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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 22 September 2022

Published 22 September 2022

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2022-09-22.772
Languages
English, Hindi
(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

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31 ;बपकरू289द्ध 1944 ;0द्ध

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सं॰ 08/आरोप-01-25/2019-15647/सा0प्र0 सामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्प 1 सितम्बर 2022 श्री उपेन्द्र सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-1324/2011 तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, रोहतास, सासाराम के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, रोहतास, सासाराम के पत्रांक-693 दिनांक 03.07.2019 द्वारा गठित आरोप पत्र राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-602 दिनांक 01.08.2019 द्वारा उपलब्ध कराते हुए अनुशासनिक कार्यवाही की अनुशंसा की गयी। प्राप्त आरोप पत्र में श्री सिंह के विरूद्ध मुख्य रूप से लगान निर्धारण वाद संख्या-3/2016-17 में अनाधिकृत रूप से किसी व्यक्ति विशेष के नाम बन्दोबस्त कर लगान निर्धारित करते हुए जमाबंदी कायम कर रसीद निर्गत करने संबंधी आदेश पारित करने, माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित आदेश को उल्टा बताते हुए लगान निर्धारण एवं जमाबंदी कायम करने का आदेश पारित करने तथा वरीय पदाधिकारियों के आदेशों की अवहेलना करने संबंधी आरोप प्रतिवेदित किया गया।

श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में विभागीय स्तर पर पुर्नगठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-13422 दिनांक 26.09.2019 द्वारा उनसे स्पष्टीकरण की माँग की गयी। श्री सिंह द्वारा अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक-1975 दिनांक 14.11.2019) विभाग में समर्पित किया गया। विभागीय पत्रांक-16851 दिनांक 11.12.2019 द्वारा श्री सिंह के स्पष्टीकरण पर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग की गयी। कतिपय स्मारों के बावजूद भी राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य अप्राप्त रहा।

तदुपरांत श्री सिंह के विरूद्ध गठित आरोप पत्र एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की विस्तृत जांच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक-7784 दिनांक 04.09.2020 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17(2) के प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी। इस विभागीय कार्यवाही में संयुक्त आयुक्त, विभागीय जांच, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-680 दिनांक 30.06.2022 द्वारा संचालन पदाधिकारी का जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जांच प्रतिवेदन में श्री सिंह के विरूद्ध गठित आरोप को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। विभागीय पत्रांक 11680 दिनांक 13.07.2022 द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन पर श्री सिंह से लिखित 2 ;बपकरू464द्ध ;द्धए 22 ;बपकरू224द्ध 2022 अभिकथन की मांग की गयी। उक्त क्रम में श्री सिंह के पत्रांक-69 दिनांक 27.07.2022 द्वारा अपना लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन समर्पित किया गया। समर्पित अभ्यावेदन में श्री सिंह द्वारा कहा गया कि विपक्षी की ओर से ए॰जी॰पी॰ उपस्थित हुए लेकिन कोई आपत्ति दाखिल नहीं किया गया। उनके द्वारा यह भी बताया गया कि यह आदेश Quasi Judicial Officer के रूप में न्यायालय का कार्य सम्पादन किय गया। उनके आदेश के विरूद्ध न्यायालय अपर समाहर्त्ता, रोहतास के समक्ष आवेदन देकर उसे Challange किया गया। उनका आदेश अंतिम नहीं था, यद्यपि अपील योग्य था। अपर समाहर्त्ता, रोहतास, सासाराम के न्यायालय में जमाबंदी रद्दीकरण वाद सं0-53/17 दायर किया गया था, जिसमें उनके द्वारा पारित आदेश को रद्द करते हुए जमाबंदी को रद्द किया जा चूका है।

श्री सिंह के विरूद्ध गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं उनसे प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री सिंह द्वारा लिखित अभिकथत में जिन तथ्यों का उल्लेख किया गया है, उन तथ्यों का उल्लेख उनके द्वारा पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण तथा संचालन पदाघिकारी के समक्ष समर्पित बचाव बयान में भी किया गया था, जिसके समीक्षोपरांत ही संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप को प्रमाणित पाया गया है।

उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक विचारोपरांत श्री उपेन्द्र सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-1324/2011 तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्त्ता, रोहतास, सासाराम सम्प्रति अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जयनगर, मधुबनी के अभ्यावेदन/लिखित अभिकथन अस्वीकार करते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाए गये आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14 में उल्लिखित निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता हैः-

(i) निन्दन (वर्ष-2017-18) तथा (ii) असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतन वृद्धि पर रोक। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव।

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;बपकरू464द्ध ;द्ध 772.571़10.0;बपकरू547द्ध00

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 22 September 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2022-09-22.772/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2022-09-22.772.