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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 13 October 2022

Published 13 October 2022

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2022-10-13.854
Languages
English, Hindi
(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

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21 ;बपकरू435द्ध 1944 ;0द्ध

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उद्योग विभाग

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आदेश

20 सितम्बर 2022

सं॰ 3(स०)/उ०स्था०(आरोप)13/14खंड-II-4067—श्री भोला पासवान, परियोजना प्रबंधक जो अंचलाधिकारी के पद पर अंचल-रोह, जिला-नवादा के पदस्थापन अवधि में रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़े जाने पर अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदन एवं बिहार लोक सेवा आयोग की सहमति के उपरांत विभागीय संकल्प-3589 दिनांक 03-08-16 द्वारा सेवा से बर्खास्त किया गया तथा श्री भोला पासवान द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-28 के तहत दिनांक 26-04-2019 को हस्ताक्षरित पुनरीक्षण आवेदन अनुशासनिक प्राधिकार (माननीय मंत्री, उद्योग विभाग) को सम्बोधित समर्पित किया गया।

चूँकि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-28 में पुनरीक्षण के संबंध में यह स्पष्ट उल्लेख है कि ''आदेश की तिथि से छः माह के भीतर किसी भी समय स्वप्रेरणा से या अन्यथा जाँच का अभिलेख माँग कर ऐसा आदेश पारित कर सकेगा जैसा वह ठीक समझे।''

श्री पासवान द्वारा दिये गये उक्त पुनरीक्षण आवेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा किया गया जिसमें पाया गया कि उक्त पुनरीक्षण आवेदन बर्खास्तगी आदेश की तिथि 03-08-16 से लगभग 02 वर्ष 08 माह बाद दिनांक 26-04-2019 को समर्पित किया गया। तदनुसार विभागीय अधिसूचना सं0-4315 दिनांक 03-10-2019 द्वारा श्री भोला पासवान द्वारा समर्पित पुनरीक्षण अभ्यावेदन को कालबाधित होने के कारण संचिकास्त करने का निर्णय लिया गया।श्री पासवान द्वारा दिनांक 03-08-2016 से बर्खास्तगी आदेश के विरूद्ध सी0डब्लू0जे0सी0 सं0-18257/2016 भोला पासवान बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में वाद दायर की गयी थी। जिसमें माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक 11-05-2022 को आदेश पारित किया गया कि "The aforesaid order of the revisional Authority is not a speaking order as to condone the delay in presenting the review petition. The petitioner has specifically taken certain domestic issues in the revision petition to the extent of condoning the delay in presenting revision petition, the same was not appreciated. That apart, Rule 29 of the CCA rules, 2005 has not been taken note of by the Revisional Authority in true spirit. 2 ;बपकरू464द्ध ;द्धए 13 ;बपकरू200द्ध 2022

In the light of these facts and circumstances, the matter is remanded to the

Revisional Authority to decide petitioner's revision petition afresh by invoking Rule-29

of the CCA Rules, 2005 as to whether delay in filing the revision petition could be

condoned or not. Such a decision shall be taken within a period of three months from

the date of receipt of this order. Revisional Authority's order dated 03.10.2019 stands

set aside. "

माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित उक्त आदेश का अवलोकन अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा किया गया। उक्त पारित आदेश के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि उद्योग विभाग द्वारा निर्गत अधिसूचना संख्या-4315 दिनांक 03-10-2019 को निरस्त किया गया है तथा माननीय उच्च न्यायालय द्वारा उक्त पारित आदेश के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-29 के अंतर्गत श्री पासवान द्वारा दिनांक 03.06.2022 को माननीय मंत्री, उद्योग विभाग (अनुशासनिक प्राधिकार) को सम्बोधित पुनरीक्षण आवेदन समर्पित की गयी जिसमें विलंब संबंधी कारणों (Condon of delay) पर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षा की गयी। समीक्षा के क्रम में पाया गया कि श्री पासवान द्वारा दिये गये अपने पुनरीक्षण आवेदन के क्रमांक-01 से 05 तक विलंब के कारणों के संबंध मे स्थिति स्पष्ट की गयी है। क्रमांक-01 में स्पष्ट किया गया है कि दिनांक 03.02.16 से 31.03.19 तक उनके पिता श्री रामदेव पासवान का इलाज चलता रहा और इलाज के दौरान दिनांक 09.05.19 को उनकी मृत्यु हो गयी। जबकि साक्ष्य के रूप में संलग्न मृत्यु प्रमाण-पत्र के अनुसार उनके पिता श्री रामदेव पासवान की मृत्यु दिनांक 09.05.21 को हुई। इस प्रकार मृत्यु की तिथि में विरोधाभास है।

03.08.2016 से छः माह की अवधि दिनांक 02.02.2017 होता है अर्थात्‌ इस अवधि में पुनरीक्षण आवेदन नहीं दिये जानेे के संबंध में कोई पर्याप्त कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है। शेष दिये गये अन्य कारण एवं साक्ष्य दिनांक 02.02.2017 के बाद का है। अपीलकर्ता श्री पासवान द्वारा पुनरीक्षण आवेदन विलंब से दायर करने के संबंध में प्रतिदिन (Day to Day) पर्याप्त कारणों का भी उल्लेख नहीं किया गया तथा अपने पुनरीक्षण आवेदन में श्री पासवान द्वारा पूर्व में दिये गये स्पष्टीकरण के तथ्यों की पुनर्रावृति भी की गयी है।

इस प्रकार समीक्षा से स्पष्ट हुआ कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-29 के अन्तर्गत दिन-प्रतिदिन (Day to Day) एवं ठोस पर्याप्त कारणों का उल्लेख नहीं होने के कारण नियमानुसार कालबाधित अवधि में समय सीमा को बढ़ाने अथवा विलंब को माफ करने का कोई औचित्य नही है। साथ ही अपीलकर्त्ता श्री पासवान ने पुनरीक्षण आवेदन की कंडिका-6 में यह उल्लेख किया गया है कि उन्होंने किसी से रिश्वत नहीं लिया था जबकि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के द्वारा गठित धावा दल ने दिनांक 15.10.2014 को रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया था और इसी कारण से अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत इन्हें सेवा से बर्खास्त किया गया।

अतः उक्त तथ्यों के आलोक में समीक्षोपरांत अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-29 के तहत दिये गये समय सीमा को शिथिल करने तथा विलंब को माफ करने संबंधित पुनरीक्षण आवेदन को अस्वीकृत करते हुए उद्योग विभाग के संकल्प ज्ञापांक-3589 दिनांक 03-08-2016 को यथावत रखने का निर्णय लिया गया।

आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस आदेश की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति श्री भोला पासवान, द्वारा-श्री विन्देश्वरी पासवान, गाछीटोला, भगवती स्थान, पावरहाउस रोड, थाना-बेगुसराय, जिला- बेगुसराय, पिन-851101 दी जाय।

आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, प्रधान सचिव।

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;बपकरू464द्ध ;द्ध 854.571़10.0;बपकरू547द्ध00 Website: http://egazette.bih.nic.in
Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 13 October 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2022-10-13.854/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2022-10-13.854.