;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध संख्या
संख्या ;बपकरू8द्ध;बपकरू10द्ध ;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध
;बपकरू4द्ध
ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू9द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू11द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू9द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू11द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू9द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू10द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू11द्ध
;बपकरू14द्ध;बपकरू15द्ध ;बपकरू4द्ध ૧૧૧૧૪૪૪૪૧૧૧૧ ;बपकरू4द्ध
૦૦૦૦૯૯૯૯ चैत्रचैत्रचैत्रचैत्र ૧૯૪૧૯૪૧૯૪૧૯૪૪૪૪૪ ;बपकरू21द्ध0;बपकरू22द्ध ;बपकरू4द्ध;बपकरू23द्ध बुधबुधबुधबुधवावावावारररर;बपकरू23द्ध૩૦૩૦૩૦૩૦ eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ ૨૦૨૨૦૨૨૦૨૨૦૨૨૨૨૨ बिहार विधान सभा सचिवालय ------ अधिसूचना
30 मार्च 2022
सं॰ वि॰स॰वि॰-09/2022-
/2022-1111555566666666/वि॰स॰--''बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन)
विधेयक, 2022'', न सभा की प्रक्रिया तथा न सभा में दिनांक-30 मार्च, 2022 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधान सभा की प्रक्रिया तथा जो बिहार विधान सभा में दिनांक-30 मार्च, 2022 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विध कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है । कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।
आदेश से, आदेश से, शैलेन्द्र सिंह, शैलेन्द्र सिंह सचिव।2 ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध ;बपकरू17द्धख्;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू21द्ध;बपकरू22द्ध30 eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ 2022022022022222 [विविविविससससविविविवि----11111111/2022/2022/2022/2022]
बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2022 बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2022 बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2022 बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) विधेयक, 2022
बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 ( बिहार अधिनियम 20, 2 016) को संशोधित करने के लिए विधेयकविधेयकविधेयकविधेयक बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 ( बिहार अधिनियम 20, 2016) को संशोधित करने के लिए 016) को संशोधित करने के लिए 016) को संशोधित करने के लिए बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 ( बिहार अधिनियम 20, 2 बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 ( बिहार अधिनियम 20, 2 भारत गणराज्य के तिहारवें वर्ष में बिहार राज्य के विधानमंडल द्वारा निम्न रूप में अधिनियमित हो :- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ :- संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ :- संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ :- संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ :- (1) यह अधिनियम बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद (संशोधन) अधिनियम, 2022 कहलाएगा।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह तुरत प्रवृा होगा और इस संशोधन अधिनियम के उपबंध सभी लंबित मामलों पर लागू होंगे।
2. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-2 की उपधारा (26) के पश्चात् नयी उपधारा बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-2 की उपधारा (26) के पश्चात् नयी उपधारा बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-2 की उपधारा (26) के पश्चात् नयी उपधारा बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-2 की उपधारा (26) के पश्चात् नयी उपधारा (26क) का अन्तःस्थापन(26क) का अन्तःस्थापन(26क) का अन्तःस्थापन(26क) का अन्तःस्थापन :- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-2 की उपधारा (26) के पश्चात् एक नयी उपधारा (26क) निम्न रूप में अन्तःस्थापित की जाएगी :-
''(26क) ''प्रदर्श'' से अभिप्रेत है कोई दस्तावेज, अभिलेख, वस्तु, फोटोग्राफ, एनीमेशन या कोई अन्य मद जिसका साक्ष्यिक मूल्य हो, जिसे न्यायालय में औपचारिक रूप से प्रस्तुत करना अपेक्षित हो और इसके अन्तर्गत दस्तावेज, अभिलेख, वस्तु, फोटोग्राफ, एनीमेशन या मद की वीडियोग्राफी, ड्रोन छवि आदि जैसी इलेक्ट्रॉनिक छवि है।''
3333.... बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-2 की उपधारा ( बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-2 की उपधारा (69) के खंड में संशोधन :-69) के खंड में संशोधन :-69) के खंड में संशोधन :-69) के खंड में संशोधन :- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-2 की उपधारा ( बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-2 की उपधारा ( बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-2 की उपधारा (69) ''अथवा खमीर मुक्त'' शब्दों को हटा दिया जाएगा। 4. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-37 का प्रतिस्थापन बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-37 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-37 का प्रतिस्थापन बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-37 का प्रतिस्थापन उत्पाद अधिनियम 2016, की धारा-37 (शराब का उपभोग करने के लिए शास्ति) (शराब का उपभोग करने के लिए शास्ति) यथा 2018 के अधिनियम, (शराब का उपभोग करने के लिए शास्ति) (शराब का उपभोग करने के लिए शास्ति) 8 द्वारा संशोधित निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगी :-
''37-शराब का उपभोग करने के लिए शास्ति-(1) इस अधिनियम या नियम, अधिसूचना या इसके अधीन दिए गए आदेश के उल्लंघन में जो कोई किसी स्थान में शराब या मादक द्रव्य का उपभोग करता है या किसी परिसर या बाहर में नशे की अवस्था में पाया जाता है या किसी मादक द्रव्य के प्रभाव में पाया जाता है तो उसे तुरत गिरफ्तार किया जाएगा और नजदीकी कार्यपालक मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा। तथापि उसे छोड़ दिया जाएगा यदि वह राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित शास्ति का भुगतान कर देता है। ऐसी शास्ति का भुगतान करने में विफल होने पर उसे एक माह का साधारण कारावास दिया जाएगा। उसके पास कोई मादक पदार्थ मिलने पर उसे धारा-57 के अनुसार जब्त (अभिग्रहण) कर नष्ट कर दिया जाएगा। परंतु बार-बार अपराध करने की दशा में राज्य सरकार अधिसूचना द्वारा अतिरिक्त शास्ति या कारावास या दोनों विहित कर सकेगी। स्पष्टीकरण 1 ः- अभियुक्त को यह अधिकार नहीं होगा कि उसे अपेक्षित शास्ति का भुगतान करने पर छोड़ दिया जाय। पुलिस पदाधिकारी या उत्पाद पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर कार्यपालक मजिस्ट्रेट लिखित में कारणों को अभिलिखित कर अभियुक्त को शास्ति का भुगतान करने पर भी छोड़ने से इंकार कर सकेगा तथा उसे ऐसी अभिरक्षा के लिए सुपुर्द कर सकेगा जो वह उचित समझे। स्पष्टीकरण 2 :- ऐसा छुटकारा विशेष न्यायालय के समक्ष विचारण, यदि कोई हो, के परिणाम को प्रभावित नहीं करेगा। (2) इस धारा के अधीन सभी अपराध कार्यपालक मजिस्ट्रेट द्वारा संक्षिप्त विचारण की प्रक्रिया द्वारा निष्पादित किये जायेगे जो इस धारा के प्रयोजन द्वितीय श्रेणी के न्यायिक मजिस्ट्रेट की शक्तियों का प्रयोग करेंगे। राज्य सरकार ऐसे कार्यपालक मजिस्टे्रट की नियुक्ति उच्च न्यायालय के परामर्श से करेगी। (3) इस धारा के अधीन मामलों का अन्वेषण उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी जो सहायक अवर निरीक्षक की पंक्ति से नीचे का न हो, द्वारा किया जाएगा। (4) इस धारा के अधीन अपराध करने का अभियुक्त कोई व्यक्ति किसी अन्य अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध भी करता है तो वह इस अधिनियम के अधीन यथा उल्लिखित परिणाम का भी सामना करेगा।''
5. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-39 की उपधारा (2) क बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-39 की उपधारा (2) को हटाया जाना :- ो हटाया जाना :- ो हटाया जाना :- ो हटाया जाना :- बिहार बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-39 की उपधारा (2) क बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-39 की उपधारा (2) क मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-39 (रसायनज्ञ की दुकान में शराब के उपभोग के लिए (रसायनज्ञ की दुकान में शराब के उपभोग के लिए (रसायनज्ञ की दुकान में शराब के उपभोग के लिए (रसायनज्ञ की दुकान में शराब के उपभोग के लिए शास्ति)शास्ति)शास्ति)शास्ति) की उपधारा (2) को हटा दिया जायेगा। 6. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-55 को हटाया जाना :- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-55 को हटाया जाना :- बिहार मद्यनिषेध और बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-55 को हटाया जाना :- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-55 को हटाया जाना :- (अपराधों का शमन नहीं होना) को हटा दिया जाएगा। उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-55 (अपराधों का शमन नहीं होना) (अपराधों का शमन नहीं होना) (अपराधों का शमन नहीं होना)3 ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध ख्;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू21द्ध;बपकरू22द्ध ૩૦૩૦૩૦૩૦ eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ 2022022022022222 7. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-56 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-56 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-56 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-56 का प्रतिस्थापन ः- उत्पाद अधिनियम, 2016, की धारा-56 (अधिहरण की जा सकने वाली चीजें) (अधिहरण की जा सकने वाली चीजें) यथा 2018 के अधिनियम, 8 (अधिहरण की जा सकने वाली चीजें) (अधिहरण की जा सकने वाली चीजें) द्वारा संशोधित निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगीः-
''56565656.... जब्त मदों का अधिहरण :- जब्त मदों का अधिहरण :- जब्त मदों का अधिहरण :- जब्त मदों का अधिहरण :- (1) धारा-57ख में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी जब कभी इस अधिनियम के अधीन दंडनीय अपराध किया जाता है तो कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत कोई पदाधिकारी, अन्वेषक पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर ऐसे मदों का अधिहरण कर सकेगा।
(2) ऐसे मदों में शामिल हो सकेंगे-
i. कोई परिसर या उसके भाग; ii. कोई पशु, वाहन, बर्तन या सवारी; iii. कोई शराब या मादक द्रव्य; iv. मामले पर प्रभाव डालने वाला कोई अन्य मद
परन्तु जहाँ धारा-57 में यथाउल्लिखित वस्तुएँ नष्ट की जानेवाली हैं तो कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी पदाधिकारी को उसके नष्ट होने के पूर्व उसे अधिहरण करने की आवश्यकता नहीं है। (3) राज्य सरकार तलाशी, जब्ती, नष्ट करने और अधिहरण के तरीके और रीति की बाबत आवश्यक निदेश, मार्गदर्शन, विनियमन और अनुदेश जारी कर सकेगी।
8. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-57 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-57 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-57 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-57 का प्रतिस्थापन ः- उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-57 (अधिहरण के पूर्व वस्तुओं को विक्रय या नष्ट करने का आदेश (अधिहरण के पूर्व वस्तुओं को विक्रय या नष्ट करने का आदेश (अधिहरण के पूर्व वस्तुओं को विक्रय या नष्ट करने का आदेश (अधिहरण के पूर्व वस्तुओं को विक्रय या नष्ट करने का आदेश देने की कलक्टर की शक्दिेने की कलक्टर की शक्दिेने की कलक्टर की शक्दिेने की कलक्टर की शक्ति)त)त)त) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगी :-
''57-नष्ट किए जाने के भागी कुछ वस्तुएँ -57-नष्ट किए जाने के भागी कुछ वस्तुएँ -57-नष्ट किए जाने के भागी कुछ वस्तुएँ -57-नष्ट किए जाने के भागी कुछ वस्तुएँ - कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत कोई पदाधिकारी धारा-57क के अधीन उपबंधित रीति से कुछ मदों को जो किसी उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी द्वारा जब्त किए गए हैं, नष्ट कर सकेगा यदि उसकी राय में ये मद दुरुपयोग किए जाने के भागी हैं या लोक सुरक्षा को खतरा पहुँचाने वाले हैं या सार्वजनिक स्थान लेने वाले हैं। ये मद हैंः- (क) कोई मादकद्रव्य या शराब;
(ख) ऐसे मादकद्रव्य या शराब को रखने वाली कोई वस्तु, बर्तन, उपकरण, साधित्र, पैकेज या आवरक आदि;
(ग) तुच्छ मूल्य या जल्दी या प्राकृतिक रूप से नष्ट होने का भागी कोई अन्य मद।
9. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-57 के पश्चात् एक नयी धारा-57क का बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-57 के पश्चात् एक नयी धारा-57क का बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-57 के पश्चात् एक नयी धारा-57क का बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-57 के पश्चात् एक नयी धारा-57क का अन्तःस्थापन ःअन्तःस्थापन ःअन्तःस्थापन ःअन्तःस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-57 के पश्चात् एक नयी धारा-57क निम्न रूप में अन्तःस्थापित की जाएगी :-
'' 57क- जब्त वस्तुएँ विशेषकर मादक द्रव्यों को नष्ट करना- 57क- जब्त वस्तुएँ विशेषकर मादक द्रव्यों को नष्ट करना- (1) दंड प्रक्रिया संहिता 1973 57क- जब्त वस्तुएँ विशेषकर मादक द्रव्यों को नष्ट करना- 57क- जब्त वस्तुएँ विशेषकर मादक द्रव्यों को नष्ट करना- (अधिनियम 2, 1974) की धारा-451 में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत किसी पदाधिकारी को जब्त वस्तुओं विशेषकर मादक द्रव्यों को नष्ट करने का आदेश देने की शक्ति होगी यदि उसकी राय में जब्त वस्तु या मादक द्रव्य दुरूपयोग किए जाने के भागी हों या सार्वजनिक स्थान लेने वाले हों जिससे लोक सुरक्षा को खतरा हो। (2) कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी उन मामलों में भी नष्ट करने का आदेश दे सकेगा जहाँ धारा-58 के अधीन अधिहरण कार्यवाही या विशेष न्यायालय द्वारा विचारण पूरा नहीं हुआ हो। अन्वेषण पदाधिकारी के प्रतिवेदन के आधार पर नष्ट करने का ऐसा आदेश दिया जाएगा जो जब्त मादक द्रव्यों को नष्ट करने के लिए कहते समय रासायनिक परीक्षा के परिणाम को शामिल करेगा। (3) कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी रासायनिक परीक्षा प्रतिवेदन प्राप्त करने के पश्चात् उन्हें नष्ट कराएगा। (4) कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी सुनिश्चित करेगा कि ऐसा विनष्टीकरण कार्यपालक मजिस्ट्रेट की उपस्थिति में हो और इसकी प्रक्रिया नवीनतम इलेक्ट्रॉनिक प्रौद्योगिकी जैसे मोबाइल फोन या वीडियोग्राफी का प्रयोग कर सम्यक् रूप से अभिलिखित हो। कोई अन्य वस्तुएँ जैसे बर्तन, खाली बोतलें, पाऊच, पैकेज आदि भी नष्ट किए जा सकेंगे। ऐसे विनष्टीकरण की पूरी कार्यवाही मामले के निष्पादन तक सुरक्षित रखी जाएगी। (5) ऐसे विनष्टीकरण पर कलक्टर या उसके द्वारा प्राधिकृत पदाधिकारी सम्बद्ध विशेष न्यायालय में प्रतिवेदन समर्पित करेगा। उक्त प्रतिवेदन प्रदर्श के रूप में माना जाएगा जो भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 (अधिनियम 1, 1872) की धारा-74 के अधीन एक सार्वजनिक दस्तावेज के रूप में ग्राह्य होगा और विचारण के प्रयोजनार्थ साक्ष्य गठित करेगा।''
10. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 में नयी धारा-57ख का अन्तःस्थापन :- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 में नयी धारा-57ख का अन्तःस्थापन :- बिहार मद्यनिषेध बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 में नयी धारा-57ख का अन्तःस्थापन :- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 में नयी धारा-57ख का अन्तःस्थापन :- और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-57क के पश्चात् एक नयी धारा-57ख निम्न रूप में अन्तःस्थापित की जाएगी :-
4 ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध ;बपकरू17द्धख्;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू21द्ध;बपकरू22द्ध30 eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ 2022022022022222'' 57ख- शास्ति पर वस्तुओं या परिसरों का छोड़े जाने का भागी होना - 57ख- शास्ति पर वस्तुओं या परिसरों का छोड़े जाने का भागी होना - 57ख- शास्ति पर वस्तुओं या परिसरों का छोड़े जाने का भागी होना - 57ख- शास्ति पर वस्तुओं या परिसरों का छोड़े जाने का भागी होना - (1) इस अधिनियम के अधीन दंडनीय किसी अपराध को करने के लिए प्रयुक्त कोई पशु, वाहन, बर्तन या अन्य सवारी जिसे किसी पुलिस पदाधिकारी या उत्पाद पदाधिकारी द्वारा जब्त किया गया हो, को ऐसी शास्ति के भुगतान पर कलक्टर द्वारा छोड़ दिया जाएगा जो राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाय। (2) इस अधिनियम के अधीन दंडनीय किसी अपराध को करने के लिए प्रयुक्त किसी परिसर या उसके हिस्से जिसे किसी पुलिस पदाधिकारी या उत्पाद पदाधिकारी द्वारा जब्त किया गया हो, को ऐसी शास्ति के भुगतान पर कलक्टर द्वारा छोड़ दिया जाएगा जो राज्य सरकार द्वारा अधिसूचित किया जाय। (3) यदि संबंधित व्यक्ति शास्ति का भुगतान नहीं करता है तो कलक्टर धारा-58 के अनुसार उक्त पशु, वाहन, बर्तन या अन्य सवारी और परिसर के अधिहरण की कार्यवाही करेगा। स्पष्टीकरण 1 :- अभियुक्त को यह अधिकार नहीं होगा कि अपेक्षित शास्ति के भुगतान पर उसकी सवारी, मद या परिसरों को छोड़ दिया जाय। कलक्टर, पुलिस पदाधिकारी या उत्पाद पदाधिकारी के प्रतिवदेन के आधार पर लिखित में कारणों को अभिलिखित कर उक्त सवारी, मद या परिसरों को छोड़ने से फिर भी इंकार कर सकेगा और अधिहरण तथा नीलामी/विनष्टीकरण की कार्यवाही कर सकेगा। स्पष्टीकरण 2 :- इस संशोधन के प्रवृा होने की तिथि से कलक्टर अधिहरण की चल रही कार्यवाही को बंद कर देगा यदि संबंधित व्यक्ति यथा अधिसूचित शास्ति का भुगतान कर देता है और ऐसे वाहन, सवारी या परिसर को छोड़ देगा।, स्पष्टीकरण 3 :- ऐसा छुटकारा विशेष न्यायालय के समक्ष विचारण, यदि कोई हो, के परिणाम को प्रभावित नहीं करेगा।''
11. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अबिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अबिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अबिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-62 का प्रतिस्थापन। धिनियम, 2016 की धारा-62 का प्रतिस्थापन।-बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद धिनियम, 2016 की धारा-62 का प्रतिस्थापन। धिनियम, 2016 की धारा-62 का प्रतिस्थापन। अधिनियम, 2016 की धारा-62 ः- (परिसरों का सीलबंद किए जाने के अधीन होना) यथा 2018 के अधिनियम 8 द्वारा संशोधित, निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगी ---- ''62 परिसरों का सीलबंद किए जाने 62 परिसरों का सीलबंद किए जाने के अधीन होनाके अधीन होनाके अधीन होनाके अधीन होना- यदि किसी उत्पाद पदाधिकारी या किसी पुलिस 62 परिसरों का सीलबंद किए जाने 62 परिसरों का सीलबंद किए जाने पदाधिकारी, जो सहायक अवर निरीक्षक से अन्यून पंक्ति का हो को पता चले कि किसी खास परिसर या उसके किसी भाग में शराब अथवा कोई मादक द्रव्य पाया जाता हैं अथवा उस परिसर विशेष या उसका कोई हिस्सा इस अधिनियम के अधीन किसी अपराध करने के लिए प्रयुक्त किया जाता है, तो वह तत्काल उस परिसर या उसका कोई हिस्सा को सीलबंद कर सकेगा तथा उसके अधिहरण के लिए कलक्टर के पास प्रतिवेदन भेज सकेगा।
परन्तु, यदि उक्त परिसर अस्थायी सरंचना हो जिसे प्रभावी ढंग से सीलबंद नहीं किया जा सकता हो तो उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी, कलक्टर के आदेष से ऐसे अस्थायी संरचनाओं को ध्वस्त कर सकेगा।'' 12. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-67, धारा-68, धारा-69, धारा-70, धारा-71, और बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-67, धारा-68, धारा-69, धारा-70, धारा-71, और बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-67, धारा-68, धारा-69, धारा-70, धारा-71, और बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-67, धारा-68, धारा-69, धारा-70, धारा-71, और धारा-72 को हटाया जाना ः-धारा-72 को हटाया जाना ः-धारा-72 को हटाया जाना ः-धारा-72 को हटाया जाना ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-67 (आदेश के आदेश के आदेश के आदेश के (अस्थायी रूप से वापसी की अनुमति), धारा-69 (साक्ष्य की प्रकृति)(साक्ष्य की प्रकृति)(साक्ष्य की प्रकृति)(साक्ष्य की प्रकृति), विस्तारण की अवधि)विस्तारण की अवधि)विस्तारण की अवधि)विस्तारण की अवधि), धारा-68 (अस्थायी रूप से वापसी की अनुमति) (अस्थायी रूप से वापसी की अनुमति) (अस्थायी रूप से वापसी की अनुमति) धारा-70 (तत्काल गिरफ्तारी)(तत्काल गिरफ्तारी)(तत्काल गिरफ्तारी)(तत्काल गिरफ्तारी), धारा-71 (धारा-66 के अधीन आदेश का अनुपालन नहीं करने के लिए (धारा-66 के अधीन आदेश का अनुपालन नहीं करने के लिए (धारा-66 के अधीन आदेश का अनुपालन नहीं करने के लिए (धारा-66 के अधीन आदेश का अनुपालन नहीं करने के लिए शास्ति)शास्ति)शास्ति)शास्ति) और धारा-72 (फरार व्यक्ति के संबंध में शक्तियाँ) (फरार व्यक्ति के संबंध में शक्तियाँ) को हटा दिया जाएगा। (फरार व्यक्ति के संबंध में शक्तियाँ) (फरार व्यक्ति के संबंध में शक्तियाँ) 13. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-75 के पश्चात् एक नयी धारा-75क का बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-75 के पश्चात् एक नयी धारा-75क का बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-75 के पश्चात् एक नयी धारा-75क का बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-75 के पश्चात् एक नयी धारा-75क का अन्तःस्थापन ः-अन्तःस्थापन ः-अन्तःस्थापन ः-अन्तःस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-75 के पश्चात् एक नयी धारा-75क निम्न रूप में अन्तःस्थापित की जाएगीः-
''75क प्रतिवेदन का सार्वजनिक दस्तावेज होना 75क प्रतिवेदन का सार्वजनिक दस्तावेज होना- इस अधिनियम के अधीन कोई प्रतिवेदन चाहे 75क प्रतिवेदन का सार्वजनिक दस्तावेज होना 75क प्रतिवेदन का सार्वजनिक दस्तावेज होना भौतिक रूप से या इलेक्ट्रॉनिक ऑनलाइन तंत्र के माध्यम से दाखिल किया जाय, विशेषकर रासायनिक परीक्षा से संबंधित, भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 (अधिनियम 1, 1872) की धारा-74 के अधीन सार्वजनिक दस्तावेज के रूप में माना जाएगा।''
14. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-80 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-80 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-80 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-80 का प्रतिस्थापन ः- (गिरफ्तार व्यक्तियों की पेशी) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-80 (गिरफ्तार व्यक्तियों की पेशी) (गिरफ्तार व्यक्तियों की पेशी) (गिरफ्तार व्यक्तियों की पेशी) जाएगीः-
''''''''80808080....----गिरफ्तार व्यक्तियों को पेश करना-गिरफ्तार व्यक्तियों को पेश करना-गिरफ्तार व्यक्तियों को पेश करना-गिरफ्तार व्यक्तियों को पेश करना- (1) इस अधिनियम के अधीन गिरफ्तार किसी व्यक्ति को 24 घंटे के अंदर विशेष न्यायालय या नजदीकी न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष या तो व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक वीडियो संपर्क माध्यम से पेश किया जाएगा।
स्पष्टीकरण ः- यदि कोई प्रश्न उठे कि क्या अभियुक्त व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से या इलेक्ट्रॉनिक वीडियो सम्पर्क माध्यम से न्यायालय के समक्ष पेश किया गया था, तो अभियुक्त5 ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध ख्;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू21द्ध;बपकरू22द्ध ૩૦૩૦૩૦૩૦ eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ 2022022022022222 व्यक्ति की पेशी को यथास्थिति उसके निरोध को प्राधिकृत करनेवाले आदेश में उसके हस्ताक्षर द्वारा या कार्यवाही की वीडियो रिकार्डिंग द्वारा प्रमाणित किया जा सकेगा।, (2) गिरफ्तार व्यक्ति की अभिरक्षा की माँग करते समय मजिस्ट्रेट के समक्ष सभी जब्त मदों या मादक द्रव्यों को प्रस्तुत करना आवश्यक नहीं होगा। संबद्ध उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी ऐसी बरामदगी का इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य प्रस्तुत कर सकेगा।
15. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-81 का बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-81 का प्रतिस्थापन ः-प्रतिस्थापन ः-प्रतिस्थापन ः-प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-81 का बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-81 का उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-81 (अभिगृहीत वस्तुओं और गिरफ्तार व्यक्ति को स्वीकार करने का (अभिगृहीत वस्तुओं और गिरफ्तार व्यक्ति को स्वीकार करने का (अभिगृहीत वस्तुओं और गिरफ्तार व्यक्ति को स्वीकार करने का (अभिगृहीत वस्तुओं और गिरफ्तार व्यक्ति को स्वीकार करने का पुलिस का कर्तव्य)पुलिस का कर्तव्य)पुलिस का कर्तव्य)पुलिस का कर्तव्य) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगीः-
''''''''81-81-81-81- गिरफ्तार व्यक्तियों, जब्त वस्तुओं और रासायनिक परीक्षा की अभिरक्षा- गिरफ्तार व्यक्तियों, जब्त वस्तुओं और रासायनिक परीक्षा की अभिरक्षा- गिरफ्तार व्यक्तियों, जब्त वस्तुओं और रासायनिक परीक्षा की अभिरक्षा- गिरफ्तार व्यक्तियों, जब्त वस्तुओं और रासायनिक परीक्षा की अभिरक्षा- (1) विशेष न्यायालय या न्यायिक मजिस्ट्रेट द्वारा गिरफ्तार व्यक्ति (व्यक्तियों) को न्यायिक अभिरक्षा या पुलिस अभिरक्षा में सुपुर्द करने तक गिरफ्तार व्यक्ति संबद्ध उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी द्वारा सुरक्षित अभिरक्षा में रखा जाएगा। (2) जब्त वस्तुओं जिनमें मादक द्रव्य शामिल हैं, की दशा में संबद्ध उत्पाद पदाधिकारी या पुलिस पदाधिकारी एक जब्ती सूची बनाएगा। उक्त जब्ती सूची एक प्रदर्श के रूप में मानी जाएगी जो भारतीय साक्ष्य अधिनियम 1872 (अधिनियम 1, 1872) की धारा-74 के अधीन सार्वजनिक दस्तावेज के रूप में ग्राह्य होगा और विचारण के प्रयोजनार्थ साक्ष्य गठित करेगा। इसके ठीक पश्चात्, संबद्ध पदाधिकारी कलक्टर के समक्ष यथास्थिति विनष्टीकरण या अधिहरण के लिए एक आवेदन देगा और कलक्टर के आदेश होने तक जब्त वस्तुओं को सुरक्षित अभिरक्षा में रखेगा। (3) मादक द्रव्यों आदि को नष्ट करने की माँग करते समय संबद्ध पुलिस या उत्पाद पदाधिकारी रासायनिक परीक्षण कराएगा। विशेष न्यायालय के अतिरिक्त कोई नजदीकी न्यायिक मजिस्ट्रेट या कार्यपालक मजिस्ट्रेट ऐसी रासायनिक परीक्षा की अनुमति देने के लिए सक्षम होगा। 16. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-81 के पश्चात् बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-81 के पश्चात् एक नयी धारा-81क का एक नयी धारा-81क का एक नयी धारा-81क का एक नयी धारा-81क का बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-81 के पश्चात् बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-81 के पश्चात् अन्तःस्थापन ः-अन्तःस्थापन ः-अन्तःस्थापन ः-अन्तःस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-81 के पश्चात् एक नयी धारा-81क निम्न रूप में अन्तःस्थापित की जाएगीः-
''''''''81क-जब्त वस्तु, स्थल पर कब नष्ट की जा सकेगी 81क-जब्त वस्तु, स्थल पर कब नष्ट की जा सकेगी- जहाँ भूभाग और परिवहन की चुनौतियों 81क-जब्त वस्तु, स्थल पर कब नष्ट की जा सकेगी 81क-जब्त वस्तु, स्थल पर कब नष्ट की जा सकेगी के कारण जब्त वस्तुओं या मादक द्रव्यों को सुरक्षित अभिरक्षा में रखना संभव न हो या जहाँ जब्त की गयी ऐसी वस्तुओं या मादक द्रव्यों को जब्त करने के स्थान पर प्रभावी रूप से सुरक्षित नहीं किया जा सके तो संबद्ध पुलिस पदाधिकारी या उत्पाद पदाधिकारी विशेष न्यायालय या कलक्टर के आदेश के बिना एक छोटे नमूने को रखकर स्थल पर ही सारी मात्रा को नष्ट कर सकेगा। परन्तु जब्त वस्तुओं को नष्ट करनेवाला पदाधिकारी ऐसे विनष्टीकरण का इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जैसे वीडियोग्राफी या ड्रोन छवि रखेगा और कलक्टर और विशेष न्यायालय को पूरे औचित्य के साथ एक प्रतिवेदन समर्पित करेगा। उक्त प्रतिवेदन एक प्रदर्श के रूप में माना जाएगा जो भारतीय साक्ष्य अधिनियम, 1872 (अधिनियम 1, 1872) की धारा-74 के अधीन एक सार्वजनिक दस्तावेज के रूप में ग्राह्य होगा और विचारण के प्रयोजनार्थ साक्ष्य गठित करेगा।'' 17. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-83 का प्रतिस्थापन ः- अधिनियम, 2016 की धारा-83 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और अधिनियम, 2016 की धारा-83 का प्रतिस्थापन ः- अधिनियम, 2016 की धारा-83 का प्रतिस्थापन ः- (न्यायालय द्वारा विचारण) निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-83 (न्यायालय द्वारा विचारण) (न्यायालय द्वारा विचारण) (न्यायालय द्वारा विचारण) जाएगीः-
''''''''83- विशेष न्यायालय (न्यायालयों)- 83- विशेष न्यायालय (न्यायालयों)- 83- विशेष न्यायालय (न्यायालयों)- 83- विशेष न्यायालय (न्यायालयों)- (1) इस अधिनियम की धारा-76 में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी इस अधिनियम के अधीन दंडनीय सभी अपराध, धारा-37 के अधीन अपराधों को छोड़कर, का विचारण विशेष न्यायालय (न्यायालयों) द्वारा किया किया जाएगा जिसकी अध्यक्षता सत्र न्यायाधीश, अपर सत्र न्यायाधीश, सहायक सत्र न्यायाधीश या न्यायिक मजिस्ट्रेट कर सकेगा। स्पष्टीकरणः- विशेष न्यायालयों में विद्यमान सभी मामले जहाँ अपराध केवल धारा-37 के अधीन प्रतिवेदित हो न कि इस अधिनियम या किसी अन्य अधिनियम की अन्य धारा में तो इसे विशेष न्यायालय से जिला मजिस्ट्रेट के न्यायालय में इस रीति से अंतरित किया जाएगा जो राज्य सरकार द्वारा विहित की जाय। जहाँ ऐसे मामलों के अधीन गिरफ्तार व्यक्ति अभी भी जेल में हो तो उन्हें छोड़ दिया जाएगा यदि वे धारा-37 में यथाउल्लिखित कारावास की अवधि पूरी कर चुके हों।, (2) ये न्यायाधीश राज्य सरकार द्वारा उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से नियुक्त किए जायेंगे। (3) हरेक जिला में कम से कम एक विशेष न्यायालय होगा।6 ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध ;बपकरू17द्धख्;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू21द्ध;बपकरू22द्ध30 eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ 2022022022022222 (4) इस अधिनियम या दंड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) में अन्तर्विष्ट किसी बात के होते हुए भी राज्य सरकार यदि लोक हित में और विद्यमान विशेष न्यायालयों के कार्यभार के आधार पर आवश्यक समझे, राज्य के हरेक जिला में उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से अधिक विशेष न्यायालय (न्यायालयों) स्थापित या नामनिर्दिष्ट कर सकेगी। (5) राज्य सरकार उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश के परामर्श से सेवानिवृत्त न्यायाधीशों को भी, जो अपर सत्र न्यायाधीश रह चुके हों, विशेष न्यायालयों में पीठासीन होने के लिए नियुक्त कर सकेगी। (6) उच्च न्यायालय को विद्यमान अपर सत्र न्यायाधीश, सहायक सत्र न्यायाधीश या न्यायिक मजिस्ट्रेट को विशेष न्यायालय होने के लिए अभिहित करने की शक्ति होगी। (7) जैसे ही स्थानान्तरण या छुट्टी या किसी अन्य कारण से विशेष न्यायालय रिक्त होता है, जिला और सत्र न्यायाधीश उक्त रिक्ति को भरने के लिए तुरत उच्च न्यायालय से अनुरोध करेगा और ऐसे समय तक अंतरिम व्यवस्था करेगा।''
18. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-84 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-84 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-84 का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-84 का प्रतिस्थापन ः- उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-84 निम्नलिखित द्वारा प्रतिस्थापित की जाएगीः-
''''''''84- विशेष न्यायालयों द्वारा विचारण-84- विशेष न्यायालयों द्वारा विचारण-84- विशेष न्यायालयों द्वारा विचारण-84- विशेष न्यायालयों द्वारा विचारण- (1) सभी विशेष न्यायालय अनन्य होंगे और इस अधिनियम के अधीन केवल अपराधों का विचारण करेंगे। (2) इस अधिनियम के अधीन विशेष न्यायालय द्वारा किसी अपराध के विचारण को किसी अन्य न्यायालय (विशेष न्यायालय नहीं हो) में अभियुक्त के विरुद्ध किसी अन्य मामले के विचारण पर अग्रता दी जाएगी और ऐसे अन्य मामले के विचारण पर अधिमान देकर इसे समाप्त किया जाएगा। (3) इस अधिनियम के प्रारंभ होने के पूर्व बिहार उत्पाद अधिनियम, 1915 (बिहार और उड़ीसा अधिनियम II, 1915) के अधीन किसी अन्य न्यायालय में लंबित सभी विचारण और कार्यवाहियाँ विशेष न्यायालयों को अंतरित हो जायेंगी। (4) आरोप पत्र समर्पित किए जाने की तिथि से एक वर्ष के अन्दर विशेष न्यायालय यथासंभव विचारण पूरा करेगा। 19. बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-91 की उपधारा (3) का प्रतिस्थापन ः- बिहार बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-91 की उपधारा (3) का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-91 की उपधारा (3) का प्रतिस्थापन ः- 2016 की धारा-91 की उपधारा (3) का प्रतिस्थापन ः- बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 की धारा-91 की उपधारा (3) (मामले के अन्वेषण के पश्चात् वह (मामले के अन्वेषण के पश्चात् वह (मामले के अन्वेषण के पश्चात् वह (मामले के अन्वेषण के पश्चात् वह मामले के रजिस्ट्रीकरण की तारीख से साठ दिनों के भीतर प्रतिवेदन दायर करेगा मामले के रजिस्ट्रीकरण की तारीख से साठ दिनों के भीतर प्रतिवेदन दायर करेगा)))) निम्नलिखित द्वारा मामले के रजिस्ट्रीकरण की तारीख से साठ दिनों के भीतर प्रतिवेदन दायर करेगा मामले के रजिस्ट्रीकरण की तारीख से साठ दिनों के भीतर प्रतिवेदन दायर करेगा प्रतिस्थापित की जाएगी :-
''(3) ऐसे मामलों में जहाँ अपराध मृत्युदंड या कम से कम 10 वर्षों के कारावास से दंडनीय हैं, वह अन्वेषण के पश्चात् मामले के रजिस्ट्रीकरण की तिथि से 90 दिनों के अन्दर एक प्रतिवेदन दाखिल करेगा। अन्य सभी मामलों में वह मामले के रजिस्ट्रीकरण की तिथि से 60 दिनों के अन्दर प्रतिवेदन दाखिल करेगा।''
उद्देश्य एवं हेतु उद्देश्य एवं हेतु उद्देश्य एवं हेतु उद्देश्य एवं हेतु
बिहार राज्य में अप्रैल 2016 से पूर्ण मद्यनिषेध लागू है। राज्य सरकार की मद्यनिषेध नीति को कार्यान्वित करने हेतु बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 02 अक्टूबर, 2016 से लागू है। मद्यनिषेध कार्यान्वयन में प्राप्त अनुभवों के आधार पर अधिनियम में वर्ष 2018 एवं 2020 में संशोधन किया गया है। मद्यनिषेध का कार्यान्वयन हेतु लगातार छापामारी की जा रही है और अभियुक्त पकड़े जा रहे है। अभियोगों का विचारण हेतु पूरे राज्य में 74 अनन्य विशेष न्यायालय का गठन किया गया है किन्तु विशेष न्यायालय शराब उपभोग के जुर्म में पकड़े गये अभ्युक्तों के जमानत से संबंधित मामले में ही व्यस्त हैं। परिणामतः शराब के बड़े-बड़े अवैध आपूर्तिकर्त्ताओं से संबंधित मामलों पर विचारण का समय न्यायालयों को नहीं मिल पा रहा है और शराब माफियाओं पर शीघ्र दण्ड अधिरोपण नहीं हो पा रहा है। इसके अतिरिक्त पकड़े गये शराब, वाहन आदि के निष्पादन में विधिसम्मत् कार्रवाई करने में जिलास्तरीय पदाधिकारी यथा जिला पदाधिकारी, पुलिस अधीक्षक तथा मद्यनिषेध पदाधिकारियों का प्रक्रियात्मक एवं कागजी कार्रवाई काफी बढ़ गयी है। अतएव न्यायालयों में सुनवाई में तेजी लाने और न्यायपालिका तथा कार्यपालिका का ध्यान एवं समय अवैध शराब की आपूर्ति एवं व्यापार करने वाले अभियुक्तों पर केन्द्रित कर और उन्हें यथा शीघ्र सजा दिलाने के उद्देश्य की पूर्ति हेतु बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 में संशोधन की आवश्यकता महसूस की जा रही है।7 ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध ख्;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू21द्ध;बपकरू22द्ध ૩૦૩૦૩૦૩૦ eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્eત્ત્pક્ષ્ 2022022022022222 इसलिए अधिनियम के कतिपय धाराओं में संशोधन, प्रतिस्थापन एवं नई धाराओं का अन्तःस्थापन अपेक्षित है। एतदर्थ बिहार मद्यनिषेध और उत्पाद अधिनियम, 2016 में संशोधन हेतु इस विधेयक में कतिपय प्रावधान किया जाना ही इस विधयेक का उद्देश्य हैं तथा इसे अधिनियमित कराना ही इस विधेयक का अभीष्ट है।
(सुनील कुमार) भार-साधक सदस्य
शैलेन्द्र सिंह, सचिव,
पटना दिनांक-30.03.2022 बिहार विधान सभा।
———— ख्;बपकरू8द्धँ;बपकरू22द्ध ;बपकरू1द्ध;बपकरू13द्ध ;बपकरू30द्ध;बपकरू31द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू22द्ध ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू22द्ध ;बपकरू13द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू1द्ध म;बपकरू4द्ध ;बपकरू30द्ध;बपकरू11द्ध;बपकरू31द्धघ् ;बपकरू11द्ध;बपकरू13द्ध ;बपकरू17द्धख्;बपकरू13द्ध;बपकरू13द्ध;बपकरू21द्ध 141-5;1़10-;बपकरू8द्धए;बपकरू10द्धए;बपकरू8द्धएघ् Website: http://egazette.bih.nic.in