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(0 887) ए ;बपकरू232द्धए 20 ;बपकरू200द्ध 2022
सं॰ ૦૮ક્રુત્ત્jત્ત્sજ્ઞ્&૦૧&૧૪ક્૨૦૧૯ શ્રત્ત્૦જ્ઞ્દ્ય૦&૧૮૩૦૦ सामान्य प्रषासन विभाग ——— ladYi 13 vDrwcj 2022 2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 20 ;बपकरू200द्ध 2022 (iii) यदि तकनीकि स्वीकृति प्राप्त नहीं थी, तो इनके स्तर से उसके निवारण का प्रयास कराना चाहिए था और अपने स्तर से अग्रिम भुगतान की कार्रवाई नही करनी चाहिए थी। परन्तु ऐसा करने संबंधी तथ्य/साक्ष्य आरोपी पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत नहीं किया गया। इनके स्तर से पूर्व में भी त्रुटि को सुधारने का प्रयास नहीं किया गया। (iv) आरोपी पदाधिकारी द्वारा निम्न कोटि का पाईप इस्तेमाल नहीं होने तथा प्राक्कलन के अनुरूप कार्य कराये जाने संबंधी तथ्य/साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किये गये। आरोप में वर्णित त्रुटियों के बावजूद उनके द्वारा अग्रिम देने की बात स्वीकार की गयी है। (v) प्राक्कलन के अनुरूप कार्य सम्पादित कराने एवं किये गये कार्य की संतुष्टि के उपरांत आरोपी पदाधिकारी को भुगतान करना था, जो उनके द्वारा नहीं किया गया। यदि कनीय अभियंता का प्रतिवेदन उन्हें त्रुटिपूर्ण लगा, तो उनके द्वारा भुगतान नहीं करना चाहिए था, परन्तु ऐसा नहीं किया गया। (vi) आरोपी पदाधिकारी द्वारा अंकित किया गया है कि ''क्योंकि उन लोगों ने नाटकीय ढ़ंग से ऐसा महौल बनाकर मार्ग प्रशस्त किया गया कि मुझे अग्रिम करना पड़ा'' साथ ही यह भी अंकित है कि ''बिना प्राक्कलन के जो प्रशासनिक स्वीकृति जिला स्तर से दी गयी, जो बाद में मेरे द्वारा ही सम्पादित कराया गया, इसी के चलते कथित समस्या उत्पन्न हुई।'' जिससे स्पष्ट है कि आरोपी पदाधिकारी द्वारा परोक्ष रूप से आरोपों को स्वीकार किया जा रहा है। उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सामदेव नारायण दास, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-636/2011 तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बरियापुर (सम्प्रति सेवानिवृत) का लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन अस्वीकृत करते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित/आंशिक रूप से प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 'बी' के प्रावधानों के तहत् उनके ''पेंशन से 10% राशि की कटौती दो वर्षो तक करने'' का दंड संसूचित करने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित उक्त दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 5724 दिनांक 12.04.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग की दिनांक 06.09.2022 को आहूत पूर्ण पीठ की बैठक में श्री प्रसाद के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित उक्त दंड प्रस्ताव (यथा पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत राशि की कटौती दो वर्षो तक करने) पर सहमति व्यक्त किया गया। उक्त मंतव्य/सहमति बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-2440 दिनांक 27.09.2022 द्वारा विभाग को उपलब्ध कराया गया।
अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सामदेव नारायण दास, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-636/2011 तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, बरियापुर (सम्प्रति सेवानिवृत) को प्रमाणित आरोपो के लिए बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम-43(बी0) के संगत प्रावधानों के तहत पेंशन से 10 (दस) प्रतिशत राशि की कटौती दो वर्षो तक करने का दंड अधिरोपित/संसूचित किया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव।