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सं॰ वि॰प्रा॰(VI) प्रशिक्षण-03/2022-1632 विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग ——— ladYi 10 twu 2022 विषयः- विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अधीन संचालित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में पूर्व से कार्यरत, नवनियुक्त एव नियुक्त होने वाले शिक्षकों को क्षमता निर्माण तथा नये उभरते तकनीक की जानकारी के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना को नामित करने के संबंध में।
शैक्षणिक संस्थान की गुणवत्ता मुख्यतः कार्यरत शिक्षकों की दक्षता पर निर्भर है। इस हेतु आवश्यक है कि शिक्षकों को पठन-पाठन विधि (ऑफ/ऑन लाइन) तथा तेजी से बदल रहे तकनीकी एवं उद्योग मांग के अनुरूप प्रशिक्षण प्रदान किया जाय। इसका प्रत्यक्ष लाभ छात्रों के नियोजन पर पड़ेगा तथा संस्थान के शैक्षणिक परिदृश्य में सकारात्मक परिवर्त्तन होगा।
2. सात निश्चय कार्यक्रम के तहत राज्य के सभी जिलों में एक अभियंत्रण महाविद्यालय स्थापित किये जाने के निर्णयानुसार वर्त्तमान में विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अधीन राज्य के 38 जिलों के लिए 38 राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय स्थापित एवं संचालित हैं। इन संस्थानों में संचालित विभिन्न अभियंत्रण पाठ्यक्रमों (बी॰टेक॰) के लिए बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति की कार्रवाई की जा रही है। 3. उक्त संस्थानों में पूर्व से कार्यरत, नवनियुक्त एवं नियुक्त होने वाले शिक्षकों में गुणवत्तापूर्ण पठन-पाठन की क्षमता विकसित करने तथा उन्हें नये उभरते तकनीक की जानकारी के लिए प्रशिक्षण प्रदान किया जाना आवश्यक है ताकि प्रशिक्षित शिक्षकों द्वारा छात्र/छात्राओं को सही मार्गदर्शन एवं उच्च कोटि का तकनीकी शिक्षण प्रदान किया जा सके।
4. भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना में उच्च योग्यता प्राप्त शिक्षक कार्यरत हैं तथा उक्त संस्थानों में आधुनिक मशीन/उपकरण से सुसज्जित प्रयोगशाला/ कर्मशाला स्थापित हैं। 2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 10 2022 सप्ताह का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा तथा आवासन एवं भोजन सहित प्रति कार्यक्रम रू॰ 13.50 लाख जी॰एस॰टी॰ अर्थात कुल रू॰ 15.93 लाख (पन्द्रह लाख तीरानवे हजार रूपये) मात्र व्यय अनुमानित है। 7. राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों के शिक्षकों के प्रशिक्षण हेतु राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना द्वारा उपलब्ध कराये गए प्रस्ताव के अनुसार प्रति बैच 60 (साठ) प्रतिभागियों को पाठ्यक्रमवार निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार दो सप्ताह का प्रशिक्षण प्रदान किया जाएगा तथा दोपहर का भोजन सहित प्रति कार्यक्रम रू॰ 12.75 लाख जी॰एस॰टी॰ अर्थात कुल रू॰ 15.10 लाख (पन्द्रह लाख दस हजार रूपये) मात्र व्यय अनुमानित है।
8. उपरोक्त कार्यक्रम हेतु समर्पित लागत में समय समय पर विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग तथा संबंधित संस्थान की आपसी सहमति से परिवर्त्तन किया जा सकेगा।
9. सम्यक विचारोपरांत राज्य सरकार ने विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अधीन संचालित राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालयों में पूर्व से कार्यरत, नवनियुक्त एव नियुक्त होने वाले शिक्षकों को क्षमता निर्माण तथा नये उभरते तकनीक की जानकारी के लिए प्रशिक्षण प्रदान करने हेतु भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना तथा राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान पटना को नामित करने का निर्णय लिया है।
10. यह संकल्प मंत्रिपरिषद की दिनांक 26.05.2022 को सम्पन्न बैठक में मद संख्या-05 पर लिये गए निर्णय के आलोक में आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति से निर्गत किया जाता है। आंतरिक वित्तीय सलाहकार की सहमति संचिका संख्या- वि॰प्रा॰(VI) प्रशिक्षण-03/2022 के पृ॰ 13/टि॰ पर प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, सरकार के उप-सचिव।