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૦૦૦૦૮૮૮૮ चैत्रचैत्रचैत्रचैत्र ૧૯૪૧૯૪૧૯૪૧૯૪૪૪૪૪ ;बपकरू21द्ध0;बपकरू22द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू23द्ध मंगलमंगलमंगलमंगलवावावावारररर;बपकरू23द्ध૨૯૨૯૨૯૨૯ eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ ૨૦૨૨૦૨૨૦૨૨૦૨૨૨૨૨
बिहार विधान सभा सचिवालय
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अधिसूचना
28 मार्च 2022
सं॰ वि॰स॰वि॰-05/2022-
/2022-1381381381387777/वि॰स॰--''बिहार शहरी आयोजना तथा विकास (संशोधन) विधेयक
शहरी आयोजना तथा विकास (संशोधन) विधेयक न सभा की प्रक्रिया न सभा में दिनांक-28 मार्च, 2022 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया 2022'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक-28 मार्च, 2022 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विध तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत ैर हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।
आदेश से, आदेश से, शैलेन्द्र सिंह शैलेन्द्र सिंह, सचिव। सचिव।2 ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध ;बपकरू17द्धख्;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू21द्ध;बपकरू22द्ध29 eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ 2022022022022222 [विविविविससससविविविवि-0-0-0-04/20224/20224/20224/2022] शहरी आयोजना तथा विकास (संशोधन) विधेयक, 2022विधेयक, 2022विधेयक, 2022विधेयक, 2022 बिहार बिहार बिहार बिहार शहरी आयोजना तथा विकास (संशोधन) शहरी आयोजना तथा विकास (संशोधन) शहरी आयोजना तथा विकास (संशोधन) बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 (बिहार अधिनियम 20, (बिहार अधिनियम 20, (बिहार अधिनियम 20, (बिहार अधिनियम 20, 2012)2012)2012)2012) का संशोधन का संशोधन का संशोधन का संशोधन बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012
करने के लिए विधेयक।करने के लिए विधेयक।करने के लिए विधेयक।करने के लिए विधेयक।
भारत गणराज्य के तिहत्तरवें वर्ष में बिहार राज्य विधानमंडल द्वारा यह निम्नलिखित रूप में अधिनियमित हो -
1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभसंक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभसंक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभसंक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ :- (1) यह अधिनियम बिहार शहरी आयोजना तथा विकास (संशोधन) अधिनियम, 2022 कहा जा सकेगा। (2) इसका विस्तार राज्य सरकार द्वारा यथा अधिसूचित सम्पूर्ण बिहार राज्य अथवा इसके किसी भाग में होगा। (3) यह राजपत्र में प्रकाशन की तिथि से प्रवृत होगा। 2. बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 के धारा-47 में संशोधन। बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 के धारा-47 में संशोधन।- बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 के धारा-47 में संशोधन। बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 के धारा-47 में संशोधन। उक्त अधिनियम की धारा-47 को निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित किया जायेगाः -
क्षेत्र विकास स्कीम के लिए आवेदन।- (1) क्षेत्र विकास योजना(ओं) की मंजूरी के लिए योग्य ''47''47''47''47.... क्षेत्र विकास स्कीम के लिए आवेदन। क्षेत्र विकास स्कीम के लिए आवेदन। क्षेत्र विकास स्कीम के लिए आवेदन। डेवलपर्स को प्रस्तावित प्रपत्र में आयोजना प्राधिकार के समक्ष एक आवेदन करना होगा, (2) आवदेन निम्नलिखित दस्तावेजों के साथ किया जाएगाः- (क) धारा-48 में वर्णित विवरण को शामिल करके क्षेत्र विकास स्कीम की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट; (ख) 80 प्रतिशत भूमि मालिकों की सहमति या कुल प्लाट क्षेत्र का 80 प्रतिशत डेवलपर के पक्ष में पंजीेकृत शीर्षक दस्तावेजों या पंजीकृत मुख्तारनामा या पंजीकृत विकास समझौते के रूप में; परन्तु यह कि किसी आयोजना प्राधिकार द्वारा क्रियान्वित की जानेवाली योजनाओं में कुल भूमि मालिकों की संख्या के 80 प्रतिशत भूमि मालिकों की सहमति या कुल प्लाट क्षेत्र के 80 प्रतिशत भूमि के भूमि मालिक की सहमति की आवश्यकता नहीं होगी।''
उद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतु चूँकि बिहार राज्य में शहरी क्षेत्रों एवं शहरीकरण की क्षमताधारित क्षेत्रों की योजनाबद्ध अभिवृद्धि एवं विकास तथा भूमि उपयोग के विनियिमन और सम्बर्द्धन के लिए बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 अधिसूचित है। उक्त अधिनियम में भूमि एकत्रीकरण (Land Pooling) के आधार पर आधारभूत संरचनाओं के विकास तथा लोकोपयोगी सुविधाओं यथा- सड़क, पार्क, खेल का मैदान, आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए आवास आदि की व्यवस्था किए जाने से सम्बन्धित प्रावधान किया गया है। चूँकि वर्णित अधिनियम की धारा-47 में 80 प्रतिशत भू-स्वामियों की सहमति या कुल प्लाट क्षेत्र का 80 प्रतिशत Development के पक्ष में पंजी—त दस्तावेज के आधार पर सहमति के उपरान्त भूमि एकत्रीकरण योजना लाये जाने का प्रावधान किया गया है। चूँकि राज्य के शहरी क्षेत्रों तथा अयोजना क्षेत्रों के अन्तर्गत Development Plan (Master Plan) की अधिसूचना के उपरान्त उसके अन्तर्गत कुछ निहित प्रावधानों के अधीन अन्य राज्यों से सम्बन्धित अधिनियम नियमावलियों, नीतियों, दिशानिर्देशों की सन्दर्भित करते हुए भूमि एकत्रीकरण नीति तैयार की गयी है। चूँकि जिन राज्यों में यह योजना सिर्फ प्राधिकार के माध्यम से क्रियान्वित की जाती है, वहाँ भूमि मालिकों से सहमति के न्यूनतम प्रतिशत का कोई प्रावधान नहीं रहता है, क्योंकि इससे कतिपय व्यावहारिक कठिनाईयाँ उत्पन्न हो सकती है। राज्य में सुनियोजित शहरीकरण की योजनाओं के त्वरित क्रियान्वयन हेतु बिहार शहरी आयोजना तथा विकास अधिनियम, 2012 की धारा-47 में संशोधन अपेक्षित है। यही इसका उद्देश्य है, जिसे अधिनियमित करना ही विधेयक का अभीष्ट है।
( तारकिशोर प्रसाद ) भार-साधक सदस्य।
शैलेन्द्र सिंह,
पटना
सचिव,
दिनांक-28.03.2022 बिहार विधान सभा।