िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
(cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 18 कार्तिक 1944 (श0) सं(cid:201)या 45 पटना, बुधवार, ———————— 9 नवम्बर 2022 (ई0)
विषय-सूची पृष्ठ भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-12 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---
भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।
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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 13-13 पूरक
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पूरक-क 14-152 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022 भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं।
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(cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग -------
अ(cid:876)धसूचना
21 अक्तूबर 2022
सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-14((cid:467)त0)मु0- 03/2019 –1324075----(cid:302)ी सिद्धार्थ कु मार, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), बोचहां, मुज(cid:221)फरपुर के विरुद्ध िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), मुज(cid:221)फरपुर के प(cid:287)ांक- 1443 (cid:465)दनांक-21.12.2018 द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त है । आरोप प(cid:287) म(cid:581) (cid:302)ी कु मार के विरुद्ध (cid:292)धानमं(cid:287)ी आवास योजना ((cid:274)ामीण) क(cid:551) माग(cid:91)द(cid:871)श(cid:91)का के (cid:874)वपर(cid:547)त पूव(cid:91) म(cid:581) आवास का लाभ (cid:871)मल जाने के प(cid:230)चात पुन: दुबारा उसी लाभुक(cid:585) को आवास (cid:465)दये जाने का आरोप अं(cid:873)कत (cid:873)कया गया है।
आरोप प(cid:287) पर (cid:302)ी कु मार से (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त (cid:873)कया गया । िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547) से (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप एवं (cid:302)ी कु मार से (cid:292)ा(cid:220)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत (cid:302)ी कु मार के विरुद्ध काया(cid:91)लय आदेश सं(cid:201)या- 587858 (cid:465)दनांक-04.10.2021 (cid:622)वारा (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत क(cid:551) गयी । संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) से (cid:292)ा(cid:220)त जांच (cid:292)(cid:467)तवेदन पर (cid:874)वभागीय (cid:163)ापांक- 1010560 (cid:465)दनांक-17.06.2022 (cid:622)वारा (cid:871)ल(cid:872)खत अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) मांग क(cid:551) गयी। काया(cid:91)लय (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), काराकाट (रोहतास) के प(cid:287)ांक- 1126 (cid:465)दनांक 05.07.2022 द्वारा (cid:302)ी कु मार का (cid:871)ल(cid:872)खत अ(cid:223)यावेदन (cid:292)ा(cid:220)त है ।
संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) से (cid:292)ा(cid:220)त जांच (cid:292)(cid:467)तवेदन एवं (cid:302)ी कु मार का (cid:871)ल(cid:872)खत अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क आरोप सं(cid:201)या-3 को आं(cid:871)शक (cid:510)प से (cid:292)ाम(cid:872)णत माना गया है । इनके द्वारा अ(cid:467)नय(cid:871)मत (cid:510)प से (cid:466)बहार (cid:874)व(cid:215)त (cid:467)नयमावल(cid:547) के (cid:467)नयम-34 म(cid:581) (cid:467)न(cid:465)हत (cid:292)ावधान(cid:585) का उ(cid:227)लंघन करते हुये (cid:292)धानमं(cid:287)ी आवास योजना ((cid:274)ामीण) क(cid:551) रा(cid:871)श का दु(cid:510)पयोग (cid:873)कया गया है ।
अत: स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत (cid:302)ी सिद्धार्थ कु मार, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), बोचहा, मुज(cid:221)फरपुर, स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), काराकाट, रोहतास को लघुदंड के (cid:510)प म(cid:581) ''असंचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से एक वेतन वृद्धि'' अवरुद्ध करने का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया जाता है।
आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क (cid:302)ी सिद्धार्थ कु मार क(cid:551) चा(cid:464)र(cid:287)ी म(cid:581) इस दंड क(cid:551) (cid:292)(cid:874)वि(cid:231)ट क(cid:551) जाय।
उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।
आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।
(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,
बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।
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बिहार विधन सभा सचिवालय
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अध्सिूचनाएं
12 अक्तूबर 2022
सं0 02स्था-47/2022-2115/विस।--वित्त ;वै॰दा॰नि॰को॰द्ध विभाग, बिहार सरकार, पटना से प्राप्त पत्राांक-2258;22द्ध, दिनांक-12.09.2022 के आलोक में श्री राहुल कुमार यादव, प्रतिवेदक, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना, को बिहार सेवा संहिता के3 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022 नियम-240 एवं 248;कद्ध के तहत दिनांक-09.05.2022 से 23.05.2022 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है । अवकाश उपभोग के उपरांत इनके उपार्जित अवकाश कोष में कुल-10 दिनों का अवकाश शेष है ।
आदेश से,
अभय शंकर राय, अवर सचिव।
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13 अक्तूबर 2022
सं0 1स्था॰-223/2021-2134/वि॰स॰।--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार की अधिसूचना संख्या-8964, दिनांक 04.06.2022 द्वारा श्री राजीव कुमार, बि॰प्र॰से॰, को॰क्र॰-884/19, गृह जिला-गया को अपर अनुमंडल पदाधिकारी, शेखपुरा के पद से स्थानान्तरित करते हुए बिहार विधान सभा के विशेष कार्य पदाधिकारी के पद पर प्रतिनिुक्ति करने हेतु उनकी सेवा अगले आदेश तक बिहार विधान सभा सचिवालय, पटना को सौंपी गयी थी। 2. बिहार विधान सभा सचिवालय की अधिसूचना सं0-1210, दिनांक 17.06.2022 के आलोक में श्री राजीव कुमार, बि॰प्र॰से॰, को॰क्र॰-884/19, गृह जिला-गया को बिहार विधान सभा सचिवालय में विशेष कार्य पदाधिकारी के पद पर दिनांक 10.06.2022 के प्रभाव से प्रतिनियुक्त के आधार पर नियुक्त हैं। 3. सम्यक विचारोपरांत श्री राजीव कुमार, बि॰प्र॰से॰, को॰क्र॰-884/19, गृह जिला-गया की सेवा सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार को अधिसूचना निर्गत होने की तिथि से वापस की जाती है। तदनुसार उक्त तिथि से ये विरमित समझे जायेंगे।
अध्यक्ष, बिहार विधान सभा के आदेश से, अभय शंकर राय, अवर सचिव।
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21 अक्तूबर 2022
सं0 01स्था0-186/2018-2247/वि0स0--सर्वसाधरण की जानकारी हेतु यह प्रकाशित किया जाता है कि बिहार विधन सभा सचिवालय में सूचना का अध्किार अध्निियम, 2005 के अंतर्गत विभिन्न धराओं के कार्यान्वयन / अनुपालन हेतु प्रथम अपीलीय प्राध्किार के रूप में श्री राजीव कुमार, उप सचिव, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को तत्काल प्रभाव से प्राध्किृत किया जाता है ।
एतद् विषयक पूर्व में निर्गत सभा सचिवालय की अध्सिूचना इस हद तक संशोध्ति समझा जाय।
अध्यक्ष, बिहार विधान सभा के आदेश से, अभय शंकर राय, अवर सचिव।
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21 अक्तूबर 2022
सं0 01स्था0-186/2018-2245/वि0स0--सर्वसाधरण की जानकारी हेतु यह प्रकाशित किया जाता है कि बिहार विधन सभा सचिवालय में सूचना का अध्किार अध्निियम, 2005 के अंतर्गत विभिन्न धराओं के कार्यान्वयन /अनुपालन हेतु लोक सूचना पदाध्किारी के रूप में मो शमीम अहमद, अवर सचिव, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को तत्काल प्रभाव से प्राध्किृत किया जाता है ।
एतद् विषयक पूर्व में निर्गत सभा सचिवालय की अध्सिूचना इस हद तक संशोध्ति समझा जाय।
अध्यक्ष, बिहार विधान सभा के आदेश से, अभय शंकर राय, अवर सचिव।
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सामान्य प्रशासन विभाग
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अधिसूचनाएं
6 अक्तूबर 2022
सं0 1/अ0-1017/2014(खंड)-सा0प्र0-17976--सुश्री रंजिता, भा0प्र0से0 (बी एचः 2013), श्रमायुक्त, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार कौशल विकास मिशन, पटना) को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली, 1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के अधीन दिनांक 26.09.2022 से 26.10.2022 तक कुल 31 (इकतीस) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
2. सुश्री रंजिता की संदर्भित अनुपस्थिति से आच्छादित अवधि में उनके द्वारा धारित पद/प्रभार के दैनिक कार्यों का निष्पादन श्री बीरेन्द्र कुमार, संयुक्त श्रमायुक्त-1, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना द्वारा किया जाएगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।4 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022 6 अक्तूबर 2022 सं0 1/अ0-13/2008-सा0प्र0-17977--श्री दिवेश सेहरा, भा0प्र0से0 (बी एचः 2005), सचिव, अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति कल्याण विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, महादलित विकास मिशन, पटना/प्रबंध निदेशक, बिहार राज्य अनुसूचित जाति सहकारिता विकास निगम लिमिटेड, पटना) को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली-1955 के नियम-5,10,11 एवं 20 के अधीन दिनांक 22, 23 एवं 24 अक्टूबर, 2022 के साप्ताहिक/राजपत्रिात अवकाश का पूर्व लग्न (प्री-फिक्स) तथा दिनांक 05 एवं 06 नवम्बर, 2022 के साप्ताहिक अवकाश का पश्च् लग्न (सफिक्स) के रूप में उपभोग की अनुमति के साथ दिनांक 25.10.2022 से 04.11.2022 तक कुल 11 (ग्यारह) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 2. श्री सेहरा की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पदों/दायित्वों के अतिरिक्त प्रभार में सचिव, समाज कल्याण विभाग, बिहार, पटना रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।
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9 अक्तूबर 2022
सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-18014--श्री अभय कुमार सिंह,भा0प्र0से0(2004) (केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी के उपरान्त दिनांक 05.09.2022 को सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान देकर पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत)को अगले आदेश तक सचिव, पर्यटन विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1004/2021-सा0प्र0-18015--श्री विनय कुमार, भा0प्र0से0(2010),संयुक्त सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक संयुक्त सचिव, योजना एवं विकास विभाग, बिहार, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।
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11 अक्तूबर 2022
सं0 1/एल0-45/95-सा0प्र0-18175--श्री ब्रजेश मेहरोत्रा, भा0प्र0से0 (बी एचः 89), अपर मुख्य सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार,पटना (अतिरिक्त प्रभार-अपर मुख्य सचिव, संसदीय कार्य विभाग/मुख्य जाँच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना) को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली-1955 के नियम-10, 11 एवं 20 के तहत वैयक्तिक व्यय पर लंदन की निजी विदेश यात्रा हेतु दिनांक-25.10.2022 से 06.11.2022 तक कुल 13(तेरह) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति एक्स-इंडिया लीव के रुप मेंं प्रदान की जाती है।
2. श्री (डॉ0) एस0 सिद्धार्थ, भा0प्र0से0(91), मुख्य मंत्री के प्रधान सचिव, मुख्य मंत्री सचिवालय, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-अपर मुख्य सचिव, वित्त विभाग/मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना) अपने वर्तमान दायित्व/प्रभार के अलावा श्री ब्रजेश मेहरोत्रा की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पदों/दायित्वों के प्रभार में भी रहेंगे। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, अपर सचिव।
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11 अक्तूबर 2022
सं0 1/अ0-1008/2013-सा0प्र0-18176--श्री पंकज कुमार, भा0प्र0से0(97), प्रधान सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- जाँच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना) को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली, 1955 के नियम-10,11 एवं 20 के तहत दिनांक 19.09.2022 से 20.09.2022 तक कुल 02(दो) दिनों के उपार्जित अवकाश की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, अपर सचिव।
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17 अक्तूबर 2022
सं0 1/अ0-1017/2014(खंड)-सा0प्र0-18611--सुश्री रंजिता, भा0प्र0से0 (बी एचः 2013), श्रमायुक्त, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार- अपर मुख्य कार्यपालक पदाधिकारी, बिहार कौशल विकास मिशन, पटना) को विभागीय अधिसूचना संख्या-17976 दिनांक 06.10.2022 द्वारा दिनांक 26.09.2022 से 26.10.2022 तक कुल 31 (इकतीस) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान करते हुए उनकी संदर्भित अनुपस्थिति से आच्छादित अवधि में उनके द्वारा धारित पद/प्रभार के दैनिक कार्यों के निष्पादन हेतु श्री बीरेन्द्र कुमार, संयुक्त श्रमायुक्त-1, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना को प्राधिकृत किया गया है।
2. सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-1/अ0-1017/2014 (खंड) -सा0प्र0-17976 दिनांक 06.10.2022 द्वारा सुश्री रंजिता की प्रश्नगत अनुपस्थिति अवधि में दैनिक कार्यों के निष्पादन हेतु श्री बीरेन्द्र कुमार, संयुक्त श्रमायुक्त-1, श्रम संसाधन विभाग, बिहार, पटना को प्राधिकृत किए जाने से संबंधित अंश को संशोधित करते हुए सुश्री रंजिता की संर्दभगत5 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022 अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद/दायित्व के नियमित निष्पादन हेतु श्री अरूण कुमार ठाकुर, भा0प्र0से0 (बी एचः2011), निदेशक, नियोजन एवं प्रशिक्षण, बिहार, पटना को प्राधिकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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17 अक्तूबर 2022
सं0 1/अ0-1012/2019-सा0प्र0-18612--श्री संजीव कुमार, भा0प्र0से0(2012), निदेशक, तकनीकी, उद्योग विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-प्रबंध निदेशक, आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार-आइडा, पटना) को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली, 1955 के नियम-10,11 एवं 20 के तहत निम्नांकित उपार्जित अवकाशों की स्वीकृति प्रदान की जाती हैः-
| क्र. | अवकाश की अवधि/तिथि | अवकाश की संख्या |
| 1 | दिनांक 21.09.2022 से 09.10.2022 | 19 दिन |
| 2 | दिनांक 11.10.2022 से 31.10.2022 | 21 दिन |
2. श्री कुमार की दिनांक 11.10.2022 से 31.10.2022 की अनुपस्थिति अवधि में प्रबंध निदेशक, आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार (आइडा) के अतिरिक्त प्रभार में प्रधान सचिव, उद्योग विभाग तथा निदेशक, तकनीकी,उद्योग विभाग के अतिरिक्त प्रभार में श्री पंकज दीक्षित, भा0प्र0से0 (बी एचः2011), निदेशक, उद्योग विभाग, बिहार, पटना रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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18 अक्तूबर 2022
सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-18732--श्री समीर सौरभ, भा0प्र0से0(बी एच ः2019), अनुमण्डल पदाधिकारी, डिहरी-ऑन-सोन, रोहतास को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त, मोतिहारी के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-18733--श्री कुमार अनुराग,भा0प्र0से0(बी एच ः2019), अनुमण्डल पदाधिकारी, बिहार शरीफ, नालन्दा को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त, भागलपुर के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1001/2022- सा0प्र0-18734--श्री सौरभ सुमन यादव, भा0प्र0से0 (बी एच ः2019), अनुमण्डल पदाधिकारी, मोतिहारी सदर को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त, कटिहार के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-18735--श्री नवीन कुमार, भा0प्र0से0(बी एच ः2019), अनुमण्डल पदाधिकारी, पटना सदर, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक नगर आयुक्त, मुजफ्फरपुर के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0- 18736--श्री विक्रम विरकर, भा0प्र0से0 (बी एच :2019), अनुमण्डल पदाधिकारी, दानापुर, पटना को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त, भोजपुर, आरा के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-18737--श्री दीपक कुमार मिश्रा, भा0प्र0से0 (बी एच ः2019), अनुमण्डल पदाधिकारी, बगहा, पश्चिम चम्पारण, बेतिया को स्थानांतरित करते हुए अगले आदेश तक उप विकास आयुक्त, नवादा के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-18738--श्री श्रेष्ठ अनुपम, भा0प्र0से0(बी एच ः2020) (केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी के उपरान्त सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान दे कर पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत) को अगले आदेश तक अनुमण्डल पदाधिकारी, मोतिहारी सदर के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-18739--श्री प्रदीप सिंह, भा0प्र0से0(बी एच ः2020) (केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी के उपरान्त सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान दे कर पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत) को अगले आदेश तक अनुमण्डल पदाधिकारी, दानापुर, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-18740--सुश्री चंद्रिमा अत्राी, भा0प्र0से0(बी एच :2020) (केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी के उपरान्त सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान दे कर पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत) को अगले आदेश तक अनुमण्डल पदाधिकारी, डिहरी-ऑन-सोन, रोहतास के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-18741--सुश्री अनुपमा सिंह,भा0प्र0से0(बी एच ः2020) (केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी के उपरान्त सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान दे कर पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत) को अगले आदेश तक अनुमण्डल पदाधिकारी, बगहा, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के पद पर पदस्थापित किया जाता है।6 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022 सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0 -18742--श्री श्रीकान्त कुण्डलिक खाण्डेकर, भा0प्र0से0 (बी एच :2020) (केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी के उपरान्त सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान दे कर पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत) को अगले आदेश तक अनुमण्डल पदाधिकारी, पटना सदर, पटना के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
सं0 1/पी-1001/2022-सा0प्र0-18743--श्री अभिषेक पलासिया, भा0प्र0से0 (बी एच :2020) (केन्द्रीय प्रतिनियुक्ति से वापसी के उपरान्त सामान्य प्रशासन विभाग में योगदान दे कर पदस्थापन हेतु प्रतीक्षारत) को अगले आदेश तक अनुमण्डल पदाधिकारी, बिहार शरीफ, नालन्दा के पद पर पदस्थापित किया जाता है।
2. अनुमण्डल पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित किए गए उपर्युक्त सभी पदाधिकारियों को दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 (एक्ट-2, 1974) की धारा-20 के अन्तर्गत संंबंधित अनुमण्डल क्षेत्रा के लिए कार्यपालक दण्डाधिकारी की शक्तियॉंं एवं संबंधित जिला में दण्ड प्रक्रिया संहिता-1973 (एक्ट-2, 1974) की धारा-144 का प्रयोग करने की शक्तियॉंं प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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19 अक्तूबर 2022
सं0 1/अ0-1011/2022-सा0प्र0-18758--श्री विजय कुमार, भा0प्र0से0 (बी एचः2007), विशेष सचिव, कृषि विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली,1955 के नियम-12,13 एवं 20 के तहत दिनांक-24.08. 2022 से दिनांक-25.09.2022 तक कुल 33 दिनों के रूपांतरित अवकाश (66 दिनों के अर्द्धवैतनिक अवकाश के बदले) की घटनोत्तर स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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19 अक्तूबर 2022
सं0 1/एल0-40/98-सा0प्र0-18759--श्री एच0आर0 श्रीनिवास, भा0प्र0से0 (बी एचः96), प्रधान सचिव, निर्वाचन विभाग-सह- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली-1955 के नियम-10,11 एवं 20 के तहत दिनांक -22.10.2022 से 30.10.2022 तक कुल 09 (नौ) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
2. श्री एच0आर0 श्रीनिवास की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद प्रधान सचिव, निर्वाचन विभाग-सह- मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, बिहार, पटना के अतिरिक्त प्रभार में श्री मिथिलेश कुमार साहु, भा0प्र0से0 (2010), संयुक्त सचिव-सह- संयुक्त मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, निर्वाचन विभाग, बिहार, पटना रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, अपर सचिव।
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20 अक्तूबर 2022
सं0 1/अ0-1010/2020-सा0प्र0-18883--श्री अनिल कुमार, भा0प्र0से0 (बी एचः2017), उप विकास आयुक्त, पश्चिम चम्पारण, बेतिया को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली-1955 के नियम-10,11 एवं 20 के अधीन वैयक्तिक व्यय पर इटली की निजी विदेश यात्राा हेतु दिनांक 04.02.2023 से 14.02.2023 तक कुल 11(ग्यारह) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति एक्स-इंडिया लीव के रुप मेंं प्रदान की जाती है। 2. श्री अनिल कुमार की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में श्री राजीव कुमार सिंह, अपर समाहर्त्ता, पश्चिम चम्पारण, बेतिया उन्हें प्रदत्त दायित्वों/कार्यो के अतिरिक्त उप विकास आयुक्त, उप विकास आयुक्त, पश्चिम चम्पारण, बेतिया के प्रभार में रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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21 अक्तूबर 2022
सं0 1/अ0-1002/2021-सा0प्र0-18949--श्री संजय कुमार अग्रवाल, भा0प्र0से0 (बी एचः2002), सचिव, जल संसाधन विभाग, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-जाँच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग/सचिव, आपदा प्रबंधन विभाग, बिहार, पटना) को विभागीय पत्राांक-1/अ0प्र0-1002/2021-सा0प्र0-18948 दिनांक 21.10.2022 द्वारा दिनांक 27-31 अक्टूबर, 2022 की अवधि में लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी, मसूरी में प्रस्तावित सामान्य मध्य सेवाकालीन प्रशिक्षण कार्यक्रम चरण-II में भाग लेने हेतु मुख्यालय छोड़ने की अनुमति प्रदान की गई है।
2. श्री अग्रवाल की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पदों/दायित्वों के प्रभार में श्री अनुपम कुमार, भा0प्र0से0 (बी एचः2003), सचिव, मुख्य मंत्री सचिवालय, बिहार, पटना (अतिरिक्त प्रभार-सचिव, सूचना एवं जनसम्पर्क विभाग, बिहार, पटना/मिशन निदेशक, बिहार विकास मिशन, पटना) रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।7 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022
21 अक्तूबर 2022
सं0 1/अ0-1018/2022-सा0प्र0-19002--श्री कुमार गौरव, भा0प्र0से0 (बी एचः2017), नगर आयुक्त, दरभंगा को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली-1955 के नियम -10,11 एवं 20 के तहत दिनांक-21.11.2022 से 10.12.2022 तक कुल 20 (बीस) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
2. श्री कुमार गौरव की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद नगर आयुक्त, दरभंगा के अतिरिक्त प्रभार में उप विकास आयुक्त, दरभंगा रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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26 अक्तूबर 2022
सं0 1/अ0-1019/2022-सा0प्र0-19244--श्री केशवेन्द्र कुमार, भा0प्र0से0 (के0एल0ः 2008), अपर कार्यपालक निदेशक, राज्य स्वास्थ्य समिति, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली-1955 के नियम -5, 10,11 एवं 20 के तहत दिनांक -19 एवं 20 नवम्बर, 2022 के साप्ताहिक अवकाश का पश्च् लग्न (साफिक्स) के रुप में उपभोग की अनुमति के साथ दिनांक 11.11.2022 से 18.11.2022 तक कुल 08 (आठ) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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28 अक्तूबर 2022
सं0 1/अ0-1024/2018-सा0प्र0-19360--श्रीमती अभिलाषा शर्मा, भा0प्र0से0 (बी एच :ः 2017), नगर आयुक्त, गया को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली-1955 के नियम -10,11 एवं 20 के तहत दिनांक-28.102022 से 24.11.2022 तक कुल 28 (आट्र्ठास) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
2. श्रीमती शर्मा की आलोच्य अनुपस्थिति अवधि में उनके द्वारा धारित पद नगर आयुक्त, गया के अतिरिक्त प्रभार में उप विकास आयुक्त, गया रहेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी,अवर सचिव।
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28 अक्तूबर 2022
सं0 1/अ0-1002/2015-सा0प्र0-19361--श्री पंकज दीक्षित, भा0प्र0से0 (2011), निदेशक, उद्योग विभाग, बिहार, पटना को अखिल भारतीय सेवा (अवकाश) नियमावली-1955 के नियम -5, 10,11 एवं 20 के तहत दिनांक -22, 23 एवं 24 अक्टूबर, 2022 के साप्ताहिक /राजपत्रिात अवकाश का पूर्व लग्न (प्री-फिक्स) तथा दिनांक 29, 30 एवं 31 अक्टूबर, 2022 के साप्ताहिक/ राजपत्रिात का पश्च् लग्न (साफिक्स) के रुप में उपभोग की अनुमति के साथ दिनांक 25-28 अक्टूबर. 2022 तक कुल 04 (चार) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सिद्धेश्वर चौधरी, अवर सचिव।
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परिवहन विभाग
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अधिसूचना
7 नवम्बर 2022
सं0 05/स्था0 (DTO)-30/2013 (खण्ड-I)/8812--जिला पदाधिकारी, अरवल से प्राप्त अनुशंसा के आलोक में मोटरवाहन अधिनियम, 1988 की धारा-213(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए श्री मृत्युंञजय कुमार, (बि0प्र0से0), जिला पंचायत राज पदाधिकारी, अरवल को प्रभार ग्रहण की तिथि से अपने कार्यों के अतिरिक्त जिला परिवहन पदाधिकारी, अरवल के कार्यों के निष्पादन हेतु अगले आदेश तक शक्ति प्रत्यायोजित की जाती है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कृत्यानंद रंजन, उप-सचिव।
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वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचना
8 नवम्बर 2022
सं0 कौन/भी-105/2002-215/सी0--श्री परमहंस कुमार सिंह, सेवानिवृत वाणिज्य-कर पदाधिकारी के द्वारा वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त (प्रभारी), गोपालगंज के पद पर रहते हुए विदेशी शराब के व्यवसायी सर्वश्री युनाईटेड8 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022 डिस्टीलर्स, मीरगंज, गोपालगंज के विरूद्ध रू0-55,07,32,026.00 का बकाया रहने के बावजूद, बकाया रहित अनापत्ति प्रमाण पत्र निर्गत किया गया। इस आरोप के लिये विभागीय अधिसूचना संख्या-470 दिनांक-01.07.2002 द्वारा श्री सिंह को निलंबित किया गया। तत्पश्चात् श्री सिंह के विरूद्ध प्रपत्र 'क' गठित करते हुए ज्ञापांक-556 दिनांक-05.08.2002 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी (विभागीय जाँच आयुक्त) द्वारा समर्पित जांच प्रतिवेदन में श्री सिंह के विरूद्ध लगाये गये आरोपो को प्रमाणित बताया गया। प्राप्त जांच प्रतिवेदन के आलोक मे विभागीय अधिसूचना संख्या-1009 दिनांक-16.11.2005 द्वारा श्री सिंह को वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त के पद से वाणिज्य-कर पदाधिकारी के वेतनमान (6500-10,500) के निम्नत्तर प्रक्रम पर पदावनत करते हुए निलंबन अवधि मे जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी भुगतान नहीं करने का निर्णय लिया गया। विभागीय अधिसूचना संख्या-1009 दिनांक-16.11.2005 के विरूद्ध श्री सिंह द्वारा माननीय पटना उच्च न्यायालय मे सी0डब्लू0जे0सी0संख्या-15008/2011 दायर किया गया, जिसमें दिनांक 23.08.2022 को न्याय निर्णय पारित किया गया। पारित न्याय निर्णय का प्रभावी अंश निम्नवत् हैः-
''At this stage, learned counsel for the petitioner submitted that initial order of penalty dated 16-11-2005 is for a period of seven years, the same is required to be given effect. In that event, the currency of the penalty of reversion from the post of Assistant Commissioner to that of Sales Tax Officer would be during the intervening period from 16.11.2005 to 15.11.2012. Thereafter, petitioner's position is required to be restored, in other words, he should be retained in the post of Assistant Commissioner from 16.11.2012. The concerned appointing suthority is hereby directed to restore the position of the petitioner to the post of Assistant Commissioner with effect from 16.11.2012 and extent all service and monetary benefits during the period from 16.11.2012 to 31.12.2012, the date on which petitioner is stated to have attained age of superannuation and retired form service. If the petitioner is entitled to increment during the period from 16-11-2012 to 31.12.2012, in that event increment shall be gratned in the post of Assistant Commissioner of Commercial Taxes otherwise his pay scale should be restored with reference to date on which he was drawing as on 16-11-2005, the date on which initial punishment was imposed. In this regard, State Government is hereby directed to calculate dures of pay and so also his pay as on 31.12.2012, the date on which he retired from service. Further, fix his pensionary benefits and pension in the post of Assistant Commissioner of Commercial Tax. The above exercise shall be completed within a period of four months from the date of receipt of this order''
माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा पारित उक्त न्याय निर्णय के आलोक मे सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना से परामर्श की मांग की गयी।
माननीय पटना उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्याय निर्णय एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त परामर्श के आलोक में विभागीय अधिसूचना संख्या-1009 दिनांक-16.11.2005 के द्वारा श्री परमहंस कुमार सिंह को वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त के पद से वाणिज्य-कर पदाधिकारी के वेतनमान (6500-10500) के निम्नत्तर प्रक्रम पर पदावनत से संबंधित दंड की समय सीमा 07(सात) वर्ष मानते हुए दिनांक-16.11.2012 के प्रभाव से वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त के पद पर पुनः स्थापित किये जाने का निर्णय लिया जाता है।
प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार सिंहा, राज्य कर अपर आयुक्त-सह-संयुक्त सचिव।
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सामान्य प्रशासन विभाग
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आदेश
12 अक्तूबर 2022
सं0 1/सी0-1006/2019-सा0प्र0-18263--भारतीय प्रशासनिक सेवा (वेतन) नियमावली, 2016 के नियम-10 के तहत बैच वर्ष, 2019 के निम्नांकित पदाधिकारियों(जिन्होंने परिवीक्षावधि को सफलतापूर्वक पूर्ण किया है तथा जिनकी सेवाएँ भारत सरकार द्वारा सम्पुष्ट कर दी गई है) को उनके नाम के सामने अंकित तिथि से अग्रिम के रूप में तृतीय वेतनवृद्धि की स्वीकृति प्रदान की जाती हैः-9 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022
| क्र. | पदाधिकारी का नाम /पदनाम | वार्षिक वेतनवृद्धि हेतु नियत तिथि | निर्धारित विभागीय परीक्षाओं में उत्तीर्ण होने की तिथि | द्वितीय वेतनवृद्धि की तिथि | भा.प्र.से. (वेतन)नियमावली, 2016 के नियम 10 के तहत तृतीय वेतनवृद्धि की अनुमान्य तिथि |
| 1 | श्री कुमार अनुराग, अनुमंडल पदाधिकारी, बिहारशरीफ, नालन्दा | वर्ष की पहली जनवरी | 13.04.2021 | 01.01.2021 | 13.04.2021 |
| 2 | श्री नवीन कुमार , अनुमंडल पदाधिकारी, पटना सदर, पटना | वर्ष की पहली जुलाई | 13.04.2021 | 01.07.2021 | 01.07.2021 |
| 3 | श्री सौरभ सुमन यादव, अनुमंडल पदाधिकारी, मोतिहारी सदर, मोतिहारी | तथैव | 13.04.2021 | 01.07.2021 | 01.07.2021 |
| 4 | सुश्री प्रीति, अनुमंडल पदाधिकारी, बाँका | तथैव | 13.04.2021 | 01.07.2021 | 01.07.2021 |
| 5 | श्री दीपक कुमार मिश्रा, अनुमंडल पदाधिकारी, बगहा, पश्चिम चम्पारण | तथैव | 13.04.2021 | 01.07.2021 | 01.07.2021 |
| 6 | श्री स्पर्श गुप्ता, अनुमंडल पदाधिकारी, दरभंगा सदर, दरभंगा | तथैव | 13.04.2021 | 01.07.2021 | 01.07.2021 |
| 7 | श्री समीर सौरभ, अनुमंडल पदाधिकारी, डेहरी-ऑन-सोन, रोहतास | तथैव | 13.04.2021 | 01.07.2021 | 01.07.2021 |
| 8 | श्री सुमित कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी, महनार, वैशाली | तथैव | 13.04.2021 | 01.07.2021 | 01.07.2021 |
| 9 | श्री विक्रम विरकर, अनुमंडल पदाधिकारी, दानापुर, पटना | वर्ष की पहली जुलाई | 13.04.2021 | 01.07.2021 | 01.07.2021 |
| 10 | श्रीमती खुशबू गुप्ता, तदेन अनुमंडल पदाधिकारी, मुंगेर | तथैव | 13.04.2021 | 01.07.2021 | 01.07.2021 |
में वेतनवृद्धि देय नहीं होगी तथा चौथी वेतनवृद्धि पंचांग वर्ष,2023 में वेतनवृद्धि के लिए नियत तिथि से देय होगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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सामान्य प्रशासन विभाग
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आदेश
9 सितम्बर 2022
सं0 6/आ.-21/2020-सा.प्र.-16326--पटना में सितम्बर 2019 में हुए बारिश से भारी जल-जमाव की दीर्घकालीन अवधि तक बनी रही स्थिति के लिए उच्चस्तरीय जाँच समिति के प्रतिवेदन में श्री अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, सेवानिवृत भा.प्र.से. (2007), तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बुडको को उत्तरदायी माना गया था।
2. श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप के विषय की गंभीरता को दृष्टिगत करते हुए राज्य सरकार द्वारा अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियम-3 के उप नियम-1 में निहित प्रावधान के तहत विभागीय आदेश संख्या-2369 दिनांक 14.02.2020 द्वारा श्री सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था।
3. साथ ही, इस मामले में श्री सिंह के विरूद्ध उपर्युक्त गठित आरोप के संबंध में अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियम-8 के अंतर्गत विभागीय ज्ञापन ज्ञापांक-4413 दिनांक 29.04.2020 के द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी। मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक-362 दिनांक 30.05.2022 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन एवं इस जाँच प्रतिवेदन पर श्री अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, सेवानिवृत भा.प्र.से. (2007) से प्राप्त दिनांक 08.07.2022 के लिखित बचाव बयान अभ्यावेदन पर राज्य सरकार के निर्णय के आलोक में श्री अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, सेवानिवृत भा.प्र.से. (बिहारः2007),10 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022 तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बुडको के विरूद्ध संचालित आलोच्य विभागीय कार्यवाही में उनके विरूद्ध गठित आरोपों को जाँच में प्रमाणित नहीं पाये जाने और उनकी सेवानिवृति के फलस्वरूप गंभीर कदाचार अथवा सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाये जाने का मामला नहीं पाए जाने के कारण विभागीय आदेश संख्या-13833 दिनांक 08.08.2022 द्वारा श्री सिंह को आरोपाें से मुक्त करते हुए आरोप के इस प्रकरण को संचिकास्त कर दिया गया है।
4. आलोच्य इस मामले में राज्य निलंबन समीक्षा समिति की अनुशंसा पर राज्य सरकार के निर्णय के आलोक में विभागीय आदेश ज्ञापांक-9306 दिनांक 06.10.2020 द्वारा श्री सिंह तत्काल प्रभाव से निलंबन मुक्त किये गये। श्री सिंह दिनांक 14.02.2020 से 05.10.2020 तक निलंबित रहे। निलंबन अवधि में उन्हें अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियम-4 के अधीन मात्रा जीवन निर्वाह भत्ता देय थे।
5. अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियम-5(ठ) के उप नियम-3 के आलोक में राज्य सरकार द्वारा श्री सिंह के निलंबन अवधि (दिनांक 14.02.2020 से 05.10.2020 तक) को कार्य अवधि मानते हुए उक्त अवधि के लिए अनुमान्य पूर्ण वेतन एवं भत्तों का भुगतान (जिसमें उन्हें प्रदत्त जीवन निर्वाह भत्ता आदि सामंजित होंगे) किये जाने का निर्णय लिया गया है।
6. राज्य सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, सेवानिवृत भा.प्र.से. (बिहार ः 2007), तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बुडको के निलंबन अवधि को कार्य अवधि मानते हुए अनुमान्य पूर्ण वेतन एवं भत्तों का भुगतान (जिसमें उन्हें प्रदत्त जीवन निर्वाह भत्ता आदि सामंजित होंगे) किया जायेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, अपर सचिव।
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सामान्य प्रशासन विभाग
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आदेश
8 अगस्त 2022
सं0 6/आ.-21/2020-सा.प्र.-13833--पटना में सितम्बर 2019 में हुए बारिश से भारी जल-जमाव की दीर्घकालीन अवधि तक बनी रही स्थिति के लिए उच्च स्तरीय जाँच समिति के प्रतिवेदन में श्री अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, सेवानिवृत भा.प्र.से. (2007), तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बुडको को उत्तरदायी माना गया था। आरोप के इस मामले में राज्य सरकार द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध निम्नवत् आरोप गठित किये गये थे :-
(i) राजधानी क्षेत्रा पटना में सितम्बर 2019 के अंतिम सप्ताह में भारी बारिश से हुए दीर्घकालीन जलजमाव के कारण आदि की जाँच हेतु राज्य सरकार द्वारा गठित उच्च स्तरीय जाँच समिति के जाँच प्रतिवेदन में उक्त जलजमाव की दीर्घकालीन अवधि तक बने रहने के लिए श्री अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बुडको को उत्तरदायी माना गया। उक्त समिति द्वारा जलजमाव की अवधि में सम्प हाऊसों के लिए डीजल की समयबद्ध आपूर्त्ति एवं खराब पंपिंग सेटों/ट्रांसफर्मरों की मरम्मती की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करने और जलजमाव की समस्या से निपटने के लिए प्रशिक्षित मानव बलों की कमी को दूर नहीं करने के लिए उत्तरदायी माना गया है। श्री सिंह की प्रासंगिक अकुशलता को समिति द्वारा उनके कमजोर नेतृत्व क्षमता को निरुपित किया गया है।
(ii) जल-जमाव जाँच समिति के प्रतिवेदन में दर्ज ड्रेनेज पम्पिंग स्टेशनों (संप हाऊसों) के लिए डीजल की समयबद्ध आपूर्त्ति नहीं करने, खराब पम्पिंगसेटाें/ट्रांसफर्मरों की मरम्मती की व्यवस्था सुनिश्चित नहीं करने और जल-जमाव की समस्या से निपटने के लिए प्रशिक्षित मानव बल की कमी को भी दूर नहीं करने का उल्लेख श्री सिंह की प्रशासनिक और नेतृत्व संबंधी अदूरदर्शिता और अकुशलता को स्पष्टतः उजागर करता है।
(iii) इस प्रकार श्री सिंह के उपर्युक्त कृत्य उनकी लापरवाही एवं कर्त्तव्यहीनता के द्योतक हैं, जो अखिल भारतीय सेवाएँ (आचार) नियमावली-1968 के नियम-3(1) एवं 3(2) की अवहेलना के परिचायक हैं। इसके लिए श्री सिंह दोषी हैं। 2. श्री सिंह के विरूद्ध उपर्युक्त गठित आरोप के संबंध में अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियम-8 के अंतर्गत विभागीय ज्ञापन ज्ञापांक-4413 दिनांक 29.04.2020 के द्वारा विभागीय कार्यवाही प्रारंभ की गयी।
3. श्री सिंह के विरूद्ध निर्गत विभागीय ज्ञापन ज्ञापांक-4413 दिनांक 29.04.2020 के संबंध में प्राप्त उनके दिनांक 04.06.2020 के लिखित बचाव अभ्यावेदन पर सम्यक् विचारोपरांत आरोपों की गहन जाँच के लिए अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियम-8(6)(ं) के अन्तर्गत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-11918 दिनांक 14.12.2020 द्वारा मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को जाँच पदाधिकारी नियुक्त किया गया और नगर विकास एवं आवास विभाग को उप सचिव से अन्यून पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित करने हेतु निदेशित किया गया।
4. जाँच पदाधिकारी द्वारा मामले की सुनवाई पूरी कर श्री सिंह के विरूद्ध गठित आरोपों के संबंध में उनके (मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना) पत्राांक-362 दिनांक 30.05.2022 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। श्री सिंह के विरूद्ध गठित आरोपों, उनसे प्राप्त बचाव बयान, साक्ष्यों और गवाहों के परीक्षण/प्रतिपरीक्षण के बाद मुख्य जाँच आयुक्त ने अपने विश्लेषण के साथ निम्न रूप में निष्कर्ष दिया गया :- आरोप संख्या- (1) : आरोप प्रमाणित नहीं होता है। आरोप संख्या- (2) : आरोप प्रमाणित नहीं होता है।11 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022 आरोप संख्या- (3) : आरोप प्रमाणित नहीं होता है।
5. अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियम-8(6)(ं) के अन्तर्गत राज्य सरकार के निर्णय के आलोक में मुख्य जाँच आयुक्त के जाँच प्रतिवेदन की प्रति विभागीय पत्रा संख्या-10088 दिनांक 21.06.2022 द्वारा आरोपित पदाधिकारी को भेजकर जाँच प्रतिवेदन पर उनके लिखित बचाव अभ्यावेदन की माँग की गयी। जाँच प्रतिवेदन पर श्री अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, सेवानिवृत भा.प्र.से. (2005) से प्राप्त दिनांक 08.07.2022 के लिखित बचाव बयान में कहा गया कि उनके विरूद्ध गठित आरोपों को जाँच पदाधिकारी (मुख्य जाँच आयुक्त) के द्वारा अपने जाँच प्रतिवेदन में सभी आरोपों को अप्रमाणित पाया गया है। इस विभागीय जाँच के दौरान एक भी गवाह उपस्थित नहीं हुए। उच्च स्तरीय जाँच समिति द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में लगाये गए आरोपों के संबंध में कहीं भी, किसी भी ॅपजदमेे का उल्लेख नहीं किया। इसी प्रकार लगाये गए आरोपों के समर्थन में उच्च स्तरीय जाँच समिति द्वारा अपने जाँच प्रतिवेदन में कहीं भी किसी भी साक्ष्य का उल्लेख नहीं किया गया है। आरोप पत्रा में वर्णित चार गवाहों में से आरोप को सिद्ध करने के लिए किन्हीं को उपस्थित नहीं किया गया। जिसके कारण किसी भी गवाह का परीक्षण और प्रतिपरीक्षण करने का अवसर प्राप्त नहीं हुआ। उनकी ओर से उपस्थित गवाह का परीक्षण और प्रतिपरीक्षण नियमानुसार हुआ और नियमानुसार कार्रवाई करते हुए जाँच प्रतिवेदन में उनके विरूद्ध लगाए गये आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। इसलिए इस विभागीय कार्यवाही में उन्हें दोषमुक्त करते हुए विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाय।
6. श्री सिंह के विरूद्ध गठित आरोपों के जाँच के दौरान संबंधित गवाहों को उपस्थित होकर अपना पक्ष रखे जाने हेतु विभाग द्वारा निदेशित किया गया था। परन्तु वे गवाह (श्री अरुण कुमार सिंह, तत्कालीन विकास आयुक्त के मृत्यु के कारण) मुख्य जाँच आयुक्त के समक्ष उपस्थित नहीं हो सके। परन्तु विभाग के द्वारा श्री प्रत्यय अमृत, भा.प्र.से., अपर मुख्य सचिव, स्वास्थ्य विभाग एवं श्री एस. सिद्धार्थ, भा.प्र.से., प्रधान सचिव, वित्त विभाग द्वारा प्रतिवेदित अभिकथन प्रदर्श (exhibits) स्वरूप संलग्न कर मुख्य जाँच आयुक्त को भेजा गया था।
7. जाँच प्रतिवेदन पर श्री सिंह के लिखित बचाव अभ्यावेदन पर राज्य सरकार द्वारा विचार किया गया। श्री सिंह के विरूद्ध यह विभागीय कार्यवाही अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियम-8 के अंतर्गत हुई थी। श्री सिंह दिनांक 31.12.2021 को सेवानिवृत हो गये। इस प्रकार, श्री सिंह के विरूद्ध दण्ड पर विचारण अखिल भारतीय सेवाएँ (मृत्यु-सह-सेवानिवृति लाभ) नियमावली-1958 के नियम-6(1) के तहत अपेक्षित है। उक्त नियम के तहत आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाने अथवा गंभीर कदाचार के मामलों में ही पेंशन कटौती का दण्ड दिया जा सकता है, जबकि अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियम-8 के अनुमान्य दण्ड पर श्री सिंह के सेवानिवृत हो जाने की स्थिति में दिया जाना संभव नहीं है।
8. मामले में राज्य सरकार द्वारा सम्यक् विचारोपरांत श्री अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, सेवानिवृत भा.प्र.से. (बिहार : 2007), तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बुडको के विरूद्ध संचालित इस विभागीय कार्यवाही में उनके विरूद्ध गठित आरोपों को जाँच में प्रमाणित नहीं पाये जाने और उनकी सेवानिवृति के फलस्वरूप गंभीर कदाचार अथवा सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाये जाने का मामला नहीं पाए जाने के कारण उन्हें आरोपाें से मुक्त करते हुए इस प्रकरण को संचिकास्त किए जाने का निर्णय लिया गया।
9. राज्य सरकार के उक्त निर्णय के आलोक में श्री अमरेन्द्र प्रसाद सिंह, सेवानिवृत भा.प्र.से. (बिहार ः 2007), तत्कालीन प्रबंध निदेशक, बुडको के विरूद्ध संचालित आलोच्य विभागीय कार्यवाही में उनके विरूद्ध गठित आरोपों को जाँच में प्रमाणित नहीं पाये जाने और उनकी सेवानिवृति के फलस्वरूप गंभीर कदाचार अथवा सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाये जाने का मामला नहीं पाए जाने के कारण श्री सिंह को आरोपाें से मुक्त करते हुए आरोप के इस प्रकरण को संचिकास्त किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रचना पाटिल, अपर सचिव।
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सामान्य प्रशासन विभाग
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आदेश
19 जुलाई 2022
सं0 6/आ.-174/2007 सा.प्र.-12194--श्री विष्णुदेव प्रसाद सिंह, सेवानिवृत्त भा.प्र.से. (1993), तत्कालीन उप विकास आयुक्त, मधुबनी के विरूद्ध मधुबनी जिला अंतर्गत राष्ट्रीय रोजगार गारंटी कार्यक्रम के तहत विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन हेतु कार्यकारी एजेंसी के रूप में गैर सरकारी संगठन के चयन करने और उक्त एजेंसी द्वारा मार्गदर्शिका के विरूद्ध त्रुटिपूर्ण कार्य किए जाने के आरोपों के संबंध में अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियमों के अनुसार विभागीय संकल्प संख्या-5229 दिनांक 15.05.2008 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी थी। 2. श्री सिंह के विरूद्ध गठित आरोपों की जाँच कर जाँच प्रतिवेदन विभागीय जाँच आयुक्त के पत्रांक-416 दिनांक 12.05.2009 के द्वारा समर्पित किया गया था। विभागीय जाँच आयुक्त द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध गठित आरोप संख्या-1 एवं 3 को प्रमाणित पाया गया, जबकि आरोप संख्या-2 को प्रमाणित नहीं पाया गया।
3. जाँच पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन पर राज्य सरकार द्वारा विचारोपरांत श्री सिंह के पेंशन से 20 प्रतिशत कटौती का दण्ड प्रस्तावित था और इस संबंध में विभागीय पत्रांक-9063 दिनांक 09.09.2009 द्वारा प्रस्ताव कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार के आवश्यक परामर्श की अपेक्षा की गयी, जिसके प्रसंग में दिनांक 19.09.2011 के प्राप्त पत्र में निहित12 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022 निदेश के आलोक में जाँच प्रतिवेदन की प्रति श्री सिंह को उपलब्ध कराते हुए लिखित बचाव अभ्यावेदन की माँग की गयी। श्री सिंह से प्राप्त लिखित बचाव अभ्यावेदन दिनांक 23.11.2011 पर विचार करते हुए राज्य सरकार के द्वारा श्री सिंह के उक्त अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए अग्रतार कार्रवाई करने का निर्णय लिया गया। तत्पश्चात विभागीय पत्र संख्या-13107 दिनांक 19.09.2012 के द्वारा राज्य सरकार का प्रस्ताव कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार को पुनः भेजा गया। तत्पश्चात इस क्रम में भारत सरकार से कई बार विभिन्न पृच्छायें की गयी और राज्य सरकार के स्तर से तद्नुसार अनुपालन में प्रत्युत्तर भी भेजा जाता रहा है। सम्प्रति इस मामले में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार के पत्रांक-106/06/2015–AVD–1(B) दिनांक 05.11.2021 के द्वारा पुनः कई पृच्छायें की गयी हैं। उन पृच्छाओं में से एक यह है कि आरोप में जाँच पदाधिकारी के द्वारा आरोप संख्या-2 जो निधि आवंटन के संबंध में है, को प्रमाणित नहीं पाया गया है। इसलिए श्री सिंह के विरूद्ध राज्य को आर्थिक क्षति पहुंचाये जाने से संबंधित कदाचार का मामला नहीं है। ऐसी स्थिति में श्री सिंह के विरूद्ध गठित कदाचार का मामला पेंशन कटौती के लिए गंभीर कदाचार का मामला माने जाने का कारण स्पष्ट नहीं है।
4. भारत सरकार के इस पत्र में इस मामले में कार्यकारी एजेंसियों के विरूद्ध दर्ज प्राथमिकी की वर्तमान स्थिति के संबंध में भी जानकारी मांगी गयी। इस संबंध में जिला पदाधिकारी, मधुबनी से सूचना मांगी गयी। जिला पदाधिकारी के द्वारा यह सूचना दी गयी है कि इस मामले में दर्ज प्राथमिकी संख्या-18/2007 में तथ्य की भूल करार करते हुए न्यायालय में अंतिम प्रतिवेदन समर्पित किया गया है। माननीय न्यायालय द्वारा भी अंतिम प्रतिवेदन अभियुक्त के विरूद्ध प्रक्रिया चलाने हेतु पर्याप्त सामग्री उपलब्ध नहीं होने और सूचक की ओर से विरोध पत्र नहीं दायर करने के आधार पर स्वीकृत करते हुए मामले को निस्तारित किया गया है।
5. अखिल भारतीय सेवाएँ (मृत्यु-सह-सेवानिवृत्ति लाभ) नियमावली-1958 के नियम-6(1) के अनुसार पदाधिकारी के विरूद्ध सरकार को आर्थिक क्षति पहुंचाने अथवा गंभीर कदाचार के मामले में ही पेंशन कटौती का दण्ड दिया जा सकता है। 6. श्री विष्णुदेव प्रसाद सिंह दिनांक 31.07.2009 को सेवानिवृत्त हुए हैं और चूंकि इस मामले में दर्ज थाना कांड में तथ्य की भूल करार देते हुए माननीय न्यायालय में अंतिम प्रतिवेदन समाप्त किया जा चुका है और न्यायालय के द्वारा इसे स्वीकृत कर निस्तारित किया गया है और श्री सिंह के विरूद्ध राज्य को आर्थिक क्षति पहुंचाया जाना प्रमाणित नहीं है। ऐसी स्थिति में इस आरोप प्रकरण को श्री सिंह के सेवानिवृत्ति के बाद दण्ड के लायक नहीं पाए जाने के कारण समाप्त करने के संबंध में अनुशासनिक प्राधिकार/राज्य सरकार द्वारा निर्णय लिया गया है। तद्नुसार, श्री विष्णुदेव प्रसाद सिंह, तत्कालीन उप विकास आयुक्त, मधुबनी सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध आलोच्य आरोप प्रकरण को श्री सिंह के सेवानिवृत्ति के बाद दण्ड के लायक नहीं पाए जाने के कारण समाप्त किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 34—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
13 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।
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No. 1197--- I Chandra Devi W/o Rabindra Singh, R/o- PO+PS.–Taraiya Saran (Bihar) 841424. Vide Affidavit No. 4762 date 6.9.22 that Now I will be known as Chanda Devi.
Chandra Devi.
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No. 1200--- I Rabindra Singh S/o Jagarnath Singh R/o PO+PS- Taraiya, Taraiya, Saran, Bihar 841424. Vide affidavit No. 4761 date 6.9.22 that now I will be known as Rabindra Prasad Singh.
Rabindra Singh.
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सं0 1218--''मैं रवि भूषण भारत पुत्र कृष्णानन्द पाण्डेय निवास- ग्राम पो0-मोहद्दीपुर, थाना-मुफ्फसिल सीवान जिला- सीवान शपथ पत्र सं0- 781 ता. 04.08.22 द्वारा यह घोषणा करता हूं कि रवि भूषण, रवि भूषण पाण्डेय एवं रविभूषण भारत तीनों ही नाम मेरा ही है। अब मैं सभी कार्यों के लिए 'रवि भूषण भारत' के नाम से जाना एवं पहचाना जाउंगा।''
रवि भूषण भारत। No. 1218---"I Ravi Bhushan Bharat, Son of Krishna Nand Pandey, R/o Vill+P.O.- Mahoddipur, P.S.- Muffassil Siwan, Distt.- Siwan Vide affidavit no.- 781 dt. 04-08-22 hereby give public notice that Ravi Bhushan, Ravi Bhushan Pandey and Ravi Bhushan Bharat all the three names are of the same person i.e. myself and hence forth I will be known as 'Ravi Bhushan Bharat' for all the purposes."
Ravi Bhushan Bharat.
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No. 1219---I, Nalin Chand S/o Ramesh Chand R/o East Patel NGR Patna do hereby declare vide Aff.No 241/14.09.22 shall be known as Nalin Chand Gupta onwards.
Nalin Chand.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 34—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
14 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022बिहार गजट
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पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 1/पी0-439/2006-सा0प्र0-18081 सामान्य प्रशासन विभाग ------ संकल्प 10 अक्तूबर 2022 विषयः- भारतीय प्रशासनिक सेवा के संवर्गीय पदाधिकारियों की नियुक्तियों (पदस्थापन/ स्थानांतरण) हेतु सिविल सर्विस बोर्ड का गठन ।
कार्मिक, लोक शिकायत तथा पेंशन मंत्राालय (कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग) भारत सरकार की अधिसूचना सा0का0 नि0-67(अ) दिनांक- 28.01.2014 द्वारा भारतीय प्रशासनिक सेवा (संवर्ग) नियमावली, 1954 में संशोधन हेतु अधिसूचित भारतीय प्रशासनिक सेवा (संवर्ग) संशोधन नियमावली, 2014 के नियम-7 के प्रावधानों के आलोक में राज्य सरकार नियम-7 (1) में विनिर्दिष्ट अनुसूची में निरुपित सिविल सेवा बोर्ड की संरचना के अधीन आलोच्य बोर्ड को निम्नवत् पुनर्गठित करती हैः- (i) मुख्य सचिव, बिहार - अध्यक्ष (ii) विकास आयुक्त, बिहार - सदस्य (iii) अपर मुख्य सचिव/प्रधान सचिव/सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार - सदस्य सचिव 2. सिविल सेवा बोर्ड उक्त नियम-7 (1) की विनिर्दिष्ट अनुसूची में वर्णित कार्य निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार करेगा। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि सर्वसाधारण की जानकारी के लिए इसे राजकीय गजट में प्रकाशित किया जाय एवं इसकी एक सौ प्रतियॉंं सामान्य प्रशासन विभाग (प्रशाखा-01) को उपलब्ध करायी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
------- सं0 प्र0-01-रा0(आ0)-09/2021-5416/एम0 खान एवं भूतत्व विभाग ------ संकल्प 28 अक्तूबर 2022 श्री संजय कुमार, सहायक निदेशक, (मु0) (सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय) के विरूद्ध आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना द्वारा थाना कांड संख्या-19/2021 दिनांक 05.10.2021, धारा-13(2)-सह-पठित धारा-13(1)(बी) भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम, 1988 (यथा संशोधित 2018) के तहत मामला दर्ज होने एवं उक्त काण्ड के अनुसंधान के क्रम में उनके आवास एवं अन्य ठिकानों पर दिनांक 06.10.2021 को तलाशी करने पर उनके विरूद्ध अप्रत्यानुपातिक धनार्जन का दस्तावेजी साक्ष्य पाया गया है।
2. श्री कुमार के विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 2803 दिनांक 17.06.2022 से उनसे लिखित अभिकथन की माँग की गयी, जिसके क्रम में श्री कुमार का लिखित अभिकथन दिनांक 19.07.2022 को प्राप्त हुआ।
3. श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप पत्र, उनसे प्राप्त लिखित अभिकथन, आर्थिक अपराध इकाई, बिहार, पटना से प्राप्त प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत पाया गया कि प्रतिवेदन के आधार पर श्री कुमार द्वारा अपने पद का15 (cid:464)बहार गजट, 9 नवम्बर 2022 दुरूपयोग कर अप्रत्यानुपातिक धनार्जन के दोषी हैं। अतएव श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इसकी वृहद जाँच की आवश्यकता प्रतीत होती है।
4. अतएव श्री कुमार का स्पष्टीकरण/लिखित अभिकथन अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वगीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17(2) के प्रावधानों के तहत आरोपों की वृहद जाँच कराने का निर्णय लिया गया है। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना तथा प्रस्तुतीकरण/उपस्थापन पदाधिकारी, श्री घनश्याम झा (खनिज विकास पदाधिकारी), प्रभारी उप निदेशक, अंचल कार्यालय, पटना को नियुक्त किया जाता है।
5. श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपना बचाव/पक्ष संचालन पदाधिकारी के समक्ष रखेंगे एवं जैसा की संचालन पदाधिकारी अनुमति दे, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजेश कुमार, संयुक्त सचिव।