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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू14द्ध
2 ;बपकरू4द्ध;बपकरू19द्ध;बपकरू20द्ध 1;बपकरू23द्ध43 ;बपकरू26द्ध;बपकरू27द्ध;बपकरू28द्ध
;बपकरू29द्ध;बपकरू27द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू31द्ध4;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध 21 2;बपकरू27द्ध22
सं॰सं॰सं॰सं॰ 08/आरोप-01-04/202108/आरोप-01-04/202108/आरोप-01-04/202108/आरोप-01-04/2021 सा0प्र0-सा0प्र0-सा0प्र0-सा0प्र0-678678678678
सामान्य प्रषासनसामान्य प्रषासनसामान्य प्रषासनसामान्य प्रषासन विभागविभागविभागविभाग ——— ladYiladYiladYiladYi 18181818 tuotuotuotuojh 2022jh 2022jh 2022jh 2022
श्री शिव कुमार राउत, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-532/2019 को विभागीय अधिसूचना संख्या-7398 दिनांक 26.08.2020 द्वारा निदेशक, लेखा प्रशासन एवं स्वनियोजन, जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, गोपालगंज के पद पर पदस्थापित किया गया। परन्तु अनुमंडल पदाधिकारी, मोहनियां, कैमूर के पद का प्रभार सौपने के उपरांत भी अधिसूचित पद पर कमर दर्द होने की सूचना देकर लम्बे समय तक योगदान नहीं करने संबंधी प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5313 दिनांक 18.05.2021 द्वारा श्री राउत को निलंबित किया गया। तदुपरांत श्री राउत के विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 7569 दिनांक 26.07.2021 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त क्रम में श्री राउत द्वारा अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक-01 दिनांक 13.08.2021) समर्पित किया गया।
स्पष्टीकरण में श्री राउत द्वारा मुख्य रूप से उल्लेख किया गया कि अनुमंडल पदाधिकारी, मोहनियां का प्रभार सौपने के उपरांत उनके कमर में काफी दर्द हो जाने एवं चिकित्सारत् रहने, परिवार कोरोनाग्रस्त हो जाने, पिताजी की मृत्यु आदि कारणों से अधिसूचित पद का प्रभार ग्रहण नहीं कर सके।
श्री राउत के विरूद्ध गठित आरोप पत्र एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोंपरांत पाया गया कि श्री राउत को अधिसूचित पद पर योगदान करने एवं प्रभार ग्रहण कर सूचित करने का निदेश विभागीय स्तर से दिया गया। परन्तु उनके द्वारा आदेश का उल्लंघन करते हुए अधिसूचित पद पर योगदान नहीं किया गया। पुनः विभाग द्वारा स्पीड पोस्ट के माध्यम से स्थायी पता पर पत्र भेजते हुए दिनांक 15.03.2021 तक योगदान करने का निदेश दिया गया। उक्त पत्रों की प्रति उनके व्हाट्सएप पर भी भेजा गया तथा उन्हें दूरभाष पर भी अधिसूचित पद पर योगदान करने हेतु कहा गया। लेकिन उनके द्वारा सरकार एवं विभाग के उच्चाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करते हुए अधिसूचित पद पर योगदान नहीं किया गया। अधिसूचित पद पर योगदान नहीं करना श्री राउत के कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही को दर्शाता है।
अतएव सम्यक विचारोपरांत श्री शिव कुमार राउत का स्पष्टीकरण अस्वीकृत करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9543 दिनांक 27.08.2021 द्वारा निम्न दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया गयाः- 2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध 2;बपकरू27द्ध22 (ग) निलम्बन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा। उक्त अधिरोपित दंड पर पुनर्विचार हेतु श्री राउत द्वारा अपना पुनर्विलोकन अभ्यावेदन (पत्रांक-1703 दिनांक 23.11.2021) समर्पित किया गया। जिसकी समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक् विचारोपरांत पाया गया कि श्री राउत द्वारा अपने पुनर्विचार अभ्यावेदन में कोई नया तथ्य नहीं रखा गया है। सारी बातें वही कही गई हैं जो बातें उनके द्वारा पूर्व के स्पष्टीकरण में कही गयी थी। सिर्फ उनके द्वारा मुख्य रूप से कहा गया है कि दिया गया दंड अधिक है।
उल्लेखनीय है कि श्री राउत के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत ही अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा आरोप प्रमाणित पाते हुए उक्त दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया है।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री राउत का पुनर्विचार आवेदन अस्वीकृत करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पूर्व के अधिरोपित दंड यथा ''(क) निन्दन (वर्ष 2020-2021) (ख) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि (क) निन्दन (वर्ष 2020-2021) (ख) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि (क) निन्दन (वर्ष 2020-2021) (ख) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि (क) निन्दन (वर्ष 2020-2021) (ख) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि पर रोक तथा (ग) निलम्बन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा'' पर रोक तथा (ग) निलम्बन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा'' को पूर्ववत् पर रोक तथा (ग) निलम्बन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा'' पर रोक तथा (ग) निलम्बन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा'' बरकरार रखा जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प ाजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया प्रकाशित किया आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार र्रति बिहार र्रति बिहार र्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में ाजपत्र के अगले असाधारण अंक में ाजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी,मो0 सिराजुद्दीन अंसारी,मो0 सिराजुद्दीन अंसारी,मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव।