begusarai Muzaffarpur

The Officers are also appointed to act as Presiding Officer of Special Court established with headquarters as mentioned in Column No. IV of the table, having Jurisdiction as mentioned in Column No. III, for trial of cases relating to Economic Offences under the Acts mentioned in the Law Department's aforesaid memos. Sl. No.

By order of the High Court, N. K. Pandey, Registrar General.

4 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022

18 अक्तूबर 2021

सं0 310 नि0ः--दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित परीक्ष्यमान असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) को स्तंभ-3 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए द्वितीय श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान की जाती है।

क्रम संख्या पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जिला का नाम
1 2 3
1. श्री मनीष राय, परीक्ष्यमान असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) हिलसा नालन्दा
2. निभा आनन्द, परीक्ष्यमान असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) सीवान सीवान
3. वन्दना मधुकर, परीक्ष्यमान असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) दरभंगा दरभंगा
4. श्री सोनू सौरव, परीक्ष्यमान असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) दाउदनगर औरंगाबाद

उच्च न्यायालय के आदेश से, ए0 के0 झा, प्रभारी महानिबंधक।

The 18th October 2021

No. 310 A : --In exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the Probationary Civil Judges (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below, the powers of Judicial Magistrate of the 2nd Class for the District noted against their names in column no. 3 of the table.

Sl. No. Name of Officers with designation and present place of posting. Name of the District
1 2 3
1. Sri Manish Rai, Probationary Civil Judge (Junior Division), Hilsa Nalanda
2. Ms. Nibha Anand, Probationary Civil Judge (Junior Division), Siwan Siwan
3. Ms. Vandana Madhukar, Probationary Civil Judge (Junior Division), Darbhanga Darbhanga
4. Sri Sonu Sawrav, Probationary Civil Judge (Junior Division), Daudnagar Aurangabad

By order of the High Court, A. K. Jha, Registrar General I/c.

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18 अक्तूबर 2021

सं0 311 नि॰ :--अपने वर्त्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर श्री शैलेन्द्र सिंह, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, भोजपुर, आरा की सेवायें सचिव, बिहार विधान सभा, बिहार, पटना के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति हेतु राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन सौंपी जाती है।

उच्च न्यायालय के आदेश से, ए0 के0 झा, प्रभारी महानिबंधक।5 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022

The 18th October 2021

No. 311 A:--On being relieved of his present assignment, the services of Sri Shailendra Singh, District & Sessions Judge, Bhojpur at Ara are placed at the disposal of the State Government in the General Administration Department, Patna for his appointment to the post of Secretary, Bihar Legislative Assembly, Patna, on deputation basis.

By order of the High Court, A. K. Jha, Registrar General I/c.

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18 अक्तूबर 2021

सं0 312 नि॰ः--अपने वर्त्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर श्री पवन कुमार पाण्डेय, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया की सेवायें संयुक्त सचिव, बिहार विधान सभा, बिहार, पटना के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति हेतु राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन सौंपी जाती है।

उच्च न्यायालय के आदेश से, ए0 के0 झा, प्रभारी महानिबंधक।

The 18th October 2021

No. 312 A:--On being relieved of his present assignment, the services of Sri Pawan Kumar Pandey, Additional District & Sessions Judge, West Champaran at Bettiah are placed at the disposal of the State Government in the General Administration Department, Patna for his appointment to the post of Joint Secretary, Bihar Legislative Assembly, Patna, on deputation basis.

By order of the High Court, A. K. Jha, Registrar General I/c.

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27 अक्तूबर 2021

सं0 316 नि0ः--दिनांक 30.04.2021 को सेवानिवृत श्री पी. सूर्या चन्द्रन, संयुक्त निबंधक-सह-अपर प्रधान आप्त सचिव के स्थान पर, माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेशानुसार श्री शाहीद हसन, उप निबंधक-सह-वरीय सचिव, पटना उच्च न्यायालय, पटना को उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से अस्थायी रूप से पुनरीक्षित वेतन संरचना के लेवल-13 में पटना उच्च न्यायालय, पटना का संयुक्त निबंधक-सह-अपर प्रधान आप्त सचिव नियुक्त किया जाता है।

माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेश से, ए0 के0 झा, प्रभारी महानिबंधक।

The 27th October 2021

No. 316 A:--Hon'ble the Chief Justice has been pleased to appoint temporarily, on promotion, Sri Shahid Hassan, Deputy Registrar-cum-Senior Secretary, Patna High Court, Patna as Joint Registrar-cum-Addl. P.P.S., Patna High Court, Patna in the Level- 13 in the revised pay structure with effect from the date he assumes charge of his office, in chain of vacancy occurring on account of retirement of Sri P. Sooria Chandran, Joint Registrar-cum-Addl. P.P.S., Patna High Court, Patna on 30.04.2021.

By Order of the Hon'ble the Chief Justice, A. K. Jha, Registrar General I/c.

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2 नवम्बर 2021

सं0 317 नि॰ः--अपने वर्त्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर श्री प्रमोद कुमार पाण्डेय, सब जज-सह-ए0सी0जे0एम0, शिवहर एवं श्री ललन जी, सब जज-सह-ए0सी0जे0एम0, बिक्रमगंज (रोहतास, सासाराम) की सेवायें, क्रमशः पीठासीन पदाधिकारी, श्रम न्यायालय, डालमियानगर (रोहतास) एवं मुजफ्फरपुर के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर नियुक्ति हेतु राज्य सरकार के अधीन, सामान्य प्रशासन विभाग, पटना को सौंपी जाती है। जिनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि अधिकतम तीन वर्षों की होंगी।

उच्च न्यायालय के आदेश से, ए0 के0 झा, प्रभारी महानिबंधक।6 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 The 2nd November 2021

No. 317 A:--On being relieved of their present assignment, the services of Sri Pramod Kumar Pandey, Sub Judge-cum-ACJM, Sheohar and Sri Lalan Jee, Sub Judge-cum-ACJM, Bikramganj (Rohtas at Sasaram) are placed at the disposal of the State Government in the Department of General Administration, Govt. of Bihar, Patna for their appointment as Presiding Officer, Labour Court at Dalmiyanagar (Rohtas) and Muzaffarpur respectively on deputation basis, for a maximum period of three years.

By order of the High Court, A. K. Jha, Registrar General I/c.

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3 नवम्बर 2021

सं0 318 नि0ः--दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित परीक्ष्यमान असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) को स्तंभ-3 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए द्वितीय श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ प्रदान की जाती है।

क्रम संख्या पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान जिला का नाम
1 2 3
1. मो0 फहद हुसैन, परीक्ष्यमान असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) बेनीपुर दरभंगा
2. अलका पाण्डे, परीक्ष्यमान असैनिक न्यायाधीश (कनीय कोटि) मुजफ्फरपुर (पूर्वी) मुजफ्फरपुर

उच्च न्यायालय के आदेश से, ए0 के0 झा, प्रभारी महानिबंधक।

The 3rd November 2021

No. 318 A:--In exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the Probationary Civil Judges (Junior Division) named in column no. 2 of the table given below, the powers of a Judicial Magistrate of the 2nd Class also for the District noted against their names in column no. 3 of the table.

Sl. No. Name of Officers with designation and present place of posting. Name of the District
1 2 3
1. Md. Fahad Husain, Probationary Civil Judge (Junior Division), Benipur Darbhanga
2. Ms. Alka Pandey, Probationary Civil Judge (Junior Division), Muzaffarpur (East) Muzaffarpur

By order of the High Court, A. K. Jha, Registrar General I/c.

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17 नवम्बर 2021

सं0 319 नि0ः--अपने वर्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर श्री उमेश कुमार शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, जमुई की सेवायें संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी, विधि विभाग, बिहार, पटना के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर7 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 नियुक्ति हेतु राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन सौंपी जाती है, जिनकी अवधि अधिकतम तीन वर्षों की होगी।

उच्च न्यायालय के आदेश से, ए0 के0 झा, प्रभारी महानिबंधक।

The 17th November 2021

No. 319 A:--On being relieved of his present assignment the services of Sri Umesh Kumar Sharma, Addl. District & Sessions Judge, Jamui are placed at the disposal of the State Government in the Department of General Administration, Patna on his appointment as Joint Secretary-cum-Addl. Legal Remembrancer in the Law Department, Government of Bihar, Patna on deputation basis, for a maximum period of three years.

By order of the High Court, A. K. Jha, Registrar General I/c.

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(cid:356)ामीण कवािस कवभाग

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अधिसूचना

13 जनवरी 2022

सं0 (cid:356)ा0कव0-14(सा0)कस0-03/2020-705710--(cid:373)ी लाल बाबू पासवान, तत्कालीन (cid:366)खंड कवािस पदाकधािरी-सह-(cid:366)भारी बाल कवािस प(cid:303)रर्योजना पदाकधािरी, दरौली, कसवान सम्प्रति (cid:366)खंड कवािस पदाकधािरी, (cid:303)रकवलगंज (सारण) ेि कव(cid:349)(cid:544) (cid:366)भारी बाल कवािस प(cid:303)रर्योजना पदाकधािरी, दरौली (कसवान) ेि पद पर रहते (cid:352)ये मई, 2019 म(cid:336) टी0एच0आर0/एच0सी0एम0 कवतरण नही ं रिने ेि आर्रोप म(cid:336) समाज कल्याण कवभाग, कबहार, पटना ेि प(cid:361)ांि-2366 कदनांि 22.06.2021 (cid:554)ारा आर्रोप प(cid:361) प्राप्त है ।

समाज कल्याण कवभाग, कबहार, पटना (cid:554)ारा (cid:366)कतवेकदत आर्रोप पर (cid:373)ी पासवान ाि स्पष्टीकरण प्राप्त कयिा गया कजसम(cid:336) उनेि (cid:554)ारा स्पष्ट कयिा गया है कि सी0एफ0एम0एस0 सॉ(cid:605)वेयर पर ािय(cid:330) रिने हेतु मेरि- चेरि एवं ए(cid:366)ुभर र्ोि र्ोिई विस्तृत (cid:366)क(cid:407)ण नही ं कदया गया था। आई0सी0डी0एस0 कनदे ालय (cid:554)ारा कवलंब से आवंटन उपलब्ध रिाने एवं उसीि जानािरी कसिी भी स्तर से नही ं कदये जाने ेि ािरण र्ोिषागार से कनािसी कवलंब से र्हो पाया ।

समाज कल्याण कवभाग (cid:554)ारा (cid:366)कतवेकदत आर्रोप एवं आर्रोपी पदाकधािरी ेि स्पष्टीकरण ीि समी(cid:407)ा ीि गई । समीक्षोपरान्त पाया गया कि (cid:373)ी पासवान ेि (cid:554)ारा टी0एच0आर0/एच0सी0एम0 कवतरण म(cid:336) लापरवाही बरती गयी है । इनाि स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नही ं पाया गया ।

अतएव सम्यक कवचार्रोपरांत (cid:373)ी लाल बाबू पासवान, तत्कालीन (cid:366)खंड कवािस पदाकधािरी-सह-(cid:366)भारी बाल कवािस प(cid:303)रर्योजना पदाकधािरी, दरौली, कसवान सम्(cid:366)कत (cid:366)खंड कवािस पदाकधािरी, (cid:303)रकवलगंज (सारण) (cid:554)ारा कर्तव्य म(cid:336) बरती गई उक्त लापरवाही एवं पदीय दायित्वों ेि कनव(cid:330)हन म(cid:336) चूि ेि कलए इन्हें 'असंचयात्मक (cid:366)भाव से एि वेतन वृ(cid:304)(cid:544) पर र्रोि' ाि दंड अकधर्रोकपत कयिा जाता है।

उक्त आदे पर स(cid:407)म (cid:366)ाकधािर ाि अनुर्मोदन प्राप्त है ।

आदे:-आदे कदया जाता है कि अकधसूचना ीि (cid:366)कत सभी संबंकधतं र्ोि सूचनाथ(cid:330) एवं आवश्यक ािर(cid:330) वाई हेतु भेज दी जाय ।

कबहार-राज्यपाल ेि आदे से, बालामु(cid:349)गन डी0, सकचव।

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शिक्षा विभाग

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अधिसूचना

19 जनवरी 2022

सं0 15/एम 1-149/2021-109--स्वास्थ्य विभाग, बिहार के पत्रांक 01/विविध-78/2019-684(1) दिनांक 19.11.2021 के आलोक में आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम, 2008 की धारा 4(2) में वर्णित प्रावधानों के तहत Employees State Insurance Corporation Medical College, बिहटा, पटना को शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय, पटना से संबद्ध किया जाता है।8 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 2. संबद्धता प्रदान करने संबंधी यह अधिसूचना बिहार स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम 2021 के प्रभावी नहीं होने के कारण अपवाद स्वरूप निर्गत किया जा रहा है, इसलिए यह पूर्वोदाहरण नहीं माना जाएगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, असंंगबा चुबा आओ, सचिव।

------ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग। ------ अधिसूचनाएं 25 जनवरी 2022

सं0 भा॰व॰से॰(स्था॰)-10/2021-198/प॰व॰--श्री सुधीर कुमार, भा॰व॰से॰, (BHः2004) जिन्हें पूर्व में आवंटन वर्ष 2007 के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-339 दिनांक-29.01.2020 द्वारा दिनांक-01.01.2020 के प्रभाव से प्रवर कोटि (वेतन स्तर-13) में प्रोन्नति दी गयी है, को माननीय कैट द्वारा ओ.ए. संख्या-550/2016 में दिनांक 04.07.2019 को पारित आदेश के अनुपालन में भारत सरकार, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय द्वारा चयन सूची वर्ष 2011 के विरूद्ध भारतीय वन सेवा में पुनर्नियुक्त किये जाने एवं इनके आवंटन वर्ष एवं वरीयता को पुनर्निर्धारित किये जाने के फलस्वरूप वर्ष 2004 के आवंटन वर्ष के आलोक में पूर्व में प्रदत्त प्रवर कोटि प्रोन्नति की तिथि को संशोधित करते हुए दिनांक 01.01.2017 के प्रभाव से प्रवर कोटि (वेतन स्तर-13) में वैचारिक प्रोन्नति दी जाती है।

सं0 भा॰व॰से॰(स्था॰)-12/2019-199/प॰व॰--श्री मिहिर कुमार झा, भा॰व॰से॰, (BHः2008), वन प्रमंडल पदाधिकारी, भोजपुर वन प्रमंडल, आरा, जिन्हें भारतीय वन सेवा में प्रोन्नति द्वारा नियुक्ति के पूर्व प्रवर कोटि का समकक्ष वेतनमान (वेतन स्तर'-13) दिनांक-15.04.2018 के प्रभाव से प्राप्त है, को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशों के अधीन प्रवर कोटि (वेतन स्तर-13) में दिनांक-01.01.2021 के प्रभाव से वैचारिक प्रोन्नति दी जाती है।

सं0 भा॰व॰से॰(स्था॰)-12/2019-200/प॰व॰--श्री नरेश प्रसाद, भा॰व॰से॰, (BHः2009), वन प्रमंडल पदाधिकारी, अररिया जिन्हें भारतीय वन सेवा में प्रोन्नति द्वारा नियुक्ति के पूर्व प्रवर कोटि का समकक्ष वेतनमान (वेतन स्तर'-13) दिनांक 15.04.2018 के प्रभाव से प्राप्त है, को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशों के अधीन प्रवर कोटि (वेतन स्तर-13) में दिनांक 01.01.2022 के प्रभाव से वैचारिक प्रोन्नति दी जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुबोध कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव।

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25 जनवरी 2022

सं0 भा॰व॰से॰(स्था॰)-10/2021-201/प॰व॰--श्री हेमकांत राय, भा॰व॰से॰, (BHः2004), वन संरक्षक-सह-क्षेत्र निदेशक, वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष अंचल, बेतिया को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशों के अधीन मुख्य वन संरक्षक कोटि (वेतन स्तर-14) में प्रोन्नति देते हुए उन्हें मुख्य वन संरक्षक, संयुक्त वन प्रबंधन, बिहार, पटना के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं0 भा॰व॰से॰(स्था॰)-10/2021-202/प॰व॰--श्री सुधीर कुमार, भा॰व॰से॰, (BHः2004), वन संरक्षक, वन्य प्राणी अंचल, पटना को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशों के अधीन मुख्य वन संरक्षक कोटि (वेतन स्तर-14) में प्रोन्नति देते हुए उन्हें मुख्य वन संरक्षक, मानव संसाधन एवं विकास, बिहार, पटना के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है। श्री सुधीर कुमार, भा॰व॰से॰ वन संरक्षक, वन्य प्राणी अंचल, पटना एवं वन संरक्षक-सह-अपर सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।

सं0 भा॰व॰से॰(स्था॰)-10/2021-203/प॰व॰--श्री नेशामणि के., भा॰व॰से॰, (BHः2008), वन प्रमंडल पदाधिकारी, नालंदा वन प्रमंडल, बिहारशरीफ को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशों के अधीन वन संरक्षक कोटि (वेतन स्तर-13 ए) में प्रोन्नति देते हुए उन्हें वन संरक्षक-सह-क्षेत्र निदेशक, वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष अंचल, बेतिया के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं0 भा॰व॰से॰(स्था॰)-10/2021-204/प॰व॰--श्री संजय कुमार सिन्हा, भा॰व॰से॰, (BHः2008), वन प्रमंडल पदाधिकारी, कार्य नियोजना प्रमंडल, पटना को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशों के अधीन वन संरक्षक कोटि (वेतन स्तर-13 ए) में प्रोन्नति देते हुए उन्हें वन संरक्षक-सह-अपर निदेशक, हरियाली मिशन, दक्षिण बिहार के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं0 भा॰व॰से॰(स्था॰)-10/2021-205/प॰व॰ श्री संजय प्रकाश, भा॰व॰से॰, (BHः2008), वन प्रमंडल पदाधिकारी, तिरहुत वन प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन9 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशों के अधीन वन संरक्षक कोटि (वेतन स्तर-13 ए) में प्रोन्नति देते हुए उन्हें वन संरक्षक-सह-अपर निदेशक, हरियाली मिशन, उत्तर बिहार के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं0 भा॰व॰से॰(स्था॰)-10/2021-206/प॰व॰--श्री मिहिर कुमार झा, भा॰व॰से॰, (BHः2008), वन प्रमंडल पदाधिकारी, भोजपुर वन प्रमंडल, आरा को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशों के अधीन वन संरक्षक कोटि (वेतन स्तर-13 ए) में प्रोन्नति दी जाती है। इस प्रोन्नति के फलस्वरूप श्री झा द्वारा वर्त्तमान में धारित पद वन प्रमंडल पदाधिकारी, भोजपुर वन प्रमंडल, आरा को उनके पदस्थापन काल तक के लिए वन संरक्षक कोटि (वेतन स्तर-13 ए) में उत्क्रमित एवं समकक्ष घोषित करते हुए उन्हें उक्त पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुबोध कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव।

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25 जनवरी 2022

सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-208/प॰व॰--श्री रविशंकर कुमार, भा॰व॰से॰, (BH:95), जिन्हें विभागीय अधिसूचना संख्या-146 दिनांक-21.01.2022 द्वारा दिनांक-31.01.2022 (पूर्वाह्‌न) के प्रभाव से निलंबन मुक्त किया गया है, को दिनांक-31.01.2022 के प्रभाव से लिव रिजर्व, कार्यालय : प्रधान मुख्य वन संरक्षक, बिहार, पटना के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-209/प॰व॰--श्री शशिकान्त कुमार, भा॰व॰से॰, (BH:2013), वन प्रमंडल पदाधिकारी, शोध प्रशिक्षण एवं जनसम्प्रर्क प्रमंडल, पटना अतिरिक्त प्रभार वन प्रमंडल पदाधिकारी, पार्क प्रमंडल पटना अगले आदेश तक वन प्रमंडल पदाधिकारी, कार्य नियोजना प्रमंडल, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।

सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-210/प॰व॰--श्री अम्बरीश कुमार मल्ल, भा॰व॰से॰, (BH:2015), वन प्रमंडल पदाधिकारी-सह-उप निदेशक, वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष प्रमंडल-1 बेतिया अगले आदेश तक वन प्रमंडल पदाधिकारी, बेतिया के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।

सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-211/प॰व॰--श्री अभिषेक कुमार सिंह, भा॰व॰से॰, (BH:2015), वन प्रमंडल पदाधिकारी, गोपालगंज को स्थानांतरित करते हुए उन्हें वन प्रमंडल पदाधिकारी, बाँका के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-.212/प॰व॰--श्री राजीव रंजन, भा॰व॰से॰, (BH:2016), वन प्रमंडल पदाधिकारी, बाँका को स्थानांतरित करते हुए उन्हें वन प्रमंडल पदाधिकारी, गया के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-213/प॰व॰--श्री अभिषेक कुमार, भा॰व॰से॰, (BH:2016), वन प्रमंडल पदाधिकारी, गया को स्थानांतरित करते हुए उन्हें वन प्रमंडल पदाधिकारी, तिरहुत वन प्रमंडल, मुजफ्फरपुर के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

श्री अभिषेक कुमार, भा.व.से. वन प्रमंडल पदाधिकारी, मोतिहारी के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-214/प॰व॰--श्री प्रद्युम्न गौरव, भा॰व॰से॰, (BH:2016), वन प्रमंडल पदाधिकारी, रोहतास वन प्रमंडल, सासाराम अगले आदेश तक वन प्रमंडल पदाधिकारी, कैमूर वन प्रमंडल, भभुआ के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।

सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-215/प॰व॰--श्री विकास अहलावत, भा॰व॰से॰, (BH:2016), वन प्रमंडल पदाधिकारी, कैमूर वन प्रमंडल, भभुआ को स्थानांतरित करते हुए उन्हें वन प्रमंडल पदाधिकारी, नालंदा वन प्रमंडल, बिहारशरीफ के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-216/प॰व॰--श्री संजीव रंजन, भा॰व॰से॰, (BH:2017), वन प्रमंडल पदाधिकारी, बेतिया अतिरिक्त प्रभार वन प्रमंडल पदाधिकारी, मोतिहारी को स्थानांतरित करते हुए उन्हें वन प्रमंडल पदाधिकारी, नवादा के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-217/प॰व॰--श्री चंचल प्रकाशम, भा॰व॰से॰, (BH:2017), वन प्रमंडल पदाधिकारी, मिथिला वन प्रमंडल, दरभंगा को स्थानांतरित करते हुए उन्हें वन प्रमंडल पदाधिकारी, गोपालगंज के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-218/प॰व॰--श्री राज कुमार एम., भा॰व॰से॰, (BH:2019), संलग्न पदाधिकारी, रोहतास वन प्रमंडल, सासाराम को दिनांक-01.02.2022 के प्रभाव से स्थानांतरित करते हुए उन्हें वन प्रमंडल पदाधिकारी, भोजपुर वन प्रमंडल, आरा के पद पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है।

सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-219/प॰व॰--श्री सुबोध कुमार गुप्ता, बि॰व॰से॰, वन प्रमंडल पदाधिकारी, समस्तीपुर अगले आदेश तक वन प्रमंडल पदाधिकारी, मिथिला वन प्रमंडल, दरभंगा के अतिरिक्त प्रभार मेें भी रहेंगे।10 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 सं0 भा॰व॰से॰ (स्था॰)-15/2019-220/प॰व॰--श्री एम.जे. अली, बि॰व॰से॰, वन प्रमंडल पदाधिकारी, वैशाली अगले आदेश तक वन प्रमंडल पदाधिकारी, सारण वन प्रमंडल, छपरा के अतिरिक्त प्रभार मेें भी रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुबोध कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव।

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25 जनवरी 2022

सं0 भा॰व॰से॰(स्था॰)-10/2021-207/प॰व॰--श्री अमित कुमार, भा॰व॰से॰, (BHः2008), जो सम्प्रति केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति पर हैं, को भारतीय वन सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 तथा पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्त्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत अनुदेशों के अधीन वन संरक्षक कोटि (वेतन स्तर-13 ए) में प्रोफार्मा प्रोन्नति दी जाती है। इन्हें प्रोन्नति का लाभ इनसे कनीय को इस कोटि में प्राप्त प्रोन्नति लाभ की तिथि से देय होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुबोध कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव।

------ पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ------ अधिसूचना 25 जनवरी 2022 सं0 1/स्था0 (2) 210/ 2017-216--श्री निशात अहमद, संयुक्त मत्स्य निदेशक (मु0), मत्स्य निदेशालय, बिहार, पटना को निदेशक, मत्स्य के पद पर प्रोन्नति (अपुनरीक्षित पे-बैण्ड रू0 37,400-67,000/-, गे्रड-पे रू0 8,700/-, पुनरीक्षित पे मैट्रिक्स वेतन स्तर-13) प्रदान करते हुये निदेशक, मत्स्य के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

2. यह आदेश प्रभार ग्रहण करने की तिथि से प्रभावी होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

मुकेश कुमार 'मुकुल', उप सचिव।

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समाज कल्याण विभाग

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अधिसूचना

1 फरवरी 2022

सं0 स0क0निग0-48/2018-474--(cid:7088)ीमती कविता कु मारी, तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, ईटाढ़ी, बक्सर सम्प्रति डेहरी सदर, रोहतास के विरू(cid:7373) (cid:7088)ीमती रेणु कु मारी, अध्यक्ष एवं (cid:7088)ीमती रंजू देवी, सचिव, बिहार राज्य आंगनबाड़ी कर्मचारी यूनियन से प्राप्त परिवाद पत्र के आलोक में जिला प्रो(cid:7061)ाम पदाधिकारी, बक्सर के पत्रांक-362 दिनांक-27.05.2019 द्वारा प्राप्त जॉच प्रतिवेदन में क(cid:7414)मयों एवं सेविकाओं पर अमर्यादित (cid:7018)यवहार करने, कार्यालय कार्य निष्पादन ससमय नह(cid:7277) करने, वित्तीय वर्ष 2018-19 में मात्र पॉच माह का ह(cid:7277) पूरक पोषाहार वितरण करने, अपने मुख्यालय में अनुपस्थित रहने, अपने अधीनस्थ कर्मचारियों को मानसिक रूप से प्रता़डित करने एवं अभ(cid:7076) (cid:7018)यवहार करने, सेविकाओं को पैसे देने का दबाव बनाने आदि का आरोप प्रतिवेदित किया गया। पुन: जिला प्रो(cid:7061)ाम पदाधिकारी, बक्सर के पत्रांक-574 दिनांक- 05.08.2019 द्वारा (cid:7088)ीमती रंजू देवी, आँगनबाड़ी सेविका, के न्(cid:7076) संख्या-37, पंचायत-वसुधार, प्रख(cid:7003)ड-इटाढ़ी के परिवाद को उपलब्ध कराया गया जिसके साथ एक पेन-(cid:7071)ाइव भी पाया गया। जिसमें बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, ईटाढ़ी, बक्सर द्वारा एक (cid:7018)यक्ति से पैसा मांगने से संबंधित बातचीत दर्ज थी। जिला प्रो(cid:7061)ाम पदाधिकारी, बक्सर के पत्रांक-362 दिनांक- 27.05.2019 एवं पत्रांक-574 दिनांक-05.08.2019 से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन के आधार पर (cid:7088)ीमती कु मारी के विरू(cid:7373) विभाग द्वारा आरोप पत्र प्रपत्र-'क' गठित करते (cid:7263)ए विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया।

उक्त के आलोक में विभागीय संकल्प सं0-6210 दिनांक-20.09.2019 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित करते (cid:7263)ए (cid:7088)ी रमेश कु मार झा, संयुक्त निदेशक, समाज कल्याण निदेशालय, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं (cid:7088)ी शम्भू कु मार रजक, सहायक निदेशक, समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना को उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

इसी बीच जिला पदाधिकारी, बक्सर के पत्रांक-797 दिनांक-14.09.2019 द्वारा (cid:7088)ीमती कु मारी के विरू(cid:7373) आरोप पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर विभाग को उपलब्ध कराया गया। जिसमें अनाधिकृ त रूप से कई तिथियों को अपने मुख्यालय से अनुपस्थित रहने, वित्तीय वर्ष-2018-19 में मात्र प(cid:7292)च बार ही पूरक पोषाहार का वितरण करने, औचक निरीक्षण के (cid:7059)म में अनुपस्थित पाये जाने आदि का आरोप प्रतिवेदित किया गया। जिला पदाधिकारी, बक्सर से प्राप्त इस आरोप पत्र प्रपत्र 'क' को पूरक आरोप पत्र मानते (cid:7263)ए विभागीय पूरक संकल्प संख्या-7187 दिनांक-30.10.2019 निर्गत किया गया।

संचालन पदाधिकारी ने अपने पत्रांक-1092, दिनांक-24.06.2020 द्वारा ज(cid:7292)च प्रतिवेदन विभाग को सम(cid:7414)पत किया गया। जिसमें आरोप पत्र एवं पूरक आरोप पत्र के सभी आरोप प्रमाणित पाये गये। प्रमाणित आरोपों के लिए आरोपित पदाधिकारी से11 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 विभागीय पत्रांक-2883 दिनांक-29.6.2020 द्वारा लिखित अ(cid:7012)यावेदन की मांग की गई। जिसके आलोक में उनके पत्रांक- 210 दिनांक-06.07.2020 द्वारा अपना लिखित अ(cid:7012)यावेदन/द्वितीय कारण पृ(cid:6994)छा उपलब्ध कराया गया। जिसमें उनके द्वारा गंभीर (cid:7082)ष्टाचार से जुड़े आरोपों के सी0डी0 एवं ऑडियो/विडियो में अपने फोटो तथा आवाज को स्वयं का होने से इन्कार किया गया एवं इसे काट-छांटकर/फोटोशॉप से बनाया (cid:7263)आ बताया गया तथा अन्य आरोपों से भी इन्कार किया गया। आरोपित पदाधिकारी से प्राप्त लिखित अ(cid:7012)यावेदन/द्वितीय कारण पृ(cid:6994)छा की समीक्षा सक्षम प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत जिला प्रो(cid:7061)ाम पदाधिकारी, बक्सर द्वारा उपलब्ध कराये गये पेन-(cid:7071)ाइव में रिकॉडेड ऑडियो/विडियो की सत्यता की ज(cid:7292)च हेतु विभागीय पत्रांक-3349 दिनांक-01.09.2020 द्वारा प्रभारी निदेशक, विधि वि(cid:6980)ान प्रयोगशाला, बिहार, पटना को पेन (cid:7071)ाईव के ऑडिया/विडियों को सी०डी० में संलग्न कर भेजा गया। प्रभारी निदेशक, विधि वि(cid:6980)ान प्रयोगशाला, बिहार, पटना ने अपने पत्रांक-1447/गो० दिनांक-06.07.2021 द्वारा भेजे गये सी०डी० से संबंधित जॉच प्रतिवेदन प्रदर्श के साथ उपलब्ध कराया गया। जिस प्रदर्श के जॉच प्रतिवेदन में भेजे गये ऑडियो एवं विडियो को Authenticate किया गया। विधि वि(cid:6980)ान प्रयोगशाला, बिहार, पटना से प्राप्त प्रतिवेदन एवं उपलब्ध सा(cid:7023)यों के समीक्षोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 (xi) के तहत इन्हें सेवा से ''सेवा से बर्खास्तगी'' का निर्णय लिया गया।

नि(cid:7414)णत वृहत शास्ति के आलोक में विभागीय पत्रांक-3387 दिनांक-17.08.2021, पत्रांक-4233 दिनांक- 07.10.2021 एवं पत्रांक-4390 दिनांक-25.10.2021 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श की मांग की गई। जिसके आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग ने अपने पत्रांक-2725/लो0से0आ0 दिनांक-22.12.2021 द्वारा अपना परामर्श विभाग को उपलब्ध कराया गया। जिसमें आरोपित पदाधिकारी के विरू(cid:7373) ''सेवा से बर्खास्तगी'' संबंधी विभागीय द(cid:7003)ड प्रस्ताव पर सहमति (cid:7018)यक्त की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श के पश्चात इस मामले को मंत्रिपरिषद् के समक्ष विभागीय संलेख (cid:6980)ापांक-299 दिनांक-22.01.2022 द्वारा प्रस्तुत किये जाने पर मंत्रिपरिषद् की बैठक दिनांक-28.01.2022 में मद संख्या-17 के रूप में इसे सम्मिलित करते (cid:7263)ए (cid:7088)ीमती कविता कु मारी, तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, ईटाढ़ी, बक्सर सम्प्रति डेहरी सदर, रोहतास को ''सेवा से बर्खास्तगी'' की शास्ति के प्रस्ताव पर स्वीकृ ति प्रदान की गई। अत: उक्त के आलोक में (cid:7088)ीमती कविता कु मारी, तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, ईटाढ़ी, बक्सर सम्प्रति डेहरी सदर, रोहतास को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 समय-समय पर यथा संशोधित के नियम-14(xi) के तहत तत्कालिक प्रभाव से ''सेवा से बर्खास्तगी'' की शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

रमेश कु मार झा, संयुक्त निदेशक।

------ मद्यनिषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ------ अधिसूचनाएं 31 जनवरी 2022 सं0 9/आरोप (राज0)(उ0)-2-35/2012-610--श्री गणेश प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, मुजफ्फरपुर सम्प्रति मधुबनी के विरूद्ध जहरीली शराब कांड (जिसमें सात व्यक्तियों की मृत्यु हुई) के समय उपस्थित नहीं रहने, वेयर हाउस का नवीकरण समय पर नही करने, अवैध शराब के निर्माण की रोकथाम नही करने, मासिक न्यूनतम प्रत्याभूत मात्रा से कम उठाव करने के कारण राजस्व की क्षति पहुँचाने आदि के आरोप में विभागीय संकल्प सं0-6263 दिनांक-06.12.2012 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी।

02. उक्त विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी तत्कालीन उपायुक्त उत्पाद तिरहुत-सह-सारण प्रमंडल, मुजफ्फरपुर द्वारा आरोप अप्रमाणित निष्कर्षित किया गया। संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुये श्री प्रसाद से द्वितीय बचाव वयान मांगी गयी। संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री प्रसाद के द्वितीय बचाव वयान पर विचारोपरान्त 04 (चार) वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड विभागीय अधिसूचना सं0-5040 दिनांक 20.11.2014 द्वारा अधिरोपित किया गया। उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री प्रसाद द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्ल्यू0जे0सी0 सं0-3881/2015 दायर किया गया, जिसमें माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक-22.02.2019 को निम्न न्यायादेश परित किया गया है- The order of punishment dated-20.11.2014 issued by the special secretary, Registration Excise and Prohibition department, Government of Bihar is quashed.

Writ petition is therefore, allowed.

The authorities would be at liberty to take a decision afresh if the law permits

03. माननीय न्यायालय के न्यायादेश के आलोक में मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित समिति के समक्ष विचारार्थ रखा गया, समिति द्वारा दण्डादेश को निरस्त कर विभागीय कार्यवाही नये सिरे से पुनः संचालित किये जाने का अनुशंसा किया गया। समिति की अनुशंसा के आलोक में दण्डादेश को निरस्त कर पूर्व गठित आरोप पर ही विभागीय कार्यवाही12 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 संचालित किया गया, जिसके संचालन पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त मद्य निषेध थे। संचालन पदाधिकारी द्वारा सभी आरोपों को अप्रमाणित निष्कर्षित किया गया। संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए अधोलिखित बिन्दुओं पर पुनः जाँच कर प्रतिवेदित करने का अनुरोध किया गया।

(i) मुजफ्फरपुर जिले में घटित जहरीली शराब की घटना एक गंभीर एवं संवेदनशील घटना थी। आरोपित पदाधिकारी का कर्तव्य था कि अविलंब घटनास्थल पर पहुँचकर अपने कर्तव्य एवं दायित्व का निर्वहन करें, जो उनके द्वारा नहीं किया गया। घटना के दिवस दिनांक-30.09.2012 का चिकित्सा पर्ची प्रस्तुत किया गया, जो घटना घटित होने के पश्चात अपने बचाव में बनवाया गया प्रतीत होता है।

(ii) देशी शराब विर्निमाता के अनुज्ञप्ति का समुचित समय पर नवीकरण नहीं किये जाने से जिला में देशी शराब की कमी होने से यह घटना घटित होने की संभावना हो सकती है। अनुज्ञप्ति नवीकरण हेतु आवेदन दिनांक-03.10.2012 को प्राप्त होने की स्वीकारोक्ति आरोपित पदाधिकारी द्वारा की गयी है जबकि दिनांक-30.09.2012 को बी0एस0बी0सी0एल0 गोदाम, मुजफ्फरपुर में मात्र 2494 सैशे देशी शराब शेष था। अधीक्षक उत्पाद के रूप में आरोपित पदाधिकारी का दायित्व एवं कर्तव्य था कि ससमय नवीकरण हेतु विर्निमाता से आवेदन एवं शुल्क जमा कराकर नवीकरण की कार्रवाई पूर्ण कर ली जाय, इससे नवीकरण में विलंब हुआ है।

(iii) अधीक्षक उत्पाद के रूप में आरोपित पदाधिकारी का पदस्थापन मुजफ्फरपुर जिले में दिनांक-12.07.2012 को किया गया था। घटना घटित होने के समय लगभग ढ़ाई महीने का कार्यकाल अल्प कार्यकाल नहीं कहा जा सकता। उनका दायित्व था कि जिले में चल रहे अवैध शराब के निर्माण एवं आपूर्ति का चौर्य व्यापार संचालित करने वाले गिरोह की सूचना प्राप्त कर उनपर कड़ी निगरानी रखी जाय।

04. विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त मद्य निषेध द्वारा बिन्दुु-(iii) के आलोक में चौर्य व्यापारियों केे विरूद्ध ठोस कार्रवाई एवं पर्यवेक्षण का अभाव में लापरवाही बरतने का आरोप आंशिक प्रमाणित निष्कर्षित किया गया है।

05. संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुये आरोपित पदाधिकारी से विभागीय पत्रांक-5272 दिनांक-31.12.2021 द्वारा द्वितीय बचाव-बयान की माँग की गयी।

06. आरोपित पदाधिकारी द्वारा समर्पित बचाव वयान में कहा गया है कि -दिनांक 26.09.2012 को समाहर्त्ता, मुजफ्फरपुर को अपनी अस्वस्थता के कारण अवकाश आवेदन दिया, जो समाहरणालय के पंजी में दिनांक 28.09.2012 को दर्ज है। विषाक्त शराब की घटना की जानकारी किसी भी स्त्रोत से नही दी गयी थी। दिनांक 02.10.2012 को स्थानीय समाचार पत्र से इस बात की जानकारी हुई। दिनांक 03.10.2012 को प्रातः से ही मैने इस संदर्भ में अपने अधीनस्थ पदाधिकारियों से विस्तृत जानकारी लेकर समाहर्त्ता से विमर्श भी किया था। उसी तिथि को मद्यनिषेध भंडागार के ठेकेदार का अनुज्ञप्ति नवीकरण हेतु आवेदन, चालान, वाणिज्य कर अनापत्ति प्रमाण पत्र समर्पित किया गया था, जिसे मैने तुरंत समाहर्त्ता के कार्यालय में संचिका में प्रस्ताव के साथ प्रेषित किया था। मैने पूरी कर्त्तव्य परायणता एवं निष्ठा से सूचना मिलते ही डयूटी निभायी है। जहॉ तक रॉची के चिकित्सक की पर्ची का प्रश्न है तो दिनांक-30.09.2012 को रॉची पहॅुचने के पश्चात्‌ अस्वस्थ होने के कारण स्थानीय चिकित्सक से दिनांक-30.09.2012 को परामर्श लिया था। निबंधित चिकित्सक के पर्ची पर संदेह व्यक्त करना विधि सम्मत नहीं है। विषाक्त शराब की घटना की जानकारी मुझे दिनांक-02.10.2012 को हुआ, जबकि चिकित्सकीय परामर्श एवं दवा की क्रय मेरे द्वारा दिनांक-30.09.2012 को की गई थी, वैसी स्थिति में चिकित्सा पर्ची घटना के दिवस बनाने का आरोप मनगढ़त एवं साक्ष्यहीन है। जिले की किसी भी शराब दुकान विशेषकर संबंधित घटना स्थल के आसपास के चारो ओर क्षेत्रों में देशी शराब की कमी नही थी। दिनांक-29.09.2012 तथा 30.09.2012 को मुजफ्फरपुर स्थित देशी शराब गोदाम-सह-निर्माणशाला से BSBCL को कुल 73,121,40 एल0पी0 लीटर शराब की आपूर्ति दी गयी थी। उपर्युक्त पूर्ण स्टॉक शेष रह गया था। उक्त तिथि को मद्य भंडागार में शराब का अवशेष 11,409,07 एल0पी0एल0 था। दिनांक-30.09.2012 को गोदाम में अंतिम स्टॉक कुल 2494 सैशे शेष बचा हुआ था, और मुजफ्फरपुर स्थित देशी शराब मद्य भंडागार में उक्त तिथि को Closing Stock 11,409,07 एल0पी0एल0 देशी शराब शेष था। यह पूर्णतः प्रमाणित करता है कि उक्त तिथि को जिला में देशी शराब की आपूर्ति न तो बाधित थी और न कमी थी। अतः शराब की कमी और इसके कारण तािाकथित शराब की घटना घटित होने का आरोप लगाया जाना मनगढ़त एवं तथ्यहीन है। अनुज्ञप्ति नवीकरण मे विलम्ब के संदर्भ में कहना है कि जब ठेकेदार द्वारा नवीकरण की प्रक्रिया पूर्ण कर (अनुलग्नक की राशि, वाणिज्य कर, अनापत्ति प्रमाण-पत्र आदि) आवेदन 03.10.2012 को उत्पाद कार्यालय में समर्पित किया गया तो उसके पूर्व इस संदर्भ में मेरे स्तर से कार्रवाई किये जाने का कोई प्रश्न ही नहीं उठता है। दिनांक-03.10.2012 को उनका आवेदन आते हीं तुरंत उसे संचिका में नवीकरण के प्रस्ताव के साथ समाहर्त्ता महोदय के अनुमोदन हेतु उपस्थापित किया गया था। अनुमोदनोपरान्त संचिका 06.10.2012 को वापस आयी थी।

07. श्री प्रसाद द्वारा समाहर्त्ता, मुजफ्फरपुर को चिकित्सीय जाँच कराने हेतु दिनांक-26.09.2012 को अवकाश स्वीकृती का आवेदन समर्पित किया गया है। साक्ष्य के रूप में दिनांक-30.09.2012 का राँची के चिकित्सक का पुर्जा प्रस्तुत किया गया है। कार्यालय प्रधान होने के नाते आरोपी पदाधिकारी को अपने अधीनस्थ कर्मियों के संपर्क में रहना चाहिए था और यथा उपयुक्त निदेश देना चाहिए था जो नहीं किया गया। दिनांक-30.09.2012 को रात्रि में जहरीली शराब घटना घटित हुयी जबकि घटना की सूचना दिनांक-02.10.2012 को समाचार पत्र के माध्यम से प्राप्त होना बताया गया है। अधीनस्थ कर्मी से13 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 संपर्क में नहीं रहने के कारण घटना की जानकारी ससमय प्राप्त करने में विफल रहे। यह अधीनस्थ कर्मियों पर नियंत्रण का अभाव प्रदर्शित करता है।

दिनांक-30.09.2012 को बी0एस0बी0सी0एल0 गोदाम, मुजफ्फरपुर में मात्र 2494 सैशे देशी शराब शेष था। अधीक्षक उत्पाद के रूप में दायित्व एवं कर्तव्य था कि ससमय नवीकरण हेतु विर्निमाता से आवेदन एवं शुल्क जमा कराकर नवीकरण की कार्रवाई पूर्ण कर ली जाय। नवीकरण हेतु आवेदन दिनांक-03.10.2012 को प्राप्त हुयी जिससे नवीकरण में विलंब हुआ, जिसके फलस्वरूप अवैध शराब निर्माण और बिक्री को बल मिला और लोगों की मृत्यु हुयी।

अधीक्षक उत्पाद घटना घटित होने तक लगभग ढाई महीने का कार्यकाल पुरा कर चुके थे। अवैध शराब के निर्माण एवं चौर्य व्यापार पर रोक-थाम हेतु प्रभावी कार्रवाई नहीं किये जाने के कारण उक्त घटना घटित हुयी। अधीक्षक उत्पाद का दायित्व था कि जिले में चल रहे अवैध शराब के निमार्ण एवं चौर्य व्यापार संचालित करने वाले गिरोहों की आसूचना संग्रह कर उनपर कड़ी निगरानी रखी जाय, जिसमें शिथिलता बरती गयी है। आरोपी पदाधिकारी के द्वारा उठाव का प्रमाणिक आँकड़ा बचाव बयान के साथ समर्पित नही किया गया है। अतएव बचाव वयान स्वीकार योग्य नही है।

08. अतः श्री गणेश प्रसाद, तत्कालीन अधीक्षक उत्पाद, मुजफ्फरपुर सम्प्रति मधुबनी के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन एवं उनके द्वितीय बचाव-बयान पर सम्यक विचारोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 यथासंशोधित के नियम -14(i) के तहत आरोप वर्ष 2012-13 के लिये निन्दन का दंड अधिरोपित करते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।

09. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।

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31 जनवरी 2022

सं0 8/आ0 (राज0 उ0)-2-06/2020-611--श्री लाला अजय कुमार सुमन, तत्कालीन अधीक्षक मद्य निषेध, प0 चंपारण (बेतिया) सम्प्रति सुपौल के विरूद्ध अनुशासनहीनता, पदीय दायित्व के निर्वहन में अक्षमता, अधीनस्थ कर्मियों पर नियंत्रण नहीं, कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं स्वेच्छाचारिता के आरोप में संकल्प सं0-2980 दिनांक-23.09.2020 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी।

2. विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त (विभागीय जाँच), तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर द्वारा अपने जाँच प्रतिवेदन में श्री सुमन के विरूद्ध गठित आरोप सं0-1 एवं 4 को आंशिक प्रमाणित, आरोप सं0-3 को अप्रमाणित एवं आरोप सं0-2 पर विभागीय स्तर से निर्णय लिया जाना निष्कर्षित किया गया है।

3. संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति संलग्न करते हुये आरोपित पदाधिकारी से विभागीय पत्रांक-4913 दिनांक-16.12.2021 द्वारा द्वितीय बचाव-बयान की माँग की गयी।

4. श्री सुमन ने अपने द्वितीय बचाव-बयान में उल्लिखित किया है कि अधोहस्ताक्षरी समाहर्त्ता महोदय के आदेशानुसार माननीय पटना उच्च न्यायालय में प्रतिशपथ दायर करने हेतु पटना में कर्त्तव्य पर थे, जिस दौरान परिस्थितिवश कोविड-19 के संदिग्धों के सम्पर्क में आने के कारण चिकित्सक के परामर्श पर तदसमय सरकार के सुरक्षा निर्देशों के अनुरूप ही तबीयत खराब होने की लिखित सूचना देकर Self quarantine में चले गए। इसी दौरान तबीयत और ज्यादा खराब होने पर सम्पूर्ण लॉक डाउन की वजह से संपूर्ण देश में यातायात एवं चिकित्सा सुविधा के प्रतिकूल रूप से प्रभावित होने की वजह से समुचित चिकित्सा, दवा एवं जांच की सुविधा नहीं मिल पाने के कारण अधोहस्ताक्षरी के स्वास्थ्य की स्थिति उत्तरोत्तर बद से बदतर होती चली गई एवं अधोहस्ताक्षरी मरणासन्न स्थिति में पहुॅच गए। इस प्रकार अधोहस्ताक्षरी के जीवित बचने की संभावना क्षीण होती चली गई। स्वास्थ्य में लगातार हो रहे गिरावट की सूचना लगातार समाहर्त्ता को दी जाती रही एवं अवकाश की अवधि विस्तार हेतु अनुरोध किया जाता रहा। किंतु शायद कोविड-19 प्रबंधन की व्यवस्तता की वजह से समाहत्ता महोदय के स्तर से किसी भी माध्यम से अधोहस्ताक्षरी के अवकाश एवं अवकाश विस्तार के अस्वीकरण की सूचना अधोहस्ताक्षरी को कभी भी नहीं दी गई। प्रसंगाधीन अवधि में अधोहस्ताक्षरी स्वयं देश में व्याप्त आपदा/महामारी एवं तदजनिज परिस्थितियों के शिकार थे। गंभीर रूप से बीमार, लाचार एवं समुचित चिकित्सा विहीन होने की वजह से अधोहस्ताक्षरी मरणासन्न स्थिति में थे, एवं शनैः शनैः मृत्यु की तरफ अग्रसर थे। ऐसी दारूण परिस्थिति के बावजूद अधोहस्ताक्षरी द्वारा समय-समय पर बीमारी की सूचना एवं अवकाश विस्तारित करने का आवेदन समाहर्त्ता महोदय को एवं प्रतिलिपि मुख्यालय को भेजी जाती रही। अतः उपरोक्त वर्णित परिस्थितियों के मद्देनजर अधोहस्ताक्षरी को उक्त अवधि में कर्त्तव्य पर मानते हुए मानवीय दृष्टिकोण रखते हुए पदीय दायित्वों के निर्वहन में हुई चूक के आरोप से मुक्त मानने की कृपा की जा सकती है।

5. आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिये गये द्वितीय बचाव बयान एवं आरोप पत्र के आलोक में समर्पित बचाव बयान में आरोप सं0-1 के संदर्भ में विरोधाभाष है। आरोप पत्र के आलोक में समर्पित बचाव बयान में आरोप सं0-1 के सबंध में कहा गया है कि दिनांक-17.03.2020 को उनकी माँ और भाभी की तबीयत अचानक खराब हो जाने के कारण उन्हें Attendent के रूप में रहना पड़ा और उस दौरान उनमें कोविड-19 के लक्षण का आभाष हुआ। जबकि संचालन पदाधिकारी को समर्पित बचाव बयान में उनका कहना है कि माननीय उच्च न्यायालय में प्रतिशपथ पत्र दायर करने के दौरान तबीयत खराब होने की लिखित सूचना देकर self quarantine हो गये। आरोपित पदाधिकारी द्वारा दिनांक-15.03.2020 को मुख्यालय प0 चंपारण, बेतिया से प्रस्थान किया गया और 23.03.2020 को जिला पदाधिकारी को अवकाश का आवेदन ई-मेल से भेजा गया था। इस14 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 प्रकार आरोपित पदाधिकारी के बचाव बयान में एकरूपता नहीं है। अवकाश आवेदन समाहर्ता द्वारा स्वीकृत होने का प्रमाण प्रस्तुत नहीं किया गया है। समाहर्ता, प0 चंपारण के पत्रांक-150 दिनांक-01.05.2020 में अनाधिकृत अनुपस्थिति का स्पष्ट उल्लेख किया गया है। प0 चंपारण जिला के प्रतिवेदन की समीक्षा से स्पष्ट हो चुका है कि अभियोग, गिरफ्तारी एवं जप्ती में क्रमिक ह्रास हुआ है। अतएव इनका बचाव बयान स्वीकार योग्य नहीं है।

6. अतः श्री लाला अजय कुमार सुमन, तत्कालीन अधीक्षक मद्य निषेध, प0 चंपारण (बेतिया) सम्प्रति सुपौल के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन एवं उनके द्वितीय बचाव-बयान पर सम्यक विचारोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 यथासंशोधित के नियम -14(i) के तहत आरोप वर्ष 2020-21 के लिये निन्दन का दंड अधिरोपित करते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।

7. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।

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12 जनवरी 2022

सं0 8/आ0 (मु0 राज0 नि0)- 3-02/2018-177-श्री संजय कुमार ग्वालिया, तत्का0 जिला अवर निबंधक, कटिहार सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश की अवहेलना तथा जिला समाहर्त्ता-सह-जिला निबंधन पदाधिकारी द्वारा दिये गये निदेश का उल्लंघन करना, पद का दुरूपयोग कर सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के बिना वैधानिक राय प्राप्त करना एवं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, उदासीनता बरतते हुए बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधान के प्रतिकूल आचरण में विभागीय संकल्प सं0-2229 दिनांक 14.05.2015 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी थी। उक्त विभागीय कार्यवाही में अधिसूचना सं0-4911 दिनांक 11.12.2017 द्वारा 04 (चार) वेतनवृद्धियॉ संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दंडादेश अधिरोपित किया गया था। उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री ग्वालिया द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0नं0-5241/2018 दायर किया गया है। उक्त याचिका में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 23.03.2021 को पारित न्यायादेश के आलोक में श्री ग्वालिया से द्वितीय बचाव वयान प्राप्त किया गया है। श्री ग्वालिया से प्राप्त द्वितीय बचाव वयान के समीक्षोपरान्त आदेश सं0-3570 दिनांक 24.09.2021 द्वारा 04 (चार) वेतनवृद्धियॉ संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दंडादेश अवरूद्ध किया गया है।

2. श्री ग्वालिया द्वारा विभागीय आदेश सं0-3570 दिनांक 24.09.2021 द्वारा अधिरोपित दंडादेश के विरूद्ध पुनर्विलोकन (Review) अर्जी दिया गया है। श्री ग्वालिया द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी में कोई नया तथ्य नहीं रखा गया है। उनका कथन है कि दस्तावेज का निबंधन 02.07.2014 को किया गया है। मामला माननीय सर्वोच्च न्यायालय से संबंधित था ताकि माननीय न्यायालय के आदेश की अवहेलना न हो, अतएव विद्धान सरकारी अधिवक्ता का विधिक राय प्राप्त की गयी है। माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा अवमाननावाद से दोष मुक्त कर दिया गया है। उक्त के आलोक में अनजाने में किसी भी प्रकार की गलती के लिए क्षमा प्रार्थना की गयी है।

3. विद्वान सरकारी अधिवक्ता का विधिक राय प्राप्त करने संबंधी कोई निदेश जिला पदाधिकारी या विभाग स्तर से नहीं दिया गया है। उनके द्वारा यह कार्य किसी खास पक्ष को लाभ पहुॅचाने के लिए जल्दवाजी में की गयी हैं। आरोपी पदाधिकारी को माननीय सर्वोच्च न्यायालय का अंतरिम आदेश संज्ञान में रहते हुए जिला पदाधिकारी की अनुमति के बिना जिला के सरकारी अधिवक्ता से वैधानिक राय प्राप्त करना किसी भी दृष्टिकोण से औचित्यपूर्ण नहीं है। अवमाननावाद में संदेह का लाभ देते हुए इस वाद को समाप्त किया गया है न कि आरोपी पदाधिकारी को दोष मुक्त किया गया है। आरोपी पदाधिकारी के कृत्य पर नाराजगी व्यक्ति करते हुए न्यायादेश में यह अंकित किया गया है कि " It is shocking that an order passed by this Court, in the face of the provisions of Article 142 of the constitution, could be ignored or disregarded by the officials who went ahead and registered the document. " माननीय सवोच्च न्यायालय ने अवमानना के लिये जिला अवर निबंधक के दुःसाहस पर कड़ी टिप्पणी की है।

4. श्री ग्वालिया द्वारा सक्षम प्राधिकार का आदेश प्राप्त किये बिना सरकारी अधिवक्ता से वैधानिक राय प्राप्त किया गया, न्यायादेश के विपरीत सरकारी अधिवक्ता के राय को आधार बनाकर जान-बुझकर स्वेच्छाचारित एवं अदम्य दुःसाहस का परिचय देते हुए माननीय न्यायालय का अंतिम आदेश (दिनांक 18.11.2016) प्राप्त होने के पूर्व दिनांक 02.07.2014 को भूमि का निबंधन किया जाना व्यक्तिगत लाभ के लिये आरोपी पदाधिकारी की गलत मंशा एवं सहभागिता की पुष्टि करता है। श्री ग्वालिया द्वारा दण्डादेश के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय में दायर याचिका में भी माननीय न्यायालय का प्रेक्षण है :-

" Before parting with, the Court deem it fit and proper to remind the authority that matter involving defiance of the direction issued by the Apex Court should not be taken leniently, irrespective of the fact that contempt proceeding was dropped extending the benefit of doubt. The standard of proof in as departmental proceeding is preponderance of probability, whereas in contempt proceeding the Court is required to see whether there is deliberate and willful disobedience of the direction of the Court. The observation of the Apex Court is indicative of the fact that the Court has not fully exonerated the15 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 petitioner, the Apex Court held out that it does not constitute willful defiance constituting contempt."

आरोपी पदाधिकारी द्वारा ऐसा कोई साक्ष्य आधारित तथ्य प्रस्तुत नहीं किया है, जो उनकी स्वेच्छाचारिता, दुःसाहस, गलत मंशा और सहभागिता के आरोप को अप्रमाणित करता हो। अतएव उनके कथन अंशतः या पूर्णतः स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री ग्वालिया का पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकृत किया जाता है।

5. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, संयुक्त सचिव।

------ पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, ------ अधिसूचना 25 जनवरी 2022

सं0 पर्या/वन-17/2021-42(ई0)/प०व०ज०प०--पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के संकल्प संख्या-620 (ई) दिनांक 06.08.2021 द्वारा बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के अध्यक्ष के चयन हेतु दिये गये दिशा-निर्देश के आलोक में श्री एस० चन्द्रशेखर, भा०व०से० (2003) को बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, पटना के अध्यक्ष हेतु पर्षद मंडल के पुर्नगठन की तिथि से तीन वर्षों के लिए चयनित किया जाता है।

2. बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद के पुर्नगठन से संबंधित अधिसूचना अलग से निर्गत की जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुबोध कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 42—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in16 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022

भाग-9-ख

निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA —————

सूचना ----

No. 85— I, Usha Kumari Dutta W/O Late Devendra Sharma R/o Veer Bhawan, Road No 2, Khas Mahal,Chiryatand, Patna 800001 have changed my name from Usha Sharma as wrongly mentioned in family pension papers to Usha Kumari Dutta for all the purpose vide Affidavit No. 15910 dated 28.09.2021.

Usha Kumari Dutta.

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सं0 91—मैं सुषमा देवी उर्फ सुषमा कुमारी, पति श्री नरेन्द्र कुमार, पुत्री श्री राजेश्वर प्रसाद, अस्थायी निवासी-फ्लैट नं0 207, नवल कला, इन्क्लेभ पार्क रोड, पोस्ट़+थाना-कदमकुऑं, जिला एवं नगर-पटना (बिहार)-800003 एवं स्थायी निवास मुहल्ला़+पोस्ट+़थाना-सोहसराय, जिला-नालंदा, नगर-बिहारशरीफ (बिहार)-803118 शपथ पत्र सं0 141 दिनांक 08.09.2021 के अनुसार सुषमा कुमारी के नाम से जानी एवं पहचानी जाउँगी।

सुषमा देवी उर्फ सुषमा कुमारी। No. 91—I, SUSHMA KUMARI @ Sushama Devi, wife of Sri Narendra Kumar, Daughter of Sri Rajeshwar Prasad presently residing at Flat No.-207, Nawal Kala Enclave, Park Road, Post+P.S.-Kadamkuan, Distt.+Town-Patna (Bihar)-800003 and also Permanent residing AT+P.O.+P.S.-Sohsarai, Distt.-Nalanda, Town-Biharsharif (Bihar)-803118 vide Affidavit No.- 141 dated 08.09.2021 that henceforth shall be known as "SUSHMA KUMARI" for all future purposes."

SUSHMA KUMARI @ Sushama Devi.

————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 42—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in17 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी }kjk प्रकाशित

—————

सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-29/2021--644 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------ संकल्प 25 जनवरी 2022

चूँकि बिहार-राज्यपाल को यह विश्वास करने का कारण है कि वित्तीय वर्ष 2019-20 में वित्तीय नियमों एवं विभागीय निर्देषों का उल्लंघन करते हुए सरकारी एजेंसी BMSICL से दवा क्रय नहीं कर प्राप्त आवंटन की कुल राषि की दवा का क्रय निजी एजेंसी से किये जाने में श्री संजीव कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सासाराम सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, सीवान द्वारा गंभीर वित्तीय अनियमितता बरती गई है।

श्री कुमार का यह कृत्य बिहार विा नियमावली के नियम-126 तथा बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-797 (viii) एवं बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1) के विहित प्रावधानों के सर्वथा प्रतिकूल है, जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।

2. अतः यह निर्णय लिया गया है कि श्री संजीव कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, सासाराम सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, सीवान के विरूद्ध संलग्न प्रपत्र 'क' में अंकित आरोपों की जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित की जाय। 3. इस विभागीय कार्यवाही के संचालन के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17(2) के तहत आयुक्त, पटना प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा उप निदेषक, कारा चिकित्सा सेवा, कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय, बिहार, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

4. श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु, जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।

5. संचालन पदाधिकारी विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन निर्धारित अवधि के अन्दर समर्पित करेंगे। 6. विभागीय कार्यवाही के संचालन के प्रस्ताव पर माननीय मुख्य (गृह) मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।

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सं0 एल/एच॰जी॰- 14-12/2018-315

गृह विभाग (विषेष शाखा) ------ संकल्प 12 जनवरी 2022 श्री अनुज कुमार, तत्कालीन जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, सुपौल सम्प्रति जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, खगड़िया के विरूद्ध सुपौल पदस्थापन काल में मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना के आदेश की अवहेलना, अनुशासनहीनता एवंं अपने अधीनस्थ कर्मी में व्यक्तिगत अभिरूचि रखने संबंधी आरोप प्रपत्र-क में गठित कर मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना के पत्रांक-2631, दिनांक 18.06.2018 द्वारा विभागीय कार्यवाही आरंभ किये जाने की अनुशंसा की गई। इसके पूर्व मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना के ज्ञापांक-647, दिनांक 12.02.2018 द्वारा उक्त18 बिहार गजट, 2 Qjojh 2022 आरोपों के संबंध में आरोप प्रारूप गठित करते हुए श्री कुमार से सात दिनों के अंदर स्पष्टीकरण उपलब्ध कराने का निदेश दिया गया था।

2. श्री कुमार द्वारा अपने कार्यालय के पत्रांक-908, दिनांक 15.10.2018 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना के पत्रांक-675, दिनांक 24.01.2019 द्वारा विभाग में उपलब्ध कराया गया। विभागीय पत्रांक-3135, दिनांक 19.03.2019 द्वारा स्पष्टीकरण की मूल प्रति वापस करते हुए महासमादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना से समीक्षा कर स्पष्ट मंतव्य/संशोधित आरोप प्रपत्र विभाग को उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर मुख्यालय, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना के पत्रांक-2334, दिनांक 03.05.2019 द्वारा प्राप्त मंतव्य में स्पष्टीकरण को संतोषजनक नहीं होना प्रतिवेदित किया गया।

3. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा प्रपत्र 'क' में गठित एवं अनुमोदित आरोपों की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-7655, दिनांक-18.07.2019 द्वारा आरोपित को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 17 (4) के तहत बचाव अभिकथन समर्पित किए जाने का निदेश दिया गया। आरोपित द्वारा अपना बचाव अभिकथन अपने कार्यालय के पत्रांक-649, दिनांक-05.08.2019 द्वारा विभाग को समर्पित किया गया।

4. सम्यक विचारोपरांत बिहार गृह रक्षा वाहिनी मुख्यालय, पटना द्वारा की गई अनुशंसा के आलोक में श्री कुमार के विरूद्ध प्रपत्र-'क' में गठित आरोप की बृहद्‌ जाँच हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1306, दिनांक 07.02.2020 द्वारा विभागीय कार्यवाही आरंभ की गई। इसके लिए संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नामित किया गया तथा उपस्थापन पदाधिकारी नामित करने के लिए महासमादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पटना को प्राधिकृत किया गया।

5. संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-820, दिनांक 08.09.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है, जिसमें आरोप सं॰-1, 2 एवं 3 को अंषतः प्रमाणित तथा आरोप सं॰-4 को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।

अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक विचारोपरांत श्री अनुज कुमार, तत्कालीन जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, सुपौल सम्प्रति जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, खगड़िया को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-14 के तहत दो वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से दो वर्षों के लिए अवरूद्ध किये जाने का दंड संसूचित किया जाता है।

आदेश :-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, अनिमेष पाण्डेय, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 42—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 02 February 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2022-02-02.5/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2022-02-02.5.