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सं॰ 2/सं॰ 2/सं॰ 2/सं॰ 2/सी-103सी-103सी-103सी-1034444/200/200/200/2009-9-9-9-529529529529----सा॰प्र॰सा॰प्र॰सा॰प्र॰सा॰प्र॰ सामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 13131313 जनवरीजनवरीजनवरीजनवरी 2022202220222022
डॉ0 सतीश चरण झा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 968/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, अलौली, खगड़िया सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध प्रखंड मुख्यालय में नहीं रहने, सरकारी वाहनों का दुरूपयोग करने, प्रखंड कार्यालय पर अपना नियंत्रण नहीं रखने, सरकारी कार्यों में लापरवाही बरतने, कैश-बुक अद्यतन नहीं रखने तथा राहत कार्य में संचालित नाविकों का भुगतान समय पर नहीं करने इत्यादि आरोपों के लिए ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 2656 दिनांक 06.04.2009 के माध्यम से जिला पदाधिकारी, खगड़िया के पत्रांक 1214 दिनांक 21.07.2008 द्वारा गठित आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' विभाग को उपलब्ध कराया गया।
डॉ0 झा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों से संबंधित प्राप्त स्पष्टीकरण के संबंध में जिला पदाधिकारी, खगड़िया के पत्रांक 1475 दिनांक 24.11.2009 से प्राप्त मंतव्य के समीक्षोपरान्त आरोपों की वृहत जाँच के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17(2) के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3494 दिनांक 30.03.2011 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
संचालन पदाधिकारी आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर के पत्रांक 2205 दिनांक 20.08.2011 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में डॉ0 झा के विरूद्ध सभी आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन विधिवत् नहीं होने के कारण अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी से बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 की धारा-18 के तहत अग्रेतर जाँच का आदेश दिया गया।
डॉ0 झा के दिनांक 31.03.2020 को सेवानिवृा हो जाने के उपरान्त संचालित विभागीय कार्यवाही को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6234 दिनांक 26.06.2020 द्वारा बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत् सम्परिवर्तित किया गया। 2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध विभागीय पत्रांक 10769 दिनांक 17.09.2021 द्वारा डॉ0 झा से प्रमाणित आरोपों के लिए बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी। डॉ0 झा के पत्रांक कैम्प 01 दिनांक 19.11.2021 द्वारा बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें आरोप संख्या 01 से 09 एवं 13 के संबंध में उल्लिखित किया गया है कि सभी आरोप (आरोप सं0 01 से 09 एवं 13) साधारण प्र—ति के है एवं स्वयं वे भी उक्त प्रखंड में मात्र तीन महीने पदस्थापित थे। प्रखंड एवं अंचल दोनों कार्य का दायित्व अधिक हो जाने के कारण कार्य सम्पादन में आंषिक प्रक्रियात्मक त्रुटि औचक निरीक्षण के क्रम में पाया गया जिसे अविलम्ब अनुपालन कर जिला पदाधिकारी को प्रतिवेदित किया गया। वे फरवरी, 2020 में सेवानिवृत्त हो चुके हैं। इसलिए इनके बचाव अभ्यावेदन पर विचार करते हुए आरोप से मुक्त किया जाय।
डॉ0 झा के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप पर संचालन पदाधिकारी से प्राप्त मंतव्य एवं आरोपी के लिखित अभिकथन के समीक्षा में पाया गया कि डॉ0 झा पर कोई आरोप विाीय अनियमितता एवं गंभीर प्रशासनिक चूक का नहीं हैं, उनके द्वारा दैनिक कार्यों के निष्पादन के दौरान की गई चूक से संंबंधित है। उल्लेखनीय है कि जिला पदाधिकारी, खगड़िया द्वारा दिनांक 18.06.2008 को प्रखंड एवं अंचल कार्यालय, अलौली के औचक निरीक्षण के दौरान कुछ कर्मी के अनुपस्थित रहने,
अवकाश बही के संधारण नहीं रहने, न्यायालय वाद से संबंधित पंजी के संधारण नहीं रहने, शिकायती आवेदनों पर कार्रवाई की अद्यतन सूचना नहीं रखने इत्यादि से संबंधित त्रुटि पाई गई थी। निरीक्षण उपरान्त सभी त्रुटियों का निराकरण किया जा चुका है। विदित हो कि डॉ0 झा दिनांक 31.03.2020 को सेवानिवृत्त हो चुके हैं एवं प्रतिवेदित आरोप उनके प्रखण्ड विकास पदाधिकारी, अलौली के पद पर वर्ष 2008 के पदस्थापन से संबंधित है।
समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा डॉ0 झा से प्राप्त लिखित अभिकथन से सहमत होते हुए इनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को संचिकास्त किये जाने का निर्णय लिया गया।
अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार डॉ0 सतीश चरण झा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 968/08, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, अलौली, खगड़िया सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को संचिकास्तसंचिकास्तसंचिकास्तसंचिकास्त किया जाता है। आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया ाारण अंक में प्रकाषित किया ाारण अंक में प्रकाषित किया ाारण अंक में प्रकाषित किया आदेश ः-आदेश ः-आदेश ः-आदेश ः-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाध् आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाध् आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाध् जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जायजाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जायजाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जायजाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जाय।।।।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, रचना पाटिल,रचना पाटिल,रचना पाटिल,रचना पाटिल,
सरकार के अपर सचिव।