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सं॰ 27/आरोप-01-25/2019-897/सा0प्र0
सामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्प
24 जनवरी 2022
श्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 517/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम भोजपुर, आरा सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध उप महाप्रबंधक, प्रशासन, बिहार स्टेट फूड एण्ड सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लिमिटेड के पत्रांक-8150 दिनांक-06.08.2018 द्वारा आरोप पत्र प्राप्त हुआ, जिसमें श्री सिंह के विरूद्ध भोजपुर जिला अंतर्गत अमराई नवादा स्थित श्री आनंद कुमार सिंह एवं श्रीमती चंचल सिंह गोदाम मालिक के साथ बिना सक्षम पदाधिकारी की स्वीकृति के 15 प्रतिशत किराये की वृद्वि का एकरारनामा करने तथा एकरारनामा करने के क्रम में एकरारनामा की कंडिका-03 में निहित शर्त के अनुरूप माह समाप्ति के 15 दिनों के अंतर्गत किराया का भुगतान नहीं होने के कारण निगम को आर्थिक क्षति पहुँचाने से संबंधित आरोप प्रतिवेदित किया गया है। 2 ;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध 3. मुख्य परामर्शी-सह-जांच आयुक्त का पत्रांक-215 दिनांक-01.12.2020 द्वारा जांच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया। जॉच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रथम आरोप को प्रमाणित बताया गया है, एवं द्वितीय आरोप के संबंध में यह अंकित किया गया है कि एकरारनामा की कंडिका-03 में निहित शर्त के अनुरूप माह समाप्ति के 15 दिनाें के अन्तर्गत यदि किराया का भुगतान नहीं किया गया है तो इसके लिए बिहार राज्य खाद्य निगम एवं जिला प्रबंधक दोनो को जिम्मेवार माना गया है।
4. विभागीय पत्रांक-616 दिनांक-13.01.2021 के आलोक में श्री सिंह का लिखित अभिकथन (दिनांक-27.01.
2021) प्राप्त हुआ, जिसमें उनके द्वारा स्वयं पर लगाये गये आरोप से इंकार करते हुए आरोप को बेबुनियाद एवं कुत्सित भावना से प्रेरित बताया गया है।
5. विदित हो कि श्री सिंह दिनांक-31.12.2020 को सेवानिवृत हो चुके है, तथा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2398, दिनांक-22.02.2021 द्वारा उनके विरूद्व संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी) में सम्परिवर्तित किया गया है। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन एवं श्री सिंह से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा विभागीय स्तर पर की गयी। समीक्षोपरान्त आरोपित पदाधिकारी के लिखित अभिकथन पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से मंतव्य प्राप्त किया गया। पूरे मामले की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी और यह पाया गया कि श्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह, जिला प्रबंधक होने के नाते एकरारनामा में 15 प्रतिशत वृद्वि के साथ अवधि विस्तार के लिए सक्षम प्राधिकार नहीं हैं। इसके लिए उन्हें सक्षम प्राधिकार से अनुमति प्राप्त करनी चाहिए थी, जो उनके द्वारा नहीं किया गया। फलतः सरकार/निगम को राजस्व क्षति हुई।
6. समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिंह को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी) के प्रावधानों के तहत उनके पेंशन से पॉच प्रतिशत की कटौती दो वर्षों के लिए किये जाने की शास्ति विनिश्चित की गयी। तदुपरान्त विभागीय पत्रांक-8977 दिनांक-16.08.2021 द्वारा उक्त विनिश्चित दण्ड पर बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श की मांग की गयी। इस क्रम में आयोग की पूर्ण पीठ द्वारा उक्त विनिश्चित दण्ड पर दी गयी सहमति बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-2741 दिनांक-24.12.2021 से प्राप्त हुई।
7. अतएव श्री राजेन्द्र प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0,कोटि क्रमांक 517/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, भोजपुर, आरा सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्व बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के प्रावधानों के तहत पेंशन से 5 प्रतिशत की कटौती दो वर्षों के लिए किये जाने की शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की जाती है।
ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में आदेशआदेशआदेशआदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में ः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति संबंधित कप्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति संबंधित कप्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति संबंधित कप्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति संबंधित को भेज दी जाय।ो भेज दी जाय।ो भेज दी जाय।ो भेज दी जाय।