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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 08 October 2022

Published 08 October 2022

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2022-10-08.32
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

(cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 19 श्रावण 1944 (श0) सं(cid:201)या 32 पटना, बुधवार, ———————— 10 अगस्त 2022 (ई0) विषय-सूची पृष्ठ भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-44 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---

भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। 45-46 भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन

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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 47-47 पूरक

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पूरक-क 48-572 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं।

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सामान्य प्रशासन विभाग

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अधिसूचनाएं

17 जून 2022

सं0 1/एल0-43/2003-सा0प्र0-9812--श्री मिहिर कुमार सिंह, भा0प्र0से0(बी एचः 93), प्रधान सचिव, पंचायती राज विभाग, पटना को विभागीय अधिसूचना संख्या-7171 दिनांक 12.05.2022 द्वारा अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के अधीन वैयक्तिक व्यय पर अमेरिका की निजी विदेश यात्राा हेतु दिनांक 10.05.2022 के राजपत्रिात अवकाश का पूर्व लग्न (च्तमपिगद्ध के रूप में उपभोग की अनुमति के साथ दिनांक 11.05.2022 से 25.05.2022 तक कुल 15(पन्द्रह) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति एक्स-इंडिया लीव के रुप मेंं प्रदान की गई थी।

2. श्री सिंह से प्राप्त आवेदन के आलोक में आलोच्य स्वीकृत उपार्जित अवकाश की निरन्तरता में दिनांक 26.05.2022 के लिए 01(एक) दिन का उपभोगित उपार्जित अवकाश की घटनोत्तर स्वीकृति एक्स-इंडिया लीव के रूप में प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।

------ 27 जून 2022

सं0 1/पी-1005/2021-सा0प्र0-10505--निम्नांकित भा0प्र0से0 पदाधिकारी अपने- अपने वर्तमान दायित्व/प्रभार के साथ अगले

ट्ठक्र. पदाधिकारी का नाम एवं बैच वर्तमान दायित्व/प्रभार जिसके साथ जाँच आयुक्त का आलोच्य अतिरिक्त प्रभार सौपा गया है
1 श्री प्रेम सिंह मीणा (2000) सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना
2 श्री एन0 सरवन कुमार (2000) सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- सचिव,पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग, बिहार, पटना)
3 श्रीमती बन्दना पे यषी (2003) ्र सचिव, सहकारिता विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- सचिव,कला, संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार, पटना/प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य फिल्म विकास एवं वित्त निगम)
4 श्री असंगबा चुबा आओ (2003) सचिव, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- राज्य परियोजना निदेशक, बिहार शिक्षा परियोजना परिषद्‌/प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम)
5 श्री धर्मेन्द्र सिंह (2006) प्रबंध निदेशक, बिहार शहरी आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड, पटना(अतिरिक्त प्रभार- प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य आवास बोर्ड, पटना)

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।

------ 27 जून 2022

सं0 1/सी0-1021/2015(खण्ड)-सा0प्र0-10509--कार्मिक एवं प्रशिक्षण, भारत सरकार, नई दिल्ली के पत्राांक-11033/3/2022-ए आई एस-II दिनांक 27.01.2005 आलोक मंें भारतीय प्रशासनिक सेवा के निम्नांकित पदाधिकारियों को चयन ग्रेड (विशेष सचिव स्तर-वेतन स्तर-13- 1,23,100-2,15,900/-) में पूर्व में प्रदत्त प्रोन्नति की तिथि को उनके नाम के सामने अंकित तिथि से पुनरीक्षित किया जाता हैः-

क्र. पदाधिकारी का नाम एवं बैच पूर्व प्रदत्त प्रोन्नति की तिथि एवं अधिसूचना संख्या/ तिथि दिनांक 27.01.2005 से लागू प्रावधान के तहत प्रोन्नति की पुनरीक्षित तिथि
1 श्री सांवर भारती(2005) 01.01.2018 16003/25.11.2019 16324/02.12.2019 01.01.2018 अथवा भा0प्र0से0 में पदग्रहण की तिथि- जो बाद में हो।
2 मो0 मंजूर अली(2005) 01.01.2018 16003/25.11.2019 16324/02.12.2019 01.01.2018 अथवा भा0प्र0से0 में पदग्रहण की तिथि- जो बाद में हो।
3 श्री राधा किशोर झा(2005) 01.10.2018 16003/25.11.2019 01.01.2018 अथवा भा0प्र0से0 में पदग्रहण की तिथि- जो बाद में हो।
4 स्व0 दुगेश नन्दन(2005) (17.01.2019 को दिवंगत) 01.10.2018 16002/25.11.2019 01.01.2018 अथवा भा0प्र0से0 में पदग्रहण की तिथि- जो बाद में हो।
5 श्री श्यामल किशोर पाठक (2005) 01.12.2018 16003/25.11.2019 01.01.2018 अथवा भा0प्र0से0 में पदग्रहण की तिथि- जो बाद में हो।
6 श्री अरुण प्रकाश(2005) 01.01.2019 16003/25.11.2019 01.01.2018 अथवा भा0प्र0से0 में पदग्रहण की तिथि- जो बाद में हो।
7 श्री कुमार अरुण प्रकाश (2005) 01.01.2019 16003/25.11.2019 01.01.2018 अथवा भा0प्र0से0 में पदग्रहण की तिथि- जो बाद में हो।
8 श्री भरत कुमार दूबे(2005) 01.01.2019 16003/25.11.2019 01.01.2018 अथवा भा0प्र0से0 में पदग्रहण की तिथि- जो बाद में हो।
9 श्री शिव शंकर मिश्र(2005) 01.01.2019 16002/25.11.2019 01.01.2018 अथवा भा0प्र0से0 में पदग्रहण की तिथि- जो बाद में हो।
10 श्री रत्नेश कुमार(2005) 18.01.2019 16003/25.11.2019 01.01.2018 अथवा भा0प्र0से0 में पदग्रहण की तिथि- जो बाद में हो।
11 श्री आदेश तितरमारे(2006) 01.02.2019 16005/25.11.2019 01.01.2019
12 श्री दयानिधान पाण्डेय(2006) 01.02.2019 16005/25.11.2019 01.01.2019
13 श्री संदीप कुमार आर. पुडकलकट्टी (2006) 01.02.2019 16005/25.11.2019 01.01.2019
14 श्री धर्मेन्द्र सिंह(2006) 12.02.2019 16005/25.11.2019 01.01.2019
15 श्री विनोद कुमार सिंह(2006) 01.03.2019 16003/25.11.2019 01.01.2019
16 श्री केशव रंजन प्रसाद(2006) 01.03.2019 16003/25.11.2019 01.01.2019
17 श्री नरेन्द्र कुमार सिन्हा(2006) 01.08.2019 16003/25.11.2019 01.01.2019
18 श्री चन्द्रशेखर सिंह(2006) 01.10.2019 16003/25.11.2019 01.01.2019
19 श्री रंजन कुमार सिन्हा (2006) 01.12.2019 16003/25.11.2019 01.01.2019
20 श्री प्रदीप कुमार (2006) 01.01.2020 1402/27.01.2020 01.01.2019
21 श्री अभय राज(2006) 01.01.2020 1402/27.01.2020 01.01.2019
22 श्री मिथिलेश कुमार (2006) 01.01.2020 1402/27.01.2020 01.01.2019
23 श्री विवेकानन्द झा(2006) 01.01.2020 1402/27.01.2020 01.01.2019
24 श्री अरशद अजीज (2006) 01.02.2020 1402/27.01.2020 01.01.2019
25 श्री शोभेन्द्र कुमार चौधरी (2006) 01.02.2020 1402/27.01.2020 01.01.2019
26 श्री हरेन्द्र नाथ दूबे (2006) 01.02. 2020 1402/27.01.2020 01.01.2019
27 श्री ईश्वर चन्द्र सिन्हा (2006) 01.02.2020 1402/27.01.2020 01.01.2019
28 श्री सुरेन्द्र झा(2006) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2019
29 श्री गोरखनाथ (2006) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2019
30 श्री गोपाल मीणा(2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
31 श्री जय सिंह(2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
32 श्री मनोज कुमार(2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
33 श्री संजय कुमार सिंह(2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
34 श्री विनोद सिंह गुंजियाल (2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
35 श्री दिनेश कुमार(2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
36 श्रीमती मधुरानी ठाकुर(2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
37 श्री विजय कुमार(2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
38 मो0 सोहैल (2007) 01.02.2020 (प्रोफार्मा) 4922/26.05.2020 01.01.2020
39 श्री अमरेन्द्र प्रसाद सिंह (2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
40 श्री अरुण कुमार मिश्रा(2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
41 श्री राजेश्वर प्रसाद सिंह (2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
42 श्री उदय कुमार सिंह(2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
43 श्री बैद्यनाथ यादव(2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
44 श्री संजय कुमार सिंह(2007) 01.02.2020 4921/26.05.2020 01.01.2020
3 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 4

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।

------ 28 जून 2022

सं0 1/एल0-65/2000-सा0प्र0-10623--श्री नर्मदेश्वर लाल, भा0प्र0से0(1998), सचिव, गन्ना उद्योग विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के अधीन दिनांक 11.07.2022 से 15.07.2022 तक कुल 05 (पाँच) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।

2. श्री नर्मदेश्वर लाल की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद के प्रभार की व्यवस्था गन्ना उद्योग विभाग, बिहार, पटना द्वारा आन्तरिक रूप से की जाएगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।

------ 29 जून 2022

सं0 1/सी0-1002/2022-सा0प्र0-10718--श्री विमलेश कुमार झा, भा0प्र0से0 (बी एचः 2008) (दिनांक 31.12.2021 को सेवानिवृत्त) को सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/सी0-1002/2022-सा0प्र0-1051 दिनांक 28.01.2022 द्वारा उनकी सेवानिवृत्ति के उपरांत सामान्य प्रशासन विभाग में संयुक्त सचिव के पद पर योगदान दिए जाने की तिथि से एक वर्ष या संदर्भित पद पर नियमित प्रोन्नति होने, जो पहले हो, तक के लिए नियुक्त किया गया था। 2. निजी एवं पारिवारिक कारणों से दायित्व निर्वहन में हो रही कठिनाई के कारण श्री झा द्वारा संविदा आधारित आलोच्य पद (संयुक्त सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग) का त्याग करने के निमित्त दिनांक 13.06.2022 के अपराह्‌न में त्याग-पत्रा समर्पित किया गया है। 3. वर्णित आलोक में श्री विमलेश कुमार झा द्वारा दिनांक 13.06.2022 के अपराह्‌न से दिए गए त्याग-पत्र को स्वीकृत किया जाता है। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।5 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022

7 जुलाई 2022

सं0 1/अ0प्र0-1001/2022-सा0प्र0-11281--दिनांक 18.07.2022 से 12.08.2022 की अवधि में लाल बहादुर शास्त्राी राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में भा0प्र0से0 पदाधिकारियों के लिए प्रस्तावित अनिवार्य मध्य सेवाकालीन प्रशिक्षण चरण-प्ट में भाग लेने वाले पदाधिकारियों द्वारा धारित पद/प्रभार के लिए वैकल्पिक व्यवस्था निम्नवत्‌ की जाती हैः-

क्र. प्रशिक्षण के नामित पदाधिकारी का नाम एवं बैच प्रशिक्षण के लिए नामित पदाधिकारियों द्वारा धारित पद/प्रभार प्रभार की वैकल्पिक व्यवस्था से सम्बद्ध पदाधिकारी का नाम एवं पदनाम
1 श्री कुमार रवि (2005) सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम, पटना/विशेष कार्य पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग/ आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना) (i) सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना/प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम, पटना/विशेष कार्य पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में डॉ0 बी0 राजेन्दर, भा0प्र0से0 (95), प्रधान सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- प्रधान सचिव, जन शिकायत, सामान्य प्रशासन विभाग/ मिशन निदेशक, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी, पटना) रहे गे। ं (ii) आयुक्त पटना प्रमंडल, पटना के अतिरिक्त प्रभार में श्री चन्द्रशेखर सिंह, भा0प्र0से0 (2010), जिला पदाधिकारी, पटना रहेंगे।
2 श्री बालामुरूगन डी0 (2005) सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- अध्यक्ष, बिहार तकनीकी सेवा आयोग, पटना) (i) सचिव, ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार मे श्री अरविन्द ं कुमार चौधरी, भा0प्र0से0 (95), प्रधान सचिव, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-परीक्षा नियंत्राक, बिहार राज्य संयुक्त प्रवेश परीक्षा पर्षद, पटना/ जाँच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग/प्रधान सचिव, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग) रहेंगे। (ii) अध्यक्ष, बिहार तकनीकी सेवा आयोग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में श्री राजेश्वर प्रसाद सिंह, भा0प्र0से0 (से0नि0), सदस्य, बिहार तकनीकी सेवा आयोग रहेंगे।
3 श्री दयानिधान पाण्डेय (2006) आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर (अतिरिक्त प्रभार- आयुक्त, मं गेर प्रमंडल, मुंगेर) ु (i) आयुक्त, भागलपुर प्रमडंल, भागलपुर के अतिरिक्त प्रभार में श्री सुब्रत कुमार सेन, भा0प्र0से0 (2013), जिला पदाधिकारी, भागलपुर (अतिरिक्त प्रभार-बंदोबस्त पदाधिकारी, भागलपुर) रहेंगे। (ii) आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर के अतिरिक्त प्रभार में श्री नवीन कुमार, भा0प्र0से0 (2011), जिला पदाधिकारी, मुंगेर रहेंगे।
4 श्री विनोद सिंह गुंजियाल (2007) निदेशक, छात्रा एवं युवा कल्याण, बिहार, पटना विभाग द्वारा आंतरिक व्यवस्था की जाएगी।
5 श्री दिनेश कुमार (2007) प्रबंध निदेशक, बिहार चिकित्सा सेवाएँ एवं आधारभूत संरचना निगम लिमिटेड, पटना विभाग द्वारा आंतरिक व्यवस्था की जाएगी।
6 श्री दीपक आनन्द (2007) अपर सचिव, कला संस्कृति एवं युवा विभाग, बिहार पटना। विभाग द्वारा आंतरिक व्यवस्था की जाएगी।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।

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11 जुलाई 2022

सं0 1/अ0-03/2010-सा0प्र0-11604--श्री गोपाल मीणा, भा0प्र0से0(2007), विशेष सचिव, लघु जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- निदेशक, खान, बिहार, पटना) को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली-1955 के नियम-10,11 एवं 20 के अधीन विभागीय6 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 अधिसूचना संख्या-1/अ0-03/2010-सा0प्र0-7424 दिनांक-18.05.2022 द्वारा दिनांक-23.05.2022 से 10.06.2022 तक कुल 19 (उन्नीस) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की गयी थी। 2. श्री गोपाल मीणा, भा0प्र0से0 से प्राप्त पत्रा के आलोक में अखिल भारतीय सेवाएँ (छुट्टी) नियमावली, 1955 के नियम-5 के अधीन उन्हें उक्त अधिसूचना द्वारा स्वीकृत आलोच्य उपार्जित अवकाश के साथ दिनांक 11.06.2022 एवं 12.06.2022 के साप्ताहिक (शनिवारीय/रविवारीय) अवकाशों का पश्च लग्न (सफिक्स) के रूप में उपभोग की घटनोत्तर अनुमति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।

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11 जुलाई 2022

सं0 1/पी0-1004/2021-सा0प्र0-11609--श्री अरविन्दर सिंह, भा0व0से0 (1995), मुख्य वन संरक्षक-सह-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, राज्य औषधीय पादप बोर्ड, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना (अन्य प्रभार-कार्यपालक निदेशक, राज्य आयुष समिति/विशेष सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना) को मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, राज्य औषधीय पादप बोर्ड, कार्यपालक निदेशक, राज्य आयुष समिति एवं विशेष सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना के प्रभार से मुक्त किया जाता है। 2. यह व्यवस्था तत्काल प्रभाव से लागू होगी ।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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12 जुलाई 2022

सं0 1/एल0-29/2003(खंड)-सा0प्र0-11648--श्री संदीप पौण्डरीक, भा0प्र0से0 (93), प्रधान सचिव, उद्योग विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-प्रबंध निदेशक, बिहार औद्योगिक क्षेत्रा विकास प्राधिकार-बियाडा, पटना/निवेश आयुक्त, मुबंई/मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार फाउण्डेशन, पटना) को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के अधीन वैयक्तिक व्यय पर यू एस ए की निजी विदेश यात्रा हेतु दिनांक 11.08.2022 से 30.08.2022 तक कुल 20 (बीस) दिनों की उपार्जित अवकाश की स्वीकृति एक्स-इंडिया लीव के रूप में प्रदान की जाती है।

2. श्री संदीप पौण्डरीक की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पदों के प्रभार में डॉ0 एस0 सिद्धार्थ, भा0प्र0से0 (91), मुख्य मंत्राी के प्रधान सचिव, मुख्य मंत्री सचिवालय, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग/मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग) रहेंगे। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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12 जुलाई 2022

सं0 1/अ0-1016/2019-सा0प्र0-11649--श्री तनय सुल्तानिया, भा0प्र0से0 (2017), उप विकास आयुक्त, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के अधीन वैयक्तिक व्यय पर जर्मनी एवं तुर्की की निजी विदेश यात्राा हेतु दिनांक 01. 08.2022 से 11.08.2022 तक कुल 11 (ग्यारह) दिनों की उपार्जित अवकाश की स्वीकृति एक्स-इंडिया लीव के रूप में प्रदान की जाती है। 2. श्री तनय सुल्तानिया की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में वरीयतम अपर समाहर्त्ता, पटना उनके द्वारा धारित पद-उप विकास आयुक्त, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

14 जुलाई 2022

सं0 1/वि0प्र0-1001/2022-सा0प्र0-11862--डॉ0 बी. राजेन्दर, भा0प्र0से0 (बी एचः 1995), प्रधान सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- प्रधान सचिव, जन शिकायत, सामान्य प्रशासन विभाग/मिशन निदेशक, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी, पटना) को विभागीय पत्राांक-11861 दिनांक 14.07.2022 द्वारा Food and Agriculture Organization of the United Nations, रोम (इटली) द्वारा दिनांक 18-22 जुलाई, 2022 तक की अवधि में रोम में प्रस्तावित '' 28th Session of Committee on Agriculture (COAG) '' कार्यक्रम में भाग लेने की अनुमति प्रदान की गयी है।

2. डॉ0 बी0 राजेन्दर की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/दायित्वों के अतिरिक्त प्रभार में डॉ0 एस. सिद्धार्थ, भा0प्र0से0(1991), मुख्य मंत्राी के प्रधान सचिव, मुख्य मंत्राी सचिवालय, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग, बिहार, पटना/अपर मुख्य सचिव,मंत्रिामंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना) रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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14 जुलाई 2022

सं0 1/सी0-1002/2019-सा0 प्र0-11863--भारतीय प्रशासनिक सेवा के निम्नांकित पदाधिकारी को भा0प्र0से0 के वरीय कालमान (संयुक्त सचिव स्तर) (वेतनमान-लेवल-11 -ृ67,700-2,08,700/-) में उनके नाम के सामने अंकित तिथि से प्रोन्नति दी जाती हैः-7 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022

क्र. पदाधिकारी का नाम एवं बैच वर्तमान पदस्थापन प्रोन्नति की तिथि
1 श्री आशुतोष द्विवेदी (2018) उप विकास आयुक्त, मुजफ्फरपुर 01.01.2022
2 श्री वैभव श्रीवास्तव(2018) उप विकास आयुक्त, नालन्दा 01.01.2022
3 श्री विनोद दूहान (2018) उप विकास आयुक्त, गया 01.01.2022
4 श्री अभिषेक रंजन (2018) उप विकास आयुक्त, गोपालगंज 01.01.2022
5 श्री शेखर आनन्द (2018) उप विकास आयुक्त, रोहतास, सासाराम 01.01.2022
6 श्रीमती अम्रिषा बैन्स(2018) उप विकास आयुक्त, दरभंगा 01.01.2022
7 श्री निखिल धनराज निप्पणीकर (2018) नगर आयुक्त, मु गेर ं 01.01.2022
8 श्री नितिन कुमार सिंह (2018) उप विकास आयुक्त, मधेपुरा 01.06.2022
9 श्रीमती साहिला(2018) उप विकास आयुक्त, सहरसा 21.05.2022
10 श्रीमती प्रतिभा रानी (2018) उप विकास आयुक्त, भागलपुर 01.01.2022

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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15 जुलाई 2022

सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-11932--श्री विवेक रंजन मैत्रोय भा0प्र0से0 (2017), नगर आयुक्त, नगर निगम, मुजफ्फरपुर को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक निदेशक, हस्तकरघा एवं रेशम निदेशालय, उद्योग विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।

सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-11933--श्री आशुतोष द्विवेदी, भा0प्र0से0(2018), उप विकास आयुक्त, मुजफ्फरपुर अगले आदेश तक नगर आयुक्त, नगर निगम, मुजफ्फरपुर के अतिरिक्त प्रभार में रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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15 जुलाई 2022

सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-11980--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/पी0-1002/2022- सा.प्र.-6914 दिनांक 07.05.2022 के आलोक में श्री मुकुल कुमार गुप्ता, भा0प्र0से0 (बी एच : 2016) समाहर्त्ता एवं जिला पदाधिकारी, शिवहर के पद पर पदस्थापित हैं।

2. आलोच्य विभागीय अधिसूचना दिनांक 07.05.2022 से श्री गुुप्ता बंदोबस्त पदाधिकारी, शिवहर के अतिरिक्त प्रभार के लिए भी अधिसूचित किए गए थे, जबकि, विभागीय अधिसूचना संख्या-14/पद0-203/2012-12354 दिनांक 22.12.2020 के आलोक मेंं श्री अविनाश कुमार, बि0प्र0से0 (कोटि क्रमांक-271/19) द्वारा बंदोबस्त पदाधिकारी, शिवहर के पद का प्रभार दिनांक 22.04.2021 से धारित है। 3. अतएव, विभागीय अधिसूचना संख्या-1/पी0-1002/2022-सा.प्र.-6914 दिनांक-07.05.2022 द्वारा श्री मुकुल कुमार गुप्ता, भा0प्र0से0 (बी एचः 2016) को बन्दोबस्त पदाधिकारी, शिवहर के अतिरिक्त प्रभार के लिए अधिसूचित किए जाने से संबंधित अंश को एतद्‌ द्वारा विलोपित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।

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15 जुलाई 2022

सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-11990--श्री जितेन्द्र श्रीवास्तव,भा0प्र0से0(2000), सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्राण विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-गृह विभाग, बिहार, पटना) अगले आदेश तक महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएॅं, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे। 2. उपर्युक्त व्यवस्था के आलोक में श्री दिवेश सेहरा, भा0प्र0से0 (2005), सचिव, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार, पटना(अतिरिक्त प्रभार-मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, महादलित विकास मिशन, पटना /प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम लिमिटेड, पटना/महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएॅंं, बिहार, पटना) को महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएॅं ं के अतिरिक्त प्रभार से मुक्त किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम शंकर, संयुक्त सचिव।

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15 जुलाई 2022

सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-11991--श्रीमती प्रियंका रानी, भा0प्र0से0(बी एच : 2019), अनुमण्डल पदाधिकारी, विक्रमगंज, रोहतास के मातृत्व अवकाश पर रहने के कारण सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-12/प0 -5001/ 2018-सा0प्र0-11989 दिनांक 15.07.2022 द्वारा श्री उपेन्द्र कुमार पाल, बि0प्र0से0 (कोटि क्रमांक-844/19, सिवान) को अनुमण्डल पदाधिकारी, विक्रमगंज, रोहतास के पद पर पदस्थापित किया गया है।8 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 2. अतएव, मातृत्व अवकाश से लौटने के उपरान्त श्रीमती प्रियंका रानी, भा0प्र0से0 (बी एच : 2019) द्वारा अन्यत्रा पदस्थापन हेतु सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना में योगदान दिया जाएगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम शंकर, संयुक्त सचिव।

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16 जुलाई 2022

सं0 1/सी0-1006/2022-सा0प्र0-11993--लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में व्यावसायिक पाठ्‌यक्रम चरण-1 का प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे बैच वर्ष, 2021 के भा0प्र0से0 (बिहार संवर्ग) के परिवीक्षाधीन पदाधिकारी उक्त प्रशिक्षण की समाप्ति के बाद जिला प्रशिक्षण हेतु राज्य में योगदान के लिए दिनांक 19.08.2022 के अपराह्‌न में अकादमी से विरमित होंगे। 2. संबंधित सभी पदाधिकारियों को सहायक समाहर्त्ता-सह-सहायक दण्डाधिकारी के रुप में उनके नाम के सामने अंकित जिला से सम्बद्ध किया जाता हैः-

क्र. पदाधिकारी का नाम पदस्थापन से संबंधित जिला
1 श्री शुभम कुमार औरंगाबाद
2 श्री प्रवीण कुमार पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी
3 श्री अनिल बसाक नालन्दा
4 सुश्री निशा वैशाली
5 सुश्री शैलजा पाण्डेय पटना
6 सुश्री शिवाक्षी दीक्षित पश्चिम चम्पारण, बेतिया
7 सुश्री अपूर्वा त्रिापाठी नवादा
8 श्री सूर्य प्रताप सिंह दरभंगा
9 सुश्री सारा अशरफ मुजफ्फरपुर
10 श्री आकाश चौधरी गया

3. साथ ही, दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (एक्ट 2, 1974) की धारा-20 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों के अधीन उपर्युक्त पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष अंकित जिला का कार्यपालक दण्डाधिकारी नियुक्त किया जाता है। इन सभी पदाधिकारियों को दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (एक्ट 2, 1974) की धारा-144 के अन्तर्गत भी शक्तियॉंं प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राम शंकर, संयुक्त सचिव।

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18 जुलाई 2022

सं0 1/अ0प्र0-1001/2022-सा0प्र0-12139--श्री कुमार रवि,भा0प्र0से0 (2005), सचिव, भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम, पटना/विशेष कार्य पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग/ आयुक्त, पटना प्रमण्डल, पटना) द्वारा लाल बहादुर शास्त्राी राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में दिनांक 18.07.2022 से 12.08.2022 की अवधि में आयोजित अनिवार्य मध्य सेवाकालीन प्रशिक्षण चरण-प्ट में भाग लिए जाने के कारण विभागीय अधिसूचना संख्या-1/अ0प्र0-1001/2022 -सा0प्र0-11281 दिनांक 07.07.2022 से भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना/ प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम, पटना/ विशेष कार्य पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना का अतिरिक्त प्रभार डॉ0 बी. राजेन्दर, भा0प्र्र्र0से0 (1995), प्रधान सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-प्रधान सचिव, जन शिकायत, सामान्य प्रशासन विभाग/मिशन निदेशक, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी, पटना) को दिया गया है। 2. तत्‌पश्चात्‌, डॉ0 बी. राजेन्दर द्वारा दिनांक 18-22 जुलाई, 2022 तक रोम (इटली) में आयोजित संयुक्त राष्ट्र संघ के एक कार्यक्रम में भाग लिए जाने से आच्छादित उनकी अनुपस्थिति अवधि के लिए सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/वि0प्र0-1001/2022-सा0प्र0-11862 दिनांक 14.07.2022 से सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना/जन शिकायत, सामान्य प्रशासन विभाग/मिशन निदेशक, बिहार प्रशासनिक सुधार मिशन सोसाइटी, पटना का अतिरिक्त प्रभार डॉ0 एस. सिद्धार्थ, भा0प्र0से0 (1991), मुख्य मंत्री के प्रधान सचिव, मुख्य मंत्री सचिवालय, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग/मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना) को दिया गया है। 3. वर्णित आलोक में डॉ0 बी. राजेन्दर द्वारा दिनांक 18-22 जुलाई, 2022 तक रोम (इटली) में आयोजित संयुक्त राष्ट्र संघ के आलोच्य कार्यक्रम में भाग लिए जाने से आच्छादित उनकी अनुपस्थिति अवधि मंें डॉ0 एस. सिद्धार्थ भवन निर्माण विभाग, बिहार, पटना/ प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य भवन निर्माण निगम, पटना/विशेष कार्य पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में भी रहेंगे।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।

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22 जुलाई 2022

सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-12522--श्री कुमार निशांत विवेक, भा0प्र0से0 (2020) (व्यावसायिक प्रशिक्षण चरण-प्प् के उपरान्त लाल बहादुर शास्त्राी राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी,मसूरी के निदेश के आलोक में दिनांक 18.07.2022 को राज्य में योगदान देकर पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत) को अगले आदेश तक के लिए विशेष कार्य पदाधिकारी, ऊर्जा विभाग, बिहार, पटना के रुप में पदस्थापित किया जाता है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।9 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022

26 जुलाई 2022

सं0 1/सी0-1008/2022-सा0प्र0-12648--श्री उदय सिंह कुमावत, भा0प्र0से0 (93), परामर्शी, बिहार राज्य योजना पर्षद्‌, पटना द्वारा दिनांक 05.08.2022 के प्रभाव से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति ग्रहण किये जाने हेतु समर्पित आवेदन दिनांक 07.06.2022 के आलोक में आलोच्य प्रयोजन से कम-से-कम तीन माह पूर्व आवेदन समर्पित करने की शर्त को अखिल भारतीय सेवाएँ (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियमावली, 1958 के नियम-16(2) के द्वितीय परन्तुक के अधीन क्षांत करते हुए 1958 की आलोच्य नियमावली के नियम-16(2) के प्रावधान के तहत श्री कुमावत को दिनांक-05.08.2022 के प्रभाव से स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति प्रदान की जाती है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।

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26 जुलाई 2022

सं0 1/सी0-03/2012(खण्ड)-सा0प्र0-12721--भारतीय प्रशासनिक सेवा के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के सामने

क्र. पदाधिकारी का नाम एवं बैच वर्तमान पदस्थापन प्रोन्नति की तिथि
1 श्री अरुण कुमार (2007) सेवानिवृत्त 01.01.2016 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
2 श्री राम अनुग्रह नारायण सिंह (2007) संयुक्त सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना 01.01.2016 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
3 श्री ओम प्रकाश पाल (2007) सेवानिवृत्त 01.01.2016 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
4 श्रीमती निवेदिता राय (2007) सेवानिवृत्त 01.01.2016 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
5 श्री जय शंकर प्रसाद (2007) सेवानिवृत्त 01.01.2016 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
6 श्रीमती नीलम चौधरी (2008) निदेशक, भविष्य निधि निदेशालय, वित्त विभाग, बिहार,पटना 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
7 श्री विजय रंजन (2008) दिनांक-12.04.2021 को दिवंगत 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
8 श्री सतीश कुमार शर्मा (2008) बन्दोबस्त पदाधिकारी, बिहारशरीफ, नालन्दा 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
9 श्री पंकज पटेल (2008) सेवानिवृत्त 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
10 श्री मनोज कुमार झा (2008) सेवानिवृत्त 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
11 श्री कृत्यानन्द सिंह (2008) सेवानिवृत्त 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
12 श्री जिउत सिंह (2008) सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग, पटना 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
13 श्री बिमलेश कुमार झा (2008) सेवानिवृत्त 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
14 श्री ऋृषिदेव झा (2008) बन्दोबस्त पदाधिकारी,पूर्णिया 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
15 श्री संजय कुमार सिंह (2008) सेवानिवृत्त 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
16 श्री संजय कुमार उपाध्याय (2008) नगर आयुक्त, नगर निगम, सारण, छपरा 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
17 श्री राकेश मोहन (2008) सेवानिवृत्त 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
18 श्री दयानन्द मिश्र (2008) सेवानिवृत्त 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
19 श्री रामेश्वर पाण्डेय (2008) दिनांक-11.05.2021 को दिवंगत 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
20 श्री राज कुमार सिन्हा (2008) सेवानिवृत्त 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
21 श्री श्याम किशोर (2008) सेवानिवृत्त 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
22 श्री राम ईश्वर (2008) संयुक्त सचिव, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
23 श्री ओम प्रकाश यादव (2008) बन्दोबस्त पदाधिकारी, सहरसा 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
24 श्री प्रभु राम (2008) सेवानिवृत्त 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये जाने की तिथि, जो बाद में हो
25 श्री सुरेश चौधरी (2008) बन्दोबस्त पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया 01.01.2017 अथवा राज्य असैनिक सेवा से बिहार संवर्ग के भा0प्र0से0 में नियुक्ति के पश्चात्‌ भा0प्र0से0 का पदग्रहण किये की तिथि, जो बाद में हो
10 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, अपर सचिव।

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वित्त विभाग

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अधिसूचनाएं

5 अगस्त 2022

सं॰ सं॰-/स्था॰(ले॰से॰)-06/2021-7443/वि॰--बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा लेखा पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा (विज्ञापन सं॰-03/2015) के आधार पर बिहार लेखा सेवा के अंतर्गत लेखा पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति हेतु संशोधित परीक्षाफल में अनुशंसित 11 नये अभ्यर्थियों में से निम्नांकित 02 (दो) अभ्यर्थियों द्वारा पर्याप्त समय दिये जाने के बावजूद अबतक वित्त विभाग में योगदान समर्पित नहीं किया गया हैः-

क्र॰ नाम अनुक्रमांक मेघा क्रमांक
1. श्री धीरेन्द्र कुमार 201628 125
2. श्री दीप शंकर कुमार 210565 126

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, अभिलाषा कुमारी शर्मा, संयुक्त सचिव।11 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022

5 अगस्त 2022

सं॰ सं॰-/स्था॰(ले॰से॰)-06/2021-7442/वि॰--बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा लेखा पदाधिकारी प्रतियोगिता परीक्षा (विज्ञापन सं॰-03/2015) के आधार पर बिहार लेखा सेवा के अंतर्गत लेखा पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति हेतु संशोधित परीक्षाफल में अनुशंसित 11 नये अभ्यर्थियों में से निम्नांकित 01(एक) अभ्यर्थी अपने शैक्षणिक योग्यता, जन्म तिथि एवं अन्य संगत प्रमाण पत्र के सत्यापन हेतु उपस्थित नहीं हुए हैः-

क्र॰ नाम अनुक्रमांक मेघा क्रमांक
1. मो॰ जावेद आलम 214730 48

इससे स्पष्ट है कि मो॰ आलम नियुक्ति हेतु इच्छुक नहीें हैं।

अतः वर्णित स्थिति में मो॰ जावेद आलम (अनुक्रमांक-214730) की उम्मीदवारी रí dh tkrh gSA

बिहार के राज्यपाल के आदेश से, अभिलाषा कुमारी शर्मा, संयुक्त सचिव।

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वाणिज्य-कर विभाग

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अधिसूचना

1 अगस्त 2022

सं0 7/एम॰ई॰-401-70/2009-2145--भारत-संविधान के अनुच्छेद 309 के परन्तुक में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, ''बिहार वाणिज्य-कर विभाग क्षेत्रीय लिपिकीय सेवा भर्त्ती/प्रोन्नति एवं सेवा शर्त्त नियमावली 2011'' का संशोधन करने हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाते हैं :-

1. संक्षिप्त नाम एवं प्रारम्भ :-

(1) यह नियमावली "बिहार वाणिज्य-कर विभाग क्षेत्रीय लिपिकीय सेवा भर्त्ती /प्रोन्नति एवं सेवा शर्त (संशोधन) नियमावली 2022'' कही जा सकेगी।

(2) इसका विस्तार पूरे बिहार राज्य में होगा।़ (3) यह दिनांक-15.07.2021 (सामान्य प्रशासन विभाग के संकल्प ज्ञापांक-7095, दिनांक-15.07.2021 के निर्गमन की तिथि) से प्रभावी होगा।

2. उक्त नियमावली, 2011 के नियम-9 के उप-नियम (2) में संशोधन :- उक्त नियमावली, 2011 के नियम-9 के उप नियम (2) का प्रावधान निम्नलिखित प्रावधान द्वारा प्रतिस्थापित किया जायगा :-

''निम्नवर्गीय लिपिक कोटि के अधिकृत बल का पच्चासी प्रतिशत (85%) पद सीधी भर्ती से आयोग द्वारा इस उद्‌देश्य से आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर भरा जायेगा।

ऐसे सरकारी सेवक, जिनकी सेवाकाल में मृत्यु हो गई हो, के आश्रितों की सीधी भर्ती हेतु उपलब्ध रिक्त पदों के विरूद्ध अपेक्षित मानदण्ड पूरा करने पर, अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति हेतु विचारण किया जा सकेगा, जिसके लिए आयोग की अनुशंसा अपेक्षित नहीं होगी।

परन्तु सेवाकाल में मृत सरकारी सेवकों के आश्रितों की नियुक्ति के उपरान्त, प्रत्येक कैलेंडर वर्ष की शेष रिक्तियों के लिए अधियाचना आयोग को उस कैलेंडर वर्ष के दिसम्बर माह तक भेजी जायेगी।''

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, डॉ॰ प्रतिमा, राज्य-कर आयुक्त-सह-सचिव।

The 1st August 2022

No. 7/ME-401-70/2009-2145----In exercise of the power conferred by the proviso to Article 309 of the Constitution of India, the Governor of Bihar is pleased to make the following rules to amend "The Bihar Commercial Taxes Department Regional Clerical Service recruitment/promotion and service conditions Rules, 2011" :-

1. SHORT TITLE, EXTENT AND DATE OF COMMENCEMENT:-

(1) These rules shall be called "The Bihar Commercial Taxes Department Regional Clerical Service recruitment/promotion and service conditions (amendment) Rules, 2022".

(2) It shall extend to the whole of the State of Bihar. (3) This shall come into force from 15.07.2021 (i.e the date of issuance of the resolution No.-7095 dated 15.07.2022 of General Administration Department).

12

(cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 2. Amendment in Sub-rule (2) of Rule 9 of the said Rules, 2011 shall be substituted by the following provision:-

"Eighty-five percent (85%) of the authorized strength of the Lower Division Clerk shall be filled up by direct recruitment of the basis of the result of competitive examination to be conducted by the Bihar Karmchari Chayan Ayog. The dependents of such government servants who have died while in service, shall be considered for the appointment on compassionate basis against the available vacant posts of direct recruitment on fulfilling the requisite eligibility criterion, for which recommendation of the commission shall not be required. Provided that after the appointment of dependents of the government servants, who have died in service period, requisition for rest vacancies of each calendar year shall be sent to the commission latest by the month of December of the same calendar year."

By order of the Governor, Dr. Pratima, Commissioner-cum-Secretary.

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कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय

गृह विभाग (कारा)

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आदेश

4 अगस्त 2022

सं0 के/कारा/रा0प0-31/07(खंड)-8351--मो0 तारिक अनवर, अधीक्षक, उपकारा, नवगछिया (बिहार कारा सेवा) की सेवा उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-06 (छः) में अंकित तिथि से सम्पुष्ट की जाती है :-

क्र0 काराधीक्षक का नाम सिविल लिस्ट क्रमांक काराधीक्षक के पद पर नियुक्ति/योगदान की तिथि नियुक्ति का श्रोत सम्पुष्टि की तिथि
1 2 3 4 5 6
1. मो0 तारिक अनवर 57 13.07.2020 सीधी भर्त्ती 13.07.2022

आदेश से, रजनीश कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेशक (प्र0)।

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पशुपालन निदेशालय

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आदेश

16 मार्च 2022

सं0 7 स्था0 (7) विविध 70/2021-975(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति मुजफ्फरपुर के ज्ञापांक-02/मुज0, दिनांक-24.01.2022 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, मुजफ्फरपुर की बैठक दिनांक-24.01.2022 की कार्यवाही के कंडिका-24 में अंकित अनुशंसा एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, उत्तर बिहार क्षेत्रा, मुजफ्फरपुर के पत्राांक-230/प0पा0, दिनांक-02.03.2022 से प्राप्त कागजातों के आधार पर श्री विवेक राज (जन्म तिथि-23.11.1994) पिता- स्व0 डॉ0 रमेश कुमार, भूतपूर्व भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, मुशहरी, मुजफ्फरपुर, वर्तमान पता-मो0-लोहानीपुर, पो0थाना-कदम कुआँ, जिला-पटना को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर कार्यालय सहायक निदेशक (प0 वि0), लघु पशु13 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 विकास परियोजना (मु0 स्तर), बेतिया, पश्चिम चम्पारण के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। सहायक निदेशक (प0 वि0), लघु पशु विकास परियोजना (मु0 स्तर), बेतिया, पश्चिम चम्पारण योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री विवेक राज से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 डॉ0 रमेश कुमार, भूतपूर्व भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, मुशहरी, मुजफ्फरपुर के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री विवेक राज से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

ह0/-

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-09/2020-1346(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, भोजपुर, आरा के ज्ञापांक-341/स्था0, दिनांक-09.03.2020 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, भोजपुर, आरा की बैठक दिनांक-09.03.2020 की कार्यवाही के कंडिका-14 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि14 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 जिलाधिकारी, भोजपुर, आरा के पत्राांक-906/स्था0, दिनांक-12.08.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, केन्द्रीय क्षेत्रा, पटना के पत्राांक-1010/ प0पा0, दिनांक-30.06.2020 एवं 498, दिनांक-31.05.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री गणेश कुमार (जन्म तिथि-15.01.1997) पिता-स्व0 शिवटहल सिंह, भूतपूर्व प्रधान लिपिक, जिला पशुपालन कार्यालय, भोजपुर, आरा, वर्तमान पता-ग्राम -20/महादेव दत्त की गली, पोस्ट-डुमरॉव, थाना-डुमरॉव, प्रखंड-डुमरॉव, जिला-बक्सर को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर जिला पशुपालन कार्यालय, भोजपुर के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, भोजपुर योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री गणेश कुमार से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 शिवटहल सिंह, भूतपूर्व प्रधान लिपिक के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री गणेश कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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15 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022

13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-13/2020-1347(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, कटिहार के ज्ञापांक-972/स्था0, कटिहार, दिनांक-09.09.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, कटिहार की बैठक दिनांक-04.09.2019 की कार्यवाही के क्रमांक-11 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, कटिहार के पत्राांक-484/ स्था0, कटिहार, दिनांक-22.05.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, पूर्णियाँ क्षेत्रा, पूर्णियाँ के पत्राांक-254 प0पा0, दिनांक-06.03.2020 एवं 26 प0पा0, दिनांक-15.01.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री रोहित कुमार (जन्म तिथि-15.10.1992) पुत्रा स्व0 गोपाल मंडल, भूतपूर्व चौकीदार, अवर प्रमंडल पशुपालन कार्यालय, कटिहार (पशु चिकित्सालय, मनिहारी, कटिहार), वर्तमान पता-ग्राम-मनिहारी ब्लोक, पोस्ट-मनिहारी, थाना-मनिहारी, प्रखंड-मनिहारी, अनुमंडल-मनिहारी, जिला-कटिहार को वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1800/- (अपुनरीक्षित) लेबल (1) 18000/-मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, फलका के अन्तर्गत में वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी,कटिहार योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री रोहित कुमार से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 गोपाल मंडल, भूतपूर्व चौकीदार के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8- योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री रोहित कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह16 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-03/2021-1348(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, अरवल के ज्ञापांक-19 (मु0)/स्था0, अरवल, दिनांक-26.11.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, अरवल की बैठक दिनांक- 26.11.2019 की कार्यवाही के कंडिका-2 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, अरवल के पत्राांक-76/स्थापना, दिनांक-13.02.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, मगध क्षेत्रा, गया के पत्राांक-302/ क्षे0नि0प0पा0, दिनांक-17.03.2020 एवं 162/क्षे0नि0प0पा0, दिनांक-09.03.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री कुमार राहुल, (जन्म तिथि-28.02.1987) पिता-स्व0 डॉ0 कुमार वीरेन्द्र नाथ, भूतपूर्व भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, रामपुर चौरम, जिला पशुपालन कार्यालय, अरवल, वर्तमान पता-ग्राम -दतियाना, पो0-दतियाना, थाना-बिक्रम, प्रखंड-बिक्रम, अनुमंडल-पालीगंज, जिला-पटना को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर कार्यालय पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। निदेशक पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री कुमार राहुल से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 डॉ0 कुमार वीरेन्द्र नाथ, भूतपूर्व भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, रामपुर चौरम, जिला पशुपालन कार्यालय, अरवल के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।17 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री कुमार राहुल से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-11/2019-1349(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, मुजफ्फरपुर के ज्ञापांक-622/स्था0, दिनांक-21.06.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, मुजफ्फरपुर की बैठक दिनांक-21.06.2019 की कार्यवाही के कंडिका-10 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिला स्थापना उप समाहर्त्ता, मुजफ्फरपुर के पत्राांक-1530/स्था0, दिनांक-10.12.2019 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, उत्तर बिहार क्षेत्रा, मुजफ्फरपुर के पत्राांक-1314, दिनांक-24.12.2019 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03. 2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.

04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री बैजू कुमार (जन्म तिथि-02.12.1999) पिता-स्व0 राजेश्वर सिंह, भूतपूर्व रात्रिा प्रहरी, जिला पशुपालन कार्यालय, मुजफ्फरपुर, वर्तमान पता-ग्राम-फतेहपुर, पो0-फतेहपुर, थाना-दीदारगंज, प्रखंड-पटना सदर, अनुमंडल-पटना सदर, जिला-पटना को वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1800/- (अपुनरीक्षित) लेबल (1) 18000/-मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर प्रथम वर्गीय पशुचिकित्सालय, मुशहरी, मुजफ्‌फरपुर के अन्तर्गत में वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, मुजफ्‌फरपुर योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री बैजू कुमार से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 राजेश्वर सिंह, भूतपूर्व रात्रिा प्रहरी के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3- नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।18 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 4- योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5- नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6- उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8- योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9- योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री बैजू कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10- योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-02/2021-1350(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, मुंगेर के ज्ञापांक-33/मुख्य/स्था0, दिनांक-03.08.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, मुंगेर की बैठक दिनांक-03.08.2019 की कार्यवाही के कंडिका-15 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, मुंगेर के पत्राांक-875/स्था0, दिनांक-12.08.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, भागलपुर क्षेत्रा, भागलपुर के पत्रा संख्या-1064/प0पा0, दिनांक-18.11.2019 एवं 55/प0पा0, दिनांक-19.01.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री मनीष कुमार सिंह (जन्म तिथि - 10.12.1984) पुत्रा स्व0 उमा देवी, भूतपूर्व कार्यालय परिचारी, विशेष उप निदेशक (प0 वि0), वृहत पशु विकास परियोजना (मु0 स्तर), मुंगेर, वर्तमान पता-ग्राम -गायत्राी नगर, पो0- मुंगेर, थाना-कोतवाली, जिला- मुंगेर को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर जिला पशुपालन कार्यालय, रोहतास (सासाराम) के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है। अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2-अनुकम्पा समिति की अनुशंसा की सम्पुष्टि संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी/जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा कराये जाने की शर्त्त पर नियुक्ति किये जाने का निर्णय लिया गया।

2-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, रोहतास योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री मनीष कुमार सिंह से इस19 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 उमा देवी, भूतपूर्व कार्यालय परिचारी के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4- योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री मनीष कुमार सिंह से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11-अनुकम्पा समिति की अनुशंसा की सम्पुष्टि संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी/जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा कराये जाने की शर्त्त पर नियुक्ति की गई है।

12-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-04/2019-1351(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, गोपालगंज के ज्ञापांक-48, दिनांक-16.01.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, गोपालगंज की बैठक दिनांक-12.01.2019 की कार्यवाही के कंडिका-3 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, गोपालगंज के पत्राांक-828, दिनांक-02.12.2019 से प्राप्त है) एवं सहायक निदेशक (प0 वि0), लघु पशु विकास परियोजना (मु0 स्तर), गोपालगंज के पत्रा संख्या-71, दिनांक-14.06.2019 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री राजीव यादव (जन्म तिथि-25.01.1992) पुत्रा स्व0 घरभरन राय, भूतपूर्व शुक्रवाहक, सहायक20 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 निदेशक (प0 वि0), परियोजना, गोपालगंज, वर्तमान पता-ग्राम- सिपाया, पो0-सिपाया, थाना-विश्वम्भरपुर, प्रखंड-कुचायकोट, अनुमंडल-गोपालगंज, जिला-गोपालगंज को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर जिला पशुपालन कार्यालय, किशनगंज के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, किशनगंज योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री राजीव यादव से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 घरभरन राय, भूतपूर्व शुक्रवाहक के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8- योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री राजीव यादव से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-10/2020-1352(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, जमुई के ज्ञापांक-583, दिनांक-13.12.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, जमुई की बैठक दिनांक-13.12.2019 की कार्यवाही के कंडिका-1 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, जमुई. के पत्राांक-441/स्था0, दिनांक-06.09.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, भागलपुर क्षेत्रा, भागलपुर के पत्राांक-216, दिनांक-22.02.2020 एवं अवर प्रमंडल पशुपालन कार्यालय, जमुई का पत्राांक-102, दिनांक-28.07.2021 से प्राप्त कागजातों को21 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री रौशन कुमार (जन्म तिथि-05.03. 1987) पुत्रा स्व0 अरविन्द कुमार सिंह, भूतपूर्व चपरासी, प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, खैरा, जमुई, वर्तमान पता-ग्रामपोस्ट-मालदह, थाना-बरबीघा, जिला-शेखपुरा को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर कार्यालय पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। निदेशक, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री रौशन कुमार से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 अरविन्द कुमार सिंह, भूतपूर्व चपरासी के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5- नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री रौशन कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें। मृतक के परिवार का अनियोजन प्रमाण पत्रा प्राप्त किये जाने तथा जिला अनुकम्पा समिति के अनुशंसा में पिता का नाम सुधार करा लिये जाने के शर्त पर नियुक्ति की जा रही है जिसकी प्रक्रिया के पश्चात नियंत्राी पदाधिकारी नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है। 11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-10/2019-1357(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला22 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, सहरसा के ज्ञापांक-1681/स्था0, सहरसा, दिनांक-13.12.2018 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, सहरसा की बैठक दिनांक-13.12.2018 की कार्यवाही के क्रमांक-9 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, सहरसा के पत्राांक-266/सपत्रा/स्था0, दिनांक-06.03.2020 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, कोशी क्षेत्रा, सहरसा के पत्राांक-612/प0पा0, सहरसा, दिनांक-09.12.2019 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री अंकित राज (जन्म तिथि-18.12.1999) पिता- स्व0 उमेश ठाकुर, भूतपूर्व पशुधन सहायक, अवर प्रमंडल पशुपालन कार्यालय, सहरसा, वर्तमान पता-ग्राम -साहुगढ़ टोला हुलास-11, पो0-साहुगढ़ दिवानी टोला, थाना-मधेपुरा, अनुमंडल-मधेपुरा, जिला- मधेपुरा को वर्ग-04 (चार) परिचारी के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1800/- (अपुनरीक्षित) लेबल (1) 18000/-मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर प्रथम वर्गीय पशुचिकित्सालय, नौहट्‌टा, सहरसा के अन्तर्गत में वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, सहरसा योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री अंकित राज से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 उमेश ठाकुर, भूतपूर्व पशुधन सहायक के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8- योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री अंकित राज से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।23 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022

13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-09/2021-1356(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, .बेगूसराय के ज्ञापांक-1120/स्था0, दिनांक-17.12.2020 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, बेगूसराय की बैठक दिनांक-15.12.2020 की कार्यवाही के कंडिका-17 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, बेगूसराय के पत्राांक-1147/स्था0, दिनांक-02.08.2021 से प्राप्त है) एवं अवर प्रमंडल पशुपालन कार्यालय, बेगूसराय के पत्रा संख्या- 07/प0पा0, दिनांक-03.02.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री चंदन कुमार (जन्म तिथि-10.01.1996) पुत्रा स्व0 रामदेव साह, भूतपूर्व रात्रिा प्रहरी, अवर प्रमंडल पशुपालन कार्यालय, बेगूसराय, वर्तमान पता-ग्राम-बीहट जागीर टोला, पो0-बीहट, थाना-बरौनी, पी0एस0, जिला-बेगूसराय को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर जिला पशुपालन कार्यालय, कैमूर के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, कैमूर योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री चंदन कुमार से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 रामदेव साह, भूतपूर्व रात्रिा प्रहरी के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3- नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4- योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5- नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6- उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8- योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9- योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री चंदन कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10- योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 324 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-04/2021-1355(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, किशनगंज के ज्ञापांक-308/स्था0, दिनांक-29.06.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, किशनगंज की बैठक दिनांक-24.06.2019 की कार्यवाही के कंडिका-05 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, किशनगंज के पत्राांक-97/जि0 स्था0, दिनांक-05.02.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ के पत्राांक-981 प0पा0, दिनांक-05.11.2019 एवं 49 प0पा0, दिनांक-28.01.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री अमन पांडेय (जन्म तिथि- 12.01.2000) पिता-स्व0 राम सुदिष्ट पांडेय, भूतपूर्व रात्रिा प्रहरी, पशु चिकित्सालय, टेढ़ागाछ, किशनगंज, वर्तमान पता-ग्राम-दहीभात, पोस्ट-टेढ़ागाछ, थाना-टेढ़ागाछ, प्रखंड-टेढ़ागाछ, अनुमंडल-किशनगंज, जिला-किशनगंज को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर नियुक्त कर कार्यालय पशु शल्य चिकित्सालय, भभुआ (कैमूर) के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। पशु शल्य चिकित्सक, भभुआ (कैमूर)योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री अमन पांडेय से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 राम सुदिष्ट पांडेय, भूतपूर्व रात्रिा प्रहरी के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5- नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।25 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 8- योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री अमन पांडेय से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें। अभिलेख में पिता का नाम सुधार करा लिये जाने के शर्त्त पर नियुक्ति की जा रही है। पिता का नाम सुधार कराने के बाद नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11- अभिलेख में पिता का नाम सुधार करा लिये जाने के शर्त्त पर नियुक्ति की जा रही है।

11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-19/2021-1354(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, सारण, छपरा के ज्ञापांक-75 मु0/स्था0, दिनांक-17.06.2021 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, सारण, छपरा की बैठक दिनांक-15.06.2021 की कार्यवाही के कंडिका-11 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, सारण, छपरा के पत्राांक-144 मु0/स्था0, दिनांक-09.09.2021 से प्राप्त है) एवं जिला पशुपालन कार्यालय, सारण, छपरा का पत्राांक-1473, दिनांक-06.07.2021 एवं 182, दिनांक-18.01.2022 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री सुशांत कुमार (जन्म तिथि-07.03.2002) पुत्रा स्व0 संतोष कुमार सिंह, भूतपूर्व कार्यालय परिचारी, पशु चिकित्सालय, दिघवारा, सारण, वर्तमान पता-ग्राम-राईपट्टी दिघवारा, पो0थाना- दिघवारा, जिला-सारण को वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1800/- (अपुनरीक्षित) लेबल (1) 18000/-मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, मांझी, छपरा के अन्तर्गत में वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, छपरा योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री सुशांत कुमार से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 संतोष कुमार सिंह, भूतपूर्व कार्यालय परिचारी के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।26 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री सुशांत कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-11/2020-1353(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के ज्ञापांक-424/स्था0, दिनांक-03.07.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, पश्चिम चम्पारण, बेतिया की बैठक दिनांक-02.07.2019 की कार्यवाही के कंडिका-11 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के पत्राांक-389/स्था0, दिनांक-04.02.2021 से प्राप्त है) एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के पत्रा संख्या-1248/प0पा0, दिनांक-26.10.2019 एवं 171/प0पा0, दिनांक-23.01.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में मो0 समीर, (जन्म तिथि-10.02.1992) पिता-स्व0 मो0 सतार, भूतपूर्व चौकीदार, प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, बैरिया, वर्तमान पता-ग्राम-खसूआड़, पो0-लालगढ़, थाना-मुफस्सिल, जिला- पश्चिम चम्पारण, बेतिया को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर पशुपालन विद्यालय, डुमरॉव, बक्सर के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है। अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-27 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। मुख्य अनुदेशक, पशुपालन विद्यालय, डुमरॉव, बक्सर योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक मो0 समीर से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 मो0 सतार, भूतपूर्व चौकीदार के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3- नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4- योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5- नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6- उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8- योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9- योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा मो0 समीर से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-20/2021-1358(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के ज्ञापांक-482/स्था0, दिनांक-27.07.2021 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, पश्चिम चम्पारण, बेतिया की बैठक दिनांक-20.07.2021 की कार्यवाही के कंडिका-19 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिला स्थापना उप समाहर्त्ता, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के पत्राांक-669/स्था0, दिनांक-30.09.2021 से प्राप्त है) एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के पत्राांक-2069, दिनांक-07.08.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में मदीना खातून (जन्म तिथि-28 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 01.01.1991) पुत्रा स्व0 ललन खाँ, भूतपूर्व अनुदेशक, प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, सिकटा, वर्तमान पता-ग्राम- सिंगासनी, पो0-सिंगासनी, थाना-रामगढ़वा, जिला-पूर्वी चम्पारण को वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1800/- (अपुनरीक्षित) लेबल (1) 18000/-मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, अरेराज के अन्तर्गत में वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2-न्यायालय में कोई मामला लंबित नहीं रहने का शपथ पत्रा प्राप्त किये जाने के शर्त्त पर नियुक्ति की जा रही है। 3-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, पू0 चम्पारण योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक मदीना खातून से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 ललन खाँ, भूतपूर्व अनुदेशक के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

4-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

5-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

6-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

7-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

8-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

9- योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा मदीना खातून से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 11-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

12- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-05/2020-1359(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला29 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, रोहतास (सासाराम) के ज्ञापांक-789/स्था0, दिनांक-28.11.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, रोहतास (सासाराम) की बैठक दिनांक-26.08.2019 की कार्यवाही के कंडिका-8 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, रोहतास (सासाराम) के पत्राांक-1335, दिनांक-29.10.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, केन्द्रीय क्षेत्रा, पटना पत्राांक-403, दिनांक-10.02.2020, पत्राांक-893, दिनांक-19.08.2021, 944, दिनांक-28.08.2021 एवं 110, दिनांक-25.

01.2022 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में मो0 सीमा कुमारी (जन्म तिथि-06.04.1970 ) पति स्व0 प्रिय रंजन प्रसाद, भूतपूर्व प्रयोगशाला सहायक, शुक्र भंडारण केन्द्र, बिक्रमगंज, वर्तमान पता-ग्राम-बजरंगपुरम, रोड नं0-1, पोस्ट-भगवानपुर, थाना-सदर, जिला-मुजफ्फरपुर को वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1800/- (अपुनरीक्षित) लेबल (1) 18000/-मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय,कांटी, मुजफ्‌फरपुर के अन्तर्गत में वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, मुजफ्‌फरपुर योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक मो0 सीमा कुमारी से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 प्रिय रंजन प्रसाद, भूतपूर्व प्रयोगशाला सहायक के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा मो0 सीमा कुमारी से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।30 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-15/2019-1360(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, मुजफ्फरपुर के ज्ञापांक-269, दिनांक-28.02.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, मुजफ्फरपुर की बैठक दिनांक-28.02.2019 की कार्यवाही के कंडिका-18 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, मुजफ्फरपुर के पत्राांक-230/स्था0, दिनांक-10.02.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपाल, उत्तर बिहार क्षेत्रा, मुजफ्फरपुर के पत्राांक- 680, दिनांक-17.07.2019 एवं 452, दिनांक-25.05.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री सन्नी सुमन, (जन्म तिथि-31.12.1986) माता-स्व0 संध्या श्रीवास्तव, भूतपूर्व पशुधन पर्यवेक्षक, कार्यालय वृहत पशु विकास परियोजना (क्षे0 स्तर), सकरा, मुजफ्फरपुर, वर्तमान पता-ग्राम -कन्हौली खादी भंडार पटेल नगर, पोस्ट-रमना, थाना-मिठनपुरा, जिला-मुजफ्फरपुर को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर जिला पशुपालन कार्यालय, सीतामढी के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, सीतामढी योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री सन्नी सुमन से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 संध्या श्रीवास्तव, भूतपूर्व पशुधन पर्यवेक्षक के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री सन्नी सुमन से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।31 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0 -08/2020-1361(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, किशनगंज के ज्ञापांक-308/स्था0, दिनांक-29.06.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, किशनगंज की बैठक दिनांक-24.06.2019 की कार्यवाही के कंडिका-08 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, किशनगंज के पत्राांक-100/जि0 स्था0, दिनांक-05.02.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ का पत्राांक-980, दिनांक-05.11.2019 एवं 750, दिनांक-21.10.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री संजय कुमार प्रभाकर (जन्म तिथि-15.02.1993) पिता-स्व0 डॉ0 सत्येन्द्र कुमार, भूतपूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी, किशनगंज, जिला पशुपालन कार्यालय, किशनगंज, वर्तमान पता-ग्राम गोविन्दपुर, पोस्ट-बंगपुर, थाना-परबलपुर, जिला- नालन्दा को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर जिला पशुपालन कार्यालय, गोपालगंज के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, गोपालगंज योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री संजय कुमार प्रभाकर से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 डॉ0 सत्येन्द्र कुमार, भूतपूर्व जिला पशुपालन पदाधिकारी, किशनगंज के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।32 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री संजय कुमार प्रभाकर से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-22/2021-1362(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, पटना के ज्ञापांक-1995/स्था0, दिनांक-25.08.2021 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, पटना की बैठक दिनांक-17.08.2021 की कार्यवाही के कंडिका-7 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि स्थापना उप समाहर्त्ता, पटना के पत्राांक-904/स्था0, दिनांक-11.04.2022 से प्राप्त है) एवं विशेष उप निदेशक (प0 वि0), फ्रोजेन सिमेन बैंक-सह-बुल स्टेशन, पटना के पत्राांक-993, दिनांक-18.10.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03. 2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.

04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में मो0 जहाँगीर हुसैन (जन्म तिथि - 19.11.1988) पुत्रा स्व0 मो0 रेयाज, भूतपूर्व चालक, फ्रोजेन सिमेन बैंक-सह-बुल स्टेशन, पटना, वर्तमान पता-ग्राम -शेखपुरा राईडिंग रोड, पो0- बी0 भी0 कालेज, थाना- हवाई अड्‌डा, जिला- पटना को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर पशु शल्य चिकित्सालय, सहरसा के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। पशु शल्य चिकित्सक, सहरसा योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक मो0 जहाँगीर हुसैन से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 स्व0 मो0 रेयाज, भूतपूर्व चालक के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।33 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा मो0 जहाँगीर हुसैन से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें। अनुकम्पा समिति की अनुशंसा की सम्पुष्टि संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी/जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा कराये जाने के उपरान्त नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-07/2020-1364(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के ज्ञापांक-424/स्था0, दिनांक-03.07.2019 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, पश्चिम चम्पारण, बेतिया की बैठक दिनांक-02.07.2019 की कार्यवाही के कंडिका-16 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिला स्थापना उप समाहर्त्ता, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के पत्राांक-142 (P), दिनांक-06.09.2021 से प्राप्त है) एवं सहायक निदेशक (प0 वि0) लघु पशु विकास परियोजना (मु0 स्तर), पश्चिम चम्पारण, बेतिया के पत्राांक-43, दिनांक-28.11.2019 एवं 02, दिनांक-22.01.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री मन्नु कुमार पासवान (जन्म तिथि-01.01.1994) पिता-स्व0 रामदेव राम, भूतपूर्व अनुसेवी, कार्यालय सहायक निदेशक (प0 वि0) लघु पशु विकास परियोजना (मु0 स्तर), पश्चिम चम्पारण, बेतिया, वर्तमान पता-ग्राम-बलिरामपुर, पोस्ट-चनायन बांध, थाना-मझौलिया, जिला-पश्चिम चम्पारण को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य34 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर कार्यालय पशुपालन, सूचना एवं प्रसार, बिहार, पटना के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। सहायक निदेशक, पशुपालन, सूचना एवं प्रसार, बिहार, पटना योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री मन्नु कुमार पासवान से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 रामदेव राम, भूतपूर्व अनुसेवी के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री मन्नु कुमार पासवान से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।

10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-13/2021-1365(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293, दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, मधेपुरा के ज्ञापांक-676-2/स्था0, दिनांक-24.09.2020 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, मधेपुरा की बैठक दिनांक-24.09.2020 की कार्यवाही के कंडिका-4 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, मधेपुरा के पत्राांक-364-2/स्था0, दिनांक-05.06.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, कोशी क्षेत्रा, सहरसा के पत्राांक35 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 123/प0पा0, सहरसा, दिनांक-12.03.2021 एवं 429/प0पा0, सहरसा, दिनांक-06.08.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री मिथिलेश कुमार (जन्म तिथि-04.09.1985) पुत्रा स्व0 बद्री पोद्दार, भूतपूर्व चौकीदार, पशु चिकित्सालय, उदाकिशुनगंज, मधेपुरा, वर्तमान पता-ग्राम-किशुनगंज, पोस्ट-उदाकिशुनगंज, थाना-उदाकिशुनगंज, प्रखंड-उदाकिशुनगंज, जिला- मधेपुरा को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर जिला पशुपालन कार्यालय, शिवहर के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है। अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, शिवहर योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री मिथिलेश कुमार से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 स्व0 बद्री पोद्दार, भूतपूर्व चौकीदार के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री मिथिलेश कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।36 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 13 अप्रील 2022 सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-17/2021-1366(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, दरभंगा के ज्ञापांक-394/स्था0, दिनांक-16.04.2021 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, दरभंगा की बैठक दिनांक-16.04.2021 की कार्यवाही के कंडिका-20 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि स्थापना उप समाहर्त्ता, दरभंगा के पत्राांक-975/स्था0, दिनांक-11.10.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, दरभंगा क्षेत्रा, दरभंगा के पत्राांक-421, दिनांक-22.06.2021, 1079, दिनांक-1079, दिनांक-17.09.2021 एवं 1804, दिनांक-28.12.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री सिद्धार्थ राज (जन्म तिथि-10.03.

1996) पुत्रा स्व0 डॉ0 राम नारायण साहु, भूतपूर्व स्टॉफ पशु चिकित्सा पदाधिकारी, कार्यालय क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, दरभंगा क्षेत्रा, दरभंगा, वर्तमान पता-ग्राम-हसन चौक, पोस्ट- लालबाग, थाना-नगर, जिला-दरभंगा को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर जिला पशुपालन कार्यालय, अररिया के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है। अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, अररिया योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री सिद्धार्थ राज से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 डॉ0 राम नारायण साहु, भूतपूर्व स्टॉफ पशु चिकित्सा पदाधिकारी के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5- नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6- उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री सिद्धार्थ राज से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।37 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-16/2021-1367(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, पटना के ज्ञापांक-17 (मु0)/स्था0, दिनांक-02.02.2021 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, पटना की बैठक दिनांक-27.01.2021 की कार्यवाही के कंडिका-14में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि स्थापना उप समाहर्त्ता, पटना के पत्राांक-637/स्था0 दिनांक-02.03.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, केन्द्रीय क्षेत्रा, पटना के पत्राांक-278, दिनांक-09.03.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री शशि रंजन (जन्म तिथि- 20.04.1997) पुत्रा स्व0 संजय कुमार सिंह, भूतपूर्व चपरासी, पशु चिकित्सालय, व्यापुर, दानापुर, वर्तमान पता-ग्राम -लोदीपुर जीवराखन टोला, पो0-ब्यापुर, थाना- मनेर थाना, जिला-पटना को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर अवर प्रमण्डल पशुपालन कार्यालय, गोपालगंज के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है। अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। अवर प्रमण्डल पशुपालन पदाधिकारी, गोपालगंज योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री शशि रंजन से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 संजय कुमार सिंह, भूतपूर्व चपरासी के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।38 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री शशि रंजन से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11- योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-01/2021-1363(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, पटना के ज्ञापांक-2219/स्था0, दिनांक-05.10.2021 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, पटना की बैठक दिनांक-08.09.2021 की कार्यवाही के कंडिका-1 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि स्थापना उप समाहर्त्ता, पटना के पत्राांक-322/स्था0, दिनांक-07.02.2022 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, केन्द्रीय क्षेत्रा, पटना, पत्राांक-1329, दिनांक-01.11.2021, विशेष उप निदेशक (प0 वि0), वृहत पशु विकास परियोजना (मु0 स्तर), पटना के पत्राांक-332, दिनांक- 01.12.2021 एवं 22, दिनांक-01.02.2022 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री रंजीत कुमार, (जन्म तिथि 10.11.1996) पिता-स्व0 दिलीप कुमार, भूतपूर्व कार्यालय परिचारी, वृहत पशु विकास परियोजना (क्षे0 स्तर), दानापुर, पटना वर्तमान पता-ग्राम महुआबाग, पोस्ट-धनौत, थाना-रूपसपुर थाना, जिला- पटना को वर्ग-03 (तीन) निम्न वर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1900/- (अपुनरीक्षित) लेबल (2) 19900/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर कार्यालय अवर प्रमण्डल पशुपालन पदाधिकारी, किशनगंज के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। अवर प्रमण्डल पशुपालन पदाधिकारी, किशनगंज योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री रंजीत कुमार से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 दिलीप कुमार, भूतपूर्व कार्यालय परिचारी के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।39 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री रंजीत कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-11/2021-1368(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, दरभंगा के ज्ञापांक-777/स्था0, दिनांक-12.09.2020 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, दरभंगा की बैठक दिनांक-12.09.2020 की कार्यवाही के कंडिका-12 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिलाधिकारी, दरभंगा के पत्राांक-431, दिनांक-15.05.2021 से प्राप्त है) एवं क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, दरभंगा क्षेत्रा, दरभंगा के पत्रा संख्या-10 प0पा, दिनांक-07.01.2021 एवं 326 प0पा0, दिनांक-01.06.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री सतन पासवान (जन्म तिथि-12.01.1989) पुत्रा स्व0 इजोतिया देवी, भूतपूर्व कार्यालय परिचारी, जिला पशुपालन कार्यालय, दरभंगा, वर्तमान पता-ग्राम -पूर्वी बिलासपुर, पो0-हायाघाट, थाना-हायाघाट, जिला-दरभंगा को वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1800/- (अपुनरीक्षित) लेबल (1) 18000/-मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, हायाघाट, दरभंगा के अन्तर्गत में वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, दरभंगा योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री सतन पासवान से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 इजोतिया देवी, भूतपूर्व कार्यालय परिचारी के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त40 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री सतन पासवान से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-10/2015-1369(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, पटना के ज्ञापांक-2959/स्था0, दिनांक-14.11.2014 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, पटना की बैठक दिनांक-24.10.2014 की कार्यवाही के कंडिका-54 में अंकित अनुशंसा (जिसकी सम्पुष्टि जिला स्थापना उप समाहर्त्ता, पटना के पत्राांक-2393/स्था0, दिनांक-01.12.2015 से प्राप्त है) एवं पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना के पत्राांक-11, दिनांक-03.01.2015 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में मो0 उमा देवी (जन्म तिथि-08.05.1975) पति स्व0 मुन्ना राय, भूतपूर्व मिनियल, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना, वर्तमान पता-ग्राम- सलेमपुर डुमरा, राजा बाजार, पो0-बी0 भी0 कालेज, थाना-हवाई अड्‌डा, जिला- पटना को वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1800/- (अपुनरीक्षित) लेबल (1) 18000/-मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना के अन्तर्गत में वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।41 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2-न्यायालय में कोई मामला लंबित नहीं रहने का शपथ पत्रा प्राप्त किये जाने के शर्त्त पर नियुक्ति की जा रही है। 3-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। निदेशक, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक मो0 उमा देवी से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 मुन्ना राय, भूतपूर्व मिनियल के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

4-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

5-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

6-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

7-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

8-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

9-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा मो0 उमा देवी से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 11-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें। झारखण्ड ओपन स्कूल, राँची से प्रदत्त शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी/जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा कराये जाने की शर्त्त पर नियुक्ति की गई है। नियंत्राी पदाधिकारी द्वारा शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन के पश्चात नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

12-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-14/2021-1370(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक- 05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, प0 चम्पारण, बेतिया के ज्ञापांक-129 /स्था0, बेतिया, दिनांक-12.12.2020 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, प0 चम्पारण, बेतिया की बैठक दिनांक-03.09.2020 की कार्यवाही के कंडिका-01 में अंकित अनुशंसा (जिसकी42 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 सम्पुष्टि जिलाधिकारी, प0 चम्पारण, बेतिया के पत्राांक-86प्र0/स्थापना, दिनांक-19.05.2021 से प्राप्त है) एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी, प0 चम्पारण, बेतिया के पत्राांक-72/प0पा0, दिनांक-07.01.2021 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में अरमान खाँ, (जन्म तिथि-22.02.1993) माता-फातिमा बेगम, भूतपूर्व पशु चिकित्सा दूत, प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, बैरिया वर्तमान पता-ग्राम -शाहीटोला, पो0-भितहाँ निजामत, अंचल- बैरिया थाना-बैरिया, प्रखंड-बैरिया, अनुमंडल-बेतिया, जिला-प0 चम्पारण को वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1800/- (अपुनरीक्षित) लेबल (1) 18000/- मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, ठकराहाँ, बेतिया के अन्तर्गत में वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। जिला पशुपालन पदाधिकारी, प0 चम्पारण योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री अरमान खाँ से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक माता-फातिमा बेगम, भूतपूर्व पशु चिकित्सा दूत, प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, बैरिया के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

3-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

4-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

5-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

6-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

8-योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

9-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री अरमान खाँ से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे। 10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा से खुद संतुष्ट हो जाने पर कर्मचारी का योगदान 3 (तीन) माह के लिए औपबंधिक रूप से स्वीकार करेगें और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

11-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा। इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, निदेशक।43 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022

13 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0-23/2018-1371(नि0)--बिहार सरकार कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग के ज्ञाप संख्या-3/सी 2-2067/90 का0 13293 दिनांक-05.10.1991 एवं अनुवर्ती संगत प्रावधानों के आलोक में जिला पदाधिकारी-सह-अध्यक्ष, जिला अनुकम्पा समिति, बेगूसराय के ज्ञापांक-463/स्था0, दिनांक-12.04.2018 से प्राप्त जिला अनुकम्पा समिति, बेगूसराय की बैठक दिनांक-21.03.2018 की कार्यवाही के कंडिका-24 में अंकित है। विशेष उप निदेशक (प0 वि0), वृहत पशु विकास परियोजना (मु0 स्तर), बरौनी-बेगूसराय के पत्राांक-90, दिनांक-08.10.2018 एवं 211, दिनांक-03.10.2019 से प्राप्त कागजातों को निदेशालय आदेश ज्ञापांक 1154 (नि0), दिनांक 31.03.2022 द्वारा गठित कमिटी के समक्ष उपस्थापित किया गया एवं कमिटी के अनुशंसा (कार्यवाही आदेश ज्ञापांक 1342 (नि0), दिनांक 13.04.2022 द्वारा निर्गत) के आलोक में श्री अमर कुमार (जन्म तिथि-15.01.1988) पिता-स्व0 उमेश प्रसाद सिंह, भूतपूर्व अनुदेशक, विशेष उप निदेशक (प0 वि0), वृहत पशु विकास परियोजना (मु0 स्तर), बरौनी-बेगूसराय, वर्तमान पता-ग्राम -रतनपुर, पो0- बेगूसराय, थाना- बेगूसराय टाउन पी0 एस0, जिला- बेगूसराय को वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के पद पर वेतनमान रू0 5200-20200/-, ग्रेड वेतन 1800/- (अपुनरीक्षित) लेबल (1) 18000/-मूलवेतन (पुनरीक्षित) तथा समय-समय पर सरकार द्वारा स्वीकृत अनुमान्य अन्य भत्ते के साथ पूर्णतः अस्थायी रूप से अनुकंपा के आधार पर सशर्त्त नियुक्त कर कार्यालय अवर प्रमण्डल पशुपालन पदाधिकारी, बेगूसराय के अन्तर्गत में वर्ग-04 (चार) कार्यालय परिचारी के रिक्त पद पर पदस्थापित किया जाता है।

अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति की शर्त्तेंनिम्नवत हैंः-

2-सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या-2248/2021 में दिनांक 30.03.2022 को पारित आदेश के आलोक में शैक्षणिक योग्यता का सत्यापन तथा जिला अनुकम्पा समिति के अनुशंसा की सम्पुष्टि संबंधित निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी/जिला पशुपालन पदाधिकारी द्वारा कराये जाने की शर्त्त पर नियुक्ति की जा रही है। मामले में अंतिम न्याय निर्णय के फलाफल से यह नियुक्ति आदेश प्रभावित होगा। 3-अनुकम्पा के आधार पर नियुक्ति पाने वाले व्यक्ति पर मृत सरकारी सेवक के आश्रित परिवार के समुचित भरण-पोषण का पूर्ण दायित्व रहेगा। अवर प्रमण्डल पशुपालन पदाधिकारी, बेगूसराय योगदान स्वीकृत करने के पूर्व आवेदक श्री अमर कुमार से इस आशय का शपथ पत्रा प्राप्त कर लेगें कि ''वे भविष्य में मृतक स्व0 उमेश प्रसाद सिंह, भूतपूर्व अनुदेशक के आश्रित परिवार के पूर्ण भरण-पोषण के लिए पूर्णतः जिम्मेवार होंगे तथा इस संबंध में आश्रित परिवार के किसी अन्य सदस्य से शिकायत प्राप्त होने पर इनकी नियुक्ति सक्षम प्राधिकार द्वारा रद्द कर दी जायेगी। जिसमें इन्हें कोई आपति नहीं होगी। '' शपथ पत्रा की एक प्रति निदेशालय में भी उपलब्ध करायेगें।

4-नियुक्ति के पश्चात्‌ अगर किसी भी समय उनकी शैक्षणिक योग्यता, जाति प्रमाण पत्रा अथवा किसी अन्य प्रमाण पत्रा के संबंध में फर्जी या जालसाजी संज्ञान में आती है, तो उक्त कर्मी को बिना कारण पृच्छा के सरकारी नौकरी से बर्खास्त किया जायेगा तथा उन पर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी।

5-योगदान के समय असैनिक शल्य चिकित्सक-सह- मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्रा समर्पित करना अनिवार्य होगा।

6-नियुक्ति पूर्णतः अस्थायी है तथा किसी भी समय बिना पूर्व सूचना के समाप्त की जा सकती है।

7-उप सचिव, वित्त विभाग के पत्राांक-1964 दिनांक-31.08.05 के अनुसार दिनांक-01.09.05 एवं उसके बाद नियुक्ति राज्यकर्मियों के लिए अंशदायी पेंशन योजना लागू होगी।

8- अनुकम्पा के आधार पर नियुक्त व्यक्ति को सरकारी सेवा के संदर्भ में संगत प्रावधानों तथा समय-समय पर निर्गत सरकारी निदेशों/नियमावली का अनुपालन करना अनिवार्य होगा।

9- योगदान के समय इस बात का शपथ-पत्रा देना होगा कि पूर्व में किसी अपराध के आरोप में उन्हें किसी प्रकार का दंड नहीं हुआ है तथा वर्तमान में किसी प्रकार का आपराधिक मामला उनके विरूद्ध किसी न्यायालय में विचाराधीन नहीं है।

10-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा श्री अमर कुमार से उपरोक्त सभी शत्र्तों को स्वीकार करने संबंधी घोषणा-पत्रा/वांछित कागजात प्राप्त करने तथा व्यक्तिगत रूप से संतुष्ट होने के उपरांत ही योगदान स्वीकृत किया जायेगा। साथ ही, योगदान स्वीकृत करने वाले पदाधिकारी वांछित कागजातों की मूल प्रति ससमय निदेशालय को उपलब्ध कराना सुनिश्चित करेंगे।44 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 11-योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी द्वारा प्रथम दृष्टया नियुक्ति पत्रा तथा अन्य संगत कागजातों से संतुष्ट होने के पश्चात्‌ औपबंधिक रूप से योगदान स्वीकार किया जायेगा तथा कार्य दायित्व/निर्वहन के अनुसार तीन माह तक औपबंधिक वेतन का भुगतान किया जायेगा।

12- योगदान स्वीकार करने वाले पदाधिकारी (निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी) का दायित्व होगा कि संबंधित अभ्यार्थी का शैक्षणिक योग्यता/अन्य अभिलेख का सत्यापन संबंधित कार्यालय से करवाने के उपरान्त नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि हेतु निदेशालय को सभी सत्यापन प्रतिवेदन उपलब्ध करवा देंगे और नियुक्ति प्राधिकार से नियुक्ति पत्रा की संपुष्टि करा लेंगेे। यदि 3 (तीन) माह के अंदर यह संपुष्टि पूर्ण नहीं होती है तो संबंधित नव नियुक्त कर्मचारी की वेतन निकासी तब तक नहीं की जाएगी जब तक की नियुक्ति की संपुष्टि नहीं हो जाती है।

13-योगदान के समय किसी प्रकार का यात्राा भत्ता देय नहीं होगा।

इसकी सूचना सभी संबंधितों को दी जाये।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, निदेशक।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 21—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

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45 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022

भाग-2

बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और

नियम आदि।

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पशुपालन निदेशालय

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शुद्धि-पत्र

20 अप्रील 2022

सं0 7 स्था0 (5) वर्ग-04- 03/2021-1416(नि0)--पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना के आदेश, ज्ञापांक-7 स्था0 (5) वर्ग-04- 03/2021- 2052 (नि0), दिनांक-16.07.2021 के क्रमांक-02 पर अंकित अभ्यार्थी का नाम श्री रामापति लाल कर्ण के स्थान पर रमापति लाल कर्ण पढ़ा एवं समझा जाय। उक्त आदेश की सभी कंडिकाएँ यथावत रहेंगी।

2. आदेश, ज्ञापांक-7 स्था0 (5) वर्ग-04- 03/2021- 399 (नि0), दिनांक-01.02.2021 के क्रमांक-06 पर अंकित अभ्यार्थी का नाम श्रीमती कामनी कुमारी के स्थान पर श्रीमती कामिनी कुमारी पढ़ा एवं समझा जाय। उक्त आदेश की सभी कंडिकाएँ यथावत रहेंगी।

3. यह आदेश जन शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना के पत्राांक-526, दिनांक-04.04.2022 एवं 435, दिनांक-23.03.2021 के द्वारा शुद्धि पत्रा निर्गत किये जाने के फलस्वरूप उक्त के आलोक में निर्गत किया जा रहा है।

4. प्रस्ताव पर निदेशक, पशुपालन, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।0/-

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, संयुक्त निदेशक (मु0)।

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9 मई 2022

सं0 7 स्था0 (2) अनुक0 -17/2021-1616(नि0)--पशुपालन निदेशालय के आदेश-सह-पठित ज्ञाप संख्या-7 स्था0 (5) 04/2015- 2606 (नि0), दिनांक-29.06.2019 की कंडिका-1 में ''जिला पशुपालन कार्यालय, अररिया के अन्तर्गत में वर्ग-03 (तीन) लिपिक के पद पर पदस्थापित किया जाता है'' के स्थान पर शुद्ध रूप में ''पशु शल्य चिकित्सालय, अररिया मेें निम्न वर्गीय लिपिक (वर्ग-03) के पद पर पदस्थापित किया जाता है'' पढ़ा एवं समझा जाय।

2. तद्‌नुसार पशु शल्य चिकित्सक, अररिया के द्वारा योगदान स्वीकर करते हुए अग्रेतर कार्रवाई किया जाय। 3. उक्त आदेश में अंकित अन्य सभी शर्त्तें यथावत रहेगी।

4. प्रस्ताव में निदेशक, पशुपालन का अनुमोदन प्राप्त है।

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, संयुक्त निदेशक (मु0)।

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6 मई 2022

सं0 7 स्था0 (5) वर्ग-04-03/2021-1595(नि0)--पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना के आदेश, ज्ञापांक-7 स्था0 (5) वर्ग-04- 08/2021- 1324 (नि0), दिनांक-12.04.2022 के क्रमांक-4 पर भूलवश अभ्यार्थी एवं उनके पिता का नाम श्री जवाहर प्रसाद यादव, पिता-स्व0 भागवत प्रसाद यादव के स्थान पर श्री जवाहर यादव, पिता-स्व0 भागवत यादव अंकित हो गया है।

अतः निदेशालय पत्राांक-1324 (नि0), दिनांक-12.04.2022 के क्रम संख्या-4 पर अंकित अभ्यार्थी का नाम एवं पिता का नाम तदानुसार संशोधित माना/पढ़ा जाय। शेष यथावत रहेगा।46 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 2. यह आदेश जन शिक्षा, शिक्षा विभाग, बिहार, पटना के पत्राांक-477, दिनांक-30.03.2022 के द्वारा शुद्धि पत्रा निर्गत किये जाने के फलस्वरूप उक्त के आलोक में निर्गत किया जा रहा है।

3. प्रस्ताव पर निदेशक, पशुपालन, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।0/-

आदेश से,

(ह0) अस्पष्ट, संयुक्त निदेशक (मु0)।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 21—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

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47 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022

भाग-9-ख

िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण

सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द । ————— सूचना -------

सं0 909--मैं नेहा, पिता-शैलेन्द्र कुमार दलदली रोड, दानापुर, पटना कार्यपालक दंडाधिकारी, दानापुर शपथ पत्र संख्या 10132 दिनांक 18/05/2022 के द्वारा घोषणा करती हूँ कि अब मैं नेहा कुमार के नाम से जानी जाऊँगी।

नेहा। No. 909-- I, NEHA D/o Shailendra Kr. R/0 Daldali Road, Danapur, Patna have changed my name as Neha Kumar vide affidavit no. 10132 dated 18.05.2022 sworn before Executive Magistrate, Danapur.

NEHA.

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सं0 910--मै रजनी रौशन, पिता-परमेश्वर दयाल, पति पिंटु कुमार, निवासी-मखनिया कुआं, नियर मस्जिद थाना-पीरबहोर, पटना, बिहार शपथ पत्र सं0 1034/25.06.2022 द्वारा सूचित करती हूँ कि शादी के पहले मै रजनी दयाल के नाम से जानी जाती थी इसी नाम से मेरा शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र निर्गत है। शादी के बाद मैं रजनी रौशन के नाम से जानी व पहचानी जाऊँगी। यही नाम सभी जगह इस्तेमाल कर रही हूं। आधार कार्ड सं0-469909761378 में मेरा नाम रजनी रौशन ही है।

रजनी रौशन।

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No. 911--I, Aryan sons of Sri Santosh Kumar Singh, resident of Parauna, P.S. Taraiya, Distt.-Saran 841424 vide Affidavit No.-3052 Date 6.7.22 that ARYAN is my name that now I will be known as ARYAN SINGH.

Aryan.

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सं0 916--मैं, कुमारी आनन्दी पति-नन्द किशोर, पता-किशोर सदन, रोड नं.-14, राजीव नगर, पटना-24, बिहार, शपथ-पत्र संख्या 4059 दिनांक 05.07.2022 के द्वारा घोषणा करती हूँ कि आनन्दी किशोर और कुमारी आनन्दी दोनों एक ही महिला है। मेरा सभी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पैन, आधार इत्यादि कुमारी आनन्दी के नाम से है। अब से मैं कुमारी आनन्दी के नाम से जानी जाउंगी।

कुमारी आनन्दी। No. 916--I, Kumari Anandi, W/o Nand Kishore R/o Kishore Sadan, Road No.-14, Rajiv Nagar, Patna-24, Bihar declare that vide affi. No. 4059 dt. 05.07.2022 Anandi Kishore and Kumari Anandi both are same and one person. My all educational Certificate, PAN, Aadhar etc. are in the favour of Kumari Anandi. Now I will be known as Kumari Anandi.

Kumari Anandi.

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

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48 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

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सं0 27/आरोप-01-40/2021-सा0प्र0-10010

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

20 जून 2022

श्री प्रमोद कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 640/11 के विरूद्ध जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सहरसा के पदस्थापन काल से संबंधित आरोपों (अधिप्राप्ति किये गये धान के गबन करने, अधिप्राप्ति को क्षतिग्रस्त कराने एवं जमा राशि के आलोक में खाद्यान्न का उठाव नहीं करने से संबंधित आरोप खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 8728 दिनांक 18.11.2014 द्वारा प्रपत्र-'क' में उपलब्ध कराते हुए विभागीय कार्यवाही प्रारंभ करने की अनुशंसा की गयी। 2. मामले की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर आरोप गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया तथा विभागीय पत्रांक-12833 दिनांक-28.08.2015 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमार द्वारा पत्रांक-729 दिनांक-16.12.2015 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। विभागीय पत्रांक 3404 दिनांक 04.03.2016 द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना से श्री कुमार के स्पष्टीकरण पर मंतव्य की मांग की गयी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक 1613 दिनांक 29.03.2017 से प्राप्त मंतव्य में श्री कुमार के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं बताया गया है। गठित आरोप पत्र, श्री कुमार से प्राप्त स्पष्टीकरण तथा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के मंतव्य के समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदन से विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6254 दिनांक 25.05.2017 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी जिसमें आयुक्त, कोशी प्रमंडल, सहरसा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

3. आयुक्त, कोशी प्रमंडल, सहरसा के ज्ञापांक 819 दिनांक 28.07.2021 द्वारा इस विभाग को जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। आरोप संख्या-01 के संबंध में संचालन पदाधिकारी द्वारा यह अंकित किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2012-13 में क्रय केन्द्रों पर उनके पदस्थापन काल में कुल 24764.18 क्ंिवटल धान की अधिप्राप्ति की गयी थी। उनके द्वारा शत प्रतिशत एस0आई0ओ0 निर्गत नहीं किया गया है। जिला प्रबंधक को सम्पूर्ण धान अधिप्राप्ति के लिए पूर्ण व्यवस्था एवं इसके अनुश्रवण का कर्त्तव्य एवं दायित्व था। इस आरोप को आंशिक रूप से प्रमाणित माना गया। आरोप संख्या-02 एवं 03 को प्रमाणित नहीं पाया गया।

4. जांच प्रतिवेदन की समीक्षा के उपरांत उससे सहमत होते हुए प्रमाणित आरोप संख्या 1 के लिए श्री प्रमोद कुमार से विभागीय पत्रांक 11765 दिनांक 05.10.2021 द्वारा जांच प्रतिवेदन पर बचाव बयान की मांग की गयी। श्री कुमार के पत्रांक 322 दिनांक 29.10.2021 द्वारा बचाव बयान समर्पित किया गया।

5. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री प्रमोद कुमार के विरूद्ध गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेेदन एवं आरोपित पदाधिकारी के बचाव बयान के समीक्षोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री प्रमोद कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 640/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सहरसा के विरूद्ध ''एक वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध रखने'' का दंड विनिश्चित किया गया।

6. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 734 दिनांक 19.01.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श/सहमति की मांग की गयी। आयोग के पत्रांक 186 दिनांक 06.06.2022 द्वारा आयोग का अभिमत प्राप्त हुआ, जिसमें आयोग द्वारा विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर सहमति दी गयी है। 7. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत श्री प्रमोद कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 640/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सहरसा को ''एक वेतनवृद्धि संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध रखने'' का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है।49 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/ज॰शि॰-07-02/2021-सा0प्र0-10199

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22 जून 2022

श्रीमती किरण सिंह, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1228/11, तत्कालीन अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, बांका के विरूद्ध आंगनबाड़ी सेविका/सहायिका के चयन से संबंधित श्रीमती अनामिका कुमारी के परिवाद पर विभागीय पत्रांक-9243 दिनांक-23.08.2021 द्वारा जिला पदाधिकारी, बांका से आरोप पत्र की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, बांका के पत्रांक-797 दिनांक-23.12.2021 द्वारा श्रीमती सिंह के विरूद्ध आरोप पत्र इस विभाग को उपलब्ध कराया गया।

प्रतिवेदित आरोप पत्र के आलोक में इस विभाग के स्तर से आरोप पत्र गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक-3296 दिनांक- 04.03.2022 द्वारा श्रीमती सिंह से स्ष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्रीमती सिंह का स्पष्टीकरण पत्रांक-272 दिनांक-26.03.2022 द्वारा प्राप्त हुआ।

श्रीमती किरण सिंह, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1228/11, तत्कालीन अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, बांका के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत श्रीमती सिंह को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(3) के अंतर्गत भविष्य के लिये चेतावनी दी जाती है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/अभि0-03-03/2019-सा0प्र0-10290

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23 जून 2022

श्री प्रदीप कुमार गुप्ता, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-732/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य निगम, भोजपुर के विरूद्ध उनके पदस्थापन काल दिनांक 26.06.2014 से दिनांक 15.11.2014 में सी0एम0आर0 गोदामों में भारी मात्रा में भंडारित खाद्यान्न का ससमय उपावंटन एवं उठाव नहीं करने, वर्ष 2013-14 एवं 2014-15 में अधिप्राप्ति किये गये चावल के 121837.237 क्विंटल के टी0पी0डी0एस0 में उपयोग हेतु मुख्यालय स्तर से निर्गत उपावंटन के विरूद्ध सी0एम0आर0 के निष्पादन में FIFO पद्धति का अनुपालन नहीं करने, स्थानान्तरित/सेवानिवृत होने वाले सहायक प्रबंधक से संबंधित सी0एम0आर0 गोदामों का प्रभार भी नहीं कराने के फलस्वरूप सी0एम0आर0 चावल की गुणवत्ता में हृास हुआ तथा सी0एम0आर0 का निष्पादन नहीं होने से निगम को आर्थिक क्षति होने संबंधित आरोप पत्र खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक 3875 दिनांक 09.08.2017 द्वारा उपलब्ध कराया गया। 2. प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर से गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र पर विभागीय पत्रांक 12541 दिनांक 26.09.2019 द्वारा श्री गुप्ता से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री गुप्ता के द्वारा पत्रांक 176/17 दिनांक 18.10.2017 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। 3. श्री गुप्ता के स्पष्टीकरण के आलोक में विभागीय पत्रांक 14532 दिनांक 16.11.2017 द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से मंतव्य की मांग की गयी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक 1740 दिनांक 12.04.2022 द्वारा प्राप्त मंतव्य में श्री गुप्ता के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं बताया गया है।

4. श्री गुप्ता के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण एवं उक्त स्पष्टीकरण पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी और यह पाया गया कि श्री गुप्ता द्वारा गोदामों का ससमय निरीक्षण नहीं किया गया। साथ ही इनके द्वारा FIFO पद्धति का अनुपालन नहीं करने के कारण खाद्यान्नों की गुणवत्ता में कमी आई। समीक्षोपरान्त श्री प्रदीप कुमार गुप्ता, तत्कालीन जिला प्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य निगम, भोजपुर के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (यथा संशोधित) के नियम-14(i) के तहत निन्दन (आरोप वर्ष-2014) तथा उपनियम-14(v) के प्रावधान के तहत एक वेतनवृद्वि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्व रखने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया है।

5. अतएव श्री प्रदीप कुमार गुप्ता, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-732/11 तत्कालीन जिला प्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य निगम, भोजपुर के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (यथा संशोधित) के50 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 नियम-14(i) के तहत निन्दन (आरोप वर्ष-2014) तथा उपनियम-14(v) के प्रावधान के तहत एक वेतनवृद्वि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्व रखने का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/आरोप-01-90/2021-सा0प्र0-10300

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23 जून 2022

मो. गयासुद्दीन अंसारी (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक-685/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बरौली, गोपालगंज के विरूद्ध बिना सक्षम प्राधिकार की अनुमति प्राप्त किये बगैर सरकारी वृक्षों की कटाई करने एवं उचित मूल्य से कम आकलन कर लकड़ी का मूल्य प्रतिवेदन प्रस्तुत करने संबंधी आरोप प्रतिवेदित किया गया।

प्रतिवेदित आरोप पत्र के आलोक में इस विभाग के स्तर से आरोप पत्र गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक-16060 दिनांक-17.12.2021 एवं पत्रांक-4930 दिनांक-31.03.2022 द्वारा मो. अंसारी से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। मो0 अंसारी के पत्र दिनांक-18.04.2022 द्वारा अपना स्पष्टीकरण इस विभाग को उपलब्ध कराया गया।

मो. गयासुद्दीन अंसारी (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक-685/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बरौली, गोपालगंज के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत मो. अंसारी के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम 14(1) के संगत प्रावधानो के तहत ''निन्दन (आरोप वर्ष-2000-01) का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/आरोप-01-24/2021-सा0प्र0-10306

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23 जून 2022

श्री नजर हुसैन, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-933/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता-सह-तत्कालीन प्रभारी अवर निबंधक, विक्रमगंज के विरूद्ध मद्य निषेद्य, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4210 दिनांक 15.11.2021 द्वारा आरोप पत्र उपलब्ध कराया गया, जिसमें निबंधन कार्यालय, विक्रमगंज में फ्रैकिंग मशीन द्वारा कोर्ट शुल्क टिकट के राशि बैंक में न भेजकर जाली बैंक रशीद रजिस्टर में चिपकाये जाने संबंधी आरोप प्रतिवेदित है। 2. प्रतिवेदित आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र पर विभागीय पत्रांक 16129 दिनांक 20.12.2021 द्वारा श्री हुसैन से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री हुसैन द्वारा दिनांक 21.01.2022 से स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।

3. श्री हुसैन के स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 3401 दिनांक 07.03.2022 द्वारा मद्य निषेद्य, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग की गयी। मद्य निषेद्य, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 2156 दिनांक 22.04.2022 द्वारा मंतव्य उपलब्ध कराया गया।

4. श्री हुसैन के विरूद्ध गठित आरोप पत्र, उनके स्पष्टीकरण एवं मद्य निषेद्य, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना के मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि निबंधन संबंधी दस्तावेजों में त्रुटि होना और निबंधन शुल्क के रूप में जमा रसीद का जाली पाया जाना दोनों अलग तथ्य है। राशि बैंक में जमा नहीं होने से सरकार को 64,105/- रूपये की आर्थिक क्षति हुई। लेकिन कार्यालय प्रधान के रूप में श्री हुसैन द्वारा वित्तीय मामले में सतर्क होकर कार्य निष्पादित नहीं किया गया।

इस प्रकार श्री नजर हुसैन, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता-सह-तत्कालीन प्रभारी अवर निबंधक, विक्रमगंज के स्पष्टीकरण को असंतोषप्रद पाते हुए श्री हुसैन के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (यथा संशोधित) के नियम-14 के संगत प्रावधानों के अंतर्गत निन्दन (आरोप वर्ष 2018) की शास्ति का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया है। 5. अतएव श्री नजर हुसैन, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-933/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता-सह-तत्कालीन प्रभारी अवर निबंधक, विक्रमगंज के विरूद्व बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (यथा संशोधित) के नियम-14 के अन्तर्गत निन्दन (आरोप वर्ष 2018) की शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की जाती है।51 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/आरोप-01-49/2019-सा0प्र0-10320

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23 जून 2022

श्री कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 1018/11, तत्कालीन भूमि सुधार उप समाहर्ता, सदर पटना के पदस्थापन अवधि में सरकारी जमीन का गलत एवं अवैध रूप से लगान निर्धारण करने सम्बन्धित आरोपों के लिये आयुक्त, पटना प्रमण्डल, पटना के पत्रांक 943 दिनांक-03.11.2017 द्वारा आरोप पत्र प्रपत्र ''क'' गठित कर उपलब्ध कराया गया। श्री सिंह के विरूद्ध पत्रकार नगर थाना में प्राथमिकी संख्या-319/2017 दर्ज है। श्री सिंह को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली के नियम-9(1)(क) एवं (ग) के प्रावधानों के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-9093 दिनांक-24.07.2017 द्वारा निलंबित किया गया।

2. प्रतिवेदित आरोपों पर विभागीय पत्रांक-14537 दिनांक-16.11.2017 द्वारा श्री सिंह से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री सिंह द्वारा स्पष्टीकरण दिनांक-01.12.2017 समर्पित किया गया। श्री सिंह के समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक-15935 दिनांक-14.12.2017 द्वारा आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना से मंतव्य की मांग की गयी। उक्त के आलोक में आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-326 दिनांक-30.05.2018 द्वारा मंतव्य प्राप्त हुआ।

3. तत्पश्चात्‌ अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत श्री कुमार मिथिलेश प्रसाद सिंह के विरूद्ध विभागीय संकल्प संख्या 12439 दिनांक 14.09.2018 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। इस विभागीय कार्यवाही में विभागीय जाँच आयुक्त (अब मुख्य जाँच आयुक्त), बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी एवं जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा नामित किसी वरीय पदाधिकारी को उपस्थापन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक 936 दिनांक 10.12.2021 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जांच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध आरोप पत्र प्रपत्र ''क'' में लगाये गये कुल 02 आरोपों में से आरोप संख्या 01 को प्रमाणित एवं आरोप संख्या 02 की प्रथम अनियमितता, तृतीय अनियमितता, चतुर्थ अनियमितता, पंचम अनियमितता को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया एवं आरोप संख्या-02 के द्वितीय अनियमितता को प्रमाणित प्रतिवेदित नहीं किया गया।

4. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह से विभागीय पत्रांक-844 दिनांक 21.01.2022 द्वारा लिखित अभिकथन/कारण पृच्छा की मांग की गयी।

5 उक्त के आलोक में श्री सिंह के पत्र दिनांक-08.02.2022 द्वारा लिखित अभिकथन/कारण पृच्छा समर्पित किया गया है, जिसमें उनके द्वारा लिखित अभिकथन/कारण पृच्छा को स्वीकार करते हुए दिनांक 22.06.2017 की यथास्थिति बनाए रखने का अनुरोध किया गया।

6. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं श्री सिंह द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन/कारण पृच्छा की सम्यक समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त श्री सिंह द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन/कारण पृच्छा से असहमत होते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के अंतर्गत नियम-14 (i) के अधीन निन्दन, नियम-14 (ii) के अधीन प्रोन्नति पर तीन वर्षों तक रोक तथा नियम-14 (vi) के तहत 'दो वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से अवरूद्ध करने की' शास्ति विनिश्चित की गयी है। साथ ही श्री सिंह को आदेश निर्गमन की तिथि से निलंबन मुक्त करते हुए 1. निलंबन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा, 2. निलंबन की अवधि मात्र पेंशन प्रयोजन के लिए परिगणित की जाएगी, विनिश्चित किया गया।

7. श्री सिंह के विरूद्ध विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-5742 दिनांक-12.04.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श/सहमति की मांग की गयी। उक्त के आलोक में आयोग के पत्रांक-817 दिनांक-06.06.2022 द्वारा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी।

8. अतः उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन, जांच प्रतिवेदन पर श्री सिंह से प्राप्त लिखित अभिकथन/कारणपृच्छा के समीक्षोपरान्त श्री सिंह के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के अंतर्गत नियम-14 (i) के अधीन निन्दन, नियम-14 (ii) के अधीन प्रोन्नति पर तीन वर्षों तक रोक तथा नियम-14 (vi) के तहत 'दो वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से अवरूद्ध करने की' शास्ति विनिश्चित की गयी है। साथ ही श्री सिंह को आदेश निर्गमन की तिथि से निलंबन मुक्त करते हुए 1. निलंबन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा, 2. निलंबन की अवधि मात्र पेंशन प्रयोजन के लिए परिगणित की जाएगी का निर्णय लिया गया।

9. अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के अंतर्गत नियम-14 (i) के अधीन निन्दन, नियम-14 (ii) के अधीन प्रोन्नति पर तीन वर्षों तक रोक तथा नियम-14 (vi) के तहत 'दो वेतन वृद्धि संचयी प्रभाव से अवरूद्ध करने की' शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की जाती है। साथ ही श्री सिंह को52 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 आदेश निर्गमन की तिथि से निलंबन मुक्त किया जाता है। 1. इन्हें निलंबन अवधि के लिए जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा, 2. इनका निलंबन की अवधि मात्र पेंशन प्रयोजन के लिए परिगणित की जाएगी। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/आरोप-01-106/2019-सा0प्र0-10326

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23 जून 2022

श्री प्रहलाद लाल, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 773/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, सासाराम के पदस्थापन काल से संबंधित नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-1228 दिनांक-17.05.2013 द्वारा वर्ष 2011-12 में विधि व्यवस्था संबंधी महत्वपूर्ण कार्यों के निर्वहन में लापरवाही बरतने एवं वरीय पदाधिकारियों के आदेश की अवहेलना करने से संबंधित आरोप पत्र प्रपत्र-'क' कार्रवाई हेतु उपलब्ध करायी गयी।

2. उक्त के आलोक में विभागीय स्तर पर गठित व अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप-पत्र पर विभागीय पत्रांक-487 दिनांक-09.01.2015 द्वारा श्री लाल से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। स्मारोपरांत कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद्‌ बेनीपुर के पत्रांक-877 दिनांक-18.10.2017 द्वारा श्री लाल का स्पष्टीकरण प्राप्त हुआ।

3. विभागीय पत्रांक-14976 दिनांक-27.11.2017 द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से श्री लाल द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय मंतव्य की मांग की गयी।

4. नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-761 दिनांक-08.02.2018 द्वारा श्री लाल के स्पष्टीकरण पर प्रेषित मंतव्य में श्री लाल के विरूद्ध कार्रवाई की अनुशंसा को यथावत्‌ रखा गया।

5. सम्यक्‌ समीक्षा के उपरांत विभागीय संकल ज्ञापांक-5326 दिनांक-19.04.2018 के द्वारा मामले की विस्तृत जांच हेतु विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी तथा आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। आयुक्त पटना प्रमंडल, पटना के आदेश ज्ञापांक-798/स्था0 दिनांक-11.05.2018 द्वारा इस विभागीय कार्यवाही को संयुक्त आयुक्त, विभागीय जांच, पटना प्रमंडल, पटना को हस्तांतरित कर दिया गया।

6. संयुक्त आयुक्त, विभागीय जांच, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-1420 दिनांक-05.11.2019 के द्वारा जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री लाल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप संख्या-(i) को प्रमाणित तथा आरोप संख्या-(ii) व (iii) को अंशतः प्रमाणित बताया गया।

7. विभागीय पत्रांक-970 दिनांक-20.01.2020 के द्वारा संचालन पदाधिकारी के जांच प्रतिवेदन पर बचाव-बयान/ लिखित अभिकथन की मांग की गयी। श्री लाल, सेवानिवृत के पत्रांक-02/R-C- पटना दिनांक-25.04.2022 द्वारा अपना बचाव-बयान समर्पित किया गया।

8. आरोपित पदाधिकारी श्री लाल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी के जांच प्रतिवेदन एवं बचाव-बयान की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी और पाया गया कि दशहरा एवं छठ पूजा जैसे संवेदनशील त्योहार के अवसर पर श्री लाल द्वारा र्काव्य निर्वहन में शिथिलता बरती गयी, जिससे विधि व्यवस्था की समस्या उत्पन्न हुई एवं आमजन को कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। जिला पदाधिकारी, रोहतास के स्पष्ट निदेश के बावजूद ये अनुमति प्राप्त किये बिना ही दशहरा एवं छठ पूजा त्योहार पर मुख्यालय से बाहर गये, जो उनकी कार्य के प्रति लापरवाही एवं अनुशासनहीनता को दर्शाता है। अतएव इनका स्पष्टीकरण/बचाव बयान स्वीकार योग्य नहीं है।

10. श्री लाल दिनांक-28.02.2022 को वार्धक्य से0नि0 हो चुके हैं। इनके विरूद्ध इनके सेवाकाल में चल रही विभागीय कार्यवाही को विभागीय आदेश ज्ञापांक-7299 दिनांक-17.05.2022 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) में संपरिवर्तित किया गया।

11. समीक्षोपरान्त श्री प्रहलाद लाल, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 773/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, सासाराम द्वारा र्काव्य निर्वहन में बरती गयी लापरवाही, दायित्वहीन एवं अनुशासनहीनता के लिए बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम 43(बी) के संगत प्रावधानों के तहत पेंशन की 2 प्रतिशत राशि अगले 2 वर्षों तक अवरूद्ध रखने का दंड अधिरोपित करने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया है।

12 अतएव श्री प्रहलाद लाल, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक 773/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, सासाराम सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम 43(बी) के संगत प्रावधानों के तहत पेंशन की 2 प्रतिशत राशि अगले 2 वर्षों तक अवरूद्ध रखने का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।53 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 सं0 27/आरोप-01-46/2020-सा0प्र0-10334

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23 जून 2022

श्री रमेश प्रसाद दिवाकर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1208/11 भूमि सुधार उप समाहर्ता, शेरघाटी, गया के पद पर पदस्थापित थें। दिनांक 10.11.2012 को परिवादी श्री संतोष कुमार, मुखिया, कचौड़ी पंचायत से उनके पंचायत अंतर्गत मनरेगा योजना में कराये गये कार्य की स्थल जाँच में उनके पक्ष में रिपोर्ट देने के लिए 40 हजार रू0 रिश्वत लेते रंगे हाथ आर्थिक अपराध इकाई के नेतृत्व में धावा दल द्वारा गिरफ्तार किये जाने की सूचना जिला पदाधिकारी, गया के पत्रांक 4824 दिनांक 24.11.2012 द्वारा प्राप्त होने पर अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदन से श्री दिवाकर को Bihar C.C.A Rules, 2005 के नियम-9 (1)(ग) के तहत दिनांक 10.11.2012 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 693 दिनांक 14.01.2013 द्वारा निलंबित किया गया।

श्री दिवाकर के विरूद्ध दर्ज आर्थिक अपराध थाना कांड संख्या-28/12 दिनांक 09.11.2012 में विधि विभाग के आदेश ज्ञापांक 05 दिनांक 08.01.2013 द्वारा अभियोजन स्वी—त किया गया है।

2. जिला पदाधिकारी, गया द्वारा श्री दिवाकर के विरूद्ध कर्त्तव्यों के प्रति शिथिलता, वरीय पदाधिकारी के आदेश की अवहेलना, जनता दरबार जैसे महत्वपूर्ण कार्यों की उपेक्षा, स्वेच्छाचारिता एवं अनुशासनहीनता आदि से संबंधित प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में इस विभाग के स्तर से आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया तथा आरोपित पदाधिकारी से स्पष्टीकरण प्राप्त कर समीक्षोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4506 दिनांक 03.04.2014 द्वारा श्री दिवाकर के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

3. आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया के पत्रांक 679/विधि दिनांक 20.02.2021 द्वारा इस विभाग को जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ, जिसमें इनके विरूद्ध सभी आरोपों को प्रमाणित पाया गया है।

4. विभागीय पत्रांक 3342 दिनांक 09.03.2021 द्वारा श्री दिवाकर को जाँच प्रतिवेदन की प्रति भेजते हुए उनसे लिखित अभिकथन की मांग की गयी। श्री दिवाकर ने अपने पत्र (दिनांक 12.07.2021) द्वारा लिखित अभिकथन समर्पित किया। 5. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री दिवाकर के विरूद्ध गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेेदन एवं आरोपित पदाधिकारी के बचाव बयान के समीक्षोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री रमेश प्रसाद दिवाकर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1208/11 के विरूद्ध ''सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हरता होगी'' का दंड विनिश्चित किया गया।

6. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री दिवाकर के विरूद्ध विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 10279 दिनांक 10.09.2021 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श/सहमति की मांग की गयी। आयोग के पत्रांक-3331 दिनांक-11.02.2022 द्वारा आयोग का अभिमत प्राप्त हुआ, जिसमें आयोग द्वारा विभागीय दंड प्रस्ताव पर सहमति दी गयी है। 7. बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति के उपरांत श्री रमेश प्रसाद दिवाकर, कोटि -1208/11, तत्कालीन भूमि सुधार उपसमाहर्ता, शेरघाटी, गया सम्प्रति निलंबित को ''सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हरता होगी'' संबंधी संलेख/प्रस्ताव विभागीय पत्रांक-4455 दिनांक-24.03.2022 द्वारा राज्य मंत्रिपरिषद्‌ को स्वी—ति हेतु भेजा गया। राज्य मंत्रिपरिषद्‌ की दिनांक-04.04.2022 को संपन्न बैठक में मद संख्या-05 के रूप में सम्मिलित करते हुए उक्त संलेख/प्रस्ताव पर स्वी—ति प्रदान की गयी। तदुपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5851 दिनांक 13. 04.2022 द्वारा श्री रमेश प्रसाद दिवाकर को ''सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हरता होगी'' का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया गया।

8. उक्त दण्डादेश के विरूद्ध श्री रमेश प्रसाद दिवाकर द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि उनके विरूद्ध आरोप का गठन बिना किसी साक्ष्य के किया गया। जिला पदाधिकारी, गया से प्राप्त आरोप पत्र बिना साक्ष्य के प्राप्त हुआ है। उनके विरूद्ध विभागीय स्तर पर आरोप के गठन में सी0सी0ए0 रूल्स 2005 के नियम-17 के प्रावधानों का अनुपालन नहीं किया गया है। प्रपत्र 'क' के गठन से संबंधित उनसे न तो कोई स्पष्टीकरण पूछा गया और नियम-17 का पूर्णतः उल्लंघन करते हुए विभागीय कार्यवाही का संकल्प निर्गत किया गया। संचालन पदाधिकारी के समक्ष सुनवाई के दौरान कई बार आरोप के संदर्भ में साक्ष्यों की मांग की गयी लेकिन साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया। बिना साक्ष्य के ही बचाव-बयान मांगा गया। इस प्रकार स्वयं पर लगे आरोप का प्रतिवाद किया गया।

9. श्री दिवाकर द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर से की गयी और यह पाया गया कि विभागीय कार्यवाही में आरोपी पदाधिकारी का बर्ताव सर्वथा असहयोगात्मक रहा एवं इनके द्वारा विभागीय कार्यवाही को विलंबित करने का पूरा प्रयास किया गया। आरोपित पदाधिकारी के द्वारा 45 प्रकार के कागजातों की मांग की गयी, उपलब्ध अभिलेख अपर समाहर्ता, गया के पत्रांक 2937 दिनांक 06.10.2017 एवं पत्रांक 3147 दिनांक 28.10.2017 द्वारा उन्हें उपलब्ध करा दी गयी। आरोपी पदाधिकारी कई तिथियों पर लगातार अनुपस्थित रहे। कठोर निदेश दिये जाने पर वे यदा-कदा सुनवाई हेतु उपस्थित हुए और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर बचाव-अभिकथन समर्पित करने का बार-बार निदेश दिये जाने के बावजूद वे टाल-मटोल करते रहें। आरोपी पदाधिकारी को सुनवाई की कई तिथियों में स्पष्ट रूप से निदेश दिया गया कि वे अपना बचाव अभिकथन समर्पित करें, किन्तु आरोपों से संबंधित कागजात नहीं होने का बहाना कर ये बचाव अभिकथन समर्पित करने से बचते रहे।54 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 दिनांक 28.11.2020 को संचालन पदाधिकारी द्वारा उनके मांगे गये सभी कागजात का परिशीलन भी किया गया। तदुपरांत दो कागजात क्रम संख्या-18 और 28 को पुनः उपलब्ध कराने हेतु प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी को निदेश दिया गया। शेष कागजात के संबंध में पाया गया कि वे सभी Public Domain में हैं और इस विभागीय कार्यवाही की सुनवाई में अप्रासंगिक भी है तथा विभागीय कार्यवाही में टाल-मटोल करने के उद्देश्य से ऐसे कागजात की मांग की जा रही है। श्री दिवाकर का रवैया अप्रासंगिक कागजात को मांग कर विभागीय कार्यवाही को विलंबित रखने का रहा है।

10. आरोपी पदाधिकारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी के मंतव्य एवं आरोपी पदाधिकारी के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त श्री दिवाकर द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन पत्र में किसी नये तथ्य का उल्लेख नहीं रहने एवं पूर्व के तथ्यों की पुनरावृति किये जाने के कारण पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकार करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5851 दिनांक 13.04.2022 द्वारा संसूचित दण्ड यथा ''सेवा से बर्खास्तगी जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरहर्ता होगी'' को यथावत रखा जाता है।

आदेश से,

रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/आरोप-01-46/2020-सा0प्र0-10614

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28 जून 2022

श्री कृष्ण कुमार उपाध्याय, बि.प्र.से., कोटि क्रमांक-1355/11 तत्कालीन वरीय उप समार्हाा-सह-प्रभारी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), कैमूर, भभुआ के विरूद्ध समाज कल्याण विभाग के पत्रांक-1463 दिनांक-26.02.2020 द्वारा आरोप पत्र इस विभाग को उपलब्ध कराया गया। प्रतिवेदित आरोप के आलोक में विभागीय पत्रांक-5671 दिनांक-15.06.2020 द्वारा श्री उपाध्याय से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री उपाध्याय के पत्रांक-18 दिनांक-14.01.2021 द्वारा अपना स्पष्टीकरण इस विभाग को समर्पित किया गया। समर्पित स्पष्टीकरण की छायाप्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-1688 दिनांक-08.02.2021 द्वारा समाज कल्याण विभाग से मंतव्य की मांग की गयी। समाज कल्याण विभाग के पत्रांक-2023 दिनांक-12.04.2022 द्वारा उक्त स्पष्टीकरण पर मंतव्य उपलब्ध कराया गया।

श्री कृष्ण कुमार उपाध्याय, बि.प्र.से., कोटि क्रमांक-1355/11 तत्कालीन वरीय उप समार्हाा-सह-प्रभारी जिला प्रोग्राम पदाधिकारी (ICDS), कैमूर, भभुआ के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण एवं समाज कल्याण विभाग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत श्री उपाध्याय के विरूद्ध प्रस्तुत प्रकरण को संचिकास्त करते हुए उन्हें भविष्य के लिए सचेत किया जाता है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/आरोप-01-15/2022-सा0प्र0-10670

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29 जून 2022

श्री नौशाद अहमद, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-674/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मधुबनी के विरूद्ध राज्य सूचना आयोग के वाद संख्या 85706/12-13 (सुनील नायक बनाम लोक सूचना पदाधिकारी-सह-कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मधुबनी) में दिनांक 05.12.2017 को पारित आदेश के अनुपालन में नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 3006 दिनांक 04.06.़2018 द्वारा आरोप पत्र गठित कर उपलब्ध कराया गया, जिसमें श्री अहमद के विरूद्ध आवेदक को गलत सूचना देने के साथ ही आयोग को भी दिग्भ्रमित करने का आरोप प्रतिवेदित है। 2. उक्त आरोपों के आलोक में श्री अहमद से विभागीय पत्रांक 10518 दिनांक 06.08.2018 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री अहमद ने पत्रांक 2735 दिनांक 11.09.2018 द्वारा अपना स्पष्टीकरण समर्पित किया। श्री अहमद के स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 14623 दिनांक 06.11.2018 द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। 3. नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 176 दिनांक 20.01.2022 द्वारा मंतव्य प्राप्त हुआ जिसमें श्री अहमद के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं मानते हुए उनके विरूद्ध नियमानुसार कार्रवाई करने की अनुशंसा की गयी है। 4. नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त आरोप पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र के आलोक में विभागीय पत्रांक 3882 दिनांक 14.03.2022 द्वारा श्री अहमद से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री अहमद के पत्रांक 1193 दिनांक 26.03.2022 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। 5. श्री अहमद के विरूद्ध गठित आरोप पत्र, उनके स्पष्टीकरण एवं नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत यह पाया गया कि श्री अहमद द्वारा सूचना उपलब्ध कराने में लापरवाही बरती गयी।55 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 इस प्रकार श्री नौशाद अहमद, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मधुबनी के स्पष्टीकरण को अस्वी—त करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (यथा संशोधित) के नियम-14 के संगत प्रावधानों के अंतर्गत निन्दन (आरोप वर्ष 2014) की शास्ति अधिरोपित करने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया है। 6. अतएव श्री नौशाद अहमद, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-674/11, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, मधुबनी के विरूद्व बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (यथा संशोधित) के नियम-14 के अन्तर्गत निन्दन (आरोप वर्ष 2014) की शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की जाती है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/आरोप-01-15/2021-सा0प्र0-10941

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1 जुलाई 2022

श्री प्रमोद कुमार, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-973/11, तत्कालीन अनुमण्डल पदाधिकारी, डुमरॉव, बक्सर के पदस्थापन काल में माननीय मुख्यमंत्री, बिहार सरकार द्वारा विकास कार्यों की समीक्षा यात्रा के दौरान दिनांक-12.01.2018 को नन्दन ग्राम, डुमरॉव, बक्सर में घटित घटना से संबंधित गृह विभाग (विशेष शाखा) के पत्रांक-7502 दिनांक-14.08.2018 के साथ आयुक्त, पटना प्रमण्डल, पटना एवं पुलिस महानिरीक्षक, पटना प्रक्षेत्र, पटना को संयुक्त जाँच प्रतिवेदन श्री प्रमोद कुमार, तत्कालीन अनुमण्डल पदाधिकारी, डुमरॉव, बक्सर के विरूद्ध आवश्यक कार्रवाई करने की अनुशंसा सहित प्राप्त हुआ। 2. उक्त अनुशंसा के आलोक में जिला पदाधिकारी बक्सर द्वारा निदेशित कार्यों यथा विधि व्यवस्था के संधारण हेतु आसूचनाओं का संग्रहण एवं आकलन का निर्वहन नहीं करने के आरोप के लिये विभागीय पत्रांक-14295 दिनांक-31.10.2018 के द्वारा श्री प्रमोद कुमार, तत्कालीन अनुमण्डल पदाधिकारी, डुमरॉव, बक्सर से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। स्मारोपरान्त स्पष्टीकरण अप्राप्त रहने के कारण इस विभाग के स्तर से आरोप पत्र गठित करते हुये अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरान्त विभागीय पत्रांक-14472 दिनांक-03.12.2021 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री कुमार का स्पष्टीकरण पत्रांक-440 दिनांक-28.02.2022 द्वारा प्राप्त हुआ।

3. श्री प्रमोद कुमार, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-973/11, तत्कालीन अनुमण्डल पदाधिकारी, डुमरॉव, बक्सर के विरूद्ध गठित आरोप पत्र, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरान्त श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 (यथा संशोधित) के नियम-14 (3) के अंतर्गत भविष्य के लिये चेतावनी दी जाती है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/आरोप-01-18/2021-सा0प्र0-11218

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6 जुलाई 2022

श्री प्रभात कुमार झा, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-966/11, तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी, अरेराज को उनके पदस्थापन काल वर्ष 2007 में अरेराज नगर पंचायत क्षेत्र में पूर्व से तनाव की जानकारी रहने के बावजूद अंचल अमीन के प्रतिवेदन एवं ओ0पी0 प्रभारी अरेराज द्वारा दी गयी सूचना की उपेक्षा करते हुए एक विवादित भूमि के सीमांकन हेतु स्वयं उपस्थित नहीं रहकर प्रभारी अंचल निरीक्षक, जो एक राजस्व कर्मचारी थे, को दण्डाधिकारी के रूप में प्रतिनियुक्त करने तथा श्री झा द्वारा भूमि मापी की तिथि निर्धारण किये जाने के फलस्वरूप दो पक्षों के बीच हिंसक झड़प में दो व्यक्तियों का घायल होने तथा एक निर्दोष व्यक्ति की गोली लगने से मृत्यु होने से विधि-व्यवस्था की समस्या उत्पन्न होने के कारण संबंधित आरोप प्रतिवेदित किया गया। प्रतिवेदित आरोप के आलोक में श्री झा से प्राप्त स्पष्टीकरण का अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरान्त इनको विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4917 दिनांक 30.03.2022 द्वारा (क) निन्दन (आरोप वर्ष 2007) तथा (ख) एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध रखने की शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित की गयी। 2. श्री झा के पत्रांक 52 दिनांक 22.04.2022 द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित करते हुए संसूचित दण्ड पर पुनर्विचार करने का अनुरोध किया गया है।

अपने अभ्यावेदन में श्री झा का कहना है कि उक्त विवादित भूमि की मापी के लिये दोनों पक्षों द्वारा अनुरोध किया गया था। उनके अनुरोध के आलोक में उक्त भूमि की मापी का आदेश दिया गया। अरेराज, ओ0पी0 की अनुपस्थिति की सूचना प्राप्त होते ही मापी स्थगित कर दी गयी थी। मापी स्थगन की सूचना सभी संबंधित को देने इत्यादि का पूरा वर्णन मूल अभिलेख में दर्ज है, जो वर्तमान में अंचल कार्यालय, अरेराज में उपलब्ध नहीं है। जिला पदाधिकारी, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी56 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 के पत्रांक 66/स्था0 दिनांक 02.04.2022 द्वारा दण्ड संसूचित किये जाने के पश्चात सामान्य प्रशासन विभाग को श्री झा के विरूद्ध गठित आरोप पत्र पर मंतव्य उपलब्ध कराया गया है, जिसमें उनके स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य बताया गया है। इसे अलावा श्री झा द्वारा अपने अभ्यावेदन में पूर्व के तथ्यों की पुनरावृति की गयी है।

4. अतएव उपर्युक्त तथ्यों के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरान्त श्री प्रभात कुमार झा, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-966/11, तत्कालीन प्रखण्ड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी, अरेराज के पुनर्विलोकन आवेदन को अस्वी—त करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4917 दिनांक 30.03.2022 द्वारा अधिरोपित दण्ड यथा (क) निन्दन (आरोप वर्ष 2007) तथा (ख) एक वेतन वृद्धि असंचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध रखने की शास्ति को यथावत रखा जाता है।

आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/मुक0-05-05/2020-सा0प्र0-11348

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7 जुलाई 2022

श्री मनोज कुमार रजक, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-893/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, नरकटियागंज, बेतिया द्वारा बिहार बोर्ड नियमावली के नियम 332 एवं 333 की अनदेखी करने, प्रखंड नजारत के रोकड़बही का सामयिक प्रविष्टी नहीं कराने एवं शिथिलता बरते जाने से संबंधित आरोप प्रपत्र-'क' जिला पदाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया के पत्रांक-65 दिनांक-23.01.2008 द्वारा प्रतिवेदित किया गया।

विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6333 दिनांक-11.06.2008 द्वारा श्री रजक को निन्दन का दंड वर्ष 2006-07 के लिये संसूचित किया गया। उक्त दण्ड के विरूद्ध श्री रजक द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी दायर की गयी। विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1829 दिनांक-25.02.2010 द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकृत करते हुए उक्त दण्ड को यथावत रखा गया। उक्त दण्ड के विरूद्ध श्री रजक द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी.डब्लू.जे.सी. संख्या-13168/2010 दायर किया गया। उक्त वाद में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक-18.04.2018 को पारित आदेश के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12308 दिनांक-20.10.2021 द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6333 दिनांक-11.06.2008 को वापस लिया गया।

उक्त पारित न्यायादेश में दिये गये निदेश के आलोक में जिला पदाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण द्वारा प्रतिवेदित आरोप पत्र के आधार पर विभाग के स्तर से आरोप पत्र गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक-12354 दिनांक-21.10.2021 द्वारा श्री रजक से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री रजक के पत्रांक-19-795 दिनांक-17.05.2022 द्वारा अपना स्पष्टीकरण इस विभाग को उपलब्ध कराया गया।

श्री मनोज कुमार रजक, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-893/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, नरकटियागंज, बेतिया के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत श्री रजक के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित) के नियम 14(i) के संगत प्रावधानो के तहत ''निन्दन (आरोप वर्ष-2006-07) का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 27/आरोप-01-61/2019-सा0प्र0-11352

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7 जुलाई 2022

श्री कृष्ण कन्हैया प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-654/11, तत्कालीन अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, टेकारी, गया सम्प्रति अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि व्यवस्था, पटना के विरूद्ध विभागीय कार्य में अभिरूचि नहीं57 (cid:464)बहार गजट, 10 अगस्त 2022 लेने, लापरवाही बरतने तथा पदीय दायित्वों की जिम्मेवारी नहीं लेने एवं अनुशासनहीनता का आरोप इस विभाग को उपलब्ध कराया गया।

प्रतिवेदित आरोप के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। विभागीय पत्रांक-12050 दिनांक-08.10.2021 द्वारा श्री सिंह को स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया। श्री सिंह के पत्रांक-211 दिनांक-22.11.2021 द्वारा स्पष्टीकरण उपलब्ध कराया गया।

विभागीय पत्रांक-803 दिनांक-21.01.2022 द्वारा जिला पदाधिकारी, गया से समर्पित स्पष्टीकरण पर मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, गया के पत्रांक-948 दिनांक-17.06.2022 द्वारा वांछित मंतव्य इस विभाग को उपलब्ध कराया श्री कृष्ण कन्हैया प्रसाद सिंह, बि0प्र0से0, कोटि क्रमांक-654/11, तत्कालीन अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, टेकारी, गया सम्प्रति अपर जिला दण्डाधिकारी, विधि व्यवस्था, पटना के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, गया से प्राप्त अद्यतन मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गयी। समीक्षोपरांत इस प्रकरण को संचिकास्त किया जाता है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रविन्द्रनाथ चौधरी, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 21—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 08 October 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2022-10-08.32/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2022-10-08.32.