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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 02 March 2022

Published 02 March 2022

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2022-03-02.9
Languages
English, Hindi

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ર્જ્ઞી"ગ્

िवषयिवषयिवषयिवषयसूचीसूचीसूचीसूची ર્જ્ઞી"ગ્

भागिबहार िवधान मंडल में पुरન્જ્ત્ત્ત્ત્िपत भागनियुक्तिજ્ઞ્nન્જ્ત્ત્ત્ત્જ્ઞ્u बदलीशक्तिछु (cid:8)ी और રુશ્;

બ્;fDrxrसूचनाएं। 24 भागकન્ંર્;ીશ્રsંફૂxqYeત્ત્ર્sી के समादे"સ્ત્ત્ओं के आदेश।

भागखमैट्रीकु लेशन आईए आईएससी

िवधेयकउDr विधान मंडल में उपન્જ્ત્ત્ત્ત્िपत या उपન્જ્ત્ત્ત્ત્िपत किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और mDr विधान मंडल में बीए बीएससी एमए

पुरન્જ્ત્ત્ત્ત્पन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। एमएससी लॉ भाग और

भागसंसद के अिधिनयम िजनपर राष्ट्रपति की વ્;ss"ગ્ एमबीबीएस बीएसई डीप

अनुमति मिल चुकी है। इनएड एमएस और eq[rત્ત્jત્ર્ परीक्षाओं

के परीक्षाफल कार्य(cid:27)म छात्रवृत्ति प्रदान

आदि।

भागभारत की संसद में पुरન્જ્ત્ત્ત્ત્fજ્ઞ્r िवधेयक संसद में उपન્જ્ત્ત્ત્ત્पित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपન્જ્ત્ત્ત્ત્िपत प्रवर समितियों के भागगशिक्षा संबंधी सूचनाएंपरीक्षाफल आदि

प्रतिवेदन और संसद में पुरન્જ્ત્ત્ત્ત્જ્ઞ્u के पूर्व

प्रकाशित विधेयक। भागिबहारjત્ત્વ્;જ્ઞ્ત્ત્ક્ક और ફૂત્ત્;ત્ત્ક્ષ્/;ઝત્ત્ત્ત્ર્sી द्वारा निकाले

भागवि:ापन

गये िविनयम आदेश अिधसूचनाएं और

नियम आदि।

भागकवन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं भागभारत सरकारप+िम बंगाल सरकार और mPp

भागखिनिवदा सूचनाएं परिवहन सूचनाएं શ્;ત્ત્;ત્ત્ક્ક; के आदेशअिधसूचनाएं और िनयम

શ્;ત્ત્;ત્ત્ક્ક; सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं भारत गजटऔर jત્ત્વ્; गजटों के उ1रण।

bR;ત્ત્fnખ્ 5 भागिबहार अिधिनयम

पूरक

पूरकक 152 ;बपकरू4द्ध , 2 ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू14द्ध22 ;बपकरू15द्ध;बपकरू12द्ध1 ;बपकरू22द्ध ;बपकरू24द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू22द्ध ;बपकरू11द्ध;बपकरू22द्ध ;बपकरू22द्ध कृ;बपकरू11द्ध र ख् ष्;बपकरू15द्धम;बपकरू4द्धघ्

पशु एवं मत्पशु एवं मत्पशु एवं मत्पशु एवं मत्स्य संसाधन विभागस्य संसाधन विभागस्य संसाधन विभागस्य संसाधन विभाग ------- अधिसूचना 18 फरवरी 2022

सं॰ 1/स्था0 (1) 201/ 2000-526--बिहार पशुपालन सेवा वर्ग-2 के पदाधिकारी डॉ0 चन्द्रभूषण शर्मा, सेवानिवृत आदर्श ग्राम पदाधिकारी, लखीसराय को विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा एवं सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के आलोक में कनीय प्रवर कोटि, वेतनमान रू0 3000-4700/- एवं वरीय प्रवर कोटि वेतनमान रू0 3700-5000/- में क्रमशः दिनांक 01.03.1989 एवं दिनांक-01.03.1992 से प्रोन्नति दी जाती है।

2. वित्त विभागीय परिपत्र संख्या-2074, दिनांक-04.04.1995 की कंडिका-(ii) के आलोक में संबंधित वरीय सरकारी सेवक को कनीय को दी गयी की तिथि से प्रोन्नति देते हुये उनको उच्चत्तर वेतन में इस प्रकार निश्चित किया जायेगा मानो वे कनीय को दी गयी प्रोन्नति की तिथि से प्रोन्नत हो, परंतु वरीय सरकारी सेवक के द्वारा विहित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुये निर्गत सक्षम आदेश/अधिसूचना के आधार पर पदभार ग्रहण करने की तिथि के पूर्व का कोई बकाया अनुमान्य नहीं होगा।

3. वित्त विभाग के परिपत्र संख्या-660, दिनांक-08.02.1999 के आलोक में यह प्रोन्नति दिनांक 31.12.1995 तक प्रभावी रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

मुकेश कुमार 'मुकुल', सरकार के उप सचिव।

------- 18 फरवरी 2022 सं॰ 1/स्था0 (1) 201/2000-528--बिहार पशुपालन सेवा वर्ग-2 के पदाधिकारी स्व0 डॉ0 विलास चौबे, सेवानिवृत जिला पशुपालन पदाधिकारी, मोतिहारी को विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा एवं सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के आलोक में कनीय प्रवर कोटि, वेतनमान रू0 3000-4700/- एवं वरीय प्रवर कोटि वेतनमान रू0 3700-5000/- में क्रमशः दिनांक-01.03.1989 एवं दिनांक-01.03.1992 से प्रोन्नति दी जाती है।

2. वित्त विभागीय परिपत्र संख्या-2074, दिनांक-04.04.1995 की कंडिका-(ii) के आलोक में संबंधित वरीय सरकारी सेवक को कनीय को दी गयी की तिथि से प्रोन्नति देते हुये उनको उच्चत्तर वेतन में इस प्रकार निश्चित किया जायेगा मानो वे कनीय को दी गयी प्रोन्नति की तिथि से प्रोन्नत हो, परंतु वरीय सरकारी सेवक के द्वारा विहित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुये निर्गत सक्षम आदेश/अधिसूचना के आधार पर पदभार ग्रहण करने की तिथि के पूर्व का कोई बकाया अनुमान्य नहीं होगा।

3. वित्त विभाग के परिपत्र संख्या-660, दिनांक-08.02.1999 के आलोक में यह प्रोन्नति दिनांक- 31.12.1995 तक प्रभावी रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

मुकेश कुमार 'मुकुल', सरकार के उप सचिव।

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18 फरवरी 2022 सं॰ 1/स्था0 (1) 201/2000-530530530530/बिहार पशुपालन सेवा वर्ग-2 के पदाधिकारी डॉ0 रामाश्रय राम, सेवानिवृत शोध पदाधिकारी (सांख्यिकी), पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना को विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा एवं सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के आलोक में कनीय प्रवर कोटि, वेतनमान रू0 3000-4700/- एवं वरीय प्रवर कोटि वेतनमान रू0 3700-5000/- में क्रमशः दिनांक-11.07.1984 एवं दिनांक-11.07.1989 से प्रोन्नति इस शर्त्त के साथ दी जाती है कि वह एल0पी0ए0 संख्या-447/2019 में पारित होने वाले न्यायनिर्णय एवं विद्वान महाधिवक्ता द्वारा दिये गये परामर्श ''State should provide the benefit of Junior Selection Grade and Senior Selection Grade to the writ3 ;बपकरू4द्ध , 2 ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू14द्ध22 petitioner and payment should be made of course such benefit should be subject to the final result of the L.P.A. No. 447 of 2019'' से प्रभावित होगा।

2. वित्त विभागीय परिपत्र संख्या-2074, दिनांक-04.04.1995 की कंडिका-(ii) के आलोक में संबंधित वरीय सरकारी सेवक को कनीय को दी गयी की तिथि से प्रोन्नति देते हुये उनको उच्चत्तर वेतन में इस प्रकार निश्चित किया जायेगा मानो वे कनीय को दी गयी प्रोन्नति की तिथि से प्रोन्नत हो, परंतु वरीय सरकारी सेवक के द्वारा विहित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुये निर्गत सक्षम आदेश/अधिसूचना के आधार पर पदभार ग्रहण करने की तिथि के पूर्व का कोई बकाया अनुमान्य नहीं होगा।

3. वित्त विभाग के परिपत्र संख्या-660, दिनांक-08.02.1999 के आलोक में यह प्रोन्नति दिनांक-31.12.1995 तक प्रभावी रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

मुकेश कुमार 'मुकुल', सरकार के उप सचिव।

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18 फरवरी 2022 सं॰ 1/स्था0 (1) 201/ 2000-532532532532—बिहार पशुपालन सेवा वर्ग-2 के पदाधिकारी डॉ0 शिव प्रसाद पाण्डेय, सेवानिवृत उप निदेशक, आदर्श ग्राम योजना, बिहार, पटना को विभागीय प्रोन्नति समिति की अनुशंसा एवं सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के आलोक में वरीय प्रवर कोटि वेतनमान रू0 3700-5000/- में दिनांक-01.01.1987 से प्रोन्नति दी जाती है। 2. वित्त विभागीय परिपत्र संख्या-2074, दिनांक-04.04.1995 की कंडिका-(ii) के आलोक में संबंधित वरीय सरकारी सेवक को कनीय को दी गयी की तिथि से प्रोन्नति देते हुये उनको उच्चत्तर वेतन में इस प्रकार निश्चित किया जायेगा मानो वे कनीय को दी गयी प्रोन्नति की तिथि से प्रोन्नत हो, परंतु वरीय सरकारी सेवक के द्वारा विहित प्रक्रिया का अनुसरण करते हुये निर्गत सक्षम आदेश/अधिसूचना के आधार पर पदभार ग्रहण करने की तिथि के पूर्व का कोई बकाया अनुमान्य नहीं होगा।

3. वित्त विभाग के परिपत्र संख्या-660, दिनांक-08.02.1999 के आलोक में यह प्रोन्नति दिनांक- 31.12.1995 तक प्रभावी रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

मुकेश कुमार 'मुकुल', सरकार के उप सचिव। ————

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग

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अधिसूचना

9 फरवरी 2022

सं॰ बि०व०से०(स्था०)-07/2012-389/प०व०ज०प०, दिनांक-09.07.2019 को विकास आयुक्त, बिहार, पटना की अध्यक्षता में आयोजित स्क्रीनिंग समिति की बैठक में श्री लक्ष्येन्द्र पंडित, सेवानिवृत सहायक वन संरक्षक के वित्तीय उन्नयन के संबंध में विचार करते हुए निम्नवत्‌ अनुषंसा की गयी थी।

उक्त अनुषंसा के आलोक मेेंं पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-2885 दिनांक-14.08.2019 द्वारा श्री पंडित को दिनांक-19.12.2017 के प्रभाव से तृतीय एम०ए०सी०पी० (पे बैंड-37,400-67000, ग्रेड पे-8700/-) प्रदान किया गया था। वित्त (वै०दा०नि०को०) विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-948 (23) दिनांक-25.08.2021 एवं पत्रांक-596 (23) दिनांक-14.06.2021 द्वारा श्री पंडित को प्रदत्त तृतीय एम०ए०सी०पी० दंड अवधि के अंतर्गत होने के कारण उक्त तृतीय एम०ए०सी०पी० की तिथि की जाँच/समीक्षा कर संषोधित आदेष उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।

उक्त शास्ति के दंडादेष अवधि के संदर्भ में सामान्य प्रषासन विभाग से परामर्ष प्राप्त किया गया। सामान्य प्रषासन विभाग द्वारा परामर्ष दिया गया कि श्री पंडित के विरूद्ध अधिरोपित शास्ति का कुप्रभाव शास्ति अधिरोपित करने की तिथि4 ;बपकरू4द्ध , 2 ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू14द्ध22 24.08.2017 से प्रारंभ होगा एवं इसका कुप्रभाव दिनांक-30.06.2019 तक रहेगा। श्री पंडित को अनुमान्य तृतीय रूपान्तरित वृत्ति उन्नयन की देय तिथि 19.12.2017 को दण्डादेष का कुप्रभाव होने के कारण उक्त तिथि को उन्हें तृतीय रूपान्तरित वृत्ति उन्नयन देय नहीं होगा। श्री पंडित के विरूद्ध अधिरोपित दण्डादेष का कुप्रभाव दिनांक-30.06.2019 को समाप्त होने पर यदि वे अन्य वांछित अर्हताएं पूरी करते हों तो उन्हें दिनांक-01.07.2019 से तृतीय रूपान्तरित वृत्ति उन्नयन देय होगा। तदालोक में बिहार वन सेवा के पदाधिकारी श्री लक्ष्येन्द्र पंडित, सेवानिवृत, सहायक वन संरक्षक को प्रदत्त तृतीय वृति उन्नयन की तिथि को संषोधित करने के निमित दिनांक-18.01.2022 को सम्पन्न विभागीय स्क्रीनिंग समिति के अनुषंसा के आलोक में श्री पंडित को पूर्व से विभागीय अधिसूचना संख्या-2885, दिनांक-14.08.2019 द्वारा दिनांक-19.12.2017 के प्रभाव से प्रदत्त तृतीय वृत्ति उन्नयन (37,400-67,000, ग्रेड पे-8700/-) को वित्त विभाग की अधिसूचना संख्या-4685 दिनांक-25.06.2003, संख्या-1802 दिनांक-23.03.2006 एवं संकल्प ज्ञापांक-7566 दिनांक-14.07.2010 तथा 3-ए-2-वे०पु०-18/2009(अंष)- 5152-वि० दिनांक-21.05.2013 एवं संकल्प संख्या-3-ए -2- वे०पु०- 18/2009 (अंष)-504-वि० दिनांक-16.01.2014 के प्रावधानों के तहत निम्नांकित तालिका में अंकित तिथि से वेतनमान पे बैंड-37400- 67000,GP 8700/-, पुनरीक्षित लेवल-13 में तृतीय रूपातंरित सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन की स्वी—ति प्रदान की जाती हैः- तृतीय रूपातंरित सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन की देयता तिथि

क्र० सं० पदाधिकारी का नाम सहायक वन संरक्षक के पद पर योगदान की तिथि/ स वानिवृति की तिथि े तृतीय रूपातंरित सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन की देयता तिथि
प र्व में प्रदत्त तृतीय वृत्ति ू उन्नयन की देयता तिथि स ं शोधित तिथि
1 2 3 6 7
1 श्री लक्ष्येन्द्र प ंडित, 19.12.1987/ 30.06.2021 19.12.2017 (पे बैंड-37,400- 67,000, ग ्र ेड पे 8700/-), 01.07.2019 प े बैंड-37400-67000, GP 8700/., प ु नरीक्षित लेवल-13

2. वित्त विभागीय अधिसूचना संख्या-1802 दिनांक-23.03.2006 में निहित प्रावधान के आलोक में वेतन का निर्धारण यथास्थिति मौलिक नियमावली के नियम 22(1) ए (i) अथवा वित्त विभागीय संकल्प संख्या-3590 दिनांक-24.05.2017 में निहित प्रावधान के अनुसार किया जायेगा।

3. वित्तीय लाभ वैयक्तिक आधार पर मिलने के कारण इनकी वरीयता पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। 4. उपर्युक्त पदाधिकारी के संबंध में भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटी या पार्थक्य पाये जाने पर संबंधित पदाधिकारी को प्रदत्त एम०ए०सी०पी० योजना के लाभ से संबंधित आदेष को रद्‌द/संषोधित कर दिया जाएगा तथा उन्हें भुगतान की गई राषि की वसूली/प्रतिपूर्ति कर ली जायेगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से,

सुबोध कुमार चौधरी, सरकार के संयुक्त सचिव।

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सूचना

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No. 243— I, Chandradev Yadav, S/o-Ramlacchi Yadav, Village-Katahara, Po+Ps-Piri Bazar, Distt.- Lakhisarai declare vide affidavit No.-2242, dated 28-10-2021 that my son Amit Kumar Class 10th of CBSE Board document in wrongly mentioned in my Name sriChandradev Yadav. I will be known as Chandradev Yadav for all purposes.

CHANDRADEV YADAV.

No. 278— I am Barun Kumar Singh Resident of 95 MIG Hanuman Nagar, Patna- 800020. In my Son's 10th Certificate his name is written as Chhitij Parashar, But his true and correct name is Kshitij Parashar as Mentioned in Adhar No.- 783948065213. So I want to change his name from Chhitij Parashar to Kshitij Parashar. Affidavit No.- 138, dt. 21/09/2021.

BARUN KUMAR SINGH.

सं॰ 281— मैं योगेश कुमार जयसवाल, पिता- स्व॰ विश्वनाथ प्रसाद, निवासी-मुहल्ला-हरिमंदिर गली, पटना सिटी, पोस्ट-पटना सिटी, थाना-चौक, जिला-पटना, बिहार शपथपत्र संख्या-15032/4.12.21 द्वारा यह घोषण करता हूं कि आज से मैं युगेश कुमार के नाम से जाना जाऊंगा।

योगेश कुमार जयसवाल।

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अधीक्षकअधीक्षकअधीक्षकअधीक्षकसचिवालय मु(cid:16)णालयसचिवालय मु(cid:16)णालयसचिवालय मु(cid:16)णालयसचिवालय मु(cid:16)णालय

िबहारिबहारिबहारिबहारपटना पटना पटना पटना द्वाराद्वाराद्वाराद्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:16)त।प्रकाशित एवं मु(िcid:16)त।प्रकाशित एवं मु(िcid:16)त।प्रकाशित एवं मु(िcid:16)त।

िबहार गजटिबहार गजटिबहार गजटिबहार गजट46—57110डीडीडीडीटीटीटीटीपीपीपीपी।।।।

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सं॰ 08/आरोप-01-21/2014-409/सा॰प्र॰

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

11 जनवरी 2022

श्री सुजीत कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-830/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिषी के विरूद्ध सी॰ए॰जी॰ की कंडिका-4.1.3 के अनुपालन में जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक-76-1 दिनांक 08.06.2011 द्वारा आरोप पत्र उपलब्ध कराते हुए विभागीय कार्यवाही की अनुशंसा की गयी। श्री कुमार के विरूद्ध अपने कार्यकाल में कभी भी अग्रिम समायोजित करने हेतु संबंधित किसी भी कार्यकर्त्ता अथवा प्रखंड कर्मियों को नोटिस निर्गत नहीं करने, अग्रिम के रूप में लंबित राशियों का सलाना भौतिक सत्यापन नहीं करने आदि का आरोप प्रतिवेदित है। उक्त प्रतिवेदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-8533 दिनांक 29.07.2011 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण से माँग की गयी। उक्त के आलोक में श्री कुमार का स्पष्टीकरण/पूरक स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ। श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक-14289 दिनांक 16.10.2014 एवं पत्रांक-801 दिनांक 16.01.2015 द्वारा जिला पदाधिकारी, सहरसा से मंतव्य की माँग की गयी। कतिपय स्मारों के बावजूद भी जिला पदाधिकारी, सहरसा से मंतव्य अप्राप्त रहा।

तदुपरांत आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर आरोप पत्र पुनर्गठित करते हुए श्री कुमार के विरूद्ध आरोपों की विस्तृत जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8810 दिनांक 25.09.2020 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी।

आयुक्त, कोशी प्रमंडल, सहरसा-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक-1199 दिनांक 21.09.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें आरोप सं॰-01 एवं 03 को पूर्णतया प्रमाणित पाया गया। जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-12960 दिनांक 01.11.2021 द्वारा श्री कुमार से लिखित अभिकथन की माँग की गयी। उक्त के आलोक में श्री कुमार का लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन (दिनांक 18.11.2021) प्राप्त हुआ।

श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनसे प्राप्त लिखित अभिकथन तथा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री कुमार द्वारा अपने लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन में किसी नये तथ्य का उल्लेख नहीं किया गया है, बल्कि उन्हीं तथ्यों का उल्लेख किया गया है, जो उनके द्वारा पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण/विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में संचालन पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत बचाव बयान में किया गया था। संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन में आरोप सं॰-01 एवं 03 के निष्कर्ष में अंकित किया गया है कि अग्रिम वसूली हेतु नोटिस निर्गत किये जाने संबंधी आरोपी पदाधिकारी का कथन एवं संबंधित नोटिस की प्रति सही प्रतीत नहीं होता है। साथ ही उक्त अवधि में आरोपी पदाधिकारी द्वारा अपने कार्यकाल में संबंधित कार्यकर्त्ता/कर्मियों पर किसी प्रकार अग्रिम की वसूली हेतु कार्रवाई किये जाने का ठोस प्रमाण/साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया है। अतएव आरोप सं॰-01 एवं 03 पूर्णतया प्रमाणित होता है।

अतएव उक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सुजीत कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-830/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, महिषी का लिखित अभिकथन अस्वी—त करते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा अग्रिम वसूली हेतु नोटिस निर्गत नहीं करने संबंधी प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-

7 ;बपकरू4द्ध , 2 ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू14द्ध22

(i) निन्दन (आरोप वर्ष 2001-02)

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया

जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव।

सं॰ 08/आरोप-01-26/2016-741/सा॰प्र॰

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

19 जनवरी 2022

श्री वजैन उद्दीन अंसारी, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-493/11 के विरूद्ध अपर समाहर्त्ता, गया के पदस्थापन काल में विभागीय कार्यवाही (सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-2773 दिनांक 26.02.2014 द्वारा संस्थित) के प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रूप में दायित्व निर्वहन में अनियमितता बरतने संबंधी आरोप उजागर हुआ।

2. राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के परिपत्रों एवं बी॰टी॰ एक्ट-1973 के प्रावधानों के प्रतिकूल भूमि लगान निर्धारण में अनियमितता के आरोपों की जाँच हेतु श्री विजय कुमार, तत्कालीन अंचलाधिकारी, नगर अंचल, गया के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रूप में श्री अंसारी ने सरकार के हित की अनदेखी करते हुए आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण पर अपनी सहमति संबंधी मंतव्य दे दिया, जिससे जिला स्तर पर की गयी जाँच से उद्‌भूत भूमि लगान निर्धारण में गम्भीर अनियमितता संबंधी गठित आरोपों को संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित नहीं बताया जा सका। एतद्‌संबंधी जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा के उपरांत प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रूप में दायित्व निर्वहन में अनियमितता के लिए विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-3857 दिनांक 29.03.2017 द्वारा श्री अंसारी से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी उक्त स्पष्टीकरण अप्राप्त रहा। 3. समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8806 दिनांक 18.07.2017 द्वारा आरोपों की वृहद जाँच हेतु विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। कालान्तर में दिनांक 31.12.2020 को श्री अंसारी के वार्धक्य सेवानिवृत्त हो जाने के फलस्वरूप आदेश ज्ञापांक-2328 दिनांक 19.02.2021 द्वारा उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी॰) के तहत सम्परिवर्तित किया गया। आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, मगध प्रमंडल, गया के पत्रांक-1403 दिनांक 09.04.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री अंसारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रूप में दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं करने तथा सरकार के हित का ख्याल नहीं रखने संबंधी आरोपों को प्रमाणित पाया गया।

4. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-5809 दिनांक 17.06.2021 द्वारा श्री अंसारी से लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन की माँग की गयी। श्री अंसारी द्वारा अपने लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन के साथ सिर्फ संचालन पदाधिकारी को समर्पित स्पष्टीकरण की छायाप्रति संलग्न करते हुए कहा गया कि संचालन पदाधिकारी को विस्तारपूर्वक स्पष्टीकरण दिया जा चुका है।

5. श्री अंसारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन तथा उनसे प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि उनके द्वारा कोई ऐसा तथ्य/साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिसपर विचार किया जा सके। अतएव श्री अंसारी का लिखित अभिकथन अस्वी—त करते हुए प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के रूप में दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं करने के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी॰) के प्रावधानों के तहत उनके ''पेंशन से 05 प्रतिशत (पाँच प्रतिशत) राशि की कटौती एक वर्ष तक करने'' का दंड अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित किया गया।

6. विभागीय पत्रांक-10345 दिनांक 10.09.2021 द्वारा श्री अंसारी के विरूद्ध विनिश्चित दंड ''पेंशन से 05 प्रतिशत (पाँच प्रतिशत) राशि की कटौती एक वर्ष तक करने'' पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति की माँग की गयी। बिहार सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-2742 दिनांक 24.12.2021 द्वारा विभागीय दंड प्रस्ताव पर आयोग की सहमति व्यक्त किया गया है। 7. वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक विचारोपरांत श्री वजैन उद्दीन अंसारी, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-493/11, तत्कालीन अपर समाहर्त्ता, गया के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी॰) के प्रावधानों के तहत उनके ''पेंशन से 05 प्रतिशत (पाँच प्रतिशत) राशि की कटौती एक वर्ष तक करने'' का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव।8 ;बपकरू4द्ध , 2 ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू14द्ध22

सं॰ 08/आरोप-01-25/2020-1895/सा॰प्र॰

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

14 फरवरी 2022

सुश्री स्वाती कुमारी, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1006/19, वरीय उप समाहर्त्ता, बाँका के विरूद्ध अनाधि—त अनुपस्थिति के संबंध में जिला पदाधिकारी, बाँका के पत्रांक-88 दिनांक 27.01.2021 द्वारा आरोप पत्र प्राप्त हुआ। प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय पत्रांक-2950 दिनांक 03.03.2021 द्वारा स्पष्टीकरण की माँग की गयी। उक्त के आलोक में सुश्री कुमारी ने अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक-शून्य दिनांक 16.03.2021) समर्पित किया, जिसमें उनके द्वारा अपने उपर लगाये गये आरोपों से इन्कार किया गया। विभागीय पत्रांक-5388 दिनांक 28.05.2021 द्वारा सुश्री कुमारी के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, बाँका से मंतव्य की माँग की गयी। जिला पदाधिकारी, बाँका के पत्रांक-533 दिनांक 16.08.2021 द्वारा मंतव्य प्राप्त हुआ, जिसमें सुश्री का स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है, प्रतिवेदित किया गया। तत्पश्चात प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित करते हुए एवं अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोंपरांत विभागीय पत्रांक-13266 दिनांक 08.11.2021 द्वारा सुश्री कुमारी से स्पष्टीकरण की माँग की गयी। सुश्री कुमारी द्वारा अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक-शून्य दिनांक 09.12.2021) समर्पित किया गया। जिसमें उनके द्वारा पूर्व के स्पष्टीकरण में कही गयी बातों को ही दुहराया गया। सुश्री कुमारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण तथा जिला पदाधिकारी, बाँका से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि, जिला पदाधिकारी द्वारा अपने मंतव्य में अंकित किया गया है कि, सुश्री कुमारी द्वारा दिनांक 04.09.2020 से अवकाश की पूर्व स्वी—ति कराये बगैर मुख्यालय परित्याग किया गया है। विधान सभा आम निर्वाचन-2020 को दृष्टिगत रखते हुए इनका आवेदन अस्वी—त करते हुए इन्हें योगदान देने हेतु उनके ई-मेल पर पत्र सं॰-497/स्था॰ दिनांक 10.09.2020 द्वारा सूचित किया गया था, परन्तु सुश्री कुमारी द्वारा योगदान नहीं किया गया। सुश्री कुमारी द्वारा सिविल सेवा की परीक्षा-2020 में तैयारी एवं परीक्षा हेतु अवकाश के लिए अनुरोध किया गया। दूसरी ओर इनके द्वारा मेडिकल सर्टिफिकेट समर्पित करते हुए दिनांक 05.09.2020 से 05.10.2020 तक Typhoid से बीमार रहने की बात कही गयी है, जो आपस में विरोधाभास है। जिला निर्वाचन शाखा, बाँका के आदेश ज्ञापांक-830 दिनांक 20.08.2020 द्वारा आसन्न बिहार विधानसभा आम निर्वाचन-2020 के ससमय एवं सुचारू रूप से संचालन हेतु जिला स्तर पर विभिन्न कोषांगों का गठन किया गया था, जिसमें पोस्टल बैलेट पेपर प्रिंटिंग/फैसिलेटेशन पेपर/ETPBS/मतपत्र/डमी मतपत्र प्रबंधन कोषांग में नोडल पदाधिकारी के साथ सुश्री स्वाती कुमारी, वरीय उप समाहर्त्ता, बाँका संबद्ध थी। उसके बावजूद वे कोषांग से दिनांक 04.09.2020 से दिनांक 05.10.2020 तक अनुपस्थित रही है।

निर्वाचन शाखा, बाँका के पत्रांक-615/नि॰ दिनांक 18.07.2020 से आगामी विधान सभा आम निर्वाचन-2020 सहायक निर्वाची पदाधिकारी की नियुक्ति के संबंध में प्रस्ताव भेजा गया था, जिसमें वरीय उप समाहर्त्ता-सह-प्रभारी पदाधिकारी जिला अभिलेखागार, बाँका पदनाम 160-धोरैया (अ॰जा॰) के लिए प्रस्तावित किया गया था। निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-3080 दिनांक 09.09.2020 द्वारा सहायक निर्वाची पदाधिकारी की नियुक्ति से संबंधित बिहार राजपत्र में प्रकाशित अधिसूचना की प्रति में वरीय उप समाहर्त्ता-सह-प्रभारी पदाधिकारी जिला अभिलेखागार, बाँका पदनाम 160 धोरैया (अ॰जा॰) के लिए सहायक निर्वाची पदाधिकारी के रूप में अनुमोदित किया गया। नाम-निर्देशन दिनांक 01.02.2020 से प्रारम्भ होने के बावजूद सहायक निर्वाची पदाधिकारी के रूप में दिनांक 05.10.2020 तक अनुपस्थित रही है।

सुश्री कुमारी के दिनांक 04.09.2020 से अनाधि—त अनुपस्थित रहने के कारण प्रभारी पदाधिकारी, जिला अभिलेखागार, बाँका का प्रभार श्रीमती किरण सिंह, अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, बाँका को सौंपा गया। यह जानकारी होते हुए भी कि वरीय उप समाहर्त्ता-सह-प्रभारी पदाधिकारी जिला अभिलेखागार, बाँका पदनाम 160-धोरैया (अ॰जा॰) के सहायक निर्वाची पदाधिकारी के लिए प्रस्तावित है, फिर भी मुख्यालय से अनुपस्थित रही।

अतएव उक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में सुश्री स्वाती कुमारी, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1006/19, वरीय उप समाहर्त्ता, बाँका का स्पष्टीकरण अस्वी—त करते हुए अनाधि—त अनुपस्थिति संबंधी प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-19 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ नियम-14 में उल्लेखित निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :- (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2020-21)

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित

किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव।9 ;बपकरू4द्ध , 2 ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू14द्ध22

सं॰ 27/आरोप-01-59/2021-276/सा॰प्र॰

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

7 जनवरी 2022

श्री मनोज कुमार, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-1045/11, तत्कालीन कार्यपालक दण्डाधिकारी, सीतामढ़ी के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के पत्रांक-412 दिनांक-06.02.2016 द्वारा निर्वाचन कार्य जैसे महत्वपूर्ण कार्य में वरीय पदाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने एवं अवकाश स्वीकृत कराये बिना मुख्यालय से अनुपस्थित रहने का आरोप प्रतिवेदित किया गया। प्रतिवेदित आरोप के आलोक में श्री कुमार के पत्र दिनांक-18.10.2016 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी से विभागीय पत्रांक-15935 दिनांक-29.11.2016 द्वारा मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी के पत्रांक-465 दिनांक-23.07.2021 द्वारा मंतव्य उपलब्ध कराया गया। तत्‌पश्चात्‌ विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक-9829 दिनांक-02.09.2021 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार द्वारा अपना स्पष्टीकरण इस विभाग को उपलब्ध कराया गया। श्री कुमार द्वारा पुनः अनुपूरक स्पष्टीकरण समर्पित किया गया है जिसमें उनके द्वारा कहा गया है कि बिना अवकाश स्वीकृत कराये मुख्यालय से गायब रहने के संबंध में इनके विरूद्ध पूर्व में दंडात्मक कार्रवाई की गयी है और माननीय उच्च न्यायालय पटना द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में उनके विरूद्ध संसूचित दण्डादेश को रद्द किया गया।

5. श्री कुमार के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, सीतामढ़ी द्वारा प्रतिवेदित आरोप एवं श्री कुमार द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की सम्य्‌क समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत श्री कुमार के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को स्वीकृति योग्य पाते हुए उनके विरूद्ध लगाये गये आरोप को संचिकास्त करने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया है। 6. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री मनोज कुमार, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-1045/11, तत्कालीन कार्यपालक दण्डाधिकारी, सीतामढ़ी के विरूद्ध लगाये गये आरोप को संचिकास्त किया जाता है।

राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय आदेष :-आदेष :-आदेष :-आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार तथा इसकी प्रति सभी संबंतिथा इसकी प्रति सभी संबंतिथा इसकी प्रति सभी संबंतिथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।धत को भेज दी जाय।धत को भेज दी जाय।धत को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, जय शंकर प्रसाद, सरकार के संयुक्त सचिव।

सं॰ 27/आरोप-01-51/2019-481/सा॰प्र॰

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

12 जनवरी 2022

श्री महेन्द्र कुमार भारती, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-129/11, तत्कालीन कार्यपालक दण्डाधिकारी-सह-प्रभारी अधीक्षक, आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध कक्षपालों/उच्च कक्षपालों को विभागीय परिपत्रों का उल्लंघन करते हुए मनमाने ढंग से स्थानांतरित करने, निर्दोष कारा कर्मियों को बिना कारण निलंबित करने तथा बाद में सौदेबाजी कर निलंबन से मुक्त करने, स्थानांतरण के संबंध में पूर्व से लिये गये निर्णयों के आलोक में पारित आदेश का अनुपालन नहीं करने, कारा कर्मियों का पी0एफ0 अग्रिम एवं अन्य विपत्रों को अनावश्यक रूप से बहुत दिनों तक लंबित रख परेशान करने, सेवानिवृत कर्मियों के विपत्र को महीनों लंबित रखने, इसके कारण पैसे के अभाव में एक सेवानिवृत कक्षपाल की मृत्यु हो जाने, कारा हस्तक नियमों का उल्लंघन करने एवं वर्षो से फरार कारा कर्मियों के विरूद्व कार्रवाई नहीं करने के प्रतिवेदित आरोप के आलोक में विभागीय पत्रांक-10240, दिनांक-16.11.05 द्वारा श्री भारती से स्पष्टीकरण की मॉग की गयी। स्पष्टीकरण समर्पित करने हेतु श्री भारती द्वारा आरोप से संबंधित अभिलेखों की मॉग की गयी। वांछित अभिलेख कारा महानिरीक्षक, बिहार, पटना से प्राप्त करते हुए उसे श्री भारती को भेजा गया, जो बिना तामिला के लौट आया। 2. आरोपों की समीक्षा के उपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक-10157, दिनांक- 24.07.2014 द्वारा श्री भारती के विरूद्व विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त, विभागीय जॉच, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-317, दिनांक-22.02.2017 द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन में इनके विरूद्व गठित कुल 09 (नौ) आरोपों में से आरोप संख्या-04 को छोड़कर शेष 08 आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

3. विभागीय पत्रांक-4099, दिनांक-27.03.2018, पत्रांक-6541, दिनांक-21.05.18 एवं पत्रांक-12859, दिनांक-18.09.

2019 द्वारा आरोपित पदाधिकारी श्री भारती से जॉच प्रतिवेदन के संदर्भ में कारण-पृच्छा की मॉग की गयी। स्मारित करने एवं समाचार पत्रों में विज्ञप्ति प्रकाशित कराने के बाद भी इनके द्वारा प्रमाणित आरोपों के लिए अपना कारणपृच्छा का उार समर्पित नहीं किया गया।

4. श्री भारती दिनांक-30.11.2016 को वार्धक्य सेवानिवृत हो चुके है। इनके विरूद्व संचालित विभागीय कार्यवाही को विभागीय संकल्प ज्ञापांक-18, दिनांक-02.01.2017 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी) में संपरिवर्तित किया गया।10 ;बपकरू4द्ध , 2 ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू14द्ध22 5. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री भारती के विरूद्ध जॉच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित आरोपों के प्रमाणित पाये जाने के आलोक में मामले की समीक्षा के उपरान्त बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत श्री महेन्द्र कुमार भारती, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-129/11 को ''अगले सात वर्षों तक के लिये 10 प्रतिशत पेंशन की कटौती'' करने का दंड विनिश्चित किया गया है।

6. श्री भारती के विरूद्ध विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-8434 दिनांक-09.08.2021 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श/सहमति की मांग की गयी। उक्त के आलोक में आयोग के पत्रांक-2721 दिनांक-22.12.2021 द्वारा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा विनिष्चित दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी।

7. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिये बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत श्री महेन्द्र कुमार भारती, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-129/11, तत्कालीन कार्यपालक दण्डाधिकारी-सह-प्रभारी अधीक्षक, आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना सम्प्रति सेवानिवृत को ''अगले सात वर्षों तक के लिये 10 प्रतिशत पेंशन की कटौती'' का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है।

आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित

किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, जय शंकर प्रसाद, सरकार के संयुक्त सचिव।

सं॰ 27/आरोप-01-20/2020-729/सा॰प्र॰

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

19 जनवरी 2022

श्री राज कुमार यादव, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-1174/11, तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सिवान के विरूद्ध समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1065 दिनांक-24.02.2021 द्वारा श्रीमती रीना देवी, आंगनबाड़ी सेविका, आंगनबाड़ी केन्द्र संख्या-55, ग्राम-जयजोर, प्रखंड-आन्दर (सिवान) को त्रुटिपूर्ण एवं विभागीय निदेशों के विपरीत चयनमुक्त करने से संबंधित आरोप पत्र प्रेषित करते हुए आवश्यक कार्रवाई करने का अनुरोध किया गया। 2. समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त आरोप पत्र के आलोक में श्री यादव से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री यादव द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण (दिनांक-25.06.2021) की समीक्षा के पश्चात्‌ उसे असंतोषप्रद पाते हुये इस विभाग के स्तर से आरोप गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। तदुपरांत विभागीय पत्रांक-8978 दिनांक-16.08.2021 द्वारा श्री यादव से पुनः स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री यादव का स्पष्टीकरण (दिनांक-16.11.2021) प्राप्त हुआ। 3. श्री यादव के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत यह पाया गया कि श्रीमती रीना देवी के परिवाद पत्र के आलोक में समार्हाा, सिवान द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में तत्कालीन जिला कार्यक्रम पदाधिकारी, सिवान द्वारा ससमय कार्रवाई नहीं की गयी और निर्धारित अवधि बीतने के बाद इनके द्वारा दो-दो वाद संचालित कर आनन-फानन में कार्रवाई आरंभ की गयी। परिवादी को ससमय नोटिश तामिला भी नहीं कराया गया। परिचारी से दबाव देकर तीन फर्जी नोटिश तामिला का अलग-अलग तिथियों में विवरण दर्ज कराया गया तथा कागजी खाना पूर्ति कर परिवाद के संबंध में आदेश पारित किया गया है। इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी के स्पष्टीकरण को संतोषप्रद नहीं पाते हुए इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम 14 के अंतर्गत (1) दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने एवं (2) निन्दन की शास्ति अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया है।

4. अतएव श्री राज कुमार यादव, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-1174/11, तत्कालीन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी, सिवान के विरूद्व बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम 14 के अंतर्गत (1) दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने एवं (2) निन्दन (आरोप वर्ष-2017-18) की शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में

प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, जय शंकर प्रसाद, सरकार के संयुक्त सचिव।11 ;बपकरू4द्ध , 2 ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू14द्ध22

सं॰ 27/आरोप-01-17/2021-1048/सा॰प्र॰

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

28 जनवरी 2022

श्री मुकेश कुमार मुकुल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1053/11, तत्कालीन अंचल अधिकारी, नोआमुण्डी, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा, झारखंड के विरूद्व आयुक्त, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा, झारखंड के पत्रांक-897, दिनांक-06.08.2005 द्वारा आरोप प्रपत्र-'क' उपलब्ध कराया गया। श्री मुकुल के विरूद्ध सरकारी वाहन का दुरूपयोग अपने निजी प्रयोजन में करने एवं वाहन क्षतिग्रस्त करने, अंचल कार्यालय में नियमित जीप चालक रहते हुए प्राइवेट जीप चालक का उपयोग करने, सुखाड़ राहत कार्य में लापरवाही बरतने, लेखा का संधारण में ढिलाई बरतने एवं बिरहोर आवास एवं इंदिरा आवास निर्माण में लापरवाही बरतने संबंधी आरोप प्रतिवेदित किया गया।

2. प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया।

3. विभागीय पत्रांक-13697, दिनांक-22.11.2021 द्वारा श्री मुकुल से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री मुकुल के पत्र संख्या-01 (कैम्प), दिनांक-25.11.2021 द्वारा अपना स्पष्टीकरण इस विभाग को उपलब्ध कराया गया।

4. उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में प्रतिवेदित आरोप एवं श्री मुकुल से प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक्‌ समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त श्री मुकुल द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण से असहमत होते हुए प्रतिवेदित आरोपों के लिये उन्हें दोषी मानते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम-14 के अन्तर्गत (i) दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध रखने एवं (ii) निन्दन (वर्ष-2003-04) का दंड देने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया है।

5. अतएव श्री मुकेश कुमार मुकुल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1053/11, तत्कालीन अंचल अधिकारी, नोआमुण्डी, पश्चिमी सिंहभूम, चाईबासा, झारखंड के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम-14 के अन्तर्गत (i) दो वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध रखने एवं (ii) निन्दन (वर्ष-2003-04) का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है।

आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित

किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जय शंकर प्रसाद, सरकार के संयुक्त सचिव।

सं॰ 27/आरोप-01-84/2021-1054/सा॰प्र॰

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

28 जनवरी 2022

श्री कंचन कपूर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 564/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, चौथम, खगड़िया के विरूद्व ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-288081, दिनांक-18.10.2016 द्वारा आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया। श्री कपूर के विरूद्ध नीरपुर पंचायत, खगड़िया के मुखिया के विरूद्ध प्राथमिकी दर्ज करने एवं जिला पदाधिकारी, खगड़िया के आदेश की अवहेलना करने संबंधी आरोप प्रतिवेदित किया गया।

2. प्रतिवेदित आरोप के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया।

3. विभागीय पत्रांक-14847, दिनांक-13.12.2021 द्वारा श्री कपूर से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कपूर के पत्र संख्या-35, दिनांक-24.12.2021 द्वारा अपना स्पष्टीकरण इस विभाग को उपलब्ध कराया गया।

4. प्रतिवेदित आरोप एवं श्री कपूर से प्राप्त स्पष्टीकरण की सम्यक्‌ समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त श्री कपूर द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण से असहमत होते हुए आदेशोल्लंघन के आरोप के लिये उन्हें दोषी मानते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम-14 के अन्तर्गत (i) निन्दन (वर्ष-2008-09) एवं (ii) एक वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का दंड देने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया है।

5. अतएव श्री कंचन कपूर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 564/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, चौथम, खगड़िया के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम-14 के प्रावधानों के अन्तर्गत (i) निन्दन (वर्ष-2008-09) एवं (ii) एक वेतनवृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है।12 ;बपकरू4द्ध , 2 ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू14द्ध22

आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित

किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जय शंकर प्रसाद, सरकार के संयुक्त सचिव।

सं॰ 27/आरोप-01-14/2022-1091/सा॰प्र॰

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

29 जनवरी 2022

श्री राजेश कुमार गुप्ता, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-335/19, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, रोहतास के विरूद्ध राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-51 दिनांक-21.01.2022 द्वारा अप्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में निगरानी थाना कांड संख्या-47/2021 दिनांक-25.11.2021 धारा-13(2)-सह-पठित धारा-13(1)(बी.) भ्र0नि0अधि0, 1988 (संशोधित अधिनियम-2018) दर्ज किये जाने की सूचना दी गयी है।

प्रतिवेदित आरोपों की गम्भीरता के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(1)(क) एवं (ग) में निहित प्रावधानों के तहत श्री राजेश कुमार गुप्ता, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-335/19 को संकल्प निर्गत की तिथि से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया जाता है।

निलंबन अवधि में इनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना निर्धारित किया जाता है। इन्हें निलंबन अवधि में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-10 के आलोक में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।

श्री राजेश कुमार गुप्ता के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की वृहद जाँच हेतु विभागीय कार्यवाही का आदेश अलग से निर्गत किया जायेगा।

आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित

किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जय शंकर प्रसाद, सरकार के संयुक्त सचिव। सं॰ 27/आरोप-01-51/2021-16419/सा॰प्र॰ सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 24 दिसम्बर 2021

श्री रजनीश लाल, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 991/11, तत्कालीन जिला परिवहन पदाधिकारी, मुजफ्फरपुर सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा अप्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में निगरानी थाना काण्ड संख्या-23/21 दिनांक-22.06.2021 दर्ज किया गया है। विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6900 दिनांक 09.07.2021 द्वारा श्री लाल को निलंबित करते हुए इनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना निर्धारित किया गया है।

2. परिवहन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-5775 दिनांक-14.09.2021 से प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर इस विभाग के स्तर से आरोप गठित कर उसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। तदोपरांत विभागीय पत्रांक-12089 दिनांक-08.10.2021 द्वारा श्री रजनीश लाल से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री लाल का स्पष्टीकरण (दिनांक-23.11.2021) प्राप्त हुआ, जिसकी समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत प्रस्तुत मामले की विस्तृत जांच हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17(2) के प्रावधानों के तहत श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है।

3. श्री रजनीश लाल के विरूद्ध संचालित इस विभागीय कार्यवाही में मुख्य जांच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी/उपस्थापन पदाधिकारी परिवहन विभाग, बिहार, पटना द्वारा नामित वरीय पदाधिकारी होंगे।

4. श्री रजनीश लाल से यह अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु संचालन पदाधिकारी के आदेशानुसार उनके समक्ष उपस्थित हाेंगे।

आदेषः- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित

किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, जय शंकर प्रसाद, सरकार के संयुक्त सचिव।13 ;बपकरू4द्ध , 2 ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू14द्ध22

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——— मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ——— अधिसूचना 9 फरवरी 2022

सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-22/2019-825—श्री वृज बिहारी शरण, जिला अवर निबंधक के शेखपुरा जिला में पदस्थापन के दौरान श्री महेष्वर ठाकुर, पिता-स्व0 मेघो ठाकुर, ग्राम-महसौना, थाना-अरियरी, जिला-षेखपुरा द्वारा दस्तावेज संख्या-4478/2018 एवं 4382/2018 के निबंधन में राजस्व क्षति प्रतिवेदित किया गया है। परिवाद पत्र की जॉच सहायक निबंधन महानिरीक्षक, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर से करायी गयी, जिसमें तथ्य छुपाकर राजस्व क्षति से संबंधित होने के कारण कमी मुद्रांक वाद संख्या-09/2018 के अन्तर्गत दस्तावेज सं0-4478/2018 में मो0 1,08,045 रू0 एवं वाद संख्या-08/2019 के अन्तर्गत दस्तावेज सं0-4382/2018 में मो0 1,22,704 रू0 कमी मुद्राक की वसूली हेतु आदेष पारित किये जाने के कारण आरोप पत्र गठित कर विभागीय संकल्प सं0-2753 दिनांक 12.08.2021 द्वारा श्री वृज बिहारी शरण, तत्का0 जिला अवर निबंधक, शेखपुरा सम्प्रति जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पाम्पारण के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी है। 2. सहायक निबंधन महानिरीक्षक-सह-संचालन पदाधिकारी द्वारा दिनांक 06.01.2022 को विभागीय कार्यवाही का जॉच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने जॉच प्रतिवेदन में प्रतिवेदित किया गया है कि निबंधन पदाधिकारी को दस्तावेजों के निबंधन के क्रम में यदि वर्णित भूमि के वर्गीकरण/संरचना के संबंध में किसी भी प्रकार का संदेह होने/कहीं से कोई सूचना प्राप्त होने/परिवाद पत्र प्राप्त होने पर भारतीय मुद्रांक अधिनियम-47 (ए) के अन्तर्गत उसकी जॉच एवं बाजार मूल्य निर्धारण हेतु सक्षम प्राधिकार को प्रेषित करने का वैधानिक अधिकार प्राप्त है।

विभागीय पत्रांक-293 दिनांक 03.02.2011 द्वारा प्रत्येक माह में निबंधन के लिए ग्रामीण क्षेत्रों के भू-सम्पत्ति से संबंधित मामलों के प्रत्येक माह कम से कम 25 मामलों का जिला अवर निबंधक द्वारा स्थल निरीक्षण किया जाना है। दस्तावेज सं0-4382/2018 एवं 4478/2018 क्रमषः दिनांक 30.06.2018 एवं 03.07.2018 को जिला अवर निबंधक, शेखपुरा में निबंधित किया गया है। दोनों दस्तावेज ग्रामीण क्षेत्र से संबंधित हैं । दस्तावेज सं0-4382/2018 में सहायक निबंधन महानिरीक्षक द्वारा जिला अवर निबंधक , शेखपुरा के प्रतिवेदन के आधार पर पक्षकारो को तथ्य छुपाकर दस्तावेजों का निबंधन कराने का दोषी पाकर कमी मुद्रांक शुल्क की वसूली के अतिरिक्त दण्ड स्वरूप 10 प्रतिषत अतिरिक्त राषि जमा करने का आदेष पारित किया गया। दस्तावेज सं0-4382/2018 एवं 4478/2018 क्रमषः दिनांक 30.06.2018 एवं 03.07.2018 को जिला निबंधन कार्यालय, शेखपुरा में निबंधित कराया गया हैं । परिवादी श्री महेष्वर ठाकुर का परिवाद पत्र 03.04.2019 को दिया गया है। सहायक निबंधन महानिरीक्षक द्वारा दस्तावेज सं0-4478/2018 के संबंध में वाद सं0-09/2018 का निस्तार दिनांक 02.02.2019 को किया गया है। उसके वाद परिवादी को कमी मुद्रांक जमा करने हेतु सूचित किया गया हैं । जिला अवर निबंधक का स्पष्टीकरण अभिलेखीय एवं तथ्यों पर आधारित हाने की वजह से स्वीकार योग्य बताते हुए आरोप प्रमाणित नहीं होता है, निष्कर्षित किया गया है। अतएव संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जॉच प्रतिवेदन के आधार पर श्री वृज बिहारी शरण, तत्का0 जिला अवर निबंधक, शेखपुरा सम्प्रति जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) को आरोप से मुक्त करते हुए विभागीय कार्यवाही समाप्त की जाती है।

4. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार, सरकार के संयुक्त सचिव।15 ;बपकरू4द्ध , 2 ;बपकरू4र्द्ध 2;बपकरू14द्ध22 सं॰ 8/आ0 (राज0 नि0)-1-103/20221-979

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ——— संकल्प 15 फरवरी 2022

चूॅकि बिहार के राज्यपाल को यह विष्वास करने का कारण है कि श्री अरविन्द कुमार पाण्डेय, अवर निबंधक, मषरक (सारण) के विरूद्ध सहायक निबंधन महानिरीक्षक, सारण प्रमंडल, छपरा द्वारा दिनांक 22.01.2021 को अवर निबंधन कार्यालय, मषरक (सारण) में निबंधित दस्तावेजों का Random जॉच में कुल 07 दस्तावेज यथा (1) 3855/2021 (2)389/2020 (3) 1133/2020 (4) 2201/2020 (5) 2585/2020 (6) 2801/2020 (7) 2355/2020 में रू. 15,33,658/- (पन्द्रह लाख पैतीस हजार छः सौ अंठावन रूपये) राजस्व क्षति प्रतिवेदित किया गया है। श्री कुमार द्वारा दस्तावेज के निबंधन में निबंधन अधिनियम, 1908 एवं बिहार रजिस्ट्रीकरण नियमावली, 2008 के प्रावधानों का उल्लघंन करने आदि आरोप विनिर्दिष्ट है। जैसा कि संलग्न आरोप पत्र में वर्णित है।

विनिर्दिष्ट आरोपों के जॉच के लिए उनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17 (2) में विहित रीति से विभागीय कार्यवाही चलायी जाय। इस विभागीय कार्यवाही के लिए श्री चन्द्रप्रकाष, सहायक निबंधन महानिरीक्षक, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं प्रषाखा पदाधिकारी, प्रषाखा-8 (ए) को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।

3. श्री पाण्डेय से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव वयान के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित हों।

आदेश :- आदेष दिया जाता है कि संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाषित किया जाय

तथा इसकी प्रति आरोप पत्र के साथ संचालन पदाधिकारी, प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी एवं

आरोपी पदाधिकारी को भी उपलब्ध करा दिया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार,

सरकार के संयुक्त सचिव।

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िबहारिबहारिबहारिबहारपटना पटना पटना पटना द्वाराद्वाराद्वाराद्वारा प्रकाशित एवं मु(िcid:16)त।प्रकाशित एवं मु(िcid:16)त।प्रकाशित एवं मु(िcid:16)त।प्रकाशित एवं मु(िcid:16)त। िबहार गजटिबहार गजटिबहार गजटिबहार गजट46—57110डीडीडीडीटीटीटीटीपीपीपीपी।।।।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 02 March 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2022-03-02.9/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2022-03-02.9.