िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
(cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 11 ज्येष्ठ 1944 (श0) सं(cid:201)या 22 पटना, बुधवार, ———————— 1 जून 2022 (ई0) विषय-सूची पृष्ठ भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-13 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---
भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। 14-16 भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 17-17 पूरक
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पूरक-क 18-232 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं।
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वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचनाएं
20 मई 2022
सं0 6/गो0-34-01/2019-1374/वा0कर--मो0 फिरोज आलम, आंतरिक वित्तीय सलाहकार, वित्त विभाग (सम्प्रति राज्य-कर संयुक्त आयुक्त पदस्थपन की प्रतिक्षा में) को अगले आदेश तक वाणिज्य-कर विभाग, प्रशिक्षण प्रकोष्ठ, मुख्यालय, बिहार, पटना में पदस्थापित किया जाता है।
2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
पंकज कुमार सिन्हा, राज्य-कर अपर आयुक्त-
सह-संयुक्त सचिव।
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20 मई 2022
सं0 6/गो0-34-03/2016(खण्ड-1)-1375--वाणिज्य-कर विभाग के राज्य-कर अपर आयुक्त कोटि के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष स्तम्भ-5 में अंकित पद एवं स्थान पर अगले आदेश तक प्रतिनियुक्त किया जाता है :-
| क्र0 स 0 ं | पदाधिकारी का नाम/पदनाम | ग ह जिला ृ | वर्तमान पदस्थापन | प तिनियुक्ति का ्र कार्यालय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | श्री प्रमोद कुमार गुप्ता राज्य-कर अपर आयुक्त | वाराणसी | राज्य-कर अपर आयुक्त मुख्यालय के अलावा मगध प्रमंडल, (अपील) तथा सारण प्रमंडल (अपील) का अतिरिक्त प्रभार। | पूर्व में आवंटित कार्य के अतिरिक्त राज्य-कर अपर आयुक्त (अपील) पूर्णियॉ प्रमंडल, पूर्णियॉ एवं भागलपुर (अपील) भागलपुर प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार। |
| 2 | श्री जीवन अग्रवाल राज्य-कर अपर आयुक्त | भागलपुर | राज्य-कर अपर आयुक्त (अपील), केन्द्रीय प्रमंडल, पटना के अलावा तिरहुत प्रमंडल, (अपील), मुजफ्फरपुर तथा (अपील) पटना पश्चिमी प्रमंडल का अतिरिक्त प्रभार। | पूर्व में आवंटित कार्य के अतिरिक्त राज्य-कर अपर आयुक्त, (अपील) दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा का अतिरिक्त प्रभार। |
2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। 3. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार सिन्हा, राज्य-कर अपर आयुक्त- सह-संयुक्त सचिव।3 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग
------- सं0 पि0व0/विविध-25-01/2022-1201 -------
प्रेषक, पंकज कुमार (भा0प्र0से0), प्रधान सचिव सेवा में, महालेखाकार (ले0 एवं ह0), बिहार, वीरचंद पटेल मार्ग, पटना।
पटना, दिनांक 25 मई 2022 विषयः-वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्षन एवं उत्प्रेरण योजनान्तर्गत उच्च षिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग की भागीदारी में वृद्धि के उद्देष्य से संबंधित प्रतियोगिता परीक्षाएँ यथा-NET, GATE, JRF (CSIR), Ph.D, M.Phil आदि की निःशुल्क तैयारी कराने हेतु राज्य के दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर एवं मधेपुरा में अवस्थित विष्वविद्यालयों में एक-एक केन्द्र तथा पटना में अवस्थित विष्वविद्यालयों में दो केन्द्र अर्थात कुल सात ''व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्षन एवं उत्प्रेरण केन्द्र'' के संचालन, दिशा-निर्देश एवं केन्द्र के संचालन हेतु प्रति केन्द्र रू0 24,54,700/- की दर से कुल वार्षिक व्यय रू0 1,71,82,900/- (रू0 एक करोड़ इकहत्तर लाख बयासी हजार नौ सौ) मात्र की स्वीकृति।
आदेशः स्वीकृत।
2-राज्य सरकार द्वारा सम्यक विचारोपरांत वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्षन एवं उत्प्रेरण योजनान्तर्गत उच्च षिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक पदों पर नियुक्ति में पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग की भागीदारी में वृद्धि के उद्देष्य से संबंधित प्रतियोगिता परीक्षाएँ यथा-NET, GATE, JRF (CSIR), Ph.D, M.Phil आदि की निःशुल्क तैयारी कराने हेतु राज्य के दरभंगा, मुजफ्फरपुर, गया, भागलपुर एवं मधेपुरा में अवस्थित विष्वविद्यालयों में एक-एक केन्द्र तथा पटना में अवस्थित विष्वविद्यालयों में दो केन्द्र अर्थात कुल सात ''व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्षन एवं उत्प्रेरण केन्द्र'' के संचालन, निम्नांकित कंडिका में उल्लेखित दिशा-निर्देश एवं केन्द्र के संचालन हेतु प्रति केन्द्र रू0 24,54,700/- की दर से कुल वार्षिक व्यय रू0 1,71,82,900/- (रू0 एक करोड़ इकहत्तर लाख बयासी हजार नौ सौ) मात्र की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
3-योजना के संबंध में निर्धारित दिषा-निर्देष एवं संक्षिप्त टिप्पणीः- (क) केन्द्र का वार्षिक कार्यक्रमः- प्रत्येक केन्द्र पर 60-60 विद्यार्थियों के दो-दो बैच(प्रशिक्षण अवधि 6-6 माह) संचालित कराये जायेंगे। इस प्रकार एक वर्ष में एक केन्द्र पर 240 विद्यार्थियों को अर्थात कुल 7 केन्द्राेंं पर 1680 विद्यार्थियों को NET, GATE, JRF (CSIR), PHD, MPhil आदि प्रतियोगिता परीक्षाओं की तैयारी करायी जाएगी। (ख) कार्यान्वयन एजेंसीः-उक्त केन्द्रों का संचालन संबंधित जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारी तथा इसका पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, पटना के द्वारा किया जायेगा। (ग) पात्रताः-
(i) उक्त कार्यक्रम के लिए कुल उपलब्ध आसन में से 40%(24 आसन) पिछड़ा वर्ग तथा 60%(36 आसन) अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए अनुमान्य होंगे, किसी एक कोटि के छात्र/छात्राओं की अनुपलब्धता की स्थिति में दूसरे कोटि के छात्र/छात्राओं का नामांकन किया जा सकता है। उपर्युक्त दोनों कोटि में छात्राओं के लिए 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण अनुमान्य होगा। क्षैतिज आरक्षण के तहत छात्राओं की अनुपलब्धता के स्थिति में तकनीकी कोर्स से संबंधित छात्र/छात्राओं का नामांकन किया जा सकता है।
(ii) छात्र/छात्रा की आयु सीमा एवं न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता संबंधित प्रतियोगिता परीक्षा के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हता के अनुरूप होनी चाहिए।
(iii) बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए। (iv) जाति-पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के अन्तर्गत होना चाहिए। (v) छात्र/छात्रा की आय सहित उनके अभिभावक की अधिकतम वार्षिक आय सभी स्त्रोतों को मिलाकर रू0 3,00,000/- (रू0 तीन लाख ) होनी चाहिए।
(घ) प्रशिक्षण अवधि :- प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रम की अधिकतम अवधि 6 माह की होगी। (ड़) उपर्युक्त कंडिका-(क) से (घ) के अन्तर्गत उल्लेखित दिशा-निर्देश में समय-समय पर आवश्यकतानुसार संशोधन माननीय विभागीय मंत्री के अनुमोदन से किया जा सकता है।
(च) प्रति केन्द्र संचालन हेतु उपस्कर हेतु एकमुष्त व्यय रू0 4,70,000/- की जायेगी एवं इसके अतिरिक्त प्रति विद्यार्थी रू0 8270/-का व्यय किया जायेगा। स्वीकृत केन्द्र का मदवार व्यय विवरणी निम्नरूपेण हैः-4 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022
| क्र0 सं0 | मद | दर प्रतिमाह | वार्षिक व्यय |
| 1 | निदेशक का मानदेय | रू0 5000/- | रू0 60000/- |
| 2 | शिक्षकों का मानदेय | रू0 1000/- प्रतिकक्षा X प्रतिदिन 4 कक्षाX 24 दिन =रू0 96000/- | रू0 1152000/- |
| 3 | कम्प्यूटर ऑपरेटर का पारिश्रमिक(01) | रू0 13225/- | रू0 158700/- |
| 4 | भंडार-सह-लिपिक का पारिश्रमिक(01) | रू0 15000/- | रू0 180000/- |
| 5 | कार्यालय उपस्कर मेनटेनेन्स | - | रू0 50000/- |
| 6 | कार्यालय व्यय | रू0 30000/- | रू0 360000/- |
| 7 | दूरभाष | रू0 2000/- | रू0 24000/- |
| कुल योग- | रू0 1984700/- | ||
| क्र0 सं0 | मद | प्रति केन्द्र | वार्षिक व्यय |
| 1 | ऑनलाईन स्मार्ट क्लास। | रू0 170000/- | रू0 170000/- |
| 2 | कम्प्यूटर/फोटोकॉपियर/ फैक्स/ आलमीरा/ बुक-सेल्फ इत्यादि के लिए प्रति केन्द्र रू0 300000/- प्रथम वर्ष में। | रू0 300000/- | रू0 300000/- |
| कुल योग- | रू0 470000/- | ||
| प्रति केन्द्र कुल व्यय (iii)- | रू0 2454700/- | ||
| कुल 7 केन्द्रों पर कुल व्यय- | रू0 17182900/- |
(छ) निदेशक का पद पदेन होगा, जो संबद्ध विश्वविद्यालय/महाविद्यालय के शिक्षक होंगे। केन्द्र में शिक्षण कार्य हेतु योग्य एवं विशेषज्ञ शिक्षकोंकी सेवा ली जा सकेगी। स्थानीय शिक्षक की अनुपलब्धता की स्थिति में उक्त निर्धारित दर पर ही ऑनलाईन शिक्षक की सेवा ली जा सकेगी। कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं भंडारपाल-सह-लिपिक की सेवा आउटसोर्सिंग के आधार पर ली जायेगी।
4-स्वीकृत व्यय भार विाीय वर्ष 2022-23 में बजट शीर्ष माँग संख्या-11 मुख्यशीर्ष 2225-अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों का कल्याण उपमुख्य शीर्ष 03- पिछड़े वर्गों का कल्याण, लघु शीर्ष 277-शिक्षा-उप शीर्ष 0101-शिक्षा -विषय शीर्ष -1301-कार्यालय व्यय एवं 2802-संविदा सेवाएँ विपत्र कोड संख्या-11-2225032770101 के अन्तर्गत विकलनीय होगा।
5- प्रस्ताव पर स्कीम स्क्रीनिंग समिति की बैठक दिनांक-20.05.2022 द्वारा नये स्कीम के रूप में अनुषंसा प्राप्त है। 6- प्रस्ताव एवं स्वीकृत्यादेष प्रारूप पर आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति प्राप्त है। 7- इसकी सूचना सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कोषागार को दी जा रही है। 8- कृपया पत्र प्राप्ति की सूचना दी जाय।
बिहार के राज्यपाल के आदेष से, पंकज कुमार, प्रधान सचिव।
------- पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ------- सं0 पि0व0/4/वि0यो0-22-02/2022-1202 -------
प्रेषक,
पंकज कुमार (भा0प्र0से0),
प्रधान सचिव सेवा में,
महालेखाकार (ले0 एवं ह0), बिहार, वीरचंद पटेल मार्ग, पटना।
पटना, दिनांक 25 मई 20225 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 विषयः- वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्षन एवं उत्प्रेरण योजनान्तर्गत Lalit Narayan Mishra Economic Development and Social Change Bihar, Patna में प्रबंधन प्रवेष परीक्षा यथा कैट, मैट आदि तथा प्रबंधन से संबंधित रोजगार परक (Job oriented) प्रतियोगी परीक्षा की निःशुल्क तैयारी कराने हेतु एक ''व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्षन एवं उत्प्रेरण केन्द्र'' के संचालन, दिशा-निर्देश एवं केन्द्र संचालन पर होने वाले वार्षिक व्यय रू0 24,54,700/-(रू0 चौबीस लाख चौवन हजार सात सौ) मात्र की स्वीकृति। आदेशः स्वीकृत।
2-राज्य सरकार द्वारा सम्यक विचारोपरांत वित्तीय वर्ष 2022-23 में मुख्यमंत्री व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्षन एवं उत्प्रेरण योजनान्तर्गत Lalit Narayan Mishra Economic Development and Social Change Bihar, Patna में प्रबंधन प्रवेष परीक्षा यथा कैट, मैट आदि तथा प्रबंधन से संबंधित रोजगार परक (Job oriented) प्रतियोगी परीक्षा की निःशुल्क तैयारी कराने हेतु एक ''व्यवसायिक पाठ्यक्रम मार्गदर्षन एवं उत्प्रेरण केन्द्र'' के संचालन, निम्नांकित कंडिका में उल्लेखित दिशा-निर्देश एवं केन्द्र संचालन पर होने वाले वार्षिक व्यय रू0 24,54,700/-(रू0 चौबीस लाख चौवन हजार सात सौ) मात्र की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
3-योजना के संबंध में निर्धारित दिषा-निर्देष एवं संक्षिप्त टिप्पणीः- (क) केन्द्र का वार्षिक कार्यक्रमः-केन्द्र पर 60-60 विद्यार्थियों के दो-दो बैच(प्रशिक्षण अवधि 6-6 माह) संचालित कराये जायेंगे। इस प्रकार एक वर्ष में केन्द्र पर 240 विद्यार्थियों को प्रबंधन प्रवेष परीक्षा यथा कैट, मैट आदि तथा प्रबंधन से संबंधित रोजगार परक (Job oriented) प्रतियोगी परीक्षा की निःशुल्क तैयारी करायी जाएगी।
(ख) कार्यान्वयन एजेंसीः-उक्त केन्द्र का संचालन संबंधित संस्थान द्वारा जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारी के समन्वय तथा इसका पर्यवेक्षण एवं मूल्यांकन बिहार राज्य पिछड़ा वर्ग वित्त एवं विकास निगम, पटना के द्वारा किया जायेगा।
(ग) पात्रताः-(i) उक्त कार्यक्रम के लिए कुल उपलब्ध आसन में से 40%(24 आसन) पिछड़ा वर्ग तथा 60%(36 आसन)अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए अनुमान्य होंगे, किसी एक कोटि के छात्र/छात्राओं की अनुपलब्धता की स्थिति में दूसरे कोटि के छात्र/छात्राओं का नामांकन किया जा सकता है। उपर्युक्त दोनों कोटि में छात्राओं के लिए 33 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण अनुमान्य होगा।
(ii) छात्र/छात्रा की आयु सीमा एवं न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता संबंधित प्रतियोगिता परीक्षा के लिए निर्धारित न्यूनतम अर्हता के अनुरूप होनी चाहिए।
(iii) बिहार का स्थायी निवासी होना चाहिए। (iv) जाति-पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के अन्तर्गत होना चाहिए। (v) छात्र/छात्रा की आय सहित उनके अभिभावक की अधिकतम वार्षिक आय सभी स्त्रोतों को मिलाकर रू0 3,00,000/- (रू0 तीन लाख ) होनी चाहिए।
(घ) प्रशिक्षण अवधि :- प्रत्येक प्रशिक्षण कार्यक्रम की अधिकतम अवधि 6 माह की होगी। (ड़) उपर्युक्त कंडिका-(क) से (घ) के अन्तर्गत उल्लेखित दिशा-निर्देश में समय-समय पर आवश्यकतानुसार संशोधन माननीय विभागीय मंत्री के अनुमोदन से किया जा सकता है।
(च) प्रति केन्द्र संचालन हेतु उपस्कर हेतु एकमुष्त व्यय रू0 4,70,000/- की जायेगी एवं इसके अतिरिक्त प्रति विद्यार्थी एक वर्ष में रू0 8270/-का व्यय किया जायेगा। स्वीकृत केन्द्र का मदवार व्यय विवरणी निम्नरूपेण हैः-
| क्र0 सं0 | मद | दर प्रतिमाह | वार्षिक व्यय |
| 1 | निदेशक का मानदेय | रू0 5000/- | रू0 60000/- |
| 2 | शिक्षकों का मानदेय | रू0 1000/- प्रतिकक्षा X प्रतिदिन 4 कक्षा X 24 दिन =रू0 96000/- | रू0 1152000/- |
| 3 | कम्प्यूटर ऑपरेटर का पारिश्रमिक(01) | रू0 13225/- | रू0 158700/- |
| 4 | भंडार-सह-लिपिक का पारिश्रमिक(01) | रू0 15000/- | रू0 180000/- |
| 5 | कार्यालय उपस्कर मेनटेनेन्स | - | रू0 50000/- |
| 6 | कार्यालय व्यय | रू0 30000/- | रू0 360000/- |
| 7 | दूरभाष | रू0 2000/- | रू0 24000/- |
| कुल योग- | रू0 1984700/- | ||
| क्र0 सं0 | मद | प्रति केन्द्र | वार्षिक व्यय |
| 1 | ऑनलाईन स्मार्ट क्लास। | रू0 170000/- | रू0 170000/- |
| 2 | कम्प्यूटर/फोटोकॉपियर/ फैक्स/आलमीरा/ बुक-सेल्फ इत्यादि के लिए प्रति केन्द्र रू0 300000/- | रू0 300000/- | रू0 300000/- |
| कुल योग- | रू0 470000/- | ||
| कुल वार्षिक व्यय (iii) | रू0 2454700/- |
(छ) निदेशक का पद पदेन होगा, जो संबद्ध विश्वविद्यालय/महाविद्यालय के शिक्षक होंगे। केन्द्र में शिक्षण कार्य हेतु योग्य एवं विशेषज्ञ शिक्षकों की सेवा ली जा सकेगी। स्थानीय शिक्षक की अनुपलब्धता की स्थिति में उक्त निर्धारित दर पर ही ऑनलाईन शिक्षक की सेवा ली जा सकेगी। कम्प्यूटर ऑपरेटर एवं भंडारपाल-सह-लिपिक की सेवा आउटसोर्सिंग के आधार पर ली जायेगी।
4-स्वीकृत व्यय भार विाीय वर्ष 2022-23 में बजट शीर्ष माँग संख्या-11 मुख्यशीर्ष 2225-अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों का कल्याण उपमुख्य शीर्ष 03- पिछड़े वर्गों का कल्याण, लघु शीर्ष 277-शिक्षा-उप शीर्ष 0101-शिक्षा -विषय शीर्ष -1301-कार्यालय व्यय एवं 2802-संविदा सेवाएँ विपत्र कोड संख्या-11-2225032770101 के अन्तर्गत विकलनीय होगा।
5- प्रस्ताव पर स्कीम स्क्रीनिंग समिति की बैठक दिनांक-20.05.2022 द्वारा नये स्कीम के रूप में अनुषंसा प्राप्त है। 6- प्रस्ताव एवं स्वीकृत्यादेष प्रारूप पर आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति प्राप्त है। 7- इसकी सूचना सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कोषागार को दी जा रही है। 8- कृपया पत्र प्राप्ति की सूचना दी जाय।
बिहार के राज्यपाल के आदेष से, पंकज कुमार, प्रधान सचिव।
------- पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ------ अधिसूचना 20 मई 2022
सं0 बि०व०से०(स्था०)-07/2019-1630/प०व०ज०प०--बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना के पत्रांक-7 सी०/परीक्षा- 01-02/2019 (77) लो०से०आ०/गो०, दिनांक-18.02.2022 द्वारा बिहार वन सेवा अंतर्गत सहायक वन संरक्षक (मूल कोटि) के पद पर नियुक्ति हेतु अनुषंसित एवं विभागीय अधिसूचना संख्या-1130 दिनांक-04.04.2022 द्वारा सहायक वन संरक्षक के पद पर पुनरीक्षित लेवल-9 के वेतनमान में नियुक्त निम्नांकित सहायक वन संरक्षक को उनके नाम के सामने अंकित तिथि से योगदान स्वी—त करते हुए प्रषिक्षण Slot आने तक स्तम्भ-5 में अंकित कार्यालय में पदस्थापित किया जाता है :-
| क्र० सं० | नव नियुक्त सहायक वन संरक्षक का नाम | योगदान की तिथि | ग ृह जिला | पदस्थापन के निमित कार्यालय का नाम |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | श्रीमती नुपुर सैनी | 29.04.2022, पूर्वा० | पटना | वाल्मीकि व्याघ्र आरक्ष, प्रमंडल-2 |
2. श्रीमती सैनी, सहायक वन संरक्षक द्वारा उनके पद का प्रभार ग्रहण के पश्चात पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत अवधि का विनियमन किया जायेगा।
आदेश से, सुबोध कुमार चौधरी, संयुक्त सचिव।
-------
पथ निर्माण विभाग
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अधिसूचनाएं
28 जनवरी 2022
सं0 निग/सारा-4(पथ)-आरोप-18/2019-277(s)--पथ प्रमंडल, बेनीपुर अन्तर्गत Construction/ Improvement Cum OPRMC work for the road Thengha-Mahinamghat Road from Km.22.4 to 24.4 for the year 2015-16 के कार्यो में पायी गई त्रुटियों/अनियमितता के लिए विभागीय पत्रांक-10984(S)we7 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 दिनांक-01.12.2017 द्वारा पूछे गये स्पष्टीकरण के आलोक में श्री राम प्रवेश सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, बेनीपुर सम्प्रतिः सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता के पत्रांक-678 अनु॰ दिनांक-12.12.2017 द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर की विभागीय स्तर पर समीक्षा की गयी। 2. प्रश्नगत मामले में श्री सिंह द्वारा दिनांक-12.12.2017 को समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर में ठोस एवं खंडनयुक्त तथ्य नहीं रहने के फलस्वरूप अस्वीकृत करते हुए सम्यक् विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के उपनियम -v के तहत विभागीय अधिसूचना संख्या-3910 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-3911 (एस) दिनांक- 03.04.2019 के द्वारा निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित किया गयाः- (i) ''एक वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' । 3. उक्त संसूचित दण्ड पर पुनर्विचार करने हेतु श्री सिंह द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन पत्रांक- 02 अनु॰ दिनांक- 06. 04.2019 समर्पित किया गया, जिसमें श्री सिंह के द्वारा मुख्य रूप से MB आदि की छाया प्रति संलग्न करते हुए अंकित किया गया कि पथ प्रमंडल, बेनीपुर का प्रभार उनके द्वारा दिनांक-30.06.2016 को ग्रहण किया गया, जबकि आलोच्य पथांश के कि॰मी॰ 22.710 से कि॰मी॰ 23.675 में BM Gr.-II का कार्य दिनांक- 22.02.2016 तक ही पूर्ण कराया जा चुका था। 4. श्री सिंह के पुनर्विचार अभ्यावेदन की विभागीय समीक्षा में यह पाया गया कि संबंधित पथांश का कार्य दिनांक- 22.02.2016 तक सम्पन्न हो चुका था, जबकि श्री सिंह का पदस्थापन उक्त प्रमंडल में दिनांक- 30.06.2016 को हुआ। ऐसी स्थिति में श्री सिंह को त्रुटिपूर्ण कार्य हेतु जिम्मेवार नहीं माना जा सकता है। 5. अतएव उपर्युक्त के आलोक में सम्यक् विचारोपरान्त श्री सिंह के द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन पत्रांक-02 अनु॰ दिनांक-06.04.2019 को स्वीकार योग्य पाये जाने की स्थिति में विभागीय अधिसूचना संख्या-3910 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-3911 (एस) दिनांक- 03.04.2019 के द्वारा संसूचित दण्डादेश को निरस्त करते हुए आरोप मुक्त किया जाता है। 6. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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28 जनवरी 2022
सं0 निग/सारा-4(पथ)-आरोप-18/2019-279(s)--पथ प्रमंडल, बेनीपुर अन्तर्गत Construction/ Improvement Cum OPRMC work for the road Thengha-Mahinamghat Road from Km.22.4 to 24.4 for the year 2015-16 के कार्यो की उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-03 द्वारा जाँच की गयी तथा एतद्संबंधी जाँच प्रतिवेदन निदेशक प्रशिक्षण, परीक्षण एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक- 594 अनु॰ दिनांक-10. 11.2016 एवं पत्रांक-725 अनु॰ दिनांक-22.12.2016 द्वारा विभाग को समर्पित की गयी। उक्त के समीक्षोंपरांत श्री राम स्वार्थ सिंह, तदेन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, बेनीपुर सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता से विभागीय पत्रांक-5441(S)we दिनांक-18.09.2020 द्वारा आलोच्य पथ में पायी गई निम्न त्रुटि/अनियमितता के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139 (ग) के तहत् कारण पृच्छा की गयीः-
(i) पथ के चैनेज 22.710 कि॰मी॰ से 23.675 कि॰मी॰ मेंBM Gr.-II कार्य में अलकतरा की मात्रा 2.636% पायी गयी है, जो मार्गदर्शिकानुसार BM Gr.-II टॉलरेन्स लिमिट (2.94%) के बाहर है। 2. प्रश्नगत मामले में श्री सिंह द्वारा पत्रांक- शून्य दिनांक-02.02.2021 के द्वारा कारण पृच्छा उत्तर समर्पित किया गया। श्री सिंह द्वारा अपने उत्तर में मुख्य रूप से निम्न तथ्य/तर्क समर्पित किये गयेः-
(i) श्री सिंह द्वारा पथ प्रमंडल, दरभंगा के अन्तर्गत गुण नियंत्रण प्रयोगशाला के द्वारा BM कार्य में बिटुमिन की मात्रा से संबंधित प्रतिवेदन का संदर्भ देते हुए, उक्त में मात्रा Permissible होने का उल्लेख किया गया है। (ii) श्री सिंह द्वारा 5th A/C bill का संदर्भ देते हुए उल्लेखित किया गया है कि आलोच्य पथ के शेष BM कार्य एवं उसका भुगतान/अंतिम भुगतान में उनके प्रतिस्थानी कार्यपालक अभियंता द्वारा BM कार्य में बिटुमिन की कमी के लिए कटौती नहीं की गयी है, जिससे स्पष्ट है कि प्रतिस्थानी कार्यपालक अभियंता कार्य की गुणवत्ता से संतुष्ट होंगे।
(iii) आलोच्य कार्य के नमूनों को बरसात के बाद दिनांक-03.11.2016 को उड़नदस्ता प्रमंडल द्वारा एकत्रित किया गया। संबंधित पथ के दोनों ओर पानी का बहाव होने तथा पथ में Water Absorption या अन्य कारणों से पथ में क्षति या गुणवत्ता में कमी की संभावना हो सकती है।
3. श्री सिंह के द्वारा समर्पित उपर्युक्त कारण पृच्छा उत्तर की विभागीय समीक्षा की गयी, जिसमें पाया गया कि उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-3 का जाँच प्रतिवेदन आलोच्य पथ के कि॰मी॰ 22.710 से कि॰मी॰ 23.675 में BM Gr.-II में अलकतरा की मात्रा टॉलरेन्स लिमिट से कम पाये जाने को स्थापित करता है। इसके अतिरिक्त यह भी पाया गया कि आलोच्य पथांश में BM Gr.-II का कार्य दिनांक- 22.02.2016 तक सम्पन्न हो चुका था, जो श्री सिंह के कार्यकालमें ही कराया गया था। इन्होंने जिन व्यवहारिक एवं परिस्थितिजन्य अन्य कठिनाईयों का उल्लेख किया है, वस्तुतः इन्हीं कारणों को ध्यान में रखते हुए विभागीय मार्गदर्शिका में टॉलरेन्स लिमिट निर्धारित किया गया है। इस प्रकार स्पष्ट होता है कि प्रश्नगत्8 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 मामले में आलोच्य त्रुटिपूर्ण कार्य हेतु श्री राम स्वार्थ सिंह, तदेन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, बेनीपुर सम्प्रति सेवानिवृत जिम्मेवार थे। 4. अतएव उपर्युक्त के आलोक में सम्यक् विचारोपरान्त श्री राम स्वार्थ सिंह, तदेन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, बेनीपुर सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता के द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम 139 (ग) के तहत् समर्पित कारण पृच्छा उत्तर पत्रांक-शून्य दिनांक-02.02.2021 को अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध प्रमाणित पाये गये त्रुटि के समानुपातिक रूप से उनके पेंशन से 05% (पाँच प्रतिशत) की कटौती 02 (दो) वर्षों तक किये जाने का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। 5. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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25 फरवरी 2022
सं0 निग/सारा-04 (पथ)-आरोप-88/2020-776(s)--श्री नरसिंह कुमार, तदेन सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल संख्या-2, पथ प्रमंडल, छपरा को उनके प्रभाग के पथों के निर्माण कार्य में अत्यधिक विलम्ब, एन॰एच॰-19/102 के अवशेष पथांशों के सुदृढ़ीकरण कार्य की गति अत्यन्त धीमी पाये जाने एवं ठेकेदार के साथ मिलकर स्वीकृत प्राक्कलन में अनावश्यक संशोधन कराने की चेष्टा करने के आरोप के लिए विभागीय पत्रांक- 5826 (एस) दिनांक- 05.10.2020 के द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया।
2. श्री कुमार द्वारा पत्रांक-शून्य दिनांक-14.10.2020 के माध्यम से स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित किया गया, जिसकी विभागीय समीक्षा में स्पष्टीकरण उत्तर को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।
3. इसके अतिरिक्त दिनांक-17.12.2020 को अपर मुख्य सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के द्वारा पथ प्रमंडल, छपरा अंतर्गत विभिन्न पथों की प्रगति एवं विभिन्न पथों के रख-रखाव के अवलोकन हेतु पथ प्रमंडल, छपरा का भ्रमण किया गया। समीक्षा एवं भ्रमण के क्रम में पाये गये त्रुटियों/अनियमितताओं के लिए श्री नरसिंह कुमार, तदेन सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल संख्या-2, पथ प्रमंडल, छपरा को विभागीय अधिसूचना संख्या- 566 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक- 567 (एस) दिनांक-27.01.2021 द्वारा निलंबित किया गया। इस संबंध में श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या- 4309 (एस) दिनांक-26.08.2021 द्वारा उनके विरूद्ध गठित आरोपों के संदर्भ में विभागीय कार्यवाही संचालित है।
4. इसी बीच उक्त निलंबन आदेश के विरूद्ध श्री कुमार के आवेदन दिनांक-12.08.2021 के द्वारा आरोप मुक्त करते हुए निलंबन मुक्त करने हेतु अनुरोध किया गया। श्री कुमार द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया जाता है।
5. निलंबन से मुक्त होने के आदेश के बावजूद श्री नरसिंह कुमार, सहायक अभियंता के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
6. श्री कुमार के निलंबन अवधि का विनियमन उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के फलाफल के आधार पर लिया जायेगा।
प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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25 फरवरी 2022
सं0 निग/सारा-04 (पथ)-आरोप-88/2020-778(s)--श्री विभूति चन्द्र, तदेन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, छपरा को एन॰एच॰-19/102 के छपरा शहर एवं आस-पास के बचे हुए पथांश के निर्माण कार्य की गति अत्यन्त धीमी पाये जाने, आलोच्य कार्य के प्राक्कलन में प्रावधानों में संशोधन करने की रचना के कारण कार्य अवरूद्ध हो जाने, प्रमंडल अन्तर्गत OPRMC के तहत् संधारित पथों की स्थिति अच्छी नहीं होने, तरैया-मशरख पथ में पायी गयी त्रुटियों के सुधार कर तत्संबंधी अनुपालन प्रतिवेदन नहीं भेजने, समीक्षा बैठकों में चेतावनी देने के बावजूद बैठक के पूर्व गंभीर तैयारी नहीं कर पाने के आरोप के लिए विभागीय पत्रांक-5827 (एस) दिनांक-05.10.2020 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया।
2. श्री विभूति चन्द्र द्वारा पत्रांक-शून्य दिनांक-14.10.2020 के माध्यम से स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित किया गया, जिसकी विभागीय समीक्षा में स्पष्टीकरण उत्तर को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।
3. इसके अतिरिक्त दिनांक-17.12.2020 को अपर मुख्य सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के द्वारा पथ प्रमंडल, छपरा अंतर्गत विभिन्न पथों की प्रगति एवं विभिन्न पथों के रख-रखाव के अवलोकन हेतु पथ प्रमंडल, छपरा का भ्रमण किया गया। समीक्षा एवं भ्रमण के क्रम में पाये गये त्रुटियों/अनियमितताओं के लिए श्री विभूति चन्द्र, तदेन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, छपरा को विभागीय अधिसूचना संख्या- 564 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-565 (एस) दिनांक-27.01.2021 द्वारा निलंबित किया गया। इस संबंध में श्री चन्द्र के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या-4308 (एस) दिनांक-26.08.2021 द्वारा उनके विरूद्ध गठित आरोपों के संदर्भ में विभागीय कार्यवाही संचालित है।
4. इसी बीच उक्त निलंबन आदेश के विरूद्ध श्री चन्द्र के आवेदन दिनांक-13.08.2021 के द्वारा आरोप मुक्त करते हुए निलंबन मुक्त करने हेतु अनुरोध किया गया। श्री चन्द्र द्वारा समर्पित अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत इन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबन से मुक्त किया जाता है।9 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 5. निलंबन से मुक्त होने के आदेश के बावजूद श्री विभूति चन्द्र, कार्यपालक अभियंता के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही पर इसका कोई प्रतिकूल प्रभाव नहीं पड़ेगा।
6. श्री चन्द्र के निलंबन अवधि का विनियमन उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के फलाफल के आधार पर लिया जायेगा।
प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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4 मार्च 2022
सं0 1/स्था॰-24/2020-991(s)--1. श्री असलम महमूद, गृह जिला-बेतिया, कार्यपालक अभियंता (नीतिगत मामले), मुख्य अभियंता (संविदा प्रबंधन), नीतिगत मामले एवं लेखा परीक्षा अतिरिक्त प्रभार अधीक्षण अभियंता (नीतिगत मामले एवं लेखा परीक्षा) पथ निर्माण विभाग को स्थानांतरित करते हुए अधीक्षण अभियंता, मगध पथ अंचल, गया के तकनीकी सलाहकार के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है। श्री महमूद को अपने कार्यो के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता, मगध पथ अंचल, गया के पद पर भी अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-992(s)--2. श्री शाकिर अली, गृह जिला-पश्चिमी चम्पारण, अधीक्षण अभियंता, पथ अंचल, पूर्णियाँ, पथ निर्माण विभाग की सेवा अधीक्षण अभियंता या समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना को अगले आदेश तक के लिए सौपी जाती है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-993(s)--3. श्री नवाब आलम, गृह जिला-नालन्दा, कार्यपालक अभियंता की सेवा बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना से वापस लेते हुए प्रशासनिक दृष्टिकोण से कार्यपालक अभियंता (अनुश्रवण), पथ अंचल, पूर्णियाँ के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है। श्री आलम को अपने कार्यो के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता, पथ अंचल, पथ निर्माण विभाग, पूर्णियाँ के पद पर भी अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-994(s)--4. श्री सुरेश कुमार, गृह जिला-पटना, अधीक्षण अभियंता, अभियंता प्रमुख के सचिव (प्रावैधिक) अतिरिक्त प्रभार निदेशक, प्रशिक्षण, परीक्षक एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना की सेवा प्रशासनिक दृष्टिकोण से अधीक्षण अभियंता या समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना को अगले आदेश तक के लिए सौपी जाती है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-995(s)--5. श्री शैलेन्द्र कुमार, गृह जिला-पटना, उप निदेशक, (क्रय एवं परिवहन) अतिरिक्त प्रभार निदेशक (क्रय एवं परिवहन), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए कार्यपालक अभियंता (अनुश्रवण)-4, मुख्य अभियंता (अनुश्रवण) का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, पटना के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है। श्री कुमार को अपने कार्यो के अतिरिक्त अधीक्षण अभियंता (अनुश्रवण)-3, मुख्य अभियंता (अनुश्रवण) का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर भी अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-996(s)--6. श्री सुनील कुमार सुमन, गृह जिला-नवादा, पदस्थापन की प्रतीक्षा में, को कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, हिलसा के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-997(s)--7. श्री तालकेश्वर कुमार, गृह जिला-नालन्दा, पदस्थापन की प्रतीक्षा में, को कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, सोनपुर के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-998(s)--8. श्री अजय कुमार सिन्हा, गृह जिला-पटना, पदस्थापन की प्रतीक्षा में, को निदेशक, प्रशिक्षण, परीक्षक एवं शोध संस्थान, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-999(s)--9. श्री रामानुज प्रसाद, गृह जिला-नालन्दा, कार्यपालक अभियंता, लघु जल संसाधन विभाग की सेवा वापस लेते हुए कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, पथ निर्माण विभाग, गुलजारबाग के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1000(s)--10. श्री गिरीश नारायण सिंह, गृह जिला-रोहतास, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, भभुआ को स्थानांतरित करते हुए कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, पटना सिटी के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1001(s)--11. श्री मुकेश प्रसाद सिंह, गृह जिला-नवादा, की सेवा बिहार राज्य पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड, पटना से वापस लेते हुए कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, भभुआ के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1002(s)--12. श्री संजय कुमार भारती, गृह जिला-मोतिहारी, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, खगडिया को स्थानांतरित करते हुए कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, लखीसराय के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।10 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 सं0 1/स्था॰-24/2020-1003(s)--13. श्री सुनील कुमार, गृह जिला-नालन्दा, कार्यपालक अभियंता, लघु जल संसाधन विभाग की सेवा वापस लेते हुए कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, खगडिया के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1004(s)--14. श्री इन्द्रजीत आर्या, गृह जिला-नालन्दा, कार्यपालक अभियंता, नगर विकास एवं आवास विभाग की सेवा वापस लेते हुए कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल-01, औरंगाबाद के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1005(s)--15. श्री अनिल कुमार मिश्रा, गृह जिला-मधुबनी, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल संख्या-01, औरंगाबाद को प्रशासनिक दृष्टिकोण से स्थानांतरित करते हुए कार्यपालक अभियंता-1, मुख्य अभियंता, पथ संधारण का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, पटना के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020 -1006(s)--16. श्री योगेन्द्र कुमार, गृह जिला-लखीसराय, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, सुपौल की सेवा प्रशासनिक दृष्टिकोण से कार्यपालक अभियंता या समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना को अगले आदेश तक के लिए सौपी जाती है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1007(s)--17. श्री अजय कुमार रजक, गृह जिला-नालन्दा, कार्यपालक अभियंता (योजना निरूपण, NHAI, भू-अर्जन एवं गुण नियंत्रण-1, मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर) का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग को स्थानांतरित करते हुए कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, सुपौल के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1008(s)--18. श्री संजय शर्मा, गृह जिला-जहानाबाद, कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, लखीसराय एट मुंगेर को स्थानांतरित करते हुए कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग, पथ प्रमंडल, मुंगेर के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
श्री शर्मा को अपने कार्यो के अतिरिक्त कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, लखीसराय एट मुंगेर के पद पर भी अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1009(s)--19. श्री बब्लू कुमार, गृह जिला-पटना, उप सचिव (प्र॰को॰), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना की सेवा प्रशासनिक दृष्टिकोण से कार्यपालक अभियंता या समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना को अगले आदेश तक के लिए सौपी जाती है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1010(s)--20. श्री दीपेश कुमार, कार्यपालक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना की सेवा वापस लेते हुए उप सचिव (प्र॰को॰), पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1011(s)--21. श्री चन्द्रमोहन कुमार मिश्रा, गृह जिला-सीतामढ़ी, कार्यपालक अभियंता (अनुश्रवण), भोजपुर पथ अंचल, आरा अतिरिक्त प्रभार मुख्य अभियंता (सीमांचल) उपभाग का सचिव (प्रा॰), पथ निर्माण विभाग को स्थानांतरित करते हुए प्रभारी अधीक्षण अभियंता, पथ संधारण-2, मुख्य अभियंता (पथ संधारण) का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1012(s)--22. श्री रणेन्द्र कुमार, कार्यपालक अभियंता, बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना की सेवा वापस लेते हुए कार्यपालक अभियंता (बजट-1), मुख्य अभिंयता (बजट एंव येाजना) का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1013(s)--23. श्री उदय कुमार दास, कार्यपालक अभियंता, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना की सेवा वापस लेते हुए कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, बेनीपुर के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1014(s)--24. श्री विजय कुमार, कार्यपालक अभियंता (अनुश्रवण-2), मुख्य अभियंता (अनुश्रवण) का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, पटना को स्थानांतरित करते हुए कार्यपालक अभियंता, उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-3, पथ निर्माण विभाग, पटना के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1015(s)--25. श्री अविनाश झा, गृह जिला-मधुबनी, सहायक अभिंयता, पथ अवर प्रमंडल, हथुआ, पथ प्रमंडल, गोपालगंज को स्थानांतरित करते हुए सहायक अभियंता-1, अधीक्षण अभियंता (पथ संधारण-1) का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, पटना के पद पर अगले आदेश तक के लिए पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/स्था॰-24/2020-1016(s)--26. श्री जितेन्द्र प्रसाद, सहायक अभिंयता-सह-प्रभारी कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, बेनीपुर की सेवा प्रशासनिक दृष्टिकोण से सहायक अभियंता-सह-प्रभारी कार्यपालक अभियंता या समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को अगले आदेश तक के लिए सौपी जाती है। प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश से, अर्जुन कुमार मिश्रा, अवर सचिव (प्र॰को॰)।
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16 मार्च 2022
सं0 निग/सारा-(निगम) वि0नि0ई0था0कां0-01/2022-1403(s)--पुलिस महानिदेशक-सह-अध्यक्ष-सह-प्रबंध निदेशक, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम प्राईवेट लिमिटेड, पटना के पत्रांक-624 (अनु0) दिनांक-22.02.2022 के साथ संलग्न अपर पुलिस महानिदेशक, विशेष निगरानी इकाई, बिहार पटना के पत्रांक-150 अनु0, दिनांक-21.02.2022 एवं श्री11 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 अरूण कुमार सिंह के विरूद्ध दर्ज विशेष निगरानी इकाई थाना कांड सं0-03/2022 दिनांक-17.02.2022 से संबंधित एफ0आइ0आर की प्रति संलग्न करते हुए आवश्यक कार्रवाई हेतु पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना से अनुशंसा की गई। अपर पुलिस महानिदेशक का पत्र के साथ संलग्न श्री जय प्रकाश मिश्रा, पुलिस अधीक्षक, विशेष निगरानी इकाई, पटना का प्राथमिकी प्रतिवेदन में अंकित है कि श्री अरूण कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता, बिहार पुलिस अकादमी, राजगीर, जिला नालन्दा के विरूद्ध 96,20,460/- (छियानवे लाख बीस हजार चार सौ साठ रूपये) के प्रत्यानुपातिक धनार्जन धारा-13(1) (b) and 13(2)r/w 12 of P.C. Act 1988 and 120B of IPC के तहत विशेष निगरानी इकाई थाना कांड सं0-03/2022 दिनांक-17.02.2022 दर्ज किया गया है।
2. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में प्रश्नगत मामले की समीक्षोपरान्त श्री अरूण कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग प्रथम दृष्टया अपने पद का दरूपयोग करते हुए भ्रष्ट आचरण एवं कार्य से प्रत्यानुपातिक धनार्जन के लिए दोषी प्रतीत होते है। श्री सिंह का यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली-1976 के नियम 3 (i)(ii)(iii) यथा पूरी शीलनिष्ठा रखेगा, कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा रखेगा, और ऐसा कोई काम न करेगा जो सरकारी सेवक के लिए अशोभनीय हो, का उल्लंघन है।
3. उक्त कंडिका-02 में अंकित आरोपों के लिए श्री अरूण कुमार सिंह, कार्यपालक अभियंता, पथ निर्माण विभाग को बिहार सरकारी सेवक (नियंत्रण, वर्गीकरण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 9(1)(ग) में निहित प्रावधान के तहत तत्काल प्रभाव से निलम्बित किया जाता है।
3. निलंबन अवधि में श्री सिंह का मुख्यालय पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना (मुख्यालय) निर्धारित किया जाता है। 4. श्री सिंह को निलंबन अवधि के दौरान बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम 10 के अध्याधीन शर्त्तों के तहत अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
5. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।
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30 मार्च 2022
सं0 1/विविध (भू॰-अर्जन)-03/2020-1735(s)-- पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत मंत्रिपरिषद की स्वीकृति से भू-अर्जन कोषांग का गठन करते हुए संविदा के आधार पर नियुक्त करने हेतु मुख्य भू-अर्जन विशेषज्ञ का 01 (एक) पद एवं भू-अर्जन विशेषज्ञ का 02 (दो) पद सृजित किया गया है। विभागीय अधिसूचना संख्या-3035 (एस) दिनांक 06.03.2019 द्वारा श्री लक्ष्मी प्रसाद चौहान, सेवा निवृत्त विशेष सचिव (भा॰प्र॰से॰), जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना को मुख्य भू-अर्जन विशेषज्ञ के पद पर 01 (एक) वर्ष अथवा इनकी उम्र 65 वर्ष पूरी होने में जो पहले हो तक के लिए संविदा के आधार पर नियुक्त किया गया था। जिसके आलोक में श्री चौहान द्वारा दिनांक 07.03.2018 को योगदान दिया गया है। विभागीय अधिसूचना संख्या-2579 (एस) दिनांक 05.05.2020 द्वारा श्री चौहान को मुख्य भू-अर्जन विशेषज्ञ के पद पर अगले 01 वर्ष अथवा 66 वर्ष की उम्र पूरी होने तक जो पहले हो के लिए सेवा विस्तार किया गया था। पुनः विभागीय अधिसूचना संख्या-2239 (एस) दिनांक 15.04.2021 द्वारा श्री चौहान को मुख्य भू-अर्जन विशेषज्ञ के पद पर अगले 01 वर्ष अथवा 67 वर्ष की उम्र पूरी होने तक जो पहले हो के लिए सेवा विस्तार किया गया था। दिनांक 04.03.2022 को अपर मुख्य सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना की अध्यक्षता में विभागीय चयन समिति द्वारा श्री चौहान के सेवा अवधि अगले 01 वर्ष अथवा 67 वर्ष की उम्र पूरी होने तक जो पहले हो के लिए सेवा विस्तार की अनुशंसा की गई है। जिसपर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। उक्त अनुमोदन के आलोक में श्री लक्ष्मी प्रसाद चौहान को मुख्य भू-अर्जन विशेषज्ञ के पद पर अगले एक वर्ष अथवा 67 वर्ष की उम्र पूरी होने तक में जो पहले हो के लिए सेवा विस्तार की जाती है।
2. मुख्य भू-अर्जन विशेषज्ञ को सेवा निवृत्ति के समय अपुनरीक्षित वेतनमान् में प्राप्त मूल वेतन एवं ग्रेड-पे तथा पुनरीक्षित वेतनमान् में प्राप्त मूल वेतन तथा उस पर तत्समय देय महंगाई भत्ता का योगफल में से मूल पेंशन (Commutation सहित) एवं उस पर सेवा निवृत्ति की तिथि को देय मंहगाई राहत का योगफल घटाने पर जो राशि आयेगा, वही राशि मानदेय/संविदा वेतन के रूप में अनुमान्य होगा, परंतु पेंशन पर महंगाई राहत मिलता रहेगा। 3. अनुबंध समाप्ति के पूर्व यदि पुनर्नियोजन नहीं होता है, तो वैसी स्थिति में निर्धारित तिथि को इनका अनुबंध स्वतः समाप्त माना जायेगा और इसके लिए आदेश निर्गत किया जाना अपेक्षित नहीं होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपेश कुमार, उप सचिव (प्र॰को॰)।
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4 अ्रप्रील 2022
सं0 1/BSRDC-21-01/2018 -1801(s)--बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना एवं बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना के आर्टिकल ऑफ एशोसियेशन में निहित प्रावधान के अनुसार बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना एवं बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड, पटना की वार्षिक साधारण बैठक/विशेष साधारण बैठक में भाग लेने के लिए नामित श्री श्रीबाबू यादव, उप सचिव (विशेष कार्य पदाधिकारी), पथ निर्माण विभाग,12 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 बिहार, पटना के वाध्र्यक्य सेवा निवृत्ति के फलस्वरूप उनके स्थान पर श्रीमती पूनम कुमारी, उप सचिव, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को महामहिम राज्यपाल, बिहार के प्रतिनिधि के रूप में नामित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपेश कुमार, उप सचिव (प्र॰को॰)।
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वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचनाएं
25 मई 2022
सं0 कौन/भी-108/2022-59/सी--माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा क्रिमिनल मिसलेनियस संख्या-43088/ 2021 में दिनांक 10.01.2022 को वाहन संख्या-UP-78-DN-7577 एवं वाहन संख्या-BR-033F-9768 से संबंधित कन्साइनमेंट नोट संबंधी रिपोर्ट वाणिज्य-कर विभाग, मुजफ्फरपुर से प्राप्त किये जाने का आदेश विशेष न्यायधीश, उत्पाद, मुजफ्फरपुर को दिया गया।
जिसके आलोक में माननीय विशेष न्यायधीश-II, उत्पाद, मुजफ्फरपुर द्वारा अपने पत्रांक 23/2022 दिनांक-21.01.
2022 के माध्यम से संबंधित वाहन का कन्साइनमेंट नोट संबंधी प्रतिवेदन उप निबंधक, पटना उच्च न्यायालय, पटना को प्रेषित किये जाने का अनुरोध The Commissioner Commercial Taxes Department Tirhut Division Muzaffarpur, West Circle से किया गया।
उक्त अनुरोध के आलोक मे श्री प्रभात कुमार, राज्य कर संयुक्त आयुक्त, अन्वेषण ब्यूरो, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर द्वारा पत्रांक 28 दिनांक 25.01.2022 द्वारा उप निबंधक, पटना उच्च न्यायालय, पटना को उत्तर प्रेषित किया गया। माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 01.02.2022 को सुनवाई के क्रम मे श्री कुमार द्वारा प्रेषित सूचना को अप्रसांगिक मानते हुए गहरी अप्रसन्ता व्यक्त की गयी ।
माननीय पटना उच्च न्यायालय को अप्रासंगिक तथ्य प्रेषित करने एवं उक्त वाद मे कर्तव्य के प्रति गैर जिम्मेदराना रवैया अख्तियार करने के मामले मे श्री प्रभात कुमार, राज्य कर संयुक्त आयुक्त, अन्वेषण ब्यूरो, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत श्री आनन्द झा, राज्य कर अपर आयुक्त (प्रषासन), तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर की भूमिका भी इस मामले मे गैर जिम्मेवार पाया गया फलतः श्री झा से भी स्पष्टीकरण की मांग की गयी।
श्री झा से प्राप्त स्पष्टीकरण के सम्यक् समीक्षोपरांत असहमत होते हुए कर्तव्य के प्रति उदासीनता एवं गैर जिम्मेदराना रवैया अपनाये जाने के फलस्वरूप अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंंभ करने का निर्णय लिया गया। तद्नुसार इनके विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए बचाव अभिकथन की मांग की गयी। इनसे प्राप्त बचाव अभिकथन की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत असहमत होते हुये श्री आनन्द झा, राज्य कर अपर आयुक्त (प्रशासन), तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को चेतावनी दिये जाने का निर्णय लिया गया है, जिसकी प्रविष्टि इनके चारित्री वर्ष 2021-22 मे की जायेगी।
प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार सिन्हा, राज्य कर अपर आयुक्त-सह-संयुक्त सचिव।
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25 मई 2022
सं0 कौन/भी-108/2022्र्र्र्र्र-60/सी--माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा क्रिमिनल मिसलेनियस संख्या-43088/2021 में दिनांक 10.01.2022 को वाहन संख्या-UP-78-DN-7577 एवं वाहन संख्या-BR-033F-9768 से संबंधित कन्साइनमेंट नोट संबंधी रिपोर्ट वाणिज्य-कर विभाग, मुजफ्फरपुर से प्राप्त किये जाने का आदेश विशेष न्यायधीश, उत्पाद, मुजफ्फरपुर को दिया गया।
जिसके आलोक में माननीय विशेष न्यायधीश-II, उत्पाद, मुजफ्फरपुर द्वारा अपने पत्रांक 23/2022 दिनांक-21.01.
2022 के माध्यम से संबंधित वाहन का कन्साइनमेंट नोट संबंधी प्रतिवेदन उप निबंधक, पटना उच्च न्यायालय, पटना को प्रेषित किये जाने का अनुरोध The Commissioner Commercial Taxes Department, Tirhut Division, Muzaffarpur, West Circle से किया गया।
उक्त अनुरोध के आलोक मे श्री प्रभात कुमार, राज्य कर संयुक्त आयुक्त, अन्वेषण ब्यूरो, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर द्वारा पत्रांक 28 दिनांक 25.01.2022 द्वारा उप निबंधक, पटना उच्च न्यायालय, पटना को यह तथ्य प्रेषित किया गया कि "In reference to the above subject, it is humbly and most respectfully submitted that it is not concerned with Commercial taxes in respect of Vehicle no. (1) UP-78-DN-7577 & (2) BR-033F- 9768. The above mentioned vehicle have not been interrupted by officers of Commercial Tax Department situated in Muzaffapur. Therefore no action has been taken by the office of Commercial Tax Department Muzaffarpur."13 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 01.02.2022 को सुनवाई के क्रम में श्री कुमार द्वारा प्रेषित सूचना को अप्रसांगिक मानते हुए गहरी अप्रसन्ता व्यक्त की गयी। माननीय पटना उच्च न्यायालय को अप्रासंगिक तथ्य प्रेषित करने एवं उक्त वाद मे कर्तव्य के प्रति गैर जिम्मेदराना रवैया अख्तियार करने के फलरूवरूप श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण के सम्यक् समीक्षोपरांत असहमत होते हुए अनुशासनिक कार्रवाई प्रारंंभ करने का निर्णय लिया गया। तद्नुसार इनके विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए बचाव अभिकथन की मांग की गयी। प्राप्त बचाव अभिकथन की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत असहमत होते हुये श्री प्रभात कुमार, राज्य कर संयुक्त आयुक्त, अन्वेषण ब्यूरो, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को चेतावनी दिये जाने का निर्णय लिया गया है। इसकी प्रविष्टि इनके चारित्री वर्ष 2021-22 मे की जायेगी।
प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार सिन्हा, राज्य कर अपर आयुक्त-सह-संयुक्त सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 11—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
14 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022भाग-2
बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और
नियम आदि।
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पथ निर्माण विभाग ------- अधिसूचनाएं (शुद्धि-पत्र) 12 अप्रील 2022 सं0 प्र॰2/स्था॰-विविध (त्रुटि सुधार)-12-07/2022 -1902(s)--पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना के अन्तर्गत सहायक अभियंता (असैनिक) का पदस्थापन संबंधित निर्गत अधिसूचना संख्या-752 (एस॰) दिनांक 24.02.2022 एवं अधिसूचना संख्या-750 (एस) दिनांक 24.02.2022 में तकनीकी कारणों से स्तम्भ-4 में अंकित त्रुटिपूर्ण जन्म तिथि को स्तम्भ-5 में निम्नरूपेण संशोधित किया जाता है :-
| क्र॰ सं॰ | अनुक्रमांक | नाम | त्र ुटिपूर्ण जन्मतिथि | संशोधित जन्मतिथि |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1. | 213868 | ANKIT KUMAR | 02-08-1993 | 08-02-1993 |
| 2. | 200542 | MANISH KUMAR | 05-06-1994 | 06-05-1994 |
| 3. | 205864 | UDIT KUMAR | 01-04-1994 | 04-01-1994 |
| 4. | 208782 | VIVEK KUMAR | 01-04-1995 | 04-01-1995 |
| 5. | 202067 | VINAYAK SHANKAR | 08-05-1991 | 05-08-1991 |
| 6. | 203169 | MANISH KUMAR | 02-03-1994 | 03-02-1994 |
| 7. | 222683 | CHANDRAJYOTI KUMAR | 04-12-1994 | 12-04-1994 |
| 8. | 201491 | ATUL KUMAR PANDEY | 02-01-1993 | 01-02-1993 |
| 9. | 202230 | MD WAHID ANSARI | NULL | 15-05-1994 |
| 10. | 225779 | KUMAR AYUSH | 01-06-1994 | 06-01-1994 |
| 11. | 227206 | ANKIT KUMAR DWIVEDI | 01-10-1995 | 10-01-1995 |
| 12. | 202168 | AMAN KUMAR SINGH | 05-03-1995 | 03-05-1995 |
| 13. | 210678 | SATYAJEET KUMAR | 01-02-1993 | 02-01-1993 |
| 14. | 207969 | SHIVJEE SINGH | 07-02-1992 | 02-07-1992 |
| 15. | 202538 | TUSHAR KUMAR | 06-12-1994 | 12-06-1994 |
| 16. | 222461 | SUDHANSHU KUMAR | 01-03-1994 | 03-01-1994 |
| 17. | 213308 | AKASH DEEP | 11-06-1994 | 06-11-1994 |
| 18. | 204406 | NAMITA SINHA | 08-12-1994 | 12-08-1994 |
| 19. | 203174 | HIMANSHU KUMAR | 03-11-1993 | 11-03-1993 |
| 20. | 213618 | VISHWA RANJAN KUMAR | 03-06-1994 | 06-03-1994 |
| 21. | 217576 | AJAY KUMAR PAL | 03-10-1994 | 10-03-1994 |
| 22. | 200137 | ABHISHEK KUMAR | 08-11-1992 | 11-08-1992 |
| 23. | 212565 | NISHANT KUMAR | 11-03-1993 | 03-11-1993 |
| 24. | 213952 | KUMAR GAURAV | 10-02-1990 | 02-10-1990 |
| 25. | 220059 | JYOTSANA | 09-06-1992 | 06-09-1992 |
| 26. | 224412 | MANOJ KUMAR | 07-05-1996 | 05-07-1996 |
| 27. | 223839 | MAYANK RAJ | 11-04-1994 | 04-11-1994 |
| 28. | 206696 | KUMAR DHIRAJ | 07-04-1992 | 04-07-1992 |
| 29. | 218419 | CHANDAN KUMAR | 03-06-1993 | 06-03-1993 |
| 30. | 200574 | GOURAV KUMAR | 12-10-1992 | 10-12-1992 |
| 31. | 224562 | NIHAL NAVIN | 02-07-1995 | 07-02-1995 |
| 32. | 205499 | RICHA | 11-08-1994 | 08-11-1994 |
| 33. | 211521 | SANJANA SINGH | 01-10-1994 | 10-01-1994 |
| 34. | 209767 | SAUMYA PRIYA | 01-07-1995 | 07-01-1995 |
| 35. | 201837 | HANSHA KUMARI | 01-03-1992 | 03-01-1992 |
| 36. | 204232 | SWEETY KUMARI | 06-08-1993 | 08-06-1993 |
| 37. | 222449 | TRIPTI TWINKLE | 07-12-1995 | 12-07-1995 |
| 38. | 228425 | NIKITA SANI | 06-03-1996 | 03-06-1996 |
| 39. | 202015 | SARITA KUMARI | 02-10-1994 | 10-02-1994 |
| 40. | 228118 | ANAMIKA | 04-07-1995 | 07-04-1995 |
| 41. | 225955 | DIVYA SWARNIM | 10-12-1995 | 12-10-1995 |
| 42. | 210912 | LOVELY RANI | 03-09-1995 | 09-03-1995 |
| 43. | 222191 | PUJA ARYA | 07-02-1993 | 02-07-1993 |
| 44. | 203858 | LAVANYA PRIYA | 03-02-1993 | 02-03-1993 |
| 45. | 227369 | RICHA SINGH | 04-05-1995 | 05-04-1995 |
| 46. | 227066 | ARCHANA KUMARI | 03-08-1996 | 08-03-1996 |
| 47. | 211350 | SHOBHA KUMARI | 03-02-1994 | 02-03-1994 |
| 48. | 203650 | NIDHI KUMARI | 04-06-1987 | 06-04-1987 |
| 49. | 205494 | ANJU KUSHWAHA | 09-10-1994 | 10-09-1994 |
| 50. | 216744 | TRIPTI JAISWAL | 11-01-1991 | 01-11-1991 |
| 51. | 221125 | PRIYANKA KUMARI | 02-03-1996 | 03-02-1996 |
| 52. | 203176 | SURUCHI SINHA | 01-12-1994 | 12-01-1994 |
| 53. | 222678 | VANDANA KUMARI | 11-05-1994 | 05-11-1994 |
| 54. | 203356 | DEVENDRA KUMAR | 06-05-1985 | 05-06-1985 |
| 55. | 207368 | MOHIT KUMAR | 06-12-1992 | 12-06-1992 |
| 56. | 227920 | SATYAM KUMAR | 12-08-1995 | 08-12-1995 |
| 57. | 213226 | RAVI KUMAR | 01-10-1991 | 10-01-1991 |
| 58. | 227249 | VIJAY KUMAR | 12-06-1995 | 06-12-1995 |
| 59. | 222022 | ABHISHEK KUMAR NIRAJ | 12-04-1995 | 04-12-1995 |
| 60. | 203349 | SANTOSH KUMAR | 11-01-1989 | 01-11-1989 |
| 61. | 220096 | MAHTAB ALAM | 12-04-1990 | 04-12-1990 |
| 62. | 203869 | VIKASH KUMAR | 06-04-1992 | 04-06-1992 |
| 63. | 205074 | SHALU KUMARI | 02-12-1994 | 12-02-1994 |
| 64. | 211507 | RANJEET KUMAR | 12-11-1989 | 11-12-1989 |
शेष यथावत रहेगा।
आदेश से, दीपेश कुमार, उप सचिव (प्र॰को॰)।
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12 अप्रील 2022
सं0 प्र॰2/स्था॰-विविध (त्रुटि सुधार)-12-07/2022-1909(s)--विभागीय अधिसूचना संख्या-752 (एस), दिनांक 24.02.2022-सहपठित ज्ञापांक-753 (एस), दिनांक 24.02.2022 द्वारा निर्गत नव नियुक्त सहायक अभियंता (असैनिक) का पदस्थापन में त्रुटि दृष्टिगोचर होने के आलोक में संशोधित पदस्थापन निम्नवत् है :-
16 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022| क्र॰ सं॰ | अधिसूचना संख्या एवं दिनांक क्रमांक सहित | सहायक अभियंता का नाम | त्र ुटिपूर्ण पदस्थापन | संशोधित पदस्थापन |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | 752 (एस), दिनांक 24. 02.2022 (क्रमांक-125) | अंजु कुशवाहा | AE (Monitoring), O/o Chief Engineer, NH (North) Wing, RCD, Patna | सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर)-2, मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर) उपभाग, पथ निर्माण विभाग, पटना। |
| 2 | 752 (एस), दिनांक 24. 02.2022 (क्रमांक-95) | अंजली सिंह | AE, O/o Chief Engineer, Bridge Management Wing, RCD, Patna | सहायक सेतु अभियंता-2, (सेतु विशेषज्ञ), मुख्य अभियंता, सेतु प्रबंधन उपभाग, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना। |
2. शेष यथावत रहेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपेश कुमार, उप सचिव (प्र॰को॰)।
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12 अप्रील 2022
सं0 प्र॰2/स्था॰-विविध (त्रुटि सुधार)-12-07/2022-1914(s)--विभागीय अधिसूचना संख्या-752 (एस), दिनांक 24.02.2022-सहपठित ज्ञापांक-753 (एस), दिनांक 24.02.2022 द्वारा निर्गत नव नियुक्त सहायक अभियंता (असैनिक) का पदस्थापन में त्रुटि दृष्टिगोचर होने के आलोक में संशोधित पदस्थापन निम्नवत् है :-
| क्र॰सं॰ | अधिसूचना संख्या एवं दिनांक क्रमांक सहित | सहायक अभियंता का नाम | त्र ुटिपूर्ण पदस्थापन | संशोधित पदस्थापन |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | 752 (एस), दिनांक 24. 02.2022 (क्रमांक-20) | सुशान्त सुमन | AE (Monitoring), Road Division, Nawada | सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, नवादा, पथ प्रमंडल, नवादा। |
2. शेष यथावत रहेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपेश कुमार, उप सचिव (प्र॰को॰)।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 11—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
17 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।
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सूचना ———
No. 580&&I, HARSHVARDHAN Singh, Son of Late Rajiv Kumar Singh, Resident of Krishna Sadan, Ward no. 19, Satya Nagar, Gangjala, Saharsa, Bihar have changed my name from Harsh Vardhan Chauhan to Harshvardhan Singh vide affidavit no. 1476 dated 02.04.2022.
HARSHVARDHAN Singh.
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सं0 581--म(cid:339) क(cid:670)ाणी कु मारी, िपता नागे(cid:574) नाथ उपा(cid:559)ाय, पित (cid:373)ीिनवास ि(cid:361)पाठी, िनवासी - मोती बाग, वाड(cid:330) नंबर 07, थाना एवं िजला िकशनगंज (िबहार) अपना नाम संशोिधत एवं प(cid:303)रवित(cid:330)त कर क(cid:670)ाणी ि(cid:361)पाठी रख िलया है। भिव(cid:712) म(cid:336) म(cid:339) इसी नाम का उपयोग एवं ह(cid:721)ा(cid:407)र क(cid:349)ं गी। शपथ प(cid:361) सं. 1167/15/02/2022.
क(cid:670)ाणी कु मारी।
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No. 605--I, VAISHNAVI D/o VIBHUTI KUMAR Resident at – Flat no. 15, Sitayan Apartment, Vivekanand Marg, Opp. A.N. College, Boring Road Patna-800013, declare that VAISHNAVI and VAISHNAVI JALAJ are Same person but after this affidavit , I shall always be known as VAISHNAVI JALAJ . This is my true and Correct name . Affidavit No. 750 dated 31.03.2022.
VAISHNAVI.
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सं0 606--मैं धनंजय कुमार सिंह पिता शिव कुमार सिंह साकिन हरिजन छात्रावास के सामने भट्ठी वाली गली में पोस्टथाना-नवादा आरा, जिला-भोजपुर, बिहार शपथ पत्र संख्या 75747, दिनांक 12.04.2022 हलफन बयान करता हूं कि मेरे पुत्र सौरभ सिंह है पहले मेरे पुत्र का नाम सौरभ था गलती से सिंह छुट गया था मेरे पुत्र का सही नाम सौरभ सिंह है अब मेरा पुत्र सौरभ सिंह के नाम से जाना और पहचाना जायेगा।
धनंजय कुमार सिंह।
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No. 607--I, Divyshekhar, S/O Divya Sinha & Shekhar. R/o. 104 Dev Residency, Rajendra Path, S. K. Puri, Boring Rd., Patna. vide affidavit no. 2399 dated 17.02.22 will be known as Divyshekhar Sinha.
Divyshekhar.
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No. 608--I, AFREEN Waheeda W/o Irshad Imam R/o Mainpura, Patna. My name is wrongly written as Afreen Imam in my son's birth certificate & school records. My correct name is Afreen Waheeda as per my Aadhaar & Affidavit no. 55 dated 18.01.2022.
AFREEN Waheeda.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 11—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
18 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-12/2022--5740 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------ संकल्प
24 मई 2022 श्री सुरेष चौधरी, बिहार कारा सेवा, काराधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा के विरूद्ध प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में दर्ज विषेष निगरानी इकाई थाना काण्ड संख्या-06/2022 दिनांक-04.05.2022 धारा-13 (1) (b) एवं धारा-13 (2) r/w 12 of P.C. Act 1988 (यथा-संषोधित) तथा 120 (बी) भा0 द0 वि0 तथा भ्रष्ट आचरण, पद के दुरूपयोग एवं सरकारी सेवक आचार नियमावली के घोर उल्लंघन के आरोप में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9 (1) (क) एवं (ग) के आलोक में अनुषासनिक कार्यवाही चलाये जाने तथा सक्षम प्राधिकार द्वारा यह समाधान होने, कि लोकहित में सरकारी सेवक को निलंबित करना समीचीन है, के आलोक में श्री सुरेष चौधरी, काराधीक्षक, मंडल कारा, सहरसा को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
2. निलंबनावस्था में इनका मुख्यालय विषेष केन्द्रीय कारा, भागलपुर निर्धारित किया जाता है। 3. श्री चौधरी के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित आरोप पत्र के आलोक में विभागीय कार्यवाही संचालित करने की कार्रवाई अलग से की जायेगी।
4. श्री चौधरी को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के विहित प्रावधानों के अन्तर्गत निलंबनावस्था में नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता संलग्न कारा से देय होगा।
5. उपरोक्त पर माननीय मुख्य (गृह) मंत्री महोदय का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-01/2020--5815
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संकल्प
25 मई 2022 श्री रमेष प्रसाद, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, हाजीपुर (सम्प्रति निलंबित) संलग्न केन्द्रीय कारा, बक्सर के विरूद्ध उनके मंडल कारा, हाजीपुर में पदस्थापन के दौरान दिनांक 03.01.2020 को विचाराधीन बंदी मनीष कुमार उर्फ तेलिया, पे0-अमरेन्द्र कुमार सिंह को कारा के अन्दर एक अन्य संसीमित बंदी द्वारा गोली मार कर हत्या कर दिये जाने की घटना एवं दिनांक 03.01.2020 तथा 05.01.2020 को जिला प्रषासन द्वारा कारा में की गई औचक छापेमारी में भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-357 दिनांक 14.01.2020 द्वारा श्री रमेष प्रसाद, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, हाजीपुर को निलंबित किया गया तथा निलंबनावस्था में उनका मुख्यालय केन्द्रीय कारा, बक्सर निर्धारित किया गया। उक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6159 दिनांक 11.09.2020 द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई है। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं अधीक्षक, आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।19 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 2. संचालन पदाधिकारी-सह-संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना के पत्रांक-1052/स्था0 दिनांक-22.11.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री रमेष प्रसाद, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, हाजीपुर (सम्प्रति निलंबित) के विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही में प्रपत्र 'क' में गठित कुल 05 आरोपों में से आरोप संख्या-01 को प्रमाणित तथा शेष 04 आरोपों को अंषतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 10805 दिनांक 30.12.2021 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए आरोपित पदाधिकारी श्री रमेष प्रसाद से द्वितीय कारण पृच्छा की गई।
4. तद्आलोक में श्री रमेष प्रसाद द्वारा अपना द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब दिनांक 20.01.2022 समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि माह अक्टूबर, 2019 से दिनांक 20.12.2019 तक वे स्वीकृत अवकाष पर थे। उसके बाद दिनांक 25.12.2019 से 31.12.2019 तक वे आकस्मिक अवकाष पर थे एवं अगले दिन 01 जनवरी 2020 को प्रतिबंधित अवकाष था। वे अस्वस्थ थे, इसलिए दिनांक 02.01.2020 को संध्या 3 से 4 बजे के बीच में उन्होंने ड्यूटी ज्वाईन किया। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि कारा में पिस्टल प्रवेष होने के संबंध में आरोप पत्र के पहले पारा में ही अंकित है कि कारा के कुछ बंदियों द्वारा आपराधिक षडयंत्र कर कक्षपाल श्री राजकुमार की मिलीभगत से पिस्टल मँगवाया गया। जहाँ तक कारा गेट में ड्यूटी पर जाने से पूर्व सुरक्षा कर्मियों की तलाषी का प्रष्न है, प्रत्येक दफा में ड्यूटी में जानेवाले सुरक्षा कर्मियों की तलाषी दफा प्रभारी/गेट वार्डर द्वारा ली जाती थी एवं इस संबंध में प्रतिवेदन भी अंकित किया जाता था। दिनांक 02.01. 2020 को सभी पालियों के दफा प्रभारी द्वारा तलाषी कर प्रतिवेदन अंकित किया गया। इसी आरोप में सुरक्षा कर्मियों की तलाशी कराने की व्यवस्था का अनुश्रवण एवं पर्यवेक्षण उनके द्वारा नहीं कराये जाने का उल्लेख है, जो असत्य है। संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष में अंकित किया गया है कि कारा हस्तक में उल्लिखित विहित सुरक्षा मानकों की रात्रि के पाली में प्रभावी तरीके से लागू नहीं किया जा रहा था तथा रात्रि में ड्यूटी के दौरान सुरक्षा कर्मियों की तलाशी न तो दफा प्रभारी और न ही गेट वार्डर द्वारा किया जाता था। इसी के सम्यक् पर्यवेक्षण में उनके (आरोपित पदाधिकारी) स्तर से चूक माना गया है। इस संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा ऐसी धारणा का एक मात्र आधार कक्षपाल श्री राजकुमार द्वारा दिये गये बयान कि, हाजीपुर में रात्रि दफा में किसी की तलाशी नहीं होती थी, इसलिए उसने रात्रि में ही पिस्टल पहुँचाना निश्चित किया। इसके अलावे अन्य साक्षी नहीं है। दिनांक 03.01.2020 की गोली कांड की घटना के बाद महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ द्वारा घटना की जाँच में उनके समक्ष मुख्य षडयंत्रकर्त्ता बंदी अनु सिंह के द्वारा यह बयान दिया गया है कि उसने पिस्टल 10 दिन पूर्व पेरीमीटर वॉल के बाहर से फेंककर मँगाया था। कक्षपाल श्री राजकुमार इस मामले में पुलिस द्वारा गिरफ्तार हो चुके हैं। ऐसी स्थिति में कक्षपाल श्री राजकुमार के बयान के आधार पर यह मान लेना कि मंडल कारा, हाजीपुर में रात्रि में दफा प्रभारी द्वारा तलाशी नहीं की जाती थी, गलत है क्योंकि किसी अन्य सुरक्षा कर्मी द्वारा ऐसा बयान नहीं दिया गया है। सभी दफा में तलाषी के उपरान्त प्रतिवेदन अंकित किया जाता रहा है। घटना के बाद जिला प्रशासन द्वारा की गई तलाशी में पिस्टल एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्रियाँ बरामद होने के फलस्वरूप उनपर प्रथम आरोप को प्रमाणित मान लिया गया, जो नैसर्गिक न्याय के नियमों के विरूद्ध है।
आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि जाँच दल द्वारा सी.सी.टी.वी. फुटेज में सभी बंदियों को जहाँ-तहाँ कारा परिसर में घूमते देखा गया, सुरक्षाकर्मी द्वारा बंदियों को वार्ड/इनक्लोजर में नहीं रखा जा रहा था। इसी आधार पर यह निष्कर्ष निकाला गया कि वार्ड संख्या-5(4) का बंदी राजा बाबू बिना रोक-टोक के अस्पताल वार्ड में पहुंच गया और उक्त बंदी की हत्या कर दिया। बिहार कारा हस्तक 2012 के नियम 97 में स्पष्ट है कि कारा के प्रत्येक बंदियों के पहरेदारी की जवाबदेही दिन/रात दोनों समय सदैव कक्षपाल के प्रभार में होगा। उपरोक्त नियम से स्पष्ट है कि कक्ष के प्रभारी कक्षपाल के जिम्मे का बंदी दूसरे स्थान पर जाता है तो उसकी जवाबदेही कक्षपाल की है। इस आरोप के संबंध में जाँच पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष में जेल परिसर में घूम रहे कैदी पर नजर रखना वार्डर का कर्त्तव्य था, लेकिन यह आरोप केवल इस आधार पर आंषिक रूप से सिद्ध किया गया है, कि वे जेल में वरीयतम पर्यवेक्षण पदाधिकारी के रूप में कार्यरत थे। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से स्पष्ट होगा कि संचालन पदाधिकारी भी इस बात से सहमत हैं कि न्यायालय में उपस्थापन हेतु बंदी को भेजने की जवाबदेही उपाधीक्षक, प्रवेश शाखा के वरीय प्रभारी तथा लिपिक की थी, परन्तु इस आरोप को भी अंशतः प्रमाणित मान लिया गया है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवेश पर रोक लगाने तथा कारा से प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी के लिए कारा में योगदान के उपरान्त से ही उनके द्वारा लगातार प्रयास किया जाता रहा है। कारा के भौगोलिक स्थिति के कारण बाहर से असमाजिक तत्वों द्वारा प्रतिबंधित सामग्रियाँ कारा के अंदर लगातार फेंका जाता रहा था, इस पर रोक लगाने हेतु स्थानीय थाना, जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और कारा मुख्यालय से लगातार पत्राचार किया गया है, जिसमें मुख्यतः कारा के बाहर से पुलिस की गश्ती, पेरीमीटर दीवाल को उँचा करने एवं उसके उपर फैन्स वायर लगाने, सी.सी.टी.वी. सहित आधुनिक उपकरणों की मरम्मती/आपूर्ति आदि शामिल था। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके द्वारा प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवेष रोकने/बरामदगी तथा कारा की सुरक्षा व्यवस्था में अपेक्षित सुधार के संबंध में किये गये कार्रवाई एवं प्रयास का उल्लेख संचालन पदाधिकारी द्वारा विशेष रूप से किया गया है, परन्तु ऐसी परिस्थिति में मात्र कार्यालय प्रधान होने के नाते उन पर आरोप को अंशतः प्रमाणित मान लेना नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के विरूद्ध है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनकी विषिष्ट सेवा के लिए उन्हें महामहिम राष्ट्रपति का सेवा पदक भी प्राप्त हुआ है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा सभी आरोपों से मुक्त करने का अनुरोध किया गया है।20 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 5. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री प्रसाद द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पाया गया कि बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-796 (i) एवं (ii) में काराधीक्षक को कारा एवं बंदियों की सुरक्षा एवं संरक्षा सुनिष्चित करने हेतु सभी व्यवस्था करने की जिम्मेवारी सौंपी गई है। दिनांक 03. 01.2020 को कारा के अन्दर एक बंदी द्वारा दूसरे बंदी की अवैध रूप से प्रवेष पाये पिस्टल से गोली मारकर हत्या किये जाने की असामान्य घटना अपने आप में कारा की सुरक्षा में बरती गई गंभीर लापरवाही का प्रमाण है। हत्या की इस घटना के उपरान्त जिला प्रषासन द्वारा की गई छापेमारी में अन्य कई प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी से भी स्पष्ट होता है कि कारा के गेट पर तलाषी की समुचित व्यवस्था नहीं थी। यह काराधीक्षक की कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही एवं बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-796 (i),(ii) द्वारा सौंपी गई जिम्मेवारी के निर्वहन में पूर्णतः विफलता का द्योतक है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि कक्ष के प्रभारी कक्षपाल के जिम्मे का बंदी दूसरे स्थान पर जाता है तो उसकी जवाबदेही कक्षपाल की होती है, किन्तु बंदी हत्या की घटना की जाँच हेतु गठित द्विसदस्यीय जाँच दल द्वारा जाँच के क्रम में पाया गया कि CCTV फुटेज में कई बंदी कारा परिसर में जहाँ-तहाँ घूमते दिख रहे थे। इससे स्पष्ट है कि कारा के अन्दर बंदियों को कहीं भी आने-जाने की छूट थी, जिसका फायदा उठाकर एक बंदी राजाबाबू अस्पताल वार्ड में घुस कर उक्त बंदी की हत्या कर देता है। ऐसे में किसी कक्षपाल या कर्मियों द्वारा उसे रोकने का प्रयास नहीं करना भी कारा सुरक्षा की लचर व्यवस्था का परिचायक है। यह कारा की सम्पूर्ण प्रशासनिक व्यवस्था के ध्वस्त होने का प्रमाण है, जिसके लिए आरोपित पदाधिकारी कारा के मुख्य नियंत्री पदाधिकारी के रूप में अपने कर्त्तव्यों के निर्वहन में विफल रहे हैंं तथा उनका अपने अधीनस्थों एवं बंदियों पर सम्यक् नियंत्रण का घोर अभाव परिलक्षित होता है।
आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कहना है कि न्यायालय में उपस्थापन हेतु बंदी को भेजने की जवाबदेही उपाधीक्षक, प्रवेष शाखा के वरीय प्रभारी तथा लिपिक की थी तथा उनका कहना है कि इसके लिए वे जिम्मेवार नहीं है। जबकि बंदियों का न्यायालय में निर्धारित तिथि को उपस्थापन सुनिष्चित कराने का दायित्व कार्यालय प्रधान की हैसियत से काराधीक्षक का है। काराकर्मियों से जिम्मेवारी के साथ कार्य लेने एवं अपनी इच्छानुसार अनियमित कार्य से उन्हें रोकना काराधीक्षक की महत्वपूर्ण जिम्मेवारी होती है जिसका निर्वहन करने में आरोपित पदाधिकारी पूर्णतः विफल रहे हैं। आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा जवाब में कहना है उनके द्वारा प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवेष पर रोक लगाने तथा कारा से प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी के लिए कारा में योगदान के उपरान्त से ही लगातार प्रयास किया जाता रहा है, किन्तु मंडल कारा, हाजीपुर में एक बंदी द्वारा दूसरे बंदी की अवैध आग्नेयास्त्र से गोली मारकर दिनांक 03.01. 2020 को की गई हत्या के मात्र दो दिनों के बाद जिला प्रषासन द्वारा की गई छापेमारी में पुनः भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी से स्पष्ट है कि कारा की सुरक्षा सुनिश्चित करने एवं इसमें प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवेष को रोकने हेतु काराधीक्षक द्वारा प्रभावकारी कार्रवाई नहीं की गई थी। कार्यालय प्रधान की हैसियत से उनका प्रयास परिणामदायक होना चाहिए था परन्तु उनका प्रयास पूर्णतः अप्रभावकारी रहा एवं प्रतिबंधित सामग्रियों का कारा में प्रवेष रोक पाने में वे सक्षम नहीं पाए गए।
दिनांक 03.01.2020 को मंडल कारा, हाजीपुर में कारा परिसर के अन्दर एक बंदी द्वारा दूसरे बंदी की गोली मारकर हत्या कर दिये जाने जैसी अतिगंभीर घटना घटित हुई है, जिसके लिए आरोपित पदाधिकारी सम्पूर्ण कारा के मुख्य नियंत्री एवं पर्यवेक्षी पदाधिकारी के रूप में अपने दायित्वों के निर्वहन में पूर्णतः विफल रहे हैं। आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन पूरी निष्ठा के साथ नहीं किया गया है एवं उनके अधीनस्थ कर्मियों द्वारा भी कर्त्तव्यनिष्ठा का पालन नहीं किया गया है जिस कारण सुरक्षित मानी जाने वाली कारा की चाहरदीवारी के अन्दर अवैध पिस्टल से गोली मारकर एक बंदी द्वारा दूसरे बंदी की हत्या कर दी गई एवं इस घटना के बाद लगातार दो तिथियों पर की गई छापेमारी में भारी मात्रा मेें कारा से अन्य प्रतिबंधित सामग्रियाँ भी बरामद की गई है। यह आरोपित पदाधिकारी द्वारा न केवल बिहार कारा हस्तक 2012 के नियम-140, 796 (i), (ii), 797 (v) एवं 870 (iii) का स्पष्ट रूप से उल्लंघन का द्योतक है; वरन् सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1), (2) के प्रावधानों का भी स्पष्ट उल्लंघन है। आरोपित पदाधिकारी को राष्ट्रपति पदक पूर्व की सेवा के लिए प्रदान किया गया है, वह भविष्य में कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही का बचाव नहीं हो सकता। अतः आरोपित पदाधिकारी का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब स्वीकार करने योग्य नहीं है।
6. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री रमेष प्रसाद, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा हाजीपुर (सम्प्रति निलंबित) के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को अस्वीकृत करते हुए तथा प्रमाणित पाये गये आरोपों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(vi) के प्रावधानों के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए निलंबन से मुक्त करने का विनिष्चय किया गया :- '' संचयी प्रभाव से पाँच (05) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''। 7. उपर्युक्त विनिष्चित दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 2344 दिनांक 11.03.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 511 दिनांक 13.05.2022 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है। 8. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री रमेष प्रसाद, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, हाजीपुर (सम्प्रति निलंबित) संलग्न केन्द्रीय कारा, बक्सर के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(vi) के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए उन्हें निलंबन से मुक्त किया जाता है :- '' संचयी प्रभाव से पाँच (05) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''।21 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-05/2019--5816
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संकल्प
25 मई 2022 श्री निरंजन कुमार पंडित, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, आरा सम्प्रति काराधीक्षक, मंडल कारा, किषनगंज के विरूद्ध उनके मंडल कारा, आरा में पदस्थापन के दौरान दिनांक 20.02.2019 को मंडल कारा, आरा में कैदियों द्वारा खाना बनाने एवं मोबाईल फोन से बात करने संबंधी वीडियो वायरल होने तथा इसके पूर्व में भी विभिन्न तिथियों को जिला प्रषासन की औचक छापेमारी में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी के प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-4046 दिनांक 22.06.2020 द्वारा श्री निरंजन कुमार पंडित, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, आरा सम्प्रति काराधीक्षक, मंडल कारा, किषनगंज के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई है। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं अधीक्षक, केन्द्रीय कारा, बक्सर को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
2. संचालन पदाधिकारी-सह-संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 1138/स्था0 दिनांक-16.12.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया है, जिसमें श्री पंडित के विरूद्ध गठित सभी आरोपों को अंषतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 642 दिनांक 25.01.2022 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए आरोपित पदाधिकारी श्री निरंजन कुमार पंडित से द्वितीय कारण पृच्छा की गई।
4. तद्आलोक में श्री निरंजन कुमार पंडित द्वारा अपने पत्रांक 388 दिनांक 14.02.2022 के माध्यम से द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि सभी आरोप जानबूझकर उनके विरूद्ध लगाये गये हैं, जिसका साक्ष्य पूर्व में समर्पित अन्य स्पष्टीकरण प्रतिवेदन एवं बचाव अभिकथनों में उन्होंने उल्लिखित किया है। श्री पंडित का कहना है कि सबसे महत्वपूर्ण साक्ष्य यह है कि जिला पदाधिकारी, भोजपुर एवं पुलिस अधीक्षक, भोजपुर के संयुक्त नेतृत्व में मंडल कारा, आरा के जिस सघन औचक तलाषी के संबंध में उन्हें आरोपित करने हेतु प्रतिवेदन तैयार किया गया है उससे संबंधित अपर समाहर्त्ता, भोजपुर द्वारा तैयार प्रतिवेदन में आधारहीन तथ्य है। जिस जाँच प्रतिवेदन के आधार पर जिला पदाधिकारी, भोजपुर द्वारा उन्हें आरोपित किया गया है, वह जाँच प्रतिवेदन अपर समाहर्त्ता, भोजपुर के पत्रांक 139 दिनांक 23. 02.2019 द्वारा तैयार किया गया है। जिला प्रषासन की तलाषी दिनांक 21.02.2019 को हुई है। दिनांक 23.02.2019 को तैयार प्रतिवेदन पर हस्ताक्षर करने वाले अपर समाहर्त्ता दिनांक 21.02.2019 (तलाषी की तिथि) को न तो भोजपुर जिला में किसी पद पर पदस्थापित थे और न ही वे उक्त तलाषी में मंडल कारा, आरा में प्रवेष किए हैं। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि संबंधित अपर समाहर्त्ता अपने कार्यालय में दिनांक 22.02.2019 को पदभार ग्रहण किए हैं जबकि जिला प्रषासन द्वारा उक्त तलाषी दिनांक 21.02.2019 को की गई है। 5. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं आरोपित पदाधिकारी द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में पूर्व में विभाग/संचालन पदाधिकारी को समर्पित स्पष्टीकरण में उल्लिखित तथ्यों को ही पुनः उद्धृत किया गया है, जिसे सम्यक् जाँचोपरान्त संचालन पदाधिकारी द्वारा अस्वीकृत करते हुए आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध गठित सभी आरोपों को अंशतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा जिलाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन पर प्रश्न उठाया गया है। उनका कहना है कि जाँच प्रतिवेदन पर हस्ताक्षर करने वाले अपर समाहर्त्ता जाँच की तिथि के एक दिन बाद प्रभार ग्रहण किये हैं। आरोपित पदाधिकारी के इस तर्क से जाँच प्रतिवेदन की प्रमाणिकता समाप्त नहीं हो सकती। प्रश्नगत जाँच प्रतिवेदन जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक, अनुमण्डल पदाधिकारी, सदर, आरा तथा जिला जन सम्पर्क पदाधिकारी द्वारा की गई संयुक्त जाँच में पाई गई स्थिति पर आधारित है। जाँच दल में शामिल अपर समाहर्त्ता के स्थानांतरण के बाद पदीय हैसियत से श्री कुमार मंगलम, प्रतिस्थानी अपर समाहर्त्ता द्वारा जाँच प्रतिवेदन पर हस्ताक्षर किया गया है। आरोपित पदाधिकारी के कार्यकाल में कारा में प्रतिबंधित सामग्री मोबाईल फोन एवं Miniature Spy कैमरा मौजूद था, जिसका उपयोग कर बंदियों द्वारा मोबाईल फोन से बात करते हुए एवं खाना बनाते हुए प्रतिबंधित गतिविधि का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। कारा के अन्दर चूल्हा, खाना बनाने वाले बर्तन एवं कच्चे खाद्य पदार्थ की उपलब्धता से यह स्पष्ट है कि विभागीय निदेशों का उल्लंघन कर आरोपित पदाधिकारी द्वारा बंदियों को मनमाने ढंग से अपनी इच्छानुसार निजी चूल्हे पर अपनी पसंद का खाना बनाने की अनुमति प्रदान की गई, जो कारा सुरक्षा के लिए भी एक गंभीर खतरा है। जिला प्रषासन, भोजपुर द्वारा दिनांक 11.08.2018 को मंडल कारा, आरा में की गई छापेमारी में 03 मोबाईल फोन, 04 मोबाईल चार्जर, 07 इयरफोन, 03 कार्ड रिडर, 01 चिलम एवं 15 ग्राम गांजा, दिनांक 07.10.2018 को 01 मोबाईल फोन, 02 मोबाईल चार्जर, 01 मोबाईल बैट्री, 01 सिम, 01 छड़ का छेनी, 01 चिलम, दिनांक 12.12.2018 को 01 छोटा चाकू,22 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022 मो0-61,00/- रूपया, मोबाईल नम्बर लिखा हुआ पन्ना तथा दिनांक 30.05.2019 को की गई छापेमारी में 01 मोबाईल फोन, 03 मोबाईल चार्जर, 02 सिम, 04 चाकू, 01 पेचकष, 03 चिलम एवं 02 छोटा कैंची की बरामदगी हुई है। कारा के अन्दर से इतनी बड़ी संख्या में मोबाईल, चार्जर एवं अन्य आपत्तिजनक सामग्रियों का बार-बार बरामद होना आरोपित पदाधिकारी की कर्तव्य के प्रति गंभीर लापरवाही का द्योतक है। इन प्रतिबंधित सामग्रियों के कारा में प्रवेष पर रोक लगाने हेतु उनके स्तर से कोई कारगर कदम नहीं उठाया गया। इसके अतिरिक्त निजी चूल्हे पर बंदियों को खाना बनाने की नियम विरूद्ध सुविधा प्रदान की गई। आरोपित पदाधिकारी का यह कृत्य बिहार कारा हस्तक 2012 के नियम-140, 796 (i), (ii) एवं 870 (iii) के प्रावधानों के विपरीत है। उनका यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1),(2) का भी उल्लंघन है। अतः आरोपित पदाधिकारी का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब स्वीकार करने योग्य नहीं है।
6. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री निरंजन कुमार पंडित, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, आरा सम्प्रति काराधीक्षक, मंडल कारा, किषनगंज के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को अस्वीकृत करते हुए तथा प्रमाणित पाये गये आरोपों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(vi) के प्रावधानों के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का विनिष्चय किया गया :- '' संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''। 7. उपर्युक्त विनिष्चित दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 2366 दिनांक 11.03.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 510 दिनांक 13.05.2022 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है। 8. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री निरंजन कुमार पंडित, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन काराधीक्षक, मंडल कारा, आरा सम्प्रति काराधीक्षक, मंडल कारा, किषनगंज के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(vi) के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया जाता है :-
''संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड''। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
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सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-R-503/7/2021 Section-14 RDD-RDD--945267
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23 (cid:464)बहार गजट, 1 जून 2022म(cid:581) (cid:302)ी राजेश प(cid:464)रमल, उप स(cid:876)चव-सह- संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग, (cid:466)बहार, पटना को संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) ना(cid:871)मत (cid:873)कया जाता है। िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), शेखपुरा द्वारा ना(cid:871)मत (cid:873)कये गये िजला (cid:232)तर के वर(cid:547)य पदा(cid:876)धकार(cid:547) उप(cid:232)थापन पदा(cid:876)धकार(cid:547) ह(cid:585)गे।
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