;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
30 ;बपकरू91द्ध 1944 ;0द्ध
(0 989) ए ए 21 ;बपकरू224द्ध 2022
सं॰ 2/आरोप-01-41/2018-सा0प्र0/18303
सामान्य प्रषासन विभाग
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ladYi
13 अक्तूबर 2022
श्री अरूणाभ चन्द्र वर्मा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 716/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव, भागलपुर के विरूद्ध लोक शिकायत निवारण अधिनियम, 2015 के नियम का अनुपालन नहीं करने एवं आयुक्त-सह-प्रथम अपीलीय प्राधिकार, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर द्वारा पारित आदेशों का अनुपालन नहीं करने इत्यादि आरोपों के लिए आयुक्त कार्यालय, भागलपुर प्रमंडल, भागलपुर के पत्रांक 405 दिनांक 22.11.2018 द्वारा आरोप-पत्र प्राप्त हुआ। प्राप्त आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 8988 दिनांक 29.09.2020 द्वारा श्री वर्मा से स्पष्टीकरण की गयी।
श्री वर्मा से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए उनके विरूद्ध आारोपों की वृहत जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक 4266 दिनांक 26.03.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक 368/स्था0 दिनांक 12.04.2022 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें आरोप सं0-01 एवं 02 को अप्रमाणित, आरोप सं0-03 को प्रमाणित तथा आरोप सं0-04 को आंशिक प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति श्री वर्मा को उपलब्ध कराते हुए इनसे लिखित अभिकथन उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया।
श्री वर्मा से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा प्रतिवेदित आरोप एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में की गयी। समीक्षोपरांत श्री वर्मा के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के आलोक में उनके लिखित अभिकथन को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2017-18) एवं (ii) असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक का दंड विभागीय संकल्प ज्ञापांक 11202 दिनांक 06.07.2022 द्वारा अधिरोपित किया गया। 2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 21 ;बपकरू224द्ध 2022 का उल्लंघन करते हुए परिवादी के प्रथम अपील पर सुनवाई की गई। पुनः आयुक्त, भागलपुर प्रमंडल द्वारा भी अधिसूचना के विपरीत प्रथम अपीलीय प्राधिकार के रूप में सुनवाई की गई और द्वितीय अपीलीय प्राधिकार, जिला पदाधिकारी के समक्ष मामला गया ही नहीं। इनका यह भी कहना है कि इनके द्वारा प्रमंडलीय आयुक्त के आदेश का ससमय अनुपालन किया गया है तथा निर्धारित तिथि 06.11.2017 को पहले ही वांछित अभिलेख उन्हें उपलब्ध करा दिया गया है।
विचाराधीन विषय लोक शिकायत निवारण अधिकार अधिनियम के तहत लोक शिकायत निवारण संबंधी प्राधिकारों द्वारा पारित आदेशों का अनुपालन नहीं करने से संबंधित है। श्री वर्मा के विरूद्ध वित्तीय अनियमितता एवं भ्रष्टाचार आदि का आरोप प्रतिवेदित नहीं है। आरोप-पत्र के अनुसार दायित्वहीनता एवं प्रशासनिक अक्षमता का आरोप ही प्रतिवेदित किया गया है।
वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री वर्मा के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन पर विचार करते हुए इनके विरूद्ध अधिरोपित दण्ड को संशोधित कर, केवल 'निन्दन' की सजा बरकरार रखने का निर्णय लिया गया। अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अरूणाभ चन्द्र वर्मा (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 716/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, कहलगांव, भागलपुर सम्प्रति उप सचिव, तकनीकी सेवा आयोग, बिहार, पटना के विरूद्ध निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-
(i) निन्दन (आरोप वर्ष 2017-18)
आदेष ः-आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में
प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।