;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध
ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू14द्ध
23 1;बपकरू20द्ध44 ;बपकरू22द्ध;बपकरू23द्ध;बपकरू24द्ध
;बपकरू25द्ध;बपकरू23द्ध ;बपकरू4द्ध 2;बपकरू20द्ध1 ;बपकरू4द्ध ;बपकरू11द्ध;बपकरू12द्ध;बपकरू3द्ध 13 ' 2;बपकरू23द्ध22
सं॰ सा॰प्र॰-11/2021 बि॰रा॰अ॰ 65सं॰ सा॰प्र॰-11/2021 बि॰रा॰अ॰ 65सं॰ सा॰प्र॰-11/2021 बि॰रा॰अ॰ 65सं॰ सा॰प्र॰-11/2021 बि॰रा॰अ॰ 65 मंत्रिमंडल सचिवालय विभागमंत्रिमंडल सचिवालय विभागमंत्रिमंडल सचिवालय विभागमंत्रिमंडल सचिवालय विभाग (बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय) (बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय) (बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय) (बिहार राज्य अभिलेखागार निदेशालय) ------------------------ संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 09 मई 2009 मई 2009 मई 2009 मई 2022222222
जिलाधिकारी, मुंगेर के (पत्रांक-931/स्था 2021) द्वारा जिला अभिलेखागार, मुंगेर में चल जिलाधिकारी, मुंगेर के (पत्रांक-931/स्था...., दिनांक 06, दिनांक 06, दिनांक 06, दिनांक 06....09090909....2021) द्वारा जिला अभिलेखागार, मुंगेर में चल 2021) द्वारा जिला अभिलेखागार, मुंगेर में चल 2021) द्वारा जिला अभिलेखागार, मुंगेर में चल जिलाधिकारी, मुंगेर के (पत्रांक-931/स्था जिलाधिकारी, मुंगेर के (पत्रांक-931/स्था रहे अनैतिक कार्यों/विचौलियों के माध्यम से अभिलेख की सत्यापित प्रति निर्गत करने एवं अवैध राषि की वसूली के रहे अनैतिक कार्यों/विचौलियों के माध्यम से अभिलेख की सत्यापित प्रति निर्गत करने एवं अवैध राषि की वसूली के रहे अनैतिक कार्यों/विचौलियों के माध्यम से अभिलेख की सत्यापित प्रति निर्गत करने एवं अवैध राषि की वसूली के रहे अनैतिक कार्यों/विचौलियों के माध्यम से अभिलेख की सत्यापित प्रति निर्गत करने एवं अवैध राषि की वसूली के संबंध में संसूचित करते हुए श्री जयशंकर प्रसाद, पुराभिलेखपाल के विरूद्ध आरोप-पत्र गठित कर निदेषालय को संबंध में संसूचित करते हुए श्री जयशंकर प्रसाद, पुराभिलेखपाल के विरूद्ध आरोप-पत्र गठित कर निदेषालय को पुराभिलेखपाल के विरूद्ध आरोप-पत्र गठित कर निदेषालय को पुराभिलेखपाल के विरूद्ध आरोप-पत्र गठित कर निदेषालय को संबंध में संसूचित करते हुए श्री जयशंकर प्रसाद, संबंध में संसूचित करते हुए श्री जयशंकर प्रसाद, भेजा गया।भेजा गया।भेजा गया।भेजा गया।
2222.... उक्त के आलोक में बिहार राज्य अभिलेखागार निदेषालय, पटना के पत्रांक-268, दिनांक 09.11.2021 के द्वारा श्री प्रसाद से स्पष्टीकरण पूछा गया। उनके स्पष्टीकरण को असंतोषजनक पाया गया तथा उन्हें प्रथम दृष्टया बिहार सरकारी सेवक, आंचार नियमावली, 1976 के नियम 03 के उल्लंघन का दोषी पाया गया। तत्पष्चात श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया। इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु श्री अहमद महमूद, निदेषक, उर्दू निदेषालय, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं श्री उदय कुमार ठाकुर, सहायक अभिलेख निदेषक (मुख्यालय) बिहार राज्य अभिलेखागार निदेषालय, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किया गया है।
3333. श्री जय षंकर प्रसाद, पुराभिलेखपाल के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में संचालन पदाधिकारी के द्वारा निम्न निष्कर्ष अभिलिखित किये गयेः-
सुनवाई के क्रम में आरोपी से माहवार एवं तिथिवार प्राप्त आवेदन पत्रों, उनके निष्पादन की तिथि एवं लंबित रहने वाले आवेदनों के लंबित रहने के कारण की मांग की गयी। उनसे इस आषय की भी स्पष्ट मांग की गयी कि क्या जो आवेदन पहले प्राप्त हुए हैं उन्हें पहले निष्पादित किया गया है, अर्थात क्रमानुसार आवेदन पत्रों का निष्पादन करने से संबंधित साक्ष्य की मांग की गयी। 2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध ((((i)))) निरीक्षण के क्रम में बाहरी व्यक्ति अभिलेखागार के अन्दर पाये गये और उन व्यक्तियों पर जिला प्रशासन द्वारा FIR भी किया गया जिससे स्पष्ट होता है कि श्री जयशंकर प्रसाद का कार्यालय पर पूर्ण नियंत्रण नहीं था और वे बाहरी व्यक्तियों का कार्यालय में प्रवेश को रोकने में असमर्थ रहें।
((((ii)))) अभिलेखों की सत्यापित प्रति क्रमानुसार (Chronologicaly) निष्पादित नहीं करने का आरोप प्रमाणित पाया गया है।
''विभागीय कार्रवाई के पश्चात संचालन पदाधिकारी द्वारा यह निष्कर्ष अंकित किया गया है कि श्री ''विभागीय कार्रवाई के पश्चात संचालन पदाधिकारी द्वारा यह निष्कर्ष अंकित किया गया है कि श्री ''विभागीय कार्रवाई के पश्चात संचालन पदाधिकारी द्वारा यह निष्कर्ष अंकित किया गया है कि श्री ''विभागीय कार्रवाई के पश्चात संचालन पदाधिकारी द्वारा यह निष्कर्ष अंकित किया गया है कि श्री जयषंकर प्रसाद, पुराभिलेखपाल, समाहरणालय, मुंगेर पर लगाये गये आरोप आंषिक रूप से प्रमाणित होते है।'' जयषंकर प्रसाद, पुराभिलेखपाल, समाहरणालय, मुंगेर पर लगाये गये आरोप आंषिक रूप से प्रमाणित होते है।'' जयषंकर प्रसाद, पुराभिलेखपाल, समाहरणालय, मुंगेर पर लगाये गये आरोप आंषिक रूप से प्रमाणित होते है।'' जयषंकर प्रसाद, पुराभिलेखपाल, समाहरणालय, मुंगेर पर लगाये गये आरोप आंषिक रूप से प्रमाणित होते है।'' विभागीय जॉच पदाधिकारी से जॉच प्रतिवेदन प्राप्त होने के उपरांत आरोपी कर्मी श्री प्रसाद से बिहार सरकार (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) की नियमावली, 2005 के नियम-18 (3) के तहत लिखित अभिकथन मांग की गई है। जिला अभिलेखागार, मुंगेर में पदस्थापित पुराभिलेखपाल, श्री जयषंकर प्रसाद द्वारा निदेषालय के पत्रांक-421, दिनांक 17.02.2022 के आलोक में लिखित अभिकथन समर्पित किया गया है। जिसमें पूर्व में दिया गया लिखित अभिकथन में पुराने ही तथ्य को दिया गया है।
उन्होंने अपने उपर लगाये गये सभी आरोपों का खंडन किया तथा दोष मुक्त करने का अनुरोध किया है। ेकिन संचालन पदाधिकारी द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही से प्रमाणित होता है कि श्री जयषंकर ललललेकिन संचालन पदाधिकारी द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही से प्रमाणित होता है कि श्री जयषंकर ेकिन संचालन पदाधिकारी द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही से प्रमाणित होता है कि श्री जयषंकर ेकिन संचालन पदाधिकारी द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही से प्रमाणित होता है कि श्री जयषंकर प्रसाद, पुराभिलेखपाल, जिला अभिलेखागार, मुंगेर का अपने कार्यालय पर पूर्ण नियंत्रण नहीं था जिसके कारण प्रसाद, पुराभिलेखपाल, जिला अभिलेखागार, मुंगेर का अपने कार्यालय पर पूर्ण नियंत्रण नहीं था जिसके कारण प्रसाद, पुराभिलेखपाल, जिला अभिलेखागार, मुंगेर का अपने कार्यालय पर पूर्ण नियंत्रण नहीं था जिसके कारण प्रसाद, पुराभिलेखपाल, जिला अभिलेखागार, मुंगेर का अपने कार्यालय पर पूर्ण नियंत्रण नहीं था जिसके कारण बाहरी व्यक्तियों का कार्यालय में प्रवेष बना हुआ था तथा अभिले खों की सत्यापित प्रति के अवलोकन के उपरांत बाहरी व्यक्तियों का कार्यालय में प्रवेष बना हुआ था तथा अभिलेखों की सत्यापित प्रति के अवलोकन के उपरांत खों की सत्यापित प्रति के अवलोकन के उपरांत खों की सत्यापित प्रति के अवलोकन के उपरांत बाहरी व्यक्तियों का कार्यालय में प्रवेष बना हुआ था तथा अभिले बाहरी व्यक्तियों का कार्यालय में प्रवेष बना हुआ था तथा अभिले उसके क्रमानुसार निष्पादित नहीं किये जाने का आरोप भी सही पाया गया है। उसके क्रमानुसार निष्पादित नहीं किये जाने का आरोप भी सही पाया गया है। उसके क्रमानुसार निष्पादित नहीं किये जाने का आरोप भी सही पाया गया है। उसके क्रमानुसार निष्पादित नहीं किये जाने का आरोप भी सही पाया गया है।
4444.... संचालन पदाधिकारी के उक्त निष्कर्ष के आलोक में श्री प्रसाद अनुषासनहीनता एवं लापरवाही के दोषी पाये गये है। इनका यह कृत्य बिहार आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 तथा बिहार अभिलेख हस्तक-1960 की कंडिका-222 के प्रावधानों के प्रतिकूल है।
अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री जयशंकर प्रसाद, जिला अभिलेखागार, मुंगेर को लिखित अभिकथन से असहमत होते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 की लघु शास्तियॉ के आलोक में निम्नलिखित दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-
(I) निन्दन (वर्ष 2021-22-23)। (II) असंचायात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि पर रोक।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस सआदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस सआदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस सआदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया ंकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया ंकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया ंकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाये तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।जाये तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।जाये तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।जाये तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
आदेश से,आदेश से,आदेश से,आदेश से, सुमन कुमार,सुमन कुमार,सुमन कुमार,सुमन कुमार, निदेशकनिदेशकनिदेशकनिदेशक।।।।
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ख्;बपकरू17द्धँ;बपकरू16द्ध ;बपकरू20द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू26द्ध;बपकरू27द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू16द्ध
;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू16द्ध ;बपकरू5द्ध ;बपकरू30द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू31द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू20द्ध मरु ;बपकरू26द्ध;बपकरू2द्ध;बपकरू27द्धघ् ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध ः़ः;बपकरू17द्ध;द्ध;;बपकरू17द्ध;घ् Website: http://egazette.bih.nic.in