िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
(cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 25 कार्तिक 1944 (श0) सं(cid:201)या 46 पटना, बुधवार, ———————— 16 नवम्बर 2022 (ई0)
विषय-सूची पृष्ठ भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-4 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---
भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।
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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 5-6 पूरक
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पूरक-क 7-102 (cid:464)बहार गजट, 16 नवम्बर 2022 भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं।
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शिक्षा विभाग ------ अधिसूचना 11 नवम्बर 2022 सं0 15/एम1-72/2021-3357--संचिका संख्याः-15/एम1-72/2021-3180 दिनांक 21.10.2022 स्वास्थ्य विभाग, बिहार के पत्रांक-1/विविध-78/2019 (पार्ट-1)-554(1) दिनांक 25.07.2022 के आलोक मे आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय अधिनियम 2008 की धारा 4(2) में वर्णित प्रावधानों के अन्तर्गत जननायक कर्पूरी ठाकुर चिकित्सा महाविद्यालय एवं अस्पताल, मधेपुरा को शैक्षणिक सत्र 2021-22 के लिए आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय से संबंद्ध किया जाता है। आदेश से,
असंगबा चुबा आओ, सचिव।
------ सहकारिता विभाग ----- अधिसूचना 4 नवम्बर 2022 सं0 8/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-201/2012-3605--श्री कविन्द्रनाथ ठाकुर, तत्कालीन प्रबंध निदेषक, दी पूर्णियाँ डिस्ट्रीक्ट सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि0, पूर्णियाँ सह तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, पूर्णियाँ सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध कर्तव्यों के प्रति लापरवाही, पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं करना एवं नियम के विरूद्ध कार्य करना जैसे आरोप के लिए आरोप पत्र गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1288 दिनांक-30.03.2020 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। श्री ठाकुर के दिनांक-31.03.2020 को सेवानिवृत हो जाने के कारण विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1437 दिनांक-14.05.2020 द्वारा उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम 43(बी) में सम्परिवर्तित किया गया। 2. मो0 मुजीबुर्र रहमान, संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, बिहार, पटना-सह-संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 5591 दिनांक 05.10.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन/अधिगम प्राप्त हुआ जिसमें मुख्य रूप से आरोप सं॰-01 एवं 02 को आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया। विभागीय पत्रांक-3207 दिनांक-08.11.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन/अधिगम की छायाप्रति आरोपी पदाधिकारी को भेजते हुए उनसे जाँच प्रतिवेदन/अधिगम के आलोक में लिखित अभ्यावेदन/निवेदन की माँग की गई। 3. श्री कवीन्द्र नाथ ठाकुर द्वारा दिनांक-13.12.2021 को अपना लिखित अभ्यावेदन/निवेदन समर्पित किया गया। श्री ठाकुर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन/अधिगम एवं उनके लिखित अभ्यावेदन/निवेदन की सम्यक समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त उक्त आंशिक रूप से प्रमाणित आरोप के लिए विभाग द्वारा श्री कवीन्द्रनाथ ठाकुर को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत 5 प्रतिशत पेंशन, एक वर्ष के लिए कटौती का दंड संसूचित करने का निर्णय लिया गया है। श्री ठाकुर के विरूद्ध प्रस्तावित दण्ड पर विभागीय पत्रांक 2662 दिनांक 04.08.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति मांगी गयी जिसपर आयोग के पत्रांक-2736 दिनांक-22.10.2022 द्वारा 5 प्रतिशत पेंशन, एक वर्ष के लिए कटौती करने का दंड पर सहमति व्यक्त की गयी है।
4. समीक्षोपरान्त श्री कविन्द्रनाथ ठाकुर, तत्कालीन प्रबंध निदेषक, दी पूर्णियाँ डिस्ट्रीक्ट सेन्ट्रल को-ऑपरेटिव बैंक लि0, पूर्णियाँ सह तत्कालीन जिला सहकारिता पदाधिकारी, पूर्णियाँ सम्प्रति सेवानिवृत को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के तहत 5 (पाँच) प्रतिशत पेंशन, एक वर्ष के लिए कटौती करने का दण्ड संसूचित किया जाता है और इस विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है।
इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार के राज्यपाल के आदेश से, ऋचा कमल, उप-सचिव।
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वाणिज्य-कर विभाग
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अधिसूचना
9 नवम्बर 2022
सं0 कौन/भी-802/97(खंड-IV)-218/सी--मो0 अनीसुद्दीन हैदर, सेवानिवृत वाणिज्य-कर उपायुक्त के विशेष अंचल, राँची के पदस्थापन काल में प्रपत्र 'एफ' के आधार पर कर अपवंचना का मामला प्रकाश में आने पर इनके विरूद्ध राँची3 (cid:464)बहार गजट, 16 नवम्बर 2022 कोतवाली थाना कांड सं0-150/96, 151/96, 152/96, 154/96, 159/96, 162/96, 163/96 एवं 164/96 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गयी। इसी प्रक्रम मे इन्हें निलंबित किया गया एवं इनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में श्री हैदर के विरूद्ध लगाए गए आरोपों में से मात्र एक आरोप को अंशतः प्रमाणित पाया गया। जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए मो0 हैदर से अभ्यावेदन की मांग की गयी। मो0 हैदर से प्राप्त अभ्यावेदन की सम्यक् समीक्षोपरान्त असहमत होते हुए वाणिज्य-कर उपायुक्त के पद से वाणिज्य-कर सहायक आयुक्त के पद पर अवनति का वृहत दंड सक्षम प्राधिकार द्वारा विनिश्चित किया गया।
तत्पश्चात बिहार लोक सेवा आयोग से परामर्श की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त परामर्श के आलोक मे राँची कोतवाली थाना कांड की अद्यतन स्थिति की माँग आरक्षी अधीक्षक (आ॰ अप॰), अपराध अनुसंधान विभाग, झारखंड, राँची से लगातार की जाती रही। परन्तु उनके द्वारा कांड की अद्यतन स्थिति उपलब्ध नहीं कराया गया। इसी बीच श्री हैदर दिनांक-30.06.2009 को सेवानिवृत हो गये। फलतः इनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) में समपरिवर्तित किया गया। तत्पश्चात श्री हैदर का पक्ष प्राप्त किए जाने हेतु विशेष दूत के माध्यम से पत्र प्रेषित किया गया। तब यह ज्ञात हुआ कि श्री हैदर का स्वर्गवाश हो चुका है।
तत्पश्चात् श्री हैदर के आश्रितो से श्री हैदर का मृत्यु प्रमाण पत्र उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। इसके आलोक मे श्रीमती तारा बानो, F201, MJR Pearl Kadugodi, Bangalore-67 द्वारा श्री हैदर का मृत्यु प्रमाण पत्र प्रेषित किया गया।
उक्त प्रमाण पत्र के आधार पर सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 8811, दिनांक 18.07.2017 में वर्णित प्रावधान के आलोक में मो॰ अनिसुद्दीन हैदर के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को समाप्त मानते हुये संबंधित आरोप प्रकरण को संचिकास्त किये जाने का निर्णय लिया जाता है। प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार सिंहा, राज्य कर अपर आयुक्त-सह-संयुक्त सचिव।
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खान एवं भूतत्व विभाग
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आदेश
4 नवम्बर 2022
सं0 प्र0-01-रा0(आ0)-03/2021-5463/एम0--श्री प्रमोद कुमार, खनिज विकास पदाधिकारी के भोजपुर पदस्थापन के दौरान दायित्वों का निर्वहन नहीं कर बालू के अवैध उत्खनन/परिवहन में संलग्न लोगों को मदद पहुँचाने एवं भ्रष्टाचार में संलिप्त होने के आलोक में उनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3690/एम0, दिनांक-08.12.2021 से विभागीय कार्यवाही संचालित करते हुए संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
श्री प्रमोद कुमार दिनांक-31.10.2022 को वार्धक्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र संख्या-1893, दिनांक-14.06.2011 के आलोक में श्री प्रमोद कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को उनकी सेवानिवृति की तिथि के प्रभाव से बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) में सम्परिवर्तित समझा जाय।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
राजेश कुमार, संयुक्त सचिव।
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4 नवम्बर 2022
सं0 प्र0-01-रा0(आ0)-03/2021-5464/एम0--श्री प्रमोद कुमार, खनिज विकास पदाधिकारी, तत्कालीन प्रभारी सहायक निदेशक, जिला खनन कार्यालय, भोजपुर द्वारा भोजपुर जिले में पदस्थापन के दौरान उक्त जिला में बालूघाटों की
4(cid:464)बहार गजट, 16 नवम्बर 2022 दिनांक-01.01.2020 के बाद विस्तारित अवधि के लिए बंदोबस्तधारी से प्रतिभूति राशि नहीं लिये जाने के आरोपों के आलोक में उनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5346/एम0, दिनांक-21.10.2022 से विभागीय कार्यवाही संचालित करते हुए अपर समाहर्त्ता, विभागीय जाँच, भोजपुर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया है।
श्री प्रमोद कुमार दिनांक-31.10.2022 को वार्धक्य सेवानिवृत्त हो चुके हैं।
सामान्य प्रशासन विभाग के परिपत्र संख्या-1893, दिनांक-14.06.2011 के आलोक में श्री प्रमोद कुमार के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को उनकी सेवानिवृति की तिथि के प्रभाव से बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) में सम्परिवर्तित समझा जाय।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
राजेश कुमार, संयुक्त सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 35—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
5 (cid:464)बहार गजट, 16 नवम्बर 2022भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द । ————— सूचना -------
सं0 1229--मैं प्रताप, पिता-ष्याम शंकर, मकान नं0-14, काजीपुर, रोड नं0-3, थाना-कदमकुआँ, पो0-बांकीपुर, पटना, बिहार शपथ पत्र संख्या-12953 दिनांक-03.09.22 के अनुसार घोशणा करता हूं कि मेरे शैक्षणिक प्रमाण पत्र, आधारकार्ड और पैन कार्ड में मेरा नाम प्रताप अंकित है, आज से मैं प्रताप शंकर (PRATAP SHANKAR) के नाम से जाना पहचाना जाऊंगा।
प्रताप।
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सं0 1230--मैं गीता देवी पति स्व० सुरेन्(cid:7076) राय (cid:7061)ाम- सुपौल टरिया, पो०-रसुलपुर, फतेह, थाना- म(cid:7263)आ, जिला-बैशाली (बिहार) शपथ-पत्र संख्या-6792 दिनांक–18/08/2022 के द्वारा घोषणा करती (cid:7264)ँ कि मैं गीता देवी मैंने अपने स्वर्गीय पति के रेलवे दुर्घटना के बाद रेलवे दावा अधिकरण, पटना के दावा आवेदन-पत्र में गीता राय लिखा गया है अब मैं गीता देवी के नाम से जानी जाती (cid:7264)ँ और भविष्य में भी गीता देवी के नाम से ही जानी जाऊँगी I
गीता देवी I
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सं0 1231--मैं किरण कु मारी राय पुत्री स्व० सुरेन्(cid:7076) राय (cid:7061)ाम-सुपौल टरिया, पो०-रसुलपुर, फतेह, थाना- म(cid:7263)आ, जिला- बैशाली (बिहार) शपथ- पत्र संख्या-6793 दिनांक–18/08/2022 के द्वारा घोषणा करती (cid:7264)ँ कि मैं किरण कु मारी राय मेरे स्व० पिता के रेलवे दुर्घटना के बाद रेलवे दावा अधिकरण पटना के दावा आवेदन- पत्र में किरण कु मारी लिखा गया है अब मैं किरण कु मारी राय के नाम से जानी जाती (cid:7264)ँ और भविष्य में भी किरण कु मारी राय के नाम से जानी जाउँगी I
किरण कु मारी राय I
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No. 1238----I, Jay Shankar Prasad S/o Ramanand Ray R/o Village-Daudpur, Shahpur, P.S.-Shahpur, Distt.-Patna do hereby solemnly affirm and declare as per affidavit No.- 6808/12.09.22 that by Mistake my name in my son's Avinash Kumar 10th class Passing certificate year-2019 is written wrong as Jay Shankar Correct name is Jay Shankar Prasad, Roll No.- 7200051.
Jay Shankar Prasad.
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सं0 1241--मैं श्वेता जायसवाल, पिता-अशोक कुमार जायसवाल एवं माता बेला जायसवाल निवासी महात्मा गाँधी नगर, नेशनल इंश्योरेंस कॉलोनी, टी0 वी0 टावर रोड, कंकड़बाग, पटना शपथ पत्र संख्या- 6920 दिनांक 8.8.22 के द्वारा घोषणा करती हूँ कि शादी के पश्चात मैं श्वेता झा पति-उदय कुमार झा के नाम से जानी जाती हूँ।
श्वेता जायसवाल।
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सं0 1247--मैं सत्यम पिता-संजय कुमार, निवासी-राजीव नगर, रोड नं0-6, केशरीनगर, पटना-800024 शपथ पत्र सं0-415/11.10.22 द्वारा यह घोषणा करता हूं कि मेरे शैक्षणिक योग्यता प्रमाण पत्र में मेरा नाम सत्यम अंकित है लेकिन अब मैं सत्यम कुमार के नाम से जाना जाऊंगा।
सत्यम।6 (cid:464)बहार गजट, 16 नवम्बर 2022 सं0 1248--मैं, विकाश कुमार पुत्र- भूषण वर्मा निवासी-बाबा बोरिंग रोड, पालीगंज , पटना, बिहार ने सभी उद्देश्यों के लिए अपना नाम बदलकर विकास वर्मा कर लिया है। शपथ पत्र सं0-4283 दिनांक 12.10.2022 ।
No. 1248----I, VIKASH KUMAR Son of BhushanVerma, R/O- Baba Boring Road, Paliganj, Patna, Bihar have changed my name to VikasVerma for all purposes. Vide Affidavit No. 4283 Dt. 12-10-2022.
VIKASH KUMAR.
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सं0 1259--मैं सिरीश कुमार शांडिल्य, पिता-श्री राम बहादुर राय, निवासी-ग्राम-जकड़पुरा (बीडीओ कार्यालय के पास), पो.-सूर्यगढ़ा, जिला-लखीसराय, बिहार सूचित करता हूं कि मेरे माध्यमिक एवं उच्चत्तर शैक्षणिक प्रमाण पत्र में मेरा नाम सिरीश कुमार है। शपथ पत्र सं.-3115/25.08.22 द्वारा घोषणा करता हूं कि मैं सिरीश कुमार शांडिल्य के नाम से जाना व पहचाना जा रहा हूं और आगे भी जाना व पहचाना जाऊंगा।
सिरीश कुमार शांडिल्य।
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सं0 1260--मैं, मनोज कुमार, पिता-दिनेश सिंह, निवासी- अशोक राज पथ, सुधि टोला के सामने, पो॰-महेन्द्रू, थाना-पीरबहोर, जिला-पटना, बिहार। शपथ पत्र सं॰-3092 तिथि 07.07.2022 द्वारा सूचित करता हूँ कि वैभवी (Vaibhavi) मेरी पुत्री है। अब वह वैभवी राज लक्ष्मी (Vaibhavi Raj Lakshmi) के नाम से जानी जाएगी।
मनोज कुमार।
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No. 1261----I Aishwarya D/o Sanchay Kumar R/o Laxmi Niwas, D.N. Das Lane, Near Vaishali Lodge, Langar Toli, Nala Road, Arya Kumar Road, Patna, Bihar – 800004 do hereby Solemnly Affirm and declare as per Aff. no. 26701, Dt. 29.09.22 that my name is written in CBSE 10th Exam 2019, Roll No. 7195624 as Aishwarya. Now I will be known and called as Aishwarya Kshirsagar.
Aishwarya.
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No. 1262----I, Abhishek S/o Sri Arvind Kumar Sinha, R/o 269 A.P. Colony, P.O.-Head Post Office, P.S.-Rampur, Distt. Gaya (Bihar) 823001. Do hereby solemnly affirm and declare as follows: 1, That my name is Abhishek 2. That I add Sinha in my name and to be known to all Abhishek Sinha in future. I am swearing this Affidavit No. 41896, Date 13.09.2022.
Abhishek.
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No. 1265----I Hemant Kumar Agrawal S/o- Ram Bilas Agrawal R/o- Shivalaya Market Ashok RajpathBankipure Patna- Bihar- 800004 declare vide Affidavit No. 3098 Dated 20-09- 2022 do Solemnly declare that in my Son's Priyank Agrawal CBSE Original Certificate Vide Reg No. P120/09538/0348 Roll No. 22192747 my Name has been wrongly mentioned as Hemant Agrawal but my correct Name is Hemant Kumar Agrawal.
Hemant Kumar Agrawal.
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No. 1270----I, Sanjay Kumar, Son of Late Bhola Singh, resident of Shastri Nagar West Road No. 6, P.O+P.S-Rampur, District- Gaya, Aadhar No. - 249105287635 do hereby solemnly affirm and declare that as per affidavit No. 41910 dated 13-09-2022 my real name is Sanjay Kumar. Somu Shekhar is my son. All educational document of my son Somu Shekhar my name is mentioned as Sanjay Kumar Singh which is by mistake because my real name is Sanjay Kumar. My name Sanjay Kumar should be mentioned in all educational document of Somu Shekhar . In other word Sanjay Kumar and Sanjay Kumar Singh is same and one person. I will be only known as Sanjay Kumar for all purposes.
Sanjay Kumar.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 35—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
7 (cid:464)बहार गजट, 16 नवम्बर 2022बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 कारा/नि0को0(विविध)-10-10/2018--11270 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ----- संकल्प 9 नवम्बर 2022
श्री सीप्रियन टोप्पो, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी (सम्प्रति सेवानिवृा) के विरूद्ध उनके मंडल कारा, मधुबनी में पदस्थापन के दौरान वित्तीय वर्ष 2017-18 के लिए निविदा में खाद्यान्न, विविध सामग्री एवं हरी सब्जी की आपूर्ति हेतु विगत दो वर्षों का कारा संवेदक के रूप में अनुभव की अनिवार्यता की अनावश्यक शर्त लगाकर पूर्व से कार्यरत आपूरकों को अवैध लाभ पहुँचाने, तकनीकी निविदा में असफल निविदादाता श्री विश्वनाथ ठाकुर का नाम बिड सीट में अंकित कर तथा भ्रमित कर जिलाधिकारी, मधुबनी का हस्ताक्षर प्राप्त किये जाने एवं बिहार वित्त (संशोधन) नियमावली-2005 के नियम-131झ (i) के प्रावधान का उल्लंघन करने के प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप-पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-8992 दिनांक-18.10.2019 द्वारा श्री सीप्रियन टोप्पो के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, दरभंंगा प्रमण्डल, दरभंगा को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, शहीद खुदीराम बोस केन्द्रीय कारा, मुजफ्फरपुर को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
2. इसी बीच श्री टोप्पो दिनांक 31.12.2019 को सेवानिवृा हो गये। फलस्वरूप विभागीय आदेश ज्ञापांक 183 दिनांक 09.01.2020 द्वारा उनके विरूद्ध संचालित उक्त विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत सम्परिवर्तित किया गया।
3. संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, दरभंगा प्रमण्डल, दरभंगा के पत्रांक 4034 दिनांक 15.11.2021 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री टोप्पो के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित कुल चार आरोपों में से प्रथम आरोप को अंशतः प्रमाणित तथा शेष तीन आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।
4. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। समीक्षोपरान्त श्री टोप्पो के विरूद्ध गठित आरोप संख्या-2, 3 एवं 4 के संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18 (2) के प्रावधान के तहत संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से असहमति के बिन्दु अभिलेखित किये गये। अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18 (3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 104 दिनांक 07.01.2022 द्वारा श्री टोप्पो को जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए आंषिक रूप से प्रमाणित पाये गये आरोप संख्या-01 तथा आरोप संख्या-02, 03 एवं 04 के लिए संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से असहमति के अभिलेखित बिन्दुओं पर उनसे द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन की मांग की गई। 5. श्री टोप्पो द्वारा द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब दिनांक 19.02.2022 समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि उनकी सेवानिवृत्ति के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी उनके पेंषन का भुगतान नहीं किया गया है, जिस कारण उनका परिवार गंभीर आर्थिक समस्याओं का सामना कर रहा है। उनका कहना है कि बिहार पेंषन नियमावली के नियम-43 (बी) के प्रावधान का उल्लंघन कर उनके विरूद्ध विभागीय कार्यवाही चलाई गयी है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-18(2) एवं 18(3) के प्रावधान के तहत उनसे पूछे गये द्वितीय कारण पृच्छा में असहमति के बिन्दु गठित किये जाने का कोई आधार नहीं है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके द्वारा प्रस्तुत स्पष्टीकरण एवं संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष पर विचार किये बिना आरोप पत्र के साक्ष्य के रूप में संलग्न प्रतिवेदन के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा असहमति का निष्कर्ष गठित कर उनसे द्वितीय कारण पृच्छा की गई है।8 (cid:464)बहार गजट, 16 नवम्बर 2022 आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके विरूद्ध संस्थित विभागीय कार्यवाही एवं द्वितीय कारण पृच्छा में बिहार वित्त नियमावली 131 (झ) के प्रावधान की गलत व्याख्या कर नियम विरूद्ध कार्रवाई की गई है। बिहार वित्त नियमावली (संषोधित) 2005 के नियम-131 (झ)(i) के विहित प्रावधान के तहत विज्ञापित निविदा में कम से कम तीन निविदादाताओं की अनिवार्यता है। खाद्यान्न, विविध सामग्री की आपूर्ति हेतु निविदा देने के लिए संवेदकों को विगत दो वर्षों के अनुभव की अनिवार्यता का शर्त रखे जाने के आरोप के संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि बिहार वित्त नियमावली के नियम-131(झ) (i) में संवेदक की अर्हता एवं योग्यता का मापदण्ड तय किया जाना है ताकि कारा में बंदियों को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराया जा सके। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा आरोप संख्या 2, 3, एवं 4 के सन्दर्भ में संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से असहमति व्यक्त करते हुए द्वितीय कारण पृच्छा की गयी है। संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप संख्या-01 को प्रमाणित पाया गया है, किन्तु सरकार को कोई वित्तीय राषि की क्षति का आरोप प्रमाणित नहीं पाया गया है, जो बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम 43 (बी) के तहत कार्रवाई चलाये जाने का अनिवार्य आधार घटक है।
आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि जिला मधुबनी में दो कारा है-मंडल कारा, मधुबनी एवं उपकारा, झंझारपुर। दोनों ही काराओं में आवष्यकतानुसार खाद्यान्न एवं अन्य सामग्रियों के लिए एक ही दर निर्धारित कर क्रय की जाती है। जिलाधिकारी, मधुबनी को भ्रमित कर बिड सीट पर हस्ताक्षर प्राप्त करने के आरोप के संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि जिलाधिकारी, मधुबनी कारा क्रय समिति के अध्यक्ष हैं, उन्हें भ्रमित कर बिड सीट पर हस्ताक्षर करा लेने का आरोप सिर्फ अनुमान पर आधारित है, इसमें कोई तथ्य नहीं है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि कारा क्रय समिति में सदस्य सचिव के रूप में उनकी भूमिका काफी छोटी एवं सीमित थी। उनका कहना है कि जिला क्रय समिति के सदस्यों में से एक मात्र उनके विरूद्ध ही मनमाने ढंग से पक्षपात करते हुए कार्रवाई की जा रही है, जबकि वे समिति में एक दुर्बल सदस्य सचिव के रूप में सम्मिलित थे।
6. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन, आरोप संख्या-02, 03 एवं 04 के संबंध में संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से असहमति के अभिलेखित बिन्दुओं एवं श्री टोप्पो द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में उल्लिखित किया गया है कि उनकी सेवानिवृत्ति के दो वर्ष बीत जाने के बाद भी उनके पेंषन का भुगतान नहीं किया गया है, जबकि आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित रहने के कारण उन्हें नियमानुसार 90% औपबंधिक पेंशन/उपादान की स्वीकृति हेतु आदेश निर्गत किया जा चुका है तथा उन्हें अन्य सेवांत लाभों का भी भुगतान किया जा चुका है। खाद्यान्न, विविध सामग्री की आपूर्ति हेतु निविदा देने के लिए संवेदकों को विगत दो वर्षाें के अनुभव की अनिवार्यता का शर्त रखे जाने के आरोप के संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि बिहार वित्त नियमावली के नियम-131 (झ) (i) (a) में संवेदक की अर्हता एवं योग्यता का मापदण्ड तय किया जाना है, किन्तु चूँकि सामग्री के वास्तविक क्रेता आरोपित पदाधिकारी ही थे, इसलिए क्रय की जाने वाली सामग्री की निविदा में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा के माध्यम से न्यूनतम दर के निर्धारण में प्रतिकूल प्रभाव डालने वाले किसी अनावश्यक शर्त का समावेश नहीं किया जाए, इसे सुनिश्चित करने की जवाबदेही आरोपित पदाधिकारी की थी, परन्तु उनके द्वारा इसके विपरीत कार्य किया गया।
जिलाधिकारी, मुधबनी के पत्रांक 267/जि0सा0, दिनांक 18.02.2019 के साथ संलग्न उप समाहर्त्ता, मधुबनी एवं अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी के संयुक्त जाँच प्रतिवेदन में अंकित है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा भ्रमित कर निविदा पर हस्ताक्षर प्राप्त कर लिया गया है। इससे श्री टोप्पो द्वारा की गयी अनियमितता उजागर होती है। जिला पदाधिकारी द्वारा गठित द्विसदस्यीय जाँच दल के जाँच प्रतिवेदन के अनुसार वित्तीय वर्ष 2017-18 की तकनीकी निविदा बिड सीट में मात्र दो निविदादाता श्री पवन कुमार साह एवं श्री नवीन कुमार ही खंड 'क' की निविदा हेतु तकनीकी निविदा शर्त के अनुरूप 40,000/- रू0 का बैंक गारंटी निविदा कागजात में संलग्न किये थे, जबकि निविदादाता श्री विश्वनाथ ठाकुर के द्वारा खंड 'ख' की निविदा शर्त हेतु मात्र 10,000/- रू0 का बैंक गारंटी संलग्न करना अंकित किया गया है। फलस्वरूप खंड 'क' की निविदा हेतु मात्र दो हीं निविदादाता सफल हुए तथा तीसरे निविदादाता श्री विश्वनाथ ठाकुर का खंड 'क' की वित्तीय निविदा सूची में नाम अंकित किया गया, परन्तु इनके नाम के नीचे किसी सामग्री का दर अंकित नहीं है। इस प्रकार खंड 'क' की निविदा हेतु मात्र दो ही निविदादाता सफल हुए तथा तीसरे निविदादाता श्री विश्वनाथ ठाकुर का खंड 'क' के वित्तीय निविदा बिड सीट में नाम अंकित करना अनुचित है, जिसके लिए आरोपित पदाधिकारी जिम्मेवार हैं। आरोपित पदाधिकारी द्वारा जिलाधिकारी, मधुबनी से उक्त तथ्यों को छुपाते हुए तथा तीसरे निविदादाता श्री विश्वनाथ ठाकुर का सामग्रियों के निविदा में मात्र नाम अंकित कर तथा भ्रमित कर जिलाधिकारी, मधुबनी का हस्ताक्षर प्राप्त कर लिया गया है, जिसे जिलाधिकारी द्वारा गठित द्विसदस्यीय जाँच दल द्वारा जाँच में सत्य पाया गया है। अतः आरोपित पदाधिकारी का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब स्वीकार करने योग्य नहीं है। 7. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सीप्रियन टोप्पो, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी (सम्प्रति सेवानिवृा) से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को अस्वीकृत करते हुए तथा प्रमाणित पाये गये आरोपों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए उनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का विनिष्चिय किया गयाः- ''देय पेंशन से 30% (तीस प्रतिशत) राशि की कटौती का दंड पाँच (05) वर्षों के लिए''।9 (cid:464)बहार गजट, 16 नवम्बर 2022 8. उपर्युक्त विनिष्चित दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 4663 दिनांक 20.04.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2732 दिनांक 22.10.2022 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है। 9. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री सीप्रियन टोप्पो, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी (सम्प्रति सेवानिवृा) के विरूद्ध बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-43(बी) के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया जाता है :- ''देय पेंशन से 30% (तीस प्रतिशत) राशि की कटौती का दंड पाँच (05) वर्षों के लिए''। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-05/2020--11271
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9 नवम्बर 2022
श्री सुजीत कुमार झा, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, कटिहार सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, औरंगाबाद के विरूद्ध उनके मंडल कारा, कटिहार में पदस्थापन के दौरान दिनांक 30.08.2017 को बंदी मो0 मन्नान (मन्नु), पे0-लतीफ अंसारी के साथ दूसरे बंदी द्वारा की गयी मार-पीट की घटना, दिनांक 01.09.2017 को सोषल मीडिया में वीडियो वायरल होने, दैनिक समाचार पत्रों में खबर प्रकाषित होने एवं इलेक्ट्रॉनिक न्यूज चैनलों में इस घटना का प्रसारण होने तथा कारा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी की घटना में बरती गई लापरवाही एवं कर्त्तव्यहीनता के आरोप के लिए गठित प्रपत्र 'क' के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2241 दिनांक 08.03.2021 द्वारा श्री सुजीत कुमार झा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, कटिहार सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, औरंगाबाद के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई, जिसमें आयुक्त, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ को संचालन पदाधिकारी एवं वृताधीक्षक, केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया। 2. संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ के पत्रांक 899 दिनांक 31.03.2022 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री झा के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित कुल 04 आरोपों में से आरोप संख्या-2 को अंशतः प्रमाणित तथा आरोप संख्या-01, 03 एवं 04 को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 5909 दिनांक 26.05.2022 द्वारा श्री सुजीत कुमार झा को संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए आरोप संख्या-01, 03 एवं 04 के संबंध में संचालन पदाधिकारी के निष्कर्ष से विभागीय समीक्षा में पाई गई असहमति के अभिलेखित बिन्दुओं तथा आरोप संख्या-02 के अंशतः प्रमाणित पाये जाने के आलोक में उनसे पन्द्रह (15) दिनों के अन्दर द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन की मांग की गई।
4. तद्आलोक में श्री सुजीत कुमार झा द्वारा अपने पत्रांक 2196 दिनांक 09.06.2022 के माध्यम से द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि यह घटना करीब 05 वर्ष पहले हुई थी। साथ ही उस समय जाँच प्रतिवेदन में कहीं भी उन्हें आरोपित नहीं किया गया था। घटना के करीब 03 वर्ष से अधिक हो जाने पर पुनः प्रपत्र 'क' गठित कर उनपर विभागीय कार्यवाही चलायी गयी। विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी-सह- आयुक्त, पूर्णियाँ प्रमण्डल ने चार आरोप में से तीन आरोप पूर्णतः अप्रमाणित पाया एवं एक आरोप को अंशतः प्रमाणित पाया। साथ ही तीन साक्षियों ने किसी भी रूप में उनके कार्य को लापरवाही नहीं माना।
श्री झा का कहना है कि उन्होंने पूरी क्षमता तथा सजगता से अपने कर्तव्य का निर्वहन किया है। कई F.I.R., सघन तलाशी आदि के बावजूद दुर्भावना से वीडियो वायरल होने में कहीं भी उनकी कोताही नहीं है। उक्त के आलोक में उन्होंने द्वितीय कारण पृच्छा से मुक्त करने का अनुरोध किया है।
5. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री झा द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कहना है कि उनके द्वारा सघन तलाशी करवाई गई है तथा F.I.R. भी दर्ज कराया गया है। उनका कहना है कि वीडियो वायरल दुर्भावनावश किया गया था, परन्तु इससे यह भी प्रमाणित होता है कि बंदियों के पास मोबाईल जैसी प्रतिबंधित सामग्री उपलब्ध थी, जिसके माध्यम से वीडियो बना कर सोशल मीडिया पर वायरल किया गया। यह आरोपित पदाधिकारी के पर्यवेक्षण में लापरवाही का द्योतक है। उप महानिरीक्षक (प्र0) के निरीक्षण में कारा वार्ड संख्या-24 की तलाशी में 04 स्पीकर सहित 01 audio player बरामद हुआ। इससे यह भी स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा कारा की सघन तलाशी नहीं कराई जाती थी। कारा के अन्दर बंदियों के बीच मार-पीट की घटना, बंदियों द्वारा मोबाईल के माध्यम से वीडियो बनाकर वायरल किया जाना एवं आरोपित पदाधिकारी को इसकी कोई जानकारी न होना; आरोपित पदाधिकारी की कर्तव्य के प्रति सजगता/सतर्कता के अभाव का परिचायक है। इससे यह भी स्पष्ट है कि उनके द्वारा अपने अधीनस्थ कर्मियों के कार्यों का पर्यवेक्षण सही ढंग से नहीं किया जाता था तथा कर्मियों पर उनका प्रभावी नियंत्रण भी नहीं था। इस प्रकार आरोपित10 (cid:464)बहार गजट, 16 नवम्बर 2022 पदाधिकारी कारा के नियंत्री एवं पर्यवेक्षी पदाधिकारी के रूप में अपने दायित्वों के निर्वहन में विफल रहे हैं। अतः आरोपित पदाधिकारी का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब स्वीकार करने योग्य नहीं है।
6. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सुजीत कुमार झा, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, कटिहार सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, औरंगाबाद के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को अस्वीकृत करते हुए तथा प्रमाणित पाये गये आरोपों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(vi) के प्रावधानों के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का विनिष्चय किया गया :- '' संचयात्मक प्रभाव से चार (04) वेतनवृद्धि पर रोक का दंड ''। 7. उपर्युक्त विनिष्चित दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 7966 दिनांक 25.07.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2733 दिनांक 22.10.2022 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है। 8. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री सुजीत कुमार झा, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, कटिहार सम्प्रति अधीक्षक, मंडल कारा, औरंगाबाद के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(vi) के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित किया जाता है :- '' संचयात्मक प्रभाव से चार (04) वेतनवृद्धि पर रोक का दंड ''। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।