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31 ;बपकरू289द्ध 1944 ;0द्ध
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सं॰ 08/आरोप-01-41/2016-15657/सा0प्र0
सामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्प
2 सितम्बर 2022
श्री विपिन कुमार राय, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1058/2011, तत्कालीन अंचलाधिकारी, मोहनियाँ (कैमूर) सम्प्रति अपर समाहर्त्ता (लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी)-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सिवान के विरूद्ध अनावाद बिहार सरकार की भूमि का लगान निर्धारण में अनियमिमता बरतने संबंधी आरोप पत्र राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पत्रांक-1086 दिनांक 07.10.2016 द्वारा अनुशासनिक कार्रवाई हेतु प्राप्त हुआ।
उक्त प्रतिवेदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए श्री राय से विभागीय पत्रांक-14942 दिनांक 03.11.2016 द्वारा स्पष्टीकरण माँग की गयी। उक्त के क्रम में श्री राय का स्पष्टीकरण (दिनांक 15.11.2016) प्राप्त हुआ, जिसमें श्री राय द्वारा आरोपों से इन्कार किया गया। श्री राय से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 7917 दिनांक 30.06.2017 द्वारा राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से मंतव्य की मांग की गयी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के पत्रांक-1054 दिनांक 24.08.2020 द्वारा प्राप्त मंतव्य में लगान निर्धारण वाद सं॰-01/2004-05 के संबंध में श्री राय द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को तथ्यों पर आधारित नहीं पाया गया।
राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से प्राप्त मंतव्य के आलोक में उक्त प्रतिवेदित आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप पत्र पुनर्गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। उक्त अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-580 दिनांक 13.01.2021 द्वारा श्री राय से पुनः स्पष्टीकरण की माँग की गयी। उक्त के आलोक में श्री राय द्वारा पुनः स्पष्टीकरण समर्पित किया गया जिसमें उनके द्वारा पुनः आरोपों से इन्कार किया गया।
श्री राय के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी तथा समीक्षोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3114 दिनांक 05.03.2021 द्वारा श्री राय के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्ति किया गया। 2 ;बपकरू464द्ध ;द्धए 22 ;बपकरू224द्ध 2022 लिखित अभिकथन प्राप्त हुआ, जिसमें उनके द्वारा वही सारे तथ्य अंकित किये गये हैं, जो उनके द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालन के क्रम में संचालन पदाधिकारी के समक्ष समर्पित बचाव बयान में किया गया था। उनका यह भी कहना है कि उनके द्वारा बचाब बयान में दिये गये दस्तावेजी साक्ष्यों और सरकार के परिपत्र पर विचार नहीं किया गया है।
श्री राय के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं श्री राय द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री राय के विरूद्ध मुख्य रूप से अनावाद बिहार सरकार की भूमि का लगान निर्धारण में अनियमितता बरतने का आरोप है, जो अांशिक रूप से प्रमाणित होता है। साथ ही तत्कालीन अंचलाधिकारी श्री राय द्वारा वाद सं॰-05/2001-02 में विभागीय मंतव्य प्राप्त कर सक्षम प्राधिकार के न्यायालय में पुनरीक्षण दायर किया जाना था, जो दायर नहीं किया गया। अतः यह आरोप भी आंशिक रूप से प्रमाणित होता है।
अतएव श्री राय द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन को अस्वी—त करते हुए आंशिक रूप से प्रमाणित आरोपों के लिए उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 में उल्लेखित निम्नांकित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-
(i) निन्दन (आरोप वर्ष-2004-05)
आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक
में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव।