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ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू9द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू11द्ध
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;बपकरू14द्ध;बपकरू15द्ध ;बपकरू4द्ध ૧૧૧૧૩૩૩૩૯૯૯૯ ;बपकरू4द्ध
૦૦૦૦૯૯૯૯ चैत्रचैत्रचैत्रचैत्र ૧૯૪૧૯૪૧૯૪૧૯૪૪૪૪૪ ;बपकरू21द्ध0;बपकरू22द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू23द्ध बुधबुधबुधबुधवावावावारररर;बपकरू23द्ध૩૦૩૦૩૦૩૦ eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ ૨૦૨૨૦૨૨૦૨૨૦૨૨૨૨૨
बिहार विधान सभा सचिवालय
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अधिसूचना
30 मार्च 2022
सं॰ वि॰स॰वि॰-11/2022-
/2022-1111555560606060/वि॰स॰--''बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (
षीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2022'', जो बिहार विधान सभा में दिनांक-30 मार्च, 2022 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन सभा की न सभा में दिनांक-30 मार्च, 2022 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन सभा की न सभा में दिनांक-30 मार्च, 2022 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन सभा की के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है । प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है । प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116
आदेश से, आदेश से, शैलेन्द्र सिंह, शैलेन्द्र सिंह सचिव। सचिव2 ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध ;बपकरू17द्धख्;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू21द्ध;बपकरू22द्ध30 eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ 2022022022022222
[विविविविससससविविविवि-0-0-0-09999/2022/2022/2022/2022]
बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन
(संशोधन) विधेयक, 2022(संशोधन) विधेयक, 2022(संशोधन) विधेयक, 2022(संशोधन) विधेयक, 2022
बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2006 (बिहार अधिनियम 5, 2006) का संशोधन करने के लिए अधिनियम 5, 2006) का संशोधन करने के लिए अधिनियम 5, 2006) का संशोधन करने के लिए अधिनियम 5, 2006) का संशोधन करने के लिए बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2006 (बिहार बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2006 (बिहार बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2006 (बिहार विधेयकविधेयकविधेयकविधेयक
प्रस्तावना-प्रस्तावना-प्रस्तावना-प्रस्तावना- राजकोषीय समेकन के लिए 15वें वित्त आयोग तथा भारत सरकार द्वारा यथा अनुशंसित, पुनरीक्षित रूपरेखा को लागू करने एवं राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन प्रक्रिया को पारदर्शी तथा व्यापक बनाने के लिए राजकोषीय लक्ष्यों में संशोधन का उपबंध करने हेतु बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2006 में संशोधन हेतु विधेयक।
भारत गणराज्य के तिहतरवें वर्ष में बिहार राज्य विधान मंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित हो :-
1111.... स्ांक्ष्स्ािंक्ष्स्ािंक्ष्स्ािंक्षिप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ। - ाप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ। - (1) यह अधिनियम बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन ाप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ। - ाप्त नाम, विस्तार एवं प्रारम्भ। - (संशोधन) अधिनियम, 2022 कहा जा सकेगा।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा।
(3) इस अधिनियम में जैसा अन्यथा उपबंधित है, उसके सिवाय इस अधिनियम के उपबंध उस तारीख को प्रवृत्त होंगे, जो राज्य सरकार राजपत्र में, अधिसूचना द्वारा नियत करे।
2222.... बिहार अधिनियम-5, 2006 की धारा-9 का संशोधन। - बिहार अधिनियम-5, 2006 की धारा-9 का संशोधन। -बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन बिहार अधिनियम-5, 2006 की धारा-9 का संशोधन। - बिहार अधिनियम-5, 2006 की धारा-9 का संशोधन। - अधिनियम, 2006 (बिहार अधिनियम 5, 2006) की धारा-9 की उप धारा-2(ख)(5) के बाद नई उप धारा-2(ख)(6) निम्नलिखित रूप से जोड़ी जायेगी :-
''2(ख)(''2(ख)(''2(ख)(''2(ख)(6666)))) वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 की अवधि में राज्य के लिए राजकोषीय घाटा लक्ष्यों और वार्षिक उधार सीमाओं का प्रतिज्ञापन निम्नवत किया जाता है :- (I) वित्तीय वर्ष 2022-23 के लिए राज्य की सामान्य निवल उधार सीमा सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 3.5 प्रतिशत होगी।
(II) वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 की तीन वर्ष की अवधि के लिए राज्य की सामान्य निवल उधार सीमा सकल राज्य घरेलू उत्पाद का 3 प्रतिशत होगी।
(III) वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2024-25 की अवधि के लिए निर्धारित अधिसीमा के अतिरिक्त राज्य का वार्षिक उधार सीमा 0.5 प्रतिशत से वर्धित होगा। यह अतिरिक्त उधार सीमा भारत सरकार द्वारा निर्धारित शर्त्त के अधीन होगा।
(IV) वित्तीय वर्ष 2021-22 से 2024-25 की अवधि के दौरान किसी विशिष्ट वर्ष में राज्य अपनी स्वीकृत उधार सीमा का पूर्ण रूप से उपयोग करने में सक्षम नहीं होता है, तो उसे बाद के वर्षों में पंचाट अवधि के भीतर इस अनुपयोजित उधार राशि (जिसका रूपये में परिकलन किया गया है) का उपयोग करने का विकल्प होगा।"
वित्तीय संलेखवित्तीय संलेखवित्तीय संलेखवित्तीय संलेख
राजकोषीय स्थायित्व एवं संपोषनीय विकास सुनिश्चित करने तथा पर्याप्त राजस्व अधिकोष की प्राप्ति कर राजकोषीय घाटे के लिए निर्धारित लक्ष्य को प्राप्त करने के निमित बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन अधिनियम, 2006 को अधिनियमित किया गया था। उक्त अधिनियम के अंतर्गत वर्ष 2020-21 के लिए राजकोषीय 3 ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध ख्;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू21द्ध;बपकरू22द्ध ૩૦૩૦૩૦૩૦ eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ 2022022022022222 वर्तमान में 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में तथा उक्त अधिनियम के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में उधार सीमा को 3.5 प्रतिशत की सीमा तक तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 की तीन वर्ष की अवधि के लिए राज्य का वार्षिक उधार सीमा सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 3 प्रतिशत की सीमा तक बढ़ाये जाने के निमित बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2022 लाया जा रहा है, साथ ही वर्ष 2022-23 से 2024-25 की अवधि के लिए निर्धारित अधिसीमा के अतिरिक्त राज्य का राजकोषीय घाटा लक्ष्य एवं वार्षिक उधार सीमा 0.5 प्रतिशत से वर्धित होगा। यह अतिरिक्त उधार सीमा भारत सरकार द्वारा निर्धारित शर्त्त के अधीन होगा।
इससे राज्य सरकार इस अवधि (वर्ष 2022-23 से 2025-26) में अतिरिक्त ऋण की उगाही कर सकेगी।
(तारकिशोर प्रसाद)(तारकिशोर प्रसाद)(तारकिशोर प्रसाद)(तारकिशोर प्रसाद)
भार-साधक सदस्य।
उद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतुउद्देश्य एवं हेतु
वर्ष 2016-17 से 2019-20 की अवधि में राज्य का राजकोषीय घाटा सकल राज्य घरेलू उत्पाद के अधिकतम 3.5 प्रतिशत की वार्षिक अधिसीमा तक निर्धारित है। वित्तीय वर्ष 2020-21 के लिए पूर्व निर्धारित राजकोषीय घाटा एवं वार्षिक उधार सीमा की अधिसीमा में 2ः (दो प्रतिशत) की अतिरिक्त वृद्धि की गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 के लिए राजकोषीय घाटा एवं वार्षिक उधार सीमा को अधिकतम 4.5 प्रतिशत की अधिसीमा तक निर्धारित किया गया है। वर्तमान में 15वें वित्त आयोग की अनुशंसा के आलोक में तथा उक्त अधिनियम के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2022-23 में वार्षिक उधार सीमा को 3.5 प्रतिशत की सीमा तक तथा वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 की तीन वर्ष की अवधि के लिए राज्य का वार्षिक उधार सीमा सकल राज्य घरेलू उत्पाद के 3 प्रतिशत की सीमा तक बढ़ाये जाने के निमित बिहार राजकोषीय उत्तरदायित्व एवं बजट प्रबंधन (संशोधन) विधेयक, 2022 लाया जा रहा है, साथ ही वर्ष 2022-23 से 2024-25 की अवधि के लिए निर्धारित अधिसीमा के अतिरिक्त राज्य का राजकोषीय घाटा लक्ष्य एवं वार्षिक उधार सीमा 0.5 प्रतिशत से वर्धित होगा। यह अतिरिक्त उधार सीमा भारत सरकार द्वारा निर्धारित शर्त्त के अधीन होगा। राज्य सरकार को उपर्युक्त संशोधन के फलस्वरूप वित्तीय वर्ष 2022-23 से 2025-26 तक अतिरिक्त ऋण सुविधा प्राप्त होगी, जिसे अधिनियमित करना ही इसका अभिष्ट है।
(तारकिशोर प्रसाद)(तारकिशोर प्रसाद)(तारकिशोर प्रसाद)(तारकिशोर प्रसाद) भार-साधक सदस्य।।।।
शैलेन्द्र सिंह, सचिव,
पटना दिनांक-30.03.2022 बिहार विधान सभा।
———— ख्;बपकरू8द्धँ;बपकरू22द्ध ;बपकरू1द्ध;बपकरू13द्ध ;बपकरू30द्ध;बपकरू31द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू22द्ध ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू22द्ध ;बपकरू13द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू1द्ध म;बपकरू4द्ध ;बपकरू30द्ध;बपकरू11द्ध;बपकरू31द्धघ् ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध ;बपकरू17द्धख्;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू21द्ध 139-5;1़10-;बपकरू8द्धए;बपकरू10द्धए;बपकरू8द्धएघ् Website: http://egazette.bih.nic.in