निबंधन संख्या पी0टी0-40
बिहार गजट
बिहार सरकार }kjk प्रकाशित भाग-1—नियुक्ति, inLFkkiu, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं। 2-10 भाग-1-क—Lo;alsod xqYeksa के समादे"Vkओं के आदेश। --- भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और eq[rkjh परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-jkT;iky और dk;kZ/;{kksa द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। ---
भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और mPp U;k;ky; के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और jkT; गजटों के उ(cid:7373)रण।
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भाग-4—बिहार अधिनियम ---
विषय-सूची i`"B
i`"B भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:LFkkपित विधेयक,उDr विधान मंडल में उपLFkkपित या उपLFkkपित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और mDr विधान मंडल में पुर:LFkkपन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की T;ss"B अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:LFkkfir विधेयक, संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपLFkkपित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:LFkkiu के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन ---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, U;k;ky; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं bR;kfnA ---
पूरक
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पूरक-क 11-122 बिहार गजट, 9 Qjojh 2022 भाग-1 नियुक्ति, inLFkkiu] बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और vU; O;fDrxr सूचनाएं।
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पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ------ अधिसूचनाएं 25 जनवरी 2022
सं0 पर्या॰/जल॰/परि॰-50/2020 (खण्ड-I)-41--पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली की अधिसूचना संख्या-सा॰का॰नि॰ 1203 (अ), दिनांक-26.09.2017 द्वारा "आदर््रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017" अधिसूचित किये गये हैं। उक्त अधिसूचना के आलोक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार के विभागीय ज्ञापांक-वन्यप्राणी-16/2012-160(ई॰)/प॰व॰ज॰प॰, दिनांक-31.01.2020 द्वारा "बिहार राज्य आदर््रभूमि प्राधिकरण" का गठन किया गया। बिहार राज्य आदर््रभूमि प्राधिकरण की दिनांक-28.08.2020 में माननीय उपमुख्यमंत्री-सह-पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री, बिहार की अध्यक्षता में सम्पन्न प्रथम बैठक में लिये गये निर्णय के आलोक में प्रत्येक जिले में जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में संबंद्ध विभागों के पदाधिकारियों की समिति गठित किया जाना है। आदर््रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 के प्रावधानों के अंतर्गत प्रत्येक चिन्हित् आदर््रभूमियों की पहचान, सीमांकन, नक्शा निर्माण, अतिक्रमण से मुक्ति एवं अन्य दावों के निष्पादन किया जाना है। साथ ही प्रत्येक आदर््रभूमिका संक्षिप्त दस्तावेज (briefdocument), wetland health card, integrated management plan, wetland mitraएवंboundry map of core andzone of influence को तैयार कर राज्य सरकार के स्तर से अधिसूचित किया जाना है। उपरोक्त वर्णित कार्यों के निष्पादन हेतु जिला स्तरीय समिति का गठन निम्नवत् किया जाता है :-
| 1. | जिला पदाधिकारी | अध्यक्ष |
| 2. | नगर आयुक्त | सदस्य |
| 3. | अपर जिला पदाधिकारी (जिला राजस्व शाखा) | सदस्य |
| 4. | उप-समहर्ता (जिला भूमि अधिग्रहण शाखा) | सदस्य |
| 5. | जिला —षि पदाधिकारी | सदस्य |
| 6. | जिला पंचायती राजपदाधिकारी | सदस्य |
| 7. | जिला योजना पदाधिकारी | सदस्य |
| 8. | संबंधित कार्यपालक अभियंता(लघु जल संसाधन) | सदस्य |
| 9. | संबंधित कार्यपालक अभियंता (जल संसाधन, बाढ़ नियंत्रण) | सदस्य |
| 10. | जिला मत्स्य पदाधिकारी | सदस्य |
| 11. | क्षेत्रीय पदाधिकारी, बिहार राज्य प्रदूषण नियंत्रण पर्षद, पटना | सदस्य |
| 12. | जिला पदाधिकारी द्वारा नामित एक आदर््रभूमि विशेषज्ञ | सदस्य |
| 13. | संबंधित वन प्रमंडल पदाधिकारी | सदस्य सचिव |
कार्य विवरण :- जिला स्तरीय समिति जिलान्तर्गत अवस्थित आर्द्रभूमियों के संरक्षण एवं प्रबंधन हेतु निम्नलिखित कार्य करेगी।
1. जिलान्तर्गत अवस्थित सभी आर्द्रभूमियों के सम्बन्ध में आदर््रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017 का पूर्णतः अनुपालन सुनिश्चित किया जाना।
2. जिले में उपलब्ध सभी जल निकायों झील, बील, चौर, मन, ताल, तलैया, पोखर इत्यादि नाम से आदर््रभूमि क्षेत्रों तथा जलकर क्षेत्रों की सूचनाएँ जो भू-अभिलेखों पर आधारित है तथा परती भूमि पर है, का संकलन किया जाना। (i) इन जलीय भूखण्डों का स्वरूप जलीय बनाये रखा जाना सुनिश्चित करना। (ii) आर्द्रभूमियों में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य के लिए Land filling, स्वामित्व परिवर्तन एवं बन्दोबस्ती नही किया जाना।
(iii) आर्द्रभूमियों का सीमांकन किया जाना तथा भू-अभिलेखों में इन्हें जल निकायों के नाम पर सरकार के भू-राजस्व खाता में पंजी—त किया जाना।
(iv) आर्द्रभूमियों की पैमाइश (सर्वे) कराकर इनका सीमांकन/डिमारकेशन कराया जाना तथा सभी प्रकार के अतिक्रमण से इन्हें मुक्त कराना।
3. आर्द्रभूमि के अन्दर निम्नलिखित कार्यकलापों को निषिद्ध करना।3 बिहार गजट, 9 Qjojh 2022 (i) किसी भी प्रकार के अतिक्रमण सहित गैर आदर््रभूमि उपयोग हेतु परिवर्तन करना। (ii) किसी उद्योग को स्थापित करना या विद्यमान उद्योगों का विस्तार करना। (iii) निर्माण एवं विध्वंश अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2016 के अंतर्गत आनेवाले निर्माण और विध्वंश अपशिष्ट का विनिर्माण या हथालन या भण्डारण या निपटान, परिसंकटमय रसायन के विनिर्माण, भण्डारण और आयात नियम, 1989 या परिसंकटमय सूक्ष्म जीवों आनुवंशिक रूप से निर्मित जीवों या कोशिकाओं का उपयोग, आयात, निर्यात और भण्डारण संबंधी नियम, 1989 या परिसंकटमय अपशिष्ट (प्रबंधन, हथालन और सीमा पारीय संचलन) नियम, 2008 के अंतर्गत आनेवाले परिसंकटमय पदार्थ; ई-अपशिष्ट (प्रबंधन) नियम, 2016 के अंतर्गत आनेवाले ई-अपशिष्ट।
(iv) आर्द्रभूमियो मेंं ठोस अपशिष्ट का फेंका जानाः-उद्योगों, शहरों, कस्बों, गॉवों और अन्य मानव बस्तियों से अशोधित अपशिष्ट या बहिस्त्रावों का निस्सारण।
(v) पिछले दस वर्षों के औसत उच्च बाढ़ स्तर से पचास मीटर के भीतर नाव घाटों को छोड़कर स्थायी प्रकृति का कोई भी निर्माण।
(vi) अवैध शिकार।
4. आर्द्रभूमियों को अधिसूचित करने के लिए संक्षिप्त दस्तावेज तैयार करना। संक्षिप्त दस्तावेज निम्नलिखित अवयवों के आधार पर तैयार किया जायेगा।
(क) अक्षांंतर-देशान्तर सहित यथार्थ डिजिटल मानचित्रों द्वारा समर्थ्ाित और जमीनी सत्यापन द्वारा विधिमान्य आदर््रभूमियों का सीमांकन।
(ख) आर्द्रभूमियों के प्रभाव क्षेत्र का सीमांकन और डिजिटल मानचित्र में सांकेतिक उसका भूमि उपयोग और आच्छादित भूमि क्षेत्र।
(ग) पारिस्थितिक चरित्र विवरणी। (घ) पूर्वतः विद्यमान अधिकारों तथा विशेषाधिकारों का लेखा। (ड.) आदर््रभूमि तथा इसके प्रभाव क्षेत्र के भीतर विनियमित किये जानेवाले स्थल विशिष्ट क्रियाकलापों की सूची। (च) आदर््रभूमि तथा इसके प्रभाव क्षेत्र के भीतर अनुमति किये जानेवाले स्थल विशिष्ट क्रियाकलापों की सूची। (छ) विनियमों के प्रवर्तन की रीति।
5. जिला स्तरीय समिति उपरोक्त, संक्षिप्त दस्तावेज के आधार पर, आदर््रभूमियों को अधिसूचित किये जाने के लिए सिफारिश उपलब्ध करायेगी।
6. किसी भी जलीय भूखण्डों की परिधि में विकास कार्यों जैसे-पथ निर्माण एवं भवन निर्माण एवं अन्य किसी भी प्रकार के अवसंरचना निर्माण में यह सुनिश्चित किया जाय कि भूखण्ड के आगम-निर्गम चैनल को अवरूद्ध या संकुचित नहीं किया जाएगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपक कुमार सिंह, प्रधान सचिव।
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27 जनवरी 2022
सं0 पर्या॰/जल॰/परि॰-50/2020 (खण्ड-I)-45--पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली की अधिसूचना संख्या-सा॰का॰नि॰ 1203 (अ), दिनांक-26.09.2017 द्वारा "आदर््रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017" अधिसूचित किये गये हैं। उक्त अधिसूचना के आलोक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार के विभागीय ज्ञापांक-वन्यप्राणी-16/2012-160(ई॰)/प॰व॰ज॰प॰, दिनांक-31.01.2020 द्वारा "बिहार राज्य आदर््रभूमि प्राधिकरण" का गठन किया गया। आदर््रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियमावली, 2017 की नियम संंख्या 5(6) (क) में आदर््रभूमि प्राधिकरण को तकनीकी विषयों पर सलाह देने हेतु तकनीकी समिति के गठन का प्रावधान शामिल किया गया है। उपरोक्त वर्णित कार्यों के निष्पादन हेतु बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण को तकनीकी विषयों पर सलाह देने हेतु तकनीकी समिति का गठन निम्नवत् किया जाता हैः-
| 1. | प्रधान सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार | अध्यक्ष |
| 2. | प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) | सदस्य |
| 3. | अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य वन्य प्राणी प्रतिपालक, बिहार | सदस्य |
| 4. | टपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, (जलवायु परिवर्तन संभाग), बिहार | सदस्य |
| 5. | निदेशक, हरियाली मिशन, बिहार | सदस्य |
| 6. | मुख्य वन संरक्षक, संयुक्त वन प्रबंधन, बिहार | सदस्य |
| 7. | निदेशक, पारिस्थिति की एवं पर्यावरण, बिहार | सदस्य |
| 8. | डॉ॰ रितेश कुमार, निदेशक, आर्द्रभूमि अंतर्राष्ट्रीय दक्षिण एशिया, नई दिल्ली | सदस्य |
| 9. | मुख्य वन संरक्षक (जलवायु परिवर्तन संभाग) | सदस्य सचिव |
समिति का कार्यः- आदर््रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 के प्रावधानों के अनुसार तकनीकी समिति संक्षिप्त दस्तावेजों और प्रबंधन योजनाओं का पुनर्वलोकन करने तथा आर्द्रभूमि प्राधिकरण द्वारा निर्दिष्ट किसी तकनीकी विषय पर सलाह देने का कार्य करेगी। (नियम 5 (6) (क) आर्द्रभूमि नियम)। उक्त समिति अपने कार्योें के निष्पादन के लिए प्रत्येक तिमाही में कम से कम एक बार बैठक करेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपक कुमार सिंह, प्रधान सचिव।
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27 जनवरी 2022
सं0 पर्या॰/जल॰/परि॰-50/2020-46-पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार, नई दिल्ली की अधिसूचना संख्या-सा॰का॰नि॰ 1203 (अ), दिनांक 26.09.2017 द्वारा "आदर््रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम, 2017" अधिसूचित किये गये हैं। उक्त अधिसूचना के आलोक में पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार सरकार के विभागीय ज्ञापांक-वन्यप्राणी-16/2012-160(ई॰)/प॰व॰ज॰प॰, दिनांक-31.01.2020 द्वारा "बिहार राज्य आदर््रभूमि प्राधिकरण" का गठन किया गया। आदर््रभूमि (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियमावली, 2017 की नियम संंख्या 5(6) (क) में आमजन द्वारा प्राधिकरण को दी गयी शिकायतों की सुनवाई करने एवं उन्हें अग्रेषित करने के लिए एक शिकायत समिति गठित करने का प्रावधान शामिल किया गया है। उपरोक्त वर्णित कार्यों के निष्पादन हेतु बिहार राज्य आर्द्रभूमि प्राधिकरण को दी गई शिकायतों की सुनवाई एवं अप्रेषित करने हेतु शिकायत समिति का गठन निम्नवत् किया जाता हैः-
| 1. | प्रधान मुख्य वन संरक्षक (HoFF) | अध्यक्ष |
| 2. | अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक, (जलवायु परिवर्तन संभाग), बिहार | सदस्य |
| 3. | डॉ॰ विद्यानाथ झा, प्रोफेसर ऑफ बोटनी, एम.एल.एस.एम. कॉलेज, दरभंगा। | सदस्य |
| 4. | मुख्य वन संरक्षक (जलवायु परिवर्तन संभाग) | सदस्य सचिव |
समिति के कार्य :- आदर््रभूमि (संरक्षण और प्रबंधन) नियम, 2017 के प्रावधानों के अनुसार शिकायत समिति आमजनों द्वारा प्राधिकरण को की गई शिकायतों की सुनवाई करने और उन्हें अग्रेषित करने के लिए एक कार्यतंत्र उपलब्ध करायेगी (नियम 5 (6) (ख) आर्द्रभूमिनियम)। उक्त समिति अपने कार्यों के निष्पादन के लिए प्रत्येक तिमाही में कम से कम एक बार बैठक करेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपक कुमार सिंह, प्रधान सचिव।
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बिहार विधन सभा सचिवालय
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अध्सिूचनाएं
5 जनवरी 2022
सं0 2स्था-173/21-35/विस--सभा सचिवालय के श्री संतोष कुमार, आप्त सचिव, जो वेतन स्तर-9 में प्रतिमाह-58,000/-रूपये वेतन पाते है, को बिहार सेवा संहिता के नियम-227, 230 एवं 248;कद्ध के तहत दिनांक-13.12.2021 से 31.12.2021 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त संहिता के नियम-159 के तहत दिनांक-01.01.2022 एवं 02.01.2022 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग की अनुमति दी जाती है । इनके कोष में कुल-260 दिनों का उपार्जित अवकाश शेष है ।
आदेश से,
प्रवीन कुमार श्रीवास्तव, अवर सचिव।
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25 जनवरी 2022
सं0 2स्था-223/2021-173/विस--वित्त ;वैदानिकोद्ध विभाग, बिहार सरकार, पटना से प्राप्त पत्राांक-2023;22द्ध, दिनांक-09.12.2021 के आलोक में श्री यानपति, प्रतिवेदक, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना, को बिहार से संहिता के नियम-240 एवं 248;कद्ध के तहत दिनांक-22.12.2021 से 31.12.2021 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा5 बिहार गजट, 9 Qjojh 2022 नियम-159 के अंतर्गत दिनांक-01.01.2022 एवं 02.01.2022 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति दी जाती है । अवकाश उपभोग के उपरांत इनके उपार्जित अवकाश कोष में कुल-16 दिनों का अवकाश शेष है ।
आदेश से,
अभय शंकर राय, अवर सचिव।
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31 जनवरी 2022
सं0 1स्था-186/2018-203/विस।--सर्वसाधरण की जानकारी हेतु यह प्रकाशित किया जाता है कि बिहार विधन सभा सचिवालय में सूचना का अध्किार अध्निियम, 2005 के अंतर्गत विभिन्न धराओं के कार्यान्वयन / अनुपालन हेतु प्रथम अपीलीय प्राध्किार के रूप में श्री पवन कुमार पाण्डेय, संयुक्त सचिव, बिहार विधन सभा, पटना को तत्काल प्रभाव से प्राध्कृित किया जाता है ।
एतद् विषयक पूर्व में निर्गत सभा सचिवालय की अध्सिूचना इस हद तक संशोध्ति समझा जाय ।
अध्यक्ष, बिहार विधन सभा के आदेश से,
अभय शंकर राय, अवर सचिव।
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31 जनवरी 2022
सं0 1स्था-186/2018-205/विस।--सर्वसाधरण की जानकारी हेतु यह प्रकाशित किया जाता है कि बिहार विधन सभा सचिवालय में सूचना का अध्किार अध्निियम, 2005 के अंतर्गत विभिन्न धराओं के कार्यान्वयन / अनुपालन हेतु लोक सूचना पदाध्किारी के रूप में श्री प्रमोद कुमार सिंह, उप सचिव, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को तत्काल प्रभाव से प्राध्कृित किया जाता है ।
एतद् विषयक पूर्व में निर्गत सभा सचिवालय की अध्सिूचना इस हद तक संशोध्ति समझा जाय ।
अध्यक्ष, बिहार विधन सभा के आदेश से,
अभय शंकर राय, अवर सचिव।
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सहकारिता विभाग
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अधिसूचनाएं
12 जनवरी 2022
सं0 01/रा०स्था०स्थाना०/पदस्थापन-11/2020 सह०/127--श्री वैभव चौधरी (भा0प्र0से0), संयुक्त सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना को अपने कार्यों के अतिरिक्त बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी फेडरेशन, पटना के प्रबंध निदेशक के पद का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से दिया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सियाराम सिंह, उप-सचिव।
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8 नवम्बर 2021
सं0 01/रा०स्था०स्थाना०-40/2021 सह०-3215--श्री समरेश कुमार, जिला सहकारिता पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम (अतिरिक्त प्रभार- सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, सासाराम/विक्रमगंज) को अपने कार्यों के अतिरिक्त प्रबंध निदेशक, जिला केन्द्रीय सहकारी बैंक लि॰, सासाराम-भभुआ, सासाराम का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से दिया जाता है। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ऋचा कमल, उप-सचिव।
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22 नवम्बर 2021
सं0 01/रा०स्था०निजी -25/2021 सह०-3319--प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) का कार्यालय, बिहार, पटना के पत्रांक-LR081120211201287 दिनांक 08.11.2021 के आलोक में श्री अजय कुमार अलंकार, जिला सहकारिता पदाधिकारी, सारण, छपरा को चिकित्सीय प्रयोजन हेतु बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 230 एवं 248 में निहित प्रावधानानुसार दिनांक 10.04.2021 से दिनांक 18.05.2021 तक कुल 39 (उनचालीस) दिनों का उपार्जित अवकाश की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।6 बिहार गजट, 9 Qjojh 2022 2. उक्त स्वीकृति के पश्चात् 261 (दो सौ एकसठ) दिनों का उपार्जित अवकाश शेष रहेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, ऋचा कमल, उप-सचिव।
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28 दिसम्बर 2021
| क्र०सं० | अभ्यर्थी का नाम | रौल नं० | जन्म तिथि | ग ृह जिला | मेघा क्रमांक | आयोग द्वारा आवंटित आरक्षण रोस्टर | पदस्थापित पद/स्थान |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| 1 | श्री प्रियेश प्रियदर्शी | 204369 | 01.06.1993 | नालंदा | 254 | 04 | जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियाँ, मधुबनी । |
| 2 | श्री शहबाज हुसैन | 313289 | 06.12.1993 | किशनगंज | 281 | 04 | जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियाँ, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया। |
| 3 | सुश्री अस्तुति | 297678 | 16.10.1992 | पूर्णियाँ | 395 | 06 | जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियाँ, किशनगंज। |
| 4 | श्री वरूण शंकर | 284826 | 18.08.1990 | पटना | 715 | 02 | जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियाँ, भोजपुर, आरा। |
सं0 01/रा॰स्था॰नि॰-42/2021 सह॰-3772--बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 64वीं सम्मिलित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार सहकारिता अंकेक्षण सेवा संवर्ग, वर्ग-2 (समूह-'ख') में नियुक्ति हेतु अनुशंसित निम्नलिखित अभ्यर्थियों को अधोलिखित शर्त्तो के अधीन पे मैट्रिक लेवल-9 (रू0 53100-167800) में (राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अनुमान्य भत्तों के साथ) औपबंधिक रूप से परीक्ष्यमान जिला अंकेक्षण पदाधिकारी, सहयोग समितियाँ/समकक्ष के पद पर नियुक्त करते हुए उनके नाम के समक्ष कॉलम-8 में अंकित पद/स्थान पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता हैः- क्र०सं० अभ्यर्थी का नाम रौल नं०
(i) चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन तथा अभ्यर्थियों द्वारा समर्पित शैक्षणिक प्रमाण-पत्र एवं अन्य प्रमाण-पत्रों प्रतिवेदन प्राप्त होने की प्रत्याशा में अगले छः माह के लिए नियुक्ति औपबंधिक रूप से की जाती है। (ii) अभ्यर्थियों द्वारा समर्पित शैक्षणिक प्रमाण-पत्र एवं अन्य प्रमाण-पत्रों के संबंधित बोर्ड/संस्था से सत्यापन तथा चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन प्रतिवेदन में यदि कोई प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होता है, तब इन नवनियुक्त पदाधिकारियों की सेवा तत्कालिक प्रभाव से रद्द कर दी जायेगी एवं उनके विरूद्ध आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी।
(iii) सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों की परीक्ष्यमान अवधि 02 वर्षों की होगी तथा उनकी आपसी वरीयता बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा निर्धारित संयुक्त मेधा क्रमांक के अनुसार होगी।
(iv) प्रत्येक अभ्यर्थी को उनके अभिप्रमाणित फोटो युक्त नियुक्ति संबंधी निर्गत अधिसूचना की प्रति उपलब्ध कराया जायेगा, जिसे मूल रूप में संबंधित संयुक्त निबंधक (अंकेक्षण), सहयोग समितियाँ के समक्ष प्रस्तुत किये जाने पर ही उनका योगदान स्वीकृत किया जा सकेगा।
(v) सभी अभ्यर्थी सामान्य प्रशासन विभाग (कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग) द्वारा निर्गत संकल्प सं0-1991 दिनांक 18.01.1976 के अनुपालन में दहेज न लेने/न देने संबंधी घोषणा पत्र योगदान/प्रभार ग्रहण करते समय अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करेंगे।
(vi) सभी अभ्यर्थी को यह निदेश दिया जाता है कि अधिसूचना निर्गत होने के उपरांत 15 दिनों के अंदर पदस्थापित पद का प्रभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित अवधि में प्रभार ग्रहण नहीं करने अथवा प्रभार ग्रहण की अवधि के विस्तार हेतु साक्ष्य सहित आवेदन नहीं करने की स्थिति में उनकी नियुक्ति रद्द करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।
(vii) औपबंधिक रूप से नियुक्त पदाधिकारी अपने नियंत्री पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में अपने कार्यालय के कार्यों का निष्पादन करेंगे। दैनिक कार्यों को छोड़कर प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों (निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के दायित्व सहित) का निष्पादन अपने नियंत्री पदाधिकारी, संयुक्त निबंधक (अंकेक्षण), सहयोग समितियाँ के आदेश/प्रतिहस्ताक्षर से करेंगे।7 बिहार गजट, 9 Qjojh 2022 (viii) वित्त विभाग के संकल्प सं0-1964 दिनांक 31.08.2005 एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत संकल्प/परिपत्रों आदि के आलोक में इनकी नियुक्ति नयी अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत आच्छादित होगी।
(ix) योगदान/प्रभार ग्रहण करने हेतु नवनियुक्त पदाधिकारी को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। 2. सभी नवनियुक्त पदाधिकारी विभागीय संकल्प संख्या-1223 दिनांक 17.03.2016 में प्रावधानित 17 (सत्रह) सप्ताह का व्यवहारिक प्रशिक्षण निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना के निर्देशन में तैयार रूपरेखा के अनुरूप प्राप्त करेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सियाराम सिंह, उप-सचिव।
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30 दिसम्बर 2021
| क्र॰ सं॰ | अभ्यर्थी का नाम | गृह जिला | जन्म तिथि | अनुक्रमांक | आयोग द्वारा निर्धारित मेधा क्रमांक | आयोग द्वारा आवंटित आरक्षण कोटि | पदस्थापित पर/स्थान |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 | 7 | 8 |
| 1. | श्री सफदर रहमान | पटना | 01.05.1991 | 268195 | 43 | 01 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, सिकरहना |
| 2. | श्री सौरभ कुमार | मधुबनी | 28.12.1991 | 382296 | 81 | 01 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, पटोरी |
| 3. | श्री वात्सल्य मिश्र | लखनउ (उत्तर प्रदेश) | 10.06.1992 | 426548 | 109 | 01 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, मुजफ्फरपुर पूर्वी |
| 4. | श्री प्रिंस अनुपम सिंह | पटना | 04.04.1995 | 487334 | 115 | 01 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, पुपरी |
| 5. | श्री प्रशांत कुमार | बेगूसराय | 02.02.1996 | 143024 | 116 | 01 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, वीरपुर |
| 6. | श्री सिद्धार्थ केशरी | बक्सर | 02.07.1993 | 317261 | 141 | 05 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, रोसड़ा |
| 7. | सुश्री श्रुति चन्द्र बोस | पटना | 20.07.1992 | 565547 | 201 | 01 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, हाजीपुर |
| 8. | सुश्री दिव्या झा | मधुबनी | 20.09.1992 | 517560 | 234 | 01 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, दानापुर |
| 9. | श्री संतोष कुमार | पटना | 05.11.1987 | 551297 | 271 | 05 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, बेगूसराय |
| 10़. | श्री सुदर्शन कुमार | सहरसा | 27.10.1992 | 271081 | 329 | 04 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, बेनीपुर |
सं0 01/रा॰स्था॰(नियुक्ति)- 50/2021 सह॰-3780--बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 64वीं सम्मिलित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार सहकारिता प्रशासनिक सेवा संवर्ग, वर्ग-2 (समूह-'ख') में नियुक्ति हेतु अनुशंसित निम्नलिखित अभ्यर्थियों को अधोलिखित शर्त्तो के अधीन पे मैट्रिक लेवल-9 (रू0 53100-167800) में (राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर स्वीकृत अनुमान्य भत्तों के साथ) औपबंधिक रूप से परीक्ष्यमान सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ/समकक्ष के पद पर नियुक्त करते हुए उनके नाम के समक्ष कॉलम-8 में अंकित पद/स्थान पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है :- क्र॰ सं॰
8 बिहार गजट, 9 Qjojh 2022| 11 | सुश्री पूनम कुमारी | बेगूसराय | 30.03.1993 | 337094 | 371 | 04 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, बाढ़ |
| 12. | श्री अमित कुमार | पटना | 25.12.1995 | 120474 | 407 | 04 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, बेनीपट्टी |
| 13. | सुश्री अंशु कुमारी | पूर्वी चम्पारण | 05.09.1987 | 130054 | 437 | 05 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, बेतिया |
| 14. | श्री रवि कुमार रौशन | गया | 05.08.19़85 | 323421 | 468 | 04 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, त्रिवेणीगंज |
| 15. | श्री अंकित कुमार | पटना | 03.05.1995 | 411497 | 479 | 04 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, विक्रमगंज |
| 16. | श्री नेश गोल्ड | गया | 09.10.1988 | 497739 | 493 | 04 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, डूमराँव |
| 17. | श्री अमृतांशु | पश्चिम चम्पारण | 17.09.1991 | 382996 | 499 | 04 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, शेरघाटी |
| 18. | श्री आकिब जावेद | पटना | 30.10.1993 | 142618 | 502 | 04 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, जहानाबाद |
| 19. | श्री हरिशंकर कुमार | खगड़िया | 15.09.1991 | 118341 | 779 | 02 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, नवगछिया |
| 20. | श्री दीपक कुमार | कैमूर | 23.08.1995 | 317523 | 819 | 02 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, पूर्णियाँ |
| 21. | श्री मनोज कुमार चौधरी | कटिहार | 30.01.1983 | 479252 | 993 | 02 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, झंझारपुर |
| 22. | श्री अजीत कुमार | भागलपुर | 15.08.1981 | 504636 | 1061 | 02 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, पटना सदर |
| 23. | सुश्री रश्मि रानी | पटना | 06.06.1994 | 527309 | 1086 | 02 | सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, हिलसा |
(i) चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन तथा अभ्यर्थियों द्वारा समर्पित शैक्षणिक प्रमाण-पत्र एवं अन्य प्रमाण-पत्रों प्रतिवेदन प्राप्त होने की प्रत्याशा में यह नियुक्ति औपबंधिक रूप से की जाती है।
(ii) अभ्यर्थियों द्वारा समर्पित शैक्षणिक प्रमाण-पत्र एवं अन्य प्रमाण-पत्रों के संबंधित बोर्ड/संस्था से सत्यापन तथा चरित्र एवं पूर्ववृत्त सत्यापन प्रतिवेदन में यदि कोई प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होता है, तब इन नवनियुक्त पदाधिकारियों की सेवा तत्कालिक प्रभाव से रद्द कर दी जायेगी एवं उनके विरूद्ध आवश्यक विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी।
(iii) सभी नवनियुक्त पदाधिकारियों की परीक्ष्यमान अवधि 02 वर्षों की होगी तथा उनकी आपसी वरीयता बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा निर्धारित संयुक्त मेधा क्रमांक के अनुसार होगी।
(iv) प्रत्येक अभ्यर्थी को उनके अभिप्रमाणित फोटो युक्त नियुक्ति संबंधी निर्गत अधिसूचना की प्रति उपलब्ध कराया जायेगा, जिसे मूल रूप में संबंधित संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ के समक्ष प्रस्तुत किये जाने पर ही उनका योगदान स्वीकृत किया जा सकेगा।9 बिहार गजट, 9 Qjojh 2022 (v) सभी अभ्यर्थी सामान्य प्रषासन विभाग (कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग) द्वारा निर्गत संकल्प सं0- 1991 दिनांक 18.01.1976 के अनुपालन में दहेज न लेने/न देने संबंधी घोषणा पत्र योगदान/प्रभार ग्रहण करते समय अनिवार्य रूप से प्रस्तुत करेंगे।
(vi) सभी अभ्यर्थी को यह निदेश दिया जाता है कि अधिसूचना निर्गत होने के उपरांत 15 दिनों के अंदर पदस्थापित पद का प्रभार ग्रहण करना सुनिश्चित करेंगे। निर्धारित अवधि में प्रभार ग्रहण नहीं करने अथवा प्रभार ग्रहण की अवधि के विस्तार हेतु साक्ष्य सहित आवेदन नहीं करने की स्थिति में उनकी नियुक्ति रद्द करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी।
(vii) औपबंधिक रूप से नियुक्त पदाधिकारी अपने नियंत्री पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में अपने कार्यालय के कार्यों का निष्पादन करेंगे। दैनिक कार्यों को छोड़कर प्रशासनिक एवं वित्तीय मामलों (निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी के दायित्व सहित) का निष्पादन अपने नियंत्री पदाधिकारी, संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ के आदेश/प्रतिहस्ताक्षर से करेंगे।
(viii) वित्त विभाग के संकल्प सं0- 1964 दिनांक 31.08.2005 एवं राज्य सरकार द्वारा समय-समय पर निर्गत संकल्प/परिपत्रों आदि के आलोक में इनकी नियुक्ति नयी अंशदायी पेंशन योजना के अंतर्गत आच्छादित होगी।
(ix) योगदान/प्रभार ग्रहण करने हेतु नवनियुक्त पदाधिकारी को किसी प्रकार का यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। 2. सभी नवनियुक्त पदाधिकारी विभागीय संकल्प संख्या- 1223 दिनांक 17.03.2016 में प्रावधानित 17 (सत्रह) सप्ताह का व्यवहारिक प्रशिक्षण निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना के निर्देशन में तैयार रूपरेखा के अनुरूप प्राप्त करेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सियाराम सिंह, उप-सचिव।
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30 दिसम्बर 2021
सं0 01/रा०स्था०निजी -74/2021 सह०-3790--प्रधान महालेखाकार (लेखा एवं हकदारी) का कार्यालय, बिहार, पटना के पत्रांक-LR161120211201101 दिनांक- 16.11.2021 के आलोक में श्री भरत कुमार, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, कार्यालय निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना को कोविड- 19 से संक्रमित होने पर चिकित्सीय प्रयोजन हेतु बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 230 एवं 248 में निहित प्रावधानानुसार दिनांक 12.04.2021 से दिनांक 17.06.2021 तक कुल 67 (सड़सठ) दिनों का उपार्जित अवकाश की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।
2. उक्त स्वीकृति के पश्चात् 233 (दो सौ तैंतीस) दिनों का उपार्जित अवकाश शेष रहेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
सियाराम सिंह, उप-सचिव।
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परिवहन विभाग
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अधिसूचना
1 फरवरी 2022
सं0 05/स्था0 (DTO)-30/2013 (खण्ड-II)-643--श्री जनार्दन कुमार (बि0प्र0से0), जिला परिवहन पदाधिकारी, सारण अगले आदेश तक जिला परिवहन पदाधिकारी, सिवान के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
सं0 05/स्था0 (DTO)-30/2013 (खण्ड-II)-644--श्री अनुराग कौशल सिंह (बि0प्र0से0), जिला परिवहन पदाधिकारी, मोतिहारी अगले आदेश तक जिला परिवहन पदाधिकारी, बेतिया के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
सं0 05/स्था0 (DTO)-30/2013 (खण्ड-II)-645--श्री रवि कुमार (बि0प्र0से0), जिला परिवहन पदाधिकारी, दरभंगा अगले आदेश तक जिला परिवहन पदाधिकारी, सहरसा के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
सं0 05/स्था0 (DTO)-30/2013 (खण्ड-II)-646--श्री शशि शेखरम्, जिला परिवहन पदाधिकारी, मधुबनी अगले आदेश तक जिला परिवहन पदाधिकारी, सुपौल के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
सं0 05/स्था0 (DTO)-30/2013 (खण्ड-II)-647--श्री धीरेन्द्र कुमार, जिला परिवहन पदाधिकारी, खगड़िया अगले आदेश तक जिला परिवहन पदाधिकारी, मधेपुरा के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शैलेन्द्र नाथ, उप-सचिव।10 बिहार गजट, 9 Qjojh 2022
गृह विभाग
(आरक्षी शाखा)
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अधिसूचना
25 जनवरी 2022
सं0 9/पु0अ0-10-04/2018, गृ0आ0-671--गृह विभाग (आरक्षी शाखा) के अन्तर्गत पुलिस मुख्यालय, बिहार, पटना के अधीन कार्यरत बिहार स्वास्थ्य सेवा के निम्नांकित 03 सामान्य चिकित्सा पदाधिकारियों को स्थानांतारित करते हुए अगले आदेश तक उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-4 में अंकित पुलिस अस्पताल/बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अस्पताल में पदस्थापित किया जाता है :-
| क्रं0 सं0 | चिकित्सक का नाम | वर्तमान पदस्थापन | नव पदस्थापन |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | डॉ0 नवनीत रौशन | पुलिस अस्पताल, नवगछिया | बि0वि0स0पु0-08, बेगूसराय |
| 2. | डॉ0 रमेश कुमार भारती | पुलिस अस्पताल, पुलिस केन्द्र, नवादा | पुलिस अस्पताल, औरंगाबाद |
| 3. | डॉ0 राज कुमार | बि0वि0स0पु0-15, भीमनगर सुपौल | पुलिस अस्पताल, मुजफ्फरपुर |
इन तीनों चिकित्सकों का स्थानांतरण उनके अनुरोध के आधार पर किया गया है। इसलिए इन्हें स्थानांतरण यात्रा भत्ता अनुमान्य नहीं है।
2. स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना ज्ञापांक-1727(2)/स्व0, दिनांक-10.12.2021 के द्वारा पाँच वर्षों की अंतर्राज्यीय प्रतिनियुक्ति के तहत डॉ0 बी0 ललिता, उप शल्य चिकित्सा पदाधिकारी, रंगारेड्डी की सेवा गृह विभाग (आरक्षी शाखा) को सौंपी गई है। डॉ0 बी0 ललिता ने दिनांक-29.10.2021 को पूर्वाह्न में स्वास्थ्य विभाग में तथा दिनांक-13.12.2021 को पूर्वाह्न में गृह विभाग (आरक्षी शाखा) में योगदान समर्पित किया है। उपरोक्त के आलोक में डॉ0 बी0 ललिता को अगले आदेश तक उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-4 में अंकित पुलिस अस्पताल/बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस अस्पताल में पदस्थापित किया जाता है :-
| क्रं0 सं0 | चिकित्सक का नाम | पूर्व पदस्थापन | नव पदस्थापन |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | डॉ0 बी0 ललिता | उप शल्य चिकित्सा पदाधिकारी, रंगारेड्डी, तेलंगाना | बिहार विशेष सशस्त्र पुलिस-16, फुलवारी, पटना। |
3. उपरोक्त सभी चिकित्सकों को निदेश दिया जाता है कि वे अपने नाम के सम्मुख स्तम्भ-4 में अंकित स्थान पर अविलम्ब योगदान देना सुनिश्चित करेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।
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गृह विभाग
(विषेष शाखा)
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आदेश
4 फरवरी 2022
सं॰ एल/एच॰जी॰-14-06/2021-925/सी॰--श्री दिलीप कुमार, स्वैच्छिक सेवानिवृत जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, जमुई के दिनांक-08.03.2021 के अपराह्न में सेवानिवृति के फलस्वरूप विा विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1829 वि॰(2), दिनांक-07.04.2005 के आलोक में विा (वै॰दा॰नि॰को॰) विभाग, बिहार, पटना के ज्ञापांक-़940(23), दिनांक-25.08.2021 द्वारा संसूचित अवकाश आदेयता के आधार पर 300 (तीन सौ) दिनों के अव्यवहृत उपार्जित अवकाश के समतुल्य राशि के भुगतान की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
2. इस आदेश में अपर मुख्य सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश से, अनिमेश पाण्डेय, संयुक्त सचिव। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 43—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in11 बिहार गजट, 9 Qjojh 2022
बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी }kjk प्रकाशित
—————
सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-16/2014--937 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ----- संकल्प 2 फरवरी 2022
श्री रवीन्द्र कुमार चौधरी, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन काराधीक्षक, केन्द्रीय कारा, बक्सर अतिरिक्त प्रभार उपकारा, बक्सर सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध उनके उपकारा, बक्सर के अतिरिक्त प्रभार के दौरान दिनांक 14.06.2014 को उपकारा, बक्सर से चार बंदियों के पलायन की घटना में बरती गई लापरवाही के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 949 दिनांक 11.02.2015 द्वारा श्री चौधरी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. संचालन पदाधिकारी-सह-संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना के पत्रांक 1719/स्था0 दिनांक 08.12.2015 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री चौधरी के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित दोनों आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
3. इसी बीच श्री चौधरी दिनांक 31.01.2021 को सेवानिवृत्त हो गये। फलतः विभागीय आदेष ज्ञापांक-1281 दिनांक 10.02.2021 द्वारा श्री चौधरी के विरूद्ध संचालित उक्त विभागीय कार्यवाही को उनकी सेवानिवृत्ति की तिथि-31.01.2021 के प्रभाव से बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत सम्परिवर्तित कर दिया गया।
4. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18(2) के प्रावधान के तहत अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गई। समीक्षोपरान्त संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दु अभिलेखित किये गये। बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम 18 (3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांंक 2252 दिनांक 08.03.2021 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए असहमति के अभिलेखित बिन्दुओं पर श्री चौधरी से द्वितीय कारण पृच्छा की गयी।
5. तद्आलोक में श्री चौधरी से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब दिनांक 18.03.2021 के विश्लेषणोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8703 दिनांक 07.10.2021 द्वारा उनके विरूद्ध बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम 43(ए) के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गया :- '' देय पेंषन से 10% (दस प्रतिषत) राषि की कटौती का दंड (05) पाँच वर्षों के लिए ''।
6. विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8703 दिनांक 07.10.2021 द्वारा संसूचित उपर्युक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री चौधरी द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि विभागीय संकल्प ज्ञापांक 949 दिनांक 11.02.2015 के द्वारा उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के जाँच प्रतिवेदन में प्रपत्र 'क' में गठित सभी आरोप जाँचोपरान्त अप्रमाणित पाये गये हैं, परन्तु संचालन पदाधिकारी के उक्त निष्कर्ष, जिसमें आरोप अप्रमाणित पाये गये, से अनुषासनिक प्राधिकार के द्वारा असहमति व्यक्त कर बिना दोबारा जाँच व साक्ष्य के वृहद दण्डादेष (10 प्रतिषत पेंषन राषि की कटौती 05 वर्षों के लिए) अधिरोपित किया गया, जो न्यायसंगत नहीं है। दण्डादेष में उनके केन्द्रीय कारा एवं उपकारा में प्रवेष/बहिर्गमन के समय का महत्वपूर्ण अंष पूर्वाह्न एवं अपराह्न को विलोपित कर गलत बयानी का दोषी ठहराया गया है, जबकि उनके स्पष्टीकरण में काराओं में प्रवेष/बहिर्गमन के सारणी में पूर्वाह्न एवं अपराह्न समय अंकित है। यह भी उल्लेखनीय है कि जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष से असहमति के बिन्दुओं पर संचालन पदाधिकारी को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने हेतु अवसर दिया जाना संसूचित नहीं है। इस संबंध में उनका पक्ष प्राप्त नहीं किया गया जबकि जाँचकर्त्ता द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन व निष्कर्ष से असहमति के बिन्दुओं का प्रतिपादन उनसे यथोचित था। विषेषकर तब यह आवष्यक था, जब अनुषासनिक12 बिहार गजट, 9 Qjojh 2022 प्राधिकार द्वारा यह टिप्पणी किया गया है कि ''संचालन पदाधिकारी के द्वारा विभागीय कार्यवाही में इन तथ्यों पर ध्यान नहीं दिया गया है''। श्री चौधरी का कहना है कि उक्त दण्डादेष अधिरोपित करने से पूर्व विभागीय जाँच में अप्रमाणित पाए गए प्रपत्र 'क' में गठित आरोपों को पुनः सिद्ध करने के लिए नियमानुकूल स्थापित प्रक्रिया नहीं अपनाई गई और न ही आरोपों के कोई साक्ष्य प्राप्त थे, जिसकी अनदेखी विभागीय जाँच में हुई हो। दण्डादेष का आधार मात्र बचाव पक्ष में प्रस्तुत स्पष्टीकरण की स्वविवेचना से प्राप्त असहमति के बिन्दुओं को बनाया गया है जो न सिर्फ निर्दिष्ट आरोपों से भिन्न एवं विरोधाभाषी है, बल्कि बचाव पक्ष के नियमों से समर्थित महत्वपूर्ण अंषों को काट-छाँट कर विलोपित कर न्यायोचित बताने का प्रयास किया गया है। 7. श्री चौधरी के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त स्पष्ट है कि श्री चौधरी द्वारा पूर्व में विभाग को समर्पित अपने स्पष्टीकरण में स्वयं यह स्वीकार किया गया है कि वे दिनांक 30.05.2014 को उपकारा, बक्सर के अधीक्षक का प्रभार ग्रहण के बाद दिनांक 01.06.2014 को उपकारा, बक्सर में 7ः10 बजे प्रवेष कर 8ः00 बजे बाहर आये थे। इस प्रकार दिनांक 14.06.2014 को 04 बंदियों के पलायन के उपरांत वे दोबारा उपकारा, बक्सर गए थे। श्री चौधरी का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष से असहमति के बिन्दुओं पर संचालन पदाधिकारी को वस्तुस्थिति स्पष्ट करने हेतु अवसर दिया जाना चाहिए था तथा असहमति के बिन्दुओं का प्रतिपादन उनसे यथोचित था किन्तु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18(2) के अनुसार जाँच प्रतिवेदन प्राप्त होने पर जाँच प्राधिकार के निष्कर्ष से असहमति की स्थिति में असहमति के कारणों से अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा स्वयं का निष्कर्ष अभिलेखित किये जाने का प्रावधान है तथा नियम-18(3) के तहत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा स्वयं के निष्कर्ष के आलोक में आरोपित पदाधिकारी को लिखित अभ्यावेदन समर्पित किये जाने का अवसर दिये जाने का प्रावधान है। असहमति के बिन्दु पर जाँच प्राधिकर से मंतव्य मांगे जाने का कोई प्रावधान नहीं है। अतएव श्री चौधरी द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में उठाये गये तथ्य स्वीकार करने योग्य नहीं है। श्री चौधरी द्वारा अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में उन्हीं बातों को दोहराया गया है, जिसका उल्लेख उन्होंने पूर्व में समर्पित अपने लिखित अभ्यावेदन में किया था, जिसे सम्यक् विश्लेषणोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अस्वीकृत करते हुए उन्हें दण्ड अधिरोपित किया गया है। 8. उपरोक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री चौधरी के विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में अप्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18(2) के तहत असहमति के बिन्दु अभिलेखित कर उनसे प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के सम्यक् विश्लेषणोपरान्त बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श प्राप्त कर विधिवत् प्रक्रिया का पालन करते हुए दण्ड अधिरोपित किया गया है। श्री चौधरी के विरूद्ध अपने पदीय दायित्वों के सम्यक् निर्वहन में गंभीर लापरवाही बरतने आदि के गंभीर आरोप सिद्ध हुए हैं। इसके लिए बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री चौधरी को ''देय पेंषन से 10% (दस प्रतिषत) राषि की कटौती का दंड (05) पाँच वर्षों के लिए'' अधिरोपित किया जा चुका है। 9. उपरोक्त वर्णित तथ्यों के परिपेक्ष्य में श्री रवीन्द्र कुमार चौधरी, तत्कालीन काराधीक्षक, केन्द्रीय कारा, बक्सर अतिरिक्त प्रभार उपकारा, बक्सर (सम्प्रति सेवानिवृत्त) को दिया गया दण्ड न्यायोचित है एवं इसमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। अतः इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किया जाता है।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)। ————— अधीक्षक, सचिवालय मु(cid:7076)णालय बिहार, पटना द्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:7076)त। बिहार गजट, 43—571+10-डी0टी0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in