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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 28 September 2022

Published 28 September 2022

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2022-09-28.39
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 6 आश्विन 1944 (श0) सं(cid:201)या 39 पटना, बुधवार, ———————— 28 सितम्बर 2022 (ई0)

विषय-सूची पृष्ठ भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-6 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---

भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

---

भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।

---

भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन

---

भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 7-7 पूरक

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पूरक-क 8-14

2 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022

भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं।

—————

(cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग

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अधिसूचनाएं

8 सितम्बर 2022

सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-R-503/79/2022-Section 14-RDD-RDD-1216804--(cid:302)ी परमान(cid:219)द पं(cid:875)डत, (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), फतेहपुर, गया के विरुद्ध उप (cid:874)वकास आयु(cid:200)त, गया के प(cid:287)ांक- 1155 (cid:465)दनांक- 28.04.2022 द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त है । आरोप प(cid:287) म(cid:581) (cid:302)ी पं(cid:875)डत के विरुद्ध आवास (cid:220)लस अ(cid:219)तग(cid:91)त (cid:874)व(cid:215)तीय वष(cid:91) 2021-22 म(cid:581) (cid:873)कये जा रहे पंजीकरण/िजओ टै(cid:876)गंग/ ऑडरसीट जेनरेशन/एफ0ट(cid:547)0ओ0 का स(cid:215)यापन काय(cid:91) म(cid:581) लापरवाह(cid:547) एवं वर(cid:547)य पदा(cid:876)धकार(cid:547) के द्वारा (cid:465)दये गये आदेश क(cid:551) अवहेलना का आरोप अं(cid:873)कत (cid:873)कया गया है।

आरोप प(cid:287) पर (cid:302)ी पं(cid:875)डत से (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त (cid:873)कया गया िजसम(cid:581) उनके द्वारा उ(cid:227)लेख (cid:873)कया गया है (cid:873)क ल(cid:234)य क(cid:551) (cid:292)ाि(cid:220)त के (cid:871)लये सभी (cid:274)ामीण आवास सहायक(cid:585) को कई बैठक(cid:585), (cid:229)हाटसएप (cid:274)ुप, प(cid:287)ाचार एवं दूरभाष पर (cid:467)नदेश (cid:465)दया गया (cid:873)क(cid:219)तु उनके द्वारा यो(cid:202)य लाभुक(cid:585) का आवेदन प(cid:287) एवं जांच सूची उपल(cid:222)ध कराने म(cid:581) (cid:874)वलंब (cid:873)कया गया । फतेहपुर (cid:292)खंड म(cid:581) 930 लाभुक(cid:585) का पंजीकरण ((cid:464)रमांड- 89, अ(cid:232)थायी (cid:292)वास- 391, जॉब काड(cid:91)- 262, मृ(cid:215)यु-13 एवं ल(cid:234)य वापसी- 175) लं(cid:466)बत है । अ(cid:232)थायी (cid:292)वासन के कारण 247 लाभुक(cid:585) का (cid:467)नबंधन काय(cid:91) लं(cid:466)बत है । लं(cid:466)बत ऑड(cid:91)रसीट मा(cid:287) 393 है, जो 119 (cid:871)मसमैच, 145 (cid:464)रमांड, आधार (cid:871)मसमैच के कारण 32 लं(cid:466)बत है । शेष 97 का ऑडरसीट शी(cid:275) बनाया जा रहा है ।

उप (cid:874)वकास आयु(cid:200)त, गया से (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप एवं (cid:302)ी पं(cid:875)डत के (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क गया िजला के 24 (cid:292)खंड(cid:585) म(cid:581) फतेहपुर (cid:292)खंड क(cid:551) ि(cid:232)थ(cid:467)त नीचे से 5व(cid:581) न(cid:224)बर पर अथा(cid:91)त ् उपर से (cid:292)खंड क(cid:551) ि(cid:232)थ(cid:467)त 20व(cid:581) पायदान पर थी । लं(cid:466)बत एफ0ट(cid:547)0ओ0 के मामले म(cid:581) फतेहपुर (cid:292)खंड 24व(cid:581) पायदान पर है । 27.07.2022 क(cid:551) उपलि(cid:222)ध को देखने से (cid:232)प(cid:231)ट होता है (cid:873)क कु ल ल(cid:234)य 8768 के विरुद्ध के वल 279 आवास अथा(cid:91)त के वल 3.08 (cid:292)(cid:467)तशत पूण(cid:91) कराया गया है, जो प(cid:464)रल(cid:879)(cid:162)त करता है (cid:873)क आवास (cid:467)नमा(cid:91)ण क(cid:551) (cid:292)ग(cid:467)त म(cid:581) (cid:292)खंड क(cid:551) ि(cid:232)थ(cid:467)त अ(cid:205)छ(cid:548) नह(cid:547)ं है । अत: (cid:302)ी पं(cid:875)डत का (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:232)वीकार यो(cid:202)य नह(cid:547)ं है ।

अत: स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत (cid:302)ी परमान(cid:219)द पं(cid:875)डत, (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), फतेहपुर, गया को लघुदंड के (cid:510)प म(cid:581) ''असंचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से एक वेतन वृद्धि'' अवरुद्ध करने का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया जाता है।

आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क (cid:302)ी परमान(cid:219)द पं(cid:875)डत क(cid:551) चा(cid:464)र(cid:287)ी म(cid:581) इस दंड क(cid:551) (cid:292)(cid:874)वि(cid:231)ट क(cid:551) जाय।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

--------

13 सितम्बर 2022

सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0- 14(पटना) नालंदा(लोक (cid:292)ा(cid:876)धकार)-06/2021-1232566--(cid:302)ी पंकज कु मार, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), परवलपुर, नालंदा स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), बाराच(cid:618)ट(cid:547) (गया) के विरुद्ध सामा(cid:219)य (cid:292)शासन (cid:874)वभाग के प(cid:287)ांक-102 (cid:465)दनांक-22.12.2020 के द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त हुआ । आरोप प(cid:287) म(cid:581) (cid:302)ी कु मार के विरुद्ध लोक (cid:292)ा(cid:876)धकार क(cid:551) सुनवाईय(cid:585) म(cid:581) अनुपि(cid:232)थत रहने से संबं(cid:876)धत आरोप अं(cid:873)कत (cid:873)कया गया है।3 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022 सामा(cid:219)य (cid:292)शासन (cid:874)वभाग के द्वारा (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप पर (cid:302)ी पंकज कु मार से (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त (cid:873)कया गया। (cid:302)ी कु मार द्वारा (cid:232)प(cid:231)ट (cid:873)कया गया है (cid:873)क (cid:465)दनांक- 19.12.2020 को अनुमंडल(cid:547)य लोक (cid:871)शकायत (cid:467)नवारण पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:465)हलसा के (cid:219)यायालय म(cid:581) प(cid:464)रवाद क(cid:551) सुनवाई (cid:467)नधा(cid:91)(cid:464)रत थी । ले(cid:873)कन कोरोना पॉजे(cid:465)टव हो जाने के कारण (cid:876)च(cid:873)क(cid:215)सक के द्वारा आराम करने का सलाह द(cid:547) गयी थी । उ(cid:200)त कारणवश (cid:465)दनांक- 16.12.2020 से 21.12.2020 तक अवकाश पर रहने के कारण उ(cid:200)त सुनवाई म(cid:581) उपि(cid:232)थत होने म(cid:581) असमथ(cid:91) था ।

आरोप प(cid:287) म(cid:581) ग(cid:465)ठत आरोप एवं (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क (cid:465)दनांक- 19.12.2020 क(cid:551) सुनवाई म(cid:581) उपि(cid:232)थत नह(cid:547)ं होने के संबंध म(cid:581) उनके द्वारा कोई ठोस आधार नह(cid:547)ं (cid:465)दया गया है, ऐसी ि(cid:232)थ(cid:467)त म(cid:581) (cid:302)ी कु मार का (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:232)वीकार यो(cid:202)य नह(cid:547)ं है ।

अत: स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत (cid:302)ी पंकज कु मार, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), परवलपुर, नालंदा स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), बाराच(cid:618)ट(cid:547) (गया) को (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण, (cid:467)नयं(cid:287)ण एवं अपील)(तृतीय संशोधन) (cid:467)नयमावल(cid:547), 2010 के (cid:467)नयम-3 के तहत'चेतावनी (प(cid:287) (cid:467)नग(cid:91)त क(cid:551) (cid:467)त(cid:876)थ से)'का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया जाता है।

आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क (cid:302)ी पंकज कु मार क(cid:551) चा(cid:464)र(cid:287)ी पुि(cid:232)तका म(cid:581) इस दंड क(cid:551) (cid:292)(cid:874)वि(cid:231)ट क(cid:551) जाय। उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

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16 सितम्बर 2022

सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-14(भा0) बाँका -03/2019-1240553--(cid:302)ी अ(cid:871)मत कु मार, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:274)ामीण (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547)-सह-(cid:292)भार(cid:547) (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), ब(cid:587)सी, बाँका स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:871)समर(cid:547)बि(cid:201)तयारपुर (सहरसा) के विरुद्ध (cid:292)(cid:871)श(cid:162)ु आई0ए0एस0, के (cid:292)खंड (cid:292)(cid:871)श(cid:162)ण म(cid:581) योगदान हेतु (cid:292)भार नह(cid:547)ं स(cid:587)पने, अन(cid:876)धकृ त (cid:510)प से (cid:874)व(cid:871)भ(cid:219)न (cid:465)दवस(cid:585) व मह(cid:215)वपूण(cid:91) बैठक(cid:585) म(cid:581) अनुपि(cid:232)थत रहने, (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण का उ(cid:215)तर नह(cid:547)ं देने, योजनाओं के (cid:873)(cid:272)या(cid:219)वयन म(cid:581) (cid:510)(cid:876)च नह(cid:547)ं लेने, (cid:467)नवा(cid:91)चन काय(cid:607) म(cid:581) लापरवाह(cid:547) इ(cid:215)या(cid:465)द के (cid:871)लए िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), बाँका के प(cid:287)ांक- 670 (cid:465)दनांक- 30.11.2019 द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त हुआ तथा िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), बाँका के (cid:163)ापांक 97 (cid:465)दनांक 18.01.2020 द्वारा माननीय मु(cid:201)यमं(cid:287)ी के मह(cid:215)वपूण(cid:91) काय(cid:91)(cid:272)म म(cid:581) उनक(cid:551) लापरवाह(cid:547) एवं अनुपि(cid:232)थत रहने आ(cid:465)द आरोप (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत (cid:873)कए गए । उ(cid:200)त (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप(cid:585) पर (cid:874)वभागीय अ(cid:876)धसूचना सं(cid:201)या- 455663 (cid:465)दनांक- 01.02.2020 द्वारा (cid:302)ी कु मार को (cid:467)नलं(cid:466)बत (cid:873)कया गया एवं संक(cid:227)प सं(cid:201)या- 461606 (cid:465)दनांक- 04.05.2020 द्वारा (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत क(cid:551) गई। संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) से (cid:292)ा(cid:220)त जाँच (cid:292)(cid:467)तवेदन पर (cid:302)ी कु मार से (cid:871)ल(cid:872)खत अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) माँग क(cid:551) गई। संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) के (cid:292)(cid:467)तवेदन एवं (cid:302)ी कु मार द्वारा सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:871)ल(cid:872)खत अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) समी(cid:162)ा क(cid:551) गई । समी(cid:162)ोपरांत संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) के अ(cid:871)भमत से सहमत होते हुए (cid:302)ी कु मार के विरुद्ध प(cid:287)ांक- 471739 (cid:465)दनांक-23.06.2021 द्वारा (cid:467)नलंबन मु(cid:200)त कर असंचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से दो वेतन वृद्धि अवरुद्ध करने का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया गया।

(cid:302)ी अ(cid:871)मत कु मार से (cid:292)ा(cid:220)त (cid:467)नलंबन अव(cid:876)ध के वेतन एवं भ(cid:215)ता के भुगतान तथा सेवा (cid:874)व(cid:467)नयमन से संबंधी अ(cid:223)यावेदन पर (cid:874)वचारोपरांत (cid:467)न(cid:224)नां(cid:873)कत (cid:467)नण(cid:91)य (cid:871)लया जाता है।

1. (cid:467)नलंबन क(cid:551) अव(cid:876)ध ((cid:465)दनांक 01.02.2020 से (cid:465)दनांक 23.06.2021) अ(cid:219)य (cid:292)योजन(cid:585) के (cid:871)लए कत(cid:91)(cid:229)य पर (cid:466)बतायी गई अव(cid:876)ध मानी जाएगी।4 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022 2. चू ँ(cid:873)क (cid:302)ी कु मार को असंचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से दो वेतन वृद्धि अवरुद्ध करने का दंड (cid:465)दया गया है । अत:

(cid:302)ी कु मार को (cid:467)नलंबन अव(cid:876)ध का वेतन एवं अ(cid:219)य भ(cid:215)त(cid:585) का 95 (cid:292)(cid:467)तशत रा(cid:871)श देय होगा।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

-------- कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------ अधिसूचनाएं 21 सितम्बर 2022

सं0 कारा/स्था0(अधी0)-01-28/2021-9921--बिहार लोक सेवा आयोग की 64वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर सुश्री अनुराधा लक्ष्मी, संयुक्त मेधाक्रम-963 अनुक्रमांक-527665 की बिहार कारा सेवा (काराधीक्षक) के पद पर नियुक्ति हेतु अनुशंसा प्राप्त हुई।

2. बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में विभागीय ज्ञापांक-5506 दिनांक-09.07.2021 द्वारा सुश्री अनुराधा लक्ष्मी को दिनांक-16.07.2021 को शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य प्रमाण पत्रों की जाँच हेतु उपस्थित होने का निदेश दिया गया।

3. विभागीय पत्रांक-6817 दिनांक-06.08.2021 द्वारा वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना से सुश्री अनुराधा लक्ष्मी के चरित्र एवं पूर्व वृत्त का सत्यापन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि इनके विरूद्ध संबंधित थानों में कोई शिकायत/काण्ड दर्ज नहीं है।

4. इसी क्रम में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा 65वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम परीक्षाफल प्रकाशित किया गया जिसके अनुसार सुश्री अनुराधा लक्ष्मी को बिहार प्रशासनिक सेवा के पद पर नियुक्ति हेतु चयनित किया गया।

5. उपरोक्त कंडिका-04 के आलोक में विभागीय पत्रांक-10794 दिनांक-30.12.2021, 1100 दिनांक-07.02.2022 एवं 6854 दिनांक-22.06.2022 द्वारा सुश्री अनुराधा लक्ष्मी से बिहार कारा सेवा (काराधीक्षक) में योगदान हेतु उपलब्धता संबंधी प्रतिवेदन की माँग की गई।

6. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-6609 दिनांक-02.05.2022 द्वारा सुश्री अनुराधा लक्ष्मी की नियुक्ति बिहार प्रशासनिक सेवा में करते हुए परीक्ष्यमान वरीय उप समाहर्त्ता के पद पर सारण में पदस्थापित किया गया है। सुश्री अनुराधा लक्ष्मी द्वारा दिनांक-05.05.2022 को परीक्ष्यमान वरीय उप समाहर्त्ता का प्रभार भी ग्रहण कर लिया गया है। इनके द्वारा अभ्यावेदन दिनांक-05.09.2022 के माध्यम से सूचित किया गया कि वे काराधीक्षक के पद पर योगदान नहीं करना चाहती हैं।

7. अतः उपर्युक्त वर्णित परिप्रेक्ष्य में एतद्‌ द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग की 64वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार कारा सेवा (काराधीक्षक) के पद पर नियुक्ति हेतु अनुशंसित सुश्री अनुराधा लक्ष्मी, संयुक्त मेधाक्रम-963 अनुक्रमांक-527665 की उम्मीदवारी (अभ्यर्थित्व) समाप्त की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीश कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।

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21 सितम्बर 2022

सं0 कारा/स्था0(अधी0)-01-28/2021-9922--बिहार लोक सेवा आयोग की 64वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर श्री एस प्रतीक, संयुक्त मेधाक्रम-53 अनुक्रमांक-441403 की बिहार कारा सेवा (काराधीक्षक) के पद पर नियुक्ति हेतु अनुशंसा प्राप्त हुई।

2. बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में विभागीय ज्ञापांक-5505 दिनांक- 09.07.2021 द्वारा श्री एस प्रतीक को दिनांक-16.07.2021 को शैक्षणिक योग्यता एवं अन्य प्रमाण पत्रों की जाँच हेतु उपस्थित होने का निदेश दिया गया। परंतु वे उक्त तिथि को उपस्थित नहीं हुये। पुनः उन्हें दिनांक-19.07.2021 को जाँच हेतु उपस्थित होने का निदेश दिया गया जिसमें वे उपस्थित हुए।

3. विभागीय पत्रांक-6814 दिनांक-06.08.2021 द्वारा वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, धनबाद (झारखंड) एवं विभागीय पत्रांक-6815 दिनांक-06.08.2021 द्वारा वरीय पुलिस अधीक्षक/पुलिस अधीक्षक, पूर्वी चम्पारण से श्री एस प्रतीक के चरित्र एवं पूर्व वृत्त का सत्यापन प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। संबंधित पुलिस अधीक्षक द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि इनके विरूद्ध संबंधित थानों में कोई शिकायत/काण्ड दर्ज नहीं है।

4. इसी क्रम में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा 65वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा का अंतिम परीक्षाफल प्रकाशित किया गया जिसके अनुसार श्री एस प्रतीक को बिहार प्रशासनिक सेवा के पद पर नियुक्ति हेतु चयनित किया गया।5 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022 5. उपरोक्त कंडिका-04 के आलोक में विभागीय पत्रांक-10794 दिनांक-30.12.2021, 209 दिनांक-12.01.2022, 6854 दिनांक-22.06.2022 एवं 7279 दिनांक-01.07.2022 द्वारा श्री प्रतीक से बिहार कारा सेवा (काराधीक्षक) में योगदान हेतु उपलब्धता संबंधी प्रतिवेदन की माँग की गई। श्री प्रतीक द्वारा सूचित किया गया कि बिहार प्रशासनिक सेवा में योगदान देने हेतु अब तक नियुक्ति पत्र जारी नहीं किया गया है। इसलिए उनकी बिहार कारा सेवा (काराधीक्षक) के पद पर नियुक्ति संबंधी अभ्यर्थिता रद्द नही की जाय।

6. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-6609 दिनांक-02.05.2022 द्वारा श्री एस प्रतीक की नियुक्ति बिहार प्रशासनिक सेवा में करते हुए परीक्ष्यमान वरीय उप समाहर्त्ता के पद पर प0चम्पारण में पदस्थापित किया गया है। श्री प्रतीक द्वारा दिनांक-13.05.2022 को परीक्ष्यमान वरीय उप समाहर्त्ता का प्रभार भी ग्रहण कर लिया गया है। 7. अतः उपर्युक्त वर्णित परिप्रेक्ष्य में एतद्‌ द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग की 64वीं संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार कारा सेवा (काराधीक्षक) के पद पर नियुक्ति हेतु अनुशंसित श्री एस प्रतीक, संयुक्त मेधाक्रम-53 अनुक्रमांक-441403 की उम्मीदवारी (अभ्यर्थित्व) समाप्त की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीश कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।

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गृह विभाग

(विषेष शाखा)

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आदेश

21 सितम्बर 2022

सं॰-एल/एच॰जी॰-14-07/2022-10853--महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा का कार्यालय, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-4447, दिनांक-25.08.2022 द्वारा प्राप्त प्रस्ताव केे आलोक में श्रीमती प्रभा कुमारी, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, जहानाबाद को प्रथम संतान के लिए बिहार सेवा संहिता-220 एवं बिहार सेवा (द्वितीय संशोधन) संहिता-2014 के नियम (2) के तहत दिनांक-24.10.2022 से 21.04.2023 तक कुल 180 (एक सौ अस्सी) दिनों के मातृत्व अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

2. इस आदेश में अपर मुख्य सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेश से, अनिमेश पाण्डेय, संयुक्त सचिव।

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सहकारिता विभाग

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अधिसूचनाएं

26 जुलाई 2022

सं0 01/रा॰स्था॰(स्थानान्तरण)-36/2022 सह॰-2541--(cid:7088)ी बिरेन्(cid:7076) शर्मा, जिला सहकारिता पदाधिकारी, मुज(cid:7010)फरपुर (अतिरिक्त प्रभार- प्रबंध निदेशक, जिला के न्(cid:7076)ीय सहकारी बैंक लि०, मुज(cid:7010)फरपुर) के चिकित्सा हेतु अवकाश पर चले जाने के कारण उनके अवकाश अवधि में (cid:7088)ी वात्सल्य मि(cid:7088), सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, मुज(cid:7010)फरपुर पूर्व (अतिरिक्त प्रभार- सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ, मुज(cid:7010)फरपुर पश्चिम) को अपने काय(cid:7300) के अतिरिक्त जिला सहकारिता पदाधिकारी, मुज(cid:7010)फरपुर एवं प्रबंध निदेशक, जिला के न्(cid:7076)ीय सहकारी बैंक लि०, मुज(cid:7010)फरपुर का अतिरिक्त प्रभार तत्काल प्रभाव से दिया जाता है।

2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार- राज्यपाल के आदेश से,

सियाराम सिह, उप-सचिव।

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29 अगस्त 2022

सं0 01/रा॰स्था॰निजी- 68/2020 सह॰-2891--(cid:7088)ी अभय झा, सहायक निबंधक, सहयोग समितियाँ (बिहार सहकारिता प्रशासनिक सेवा संवर्ग, वरीयता (cid:7059)मांक-32/18) सम्प्रति पदस्थापन की प्रतीक्षा में, की सेवा (cid:7088)ी अशोक चौधरी, माननीय मंत्री, भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना के आप्त सचिव के रूप में कार्य करने हेतु मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना को स(cid:7301)पी जाती है।

1. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार- राज्यपाल के आदेश से,

सियाराम सिह, उप-सचिव।6 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022 लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग

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प्रभार प्रतिवेदन

18 जुलाई 2022

सं0 8/नि0-1-102/2022-265--अधोहस्ताक्षरी मैं, निर्मल कुमार, बि0प्र0से0 सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-14/पदा0-212/2012 - 11934, दिनांक-15.07.2022 के आलोक में आज दिनांक-18.07.2022 के पूर्वाह्‌न में संयुक्त सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना का स्वतः पदभार ग्रहण किया ।

सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-14/पदा0-212/2012-11934, दिनांक 15.07.2022 द्रष्टव्य ।

निर्मल कुमार, भारग्राही पदाधिकारी।

आदेश से, नित्यानन्द प्रसाद, संयुक्त सचिव (प्र0को0)।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 28—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

7 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022

भाग-9-ख

िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण

सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।

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सं0 1086—मैं सुनीता कुमारी, पति बालाजी, निवासी एन. ए./5, सिंचाई कॉलोनी, थाना पत्रकार नगर, कंकड़बाग, पटना, शपथ पत्र सं. 3259 दिनांक 15.07.22 द्वारा घोषणा करती हूँ कि मेरा नाम सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में सुनीता कुमारी है, और विवाहोपरान्त मेरे बच्चों के शैक्षणिक प्रमाण पत्रों में एवं मेरे वोटर कार्ड में सुनीता राय है। अतः मैं सुनीता राय के नाम से जानी जाऊँगी।

सुनीता कुमारी।

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सं0 1089—

जानी व

पहचानी जाऊँगी।

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No. 1090—I DEEPMALA D/o Surendra Prasad R/o D-4/2/IGIMS Sheikhpura, Patna-14 vide affidavit no. 13593 dated 13.09.2022 solemnly affirm that my name is Deepmala wife of Vibhuti Bhushan and Mother of Anushka Bhushan who is studying in D.P.S. Danapur, Patna (Bihar) in class 10th Sect.-H, Adm. No. 1495-11. My new name is Deepmala without any surname.

DEEPMALA.

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No. 1101—I, RAGHWENDRA Kumar S/o Devendra Kumar Resident of Vill- Pura, P.O. Pura. P.S. Tekari, Dist. Gaya Bihar – 824236 here by declare by affidavit no. 11 dated 06.09.2022 shall be known as Raghawendra Kumar.

RAGHWENDRA Kumar.

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 28—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

8 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-20/2019--9648 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------ संकल्प 15 सितम्बर 2022

श्री रमेष प्रसाद, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, हाजीपुर सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, दाउदनगर के विरूद्ध उनके मंडल कारा, हाजीपुर में पदस्थापन के दौरान दिनांक 21.07.2019 को जिला प्रशासन, वैशाली द्वारा मंडल कारा, हाजीपुर में की गयी औचक छापेमारी में 08 मोबाईल फोन, 01 मेमोरी कार्ड, 5200 रुपया नकद राशि की बरामदगी के प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1026 दिनांक 05.02.2020 द्वारा श्री रमेष प्रसाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं अधीक्षक, आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. विभागीय कार्यवाही के जांचोपरान्त संचालन पदाधिकारी-सह-संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना के पत्रांक 1065/स्था0, दिनांक 25.11.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित आरोप को अंषतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 646 दिनांक 25.01.2022 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए श्री रमेष प्रसाद से द्वितीय कारण पृच्छा की गई। 4. तद्‌आलोक में श्री रमेष प्रसाद द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के विश्लेषणोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7408 दिनांक 07.07.2022 द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(vi) के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गया :- '' संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''।

5. विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7408 दिनांक 07.07.2022 द्वारा संसूचित उपर्युक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री रमेष प्रसाद द्वारा अपने पत्रांक 2309 दिनांक 11.08.2022 के माध्यम से पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि दिनांक 21.07.2019 को जिला प्रषासन की छापेमारी में उक्त अवधि में पदस्थापित प्रभारी मुख्य कार्यपालक कर्मी (प्रभारी उपाधीक्षक) को सिर्फ एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड विभाग द्वारा दिया गया है, जबकि उन्हें तीन वेतन वृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड दिया गया है, जो न्यायोचित नहीं है। श्री प्रसाद का कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने निष्कर्ष में उल्लेख किया गया है कि मंडल कारा हाजीपुर एन0एच0 सहित तीन तरफ से रोड से धिरा हुआ है, जहाँ से असामाजिक तत्वों द्वारा लगातार प्रतिबंधित सामग्रियों को कारा के अन्दर फेंका जाता रहा है। कारा की सुरक्षा एवं इस समस्या के स्थायी निदान हेतु कारा के पेरीमीटर वॉल के चारों तरफ सी0सी0टी0वी0 कैमरा एवं जैमर लगाने के लिए आरोपी पदाधिकारी के द्वारा विभिन्न पत्रों के माध्यम से लगातार महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना से पत्राचार किया गया था। इसके अतिरिक्त मुख्य पेरिमीटर दीवाल की ऊँचाई बढ़ाने एवं उस पर Electrical Fencing कराने के लिए भी आरोपी पदाधिकारी द्वारा इस समस्या के निदान हेतु थानाध्यक्ष, हाजीपुर सदर, वैषाली तथा भवन प्रमण्डल, हाजीपुर से लगातार पत्राचार किया जाता रहा था। श्री प्रसाद का कहना है कि विभागीय कार्यवाही के सुनवाई के क्रम में गवाही देने हेतु उपस्थित गवाहों के द्वारा बयान दिया गया है कि मंडल कारा, हाजीपुर के तीन तरफ रोड है तथा9 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022 कारा के दीवाल के काफी नजदीक में निर्मित मकानों से बराबर असमाजिक तत्वों के द्वारा प्रतिबंधित सामान कारा के अन्दर फेंका जाता है। श्री प्रसाद का कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा इसके बावजूद सिर्फ कार्यालय प्रधान होने के नाते आरोप को अंषतः प्रमाणित किया गया है, जो न्यायोचित नहीं है।

श्री प्रसाद का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि वे लगातार कारा में तलाषी/छापेमारी कराते रहे, जब-जब आपत्तिजनक सामग्री बरामद हुआ तो संबंधित पर F.I.R. भी दर्ज कराया। उन्होंने अपने पदस्थापन काल में 38 से ज्यादा F.I.R. दर्ज कराया है एवं अधीनस्थों पर भी कार्रवाई किया है। श्री प्रसाद द्वारा इस पुनर्विलोकन अभ्यावेदन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए अधिरोपित दण्ड निरस्त/लधुकृत करने का अनुरोध किया गया है। 6. श्री रमेष प्रसाद के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि उन्होंने कारा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी के लिए कारा की भौगोलिक स्थिति एवं पेरिमीटर दीवाल की ऊँचाई कम होने तथा कारा में स्वीकृत क्षमता से कम सुरक्षा बल पदस्थापित होना बताया गया है। श्री प्रसाद का कहना है कि उन्होंने अपने पदस्थापन काल में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी होने पर कई F.I.R. दर्ज किया है, जिससे स्पष्ट होता है कि कारा में हमेषा आपत्तिजनक सामग्रियों की बरामदगी होती रहती थी, किन्तु श्री प्रसाद द्वारा अपने स्तर से कारा में इन प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवेष पर रोकथाम हेतु आवष्यक कारगर कदम नहीं उठाये गये। उनके द्वारा प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी के उपरान्त F.I.R. दर्ज किये जाने की कार्रवाई महज खानापूरी है। परिणामस्वरूप दिनांक 21.07.2019 को जिला प्रषासन की औचक छापेमारी में कारा के अंदर से 08 मोबाईल फोन सहित भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी हुई है। कारा के अन्दर से भारी संख्या में मोबाईल, नकद राषि एवं अन्य आपत्तिजनक/प्रतिबंधित सामग्रियों का बरामद होना श्री प्रसाद की अकर्मण्यता, कर्तव्यहीनता एवं पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही का द्योतक है। श्री प्रसाद द्वारा अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में पुनः उन्हीं बातों को दोहराया गया है, जिसका उल्लेख उन्होंने पूर्व में अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में किया था, जिसे सम्यक्‌ विष्लेषणोपरांत अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा अस्वीकृत करते हुए विनिष्चित दंड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष प्राप्त कर विधिवत्‌ प्रक्रिया का पालन करते हुए श्री प्रसाद के विरूद्ध दण्ड अधिरोपित किया गया है।

7. उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री रमेष प्रसाद के विरूद्ध अकर्मण्यता, कर्तव्यहीनता एवं पदीय दायित्वों के निर्वहन में बरती गयी घोर लापरवाही के आरोप प्रमाणित पाये गये हैं; फलस्वरूप विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री रमेष प्रसाद को ''संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड'' अधिरोपित किया गया है।

8. अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में श्री रमेष प्रसाद, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, हाजीपुर सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, दाउदनगर के विरूद्ध गठित आरोप की प्र—ति एवं गंभीरता पर विचार करने के उपरांत बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श प्राप्त कर समेकित रूप से उन्हें दिया गया दण्ड न्यायोचित है एवं इसमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। अतः इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किया जाता है।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।

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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-50/2019--9649

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15 सितम्बर 2022

श्री संजय कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, हाजीपुर के विरूद्ध उनके मंडल कारा, मुंगेर में पदस्थापन के दौरान वित्तीय वर्ष 2018-19 में आपूरक मो0 हदीस नाज के द्वारा आपूरित सामग्रियों के विपत्र का भुगतान लंबित रखे जाने के आरोप के लिए गठित प्रपत्र 'क' के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8827 दिनांक 14.12.2020 द्वारा श्री संजय कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, हाजीपुर के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई, जिसमें आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को संचालन पदाधिकारी एवं अधीक्षक, विषेष केन्द्रीय कारा, भागलपुर को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. विभागीय कार्यवाही के जांचोपरान्त संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर द्वारा अपने पत्रांक 3756 दिनांक 16.10.2021 के माध्यम से विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध गठित प्रथम आरोप को अप्रमाणित तथा दूसरे आरोप को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।

3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 1670 दिनांक 21.02.2022 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए आरोपित पदाधिकारी श्री संजय कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा की गई। 4. तद्‌आलोक में श्री संजय कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के विश्लेषणोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 732810 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022 दिनांक 04.07.2022 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(vi) के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गया :- '' संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''।

5. विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7328 दिनांक 04.07.2022 द्वारा संसूचित उपर्युक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री संजय कुमार द्वारा अपने पत्रांक 4627 दिनांक 17.08.2022 के माध्यम से पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि वे दिनांक 29.06.2018 से 03.09.2018 तक की अल्प अवधि में मंडल कारा, मुंगेर में काराधीक्षक के पद पर पदस्थापित थे। वित्तीय वर्ष 2018-19 के सामग्रियों के भुगतान हेतु उनके उक्त अल्प अवधि के पदस्थापन के दौरान आपूरक मो0 हदीस नाज द्वारा कोई विपत्र भुगतान हेतु उपलब्ध नहीं कराया गया था, जिसका उल्लेख प्रभारी उपाधीक्षक-सह-लेखा प्रभारी श्री श्रीमन्‌ नारायण हिमांषु के द्वारा स्वयं कंटिजेन्ट पंजी में किया गया था। आपूरक मो0 हदीस नाज से उन्हें मंडल कारा, मुंगेर में अल्प अवधि में पदस्थापन के दौरान कोई मुलाकात/बात नहीं हुई थी। श्री संजय कुमार का अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कहना है कि कारा में सामानों की आपूर्ति हेतु संवेदकाें का भी दायित्व होता है कि वे कार्यालय से विधिवत्‌ प्राप्ति रषीद प्राप्त करें, परन्तु आपूरक द्वारा ऐसा नहीं कर सामानों की आपूर्ति नहीं करते हुए लगभग एक वर्ष के बाद अपने व्यावसायिक हित एवं दुर्भावनावष ऐसे आरोप लगाये गये हैं। श्री कुमार का कहना है कि संवेदक मो0 हदीस नाज द्वारा लगाये गये आरोप मनगढं़त, तथ्यहीन, असत्य एवं निराधार है। 6. श्री संजय कुमार के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि आपूरक मो0 हदीस नाज द्वारा आपूरित सामग्री का विपत्र श्री संजय कुमार, तत्कालीन अधीक्षक को प्रस्तुत किया गया था, जिसे कंटिजेन्ट रजिस्टर में अंकित करने के बाद काट दिया गया एवं आवेदक को उनके बकाये राषि का भुगतान जान-बूझकर नहीं किया गया। इस प्रकार श्री संजय कुमार द्वारा इस मामले में गंभीर लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता बरती गई है। उनके द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मी पर सारा दोषारोपण किया गया है, जो कार्यालय प्रधान के रूप में उनकी प्रषासनिक विफलता का परिचायक है। श्री कुमार द्वारा अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में पुनः उन्हीं बातों को दोहराया गया है, जिसका उल्लेख उन्होंने पूर्व में अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में किया था, जिसे सम्यक्‌ विष्लेषणोपरांत अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा अस्वीकृत करते हुए विनिष्चित दंड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष प्राप्त कर विधिवत्‌ प्रक्रिया का पालन करते हुए श्री कुमार के विरूद्ध दण्ड अधिरोपित किया गया है। 7. उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री संजय कुमार के विरूद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में बरती गयी घोर लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता के आरोप प्रमाणित पाये गये हैं; फलस्वरूप विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री संजय कुमार को ''संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड'' अधिरोपित किया गया है।

8. अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में श्री संजय कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, हाजीपुर के विरूद्ध गठित आरोप की प्र—ति एवं गंभीरता पर विचार करने के उपरांत बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श प्राप्त कर समेकित रूप से उन्हें दिया गया दण्ड न्यायोचित है एवं इसमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। अतः इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किया जाता है।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।

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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-50/2019--9650

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15 सितम्बर 2022

श्री जलज कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी के विरूद्ध उनके मंडल कारा, मुंगेर में पदस्थापन के दौरान वित्तीय वर्ष 2018-19 में आपूरक मो0 हदीस नाज के द्वारा आपूरित सामग्रियों के विपत्र का भुगतान लंबित रखे जाने के आरोप के लिए गठित प्रपत्र 'क' के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 8826 दिनांक 14.12.2020 द्वारा श्री जलज कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई, जिसमें आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को संचालन पदाधिकारी एवं अधीक्षक, विषेष केन्द्रीय कारा, भागलपुर को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. विभागीय कार्यवाही के जांचोपरान्त संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर द्वारा अपने पत्रांक 2776 दिनांक 11.08.2021 के माध्यम से विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री कुमार के विरूद्ध गठित दोनों आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।

3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 8626 दिनांक 01.10.2021 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए आरोपित पदाधिकारी श्री जलज कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा की गई। 4. तद्‌आलोक में श्री जलज कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के विश्लेषणोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 732911 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022 दिनांक 04.07.2022 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(vi) के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गया :- '' संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''।

5. विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7329 दिनांक 04.07.2022 द्वारा संसूचित उपर्युक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री जलज कुमार द्वारा अपने पत्रांक 4067 दिनांक 30.07.2022 के माध्यम से पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि मंडल कारा, मुंगेर में अधीक्षक के पद पर पदस्थापन अवधि में आपूरक मो0 हदीस नाज के तथ्यहीन परिवाद, जो उनके मंडल कारा, मुंगेर में पदस्थापन से पूर्व का था, जिसमें आपूर्तिकर्ता मो0 हदीस नाज द्वारा त्रुटिरहित विपत्र प्रस्तुत करने के पष्चात्‌ भुगतान कर दिये जाने के उपरांत भी उनको विभाग द्वारा तीन वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से रोक का दण्ड निर्धारित किया गया है, जबकि उनके द्वारा आपूरक मो0 हदीस नाज के मंडल कारा, मुंगेर में आपूर्ति के विरूद्ध त्रुटिरहित विपत्र प्रस्तुत करने पर नियमानुसार विपत्र को पारित किया जा चुका है। श्री जलज कुमार का कहना है कि उनके पदस्थापन के पूर्व ही आपूरक द्वारा सामानों की आपूर्ति की गयी थी, जिसका विपत्र भुगतान तात्कालिक अधीक्षक श्री संजय कुमार द्वारा नहीं किया गया था। श्री जलज कुमार का कहना है कि आपूरक मो0 हदीस नाज का बकाया राषि रू0 4,24,310/- न हो कर मात्र रू0 4,07,338/- ही था। उनके द्वारा प्रस्तुत विपत्र की जाँच Gate register of Article & Stock register से किया गया, तो पाया गया कि मात्र रू0 4,07,338/-का ही भुगतान बकाया है, जिसे ठीक करने के लिए मो0 हदीस नाज को बुलाया भी गया। कई बार कक्षपाल एवं गृह रक्षकों को भी भेजा गया। जिस आपूरक को प्रतिदिन कारा पर आना है, वह बुलाने पर भी नहीं आया, उल्टे फर्जी विपत्र भुगतान का दबाव बनाते गया। यही वजह थी कि आपूरक मो0 हदीस नाज के भुगतान में विलम्ब हुआ, पर भुगतान तो पूर्ण जाँच कर उतना ही किया गया रू0 4,07,338/-, जितना उसका देय था। आपूरक मो0 हदीस नाज द्वारा निबंधित डाक से विपत्र भेजा गया है, जिससे उसकी मंषा साफ झलकती है कि नवागन्तुक अधीक्षक पर दबाव बनाया जाय। श्री कुमार द्वारा अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में दिये गये दण्ड पर पुनर्विचार किये जाने का अनुरोध किया गया है। 6. श्री जलज कुमार के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि विभागीय द्विसदस्यीय जाँच दल द्वारा जाँच में पाया गया कि कारा में दिनांक-17.06.2019 को विपत्र प्राप्त हुआ था। श्री जलज कुमार का कहना है कि विपत्र त्रुटिपूर्ण था, जिसे निराकरण हेतु जाँच की तिथि तक आपूरक से कोई पत्राचार नहीं किया गया। विभागीय जाँच में जब बातें उजागर हो गई तब दिनांक-25.10.2019 को उनके द्वारा आपूरक को बकाया राषि रू0 4,07,338/- का भुगतान किया गया। इससे स्पष्ट है कि श्री जलज कुमार द्वारा जान-बूझकर आपूरक के विपत्र को लंबित रखा गया। श्री कुमार द्वारा अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में पुनः उन्हीं बातों को दोहराया गया है, जिसका उल्लेख उन्होंने पूर्व में अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में किया था, जिसे सम्यक्‌ विष्लेषणोपरांत अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा अस्वीकृत करते हुए विनिष्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष प्राप्त कर विधिवत्‌ प्रक्रिया का पालन करते हुए दण्ड अधिरोपित किया गया है। 7. उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री जलज कुमार के विरूद्ध पदीय दायित्वों के निर्वहन में बरती गयी गंभीर लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता के आरोप प्रमाणित पाये गये हैं; फलस्वरूप विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री जलज कुमार को ''संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड'' अधिरोपित किया गया है।

8. अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में श्री जलज कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मुंगेर सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी के विरूद्ध गठित आरोप की प्र—ति एवं गंभीरता पर विचार करने के उपरांत बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श प्राप्त कर समेकित रूप से उन्हें दिया गया दण्ड न्यायोचित है एवं इसमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। अतः इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किया जाता है।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।

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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-15/2016--9878

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21 सितम्बर 2022

श्री रामाधार सिंह, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन उपाधीक्षक, मंडल कारा, दरभंगा (सम्प्रति अन्य मामले में निलम्बित काराधीक्षक) के मंडल कारा, दरभंगा में उपाधीक्षक के पद पर पदस्थापन अवधि में बंदी सियाराम सहनी के द्वारा काँच की शीषी तोड़कर अपना गला रेतकर आत्महत्या कर लेने की घटना में बरती गई कर्तव्यहीनता एवं लापरवाही के प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2743 दिनांक 31.05.2017 द्वारा श्री रामाधार सिंह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया को संचालन पदाधिकारी एवं उपाधीक्षक, मंंडल कारा, नवादा को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।12 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022 2. आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया के पत्रांक-1172/विधि, दिनांक-08.06.2020 द्वारा संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया का जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया, जिसमें श्री रामाधार सिंह के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित आरोप को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 4093 दिनांक 23.06.2020 द्वारा श्री सिंह को उक्त जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए उनसे द्वितीय कारण पृच्छा की गई। तद्‌आलोक में श्री सिंह द्वारा अपने पत्रांक 3239 दिनांक 30.09.2020 के माध्यम से द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया। श्री सिंह द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में माननीय उच्च न्यायालय एवं सर्वोच्च न्यायालय के कतिपय न्यायनिर्णयाें का हवाला देते हुए विभागीय कार्यवाही में किसी की गवाही नहीं कराये जाने का उल्लेख किया गया। 4. तदोपरान्त संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया द्वारा समर्पित उक्त जाँच प्रतिवेदन एवं आरोपित पदाधिकारी के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-18(1) के तहत अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गई। समीक्षोपरान्त पाया गया कि विभागीय कार्यवाही के संचालन के दौरान प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी द्वारा गवाहों की गवाही नहीं करायी गई है। अतएव अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा यह मामला संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया को वापस करते हुए पुनः अग्रेतर जाँच एवं गवाही कराये जाने तथा गवाही के उपरान्त पुनः जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का आदेष दिया गया। 5. अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय पत्रांक-2235 दिनांक-08.03.2021 द्वारा संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया से उक्त विभागीय कार्यवाही में अग्रेतर जाँच एवं गवाही कराये जाने का अनुरोध किया गया।

6. तद्‌आलोक में आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमण्डल, गया के पत्रांक 3654/विधि, दिनांक 22.11.2021 के माध्यम से संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया का जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया, जिसमें आरोपित पदाधिकारी श्री रामाधार सिंह के विरूद्ध गठित आरोप को अंशतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

7. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 1550 दिनांक 18.02.2022 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए आरोपित पदाधिकारी श्री रामाधार सिंह से द्वितीय कारण पृच्छा/लिखित अभ्यावेदन की मांग की गई।

8. तद्‌आलोक में श्री रामाधार सिंह द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के विश्लेषणोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7330 दिनांक 04.07.2022 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(vi) के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया गया :- '' संचयी प्रभाव से दो (02) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''।

9. विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7330 दिनांक 04.07.2022 द्वारा संसूचित उपर्युक्त दंडादेष के विरूद्ध श्री रामाधार सिंह द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक 16.08.2022 समर्पित किया गया, जिसमें उन्होंने उल्लेख किया है कि उनके द्वारा पहली बार द्वितीय कारण पृच्छा में दिये गये जवाब के आलोक में विभाग द्वारा संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया को अग्रेतर जाँच एवं गवाही के उपरांत पुनः जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराने का निर्देष विभागीय पत्रांक 2235 दिनांक 08. 03.2021 द्वारा दिया गया, जिसके आलोक में आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया के पत्रांक-3654 दिनांक-22.11.2021 के द्वारा पुनः जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया, जिसमें उनके विरूद्ध गठित आरोप को अंषतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। श्री सिंह का कहना है कि उनके द्वारा जवाब में उठाये गये तथ्यों पर कोई विचार नहीं करते हुए उनके विरूद्ध कठोर दण्ड अधिरोपित कर दिया गया है। पाँच गवाहों में से मात्र दो गवाह (1) मो0 परवेज आलम, तत्कालीन कारा लिपिक, तथा (2) कक्षपाल श्री उमाषंकर राम की ही गवाही हुई है। तत्कालीन प्रभारी कारा अधीक्षक सहित तीन गवाह उपस्थित नहीं हुए। इन गवाहों द्वारा भी उनके विरूद्ध कोई बयान नहीं दिया गया। फिर भी संचालन पदाधिकारी द्वारा उनके विरूद्ध गठित आरोप को अंषतः प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है, जो न्यायसंगत नहीं है।

श्री सिंह का कहना है कि उन्होंने अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में भी इन बातों का जिक्र किया था, परन्तु अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा उनके जवाब को अनसूना करते हुए स्वीकार करने योग्य नहीं माना गया। श्री सिंह द्वारा उपरोक्त तथ्यों के आलोक में उनके विरूद्ध अधिरोपित दण्ड पर पुनर्विलोकन कर आरोप मुक्त करने/अधिरोपित दण्ड को लघुकृत करने का अनुरोध किया गया है।

10. श्री रामाधार सिंह के उपर्युक्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि अर्द्धन्यायिक प्रक्रिया के तहत संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा उपस्थित हुए गवाहों से गवाही कराई गई है। संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच में श्री सिंह के विरूद्ध कैदियों को पर्याप्त सुरक्षा देने में लापरवाही एवं कर्तव्यहीनता के आरोप प्रमाणित पाये गए हैं। न्यायिक जाँच प्रतिवेदन (MER) में एवं राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग द्वारा इस घटना के लिए जेल प्रशासन की लापरवाही बतायी गई है। बंदी सियाराम सहनी के द्वारा कारा में आत्महत्या किया जाना कारा में व्याप्त कुव्यवस्था को परिलक्षित करता है। इस घटना के समय श्री सिंह मंडल कारा, दरभंगा में उपाधीक्षक के पद पर कार्यरत थे। बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-799 एवं 800 के विहित प्रावधानों के तहत बंदियों की सुरक्षा एवं अभिरक्षा की जिम्मेवारी उपाधीक्षक के रूप में कारा के मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी होने के नाते आरोपित पदाधिकारी की थी, जिसके निर्वहन में वे पूर्णतः विफल रहे हैं। परिणामस्वरूप कारा जैसी अतिसुरक्षित माने जाने वाले क्षेत्र में13 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022 एक अन्य बंदी द्वारा मृतक बंदी को प्रताड़ित किये जाने के कारण मृतक बंदी द्वारा आत्महत्या कर लिया जाना, श्री सिंह की अकर्मण्यता, कर्तव्यहीनता एवं पदीय दायित्वों के प्रति घोर लापरवाही का द्योतक है।

11. श्री सिंह द्वारा अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में पुनः उन्हीं बातों को दोहराया गया है, जिसका उल्लेख उन्होंने पूर्व में अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में किया था, जिसे सम्यक्‌ विश्लेषणोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अस्वीकृत करते हुए विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श प्राप्त कर विधिवत्‌ प्रक्रिया का पालन करते हुए श्री सिंह के विरूद्ध दण्ड अधिरोपित किया गया है।

12. उपर्युक्त तथ्यों से स्पष्ट है कि श्री रामाधार सिंह के विरूद्ध अकर्मण्यता, कर्तव्यहीनता एवं पदीय दायित्वों के निर्वहन में बरती गयी घोर लापरवाही के आरोप प्रमाणित पाये गये हैं; फलस्वरूप विहित प्रक्रिया का पालन करते हुए बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त कर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री रामाधार सिंह को ''संचयी प्रभाव से दो (02) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड'' अधिरोपित किया गया है।

13. अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के परिप्रेक्ष्य में श्री रामाधार सिंह, तत्कालीन उपाधीक्षक, मंडल कारा, दरभंगा (सम्प्रति एक अन्य मामले में निलंबित काराधीक्षक) संलग्न केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ के विरूद्ध गठित आरोप की प्र—ति एवं गंभीरता पर विचार करने के उपरांत बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श प्राप्त कर समेकित रूप से उन्हें दिया गया दण्ड न्यायोचित है एवं इसमें किसी संशोधन की आवश्यकता नहीं है। अतः इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किया जाता है।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।

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29 अगस्त 2022

(cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547), (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:466)(cid:287)वेणीगंज (सुपौल) के विरुद्ध गु(cid:875) ़डया पंचायत के पूव(cid:91) मु(cid:872)खया प(cid:467)त- (cid:302)ी (cid:871)शवनारायण यादव से अवैध धन क(cid:551) उगाह(cid:547) करने संबंधी (cid:874)व(cid:875)डयो इले(cid:200)(cid:282)ॉ(cid:467)नक (cid:871)म(cid:875)डया (cid:219)यूज-18 पर वायरल हुआ, िजससे िजला (cid:292)शासन एवं रा(cid:207)य सरकार क(cid:551) छ(cid:874)व धू(cid:871)मल करने, उ(cid:200)त काय(cid:91) से जीरो टॉलरे(cid:219)स नी(cid:467)त का उ(cid:227)लंघन करने, वर(cid:547)य पदा(cid:876)धका(cid:464)रय(cid:585) के आदेश/(cid:467)नदेश क(cid:551) अवहेलना करने तथा (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक आचार (cid:467)नयमावल(cid:547)- 1976 के (cid:467)नयम-03 (1)(i)(ii) एवं (iii) के (cid:292)(cid:467)तकू ल काय(cid:91) एवं आचरण करने का आरोप प(cid:287) िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), सुपौल के प(cid:287)ांक- 351-2 (cid:465)दनांक- 09.06.2022 द्वारा (cid:874)वभाग को उपल(cid:222)ध कराया गया है ।

(cid:292)ा(cid:220)त आरोप प(cid:287) पर (cid:874)वभागीय प(cid:287)ांक- 1032019 (cid:465)दनांक- 27.06.2022 के द्वारा (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) मांग क(cid:551) गयी, जो स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)ा(cid:220)त है । िजसम(cid:581) (cid:302)ी कु मार(cid:547) के द्वारा उ(cid:227)लेख (cid:873)कया गया है (cid:873)क लेन-देन संबंधी आरोप (cid:467)नराधार है तथा वास (cid:232)थल (cid:272)य सहायक योजना के संबंध म(cid:581) (cid:232)प(cid:231)ट (cid:873)कया गया है (cid:873)क (cid:465)दनांक- 26.03.2022 को 12 लाभुक(cid:585) का मु(cid:201)यमं(cid:287)ी वास (cid:232)थल (cid:272)य सहायक योजना के तहत जमीन का (cid:467)नबंधन करवा (cid:465)दया गया है ।

(cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547) के विरुद्ध आरोप प(cid:287) म(cid:581) ग(cid:465)ठत आरोप एवं (cid:302)ीमती कु मार(cid:547) से (cid:292)ा(cid:220)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क आरोप गंभीर (cid:292)कृ (cid:467)त एवं अवैध (cid:874)व(cid:215)तीय लेन-देन से संबं(cid:876)धत है, िजसक(cid:551) वृहत ् जांच क(cid:551) आव(cid:230)यकता है । (cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547) के (cid:466)(cid:287)वेणीगंज (cid:292)खंड म(cid:581) पद(cid:232)था(cid:874)पत रहने से िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547) द्वारा (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप प(cid:287) के सा(cid:234)य(cid:585) के साथ छे ड़छाड क(cid:551) संभावना है ।

अत: (cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547) को (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण, (cid:467)नयं(cid:287)ण एवं अपील) (cid:467)नयमावल(cid:547), 2005 के (cid:467)नयम 9(क) के तहत (cid:467)नलं(cid:466)बत करते हुये इनके विरुद्ध आरोप क(cid:551) वृहत ् जांच हेतु (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत करने का (cid:467)नण(cid:91)य (cid:871)लया गया । (cid:467)नलंबन अव(cid:876)ध म(cid:581) (cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547) का मु(cid:201)यालय िजला (cid:274)ामीण (cid:874)वकास अ(cid:871)भकरण, पू(cid:872)ण(cid:91)यां (cid:467)नधा(cid:91)(cid:464)रत (cid:873)कया जाता है ।

(cid:467)नल(cid:224)बन क(cid:551) अव(cid:876)ध म(cid:581) (cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547) को (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण, (cid:467)नयं(cid:287)ण एवं अपील) (cid:467)नयमावल(cid:547), 2005 के (cid:467)नयम- 10 के तहत अनुमा(cid:219)य जीवन (cid:467)नवा(cid:91)ह भ(cid:419)ा देय होगा।14 (cid:464)बहार गजट, 28 सितम्बर 2022 (cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547) के विरुद्ध (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत करने हेतु (cid:302)ी (cid:465)दल(cid:547)प कु मार अ(cid:274)वाल, (cid:874)वशेष काय(cid:91) पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग, (cid:466)बहार, पटना को संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) (cid:467)नयु(cid:200)त (cid:873)कया जाता है एवं िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), सुपौल को (cid:467)नदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क िजला (cid:232)तर के (cid:873)कसी वर(cid:547)य पदा(cid:876)धकार(cid:547) को उप(cid:232)थापन पदा(cid:876)धकार(cid:547) ना(cid:871)मत कर(cid:581)गे ।

तदनुसार एत(cid:622) द्वारा (cid:302)ीमती आशा कु मार(cid:547) को आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क संक(cid:227)प (cid:292)ा(cid:220)त होने पर संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) के सम(cid:162) उपि(cid:232)थत होकर जैसा (cid:873)क संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) आदेश द(cid:581) अपना (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण/(cid:871)ल(cid:872)खत बचाव बयान (सा(cid:234)य स(cid:465)हत) उनके सम(cid:162) (cid:292)(cid:232)तुत कर(cid:581)गे ।

(cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) के संचालन के (cid:292)(cid:232)ताव पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का आदेश (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:- आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क संक(cid:227)प क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 28—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 28 September 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2022-09-28.39/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2022-09-28.39.