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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 20 October 2022

Published 20 October 2022

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2022-10-20.887
Languages
English, Hindi
(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40

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सं॰ ૦૮ક્રુત્ત્jત્ત્sજ્ઞ્&૦૧&૧૪ક્૨૦૧૯ શ્રત્ત્૦જ્ઞ્દ્ય૦&૧૮૩૦૦ सामान्य प्रषासन विभाग ——— ladYi 13 vDrwcj 2022श्री सामदेव नारायण दास, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-636/2011 तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बरियापुर (सम्प्रति सेवानिवृत) के विरूद्ध ग्रामीण विकास विभाग के पत्रांक 7998 दिनांक 26.09.2010 द्वारा सांसद क्षेत्रीय विकास योजना मद में बिना तकनीकी एवं प्रशासनिक स्वीकृति के 100 चापाकल लगाने हेतु अग्रिम दिये जाने, सरकारी राशि का दुर्विनियोग करने एवं कर्त्तव्य के प्रति लापरवाही बरतने संबंधी कतिपय आरोप प्रतिवेदित किया गया। उक्त प्रतिवेदित आरोप के लिये विभागीय संकल्प ज्ञापांक-11157 दिनांक 05.07.2013 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने का निर्णय लिया गया। कालान्तर में श्री दास के दिनांक 28.02.2022 को वार्धक्य सेवानिवृत हो जाने के कारण उनके विरूद्ध पूर्व संचालित विभागीय कार्यवाही को संकल्प ज्ञापांक 4579 दिनांक 25.03.2022 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली-43बी0 के तहत्‌ सम्परिवर्तित किया गया। विभागीय कार्यवाही में जाँच पदाधिकारी (आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर) के पत्रांक 3996 दिनांक 02.11.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जांच प्रतिवेदन में श्री दास के विरूद्ध सभी आरोपो को प्रमाणित पाये जाने के आलोक में विभागीय पत्रांक 13830 दिनांक 23.11.2021 द्वारा श्री दास से जांच प्रतिवेदन पर अभ्यावेदन/लिखित अभिकथन की मांग की गयी। उक्त क्रम में श्री दास द्वारा अपना अभिकथन (दिनांक 08.12.2021) उपलब्ध कराया गया। श्री दास के विरूद्ध गठित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं श्री दास द्वारा समर्पित अभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। विचारोपरांत पाया गया कि श्री दास द्वारा अपने लिखित अभिकथन में कोई ऐसा नया तथ्य नहीं रखा गया है, जिसपर विचार किया जा सके। उनके द्वारा सारी वही बातें कहीं गयी है, जो उनके द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालन के क्रम में संचालन पदाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत स्पष्टीकरण में कही गयी थी। जिसके समीक्षोपरांत ही संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री दास के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप सं0-1 को आंशिक रूप से प्रमाणित तथा आरोप संख्या-02 से 06 तक को प्रमाणित पाया गया है। श्री दास के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में उनके द्वारा समर्पित बचाव बयान/स्पष्टीकरण के समीक्षोपरांत संचालन पदाधिकारी द्वारा मंतव्य दिया गया है कि (i) आरोपी पदाधिकारी द्वारा स्वीकार किया गया है कि बिना प्राक्कलन एवं तकनीकि स्वीकृति दिए ही प्रशासनिक स्वीकृति दी गयी है। (ii) आरोपी पदाधिकारी द्वारा परोक्ष रूप से आरोप को स्वीकार किया गया है। इनके स्तर से पूर्व में भी त्रुटि को सुधारने का प्रयास नहीं किया गया। 2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 20 ;बपकरू200द्ध 2022 (iii) यदि तकनीकि स्वीकृति प्राप्त नहीं थी, तो इनके स्तर से उसके निवारण का प्रयास कराना चाहिए था और अपने स्तर से अग्रिम भुगतान की कार्रवाई नही करनी चाहिए थी। परन्तु ऐसा करने संबंधी तथ्य/साक्ष्य आरोपी पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया। इनके स्तर से पूर्व में भी त्रुटि को सुधारने का प्रयास नहीं किया गया। (iv) आरोपी पदाधिकारी द्वारा निम्न कोटि का पाईप इस्तेमाल नहीं होने तथा प्राक्कलन के अनुरूप कार्य कराये जाने संबंधी तथ्य/साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किये गये। आरोप में वर्णित त्रुटियों के बावजूद उनके द्वारा अग्रिम देने की बात स्वीकार की गयी है। (v) प्राक्कलन के अनुरूप कार्य सम्पादित कराने एवं किये गये कार्य की संतुष्टि के उपरांत आरोपी पदाधिकारी को भुगतान करना था, जो उनके द्वारा नहीं किया गया। यदि कनीय अभियंता का प्रतिवेदन उन्हें त्रुटिपूर्ण लगा, तो उनके द्वारा भुगतान नहीं करना चाहिए था, परन्तु ऐसा नहीं किया गया। (vi) आरोपी पदाधिकारी द्वारा अंकित किया गया है कि ''क्योंकि उन लोगों ने नाटकीय ढ़ंग से ऐसा महौल बनाकर मार्ग प्रशस्त किया गया कि मुझे अग्रिम करना पड़ा'' साथ ही यह भी अंकित है कि ''बिना प्राक्कलन के जो प्रशासनिक स्वीकृति जिला स्तर से दी गयी, जो बाद में मेरे द्वारा ही सम्पादित कराया गया, इसी के चलते कथित समस्या उत्पन्न हुई।'' जिससे स्पष्ट है कि आरोपी पदाधिकारी द्वारा परोक्ष रूप से आरोपों को स्वीकार किया जा रहा है। उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सामदेव नारायण दास, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-636/2011 तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बरियापुर (सम्प्रति सेवानिवृत) का लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन अस्वीकृत करते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित/आंशिक रूप से प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 'बी' के प्रावधानों के तहत्‌ उनके ''पेंशन से 10% राशि की कटौती दो वर्षो तक करने'' का दंड संसूचित करने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित उक्त दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 5724 दिनांक 12.04.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग की दिनांक 06.09.2022 को आहूत पूर्ण पीठ की बैठक में श्री प्रसाद के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित उक्त दंड प्रस्ताव (यथा पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत राशि की कटौती दो वर्षो तक करने) पर सहमति व्यक्त किया गया। उक्त मंतव्य/सहमति बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-2440 दिनांक 27.09.2022 द्वारा विभाग को उपलब्ध कराया गया।

अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सामदेव नारायण दास, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-636/2011 तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बरियापुर (सम्प्रति सेवानिवृत) को प्रमाणित आरोपो के लिए बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम-43(बी0) के संगत प्रावधानों के तहत पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत राशि की कटौती दो वर्षो तक करने का दंड अधिरोपित/संसूचित किया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव।

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Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 20 October 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2022-10-20.887/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2022-10-20.887.