Servants of Knowledge
Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 28 November 2022

Published 28 November 2022

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2022-11-28.1027
Languages
English, Hindi

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध

ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू14द्ध

;बपकरू17द्ध ख्;बपकरू19द्ध;बपकरू4द्ध 1;बपकरू23द्ध44 ;बपकरू25द्ध;बपकरू26द्ध;बपकरू27द्ध

;बपकरू25द्ध;बपकरू28द्ध;बपकरू26द्ध ;बपकरू4द्ध 1;बपकरू26द्ध2;बपकरू17द्ध;बपकरू27द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्धरु 2 :रु 2;बपकरू26द्ध22

सं॰ 0सं॰ 0सं॰ 0सं॰ 08/आरोप-01-38/2019 सा॰प्र॰-8/आरोप-01-38/2019 सा॰प्र॰-8/आरोप-01-38/2019 सा॰प्र॰-8/आरोप-01-38/2019 सा॰प्र॰-19771977197719772222 सामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभागसामान्य प्रशासन विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 8 नवम्बर, 20228 नवम्बर, 20228 नवम्बर, 20228 नवम्बर, 2022

श्री सुरेश प्रसाद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1369/11, तत्कालीन प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सुपौल के विरूद्ध सार्वजनिक वितरण प्रणाली में बरती गयी अनियमितताओं एवं विभागीय आदेश की अवहेलना करने से संबंधित आरोप पत्र उपलब्ध कराते हुए अनुशासनिक कार्रवाई का अनुरोध खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-4903 दिनांक 16.10.2019 द्वारा किया गया।

खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना द्वारा प्रतिवेदित आरोप की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-5386 दिनांक 28.05.2021 द्वारा उनसे स्पष्टीकरण की माँग की गयी। उक्त के आलोक में पत्रांक-207-2 दिनांक 10.06.2021 द्वारा स्पष्टीकरण का उत्तर समर्पित किया गया। विभागीय पत्रांक-7781 दिनांक 29.07.2021 द्वारा उक्त स्पष्टीकरण पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से मंतव्य की माँग की गयी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के पत्रांक-657 दिनांक 22.02.2022 द्वारा अपना मंतव्य उपलब्ध कराया गया। जिसकी समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी एवं पाया गया कि खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा अपने मंतव्य में स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया है। अतएव आरोप पत्र पुनर्गठित करते हुए अग्रेत्तर कार्रवाई का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया।

तदुपरांत विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 8505 दिनांक 30.05.2022 द्वारा श्री प्रसाद से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिसके क्रम में श्री प्रसाद द्वारा अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक 251-2 दिनांक 11.06.2022) समर्पित किया गया।श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, उनके प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उनके स्पष्टीकरण पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री प्रसाद द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उनके द्वारा पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण के समरूप है। श्री प्रसाद द्वारा पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण पर खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से मंतव्य की मांग की गयी थी जिसमें श्री प्रसाद के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा अपने मंतव्य में उल्लेख किया गया है कि :- 2 ;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू2द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू3द्ध;बपकरू4द्ध 2 :रु 2;बपकरू26द्ध22 ''''''''आरोपी पदाधिकारी द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में स्वीकार किया गया है कि सुपौल जिला अन्तर्गत आर0सी0-01 आधार सीडिंग का कार्य दिनांक 09.10.2019 तक 87.10 प्रतिशत निष्पादित किया गया था तथा आर0सी0-02 आधार सीडिंग का कार्य दिनांक 04.10.2019 तक 77.63 प्रतिशत निष्पादित किया गया था। उक्त कार्याे का अन्य जिलों से तुलनात्मक आधार पर स्वयं के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप का खंडन श्री प्रसाद द्वारा किया गया है। साथ ही श्री प्रसाद ने कतिपय पत्रों का हवाला देते हुए शत-प्रतिशत कार्य के निष्पादन हेतु संबंधितों को निदेश देने का तथ्य अंकित किया है। उल्लेखनीय है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के यथोचित क्रियान्वयन तथा पात्र लाभुकों को बिना विचलन के राशन किरासन की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु शत-प्रतिशत आधार सीडिंग का कार्य पूर्ण करने हेतु सभी संबंधितों को नियमित रूप से निदेशित किया जाता रहा है। यद्यपि सुपौल जिला अन्तर्गत आधार सीडिंग का कार्य कतिपय जिलों की तुलना में अपेक्षाकृत अच्छी थी, तथापि उक्त निदेश के बावजूद शत प्रतिशत आधार सीडिंग का कार्य पूर्ण नहीं कर संबंधितों को निदेश देने तथा अन्य जिलों से तुलनात्मक आधार पर आरोपों का ख्ांडन कर श्री प्रसाद अपनी जवाबदेही से बच नहीं सकते है।

इसी प्रकार अन्त्योंदय अन्न योजना अन्तर्गत राशन कार्डो का सत्यापन लंबित रहने तथा राशन कार्ड में नये नाम जोड़ने से संबंधित 2156 आवेदनों का अंतिम रूप से निष्पादन नहीं किये जाने से संबंधित आरोप के खंडन के आलोक में आरोपित पदाधिकारी ने मुख्य रूप से अंकित किया है कि उक्त कार्याे को पूर्ण कराने हेतु संबंधित पदाधिकारियों/कर्मियों को निदेशित किया गया है। विदित हो कि केवल निदेशित मात्र किये जाने से श्री प्रसाद अपने कार्यो/जवाबदेही से मुक्त नहीं हो सकते है। आपूर्ति से ंसबंधित कार्यो के वरीय पदाधिकारी होने के नाते श्री प्रसाद का यह दायित्व था कि वे इस महत्वपूर्ण कार्य के निष्पादन में प्रत्यक्ष भूमिका का निर्वहन करे। यदि श्री प्रसाद द्वारा सम्यक्‌ एवं नियमित रूप से उक्त कार्यो का निरीक्षण किया जाता तो संभवतः ऐसी स्थिति उत्पन्न नहीं होती।'''''''' उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 13361 दिनांक 02.08.2022 द्वारा श्री प्रसाद का स्पष्टीकरण अस्वीकृत करते हुए निम्नांकित दंड संसूचित किया गयाः-

(क) निन्दन (वर्ष 2019-20)।(क) निन्दन (वर्ष 2019-20)।(क) निन्दन (वर्ष 2019-20)।(क) निन्दन (वर्ष 2019-20)। उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री प्रसाद द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन (दिनांक 01.09.2022) समर्पित किया गया। जिसकी समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री प्रसाद द्वारा समर्पित पुनर्विचार आवेदन में जिन तथ्यों/साक्ष्यों का उल्लेख किया गया है, उनका उल्लेख उनके द्वारा अपने पूर्व में समर्पित स्पष्टीकरण में भी किया गया था, जिसके समीक्षोपरांत ही खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग द्वारा श्री प्रसाद के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया।

उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सुरेश प्रसाद, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-1369/11, तत्कालीन प्रभारी जिला आपूर्ति पदाधिकारी, सुपौल सम्प्रति अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, सुपौल का पुनर्विचार अभ्यावेदन अस्वीकृत करते हुए पूर्व अधिरोपित दंड ''निन्दन (वर्ष 2019-20)'' निन्दन (वर्ष 2019-20)'' को पूर्ववत बरकरार रखा निन्दन (वर्ष 2019-20)'' निन्दन (वर्ष 2019-20)'' जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किया ा ा ा आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किय आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किय आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाशित किय जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय। जाय तथा सभी संबंधित को भेज दी जाय।

बिहारबिहारबिहारबिहार----राज्यपाल के आदेश सेराज्यपाल के आदेश सेराज्यपाल के आदेश सेराज्यपाल के आदेश से,,,, मो0 सिराजुद्दीन अंसारीमो0 सिराजुद्दीन अंसारीमो0 सिराजुद्दीन अंसारीमो0 सिराजुद्दीन अंसारी,,,, सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।

————

ख्श्ँरु ;बपकरू14द्ध;बपकरू4द्ध ़ए;बपकरू4द्धरु

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्धरु ;बपकरू4द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू14द्ध म;बपकरू28द्ध ़;बपकरू1द्धए घ्

;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू25द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू27द्ध ;बपकरू5द्ध़;बपकरू5द्धश्;बपकरू26द्ध0;बपकरू26द्धश्;बपकरू26द्धघ्

Website: http://egazette.bih.nic.in

Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 28 November 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2022-11-28.1027/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2022-11-28.1027.