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;बपकरू9द्ध;बपकरू10द्ध ;बपकरू4द्ध ૧૧૧૧૧૧૧૧૯૯૯૯ ;बपकरू4द्ध
;बपकरू4द्ध;बपकरू22द्ध cq/ત્ત્cq/ત્ત્cq/ત્ત્cq/ત્ત્ંત્ત્jંત્ત્jંત્ત્jંત્ત્j;बपकरू22द्ध ૨૩૨૩૨૩૨૩ eત્ત્pક્ષ્ ૨૦૨૨eત્ત્pક્ષ્ ૨૦૨૨eત્ત્pક્ષ્ ૨૦૨૨eત્ત્pક્ષ્ ૨૦૨૨ खान एवं भूतत्व विभाग ——— अधिसूचना 21 मार्च 2022
अध्ययन कराया जाना अनिवार्य है।
अध्ययन विभाग द्वारा कराया जाना आवश्यक है। प्रथम वर्ष के लिए `1,97,55,000/-(18% वस्तु एवं सेवा कर अतिरिक्त)
सं॰ 02/एम0एम0-(बा0)-30/21- बालू के निक्षेपों के सही निर्धारण एवं मॉनसून के उपरांत 2/एम0एम0-(बा0)-30/21-1303/एम0--बालू के निक्षेपों के सही निर्धारण एवं मॉनसून के उपरांत बालू की मात्रा के आकलन हेतु वैज्ञानिक तरीके से नदियों का पुनर्भरण अध्ययन आवश्यक है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु बालू की मात्रा के आकलन हेतु वैज्ञानिक तरीके से नदियों का पुनर्भरण अध्ययन आवश्यक है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु बालू की मात्रा के आकलन हेतु वैज्ञानिक तरीके से नदियों का पुनर्भरण अध्ययन आवश्यक है। पर्यावरण, वन एवं जलवायु प्रवर्तन और निगरानी मार्गदर्शिका-2020 परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बालू खनन के संबंध में निर्गत प्रवर्तन और निगरानी मार्गदर्शिक परिवर्तन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा बालू खनन के संबंध में निर्गत (EMGSM-2020) में भी नदियों का वैज्ञानिक तरीके से में भी नदियों का वैज्ञानिक तरीके से पुनर्भरण अध्ययन कराया जाना अनिवार्य है। बालू खनन के लिए सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्त्त के अनुसार पूर्व में पुनर्भरण बालू खनन के लिए सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्त्त के अनुसार पूर्व में 2. बालू खनन के लिए सक्षम प्राधिकार द्वारा निर्गत पर्यावरणीय स्वीकृति की शर्त्त के अनुसार पूर्व में अध्ययन बालू बंदोबस्तधारी द्वारा कराया जाता था। वर्तमान में माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार बालूघाटों का अध्ययन बालू बंदोबस्तधारी द्वारा कराया जाता था। वर्तमान में माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेशानुसार बालूघाटों का संचालन बिहार राज्य खनन निगम द्वारा कराया जा रहा है तथा बालूघाटों की पर्यावरणीय स्वीकृति भी निगम के पक्ष में संचालन बिहार राज्य खनन निगम द्वारा कराया जा रहा है तथा बालूघाटों की पर्यावरणीय स्वीकृति भी निगम के पक्ष में संचालन बिहार राज्य खनन निगम द्वारा कराया जा रहा है तथा बालूघाटों की पर्यावरणीय स्वीकृति भी निगम के पक्ष में हस्तांतरित है। इसलिए राज्य के प्रमुख नदियों का पुनर्भरण अध्ययन विभाग द्वारा कराया जाना आवश्यक है हस्तांतरित है। इसलिए राज्य के प्रमुख नदियों का प्रवर्तन और निगरानी मार्गदर्शिका-2020 में निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुनर्भरण अध्ययन विशिष्ट मान्यता अध्ययन विशिष्ट मान्यता 3. प्रवर्तन और निगरानी मार्गदर्शिका-2020 प्राप्त संस्थानों के माध्यम से आधुनिक तकनीक से ही कराया जा सकता है। मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठान के चयन में प्राप्त संस्थानों के माध्यम से आधुनिक तकनीक से ही कराया जा सकता है। मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठान के चयन में प्राप्त संस्थानों के माध्यम से आधुनिक तकनीक से ही कराया जा सकता है। मान्यता प्राप्त प्रतिष्ठान के चयन में ाइन प्लांनिंग एण्ड डिजाइन इंस्टीच्यूट लि0 के माध्यम से पुनर्भरण विशिष्टता, गुणवत्ता एवं अनुभव के आलोक में सेन्ट्रल माइन प्लांनिंग एण्ड डिजाइन इंस्टीच्यूट लि0 के माध्यम से विशिष्टता, गुणवत्ता एवं अनुभव के आलोक में सेन्ट्रल म वस्तु एवं सेवा कर अतिरिक्त) एवं द्वितीय वर्ष अध्ययन संचालित करने हेतु प्रथम वर्ष के लिए के लिए `1,54,75,350/-(18% वस्तु एवं सेवा कर अतिरिक्त) का शुल्क देय है
वस्तु एवं सेवा कर अतिरिक्त) का शुल्क देय है।
4. अतः पंचांग वर्ष 2022 में राज्यान्तर्गत 04 प्रमुख नदियों यथा-सोन, कियूल, फल्गू एवं चानन नदी का अतः पंचांग वर्ष 2022 में राज्यान्तर्गत 04 प्रमुख नदियों यथा-सोन, कियूल, फल्गू एवं चानन नदी का अतः पंचांग वर्ष 2022 में राज्यान्तर्गत 04 प्रमुख नदियों यथा-सोन, कियूल, फल्गू एवं चानन नदी का (Replenishment Study) नामांकन के आधार पर सेन्ट्रल माइन प्लांनिंग एण्ड डिजाइन इंस्टीच्यूट नामांकन के आधार पर सेन्ट्रल माइन प्लांनिंग एण्ड डिजाइन इंस्टीच्यूट ौ सौ रूपया) पर कराने की स्वीकृति दी 2,33,10,900/-(दो करोड़ तेंतीस लाख दस हजार नौ सौ रूपया) पर कराने की स्वीकृति दी पुनर्भरण अध्ययन (Replenishment Study) लि0 (CMPDI) से `2,33,10,900/-(दो करोड़ तेंतीस लाख दस हजार न जाती है।
5. प्रस्ताव में मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त है।
प्रस्ताव में मंत्रिपरिषद की स्वीकृति प्राप्त है।
राज्यपाल के आदेश से,
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीवान जाफर हुसैन खाँ, दीवान जाफर हुसैन खाँ, सरकार के संयुक्त सचिव। सरकार के संयुक्त सचिव।