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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 03 June 2022

Published 03 June 2022

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2022-06-03.331
Languages
English, Hindi

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सं॰ 2/आरोप-01-14/2019-सा॰प्र॰-4165सं॰ 2/आरोप-01-14/2019-सा॰प्र॰-4165सं॰ 2/आरोप-01-14/2019-सा॰प्र॰-4165सं॰ 2/आरोप-01-14/2019-सा॰प्र॰-4165 सामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 17 17 17 17 मार्चमार्चमार्चमार्च 2022202220222022

श्री अनिल कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 940/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्‌, मसौढ़ी के विरूद्ध महालेखाकार के अंकेक्षण प्रतिवेदन संख्या 269/2016-17, 806/2014-15 एवं 244/2008-09 में उठाये गये आपत्तियों का निराकरण नहीं करने तथा विभागीय दिषा-निर्देष का उल्लंघन करने संबंधी आरोप के लिए नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 2704 दिनांक 31.05.2019 द्वारा आरोप-पत्र (साक्ष्य सहित) उपलब्ध कराया गया।

श्री कुमार के विरूद्ध आरोप निम्नांकित है :-श्री कुमार के विरूद्ध आरोप निम्नांकित है :-श्री कुमार के विरूद्ध आरोप निम्नांकित है :-श्री कुमार के विरूद्ध आरोप निम्नांकित है :- श्री अनिल कुमार, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्‌, मसौढ़ी को कई विभागीय पत्राें द्वारा नगर परिषद्‌, मसौढ़ी के अंकेक्षण प्रतिवेदन संख्या 269/2016-17, 806/2014-15, 917/2013-14 एवं 244/2008-09 में उठाये गये आपत्तियों का बिन्दुवत अनुपालन प्रतिवदेन नगर परिषद्‌, मसौढ़ी की बोर्ड से अनुमोदित कराकर जिला स्तरीय समिति के समीक्षोपरान्त उसे तीन माह के अन्दर महालेखाकार (ले0ह0), बिहार, पटना को भेजते हुए विभाग को भी एक प्रति उपलब्ध कराने का निदेष दिया गया था। तीन माह बीत जाने एवं इस बीच मोबाईल द्वारा वांछित प्रतिवेदन प्राप्ति हेतु स्मारित करने एवं उनके द्वारा आष्वासन दिये जाने के बावजूद न तो अनुपालन प्रतिवेदन महालेखाकार कार्यालय को भेजा गया और न ही विभाग को ही उपलब्ध कराया गया। विभागीय मासिक बैठकों में भी अनुपालन हेतु उन्हें लगातार निदेष दिया गया।

विभागीय पत्रांक 87 दिनांक 17.01.2019 द्वारा अनुपालन अबतक न भेजने का कारण स्पष्ट करते हुए तीन दिनों के अन्दर स्पष्टीकरण की मांग की गई, किन्तु श्री कुमार द्वारा इस संबंध में भी कोई स्पष्टीकरण विभाग को समर्पित नहीं किया गया।

श्री कुमार द्वारा बिहार नगर पालिक अधिनियम, 2007 की धारा-94(1) एवं (2) एवं बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 की धारा-130 की कंडिका-06, 07 एवं 08 का अंकेक्षण प्रतिवेदनों के निराकारण में अनुपालन नहीं किया गया है। साथ ही विभागीय दिषा-निर्देष का भी अनुपालन नहीं किया गया, जो उनके कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही, गैर जिम्मेवारी एवं विभागीय दिषा-निर्देष के उल्लंघन का द्योतक है।

नगर विकास एवं आवास विभाग से प्राप्त आरोप-पत्र एवं संचिका में उपलब्ध साक्ष्य/अभिलेखों के आधार पर विभागीय स्तर पर गठित आरोप-पत्र में अन्तर्विष्ट आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 11687 दिनांक 26.08.2019 द्वारा2 ;बपकरू2द्ध;बपकरू5द्ध ;बपकरू10द्धख्;बपकरू5द्ध;बपकरू5द्ध;बपकरू15द्ध;बपकरू16द्ध श्री कुमार से स्पष्टीकरण की गयी। श्री कुमार के पत्रांक 50 दिनांक 15.06.2020 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।

श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, इनके स्पष्टीकरण एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों के समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार आरोपों की विस्तृत जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8483 दिनांक 18.09. 2020 विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया।

संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 988/स्था0 दिनांक 02.11.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें इनके विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों में से कुछ आरोपों को आंशिक प्रमाणित एवं शेष आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने निष्कर्ष में उल्लेखित किया है कि श्री कुमार को तीन माह के अन्दर अनुपालन प्रतिवेदन महालेखाकार (ले0ह0), बिहार, पटना का भेजे जाने का विभागीय निदेश दिया गया। पुनः स्मारित करते हुए इन्हें एक पक्ष के अन्दर महालेखाकार (ले0ह0), बिहार, पटना को भेजे जाने हेतु निदेश दिया गया, परन्तु आरोपी पदाधिकारी द्वारा उक्त अनुपालन प्रतिवेदन नगर परिषद्‌, मसौढ़ी में अपने पदस्थापन अवधि दिनांक 12.11.2018 तक नहीं भेजा जा सका। संचालन पदाधिकारी द्वारा निष्कर्ष में यह भी उल्लेखित किया गया है कि आरोपी पदाधिकारी द्वारा दिनांक 12.11.2018 को नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्‌, मसौढ़ी का प्रभार अन्य पदाधिकारी को सौंपने के फलस्वरूप अनुपालन प्रतिवेदन को नगर परिषद्‌ बोर्ड के बैठक में अनुमोदित नहीं करा सके, जिसके फलस्वरूप आरोपी पदाधिकारी के द्वारा भी पूर्व में पदस्थापित तत्कालीन नगर कार्यपालक पदाधिकारी के तरह उक्त लंबित अंकेक्षण प्रतिवेदन का अनुपालन प्रतिवेदन महालेखाकार (ले0ह0), बिहार, पटना को नहीं भेजा जा सका।

आंषिक प्रमाणित आरोपों के लिए श्री कुमार से लिखित अभिकथन की मांग की गयी। श्री कुमार द्वारा उक्त के आलोक में लिखित अभिकथन समर्पित किया गया। श्री कुमार द्वारा अपने लिखित अभ्यावेदन में मुख्यतया गठित आरोप को ही तथ्यहीन, निराधार एवं तकनीकी रूप से गलत होने का उल्लेख किया है। आगे इनके द्वारा जाँच प्रक्रिया पर भी सवाल उठाया गया है। श्री कुमार द्वारा अपने बचाव में खुद को निर्दोष बताते हुए आरोप मुक्त करने का अनुरोध किया गया है।

प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं श्री कुमार से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा की गयी। श्री कुमार के द्वारा अपने लिखित अभिकथन में मुख्यतया गठित आरोप-पत्र को ही तथ्यहीन, निराधार एवं तकनीकी रूप से गलत होने का उल्लेख किया गया है। उनका यह भी कहना है कि नगर विकास एवं आवास विभाग द्वारा उन्हें गलत तरीके से चिन्हित कर दण्डित करने के उद्‌देष्य से आरोप-पत्र गठित किया गया था। श्री कुमार के द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को ही गलत ठहराते हुए उपस्थापन पदाधिकारी एवं संचालन पदाधिकारी पर टिप्पणी की गई है। नियमानुकूल श्री कुमार द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन के क्रम में संचालन पदाधिकारी के समक्ष अपना पक्ष रखा जाना चाहिए था। जाँचोपरांत इनके द्वारा उक्त बिन्दुओं को उठाया जाना उचित नहीं है।

संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँचोपरांत प्रतिवेदित किया गया है कि तीन माह के अन्दर अनुपालन प्रतिवेदन महालेखाकार (ले0ह0), बिहार, पटना को भेजे जाने का विभागीय निदेष दिया गया था। पुनः स्मारित करते हुए आरोपी पदाधिकारी को एक पक्ष के अन्दर महालेखाकार (ले0ह0), बिहार, पटना को भेजे जाने हेतु निदेष दिया गया था, परन्तु आरोपी पदाधिकारी के द्वारा उक्त अनुपालन प्रतिवेदन अपने पदस्थापन अवधि दिनांक 25.10.2018 तक नहीं भेजा गया।3 ;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू26द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू28द्धः महालेखाकार द्वारा पत्रांक 14587 दिनांक 20.09.2006 के माध्यम से नगर परिषद्‌ मसौढ़ी के वर्ष 2014-15 से 2015-16 के लेखाओं पर आधारित लेखा परीक्षा प्रतिवेदन के कंडिकाओं का अनुपालन प्रतिवेदन की माँग पत्र प्राप्ति के तीन माह के अंदर की गई थी। श्री कुमार द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्‌ मसौढ़ी के पद पर दिनांक 12.07.2017 को योगदान समर्पित किया गया था। श्री कुमार द्वारा अपने पदस्थापन काल दिनांक 12.07.2017 से दिनांक 25.10.2018 तक यानि एक वर्ष तीन माह तक अंकेक्षण से संबंधित अनुपालन प्रतिवेदन महालेखाकार को भेजे जाने के संबंध में सफल कार्यवाही नहीं की जा सकी।

उपर्युक्त वर्णित तथ्याें के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक्‌ विचारोपरान्त श्री कुमार द्वारा समर्पित बचाव अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधान के तहत ((((i) निन्दन (आ) निन्दन (आ) निन्दन (आ) निन्दन (आरोप वर्ष रोप वर्ष रोप वर्ष रोप वर्ष 2017-18) एवं 2017-18) एवं 2017-18) एवं 2017-18) एवं ((((ii) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक का दंड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया।

अतः अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अनिल कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 940/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्‌, मसौढ़ी सम्प्रति उप सचिव, उद्योग विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-

((((i) ) ) ) निन्दन (आरोप वर्ष 2017-18) निन्दन (आरोप वर्ष 2017-18),,,, निन्दन (आरोप वर्ष 2017-18) निन्दन (आरोप वर्ष 2017-18)

((((ii) ) ) ) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोकअसंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोकअसंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोकअसंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक। । । ।

आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित आदआदआदआदेष :-ेष :-ेष :-ेष :-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय। किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, शिवमहादेव प्रसाद,शिवमहादेव प्रसाद,शिवमहादेव प्रसाद,शिवमहादेव प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।

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ख्-ँः ;बपकरू14द्ध;बपकरू4द्ध ए.;बपकरू4द्धः

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्धः ;बपकरू4द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू14द्ध म;बपकरू29द्ध ए;बपकरू1द्ध.घ्

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू26द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू28द्ध ;बपकरू17द्ध़;बपकरू17द्ध-;बपकरू27द्ध1;बपकरू27द्ध-;बपकरू27द्धघ्

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 03 June 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2022-06-03.331/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2022-06-03.331.