िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
(cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 9 अग्रहायण 1944 (श0) सं(cid:201)या 48 पटना, बुधवार, ———————— 30 नवम्बर 2022 (ई0) विषय-सूची पृष्ठ भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-103 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---
भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।
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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 104-104 पूरक
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पूरक-क 105-1232 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं।
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विधि विभाग -------
अधिसूचनाएं
1 सितम्बर 2022
एस0ओ0 412, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री शैलेन्द्र कुमार, नोटरी, लखीसराय का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 2709/जे0 दिनांक-27.07.1996 द्वारा की गयी थी, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से उनकी मृत्यु के कारण तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।
(सं0सं0-ए0/नोट-63/1993/7544/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी।
(सक्षम प्राधिकार)
1 सितम्बर 2022
एस0ओ0 412, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0सं0-ए0/नोट-63/1993/7544/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी। (सक्षम प्राधिकार)
The 1st September 2022
S.O. 412 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Shailendra Kumar, Notary Public, Lakhisarai whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 2709/J dated-27.07.1996 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952 due to his death.
(File No.-A/Not-63/1993/7544/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)
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18 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 413, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री राम निवास यादव नोटरी, जमुई का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 2893/जे0 दिनांक-14.06.2004 द्वारा की गयी थी, नोटरीज अधिनियम, 19523 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।
(सं0सं0-ए0/नोट(एस)-05/01/8668/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी।
(सक्षम प्राधिकार)
18 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 413, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0सं0-ए0/नोट(एस)-05/01/8668/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी।
(सक्षम प्राधिकार)
The 18th October 2022
S.O. 413 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Ram Niwas Yadav, Notary Public, Jamui whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 2893/J dated14.06.2004 from the notary register maintained for Notaries under Section- 4 of the Notaries Act, 1952.
(File No.-A/Not(s)-05/2001/8668/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)
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18 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 414, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री मुरारी लाल स्वर्णकार, नोटरी, जमुई का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 3202/जे0 दिनांक-29.08.2000 द्वारा की गयी थी, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।
(सं0सं0-ए0/नोट-30/1998/8669/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी। (सक्षम प्राधिकार)
18 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 414, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0सं0-ए0/नोट-30/1998/8669/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी। (सक्षम प्राधिकार)4 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 18th October 2022
S.O. 414 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Muraru Lal Swarnkar Notary Public, Jamui whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 90 /J dated- 10-.01.2001 from the notary register maintained for Notaries under Section- 4 of the Notaries Act, 1952.
(File No.-A/Not-30/1998/8669/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)
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18 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 415, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री कृष्ण नन्दन सिंह, नोटरी, जमुई का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 90/जे0 दिनांक-10.01.2001 द्वारा की गयी थी, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।
(सं0सं0-ए0/नोट-05/1997/8670/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी। (सक्षम प्राधिकार)
18 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 415, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0सं0-ए0/नोट-05/1997/8670/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी।
(सक्षम प्राधिकार)
The 18th October 2022
S.O. 415 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Krishna Nandan Singh Notary Public, Jamui whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 90 /J dated- 10-.01.2001 from the notary register maintained for Notaries under Section- 4 of the Notaries Act, 1952.
(File No.-A/Not-05/1997/8670/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)
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18 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 416, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-10 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, श्री सुनील कुमार सिंह नोटरी, जमुई का नाम, जिनकी नियुक्ति नोटरी के रूप में विधि विभाग की अधिसूचना ज्ञाप सं0- 3721/जे0 दिनांक- 25.08.2003 द्वारा की गयी थी, नोटरीज अधिनियम,5 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 1952 (53 of 1952) की धारा-4 के अन्तर्गत नोटरियों के लिये संधारित नोटरी पंजी से तत्काल प्रभाव से हटाने का आदेश देते है।
(सं0सं0-ए0/नोट(एस)-73/02/8671/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी।
(सक्षम प्राधिकार)
18 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 416, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0सं0-ए0/नोट(एस)-73/02/8671/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी। (सक्षम प्राधिकार)
The 18th October 2022
S.O. 416 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred under Section-10 of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to remove the name of Sri Sunil Kumar Singh, Notary Public, Jamui whose appointment had been made as notary under Law Department's Notification memo no. 3721/J dated- 25.08.2003 from the notary register maintained for Notaries under Section-4 of the Notaries Act, 1952.
(File No.-A/Not(s)-73/2002/8671/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary-Cum- Additional Legal Remembrancer. (Competent Authority)
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16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 417, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7426/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री संजीव कुमार झा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री संजीव कुमार झा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, मधुबनी | 05.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | मधुबनी जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-97/2012/7919/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)6 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 417, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-97/2012/7919/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 16th September 2022
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Sanjeev Kumar Jha | Advocate-cum-Notary Civil Court, Madhubani | 05.10.2012 | B.A. L.L.B. | Madhubani Distt.- |
S.O. 417 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Sanjeev Kumar Jha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7426/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022. Residental/ professional address
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary.
(Competent Authority)
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17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 418, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7187/जे0, दिनांक-27.9.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री राम प्रकाश यादव, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।7 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री राम प्रकाश यादव | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय | 27.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | बेगूसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-91/2006/8584/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 418, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-91/2006/8584/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 17th October 2022
S.O. 418 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ram Prakash Yadav and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7187/J dated 27-09-2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Ram Prakash Yadav | Advocate-cum- Notary Civil Court, Begusarai | 27.09.2012 | B.A. L.L.B. | Begusarai Distt.- |
(File no. -A/Not-91/2006/8584/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)8 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
21 जुलाई 2022
एस0ओ0 419, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-2860/जे0, दिनांक-20.08.2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्रीमती सरोजनी सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-20.08.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक के नाम | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्रीमती सरोजनी सिंह | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, डुमराँव, बक्सर | 20.08.2002 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | डुमराँव अनुमंडल जिला-बक्सर |
(सं0 सं0-ए0/नोट-80/1999/6407/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
21 जुलाई 2022
एस0ओ0 419, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-80/1999/6407/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 21st July 2022
S.O. 419 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shrimati Sarojini Singh and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 2860/J dated 20.08.2002 to practice as notary again for the next five year from 20.08.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shrimati Sarojini Singh | Advocate-cum- Notary Civil Court Dumraon, Buxar | 20.08.2002 | M.A. L.L.B. | Dumraon Distt.-Buxar |
(File no. -A/Not-80/1999/6407/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)9 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
23 सितम्बर 2022
एस0ओ0 420, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7347/जे0, दिनांक-04.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री उमा शंकर शर्मा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-04.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री उमा शंकर शर्मा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, जहानाबाद | 04.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | जहानाबाद जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-78/2012/8159/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
23 सितम्बर 2022
एस0ओ0 420, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-78/2012/8159/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 23rd September 2022
S.O. 420 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Uma Shankar Sharma and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7347/J dated 04.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 04.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Uma Shankar Sharma | Advocate-cum- Notary Civil Court, Jehanabad | 04.10.2012 | B.A. L.L.B. | Jehanabad Distt.- |
(File no. -A/Not-78/2012/8159/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)10 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
1 सितम्बर 2022
एस0ओ0 421, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-4174/जे0, दिनांक-02.12.1998 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री अजीत कुमार सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-02.12.2021 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री अजीत क मार सिंह ु | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद | 02.12.1998 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | औरंगाबाद जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-76/1994/7543/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
1 सितम्बर 2022
एस0ओ0 421, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-76/1994/7543/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 1st September 2022
S.O. 421 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ajit Kumar Singh and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 4174/J dated 02.12.1998 to practice as notary again for the next five year from 02.12.2021.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Ajit Kumar Singh | Advocate-cum- Notary Civil Court, Aurangabad | 02.12.1998 | B.Sc. L.L.B. | Aurangabad Distt.- |
(File no. -A/Not-76/1994/7543/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)11 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
26 सितम्बर 2022
एस0ओ0 422, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7187/जे0, दिनांक-27.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री अंजनी शरण, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री अंजनी शरण | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय | 27.09.2012 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | बेगूसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-64/2006/8223/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिर्व।
(सक्षम प्राधिकार)
26 सितम्बर 2022
एस0ओ0 422, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-64/2006/8223/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 26th September 2022
S.O. 422 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Anjani Sharan and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7187/J dated 27.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Anjani Sharan | Advocate-cum- Notary Civil Court, Begusarai | 27.09.2012 | M.A. L.L.B. | Begusarai Distt.- |
(File no. -A/Not-64/2006/8223/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)12 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 423, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7426/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री मणिकान्त झा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री मणिकान्त झा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, मधुबनी | 05.10.2012 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | मधुबनी जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-61/2012/7887/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 423, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-61/2012/7887/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिर्व।
(सक्षम प्राधिकार)
The 14th September 2022
S.O. 423 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to13 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 authorise Shri Manikant Jha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7426/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Manikant Jha | Advocate-cum- Notary Civil Court, Madhubani | 05.10.2012 | M.A. L.L.B. | Madhubani Distt.- |
(File no. -A/Not-61/2012/7887/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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18 जुलाई 2022
एस0ओ0 424, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-2391/जे0, दिनांक-09.7.2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री राम सुन्दर महतो, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-09.07.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री राम सुन्दर महतो | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, सीतामढ़ी | 09.07.2002 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | सीतामढ़ी जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-61/1998/6320/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
18 जुलाई 2022
एस0ओ0 424, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-61/1998/6320/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)14 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 18th July 2022 S.O. 424 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ram Sunder Mahto and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 2391/J dated 09.07.2002 to practice as notary again for the next five year from 09.07.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Ram Sunder Mahto | Advocate-cum- Notary Civil Court Sitamarhi | 09.07.2002 | B.A. L.L.B. | Sitamarhi Distt.- |
(File no. -A/Not-61/1998/6320/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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14 जुलाई 2022
एस0ओ0 425, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-2715/जे0, दिनांक-27.07.1996 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री नरेश कुमार सिन्हा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.07.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री नरेश कुमार सिन्हा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, मुंगेर | 27.07.1996 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | मुंगेर जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-54/1993/6209/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)15 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
14 जुलाई 2022
एस0ओ0 425, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-54/1993/6209/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 14th July 2022
S.O. 425 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Naresh Kumar Sinha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 2715/J dated 27-07-1996 to practice as notary again for the next five year from 27-07-2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Naresh Kumar Sinha | Advocate-cum- Notary Civil Court Munger | 27-07-1996 | B.A. L.L.B. | Munger Distt.- |
(File no. -A/Not-54/1993/6209/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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1 सितम्बर 2022
एस0ओ0 426, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3592/जे0, दिनांक-01.11.2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री शैलेन्द्र कुमार तिवारी, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-01.11.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।16 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री शैलेन्द्र कुमार तिवारी | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, औरंगाबाद | 01.11.2002 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | औरंगाबाद जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-49/2000/7541/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
1 सितम्बर 2022
एस0ओ0 426, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-49/2000/7541/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 1st September 2022
S.O. 426 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Shailendra Kumar Tiwary and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 3592/J dated 01.11.2002 to practice as notary again for the next five year from 01.11.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Shailendra Kumar Tiwary | Advocate-cum- Notary Civil Court, Aurangabad | 01.11.2022 | B.A. L.L.B. | Aurangabad Distt.- |
(File no. -A/Not-49/2000/7541/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)17 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
30 सितम्बर 2022
एस0ओ0 427, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7187/जे0, दिनांक-27.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री नवीन कुमार सिन्हा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री नवीन कुमार सिन्हा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय | 27.09.2012 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | बेगूसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-47/2006/8344/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
30 सितम्बर 2022
एस0ओ0 427, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-47/2006/8344/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 30th September 2022
S.O. 427 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Navin Kumar Sinha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in18 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Law Department Notification No. 7187/J dated 27.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Navin Kumar Sinha | Advocate-cum- Notary Civil Court, Begusarai | 27.09.2012 | M.A. L.L.B. | Begusarai Distt.- |
(File no. -A/Not-47/2006/8344/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 428, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-5101/जे0, दिनांक-16.10.96 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री ललित कुमार वर्मा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-16.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री ललित कुमार वर्मा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, गया बार एसोसियोशन, गया | 16.10.1996 | बी0कॉम0 एल0एल0बी0 | गया जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-45/1993/7888/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 428, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-45/1993/7888/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)19 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 14th September 2022
S.O. 428 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Lalit Kumar Verma and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 5101/J dated 16.10.1996 to practice as notary again for the next five year from 16.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Lalit Kumar Verma | Advocate-cum- Notary Civil Court, Gaya Bar Association, | 16.10.1996 | B.Com L.L.B. | Gaya Distt.- |
(File no. -A/Not-45/1993/7888/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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13 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 429, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7187/जे0, दिनांक-27.9.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री बिकास कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री बिकास क मार ु | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय | 27.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | बेगूसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-44/2006/8520/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)20 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
13 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 429, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-44/2006/8520/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 13th October 2022
S.O. 429 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Bikash Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7187/J dated 27-09-2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Bikash Kumar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Begusarai | 27.09.2012 | B.A. L.L.B. | Begusarai Distt.- |
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary.
(Competent Authority)
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1 सितम्बर 2022
एस0ओ0 430, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-2032/जे0, दिनांक-01.06.1999 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री जनार्दन प्रसाद महतो, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-01.06.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।21 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री जनार्दन प्रसाद महतो | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, लखीसराय | 01.06.1999 | बी0ए0(ऑ0) एल0एल0बी0 | लखीसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-42/1995/7542/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
1 सितम्बर 2022
एस0ओ0 430, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-42/1995/7542/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 1st September 2022
S.O. 430 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Janardan Prasad Mahto and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 2032/J dated 01.06.1999 to practice as notary again for the next five year from 01.06.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Janardan Prasad Mahto | Advocate-cum- Notary Civil Court Lakhisarai | 01.06.1999 | B.A. (Hons.) L.L.B. | Lakhisarai Distt.- |
(File no. -A/Not-42/1995/7542/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)22 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
13 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 431, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7187/जे0, दिनांक-27.9.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री विरेन्द्र कुमार वर्मा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री विरेन्द्र कुमार वर्मा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय | 27.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | बेगूसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-41/2006/8518/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
13 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 431, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-41/2006/8518/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 13th October 2022
S.O. 431 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Birendra Kumar Verma and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State23 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Government in Law Department Notification No. 7187/J dated 27-09-2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Birendra Kumar Verma | Advocate-cum- Notary Civil Court, Begusarai | 27.09.2012 | B.A. L.L.B. | Begusarai Distt.- |
(File no. -A/Not-41/2006/8518/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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13 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 432, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7187/जे0, दिनांक-27.9.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री राजेश कुमार जमैयार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री राजेश कुमार जमैयार | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय | 27.09.2012 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | बेगूसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-40/2006/8519/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
13 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 432, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-40/2006/8519/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)24 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 13th October 2022 S.O. 432 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Rajesh Kumar Jamaiyar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7187/J dated 27-09-2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Rajesh Kumar Jamaiyar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Begusarai | 27.09.2012 | B.Sc. L.L.B. | Begusarai Distt.- |
(File no. -A/Not-40/2006/8519/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 433, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-861/जे0, दिनांक-06.03.2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री दयानिधि पाण्डेय, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-06.03.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री दयानिधि पाण्डेय | अधिवक्ता-सह-नोटरी अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, विधिज्ञ संघ, दाउदनगर, जिला-औरंगाबाद | 06.03.2002 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | औरंगाबाद जिलान्तर्गत दाउदनगर अनुमंडल |
(सं0 सं0-ए0/नोट-40/1997/7889/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)25 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 433, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-40/1997/7889/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 14th September 2022
S.O. 433 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Dayanidhi Pandey and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 861/J dated 06.03.2002 to practice as notary again for the next five year from 06.03.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Dayanidhi Pandey | Advocate-cum- Notary Subdivisional Civil Court, Daudnagar Distt.- Aurangabad | 06.03.2002 | B.A. L.L.B. | Subdivision Daudnagar Distt.- Aurangabad |
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary.
(Competent Authority)
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22 सितम्बर 2022
एस0ओ0 434, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7296/जे0, दिनांक-03.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री संजय कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-03.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।26 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री संजय कुमार | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, नवादा | 03.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | नवादा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-39/2012/8127/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
22 सितम्बर 2022
एस0ओ0 434, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-39/2012/8127/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 22nd September 2022
S.O. 434 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Sanjay Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7296/J dated 03.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 03.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Sanjay Kumar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Nawadah | 03.10.2012 | B.A. L.L.B. | Nawadah Distt.- |
(File no. -A/Not-39/2012/8127/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)27 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
8 सितम्बर 2022
एस0ओ0 435, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7347/जे0, दिनांक-04.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री पुरूषोत्तम कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-04.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री पुरूषोत्तम क मार ु | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, जहानाबाद | 04.10.2012 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | जहानाबाद जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-34/2012/7734/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
8 सितम्बर 2022
एस0ओ0 435, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-34/2012/7734/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 8th September 2022
S.O. 435 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Purushottam Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in28 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Law Department Notification No. 7347/J dated 04.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 04.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Purushottam Kumar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Jehanabad | 04.10.2012 | B.Sc. L.L.B. | Jehanabad Distt.- |
(File no. -A/Not-34/2012/7734/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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27 जुलाई 2022
एस0ओ0 436, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-1593/जे0, दिनांक-03.05.2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सतीश कुमार सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-03.05.2017 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री सतीश कुमार सिंह | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, पटना | 03.05.2002 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | पटना जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-33/2000/6529/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
27 जुलाई 2022
एस0ओ0 436, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-33/2000/6529/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)29 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 27th July 2022
S.O. 436 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Satish Kumar Singh and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 1593/J dated 03.05.2002 to practice as notary again for the next five year from 03.05.2017.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Satish Kumar Singh | Advocate-cum- Notary Civil Court Patna | 03.05.2002 | B.A. L.L.B. | Patna Distt.- |
(File no. -A/Not-33/2000/6529/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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5 सितम्बर 2022
एस0ओ0 437, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7427/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्रीमती संजू कुमारी, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्रीमती संजू क मारी ु | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, गया | 05.10.2012 | बी0ए0(ऑ) एल0एल0बी0 | गया जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-30/2012/7633/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिर्व। (सक्षम प्राधिकार)30 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
5 सितम्बर 2022
एस0ओ0 437, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-30/2012/7633/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 5th September 2022
S.O. 437 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shrimati Sanju Kumari and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7427/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shrimati Sanju Kumari | Advocate-cum- Notary Civil Court, Gaya | 05.10.2012 | B.A. (Hons.) L.L.B. | Gaya Distt.- |
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary.
(Competent Authority)
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21 सितम्बर 2022
एस0ओ0 438, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7296/जे0, दिनांक-03.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री अरविन्द कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-03.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।31 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री अरविन्द क मार ु | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, नवादा | 03.10.2012 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | नवादा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-27/2012/8105/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
21 सितम्बर 2022
एस0ओ0 438, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-27/2012/8105/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 21st September 2022
S.O. 438 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Arbind Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7296/J dated 03.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 03.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Arbind Kumar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Nawadah | 03.10.2012 | B.Sc. L.L.B. | Nawadah Distt.- |
(File no. -A/Not-27/2012/8105/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)32 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
30 सितम्बर 2022
एस0ओ0 439, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7187/जे0, दिनांक-27.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री गणेश दास, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री गणेश दास | अधिवक्ता-सह-नोटरी अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, बलिया, जिला-बेगूसराय | 27.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | बेगूसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-26/2018/8345/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
30 सितम्बर 2022
एस0ओ0 439, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-26/2018/8345/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 30th September 2022
S.O. 439 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ganesh Das and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law33 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Department Notification No. 7187/J dated 27.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Ganesh Das | Advocate-cum- Notary Sub-divisional Civil Court, Begusarai | 27.09.2012 | B.A. L.L.B. | Begusarai Distt.- |
(File no. -A/Not-26/2018/8345/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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6 सितम्बर 2022
एस0ओ0 440, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7427/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री कुमार बिनोद सिन्हा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री कुमार बिनोद सिन्हा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, गया | 05.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | गया जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-25/2005/7637/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
6 सितम्बर 2022
एस0ओ0 440, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-25/2005/7637/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)34 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 6th September 2022
S.O. 440 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Kumar Binod Sinha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7427/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Kumar Binod Sinha | Advocate-cum- Notary Civil Court, Gaya | 05.10.2012 | B.A. L.L.B. | Gaya Distt.- |
(File no. -A/Not-25/2005/7637/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 441, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-2848/जे0, दिनांक-19.08.2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सत्येन्द्र प्रसाद, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-19.08.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री सत्येन्द्र प्रसाद अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, पटना | 19.08.2002 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | पटना जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-23/2000/7863/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)35 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 441, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-23/2000/7863/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 14th September 2022
S.O. 441 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Satyendra Prasad and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 2848/J dated 19.08.2002 to practice as notary again for the next five year from 19-08-2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Satyendra Prasad | Advocate-cum- Notary Civil Court, Patna | 19.08.2002 | B.A. L.L.B. | Patna Distt.- |
(File no. -A/Not-23/2000/7863/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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26 सितम्बर 2022
एस0ओ0 442, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7187/जे0, दिनांक-27.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री त्रिभुवन कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।36 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री त्रिभुवन क मार ु | अधिवक्ता-सह-नोटरी अनुमंडलीय न्यायालय, बलिया, जिला-बेगूसराय | 27.09.2012 | बी0कॉम एल0एल0बी0 | बेगूसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-22/2004/8224/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
26 सितम्बर 2022
एस0ओ0 442, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-22/2004/8224/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 26th September 2022
S.O. 442 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Tribhuwan Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7187/J dated 27.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Tribhuwan Kumar | Advocate-cum- Notary Sub-divisional Court Balia, | 27.09.2012 | B.Com. L.L.B. | Begusarai Distt.- |
(File no. -A/Not-22/2004/8224/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)37 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 443, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-1959/जे0, दिनांक-07.06.2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री कमलेश्वर शर्मा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-07.06.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री कमलेश्वर शर्मा, | अधिवक्ता-सह-नोटरी अनुमंडलीय व्यवहार न्यायालय, दाउदनगर, जि0-औरंगाबाद | 07.06.2002 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | औरंगाबाद जिलान्तर्गत दाउदनगर अनुमंडल |
(सं0 सं0-ए0/नोट-20/2000/7890/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 443, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-20/2000/7890/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 14th September 2022
S.O. 443 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Kamleshwar Sharma and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in38 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Law Department Notification No. 1959/J dated 07.06.2002 to practice as notary again for the next five year from 07.06.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Kamleshwar Sharma | Advocate-cum- Notary Subdivisional Civil Court, Daudnagar, Distt- Aurangabad | 07.06.2002 | B.Sc. L.L.B. | Daudnagar Subdivision Distt- Aurangabad |
(File no. -A/Not-20/2000/7890/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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6 सितम्बर 2022
एस0ओ0 444, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7459/जे0, दिनांक-08.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री ललन कुमार झा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-08.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री ललन कुमार झा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, दरभंगा | 08.10.2012 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | दरभंगा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-18/2001/7635/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)39 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
6 सितम्बर 2022
एस0ओ0 444, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-18/2001/7635/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 6th September 2022
S.O. 444 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Lalan Kumar Jha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7459/J dated 08.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 08.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Lalan Kumar Jha | Advocate-cum- Notary Civil Court, Darbhanga | 08.10.2012 | M.A. L.L.B. | Darbhanga Distt.- |
(File no. -A/Not-18/2001/7635/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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26 सितम्बर 2022
एस0ओ0 445, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7239/जे0, दिनांक-28.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सैयद इकबाल हुसैन, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-28.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।40 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री सैयद इकबाल हुसैन | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, सिवान | 28.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | सिवान जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-18/2000/8222/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
26 सितम्बर 2022
एस0ओ0 445, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-18/2000/8222/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 26th September 2022
S.O. 445 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Syed Ekbal Hussain and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7239/J dated 28.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 28-09-2012.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Syed Ekbal Hussain | Advocate-cum- Notary Civil Court, Siwan | 28.09.2012 | B.A. L.L.B. | Siwan Distt.- |
(File no. -A/Not-18/2000/8222/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)41 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 446, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7426/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सुशील कुमार श्रीवास्तव अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री सुशील कुमार श्रीवास्तव | अधिवक्ता-सह-नोटरी अनुमंडलीय न्यायालय, बेनीपट्टी, जिला-मधुबनी | 05.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | मधुबनी जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-17/2006/7920/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 446, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-17/2006/7920/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 16th September 2022
S.O. 446 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Sushil Kumar Srivastava and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State42 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Government in Law Department Notification No. 7426/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Sushil Kumar Srivastava | Advocate-cum- Notary Sub-divisional Court Benipatti, Madhubani | 05.10.2012 | B.A. L.L.B. | Madhubani Distt.- |
(File no. -A/Not-17/2006/7920/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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4 जुलाई 2022
एस0ओ0 447, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-135/जे0, दिनांक-12.01.1994 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री शिव शंकर प्रसाद सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-12.05.2020 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री शिव शंकर प्रसाद सिंह | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, शेखपुरा | 12.01.1994 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | शेखपुरा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-16/1993/5894/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
4 जुलाई 2022
एस0ओ0 447, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-16/1993/5894/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)43 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 4th July 2022
S.O. 447 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Shiv Shankar Prasad Singh and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 135/J dated 12.01.1994 to practice as notary again for the next five year from 12.05.2020.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Shiv Shankar Prasad Singh | Advocate-cum- Notary Civil Court , Sheikhpura | 12.01.1994 | B.A. L.L.B. | Sheikhpura Distt.- |
(File no. -A/Not-16/1993/5894/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 448, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7187/जे0, दिनांक-27.9.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री रत्नेश्वर प्रसाद सिन्हा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री रत्नेश्वर प्रसाद सिन्हा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय | 27.09.2012 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | बेगूसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-14/2004/8583/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)44 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 448, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-14/2004/8583/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 17th October 2022
S.O. 448 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ratneshwar Prasad Sinha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7187/J dated 27-09-2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Ratneshwar Prasad Sinha | Advocate-cum- Notary Civil Court, Begusarai | 27.09.2012 | M.A. L.L.B. | Begusarai Distt.- |
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary.
(Competent Authority)
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29 अगस्त 2022
एस0ओ0 449, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7234/जे0, दिनांक-27.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री अजय कुमार सिन्हा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पाँच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।45 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री अजय कुमार सिन्हा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, जमुई | 27.09.2012 | बी0कॉम0 एल0एल0बी0 | जमुई जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-14/2003/7446/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
29 अगस्त 2022
एस0ओ0 449, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-14/2003/7446/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 29th August 2022
S.O. 449 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ajay Kumar Sinha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7234/J dated 27.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Ajay Kumar Sinha | Advocate-cum- Notary Civil Court Jamui | 27.09.2012 | B.Com. L.L.B. | Jamui Distt.- |
(File no. -A/Not-14/2003/7446/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)46 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 450, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7426/जे0, दिनांक-05.10.2010 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री दिनेश कुमार पूर्वे, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री दिनेश कुमार पूवे र् | अधिवक्ता-सह-नोटरी अनुमंडलीय न्यायालय, जयनगर, मधुबनी | 05.10.2012 | बी0कॉम0 एल0एल0बी0 | मधुबनी जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-13/2006/7917/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 450, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-13/2006/7917/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 16th September 2022
S.O. 450 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Dinesh Kumar Purve and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7426/J dated 05-10-2012 to practice as notary again for the next five year from 05-10-2022.
47 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Dinesh Kumar Purve | Advocate-cum- Notary Sub-divisional Court Jaynagar, Madhubani | 05.10.2012 | B.Com L.L.B. | Madhubani Distt.- |
(File no. -A/Not-13/2006/7917/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 451, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7425/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री फणीन्द्र प्रसाद तिवारी, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री फणीन्द्र प्रसाद तिवारी | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, सारण (छपरा) | 05.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | सारण जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-13/2006/8585/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 451, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-13/2006/8585/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 17th October 2022
S.O. 451 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to48 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 authorise Shri Phanindra Prasad Tiwary and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7425/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Phanindra Prasad Tiwary | Advocate-cum- Notary Civil Court, Saran (Chapra) | 05.10.2012 | B.A. L.L.B. | Saran (Chapra) Distt.- |
(File no. -A/Not-13/2006/8585/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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8 सितम्बर 2022
एस0ओ0 452, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-1018/जे0, दिनांक-16.03.2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री प्रकाश कुमार गुप्ता, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-16.03.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री प्रकाश कुमार गुप्ता | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, गया | 16.03.2002 | बी0कॉम0 एल0एल0बी0 | गया जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-13/1999/7706/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)49 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
8 सितम्बर 2022
एस0ओ0 452, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-13/1999/7706/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 8th September 2022
S.O. 452 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Prakash Kumar Gupta and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 1018/J dated 16.03.2002 to practice as notary again for the next five year from 16.03.2022
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Prakash Kumar Gupta | Advocate-cum- Notary Civil Court, Gaya | 16.03.2002 | B.Com. L.L.B. | Gaya Distt.- |
(File no. -A/Not-13/1999/7706/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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6 सितम्बर 2022
एस0ओ0 453, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7135/जे0, दिनांक-25.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री महात्मा कुमार पाठक, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-25.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।50 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री महात्मा क मार पाठक ु | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, गोपालगंज | 25.09.2012 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | गोपालगंज जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-12/2006/7638/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
6 सितम्बर 2022
एस0ओ0 453, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-12/2006/7638/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 6th September 2022
S.O. 453 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Mahatma Kumar Pathak and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7135/J dated 25.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 25.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Mahatma Kumar Pathak | Advocate-cum- Notary Civil Court, Gopalganj | 25.09.2012 | B.Sc. L.L.B. | Gopalganj Distt.- |
(File no. -A/Not-12/2006/7638/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)51 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
21 सितम्बर 2022
एस0ओ0 454, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7426/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री कुमार विद्यानन्द, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री कुमार विद्यानन्द | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, मधुबनी | 05.10.2012 | एम0एस0सी0 एल0एल0बी0 | मधुबनी जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-12/2004/8106/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
21 सितम्बर 2022
एस0ओ0 454, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-12/2004/8106/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 21st September 2022
S.O. 454 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Kumar Vidyanand and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in52 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Law Department Notification No. 7426/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Kumar Vidyanand | Advocate-cum- Notary Civil Court, Madhubani | 05.10.2012 | M.Sc. L.L.B. | Madhubani Distt.- |
(File no. -A/Not-12/2004/8106/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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21 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 455, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-843/जे0, दिनांक-08.03.2006 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सतीश कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-08.03.2021 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री सतीश कुमार | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, शेखपुरा | 08.03.2006 | एम0एस0सी0 एल0एल0बी0 | शेखपुरा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-11/2001/8793/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
21 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 455, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-11/2001/8793/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)53 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 21st October 2022
S.O. 455 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Satish Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 843/J dated 08-03-2006 to practice as notary again for the next five year from 08-03-2021
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Satish Kumar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Sheikhpura | 08.03.2006 | M.Sc. L.L.B. | Sheikhpura Distt.- |
(File no. -A/Not-11/2001/8793/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 456, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7352/जे0, दिनांक-04.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री पुरूषोत्तम झा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-04.10.2017 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री पुरूषोत्तम झा, अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, मुंगेर | 04.10.2012 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | मुंगेर जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-10/2000/8578/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)54 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 456, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-10/2000/8578/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 17th October 2022
S.O. 456 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Purushottam Jha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7352/J dated 04.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 04.10.2017.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Purushottam Jha | Advocate-cum- Notary Civil Court, Munger | 04.10.2012 | M.A. L.L.B. | Munger Distt.- |
(File no. -A/Not-10/2000/8578/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 457, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7187/जे0, दिनांक-27.9.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री राजेश रंजन सहाय, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।55 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री राजेश रंजन सहाय | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय | 27.09.2012 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | बेगूसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-09/2003/8581/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 457, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-09/2003/8581/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 17th October 2022
S.O. 457 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Rajesh Ranjan Sahay and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7187/J dated 27-09-2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Rajesh Ranjan Sahay | Advocate-cum- Notary Civil Court, Begusarai | 27.09.2012 | B.Sc. L.L.B. | Begusarai Distt.- |
(File no. -A/Not-09/2003/8581/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)56 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
9 सितम्बर 2022
एस0ओ0 458, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7459/जे0, दिनांक-08.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सुरेन्द्र मिश्र, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-08.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री सुरेन्द्र मिश्र | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, दरभंगा | 08.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | दरभंगा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-07/2003/7741/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
9 सितम्बर 2022
एस0ओ0 458, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-07/2003/7741/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 9th September 2022
S.O. 458 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Surendra Mishra and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in57 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Law Department Notification No. 7459/J dated 08.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 08.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Surendra Mishra | Advocate-cum- Notary Civil Court Darbhanga | 08.10.2012 | B.A. L.L.B. | Darbhanga Distt.- |
(File no. -A/Not-07/2003/7741/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 459, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7426/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री कृष्ण कुमार सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री कृष्ण कुमार सिंह | अधिवक्ता-सह-नोटरी अनुमंडलीय न्यायालय, जयनगर, मधुबनी | 05.10.2012 | एम0एस0सी0 एल0एल0बी0 | मधुबनी जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-06/2006/7921/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 459, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-06/2006/7921/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)58 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 16th September 2022
S.O. 459 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Krishna Kumar Singh and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7426/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Krishna Kumar Singh | Advocate-cum- Notary Civil Court, Madhubani | 05.10.2012 | M.Sc. L.L.B. | Madhubani Distt.- |
(File no. -A/Not-06/2006/7921/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 460, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7426/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री जितेन्द्र लाल दास, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री जितेन्द्र लाल दास | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, झंझारपुर, मधुबनी | 05.10.2012 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | मधुबनी जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-04/2010/7918/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)59 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 460, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-04/2010/7918/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी।
(सक्षम प्राधिकार)
The 16th September 2022
S.O. 460 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Jitendra Lal Das and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7426/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Jitendra Lal Das | Advocate-cum- Notary Civil Court, Jhanjharpur, Madhubani | 05.10.2012 | B.Sc. L.L.B. | Madhubani Distt.- |
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary.
(Competent Authority)
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17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 461, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7426/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री दशरथ बेयार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।60 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री दशरथ बेयार | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, मधुबनी | 05.10.2012 | एम0एस0सी0 एल0एल0बी0 | मधुबनी जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-03/2010/8588/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 461, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-03/2010/8588/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिर्व।
(सक्षम प्राधिकार)
The 17th October 2022
S.O. 461 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Dashrath Veyar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7426/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Dashrath Veyar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Madhubani | 05.10.2012 | M.Sc. L.L.B. | Madhubani Distt.- |
(File no. -A/Not-03/2010/8588/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)61 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 462, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7182/जे0, दिनांक-26.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री नन्द किशोर प्रसाद, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-26.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री नन्द किशोर प्रसाद | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, निर्मली, जिला-सुपौल | 26.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | सुपौल जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-03/2005/7891/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
14 सितम्बर 2022
एस0ओ0 462, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-03/2005/7891/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 14th September 2022
S.O. 462 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Nand Kishor Prasad and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in62 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Law Department Notification No. 7182/J dated 26.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 26.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Nand Kishor Prasad | Advocate-cum- Notary Civil Court, Nirmali Distt.-Supaul | 26.09.2012 | B.A. L.L.B. | Supaul Distt.- |
(File no. -A/Not-03/2005/7891/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 463, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7352/जे0, दिनांक-04.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री एस0 एम0 अरसदुल हक, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-.04.10.2017 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री एस0 एम0 अरसदुल हक | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, मुंगेर | 04.10.2012 | बी0कॉम0 एल0एल0बी0 | मुंगेर जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-02/2012/8579/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 463, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-02/2012/8579/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)63 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 17th October 2022
S.O. 463 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri S. M. Arsadul Haque and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7352/J dated 04.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 04.10.2017.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri S. M. Arsadul Haque | Advocate-cum- Notary Civil Court, Munger | 04.10.2012 | B.Com L.L.B. | Munger Distt.- |
(File no. -A/Not-02/2012/8579/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 464, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7426/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री चन्द्रपति नारायण लाल, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री चन्द्रपति नारायण लाल | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, मधुबनी | 05.10.2012 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | मधुबनी जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-02/2010/7916/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)64 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 464, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-02/2010/7916/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 16th September 2022
S.O. 464 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Chandrapati Narayan Lal and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7426/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Chandrapati Narayan Lal | Advocate-cum- Notary Civil Court, Madhubani | 05.10.2012 | M.A. L.L.B. | Madhubani Distt.- |
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary.
(Competent Authority)
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7 सितम्बर 2022
एस0ओ0 465, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-5501/जे0, दिनांक-13.02.1999 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री मदन कुमार सिन्हा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-13.02.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।65 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री मदन कुमार सिन्हा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, खगड़िया | 13.02.1999 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | खगड़िया जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-02/1997/7676/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
7 सितम्बर 2022
एस0ओ0 465, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-02/1997/7676/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 7th September 2022
S.O. 465 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Madan Kumar Sinha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 5501/J dated 13.02.1999 to practice as notary again for the next five year from 13.02.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Madan Kumar Sinha | Advocate-cum- Notary Civil Court, Khagariya | 13.02.1999 | B.Sc. L.L.B. | Khagariya Distt.- |
(File no. -A/Not-02/1997/7676/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)66 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 466, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7132/जे0, दिनांक-25.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-25.09.2017 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री सुरेन्द्र प्रसाद सिंह | अधिवक्ता-सह-नोटरी अनुमंडलीय न्यायालय, दाउदनगर, जिला- औरंगाबाद | 25.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | औरंगाबाद जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-64/2001/7923/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
16 सितम्बर 2022
एस0ओ0 466, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-64/2001/7923/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 16th September 2022
S.O. 466 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Surendra Prasad Singh and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State67 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Government in Law Department Notification No. 7132/J dated 25.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 25.09.2017.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Surendra Prasad Singh | Advocate-cum- Notary Sub-divisional Court, Daudnagar, Aurangabad | 25.09.2012 | B.A. L.L.B. | Aurangabad Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-64/2001/7923/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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6 सितम्बर 2022
एस0ओ0 467, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7459/जे0, दिनांक-08.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सुरेश प्रसाद, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-08.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री सुरेश प्रसाद | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, दरभंगा | 08.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | दरभंगा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-48/2003/7636/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
6 सितम्बर 2022
एस0ओ0 467, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-48/2003/7636/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)68 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 6th Sptember 2022 S.O. 467 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Suresh Prasad and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7459/J dated 08.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 08.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Suresh Prasad | Advocate-cum- Notary Civil Court, Darbhanga | 08.10.2012 | B.A. L.L.B. | Darbhanga Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-48/2003/7636/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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8 सितम्बर 2022
एस0ओ0 468, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7459/जे0, दिनांक-08.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सर्वेश कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-08.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री सर्वेश कुमार | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, दरभंगा | 08.10.2012 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | दरभंगा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-47/2006/7728/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
8 सितम्बर 2022
एस0ओ0 468, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-47/2006/7728/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)69 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 8th September 2022
S.O. 468 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Sarvesh Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7459/J dated 08.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 08.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Sarvesh Kumar | Advocate-cum- Notary Civil Court Darbhanga | 08.10.2012 | B.Sc. L.L.B. | Darbhanga Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-47/2006/7728/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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12 जुलाई 2022
एस0ओ0 469, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7182/जे0, दिनांक-26.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री विनोदानन्द झा,, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-26.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री विनोदानन्द झा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, सुपौल | 26.9.2012 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | सुपौल जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-45/2006/6084/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)70 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
12 जुलाई 2022
एस0ओ0 469, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-45/2006/6084/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 12th July 2022
S.O. 469 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Binoda Nand Jha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7182/J dated 26.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 26.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Binoda Nand Jha | Advocate-cum- Notary Civil Court Supaul | 26.09.2012 | M.A. L.L.B. | Supaul Distt.- |
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary.
(Competent Authority)
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7 सितम्बर 2022
एस0ओ0 470, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7347/जे0, दिनांक-04.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री विजय कुमार सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-04.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।71 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री विजय कुमार सिंह | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, जहानाबाद | 04.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | जहानाबाद जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-40/2008/7675/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
7 सितम्बर 2022
एस0ओ0 470, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-40/2008/7675/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 7th September 2022
S.O. 470 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Vijay Kumar Singh and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7347/J dated 04.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 04.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Vijay Kumar Singh | Advocate-cum- Notary Civil Court, Jehanabad | 04.10.2012 | B.A. L.L.B. | Jehanabad Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-40/2008/7675./J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)72 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 471, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7187/जे0, दिनांक-27.9.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री मनोज कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-27.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री मनोज कुमार | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, बेगूसराय | 27.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | बेगूसराय जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-37/2002/8582/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 471, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-37/2002/8582/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 17th October 2022
S.O. 471 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Manoj Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law73 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Department Notification No. 7187/J dated 27-09-2012 to practice as notary again for the next five year from 27.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Manoj Kumar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Begusarai | 27.09.2012 | B.A. L.L.B. | Begusarai Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-37/2002/8582/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 472, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7134/जे0, दिनांक-25.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री प्रमोद शर्मा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-25.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री प्रमोद शर्मा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, अरवल | 25.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | अरवल जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-28/2006/8586/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 472, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-28/2006/8586/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)74 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 17th October 2022 S.O. 472 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Pramod Sharma, and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7134/J dated 25.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 25.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Pramod Sharma | Advocate-cum- Notary Civil Court, Arwal | 25.09.2012 | B.A. L.L.B. | Arwal Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-28/2006/8586/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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7 सितम्बर 2022
एस0ओ0 473, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7347/जे0, दिनांक-04.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री संजय कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-04.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री संजय कुमार | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, जहानाबाद | 04.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | जहानाबाद जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-21/2006/7674/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)75 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
7 सितम्बर 2022
एस0ओ0 473, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-21/2006/7674/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 7th September 2022
S.O. 473 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Sanjay Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7347/J dated 04.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 04.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Sanjay Kumar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Jehanabad | 04.10.2012 | B.A. L.L.B. | Jehanabad Distt.- |
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary.
(Competent Authority)
-------
8 सितम्बर 2022
एस0ओ0 474, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7459/जे0, दिनांक-08.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री देवेन्द्र प्रसाद सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-08.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।76 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री देवेन्द्र प्रसाद सिंह | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, दरभंगा | 08.10.2012 | एम0एस0सी0 एल0एल0बी0 | दरभंगा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-18/2006/7729/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
8 सितम्बर 2022
एस0ओ0 474, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-18/2006/7729/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 8th September 2022
S.O. 474 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Devendra Prasad Singh and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7459/J dated 08.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 08.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Devendra Prasad Singh | Advocate-cum- Notary Civil Court Darbhanga | 08.10.2012 | M.Sc. L.L.B. | Darbhanga Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-18/2006/7729/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)77 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
22 सितम्बर 2022
एस0ओ0 475, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7427/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री हसीबुल हसन, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री हसीबुल हसन | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, गया | 05.10.2012 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | गया जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-18/2002/8126/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
22 सितम्बर 2022
एस0ओ0 475, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-18/2002/8126/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 22nd September 2022
S.O. 475 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Hasibul Hasan and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law78 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Department Notification No. 7427/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Hasibul Hasan | Advocate-cum- Notary Civil Court, Gaya | 05.10.2012 | B.Sc. L.L.B. | Gaya Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-18/2002/8126/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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30 सितम्बर 2022
एस0ओ0 476, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7347/जे0, दिनांक-04.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री शशि भूषण प्रसाद सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-04.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए े प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री शशि भूषण प्रसाद सिंह | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, जहानाबाद | 04.10.2012 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | जहानाबाद जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-16/2007/8346/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
30 सितम्बर 2022
एस0ओ0 476, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-16/2007/8346/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)79 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 The 30th September 2022
S.O. 476 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Shashi Bhusan Prasad Singh and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7347/J dated 04.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 04.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Shashi Bhusan Prasad Singh | Advocate-cum- Notary Civil Court, Jehanabad | 04.10.2012 | M.A. L.L.B. | Jehanabad Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-16/2007/8346/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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21 सितम्बर 2022
एस0ओ0 477, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7296/जे0, दिनांक-03.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री भारत भूषण सिन्हा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-03.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री भारत भूषण सिन्हा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, नवादा | 03.10.2012 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | नवादा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-06/2006/8104/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)80 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
21 सितम्बर 2022
एस0ओ0 477, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
((सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-06/2006/8104/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 21st September 2022
S.O. 477 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Bharat Bhushan Sinha and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7296/J dated 03.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 03.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Bharat Bhushan Sinha | Advocate-cum- Notary Civil Court, Nawadah | 03.10.2012 | M.A. L.L.B. | Nawadah Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-06/2006/8104/J)
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary.
(Competent Authority)
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17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 478, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7239/जे0, दिनांक-28.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री अवधेश कुमार अधिवक्ता, जिनका नोटरीज81 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-28.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री अवधेश क मार ु | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, सिवान | 28.9.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | सिवान जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-03/2006/8580/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
17 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 478, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-03/2006/8580/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 17th October 2022
S.O. 478 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Awadhesh Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7239/J dated 28.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 28.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Awadhesh Kumar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Siwan | 28.09.2012 | B.A. L.L.B. | Siwan Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-03/2006/8580/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)82 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
8 सितम्बर 2022
एस0ओ0 479, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7459/जे0, दिनांक-08.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री फिरोज अहमद खाँ, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-08.10.2022 से पुनः अगामी पाँच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री फिरोज अहमद खाँ | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, दरभंगा | 08.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | दरभंगा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-02/2005/7730/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
8 सितम्बर 2022
एस0ओ0 479, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-02/2005/7730/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 8th September 2022
S.O. 479 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Firoz Ahmed Khan and whose detail according to Notary Register is given83 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7459/J dated 08.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 08.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Firoz Ahmed Khan | Advocate-cum- Notary Civil Court Darbhanga | 08.10.2012 | B.A. L.L.B. | Darbhanga Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-02/2005/7730/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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21 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 480, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7347/जे0, दिनांक-04.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री शिवजी शर्मा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-04.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री शिवजी शर्मा | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, जहानाबाद | 04.10.2012 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | जहानाबाद जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-01/2008/8794/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)84 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
21 अक्तूबर 2022
एस0ओ0 480, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-01/2008/8794/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 21st October 2022
S.O. 480 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Shivjee Sharma and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7347/J dated 04.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 04.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Shivjee Sharma | Advocate-cum- Notary Civil Court, Jehanabad | 04.10.2012 | B.Sc. L.L.B. | Jehanabad Distt.- |
(File no. -A/Not(s)-01/2008/8794/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
-------
21 सितम्बर 2022
एस0ओ0 481, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7355/जे0, दिनांक-04.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री अजीत रंजन कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-04.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री अजीत रंजन क मार ु | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, आरा, भोजपुर | 04.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | भोजपुर जिला |
2. क्रिमीनल विविध वाद आरा, नवादा थाना कांड सं0-05/2014 में श्री अजीत रंजन कुमार के विरुद्ध संस्थित मामलों के निर्णय से यह व्यवसाय प्रमाण पत्र प्रभावित होगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(डी)-10/2003/8109/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
21 सितम्बर 2022
एस0ओ0 481, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(डी)-10/2003/8109/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 21st September 2022
S.O. 481 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ajeet Ranjan Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7355/J dated 04.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 04.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Ajeet Ranjan Kumar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Ara (Bhojpur) | 04.10.2012 | B.A. L.L.B. | Bhojpur Distt.- |
(cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 2. This certificate of practice is subjected to the out come of the decision in miscellaneous Criminal Case-05/2014 instituted against Shri Ajeet Ranjan Kumar.
(File no. -A/Not(D)-10/2003/8109/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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6 सितम्बर 2022
एस0ओ0 482, दिनांक 30 नवम्बर 2022--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7135/जे0, दिनांक-25.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री मनोज कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-25.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री मनोज कुमार | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, गोपालगंज | 25.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | गोपालगंज जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(डी)-09/2003/7639/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
6 सितम्बर 2022
एस0ओ0 482, दिनांक 30 नवम्बर 2022 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(डी)-09/2003/7639/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 6th September 2022
S.O. 482 dated the 30th September 2022--In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Manoj Kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law87 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Department Notification No. 7135/J dated 25.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 25.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Manoj Kumar | Advocate-cum- Notary Civil Court, Gopalganj | 25.09.2012 | B.A. L.L.B. | Gopalganj Distt.- |
(File no. -A/Not(D)-09/2003/7639/J) By Order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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सहकारिता विभाग
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अधिसूचनाएं
17 नवम्बर 2022
सं0 01/रा०स्था०(निजी)-55/2022 सह०/3779--महालेखाकार (ले० एवं हक०), बिहार, पटना के पत्रांक-LR: 091120221201065 के आलोक में श्री जवाहर प्रसाद, संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर को अपनी पत्नी की चिकित्सा हेतु बिहार सेवा संहिता के नियम 227, 230 एवं 248 में निहित प्रावधानानुसार दिनांक- 15.11.2022 से 26.11.2022 तक कुल 12 (बारह) दिनों के उपार्जित अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
2. उक्त स्वीकृति के पश्चात् 288 (दो सौ अठासी) दिनों का उपार्जित अवकाश शेष रहेगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सियाराम सिंह, उप-सचिव।
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18 नवम्बर 2022
सं0 01/रा॰स्था॰से॰संपु॰-25/2020 सह॰-3811--भारत के संविधान के अनुच्छेद- 309 के परन्तुक के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार के राज्यपाल बिहार सहकारिता प्रशासनिक सेवा संवर्ग (भर्त्ती एवं सेवा शर्त्तें) नियमावली, 2011 का संशोधन करने के लिए निम्नलिखित संशोधन नियमावली बनाते हैं-
1. संक्षिप्त नाम और विस्तार :- (i) यह नियमावली 'बिहार सहकारिता प्रशासनिक सेवा संवर्ग (भर्त्ती एवं सेवा शर्त्तें) (संशोधन) नियमावली, 2022 कही जायेगी।
(ii) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य में होगा। 2. बिहार सहकारिता प्रशासनिक सेवा संवर्ग (भर्त्ती एवं सेवा शर्त्तें) नियमावली, 2011 के अध्याय- IV के नियम- 9 की कंडिका (3) एवं (5) को राजस्व पर्षद द्वारा निर्णय लिये जाने की तिथि अर्थात् दिनांक-15.05.2018 के प्रभाव से विलोपित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सियाराम सिंह, उप-सचिव।
The 18th November 2022
No. 01/Ra.Astha.se.Sampu.-25/2020 Sah.-3812---in exercise of the power conferred by the proviso to Article 309 to the constitution of India, the Governor of Bihar is pleased to make the following amendment rules to amend in Bihar Cooperative Administrative service cadre (Recruitment and Service conditions) Rule, 2011 :-
88 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 20221. Short title and extent :-
(i) These rules may be called the Bihar Cooperative Administrative Service Cadre (Recruitment and service conditions) (Amendment) Rule, 2022.
(ii) It shall extent to the whole of the State of Bihar. 2. The Para (3) and (5) of Rule–9 of chapter-IV of the Bihar Cooperative Administrative service cadre (Recruitment and service conditions) Rule, 2011 shall be deleted with effect from on which date, decision taken by Board of Revenue i.e. 15-05-2018.
By the order of the Governor of Bihar, Siyaram Singh, Deputy Secretary.
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11 नवम्बर 2022
सं0 8/नि॰को॰(रा॰)विभागीय-722/2017-3697--श्री अशोक कुमार रजक, तत्कालीन संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर सम्प्रति सेवानिवृत्त विभागीय पत्रांक-3139 दिनांक-17.07.2013 द्वारा निर्गत आदेशों के प्रतिकूल कार्य करने, वित्तीय अनियमितता तथा कर्तव्य निर्वहन में चूक के आरोप के लिए आरोप पत्र गठित कर विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1445 दिनांक- 05.04.2019 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गई।
श्री रजक के दिनांक-31.12.2018 को सेवानिवृत हो जाने के कारण विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1445 दिनांक-05.04. 2019 द्वारा उनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली 1950 के नियम 43(बी) के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया। 2. श्री सुधीर कुमार, भा0प्र0से0, मुख्य जाँच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना -सह- संचालन पदाधिकारी के पत्रांक 886 दिनांक 19.11.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन/अधिगम प्राप्त हुआ जिसमें आरोप को आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया। विभागीय पत्रांक-124 दिनांक-12.01.2022 द्वारा जाँच प्रतिवेदन/अधिगम की छायाप्रति आरोपी पदाधिकारी को भेजते हुए उनसे जाँच प्रतिवेदन/अधिगम के आलोक में लिखित अभ्यावेदन/निवेदन (द्वितीय कारण पृच्छा) की माँग की गई।
3. श्री अशोक कुमार रजक द्वारा दिनांक-21.01.2022 को अपना लिखित अभ्यावेदन/निवेदन (द्वितीय कारण पृच्छा) समर्पित किया गया। श्री रजक के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन/अधिगम एवं उनके लिखित अभ्यावेदन/निवेदन (द्वितीय करण पृच्छा) की सम्यक समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त उक्त आंशिक रूप से प्रमाणित आरोप के लिए विभाग द्वारा श्री अशोक कुमार रजक को बिहार पेंशन नियमावली के नियम 43(बी) के तहत 05 (पाँच) प्रतिशत पेंशन, 01 (एक) वर्ष के लिए कटौती का दंड संसूचित करने का निर्णय लिया गया है। श्री रजक के विरूद्ध प्रस्तावित दण्ड पर विभागीय पत्रांक 2661 दिनांक 04.08.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति मांगी गयी जिसपर आयोग के पत्रांक-2737 दिनांक-22.10.2022 द्वारा 05 (पाँच) प्रतिशत पेंशन, 01 (एक) वर्ष के लिए कटौती करने संबंधी दंड पर सहमति व्यक्त की गयी है।
4. श्री अशोक कुमार रजक, तत्कालीन संयुक्त निबंधक, सहयोग समितियाँ, तिरहुत प्रमंडल, मुजफ्फरपुर सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप मुख्य जाँच आयुक्त -सह- संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के तहत 5 (पाँच) प्रतिशत पेंशन, 01 (एक) वर्ष के लिए कटौती करने का दण्ड संसूचित किया जाता है और इस विभागीय कार्यवाही को समाप्त किया जाता है।
इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार के राज्यपाल के आदेश से, ऋचा कमल, उप-सचिव।
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जल संसाधन विभाग
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आवश्यक सूचना
18 नवम्बर 2022
सं0 सिं॰को॰-01/2001 पार्ट V- 467--मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग, दरभंगा के परिक्षेत्राधीन पश्चिमी कोशी नहर परियोजना के अवशेष कार्य एवं पुनस्र्थापन कार्य तथा कमला सिंचाई योजना के निम्न प्रवाह में बराज के निर्माण हेतु रब्बी सिंचाई 2022-23 के दौरान इन योजनाओं के नहरों का संचालन बंद रखने का निर्णय लिया गया है । अतः इन नहरों के कमाण्ड क्षेत्र के कृषकों को सूचित किया जाता है कि आगामी रब्बी सिंचाई 2022-23 की अवधि में इनमें जलापूर्ति नहीं की जा सकेगी । उनसे अनुरोध है कि उक्त अवधि में रब्बी सिंचाई हेतु वैकल्पिक व्यवस्था से पटवन करने का कष्ट करेंगे । उपरोक्त कार्य में किसानों का भरपूर सहयोग प्रार्थित है ।
आदेश से, देव नारायण पाण्डेय, संयुक्त सचिव (अभियंत्रण)।89 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
पटना उच्च न्यायालय
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अधिसूचनाएं
1 जुलाई 2022
सं0 243 नि0ः--श्री राघवेन्द्र नारायण सिंह, अवर न्यायाधीश-सह-अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, सासाराम (रोहतास) का स्थानांतरण एवं पदस्थापना न्यायालय के अधिसूचना संख्या 214नि0 दिनांक 19.05.2022 से किया गया था़, को एतद् द्वारा वापस लिया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, प्रभारी महानिबंधक।
The 1st July 2022
No. 243 A :--The transfter and posting of Sri Raghwendra Narayan Singh, Sub Judge-cum-A.C.J.M., Sasaram, (Rohtas) notified vide Court's notification no. 214 A dated 19.05.2022 stands recalled.
By order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General I/C.
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2 जुलाई 2022
सं0 245 नि0 ः--दण्ड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 द्वारा प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय श्री मृत्युंजय सिंह, न्यायिक दण्डाधिकारी-प्रथम श्रेणी, मुजफ्फरपुर (पूर्वी)/विशेष न्यायाधीश सी0बी0आई0, मुजफ्फरपुर को छपरा, सीवान, गोपालगंज, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, वैशाली, शिवहर, पूर्वी चम्पारण पश्चिम चम्पारण, दरभंगा, मधुबनी एवं समस्तीपुर जिला क्षेत्रों के लिए जिसका मुख्यालय मुजफ्फरपुर रहेगा, को विधि विभाग के अधिसूचना संख्या- 2218/जे0, दिनांक 01.07.2005 द्वारा स्थापित न्यायिक दण्डाधिकारी के मुजफ्फरपुर (पूर्वी) में स्थित एक अतिरिक्त विशेष न्यायालय का दण्डाधिकारी-सह-पीठासीन पदाधिकारी नियुक्त करता है और दिल्ली स्पेशल पुलिस इस्टेबलिसमेन्ट ऐक्ट 1946 की धारा-3 के अन्तर्गत डी0एस0पी0ई0 मुजफ्फरपुर शाखा के द्वारा जाँच किये गये वादों के निष्पादन या निष्पादन हेतु सुपुर्द करने के शक्तियाँ प्रदान करता है।
इन्हें उक्त संहिता की धारा 190 की उपधारा (1) के खण्ड (i) के अधीन डी0एस0पी0ई0 मुजफ्फरपुर शाखा के द्वारा उपरोक्त जिला क्षेत्रों में जाँच किए गए वैसे वादों को जिसका निष्पादन या निष्पादन हेतु सुपुर्द करने में वे सक्षम है, संज्ञान लेने की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती है।
श्री हेमंत कुमार अनन्य रूप से सप्ताह में सिर्फ दो दिन विशेष न्यायिक दण्डाधिकारी, सी0बी0आई0 कोर्ट, मुजफ्फरपुर (पूर्वी) के रूप में कार्य करेंगे और दीवानी तथा अपराधिक मुकदमों का निष्पादन करेंगे।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक प्रभारी।
The 2nd July 2022
No. 245 A: --In exercise of powers conferred under section 11 of the code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974), the Court have been pleased to appoint Sri Mritunjai Singh, Judicial Magistrate-1st Class, Muzaffarpur (East), as the Special Magistrate-cum-P.O. of the Additional Special Court of Judicial Magistrate at Muzaffarpur (East) established vide Law Department Notification No. 2218/J dated 01.07.2005 for the entire state of Bihar with Headquarters at Muzaffarpur to try and if necessary to commit for trial the cases investigated by the Delhi Special Police Establishment of other branches also besides the Muzaffarpur Branch, with respect to the offences covered under section 3 of the Delhi Special Police Establishment Act, 1946 for the area of jurisdiction of the Districts of Chapra, Siwan, Gopalganj, Muzaffarpur, Sitamarhi, Vaishali, Sheohar, East Champaran, West Champaran, Darbhanga, Madhubani and Samastipur as mentioned in law (J) Deptt. Notification No. 1534/J dated 13.05.2006. The Court have further been pleased to confer upon the said Magistrate the powers to take cognizance of such cases investigated by the Delhi Special Police Establishment of the Muzaffarpur Branch, under Sub-Section (1) (b) of Section 190 of the Criminal Procedure Code, 1973 and to try or commit for trial of the cases investigated by the Delhi Special Police Establishment of the Muzaffarpur Branch.
90(cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 Sri Mritunjai Singh, Judicial Magistrate-1st Class, Muzaffarpur (East) would be designated as C.B.I. Judicial Magistrate-cum-Special Judge, C.B.I. Court, Muzaffarpur for two days exclusively in the week and the rest of the days he would function as Judicial Magistrate-I Class, Muzaffarpur (East) and shall take up othe Criminal and Civil cases within his jurisdiction.
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General I/C.
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7 जुलाई 2022
सं0 248 नि0ः--दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को स्तंभ-3 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती हैं।
| क्रम संख्या | पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान | जिला का नाम |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | श्री रौशन कुमार छपोलिया मुंसिफ, पालीगंज (पटना) | पटना |
| 2. | श्री सन्नी कुमार मुंसिफ, बारसोई (कटिहार) | कटिहार |
| 3. | श्री ईश्वर चन्द्र अकेला मुंसिफ, अरवल (जहानाबाद) | अरवल |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, प्रभारी महानिबंधक।
The 7th July 2022
No. 248 A:--In exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the Munsifs (Civil Judge, Junior Division) named in column no. 2 of the table given below, the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class also for the district noted against their name in column no. 3 of the table.
| Sl. No. | Name of the Officers with designation and present place of posting | Name of the District |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | Sri Raushan Kumar Chhapolia, Munsif, Paliganj (Patna) | Patna |
| 2. | Sri Sanni Kumar, Munsif, Barsoi (Katihar) | Katihar |
| 3. | Sri Eshwar Chandra Akela, Munsif, Arwal (Jehanabad) | Arwal |
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General I/C.
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3 अगस्त 2022
सं0 280 नि0ः--दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को स्तंभ-3 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती हैं।91 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| क्रम संख्या | पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान | जिला का नाम |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | रितु कुमारी, मुंसिफ, शेखपुरा। | शेखपुरा |
| 2. | श्री आशीष कुमार मणि, मुंसिफ, रक्सौल, मोतिहारी। | पूर्वी चम्पारण |
| 3. | श्री अभिषेक आनन्द, मुंसिफ, बेनीपुर। | दरभंगा |
| 4. | श्री जयप्रकाश वर्मा, मुंसिफ, बेनीपट्टी। | मधुबनी |
| 5. | श्री सुधीर कुमार पासवान, मुंसिफ, बखरी। | बेगूसराय |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, प्रभारी महानिबंधक।
The 3rd August 2022
No. 280 A :--In exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the Munsifs (Civil Judge, Junior Division) named in column no. 2 of the table given below, the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class also for the district noted against their name in column no. 3 of the table. Sl. No. Name of the Officers with designation
| Sl. No. | Name of the Officers with designation and present place of posting | Name of the District |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | Ms. Ritu Kumari, Munsif, Sheikhpura | Sheikhpura |
| 2. | Sri Ashish Kumar Mani, Munsif, Raxaul at Motihari | East Champaran |
| 3. | Sri Abhishek Anand, Munsif, Benipur | Darbhanga |
| 4. | Sri Jaiprakash Verma, Munsif, Benipatti | Madhubani |
| 5. | Sri Sudhir Kumar Paswan, Munsif, Bakhari | Begusarai |
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General I/C.
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1 सितम्बर 2022
सं0 350 नि॰ः--अपने वर्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर श्री प्रदीप कुमार मलिक, जिला एवं सत्र न्यायाधीश सम्प्रति निबंधक, राज्य आयोग, उपभोक्ता संरक्षण, पटना के रूप में प्रतिनियुक्त को सिवान के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक प्रभारी।
The 1st September 2022 No. 350 A :--On being relieved of his present assignment, Sri Pradeep Kumar Malik, District and Sessions Judge, presently posted as Registrar, State Commission, Consumer Protection, Patna on deputation is transferred and posted as District and Sessions Judge of Siwan vice Sri Ajit Kumar Sinha, since retired.
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General I/C.
92 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 1 सितम्बर 2022सं0 351 नि0ः--निम्न तालिका के स्तम्भ-2 में उल्लिखित पदाधिकारियों को, तालिका के स्तम्भ-3 में निर्देशित स्थान एवं स्तंभ 4 में दी गई स्थानांतरण श्रृंखला के अन्तर्गत जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में कार्य हेतु स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।
| क्रम संख्या | पदाधिकारी का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान। | स्थान का नाम जहाँ पदाधिकारी स्थानान्तरित किए गए। | स्थानांतरण श्रृंखला |
| 1. | 2. | 3. | 4. |
| 1. | श्री मदन किशोर कौशिक, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, सुपौल। | किशनगंज | रिक्त |
| 2. | श्री कृष्ण बिहारी पाण्डेय, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीतामढ़ी। | मुंगेर | स्थानांतरित श्री अशोक कुमार पाण्डेय के स्थान पर। |
| 3. | श्री अशोक कुमार पाण्डेय, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुंगेर। | सीतामढ़ी | स्थानांतरित श्री कृष्ण बिहारी पाण्डेय के स्थान पर। |
| 4. | श्री राजीव रंजन, सदस्य सचिव, बिहार राज्य विधि सेवा प्राधिकार, पटना। | पटना | रिक्त |
| 5. | श्री मनोज कुमार तिवारी, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, औरंगाबाद। | गया | रिक्त |
| 6. | श्री हसमुद्दीन अंसारी, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, शेखपुरा। | नालन्दा स्थित बिहार शरीफ | रिक्त |
| 7. | श्री देवराज त्रिपाठी, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी। | बांका | रिक्त |
| 8. | श्री हेमन्त कुमार त्रिपाठी, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, भागलपुर। | कटिहार | श्री बलराम दूबे के स्थान पर जो प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, सहरसा के रूप में पदस्थापन हेतु अनुशंसित हैं। |
| 9. | श्री सुजीत कुमार सिंह, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, मुगेर। | पूणियाँ | रिक्त |
| 10. | श्री रजनीश कुमार श्रीवास्तव, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, सारण, छपरा। | औरंगाबाद | स्थानांतरित श्री मनोज कुमार तिवारी के स्थान पर। |
| 11. | श्री सत्येन्द्र पाण्डेय, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, विशेष न्यायाधीश, सी.बी.आई. न्यायालय-I, पटना के रूप में कार्यरत। | वैशाली स्थित हाजीपुर | रिक्त |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक, प्रभारी।
The 1st September 2022
No. 351 A :--The following officers named in column no. 2 of the table given below are hereby transferred and posted as District and Sessions Judges at the stations mentioned in column no. 3 of the table against their respective names and in chain as indicated in column no. 4 of the table given below :
93 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022| Sl. No. | Name of the Officers with designation and present place of posting. | Name of the station where the officer has been transferred. | Chain of Transfer |
| 1. | 2. | 3. | 4. |
| 1. | Sri Madan Kishore Kaushik, Principal Judge, Family Court, Supaul | Kishanganj | Since Vacant |
| 2. | Sri Krishna Bihari Pandey, District and Sessions Judge, Sitamarhi | Munger | Vice Sri Ashok Kumar Pandey, since transferred. |
| 3. | Sri Ashok Kumar Pandey, District and Sessions Judge, Munger | Sitamarhi | Vide Sri Krishna Bihari Pandey, since transferred. |
| 4. | Sri Rajiv Ranjan, Member Secretary, Bihar State Legal Services Authority, Patna. | Patna | Since Vacant |
| 5. | Sri Manoj Kumar Tiwari, District and Sessions Judge, Aurangabad | Gaya | Since Vacant |
| 6. | Sri Hasmuddin Ansari, Principal Judge, Family Court, Sheikhpura | Nalanda at Biharsharif | Since Vacant |
| 7. | Sri Devraj Tripathi, Principal Judge, Family Court, East Champran at Motihari | Banka | Since Vacant |
| 8. | Sri Hemant Kumar Tripathi, Principal Judge, Family Court, Bhagalpur | Katihar | Vice Sri Balram Dubey recommended for posing as Principal Judge, Family Court, Saharsa. |
| 9. | Sri Sujeet Kumar Singh, Principal Judge, Family Court, Munger | Purnea | Since Vacant |
| 10. | Sri Rajneesh Kumar Srivastava, Principal Judge, Family Court, Saran at Chapra | Aurangabad | Vice Sri Manoj Kumar Tiwari, since transferred. |
| 11. | Sri Satyendra Pandey, Principal Judge, Family Court working as Special Judge, C.B.I. Court No.-I at Patna | Vaishali at Hajipur | Since Vacant |
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General I/C.
94 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 1 सितम्बर 2022सं0 352 नि॰ः--अपने वर्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर श्री विनोद कुमार तिवारी, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय सम्प्रति विशेष कार्य पदाधिकारी, राज्यपाल-सह-कुलाधिपति सचिवालय, पटना के रूप में प्रतिनियुक्त को दरभंगा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक प्रभारी।
The 1st September 2022
No. 352 A :--On being relieved of his present assignment, Sri Vinod Kumar Tiwari, Principal Judge, Family Court, presently posted as O.S.D., Governor-cum- Chancellor's Secretariat, Patna on deputation is transferred and posted as District and Sessions Judge of Darbhanga, since vacant.
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General I/C.
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1 सितम्बर 2022
सं0 353 नि॰ः--अपने वर्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर श्री आलोक गुप्ता, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश जो सम्प्रति उप निदेशक, बिहार न्यायिक अकादमी, पटना के रूप में प्रतिनियुक्त है को लखीसराय के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश, पॉक्सो एक्ट के रूप में स्थानांतरित एवं पदस्थापित किया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक प्रभारी।
The 1st September 2022
No. 353 A :--On being relieved of his present assignment, Sri Alok Gupta, Additional District and Sessions Judge, presently on deputation as Deputy Director, Bihar Judicial Academy, Patna is hereby transferred and posted as Additional District and Sessions Judge-cum-Special Judge, POCSO Act, Lakhisarai.
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General I/C.
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7 सितम्बर 2022
सं0 369 नि0ः--श्री रूपेश देव, निबन्धक (आई0टी0)-सह-सी0पी0सी0, पटना उच्च न्यायालय, पटना को उनके पदभार ग्रहण करने की तिथि से माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेशानुसार पटना उच्च न्यायालय, पटना का महानिबन्धक नियुक्त किया जाता है। वह अगले आदेश तक निबन्धक (आई0टी0)-सह-सी0पी0सी0 का पदभार लिए रहेंगे। माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेश से, अनामिका टी. निबंधक (स्थापना)।
The 7th September 2022
No. 369 A :--Hon'ble the Chief Justice has been pleased to appoint Sri Rupesh Deo, Registrar (IT)-cum-CPC, Patna High Court, Patna as Registrar General, Patna High Court, Patna with effect from the date he assumes charge of his office. He will continue to hold charge of Registrar (IT)-cum-CPC till further orders.
By order of Hon'ble the Chief Justice, Anamika T., Registrar (Establishment).
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12 सितम्बर 2022
सं0 371 नि0ः--दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 11 की उपधारा (3) के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए उच्च न्यायालय द्वारा निम्न तालिका के स्तंभ-2 में उल्लिखित मुंसिफ (असैनिक न्यायाधीश, कनीय कोटि) को स्तंभ-3 में उनके नाम के सामने अंकित जिला के लिए प्रथम श्रेणी के न्यायिक दण्डाधिकारी की शक्तियाँ भी प्रदान की जाती हैं।
| क्रम संख्या | पदाधिकारियों का नाम, पदनाम एवं वर्तमान पदस्थापन का स्थान | जिला का नाम |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | श्री उपेन्द्र साह, मुंसिफ, मसौढ़ी। | पटना |
| 2. | श्री धीराजेन्द्र पतंजलि, मुंसिफ, वयसी। | पूर्णियॉ |
| 3. | श्री राहुल कुमार, मुंसिफ, तेघड़ा। | बेगूसराय |
| 4. | श्री राजेश रंजन, मुंसिफ, मंझौल। | बेगूसराय |
| 5. | मो0 तसनीम कौसर, मुंसिफ, बेगूसराय। | बेगूसराय |
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक।
The 12th September 2022
No. 371 A :--In exercise of the powers conferred under Sub-Section (3) of Section 11 of the Code of Criminal Procedure, 1973 (Act 2 of 1974) the High Court are pleased to confer upon the Munsifs (Civil Judge, Junior Division) named in column no. 2 of the table given below, the powers of a Judicial Magistrate of the 1st Class for the district noted against their name in column no. 3 of the table.
| Sl. No. | Name of the Officer with designation and present place of posting | Name of the District |
| 1. | 2. | 3. |
| 1. | Sri Upendra Sah, Munsif, Masaurhi | Patna |
| 2. | Sri Dheerajendra Patanjali, Munsif, Baisi | Purnea |
| 3. | Sri Rahul Ranjan, Munsif, Teghra | Begusarai |
| 4. | Sri Rajesh Ranjan, Munsif, Manjhaul | Begusarai |
| 5. | Md. Tasneem Kausar, Munsif, Begusarai | Begusarai |
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General.
------ 13 सितम्बर 2022 सं0 378 नि0 :--उच्च न्यायालय के अधिसूचना सं0 351 नि0 दिनांक- 01 सितम्बर, 2022 जो ज्ञाप सं0- 53473 - 53515 के तहत निर्गत है जिसमें श्री कृष्ण बिहारी पाण्डेय, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीतामढ़ी को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुंगेर के रूप में एवं श्री अशोक कुमार पाण्डेय, जिला एवं सत्र न्यायाधीश, मुंगेर को जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सीतामढ़ी के रूप में स्थानान्तरित एवं पदस्थापित किया गया को एतद् द्वारा स्थगित किया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक।
The 13th September 2022
No. 378 A :--The transfer and posting of Sri Krishna Bihari Pandey, District and Sessions Judge, Sitamarhi as District and Sessions Judge of Munger and Sri Ashok Kumar Pandey, District and Sessions Judge, Munger as District and Sessions Judge of Sitamarhi effected under Court's Notification no. 351A dated 01st September, 2022 issued vide memo no. 53473-53515 dated 01st September, 2022 is put in abeyance.
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General.
96 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 13 सितम्बर 2022सं0 379 नि0 :--उच्च न्यायालय के अधिसूचना सं0-353 नि0 दिनांक- 01.09.2022 में आंशिक संशोधन के तहत श्री आलोक गुप्ता, उप निदेशक, बिहार न्यायिक अकादमी, पटना जिनका स्थानान्तरण एवं पदस्थापन अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश-सह-विशेष न्यायाधीश, पॉकसो अधिनियम, लखीसराय के रूप में किया गया है, ''विशेष'' शब्द से पूर्व ''अनन्य'' शब्द प्रविष्टि पढ़ा/समझा जाए।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक।
The 13th September 2022
No. 379 A :--In partial modification to Court's notification no. 353A dated 01.09.2022 relating to transfer and posting of Sri Alok Gupta, Deputy Director, Bihar Judicial Academy, Patna as Additional District and Sessions Judge-cum-Special Judge, POCSO Act, Lakhisarai the word "Exclusive" stands inserted before the word "Special".
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General.
------ 13 सितम्बर 2022 सं0 380 नि॰ः--अपने वर्त्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर सुश्री दिव्या वशिष्ट, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, पूर्णियॉ की सेवायें उप निदेशक, बिहार न्यायिक अकादमी, पटना के पद पर नियुक्ति हेतु राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग के अधीन सौंपी जाती है, जिनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि अधिकतम तीन वर्षों की होगी ।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक।
The 13th September 2022 No. 380 A :--On being relieved of her present assignment, the services of Ms. Divya Vashishta, Addl. District and Sessions Judge, Purnea are placed at the disposal of the State Government in the Department of General Administration, Patna on her appointment as Deputy Director, Bihar Judicial Academy, Patna on deputation basis for a maximum period of three years.
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General.
------ 17 सितम्बर 2022 सं0 390 नि॰ः--अपने वर्त्तमान कर्तव्यों से विरमित होने पर श्री ओम प्रकाश सिंह, प्रधान न्यायाधीश, परिवार न्यायालय, जमुई की सेवायें निबंधक, राज्य आयोग, उपभोक्ता संरक्षण, बिहार, पटना के पद पर नियुक्ति हेतु राज्य सरकार के सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार सरकार के अन्तर्गत प्रतिनियुक्ति के आधार पर सौंपी जाती है, जिनकी प्रतिनियुक्ति की अवधि अधिकतम तीन वर्षों की होगी ।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक।
The 17th September 2022 No. 390 A :--On being relieved of his present assignment, the services of Sri Om Prakash Singh, Principal Judge, Family Court, Jamui are placed at the disposal of the State Government in the Department of General Administration, Patna on his appointment as Registrar, State Commission, Consumer Protection, Bihar, Patna on deputation basis for a maximum period of three years.
By order of The High Court, Rupesh Deo, Registrar General.
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21 सितम्बर 2022
सं0 391 नि0 :--श्री रामाकान्त, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, औरंगाबाद जो वर्त्तमान में पटना उच्च न्यायालय, पटना में विशेष कार्य पदाधिकारी (जाँच पदाधिकारी) के पद पर कार्य करने के लिए संलग्न हैं, को उनके पदभार ग्रहण करने97 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 की तिथि से, माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेशानुसार, पटना उच्च न्यायालय, पटना का विशेष कार्य पदाधिकारी (जाँच पदाधिकारी) नियुक्त किया जाता है।
माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक।
The 21st September 2022
No. 391 A :--Hon'ble the Chief Justice has been pleased to appoint Sri Ramakant, Additional District & Sessions Judge, Aurangabad, who is presently attached with Patna High Court, Patna to work as Officer on Special Duty (Enquiry Officer); as Officer on Special Duty (Enquiry Officer), Patna High Court, Patna with effect from the date he assumes charge of his office.
By order of Hon'ble the Chief Justice, Rupesh Deo, Registrar General.
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29 सितम्बर 2022
सं0 396 नि0 ः--सभी मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी, अपर मुख्य न्यायिक दण्डाधिकारी एवं न्यायिक दण्डाधिकारी, प्रथम श्रेणी जो इस रूप में कम-से-कम तीन साल की सेवा पूरी कर चुके है और जो व्यवहार न्यायालय में आगामी दुर्गापूजा अवकाश में कार्यरत रहेगें उन्हें उस अवधि के लिए इसके द्वारा आवश्यक वस्तु (संशोधित) अधिनियम, 1964 (47, 1964) द्वारा यथा संशोधित आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 के अन्तर्गत उनके अपने-अपने जिलों/अनुमंडलों में उक्त अधिनियम की धारा-3 के अधीन बने किसी ऐसे आदेश जिसे राजपत्र अधिसूचित आदेश द्वारा उस संबंध में उल्लेखित है, के उल्लंघन के संबंध में हुए अपराधों के विषय में दंड प्रक्रिया संहिता 1973 (अधिनियम 2, 1974) की धारा 260(1) (सी) के अधीन संक्षिप्त विचारण करने की शक्तियाँ अस्थायी रूप से प्रदान की जाती है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक।
The 29th September 2022
No. 396 A :--All the Chief Judicial Magistrate, Additional Chief Judicial Magistrate and Judicial Magistrate, 1st Class who have completed at least three years of service as such and who are detained during ensuing Civil Court's Durga Puja Vacation are hereby vested temporarily, for this period only, with the power u/s 260(1)(c) of the code of Criminal Procedure 1973 (Act 2 of 1974) for the summary trial of offenses arising generally within their respective Districts/Sub-Divisions relating to the contravention of any order made under sections 3 of the Essential Commodities Act as amended by Essential Commodities (Amendment) Act 1964 (no. 47 of 1964) and duly notified in the official Gazette as laid down in section 12A of the Essential Commodities Act 1955.
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General.
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29 सितम्बर 2022
सं0 397 नि0ः--दिनांक 30.09.2022 (अप0) को सेवानिवृत्त हो रहे श्री राम कृष्ण पाठक, संयुक्त निबंधक-सह-प्रधान निजी सचिव माननीय मुख्य न्यायाधीश, के सेवा काल को, माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेशानुसार, लोकहित में तीन महीने के लिए विस्तारित किया जाता है या अन्यथा जैसा आदेश हो।
माननीय मुख्य न्यायाधीश के आदेशानुसार, रूपेश देव, महानिबंधक।
The 29th September 2022
No. 397 A :--Hon'ble the Chief Justice has been pleased to extend the service of Sri Ram Krishna Pathak, Joint Registrar-cum-Principal Private Secretary to the Hon'ble the Chief Justice of the Court, who is due to superannuate on 30.09.2022 (A.N.), for three months or ordered otherwise in the public interest.
By Order of the Hon'ble the Chief Justice, Rupesh Deo, Registrar General.
98 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 5 अगस्त 2022 सं0 286 नि0ः--श्री अविनाश कुमार-1, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, झंझारपुर, मधुबनी को अपर जिला एवं सत्रन्यायाधीश, सुपौल के रूप में स्थानान्तरित एवं पदस्थापित किया जाता है।
उच्च न्यायालय के आदेश से, रूपेश देव, महानिबंधक प्रभारी।
The 5th August 2022
No. 286 A :--Sri Avinash Kumar-I, Additional District and Sessions Judge, Jhanjharpur (Madhubani) is transferred and posted as Additional District and Sessions Judge, Supaul.
By Order of the High Court, Rupesh Deo, Registrar General I/C.
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पत्रांक अ॰सं॰क॰-01-10/2021--3090 अल्पसंख्यक कल्याण विभाग ---
प्रेषक,
डा॰ सफीना ए॰एन॰ (भा॰प्र॰से॰) सरकार के प्रधान सचिव
सेवा में,
महालेखाकार (ले॰ एवं ह॰) वीरचंद पटेल पथ, बिहार, पटना।
पटना, दिनांक 10 नवम्बर 2022 विषयः- अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के नियंत्रणाधीन बिहार वक्फ न्यायाधिकरण, पटना हेतु चालक के पद सृजन की स्वीकृति के संबंध में।
आदेशः- स्वीकृत। अल्पसंख्यकों के कल्याण के कार्यक्रम संचालन हेतु अल्पसंख्यक कल्याण विभाग वर्ष 1991 से स्वतंत्र विभाग के रूप में कार्यरत है। केन्द्र सरकार के वक्फ अधिनियम 1995 की धारा-83, 85, 85 'क' एवं संशोधित अधिनियम 2013 की उप धारा (4) के आलोक में राज्य सरकार के अन्तर्गत वक्फ या वक्फ सम्पत्ति से संबंधित विवादों प्रश्नों के निपटारा (निराकरण) तथा सभी व्यवहार न्याायालयों से वक्फ संबंधी विवाद के अभिलेखों को वक्फ न्यायाधिकरण में स्थानान्तरित करने के प्रावधान के आलोक में बिहार वक्फ न्यायाधिकरण का गठन किया गया है।
2. वक्फ अधिनियम 1995 अधिनियम सं॰-43/95 की धारा-83 राज्य सरकार वक्फ या वक्फ सम्पत्ति से संबंधित विवाद, प्रश्न या अन्य मामले के निराकरण हेतु विभागीय अधिसूचना सं॰-850 दिनांक-06.10.2001 द्वारा एक सदस्यीय बिहार वक्फ न्यायाधिकरण का गठन किया गया है। अधिनियम की धारा-85 के बाद नयी धारा-85 'क' जोड़ा गया है, जिसके अन्र्तगत बिहार राज्य के सभी व्यवहार न्यायालयों से वक्फ सम्पत्ति से संबंधित विवादों तथा अभिलेखों को बिहार वक्फ न्यायाधिकरण में स्थानान्तरित करने का प्रावधान किया गया है।
वक्फ सम्पत्ति के मामलो में बेहतर प्रशासन हेतु केन्द्र सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम 1995 दिनांक-01.01.1996 से अधिनियमित है। केन्द्र सरकार द्वारा वक्फ अधिनियम 1995 में वक्फ (संशोधन) अधिनियम 2013 (2013 का 27वाँ) द्वारा उक्त अधिनियम की धारा 83 को संशोधित करते हुए, नई उप धारा (4) को जोड़ा गया है, जिसके तहत् वक्फ न्यायाधिकरण त्रिसदस्यीय के रूप में कार्यरत है। वक्फ सम्पत्ति विवाद की संख्या अधिक होने के कारण वक्फ न्यायाधिकरण के गठन के समय से विधि विभाग के संयुक्त सचिव सह-विधि परामर्शी द्वारा एवं वक्फ न्यायाधिकरण के पीठासीन पदाधिकारी द्वारा विवादो का निपटारा किया जाता रहा है। संशोधित अधिनियम की धारा-83 के प्रावधानानुसार बिहार वक्फ न्यायाधिकरण त्रि-सदस्यीय है। प्रावधान के तहत् एक सदस्य राज्य न्यायिक सेवा के जिला एवं सत्र न्यायाधीश के स्तर वर्ग-1 जो अध्यक्ष के रूप में कार्यरत है। दूसरे सदस्य बिहार प्रशासनिक सेवा के अपर जिला समाहर्त्ता कोटि के पदाधिकारी तथा तीसरे सदस्य मुस्लिम लॉ और फिकह के जानकार रखने वाले पदाधिकारी है।
3. त्रिसदस्यीय बिहार वक्फ न्यायाधिकरण में राज्य न्यायिक सेवा के लिए सत्र न्यायाधीश के स्तर के वर्ग-1 के पदाधिकारी अध्यक्ष के रूप में कार्यरत है। बिहार वक्फ न्यायाधिकरण, पटना हेतु चालक के 01 पद का सृजन आवश्यक है, जिसके लिए वित्त विभाग प्रशासी पदवर्ग समिति की तथा मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति प्राप्त है (परिशिष्ट 'ख' संलग्न)।99 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 4. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार, पटना के नियंत्रणाधीन बिहार वक्फ न्यायाधिकरण, पटना हेतु एक चालक के पद का सृजन किया जाता है, जिसके वेतन भत्ते एवं अन्य मदों में ₹ 3,99,320/-(तीन लाख निन्यानवे हजार तीन सौ बीस) मात्र का अनुमानित वार्षिक व्यय होगा (व्यय विवरणी परिशिष्ट 'क' संलग्न)।
| क्र॰सं॰ | पदनाम | कर्मचारी का स्तर | पदों की सं॰ | वेतनमान | लेवल |
| 1. | चालक | अराजपत्रित समूह 'ग' | 01 | 19900-63200 | L-2 |
5. नव सृजित चालक के एक पद पर होने वाला व्यय स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के अन्तर्गत बजट-मुख्य शीर्ष-2251- सचिवालय सामाजिक सेवाएँ उपमुख्य शीर्ष-00-लघु शीर्ष-090-सचिवालय उपशीर्ष-0026-अल्पसंख्यक कल्याण विभाग-बिहार वक्फ न्यायाधिकरण विपत्र कोड-30-2251000900026 विस्तृत शीर्ष मतदेय के अन्तर्गत विकलनीय होगा। 6. अल्पसंख्यक कल्याण विभाग, बिहार, पटना द्वारा बिहार वक्फ न्यायाधिकरण, पटना हेतु स्वीकृत एक चालक पद का वेतनादि के भुगतान हेतु आवंटन बिहार वक्फ न्यायाधिकरण, पटना कार्यालय को उपलब्ध करा दिया जायेगा। सदस्य, बिहार वक्फ न्यायाधिकरण, पटना इसके निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी होंगे।
विश्वासभाजन, डॉ॰ सफीना ए॰ एन॰, प्रधान सचिव।
प्रिशिष्ट-'क' अल्पसंख्यक कल्याण विभाग अल्पसंख्यक कल्याण विभाग के नियंत्रणाधीन बिहार वक्फ न्यायाधिकरण, पटना हेतु एक चालक के पद सृजन की स्वीकृति पर अनुमानित वार्षिक व्यय विवरणी।
| क्र॰ सं॰ | पद नाम | वेतनमान (पुनरीक्षित एवं लेवल) | महंगाई भत्ता (34प्रतिशत) | चिकित्सा भत्ता 1000/- प्रतिमाह |
| 1 | चालक | 19900-63200/-(L-2) 19900x01x12= 2,38,800/- | 6766x01x12= 81,192/- | 1000x01x12= 12,000/- |
| वर्दी एवं वर्दी धुलाई भत्ता | मकान किराया भत्ता 16 प्रतिशत | शहरी परिवहन भत्ता | कुल योग | संभावित वर्षिक व्यय |
| 5000x01=5000/- (प्रतिवर्ष) | 3184x01x12= 38,208/- | 1500+510= 2010x01x12=24,120/- | 3,99,320 | 3,99,320 |
| कुल योग | 3,99,320/- |
(डॉ॰ सफीना ए॰ एन॰) भा॰प्र॰से॰ प्रधान सचिव।
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परिवहन विभाग
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अधिसूचना
25 नवम्बर 2022
सं0 02/शमन-07(A)/2015, परि0-9259--यातायात नियंत्रण हेतु पटना जिलें में यातायात पुलिस के अन्तर्गत पदस्थापित पुलिस अवर निरीक्षक तथा उनसे वरीय पुलिस पदाधिकारियों को विभागीय अधिसूचना संख्या-2638, दिनांक-27.
100(cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 04.2022 द्वारा मोटरयान अधिनियम, 1988-सहपठित-मोटरयान (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा-200 के तहत् प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए मोटरयान अधिनियम, 1988-सहपठित-मोटरयान (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा-177, 178, 179, 180, 181, 182(1), 183(1), 184, 186, 189, 194B, 194C, 194D, 194E, 194F एवं धारा-201 के तहत् विनिर्दिष्ट दण्डनीय अपराध के लिए दिनांक-23.04.2022 से अगले छः माह के लिए शमन की शक्ति प्रदान की गई थी।
अतः उपर्युक्त के आलोक में समीक्षोपरांत पटना जिले में यातायात पुलिस के अन्तर्गत पदस्थापित निम्नलिखित पुलिस अवर निरीक्षक तथा उनके वरीय पुलिस पदाधिकारियों को उनके कार्य क्षेत्र के भीतर दिनांक-23.10.2022 की तिथि से अगले 6 (छः) माह के लिए मोटरयान अधिनियम, 1988-सहपठित-मोटरयान (संशोधन) अधिनियम, 2019 की धारा-177, 178, 179, 180, 181, 182(1), 183(1), 184, 186, 189, 194B, 194C, 194D, 194E, 194F एवं धारा-201 के तहत् शमन की शक्ति प्रदान की जाती है। शमन की राशि उक्त धाराओं में विहित राशि से कम नहीं होगी। क्र0 सं0 पदाधिकारियोंकानाम कार्य क्षेत्र
| क्र0 सं0 | पदाधिकारियोंकानाम | कार्य क्षेत्र |
| 1. | सभी परिचारी यातायात, पटना | पटना नगर क्षेत्र |
| 2. | प्रिचारी प्रवर यातायात, पटना | पटना नगर क्षेत्र |
| 3. | प्ुलिस निरीक्षक, यातायात | पटना नगर क्षेत्र |
| 4. | सभी पुलिस अवर निरीक्षक यातायात, पटना | पटना नगर क्षेत्र |
2. वरीय पुलिस अधीक्षक, पटना/पुलिस अधीक्षक, यातायात, पटना अपने नियंत्रणाधीन उपरोक्त पुलिस पदाधिकारियों द्वारा वसूली की गयी शमन की राशि के संबंध में पदाधिकारियों के कार्य कलाप की समीक्षा भी की जाएगी। मामले के समीक्षोपरांत ही अगले छः माह के बाद अवधि विस्तार पर विचार किया जाएगा।
बिहार के राज्यपाल के आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, सचिव।
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सूचना एंव जन-सम्पर्क विभाग
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अधिसूचनाएं
16 नवम्बर 2022
सं0 विज्ञा0(04)01-01/2022-261/सू0ज0स0वि0--बिहार विज्ञापन नियमावली, 2016 की कंडिका-32 में उल्लेखित प्रावधान के आलोक में दिनांक-07.10.2022 को आयोजित दर निर्धारण समिति एवं विज्ञापन प्राधिकृत समिति की बैठक में की गई अनुशंसा पर सम्य्क विचारोपरान्त निम्न समाचार पत्रों कोे डी0ए0वी0पी0 दर पर राज्य सरकार की स्वीकृत सूची में सम्मिलित किया जाता है।
| क्र॰ | नाम | प्रकाशन स्थल (DAVP दर पर) |
| 1. | Aj (Hindi) | Kanpur, Varanasi |
| 2. | Aziz Tanzim (Urdu) | Patna |
| 3. | Dainik Jagran (Hindi) | Varanasi, Meerut, Agra, Bareilly |
| 4. | Dainik Navajyoti (Hindi) | Kota, Jaipur, Jodhpur |
| 5. | Hari Bhoomi (Hindi) | Bhopal, Rohtak, Jabalpur |
| 6. | Inquilab (Urdu) | Delhi |
| 7. | Latif Times (Urdu) | Patna |
| 8. | Navodaya Times (Hindi) | Delhi |
| 9. | Prabhat Khabar (Hindi) | Bhagalpur |
| 10. | Sada-e-Bihar (Urdu) | Patna |
| 11. | Sanmarg (Hindi) | Patna |
| 12. | Tasdeeque (Urdu) | Patna |
| 13. | The Impressive Times (English) | New Delhi |
2. उपरोक्त सूची 2022-23 के लिए या अगले वित्तीय वर्ष में सूचीबद्ध होने तक मान्य होगी। 3. प्रस्ताव में माननीय मंत्री, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सत्येन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव।
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16 नवम्बर 2022
सं0 विज्ञा0(04)01-03/2021-262/सू0ज0स0वि0--बिहार विज्ञापन नियमावली, 2016 की कंडिका-32 में उल्लेखित प्रावधान के आलोक में दिनांक-07.10.2022 को आयोजित दर निर्धारण समिति एवं विज्ञापन प्राधिकृत समिति की बैठक में की गई अनुशंसा पर सम्य्क विचारोपरान्त निम्न रेडियो चैनल कोे डी0ए0वी0पी0 दर पर राज्य सरकार की स्वीकृत सूची में सम्मिलित किया जाता है।101 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
| क्र॰ | नाम | केन्द्र (DAVP दर पर) | Language |
| 1 | HT Media Limited (Fever FM & Radio Nasha) | Aligarh, Bareilly, Gorakhpur, Allahabad, Hyderabad, Kanpur, Lucknow, Agra, Mumbai (Radio Nasha), Delhi (Fever), Mumbai (Fever), Bangalore, Kolkata | Hindi & Respective Regional |
2. उपरोक्त सूची 2022-23 के लिए या अगले वित्तीय वर्ष में सूचीबद्ध होने तक मान्य होगा। 3. प्रस्ताव में माननीय मंत्री, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सत्येन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव।
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16 नवम्बर 2022
सं0 विज्ञा0(04)01-03/2021-263/सू0ज0स0वि0--बिहार विज्ञापन नियमावली, 2016 की कंडिका-32 में उल्लेखित प्रावधान के आलोक में दिनांक-07.10.2022 को आयोजित दर निर्धारण समिति एवं विज्ञापन प्राधिकृत समिति की बैठक में की गई अनुशंसा पर सम्य्क विचारोपरान्त निम्न वेबसाईट्स कोे डी0ए0वी0पी0 दर पर राज्य सरकार की स्वीकृत सूची में सम्मिलित किया जाता है।
वेबसाईट्स
| क्र॰ | नाम |
| 1 | Network 18 Media and Investment Ltd. (www.hindi.news18.com) |
| 2 | Haribhoomi Communication Pvt. Ltd. (www.haribhoomi.com) |
2. उपरोक्त सूची 2022-23 के लिए या अगले वित्तीय वर्ष में सूचीबद्ध होने तक मान्य होगा। 3. प्रस्ताव में माननीय मंत्री, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सत्येन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव।
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16 नवम्बर 2022
सं0 विज्ञा0(04)01-03/2021-264/सू0ज0स0वि0--बिहार विज्ञापन नियमावली, 2016 की कंडिका-32 में उल्लेखित प्रावधान के आलोक में दिनांक-07.10.2022 को आयोजित दर निर्धारण समिति एवं विज्ञापन प्राधिकृत समिति की बैठक में की गई अनुशंसा पर सम्य्क विचारोपरान्त निम्न वेबसाईट्स कोे बिहार वेब मीडिया नियमावली-2021 के संगत प्रावधानों के अनुसार डी0ए0वी0पी0 दर के समानुपातिक दर पर उनकी यूनिक यूजर हिट्स के आधार पर निर्धारित श्रेणी के अनुरूप निर्धारित दर पर राज्य सरकार की स्वीकृत सूची में सम्मिलित किया जाता है।
वेबसाईट्स (Non-DAVP)
| क्र॰ | नाम | श्रेणी |
| 1 | Kashish Developers Ltd. (www.kashishnews.com) | ड़ |
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सत्येन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव।
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16 नवम्बर 2022
सं0 विज्ञा0(04)01-03/2021-265/सू0ज0स0वि0--बिहार विज्ञापन नियमावली, 2016 की कंडिका-32 में उल्लेखित प्रावधान के आलोक में दिनांक-07.10.2022 को आयोजित दर निर्धारण समिति एवं विज्ञापन प्राधिकृत समिति की बैठक में की गई अनुशंसा पर सम्य्क विचारोपरान्त निम्न प्रकार एजेन्सियों कोे डी0ए0वी0पी0 दर पर राज्य सरकार की स्वीकृत सूची में सम्मिलित किया जाता है।
एजेन्सी
| क्र॰ | नाम | Description of work (DAVP दर पर) |
| 1 | Century Business Pvt. Ltd. | Airport Digital Media, Patna Airport |
| 2 | Srishti Communication | Railway Station (Advertising through digital media New Delhi Railway Station) |
| 3 | Bennett Coleman & Co Ltd. (TIML, Delhi Metro) | Outdoor Advertising on Metro |
| 4 | Bennett Coleman & Co Ltd. (TIML, Mumbai Metro | Outdoor Advertising on Metro |
| 5 | Bennett Coleman & Co Ltd. (TIML, Delhi Bus Queue Shelter) | Outdoor Advertising on Bus Shelter |
2. उपरोक्त सूची 2022-23 के लिए या अगले वित्तीय वर्ष में सूचीबद्ध होने तक मान्य होगा। 3. प्रस्ताव में माननीय मंत्री, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सत्येन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव।
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16 नवम्बर 2022
सं0 विज्ञा0(04)01-03/2021-266/सू0ज0स0वि0--बिहार विज्ञापन नियमावली, 2016 की कंडिका-32 में उल्लेखित प्रावधान के आलोक में दिनांक-07.10.2022 को आयोजित दर निर्धारण समिति एवं विज्ञापन प्राधिकृत समिति की बैठक में की गई अनुशंसा पर सम्य्क विचारोपरान्त निम्न टी0वी0 चैनल कोे डी0ए0वी0पी0 दर पर राज्य सरकार की स्वीकृत सूची में सम्मिलित किया जाता है।
टी0वी0 चैनल
| क्र॰ | नाम | Language |
| 1 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (& Pictures) | Hindi |
| 2 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (& Picture (HD)) | Hindi |
| 3 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (&TV) | Hindi |
| 4 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (& TV (HD)) | Hindi |
| 5 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Big Magic) | Hindi |
| 6 | M/s Gulistan TV Network Pvt. Ltd. (Gulistan News) | Hindi |
| 7 | Cimco Projects Ltd. (Har Khabar) | Hindi |
| 8 | Hari Bhoomi Communication Pvt. Ltd. (INH 24 x 7) | Hindi |
| 9 | Hari Bhoomi Communication Pvt. Ltd. (Janta TV) | Hindi |
| 10 | J.K Channel Pvt. Ltd. (JK 24 x 7 News) | Hindi |
| 11 | Kashish Developers Ltd. (Kashish News ,Bihar/Jharkhand) | Hindi |
| 12 | Devbhumi Broadcast Pvt. Ltd. (Khabar Fast) | Hindi, English & Other Indian Schedule Language |
| 13 | Globe Broadcasting Pvt. Ltd. (News 1 India) | Hindi |
| 14 | Omega TV Media Pvt. Ltd. (News India 24 x 7) | Hindi |
| 15 | News Nation Network Pvt. Ltd. (News Nation) | Hindi |
| 16 | Raftar Media Pvt. Ltd. (Raftar Media) | Hindi |
| 17 | Sharp Eye Advertising Pvt. Ltd. (Sadhna Plus News) | Hindi |
| 18 | Sudarshan TV Channel Ltd. (Sudarshan News) | Hindi |
| 19 | Sharpline Network Pvt. Ltd. (VIP News) | Hindi |
| 20 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee Anmol) | Hindi |
| 21 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee Anmol Cinema) | Hindi |
| 22 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee Bangla) | Bengali |
| 23 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (ZEE Bangla Cinema) | Bengali |
| 24 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee Bangla (HD)) | Bengali |
| 25 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee Biskope) | Bhojpuri |
| 26 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee Bollywood) | Hindi |
| 27 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee Cinema) | Hindi |
| 28 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee Cinema (HD)) | Hindi |
| 29 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee Classic) | Hindi |
| 30 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee Ganga) | Bhojpuri |
| 31 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee TV) | Hindi |
| 32 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zee TV (HD)) | Hindi |
| 33 | Zee Entertainment Enterprises Ltd. (Zing) | Hindi |
2. उपरोक्त सूची 2022-23 के लिए या अगले वित्तीय वर्ष में सूचीबद्ध होने तक मान्य होगा।
3. प्रस्ताव में माननीय मंत्री, सूचना एवं जन-सम्पर्क विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सत्येन्द्र कुमार सिंह, संयुक्त सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय (cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट, 37—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in104 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022
भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।
—————
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सं0 1266--मैं राज कुमार शर्मा, पिता-श्री अवधेश कुमार निवासी-ग्राम-पकड़ी, पो0-भैरोपुर डेयोढ़ी, थाना-बिदुपुर जिला-वैशाली बिहार-844102 शपथपत्र सं०-704 दिनांक 15.10.2022 द्वारा यह घोषणा करता हूँ कि मैंने सभी कार्य हेतु अपना नाम राज शर्मा करवा लिया है।
राज कुमार शर्मा। No. 1266---I Raj Kumar Sharma, S/o Sri Awadhesh Kumar, R/o-Vill-Pakri, P.O.-Bhairopur Deodhi P.S.-Bidupur, Distt.-Vaishali, Bihar-844102 have changed my name to RAJ SHARMA for all purposes vide Affidavit No. 704, dated 15.10.2022.
Raj Kumar Sharma.
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 37—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
105 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 2/आरोप-01-77/2013-सा0प्र0-18399
सामान्य प्रशासन विभाग
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संकल्प
14 अक्तूबर 2022
श्री अजय कुमार झा (सेवानिवृत्त बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 379/11, तत्कालीन अपर समाहर्त्ता, विभागीय जाँच, किशनगंज के विरूद्ध जन वितरण प्रणाली के डीलरों, हॉलसेलरों एवं प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों से अवैध राशि की वसूली करने तथा अवैध लेन-देन करने इत्यादि आरोपों के आलोक में विभागीय कार्यवाही के संचालनोंपरांत प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के सम्यक् विचारोपरान्त विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3159 दिनांक 03.03.2022 द्वारा ''पाँच वर्षों के लिए पाँच प्रतिषत पेंशन राशि की कटौती'' का दंड अधिरोपित किया गया।
श्री झा द्वारा अधिरोपित दंड पर विचार हेतु पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक 12.09.2022 समर्पित किया गया, जिसमें दंड को रद्द/विलोपित करने का अनुरोध किया गया।
उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-24 के अन्तर्गत अपील किये जाने का नियम है। साथ ही नियम-25 में अपील दायर करने की समयावधि 45 दिन निर्धारित की गयी है।
नियम-25 निम्नलिखित है :- Period of limitation for appeals & No appeal preferred under this Part shall be entertained unless such appeal is preferred within a period of forty five days from the date on which a copy of the order appealed against is delivered to the appellant;
Provided that the appellate authority may entertain the appeal after the expiry of the said period, if he is satisfied that the appellant had sufficient cause for not preferring the appeal in time.
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री झा द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि उक्त नियम के अंतर्गत appellate authority को निर्धारित समयावधि बीत जाने के बावजूद विचार करने का प्रावधान है बर्षते कि appellate authority को यह समाधान हो जाय कि ंappellant के पास ससमय अपील दायर करने का उचित कारण हो। इस मामले में आरोपी पदाधिकारी द्वारा लगभग छः माह के बाद पुनर्विलोकन अभ्यावेदन के माध्यम से अपील किया गया है। अपील दायर करने में हुये विलंब के कारणों की कोई चर्चा अभ्यावेदन में नहीं की गयी है। वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री झा के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त किये जाने का निर्णय लिया गया। अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अजय कुमार झा (सेवानिवृत्त बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 379/11, तत्कालीन अपर समाहर्त्ता, विभागीय जाँच, किशनगंज सम्प्रति सेवानिवृा के द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन अस्वी—त किया जाता है एवं विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3159 दिनांक 03.03.2022 द्वारा ''पाँच वर्षों के लिए पाँच प्रतिशत पेंशन राशि की कटौती'' का दंड पूर्वव्त बरकरार रखा जाता है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति सभी संबंधितों को जानकारी एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हशिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।106 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 सं0 2/मुक0-05-05/2022-सा0प्र0-16623
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13 सितम्बर 2022
श्री आलोक कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 956/11, तत्कालीन विषेष भू-अर्जन पदाधिकारी, जमुई सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना के विरूद्ध पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के ज्ञापांक 301 दिनांक 07.02.2017 द्वारा पद का दुरूपयोग करते हुए प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप के लिए निगरानी थाना कांड संख्या 006/2017 दिनांक 18.01.2017 धारा-13(2)-सह-पठित धारा-13(1)(ई) भ्र0नि0अधि0, 1988 दर्ज होने संबंधी आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9039 दिनांक 21.07.2017 द्वारा निलम्बित करते हुए निलंबन अवधि के लिए उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के आलोक में जीवन निर्वाह भाा देय होगा संसूचित किया गया।
श्री कुमार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के तहत जीवन निर्वाह भाा 50 प्रतिशत से बढ़ाकार 75 प्रतिशत करने एवं दिनांक 22.07.2018 से अंतर राशि का भुगतान करने हेतु माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 5565/2022 दायर किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 17.05.2022 को पारित आदेश में वादी श्री आलोक कुमार के जीवन निर्वाह भाा बढ़ाने से संबंधित अभ्यावेदन दिनांक 18.07. 2019 का संगत नियम के तहत परीक्षण करने एवं इस संबंध में तार्किक आदेश पारित करते हुए वादी को सूचित करने का आदेश दिया गया। साथ ही यह भी आदेश दिया गया कि यदि वादी के अनुरोध के पक्ष में प्रथम दृष्टया मामला बनता है, तो जरूरी गणना करते हुए जीवन निर्वाह भाा के अंतर राशि का भुगतान किया जाय।
माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 17.05.2022 को पारित आदेश एवं श्री कुमार द्वारा इस संबंध में दिनांक 26.05. 2022 को समर्पित आवेदन पर सम्यक् विचारोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के संगत प्रावधानों के तहत श्री कुमार को आदेय जीवन निर्वाह भाा उनकी निलंबन अवधि के एक साल पूरा होने की बाद की तिथि दिनांक 22.07.2018 से 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत करने का निर्णय लिया गया है।
अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री आलोक कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 956/11, तत्कालीन विषेष भू-अर्जन पदाधिकारी, जमुई सम्प्रति निलंबित, मुख्यालय-आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमंडल, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के संगत प्रावधानों के तहत् दिनांक 22.07.2018 से इनके जीवन निर्वाह भाा को 50 प्रतिशत से बढ़ाकर 75 प्रतिशत किया जाता है। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति सभी संबंधितों को जानकारी एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हशिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।
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सं0 2/आरोप-01-13/2021-सा0प्र0-18476
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14 अक्तूबर 2022
श्री हरिशंकर प्रसाद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 432/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 4956 दिनांक 23.11.2021 द्वारा आरोप-पत्र उपलब्ध कराया गया।
श्री प्रसाद के विरूद्ध आरोप है कि मेसर्स दुर्गा राईस मिल, किस्तीपुर, धनरूआ। प्रो0 सुनील कुमार पिता-रामबहादुर सिंह। धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में दिये गये कुल धान की राशि का बैंक गारन्टी अथवा अचल संपाि का निबंधित Pledge प्राप्त नहीं किया गया और न ही बैंक गारन्टी लिया गया। इनके इस —त्य के कारण उक्त मिलर द्वारा कुल 12253.7540000 क्वीं0 के स्थान पर 1352.24500 क्वीं0 चावल दिया गया एवं 10901.51900 क्वीं0 चावल नहीं जमा किया गया, जिसमें सन्निहत राषि 2,36,07,893.00 रू0 का क्षति/गबन किया गया।
मेसर्स निर्मल राईस मिल, प्रो0 संजीव कुमार, पिता-रामजतन प्रसाद, बड़ी पहाड़ी, दीदारगंज, पटना धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में दिये गये कुल धान की राशि का बैंक गारन्टी अथवा अचल संपाि का निबंधित Pledge प्राप्त नहीं किया गया। सिर्फ 100/- के मुद्रांक पर Deed of Pledge दी गई है और न ही बैंक गारन्टी लाया गया। इनके इस —त्य के कारण उक्त मिलर द्वारा कुल 23164.5800 क्वीं0 के स्थान पर 1617.70400 क्वीं0 चावल दिया गया एवं 21546. 87600 क्वीं चावल नहीं जमा किया गया, जिसमें सन्निहित राशि 4,66,61,053.00 रू0 का क्षति/गबन किया गया। श्री प्रसाद के विरूद्ध गंभीर विाीय अनियमितता से संबंधित आरोप को देखते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-139 के संगत प्रावधानों के तहत् विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9444 दिनांक 10.06. 2022 द्वारा ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' का दण्ड अधिरोपित एवं सूचित किया गया। उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्री प्रसाद द्वारा पुनर्विचार अभ्यावेदन दिनांक 25.07.2022 समर्पित किया गया।107 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं अधिरोपित दंडोदश के विरूद्ध समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन तथा इनके सेवाकाल की समीक्षा की गयी। श्री प्रसाद द्वारा अपने बचाव में मुख्यतः बिन्दु एवं उससे संबंधित वस्तुस्थिति निम्नलिखित है :-
➢ श्री प्रसाद का कहना है कि सुनवाई का अवसर प्रदान किए बिना ही बिना किसी साक्ष्य के दंडादेश पारित किया गया है।
उल्लेखनीय है कि श्री प्रसाद को स्पष्टीकरण समर्पित किये जाने हेतु समुचित समय दिया गया, किन्तु साक्ष्यों से अलग अभिलेखों की मांग की गयी एवं स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। ➢ श्री प्रसाद का कहना है कि बिहार राज्य खाद्य निगम के पत्रांक 9404 दिनांक 08.12.2012 द्वारा धान अधिप्राप्ति से संबंधित विस्तृत दिशानिर्देश जारी किया गया था जिसमें धान अधिप्राप्ति हेतु धान क्रय के लिए दिनांक 15.11.2012 से 15.04.2013 तक एवं CMR का कार्यक्रम 15.11.2012 से 31.10.2013 तक निर्धारित था। मैं दिनांक 17.07.2013 को ही जिला प्रबंधक के प्रभार से मुक्त हो गया, जबकि CMR जमा करने हेतु अभी भी 03 महीने से ऊपर की अवधि शेष बचा हुआ था इसलिए पूरा CMR जमा नहीं होने की जिम्मेदारी मुझपर लगाना कहीं से भी न्यायोचित नहीं है।
श्री प्रसाद, CMR जमा करने हेतु अभी भी 03 महीने से ऊपर की अवधि शेष बचा हुआ था इसलिए पूरा CMR जमा नहीं होने की जिम्मेदारी मुझपर लगाना कहीं से भी न्यायोचित नहीं है, कह के वे अपने जिम्मेवारी से नहीं बच सकते हैं। उनके द्वारा लगभग 07 महीने के अवधि में CMR जमा कराये जाने हेतु यथोचित प्रयास नहीं किया गया एवं जिसके कारण से सरकारी राजस्व की हानि हुई। ➢ श्री प्रसाद का कहना है कि जिलाधिकारी ने यह आदेश दिया कि धान मिलरों को एक सप्ताह के अंदर हस्तगत कराया जाए, जिससे कि खुले में बारिश से उसकी क्षति नहीं हो। लेकिन मिलरों के गोदाम CMR से भरे थे इसीलिए वे भी धान उठाव में बहुत रूचि नहीं ले रहे थे। जिलाधिकारी ने पुनः निर्देशित किया कि खुले में रखे धान को दो से तीन दिनों के अंदर एकसारित मिलरों को उपलब्ध कराते हुये इसकी सूचना अधोहस्ताक्षरी को दें, जिसके आलोक में श्री प्रसाद द्वारा शीघ्रता से इस कार्य को निष्पादित किया गया।
एक वरीय पदाधिकारी होने के नाते जिला पदाधिकारी के आदेश के आलोक में श्री प्रसाद की भी जिम्मेवारी बनती थी कि दिये गये आदेश का अनुपालन नियमानुसार एवं शीघ्रता से निष्पादित करते। जिला पदाधिकारी के आदेश के आलोक में अपने को बचाव में उक्त तथ्य कहना उचित नहीं है।
वर्णित तथ्यों के आलोक में स्पष्ट है कि श्री प्रसाद के द्वारा पारित दण्डादेश के आलोक में अपने बचाव में कोई स्पष्ट तथ्य का उल्लेख नहीं किया गया है। श्री प्रसाद के द्वारा वांछित CMR प्राप्त किये जाने हेतु नियमानुसार कार्रवाई नहीं की गयी, जो उनके लापरवाही को परिलक्षित करता है। अगर उनके द्वारा नियमानुकूल धान अधिप्राप्ति हेतु नियमानुकूल एकरारनामा के क्रम में दिये गये कुल धान की राशि का बैंक गारंटी एवं अचल सम्पाि का निबंधित Pledge एवं बैंक गारेंटी प्राप्त किया जाता, तो मिलरों द्वारा ससमय CMR की प्राप्ति होती। उल्लेखनीय है कि श्री प्रसाद द्वारा कुल 29 राईस मिलरों के साथ एकरारनामा किया गया था एवं जिसके साथ नियमानुकूल प्रक्रिया का पालन नहीं किये जाने के कारण कुल 28,76,04,831.5 रूपये राजस्व की क्षति हुई।
उल्लेखनीय है कि श्री प्रसाद के विरूद्ध कई मामले प्रतिवेदित है, जिनमें-(i) तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना के पदस्थापन अवधि के दौरान प्रतिवेदित आरोप के लिए शास्ति अधिरोपित की गयी है। (ii) तत्कालीन अपर समार्हाा-सह-जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, किशनगंज के पदस्थापन अवधि में प्रतिवेदित आरोप के लिए विभागीय कार्यवाही संचालित है एवं (iii) फतुहा थाना कांड 312/2013 दिनांक 12.09.2015 में अभियोजन स्वी—त है। स्पष्टतया श्री प्रसाद का सेवाकाल संतोषप्रद नहीं रहा है।
वर्णित तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री प्रसाद के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9444 दिनांक 10.06.2022 द्वारा ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' के संसूचित दंड को पूर्ववत् बरकरार रखने का निर्णय लिया गया।
अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री हरिशंकर प्रसाद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 432/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना सम्प्रति सेवानिवृा से प्राप्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकार करते हुए एवं विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9444 दिनांक 10.06.2022 द्वारा संसूचित दंड ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' को पूर्ववत् बरकरार रखा जाता है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हशिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।108 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 सं0 2/आरोप-01-34/2014-सा0प्र0-13162
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1 अगस्त 2022
श्री अभिनय भास्कर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1209/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंलचाधिकारी, छातापुर (सुपौल) के विरूद्ध महालेखाकार (लेखा परीक्षा), बिहार, पटना द्वारा प्रखंड एवं अंचल कार्यालय छातापुर (सुपौल) के लेखा का अंकेक्षण दिनांक 09.04.2014 से 15.04.2014 तक किया गया। अंकेक्षण के उपरान्त महालेखाकार (लेखा परीक्षा) के पत्रांक-एलए/ एसएस-1/रिर्पोट/आईएवाइ/82/258 दिनांक 28.04.2014 द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में श्री भास्कर के विरूद्ध वित्तीय अनियमितता संबंधी निम्नांकित आरोप प्रतिवेदित किया गया है :-
(i) श्री भास्कर द्वारा अंचल कार्यालय के खाता (एस0बी0 2245, एस0बी0आई0, छातापुर) से रू0 पाँच करोड़ की निकासी करके एवं इस राशि को अग्रिम के रूप में अपने नाम से अपने खाता में रखा गया तथा अग्रिम लेजर में रू0 पाँच करोड़ का समायोजन किया गया, जबकि रू0 एक करोड़ का समायोजन पाँच साल से अधिक की अवधि तक लंबित रखा गया।
(ii) श्री भास्कर द्वारा राशि रू0 पाँच करोड़ की अग्रिम की स्वी—ति अपने पक्ष में बिना किसी प्रयोजन के की गयी और अव्यवहृत राशि रू0 3,55,51,001/- में से रू0 3,49,50,000/- चार महीने के बाद एवं रू0 6,01,000/- दो महीने के बाद व्यक्तिगत चेक के द्वारा वापस किया गया।
(iii) बाढ़ राहत कार्य से संबंधित व्यय का विकलन आपदा प्रबंधन खाता (खाता सं0-2245) से किया जाना था, परन्तु आपके द्वारा इस कार्य हेतु प्रखंड कार्यालय के इंदिरा आवास योजना खाता से रू0 एक करोड़ को विचलित किया गया। (iv) श्री भास्कर द्वारा एमजीएनआरईजीएस (पीओ,पीआरएस) के संविदा पर नियुक्त कर्मियों को रिलिफ भुगतान कार्य में लगाया गया एवं उक्त कर्मियों को राशि का भुगतान बियरर चेक से किया गया, किन्तु राशि की उपयोगिता का अनुश्रवण नहीं किया गया।
(v) बाढ़ पीड़ितों को भुगतान हेतु दिनांक 07.01.2009 से 09.02.2009 के बीच तीन बैंक खातों से कुल रू016,57,38,000/- का भुगतान प्रोग्राम पदाधिकारी/पीआरएस (एमजीएनआरईजीएस), शिक्षक और अन्य कर्मियों को करने का उल्लेख अंचल कार्यालय के रोकड़ पंजी तथा बैंक पंजी में अंकित है, परन्तु अंकेक्षण के समय उक्त राशि के समायोजन से संबंधित अभिश्रव प्रस्तुत नहीं किया गया।
(vi) श्री भास्कर द्वारा श्री सुनील कुमार, पीटीए (एमजीएनआरईजीएस) को चेक संख्या 57822776 दिनांक 19.01.2009 के द्वारा रू0 पचास लाख का भुगतान बाढ़ पीड़ितों के राहत कार्य हेतु किया गया। उक्त भुगतान इंदिरा आवास योजना के लिए संधारित एसबी खाता संख्या 3454 (बीओआइ, भीमपुर) से किया गया, किन्तु उक्त राशि की प्रविष्टि रोकड़ पंजी, चेक निर्गत पंजी एवं अग्रिम पंजी में नहीं किया गया।
श्री भास्कर द्वारा श्री हमेन्द्र कुमार वर्मा, एकाउन्टेंट (एमजीएनआरईजीएस) को चेक संख्या 578227767 दिनांक 24.01. 2009 के द्वारा रू0 पचास लाख का भुगतान बाढ़ पीड़ितों के राहत कार्य हेतु किया गया। उक्त भुगतान इंदिरा आवास योजना के लिए संधारित एसबी खाता संख्या 3454 (बीओआइ, भीमपुर) से किया गया, किन्तु उक्त राशि की प्रविष्टि रोकड़ पंजी, चेक निर्गत पंजी एवं अग्रिम पंजी में नहीं किया गया ।
(vii) अंचल के खाता से श्री एस0एन0 राम, नाजिर के द्वारा सेल्फ चेक के माध्यम से कुल रू0 31,00,000/- की राशि की निकासी की गयी। उक्त राशि नाजिर द्वारा सिंगल लॉक में रखा जाना था लेकिन सिंगल लॉक पंजी में इसका संधारण नहीं पाया गया और राशि के उपयोगिता के समर्थन में अभिश्रव अंकेक्षक को नहीं दिखलाया गया।
(viii) श्री भास्कर द्वारा हड़ताल अवधि में कुल राशि रू0 10.51 करोड़ का भुगतान अग्रिम के रूप में अंचल कार्यालय के आपदा प्रबंधन खाता से बाढ़ पीड़ितों के भुगतान के लिए पीओ/ पीआरएस/जेई को किया गया, किन्तु अग्रिम पंजी में उन व्यक्तियों, जिन्हें इस अग्रिम का भुगतान किया गया, के नाम के बदले उन व्यक्तियों का नाम अंकित पाया गया, जिसे अग्रिम प्राप्तकर्ता के द्वारा राशि का भुगतान किया गया।
(ix) अंचल कार्यालय के रोकड़पाल (नाजिर), के द्वारा चेक बुक रिसिट और निर्गत पंजी का संधारण नहीं किया गया। हड़ताल अवधि में आपके द्वारा चेक बुक (चेक सं0 57822776 से 5782800) बैंक से प्राप्त किया गया, किन्तु चेक रिसिट पंजी का संधारण नहीं किया गया।
(x) अग्रिम पंजी तथा श्री हमेन्द्र कुमार वर्मा, जो हड़ताल अवधि में नाजिर का कार्य कर रहे थे, के कथन से स्पष्ट होता है कि हड़ताल अवधि में बाढ़ पीड़ितों के बीच वितरण हेतु प्राप्त राशि में से प्राप्तकर्त्ताओं द्वारा वापस की गयी कुल रू0 9,33,832/- श्री एस0एन0 राम, नाजिर द्वारा श्री हमेन्द्र कुमार वर्मा के माध्यम से प्राप्त किया गया। परन्तु श्री राम द्वारा उक्त राशि में से मात्र रू0 5,39,400/- सर्किल खाता में जमा किया गया तथा शेष राशि रू0 3,94,432/- विगत पाँच वर्षो से श्री एस0 एन0 राम के पास ही रहा।
(xi) चेक सं0-520204 दिनांक 10.01.09 श्री अब्दुल गफूर, पी0ओ0 के नाम से बाढ़ पीड़ितों के भुगतान हेतु निर्गत किया गया, किन्तु रिकॉर्ड के अवलोकन से यह स्पष्ट हुआ कि उक्त राशि आपको हस्तगत करा दिया गया।
(xii) श्री भास्कर द्वारा रिलिफ भुगतान के लिए एमजीएनआरईजीएस (पीओ,पीआरएस) के संविदा पर नियुक्त कर्मियों और प्रखंड के जेई को लगाया गया और कुल रू0 12,50,50,000/- का भुगतान दिनांक 10.01.09 से 20.01.09 के बीच उन्हें किया गया जिसमें से रू0 11,50,50,000/- की ही प्रविष्टि रोकड़ पंजी और बैंक पंजी में की गई।109 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 उपर्युक्त अग्रिम के विरूद्ध सामायोजन अभिश्रव को रिव्यू टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया, किन्तु रू0 13,46,69,840/- के समायोजन अग्रिम पंजी में पाया गया। इस प्रकार रू0 96,19,840/- अधिक राशि का समायोजन अग्रिम पंजी में पाया गया।
श्री भास्कर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1609 दिनांक 02.02.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, कोशी प्रमंडल, सहरसा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। आयुक्त, कोशी प्रमंडल, सहरसा का पत्रांक 1354/स्था0 दिनांक 30.10.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। उक्त जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री भास्कर के विरूद्ध आरोप संख्या-01, 04, 06, 12 को अंशतः प्रमाणित एवं आरोप संख्या-02, 05, 07, 08, 10 को अप्रमाणित तथा आरोप संख्या-03, 09, 11, 13 को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्रांक 14267 दिनांक 01.12.2021 द्वारा श्री भास्कर से बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी, जिसके आलोक में श्री भास्कर द्वारा बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया। श्री भास्कर द्वारा अंशतः प्रमाणित एवं प्रमाणित आरोपों के संदर्भ में आरोपवार समर्पित बचाव अभ्यावेदन निम्नलिखित है-
आरोप सं0-01 :- खाते से प्रतिनियुक्त प्रोग्राम पदाधिकारी मनरेगा, सुपौल, अब्दुल गफुर अंसारी द्वारा आहरित राशि अंचल नजारत के वैकल्पिक नाजिर श्री हेमेन्द्र कुमार वर्मा को सौंपते हुए प्राप्ति रसीद प्राप्त किया गया। तत्कालीन प्रोग्राम ऑफिसर, छातापुर एवं श्री हेमेन्द्र कुमार वर्मा, लेखापाल सहित अन्य द्वारा जिला पदाधिकारी सुपौल को सौंपे गए पत्र में भी आहरित राशि को प्राप्त करना स्वीकार किया गया है। इसी राशि को अग्रिम पंजी में हस्तांतरित राशि के रूप में दर्ज किया गया है। वित्त (अंकेक्षण) विभाग के विशेष अंकेक्षण प्रतिवेदन 23/18-19 के कंडिका-15(ग) में भी इस राशि की निकासी अब्दुल गफुर अंसारी द्वारा किए जाने तथा लाभुकों के वितरण हेतु अग्रिम धारकों को देने की बात दर्ज है। इस प्रकार न तो इनके द्वारा सरकारी राशि निजी खाते में रखा गया और न हीं इनके ऊपर कोई बकाया लंबित है। अतः आरोप पूर्णतः निराधार एवं साक्ष्य के आधार पर अप्रमाणित है।
आरोप सं0-02 :- आपदा के समय सर्वोच्च प्राथमिकता आपदा पीड़ितों को तत्काल राहत पहुँचाना होता है। इसके लिए सुविधानुसार किसी भी राशि का उपयोग करने एवं आपदा प्रबंधन विभाग से निधि प्राप्त होने पर Adjust करने की प्रचलित परंपरा है। माननीय मुख्यमंत्री जी एवं उच्चाधिकारियों द्वारा भी तत्संबंधी निर्देश बैठकों अथवा दूरभाष के माध्यम से दिया जाता रहा है। अंचल के आपदा शीर्ष के खाते में एवं नाथपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक खाते में राशि अवश्य उपलब्ध था परन्तु अंचल के पश्चिमी भाग एवं दक्षिणी भाग में स्थित पंचायतों में राशि की उपलब्धता इन खातों के माध्यम से नहीं किया जा पा रहा था। जलमग्न होने के कारण उत्तरी एवं पूर्वी भाग में स्थित बैंकों से आहरित राशि का परिवहन इन पंचायतों तक किया जाना संभव ही नहीं था। तत्कालीन अनुमण्डल पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज एवं जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा बैंक ऑफ इंडिया के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर राशि की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई गयी थी और बैंक ऑफ इंडिया स्थित इंदिरा आवास के खाते में उपलब्ध राशि का उपयोग करने हेतु निदेशित किया गया। तत्कालीन परिस्थिति के अनुकूल निदेशानुसार इंदिरा आवास के खाते से राशि की निकासी कर राहत वितरण कार्य में उपयोग किया गया। निकासी की गई राशि का समायोजन अंचल के आपदा प्रबंधन के खाते से कर दिया जाता।
जहाँ तक पंजियों के संधारण का प्रष्न है ज्ञातव्य हो कि ये सभी कार्य अराजपत्रित कर्मियों के हड़ताल के दौरान किये जा रहे थे। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मनरेगा कर्मियों से कार्य लिया जा रहा था। हड़ताल से वापसी के पश्चात् बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली के अनुसार अंचल एवं प्रखण्ड नजारत के पंजियों का विधिवत् संधारण श्री सत्यनारायण राम को करना था जो सम्भवतः कार्य की अधिकता की वजह से त्रुटिपूर्ण रह गया होगा जिसे संज्ञान में आने पर सुधारा जा सकता था। यह किसी प्रकार के वित्तीय अनियमितता के उद्देश्य से नहीं किया गया था। अतः आरोप पूर्णतया निराधार है।
आरोप सं0-04, 06, 09 एवं 12 :- चारों आरोप पंजियों के संधारण से संबंधित है। यह सर्वविदित हैं, कि आपदा की घड़ी में वित्तीय नियमों में ढील दी जाती रही है। साथ ही आपदा समाप्ति के पश्चात् पंजियों/अभिलेखों/संचिकाओं का संधारण किया जाता रहा है। जिसके अनगिनत उदाहरण है। प्रयोगिक तौर भी यह संभव नहीं है कि वित्तीय नियमों के अनुरूप पंजियों का संधारण करते हुए बचाव राहत कार्य को चलाया जा सके। आपदा प्रबंधन विभाग भी आपदा समाप्ति के पश्चात् पंजियों/अभिलेखों/संचिकाओं के संधारण हेतु समय देती रही है।
जबकि इनके कार्यकाल में अराजपत्रित कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने एवं एक महीना से अधिक हड़ताल अवधि के दौरान किये गए राहत वितरण कार्योसे संबंधित पंजियों/कैष बुक/अभिलेखों का संधारण राहत कार्य चलाते हुए व्यवहारिक तौर पर एक महीने के अंदर नाजीर के लिये संभव नहीं था। हड़ताल से वापसी के बाद वैकल्पिक नाजीर द्वारा सभी दस्तावेज/पंजी/चेक बुक इत्यादि विधिवत संधारण हेतु नियमित नाजीर को सौंप दिया गया। फसल क्षति, भूमि क्षति, पशु क्षति एवं मानव क्षति अनुदान का प्रतिदिन सैकड़ों चेक बनाते हुए पिछले (Backlog) कार्यों को संपादित करने के लिए एक महीना पर्याप्त नहीं था। नियमित नाजीर द्वारा इनके कार्यकाल में हुए राहत वितरण कार्य से संबंधित पंजियों/अभिलेखों/अभिश्रवों का संधारण इनके प्रभार सौंपने तक पूर्ण नहीं किया गया था।
कालान्तर में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी के अनुरोध पर संधारित दस्तावेज पर हस्ताक्षर हेतु जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा इनकी एक दिन की प्रतिनियुक्ति छातापुर की गई थी।
विभिन्न विभागों एवं अनेक Capacity में कार्य करने के दौरान अनगिनत ऐसे मामले सामने आये हैं जिसमें ऑडिट के Objection का निराकरण कई-कई सालों बाद तक किया गया है। यदि इस मामले में पंजी/रोकड़ बही/चेक पंजी110 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 इत्यादि का संधारण विधिवत नहीं किया गया था और ऑडिट द्वारा Objection किया गया था तो इसका निराकरण किया जा सकता था। परन्तु इस केष में Audit Compliance का प्रयास नहीं करते हुए सीधे आरोप गठन कर दिया गया जो न्यायपूर्ण नहीं है।
अतः उक्त तथ्यों के आलोक में आरोप संख्या 04, 06, 09 एवं 12 पूर्णतया निराधार एवं अप्रमाणिक है। आरोप सं0-11 :-श्री भास्कर का कहना है कि उनके द्वारा स्पष्टीकरण एवं बचाव बयान में कोई अंतर नहीं है। उनके द्वारा स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है कि चेक संख्या 520204 निकासी हेतु श्री अब्दुल गफुर अंसारी, तत्कालीन प्रोगाम पदाधिकारी, सुपौल के नाम से निर्गत किया गया था, जिसे आहरण पश्चात् आहरित राशि मो0 50,000/- (पचास हजार रूपया) अंचल नजारत को सौंप दिया गया। तत्कालीन वैकल्पिक नाजीर, हेमन्त कुमार वर्मा से प्राप्ति रसीद भी उनके द्वारा प्राप्त किया गया। परन्तु श्री कुमार अरूण प्रकाश द्वारा समर्पित गलत प्रतिवेदन एवं जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा तद्आलोक में दोषपूर्ण मंतव्य दिये जाने के प्ररिप्रेक्ष्य में बैंक स्टेटमेन्ट को लगाते हुए उक्त बातें लिखी गई थी। संचालन पदाधिकारी का मंतव्य पूर्णतः निराधार है।
आरोप सं0-13 :- श्री भास्कर का कहना है कि उनके द्वारा अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से किया जाता रहा है। अपने सेवाकाल में उनके द्वारा कोई ऐसा कार्य नहीं किया है जो सरकारी सेवक के आचरण के विरूद्ध हो।''
श्री भास्कर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन एवं इनसे प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री भास्कर के विरूद्ध निम्नलिखित आरोप प्रमाणित/आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है :-
➢ अंचल कार्यालय के खाता (एस0बी0 2245, एस0बी0आई0, छातापुर) से रू0 पाँच करोड़ की निकासी करके एवं इस राशि का अग्रिम के रूप में श्री भास्कर द्वारा खाता में रखा गया तथा अग्रिम लेजर में रू0 पाँच करोड़ का समायोजन किया गया, जबकि रू0 एक करोड़ का समायोजन पाँच साल से अधिक की अवधि तक लंबित रखने का आरोप अंशतः प्रमाणित पाया गया है।
➢ बाढ़ राहत कार्य से संबंधित व्यय का विकलन आपदा प्रबंधन (आपदा प्रबंधन खाता संख्या 2245) से किया जाना था, परंतु श्री भास्कर द्वारा इस कार्य हेतु प्रखंड कार्यालय के इन्दिरा आवास योजना खाता से मो0 1,00,00,000/-(एक करोड़) रूपये का विचलन का आरोप प्रमाणित पाया गया है।
➢ एम0जी0एन0आर0ई0जी0एस0 (पी0ओ0पी0आर0एस0) के संविदा पर नियुक्त कर्मियों को रिलीफ भुगतान कार्य में लगाया गया एवं उक्त कर्मियों को राशि का भुगतान कार्य में लगाया गया एवं उक्त कर्मियों को राशि का भुगतान वियरर चेक से किया गया, किन्तु राशि की उपयोगिता का अनुश्रवण नहीं किया गया। यह आरोप आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है।
➢ श्री सुनील कुमार, पी0टी0ए0 (एम0जी0एन0आर0ई0जी0एस0) को चेक संख्या 57822776 दिनांक 19.01. 2009 एवं श्री हेमेन्द्र कुमार वर्मा, एकाउन्टेंट (एम0जी0एन0आर0ई0जी0एस0) को चेक संख्या 57822777 दिनांक 24.01.2009 द्वारा रू0 पचास-पचास लाख का भुगतान बाढ़ पीड़ितों के राहत कार्य हेतु किया गया एवं उक्त भुगतान इंदिरा आवास योजना के लिए संधारित एस0बी0 खाता संख्या 3454 (बी0ओ0आई0, भीमपुर) से किया गया, किन्तु उक्त राशि की प्रविष्टि रोकड़ पंजी चेक निर्गत पंजी एवं अग्रिम पंजी में नहीं किया गया। जाँच में इस आरोप को आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है।
➢ अंचल कार्यालय के रोकड़पाल (नाजिर) के द्वारा चेक बुक रिसिट और निर्गत पंजी का संधारण नहीं किया गया एवं हड़ताल अवधि में श्री भास्कर द्वारा चेक बुक (चेक संख्या 57822776 से 57822800) बैंक से प्राप्त किया गया, किन्तु चेक रिसीट पंजी का संधारण नहीं किया गया। यह आरोप प्रमाणित पाया गया है। ➢ चेक संख्या 520204 दिनांक 10.01.2009 श्री अब्दुल गफुर, पी0ओ0 के नाम से बाढ़ पीड़ितों के भुगतान हेतु निर्गत किया गया, किन्तु उक्त राशि श्री भास्कर को हस्तगत कराये जाने का आरोप प्रमाणित पाया गया है। ➢ रिलीफ भुगतान के लिए एम0जी0एन0आर0ई0जी0एस0 (पी0ओ0पी0आर0एस0) के संविदा पर नियुक्त कर्मियों और प्रखंड के जेई को लगाया गया और कुल रू0 12,50,50,000/- का भुगतान उन्हें किया गया, जिसमें से रू0 11,50,50,000/- की ही प्रविष्टि रोकड़ पंजी और बैंक पंजी में की गई।
श्री भास्कर द्वारा उपर्युक्त अग्रिम के विरूद्ध समायोजन अभिश्रव को रिव्यू टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया, किन्तु रू0 13,46,69,840.00/- के समायोजन अग्रिम पंजी में पाया गया। इस प्रकार रू0 96,19,840.00/- अधिक राशि का समायोजन अग्रिम पंजी में पाया गया। यह आरोप आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है। स्पष्टतया श्री भास्कर के विरूद्ध अंचल कार्यालय के खाता से की गई अग्रिम निकासी की राशि में से एक करोड़ रूपये का समायोजन लम्बी अवधि तक लंबित रखने, इंदिरा आवास की राशि का विचलन करने, संविदा पर नियुक्त कर्मियों को राशि भुगतान वियरर चेक से करने, राशि की उपयोगिता का अनुश्रवन नहीं करने, अंकेक्षण के समय राशि के समायोजन से संबंधित अभिश्रव प्रस्तुत नहीं करने आदि का आरोप प्रमाणित है।
समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकारा द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए श्री भास्कर के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के तहत (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2008-09) (ii) संचयात्मक प्रभाव से पाँच वेतनवृद्धि पर रोक एवं (iii) स्थायी प्रभाव से पदोन्नति पर रोक का दंड अधिरोपित किये जाने का विनिश्चित किया गया।111 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 श्री भास्कर के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति/परामर्श की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 1389 दिनांक 20.07.2022 द्वारा श्री भास्कर के विरूद्ध विनिश्चित दंड पर सहमति व्यक्त की गयी है।
अतः अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चत दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में श्री अभिनय भास्कर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1209/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंलचाधिकारी, छातापुर (सुपौल) सम्प्रति जिला प्रबंधक, बिहार राज्य खाद्य एवं असैनिक आपूर्ति निगम, मुजफ्फरपुर को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के तहत निम्नलिखित दंड अधिरोपित किया जाता है :-
(i) निन्दन (आरोप वर्ष 2008-09), (ii) संचयात्मक प्रभाव से पाँच वेतनवृद्धि पर रोक, (iii) स्थायी प्रभाव से पदोन्नति पर रोक ।
आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति के साथ सभी संबंधित पदाधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ भेज दी जाए।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हशिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।
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सं0 2/आरोप-01-01/2022-सा0प्र0-12327
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20 जुलाई 2022
श्री अजय कुमार ठाकुर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 461/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 5388 दिनांक 14.12.2021 द्वारा आरोप (साक्ष्य सहित) प्रतिवेदित किया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता सरंक्षण विभाग से प्राप्त आरोप-पत्र एवं साक्ष्य के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया।
श्री ठाकुर के विरूद्ध आरोप निम्नलिखित है :- 1. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स गणपति उद्योग राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 26495.25 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0-34560404.1 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो 85 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
2. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स हरिओम राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 82257.88 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0-107297178.70 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 1.77 करोड़ रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
3. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स चित्रांष राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 31811.17 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0-41494490.15 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 4.95 करोड़ रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
4. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स बालाजी राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 40602.09 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0-52961366.2 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 10.80 करोड़ रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
5. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स निधि राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 3779.2 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0-4929588.48 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 40 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
6. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स भोले भण्डार राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 23654.77 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0-30855281.99 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 40 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
7. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स सावित्री रघुनाथ राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 43063.75 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 5617355.55112 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 4 करोड़ रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
8. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स त्रिदेव राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 14561.9 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0-18994542.36 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 70 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
9. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स शिव शक्ति राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 34261.74 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 44691013.66 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 65 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
10. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स जिन्दल स्मोल इन्डस्ट्रीज के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 20291.07 क्वि0 धान समतुल्य राषि मो0 26467671. 71 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 80 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
11. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स बालाजी राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 12763.1 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 16648187.64 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 1.40 करोड़ रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
12. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स श्री कुबेर उद्योग राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 54796.6 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 71476685.04 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 82 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
13. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स मनोकामना मिनी राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 29773.44 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 38836475.14 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 87 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
14. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स बाबा मिनी राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 32935.24 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 42960727.06 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 1.60 करोड़ रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
15. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स माँ पूरनदेवी राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 16013.59 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 20888126.8 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 20 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
16. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स जयसवाल मिनी राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 6201.98 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 8089862.712 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 40 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
17. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स मनीष मिनी राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 11867.55 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 15480032.22 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 80 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
18. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स गोविन्द मिनी राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 1534.71 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 2001875.724 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 50 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
19. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स ओम मिनी राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 7234.58 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 9436786.152 का बैंक113 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 90 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
20. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स अर्चना राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 17349.03 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 22630074.73 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 50 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
21. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स खुशबू मिनी राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 23764.76 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 30998752.94 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 3.5 करोड़ रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
22. वर्ष 2012-13 में जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ के पद पर रहते हुए मेसर्स ठाकुर मिनी राईस मिल के साथ धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में कुल दिये गए 2874.5 क्वि0 धान समतुल्य राशि मो0 3749497.8 का बैंक गारंटी अथवा अचल संपत्ति का निबंधित Pledge नहीं प्राप्त कर मात्र एक सौ (100/-) के मुद्रांक पर मो0 50 लाख रू0 का Deed of Pledge किया गया है, जो नियमानुकूल नही है।
अनुमोदित आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 2689 दिनांक 24.02.2022 द्वारा श्री ठाकुर से स्पष्टीकरण की गयी। श्री ठाकुर के द्वारा अपना स्पष्टीकरण प्रतिवेदित आरोप के आलोक में नहीं समर्पित कर सरकारी दिशा-निर्देशों, परिपत्र इत्यादि उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया। श्री ठाकुर को पुनः स्मारित करते हुए प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में अपना स्पष्टीकरण समर्पित किये जाने का निदेश दिया गया। उनके विरूद्ध गठित आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों को पुष्ट करनेवाला सभी साक्ष्य उन्हें उपलब्ध कराया जा चुका है कि सूचना के साथ पुनः स्पष्टीकरण समर्पित करने का निदेश दिया गया।
उक्त के आलोक में श्री ठाकुर के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में द्वारा कहा गया कि उनकी सेवा अवधि में कोई आरोप प्रतिवेदित नहीं है न ही कोई विभागीय कार्यवाही चलायी गयी है। विभाग का यह कहना कि गठित आरोपों को पुष्ट करनेवाला सभी साक्ष्य उन्हें उपलब्ध कराया जा चुका है, यह कथन भ्रामक एवं तथ्य से परे है। प्रतिवेदित आरोप बहुत पुराना, अस्पष्ट एवं विसंगतियों से भरा हुआ है। यह आरोप वर्ष 2012-13 का है, जो लगभग 10 वर्ष पुराना है। सेवाकाल के अवधि में इनसे कोई स्पष्टीकरण नहीं पूछा गया है। इस प्रकार यह कार्रवाई कानून के द्वारा वर्जित है। यदि राईस मिलर्स के साथ निबंधित Registered Deed of Pledge किया जाना था-तो इस संदर्भ में (1) खरीफ विपणन मौसम वर्ष 2012-13 में निर्गत दिशा-निर्देश पत्र, परिपत्र की प्रति जिसमें निबंधित होने का उल्लेख एवं निर्देश हो (2) साथ ही खरीफ विपणन मौसम वर्ष 2012-13 में कितने रूपये के मुद्रांक पर Deed of Pledge किया जाना था-इस संदर्भ में निर्गत दिषा-निर्देष पत्र, परिपत्र की प्रति उपलब्ध कराया जाय, ताकि स्पष्टीकरण समर्पित कर आरोप मुक्त हो सकें।
श्री ठाकुर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों एवं इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री ठाकुर के विरूद्ध गठित आरोप-पत्र पर इनसे स्पष्टीकरण की गयी, किन्तु स्मारित किये जाने के बावजूद भी इनके द्वारा प्रतिवेदित आरोप के आलोक में अपना उार समर्पित नहीं किया गया एवं साक्ष्यों से अलग अभिलेखों की मांग की गई, जिससे स्पष्ट है कि श्री ठाकुर द्वारा मामले को विलंबित रखने का प्रयास किया गया।
पूर्णियाँ जिलान्तर्गत अधिप्राप्ति वर्ष 2012-13 में धान की मिलिंग हेतु सम्बद्ध मिलरों के साथ Deed of Pledge के अन्तर्गत संबंधित मिलरों से Title deeds of self acquired/inherited landed property and the ownership paper of mills in his possession which are been pledge by him as security के रूप में प्राप्त किया जाना था, जो इनके द्वारा नहीं किया गया। इसके फलस्वरूप राज्य सरकार एवं राज्य खाद्य निगम, पूर्णियां को प्रमादी मिलरों से वसूलनीय राषि के विरूद्ध में डीड ऑफ प्लेज के नियमानुसार नहीं होने के कारण वित्तीय हानि का सामना करना पड़ा। इनके द्वारा कुल 22 राईस मिलरों का बैंक गारंटी पर Deed of Pledge नहीं कराया गया। इनके विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप गंभीर एवं विाीय अनियमितता से संबंधित है। निगम मुख्यालय पटना के पत्रांक 9914 दिनांक 29.12. 12 के निदेशानुसार सभी जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, बिहार को खरीफ विपणन मौसम वर्ष 2012-13 के अंतर्गत अधिप्राप्ति धान के मिलिंग हेतु संबंद्ध मिलरों के साथ किये जाने वाले एकरारनामा के साथ Deed of Pledge प्राप्त की जानी थी। फिर भी श्री ठाकुर द्वारा मिलरों के साथ एकरारनामा के क्रम में नियमानुकूल बैंक गारंटी अथवा अचल सम्पत्ति का निबंधित प्लेज नहीं किया गया। श्री ठाकुर द्वारा यदि सरकार द्वारा निर्धारित मानक/प्रक्रिया का पालन किया जाता, तो सरकारी राजस्व की क्षति नहीं होती।
श्री ठाकुर के द्वारा 22 मिलरों के साथ अचल सम्पत्ति सहित कुल 70.16 करोड़ रूपये (सत्तर करोड़ सोलह लाख़) राशि के विरूद्ध मात्र 37.31 करोड़ रूपये राशि (सैंतीस करोड़ इक्तीस लाख) का डीड ऑफ प्लेज प्राप्त किया गया। निष्कर्षतः उनके द्वारा 32.85 करोड़ रूपये (बत्तीस करोड़ पच्चासी लाख) राशि का डीड ऑफ प्लेज प्राप्त नहीं किया गया। स्पष्ट है कि श्री ठाकुर के इस कु—त्य के कारण सरकार को भारी वित्तीय क्षति हुई है। श्री ठाकुर का यह —त्य वित्तीय कुप्रबंधन एवं घोर कर्त्तव्यहीनता का द्योतक है।114 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 श्री ठाकुर के विरूद्ध इनके सेवाकाल में कई आपराधिक मामले यथा-(1) माननीय उच्च न्यायालय, बिहार, पटना का क्रि0म0न0-52242/2013 एवं सदर पूर्णियां थाना कांड संख्या 117/2015 दिनांक 06.04.2015, (2) माननीय उच्च न्यायालय, बिहार, पटना का क्रि0म0न0- 52242/2013 एवं सदर पूर्णियां थाना कांड संख्या 80/2016 दिनांक 28.03.2016, (3) सदर पूर्णियां थाना कांड संख्या 116/2015 दिनांक 06.04.2015, (4) के0 हॉट (मधुबनी) थाना कांड संख्या 246/2015 दिनांक 12.04.2015, (5) के0 हॉट (मधुबनी) थाना कांड संख्या 245/2015 दिनांक 12.04.2015, (6) के0 हॉट (मधुबनी) थाना कांड संख्या 244/2015 दिनांक 12.04.2015 दर्ज है, जिनमें से चार थाना कांडों में विधि विभाग द्वारा अभियोजन की स्वी—ति दी गई है। श्री ठाकुर का इनके सेवाकाल में अपराधिक मामलों को देखते हुए यह परिलक्षित होता है कि इनका सेवा पूर्णतः संतोषजनक नहीं रहा है।
समीक्षोपरान्त राजस्व क्षति से संबंधित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए श्री ठाकुर के स्पष्टीकरण को अस्वी—त किया गया एवं इनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-139 के संगत प्रावधानों के तहत् ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।
अतएव समीक्षोपरान्त लिए गये निर्णय के आलोक में श्री अजय कुमार ठाकुर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 461/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक राज्य खाद्य निगम, पूर्णियाँ सम्प्रति सेवानिवृत्त को ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' का दण्ड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हशिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।
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सं0 2/आरोप-01-16/2021-सा0प्र0-15645
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1 सितम्बर 2022
श्री अनु कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1275/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, नवादा सम्प्रति प्रशासन मुख्य, बिहार राज्य पथ परिवहन निगम, बिहार, पटना के विरूद्ध अधिप्राप्ति वर्ष 2012-13 में नवादा जिलान्तर्गत अधिप्राप्ति धान की मिलिंग हेतु निदेशों के अनुपालन नहीं करते हुए निगम निदेश के अनुरूप एकरारनामा, बैंक गारंटी, रजिस्टर्ड Deed of Pledge, Pledge किये गये सम्पत्ति का मूल दस्तावेज इत्यादि प्राप्त नहीं किये जाने संबंधी आरोप प्रतिवेदित है। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 1580 दिनांक 01.04.2022 द्वारा गठित आरोप-पत्र (साक्ष्य सहित) उपलब्ध कराया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त आरोप-पत्र एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
श्री कुमार से प्रतिवेदित आरोप पर विभागीय पत्रांक 8733 दिनांक 02.06.2022 द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री कुमार के पत्र दिनांक 17.06.2022 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि प्रतिवेदित आरोप विाीय हानी की गंभीरता के आलोक में श्री कुमार के स्पष्टीकरण से असहमत होते हुए इनके विरूद्ध संलग्न अनुबंध में अंतर्विष्ट आरोपों की जाँच विहित रीति से करने हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-17 के संगत प्रावधानों के तहत विभागीय कार्यवाही संचालित किया जाता है, जिसमें मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना द्वारा नामित किन्हीं वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
खाद्य उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना को निदेश दिया जाता है कि इस विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु अपने अधीनस्थ किन्हीं वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर संचालन पदाधिकारी मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को सूचित करेंगे। श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति के साथ सभी संबंधित पदाधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवष्यक कार्यार्थ भेज दी जाए।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हशिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।
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सं0 2/आरोप-01-22/2019-सा0प्र0-15628
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1 सितम्बर 2022
श्री अरूण प्रकाश (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1284/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, आरा सदर सम्प्रति अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, भागलपुर सदर के विरूद्ध खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना115 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 के पत्रांक 2326 दिनांक 28.06.2021 गठित आरोप-पत्र (साक्ष्य सहित) उपलब्ध कराया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त आरोप-पत्र एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
श्री प्रकाश के विरूद्ध आरोप है कि :- 1. सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना द्वारा 25.09.2019 को आरा सदर, अनुमंडल के कार्यों की समीक्षा के अनुसार R.C-01 में 1,86,287 कार्ड धारकों एवं R.C-02 में कुल 8,64,275 सदस्यों में से क्रमशः 1,50,052 एवं 5,52,302 आधार सीडिंग दिखाया गया है। R.C-01 में आधार सीडिंग 36,235 कार्ड धारियों एवं R.C-02 में आधार सीडिंग हेतु 3,11,973 लाभुकों का आधार सीडिंग लंबित था।
2. आरा सदर अनुमंडल में राशन कार्ड, नए नाम जोड़ने से संबंधित कुल स्वीकृत 97,446 आवेदनों में मात्र 13,694 नए राषन कार्ड निर्गत किए गए जबकि 83,752 आवेदनों का अंतिम रूप से निष्पादन नहीं किया गया है एवं जन वि0प्र0 दुकानों की रिक्ति के विरूद्ध अनुज्ञप्ति निर्गत नहीं की गई है।
3. विभागीय पत्रांक 4627 दिनांक 22.09.2019 द्वारा कार्यों के प्रति शिथिलता एवं विभागीय आदेश की अवहेलना के संबंध में श्री अरूण प्रकाश से स्पष्टीकरण की मांग की गई, जो अप्राप्त रहा।
विभागीय पत्रांक 9440 दिनांक 10.06.2022 द्वारा श्री प्रकाश के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री प्रकाश के पत्रांक 181 दिनांक 22.06.2022 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री प्रकाश के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि :-
➢ राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत सुपात्र लाभुकों को योजना का शीघ्र लाभ दिये जाने हेतु श्री प्रकाश द्वारा शत-प्रतिशत आधार सीडिंग का कार्य नियमित रूप से निदेशित किये जाने के बाद भी पूर्ण नहीं कराया जा सका। राशन कार्डाें का सत्यापन लंबित रहने तथा राशन कार्ड में नये नाम जोड़ने से संबंधित आवेदनों का अंतिम रूप से निष्पादन किये जाने के संबंध में श्री प्रकाश का यह कहना है कि अनुमंडल पदाधिकारी के पास इसके अलावा विधि-व्यवस्था संधारण, न्यायालय कार्य एवं जिला पदाधिकारी द्वारा दिये गये कई कार्य होते हैं के बावजूद पूरी तन्मयता के साथ RC-01 एवं RC- 02 के आधार सीडिंग का कार्य कराया गया। उल्लेखनीय है कि अन्य कार्यों के साथ-साथ आम जनता के लाभ के लिए आवश्यक सरकारी योजना जो राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत चलायी जा रही है, की जिम्मेवारी अनुमंडल पदाधिकारी की है। अन्य कार्यों का हवाला देकर श्री प्रकाश अपनी जिम्मेवारी से मुक्त नहीं हो सकते हैं।
➢ श्री प्रकाश के द्वारा उक्त कार्य के धीमी गति होने का मुख्य कारण फर्जी राशन कार्ड/डुप्लीकेट लाभुकों/मृत लाभुकों के डाटाबेस में होना बताया गया है। एक निरीक्षी पदाधिकारी होने के नाते लगभग 02 वर्षों के पदस्थापन के उपरान्त भी उक्त विसंगतियों को श्री प्रकाश द्वारा दूर नहीं किया गया। श्री प्रकाश का यह आचरण एक वरीय पदाधिकारी होने के नाते कार्यों के प्रति उदासीनता एवं लापरवाही प्रदर्शित करता है।
➢ उक्त लापरवाही हेतु श्री प्रकाश से पत्र प्राप्ति के तीन दिनों के अन्दर स्पष्टीकरण हेतु दिनांक 27.09.2019 को विभाग द्वारा निदेशित किये जाने के बाद भी उनके द्वारा ससमय अपना स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया, जो एक वरीय पदाधिकारी के लापरवाही एवं अनुशासनहीनता को द्योतक है।
उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री प्रकाश द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत् ''निन्दन (आरोप वर्ष 2019-20)'' का दंड संसूचित करने का निर्णय लिया गया।
अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अरूण प्रकाश (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1284/11, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, आरा सदर सम्प्रति अनुमंडलीय लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, भागलपुर सदर को ''निन्दन (आरोप वर्ष 2019-20)'' का दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति सभी संबंधितों को जानकारी एवं आवश्यक कार्रवाई के लिए भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हशिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।
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सं0 2/आरोप-01-13/2020-सा0प्र0-15630
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1 सितम्बर 2022
श्री जय शंकर मंडल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 520/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सीतामढ़ी सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध समाहरणालय, सीतामढ़ी के पत्रांक 272 दिनांक 06.04.2021 द्वारा आरोप-पत्र गठित कर उपलब्ध कराया गया, जिसमें श्री मंडल के विरूद्ध आरोप है कि अपने पदस्थापन काल 24.02.2014 से 08.11.2014 की अवधि में धान अधिप्राप्ति वर्ष, 2013-14 अन्तर्गत अधिप्राप्ति धान की मिलिंग हेतु संबद्ध मिलरों के साथ Deed of Pledge के अन्तर्गत जिला प्रबंधक द्वारा Title Deeds/Khatian (with the land possession certificates issued by competent116 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 authority) of acquired/inherited but unencumbered immovable property in his name or the certified copies of the said Title Deeds Khatian and the ownership paper (s) of the mill in his name/possession which are being pledged by him by way of security के रूप में नियमानुसार बैंक गारंटी/Deed of Pledge प्राप्त किया जाना था, जिसका अनुपालन इनके स्तर से नहीं किया गया। फलस्वरूप इनके द्वारा एकरारनामित मिलरों ने 1165.10 एम0टी0 चावल ससमय निगम को वापस नहीं किया, जिस कारण राज्य खाद्य निगम सीतामढ़ी को 276277702.60 (दो करोड़ छिहत्तर लाख सत्ताईस हजार सात सौ दो रूपये साठ पैसे) की आर्थिक हानि उठानी पड़ी।
श्री मंडल के विरूद्ध आरोप गंभीर विाीय अनियमितता से संबंधित है, को देखते हुए अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-139 के संगत प्रावधानों के तहत् विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9445 दिनांक 10.06.2022 द्वारा ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' का दण्ड अधिरोपित एवं सूचित किया गया।
श्री मंडल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं अधिरोपित दंडोदश के विरूद्ध दिनांक 09.07.2022 द्वारा समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। श्री मंडल द्वारा अपने बचाव में अंकित मुख्य बिन्दुओं पर वस्तुस्थिति निम्नप्रकार है :-
➢ शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती का दंड अधिरोपित करने से पूर्व सरकार को यह संतुष्ट होना पड़ेगा कि आरोपी सरकारी कर्मी का सेवा पूर्णतया संतुष्टिजनक नहीं रहा हो अथवा उसके विरूद्ध गंभीर कदाचार का आरोप प्रमाणित पाया गया हो। किंतु किसी भी स्थिति में इस नियम का प्रयोग बिना सेवानिवृत कर्मी को अपना पक्ष रखने का समुचित अवसर प्रदान किए बिना एवं प्रस्तावित सजा के विरूद्ध उनका पक्ष लिए बिना पेंषन कटौती की सजा अधिरोपित नहीं की जा सकती है।
श्री मंडल के विरूद्ध घोर विाीय अनियमितता का आरोप है। उनके विरूद्ध भारी राजस्व क्षति का मामला स्पष्ट है। अतएव अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-139 के संगत प्रावधानों के तहत् पेंशन कटौती की गई है। श्री मंडल को स्पष्टीकरण समर्पित करने हेतु बचाव का पूर्ण मौका दिया गया, किन्तु उनके द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया।
➢ श्री मंडल का कहना है कि उनके विरूद्ध गंभीर कदाचार का आरोप प्रमाणित नहीं है। अतएव शत-प्रतिशत पेंशन कटौती का दण्ड अधिरोपित किया जाना सही नहीं है। श्री मंडल द्वारा एकरारनामित मिलरों द्वारा 1165.10 एम0टी0 चावल ससमय निगम को वापस नहीं किया गया है, जिसका मुल्य 27627702.60 (दो करोड़ छिहार लाख सााईस हजार सात सौ दो रूपये साठ पैसे) है। इस प्रकार विकासोन्मुख राज्य का 27627702.60 (दो करोड़ छिहार लाख सााईस हजार सात सौ दो रूपये साठ पैसे) की आर्थिक हानि श्री मंडल जैसे वरीय पदाधिकारी के कार्यकलाप एवं उनके घोर लापरवाही को दर्शाता है।
➢ श्री मंडल द्वारा श्री हरेन्द्र नाथ दूबे के संबंध में उल्लेख किया गया है कि श्री दूबे को आरोप मुक्त कर दिया गया है।
श्री दूबे भारतीय प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी हैं एवं उनके विरूद्ध केन्द्र सरकार के नियमावली के तहत कार्रवाई की गयी है।
➢ श्री मंडल का कहना है कि उनके द्वारा आवश्यक कागजतों की मांग की गई जिसे उन्हें उपलब्ध नहीं कराया गया एवं स्पष्टीकरण के बिना उनके विरूद्ध एकतरफा कार्रवाई की गयी।
श्री मंडल को आरोप-पत्र के साथ आवश्यक अभिलेखों उपलब्धता सुनिश्चित की गयी थी, किन्तु श्री मंडल द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया।
➢ श्री मंडल का कहना है कि उनके द्वारा प्रमादी मिलरों के साथ धान की मिलिंग हेतु सभी प्रक्रिया का पालन किया गया है।
श्री मंडल द्वारा मेसर्स दानिश राईस मिल लगमा, सीतामढ़ी, प्रो0-लालबाबु हसन से एकरारनामा के समय 05 लाख का बैंक गारंटी प्राप्त किया गया था। इसके आलोक में मिलर को 2720.00 क्वींटल धान का आपूर्ति किया गया जिसका मुल्य 1310.00 रूपया प्रति क्वींटल की दर से 3563200.00 (पैंतीस लाख तिरसठ हजार दो सौ रूपये) होता है। आपूर्ति की गई धान का प्राप्त बैंक गारंटी से कई गुणा अधिक है। इसके अतिरिक्त डीड सं0-8329, खाता सं0-364, सर्वे नं0-585, थाना सं0-315, रकवा-04 डि0 जो मिलर लालबाबू हसन के द्वारा दिनांक 16.06.2012 को खरीदा गया था। उक्त भूखंड की जप्ती एवं नीलामी के दृष्टिपथ जिला अवर निबंधक, सीतामढ़ी को जिला पदाधिकारी के माध्यम से पत्रांक 352/SFC दिनांक 19.03.2020 द्वारा खरीद बिक्री पर रोक लगाई गई। जिला निबंधन कार्यालय के पत्रांक 1023/नि0 दिनांक 06 जुलाई, 2020 के द्वारा जानकारी प्राप्त हुई कि उक्त जमीन जिसका खाता नं0 364, खेसरा नं0-585 है, उसमें से 2.2 डि0 जमीन एकरारनामा दिनांक 13.03.2014 से पूर्व ही दिनांक 01.08.2012 को ही श्रीमती ममता मिश्र उर्फ ममता देवी पति सुनील कुमार मिश्रा साकिन-अधखनी थाना-परिहार जिला-सीतामढ़ी के हाथों बिक्री कर चुके हैं जिसका दस्तावेज नं0-10759 दिनांक 01.08.2012 जमाबंदी नं0-5989 है जिसका मालिकाना हक ममता देवी का है।
श्री मंडल के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं साक्ष्यों के आधार पर स्पष्ट है कि उनके द्वारा धान की मिलिंग हेतु संबद्ध मिलरों के साथ नियमानुकूल बैंक गारंटी/ Deed of Pledge प्राप्त करने की कार्रवाई नहीं की गई, जिसके फलस्वरूप मिलरों द्वारा 1165.10 एम0टी0 चावल ससमय निगम को वापस नहीं करने से सरकार को कुल 276277702.60 (दो करोड़ छिहत्तर लाख सत्ताईस हजार सात सौ दो रूपये साठ पैसे) की आर्थिक हानि उठानी पड़ी। वर्णित तथ्यों के आलोक में117 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री मंडल के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकृत करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9445 दिनांक 10.06.2022 द्वारा ''शत-प्रतिशत (100%) पेंशन कटौती'' के संसूचित दंड को पूर्ववत् बरकरार रखने का निर्णय लिया गया।
अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री जय शंकर मंडल (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 520/11, तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, सीतामढ़ी सम्प्रति सेवानिवृा के विरूद्ध आरोपों की गंभीरता एवं घोर विाीय अनियमितता को देखते हुए बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-139 के संगत प्रावधानों के तहत् ''शत-प्रतिषत (100%) पेंशन कटौती'' का दण्ड को पूर्ववत् बरकरार रखा जाता है। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, हशिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।
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सं0 08/आरोप-01-23/2021 सा॰प्र॰-19332
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28 अक्तूबर 2022
खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-4956 दिनांक 23.11.2021 द्वारा श्री विनय कुमार मंडल, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-167/2019 (690/2011), तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना के विरूद्ध अपने पदस्थापन काल (वर्ष 2013-14) में चावल मिलर मे0 प्रिया राईस मिल से धान कुटाई हेतु एकरारनामा के क्रम में दिये गये कुल धान की राशि का बैंक गारन्टी अथव अचल सम्पत्ति का निबंधित Pledge नियमानुकूल प्राप्त नहीं करने, मात्र 5,00,000/- का बैंक गारन्टी लेने के कारण उक्त मिलर द्वारा 8040 क्वीं के स्थान पर कुछ भी चावल नहीं देने एवं 8040 क्वीं चावल जिसकी सन्निहित राशि 1,99,27,622.00/- राशि की क्षति/गबन होने के संबंधी कतिपय आरोप प्रतिवेदित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई का अनुरोध किया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त आरोप पत्र के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र को पुनर्गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 16204 दिनांक 21.12.2021 द्वारा श्री मंडल से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री मंडल द्वारा अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक 495-2/रा॰ दिनांक 17.05.2022) समर्पित किया गया। श्री मंडल से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 8895 दिनांक 03.06.2022 द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग की गयी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 3656 दिनांक 18.08.2022 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि बिहार स्टेट फूड एवं सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लि0, पटना के पत्रांक 7028 दिनांक 13.08.2022 द्वारा श्री मंडल के स्पष्टीकरण पर मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जिसमें निगम द्वारा श्री मंडल के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना द्वारा निगम के मंतव्य से सहमति व्यक्त की गयी है। श्री मंडल के विरूद्ध गठित आरोप पत्र, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए मामले की वृहद जाँच की आवश्यकता पायी गयी। अतएव श्री विनय कुमार मंडल, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-167/2019 (690/2011), तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, पटना के विरूद्ध गठित उक्त आरोपों की विस्तृत जाँच बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) के प्रावधानों के तहत कराने का निर्णय लिया गया है। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना तथा प्रस्तुतीकरण/उपस्थापन पदाधिकारी खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना द्वारा नामित कोई वरीय पदाधिकारी होगें। श्री मंडल से अपेक्षा की जाती है वे अपना बचाव बयान/पक्ष संचालन पदाधिकारी के समक्ष रखेंगे एवं जैसा का संचालन पदाधिकारी अनुमति दे, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होगें। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, अवर सचिव।
------ सं0 08/आरोप-01-22/2021 सा॰प्र॰,-19428 ------ 2 नवम्बर 2022 खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-4934 दिनांक 22.11.2021 द्वारा श्री विनय कुमार पाण्डेय, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-225/2019 (755/2011), तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, अररिया के विरूद्ध प्रमादी मिलरों से नियमानुसार बैंक गारन्टी/Deed of Pledge प्राप्त नहीं किये जाने संबंधी कतिपय आरोप प्रतिवेदित करते हुए अनुशासनिक कार्रवाई का अनुरोध किया गया।118 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त आरोप पत्र के आलोक में विभागीय स्तर पर आरोप पत्र को पुनर्गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरांत विभागीय पत्रांक 361 दिनांक 10.01.2022 द्वारा श्री पाण्डेय से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री पाण्डेय द्वारा अपना स्पष्टीकरण (पत्रांक 26-1 दिनांक 12.04.2022) समर्पित किया गया। श्री पाण्डेय से प्राप्त स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 7386 दिनांक 18.05.2022 द्वारा खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना से मंतव्य की मांग की गयी। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 3572 दिनांक 12.08.2010 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि बिहार स्टेट फूड एवं सिविल सप्लाईज कॉरपोरेशन लि0, पटना के पत्रांक 5175 दिनांक 09.07.2022 द्वारा श्री पाण्डेय के स्पष्टीकरण पर मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जिसमें निगम द्वारा श्री पाण्डेय के स्पष्टीकरण को स्वीकार योग्य नहीं पाया गया। खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना द्वारा निगम के मंतव्य से सहमति व्यक्त की गयी है। श्री पाण्डेय के विरूद्ध गठित आरोप पत्र, उनसे प्राप्त स्पष्टीकरण एवं खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग से प्राप्त मंतव्य की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। समीक्षोपरांत आरोपों की गम्भीरता को देखते हुए मामले की वृहद जाँच की आवश्यकता पायी गयी। अतएव श्री विनय कुमार पाण्डेय, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-225/2019 (755/2011), तत्कालीन जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, अररिया के विरूद्ध गठित उक्त आरोपों की विस्तृत जाँच बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-17 (2) के प्रावधानों के तहत कराने का निर्णय लिया गया है। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना तथा प्रस्तुतीकरण/उपस्थापन पदाधिकारी खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना द्वारा नामित कोई वरीय पदाधिकारी होगें। श्री पाण्डेय से अपेक्षा की जाती है वे अपना बचाव बयान/पक्ष संचालन पदाधिकारी के समक्ष रखेंगे एवं जैसा की संचालन पदाधिकारी अनुमति दे, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होगें। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, अवर सचिव।
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सं0 08/आरोप-01-20/2019,सा॰प्र॰-19719
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7 नवम्बर 2022
श्री शशि भूषण सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 692/08, तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिषी के विरूद्ध जिला पदाधिकारी, सहरसा के पत्रांक 487 दिनांक 13.12.2000 द्वारा रोकड़ पंजी का संधारण नहीं करने/स्थानान्तरण के बावजूद भूतलक्षी प्रभाव से आंगनबाड़ी सेविका एवं सहायिका की नियुक्ति करने/सरकार के नियमो, विभागीय अनुदेशों एवं अपने उच्च पदाधिकारियों के आदेशों का उल्लंधन करने एवं विाीय गबन का आरोप प्रतिवेदित किया गया।
2. प्रतिवेदित आरोपों के लिए कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग, झारखंड द्वारा श्री सिंह को निलंबित करते हुए विभागीय कार्यवाही संकल्प संख्या 1648 दिनांक 08.03.2002 द्वारा संचालित की गयी। राज्य विभाजन के फलस्वरूप श्री सिंह का अंतिम आवंटन बिहार राज्य होने के कारण विभागीय संकल्प संख्या 4722 दिनांक 11.07.2003 द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही प्रारम्भ की गयी जिसमें प्रमंडलीय आयुक्त, सहरसा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों को प्रमाणित पाया गया।
3. प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में आरोपित पदाधिकारी से विभागीय पत्रांक 7911 दिनांक 03.08.2007 द्वारा अभ्यावेदन की मांग की गयी। लेकिन आरोपित पदाधिकारी द्वारा इस संबंध में कोई अभ्यावेदन नहीं दिया गया, बल्कि समय-सीमा बढ़ाने की मांग बराबर की गयी। तदुपरांत पुरे मामले की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत प्रमाणित आरोपों के लिए श्री सिंह को अनिवार्य सेवानिवृति का दंड प्रस्तावित करते हुए विभागीय पत्रांक 701 दिनांक 18.01.2008 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से प्रस्तावित दण्ड पर परामर्श मांगा गया। बिहार लोक सेवा आयोग ने अपने पत्रांक 3560 दिनांक 22.12.2008 द्वारा अनिवार्य सेवानिवृाि के प्रस्तावित दण्ड पर सहमति व्यक्त की गयी तथा अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोंपरांत विभागीय संकल्प संख्या 2265 दिनांक 25.03.2009 द्वारा श्री सिंह को अनिवार्य सेवानिवृत करा दिया गया।
4. उक्त दंड के विरूद्ध श्री शशि भूषण सिंह द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित की गयी। पुनर्विलोकन अर्जी में श्री सिंह द्वारा कोई नया तथ्य या साक्ष्य नहीं प्रस्तुत किये जाने की स्थिति में मामले की समीक्षा के उपरांत श्री सिंह द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वी—त करते हुए दंड को बरकरार रखने का निर्णय लिया गया।
5. श्री सिंह द्वारा अनिवार्य सेवानिवृत्ति के दंडादेश के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में याचिका सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ संख्या-11012/2010 दायर की गयी। उक्त याचिका में दिनांक 15.11.2011 को आदेश पारित करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 05.08.2010 को विभागीय आदेश को निरस्त कर दिया गया तथा आवेदक के पुनर्विलोकन अर्जी के आलोक में नये सिरे से तार्किक एवं मुखर आदेश पारित करने का निदेश दिया गया। उक्त क्रम में श्री सिंह द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी एवं सम्यक विचारोपरांत यह पाया गया कि श्री सिंह द्वारा कोई भी नया तथ्य नहीं दिया गया है एवं श्री सिंह के विरूद्ध गम्भीर प्र—ति के आरोप है। फलतः विभागीय119 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 आदेश ज्ञापांक-4924 दिनांक 02.04.2012 द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी अस्वी—त करते हुए पूर्व में निरूपित अनिवार्य सेवानिवृति के दंड को बरकरार रखा गया।
6. उक्त दंडादेश एवं पुनर्विलोकन अर्जी अस्वी—ति के विरूद्ध श्री सिंह द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या-11868/2012 दायर किया गया। जिसमें माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 26.04.2019 को न्यायादेश पारित करते हुए अनिवार्य सेवानिवृति संबंधी विभागीय दंडादेश संकल्प ज्ञापांक 2265 दिनांक 25.03.2009 एवं पुनर्विलोकन अर्जी अस्वीकृति संबंधी आदेश सह ज्ञापांक 4924 दिनांक 02.04.2012 एवं संचालन पदाधिकारी के जांच प्रतिवेदन को निरस्त करते हुए नये सिरे से जांच हेतु मामला उचित प्राधिकार को वापस किया गया।
7. CWJC NO:-11868/2012 में दिनांक 26.04.2019 को पारित आदेश के आलोक में सम्यक विचारोपरांत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9135 दिनांक 09.07.2019 द्वारा दंडादेश वापस लेते हुए श्री सिंह के विरूद्ध आरोपाें की नये सिरे से अग्रेत्तर जाँच हेतु मुख्य जांच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
8. मुख्य परामर्शी, बिहार राज्य योजना पर्षद-सह-जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के पत्रांक 335 दिनांक 10.03.2021 द्वारा जांच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। जिसमें आरोप संख्या-01, 03, 05 एवं 06 को आंशिक रूप से प्रमाणित तथा शेष आरोपों को प्रमाणित नहीं होने का मंतव्य दिया गया। विभागीय पत्रांक 4168 दिनांक 25.03.2021 द्वारा जांच प्रतिवेदन पर श्री सिंह से लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन की मांग की गयी।
9. श्री सिंह के वार्द्धक्य सेवानिवृति की तिथि दिनांक 30.09.2018 होने के फलस्वरूप विभागीय आदेश संख्या 6567 दिनांक 05.07.2021 द्वारा उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही को बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी0) के तहत सम्परिवर्तित किया गया।
10. विभागीय पत्रांक 4168 दिनांक 25.03.2021 के आलोक में श्री सिंह द्वारा अपना अभ्यावेदन/लिखित अभिकथन समर्पित किया गया। जिसमें उनके द्वारा मुख्य रूप से उल्लेख किया गया कि माननीय उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में पुर्नध्जाँच की कार्रवाई की गयी। उन्हें पुराने आरोप पत्र की प्रति दी गयी, जिसके साथ न तो अभियोग विवरणी दी गयी न गवाहों की सूची। इसी के आधार पर संचालन पदाधिकारी बिना किसी गवाह से बयान लिये आरोप सं॰-1,3,5,6 को अांशिक रूप से प्रमाणित मान लिये। Bihar C.C.A Rules 2005 के नियमों तथा विभागीय पत्रांक-1893 दिनांक 14.06.2015 के दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया गया।
11. तदुपरांत श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन एवं श्री सिंह द्वारा समर्पित अभ्यावेदन/लिखित आभिकथन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत पाया गया कि श्री सिंह द्वारा लिखित अभिकथन में आंशिक रूप से प्रमाणित पाये गये आरोपों के संबंध में कुछ भी नहीं कहा गया है। उनका यह कहना कि उन्हें पुराने आरोप पत्र की प्रति दी गयी तथा Bihar C.C.A Rules 2005 के नियमों/दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया गया, सही नहीं है, क्योंकि सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ सं॰-11868/12 में दिनांक 26.04. 2019 को माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश में माननीय न्यायालय द्वारा विभागीय दंडादेश एवं संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन को निरस्त करते हुए Fresh Enquiry हेतु मामला उचित प्राधिकार को Remand Back किया गया, जिसके आलोक में आरोपों की पुनः नये सिरे से अग्रेत्तर जाँच हेतु मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रतिवेदित आरोपाें तथा आरोपित पदाधिकारी द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन पर सुनवाई करते हुए विश्लेषणोपरान्त आरोप सं॰-1, 3, 5 एवं 6 को आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है। जहाँ तक साक्ष्य/साक्षी/गवाह के परीक्षण/प्रतिपरीक्षण का प्रश्न है, संचालन पदाधिकारी द्वारा जाँच प्रतिवेदन में उल्लेख किया गया है कि आरोपित पदाधिकारी एवं प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी द्वारा कोई भी गवाह का नाम परीक्षण एवं प्रतिपरीक्षण हेतु नहीं दिया गया। अतः किसी भी गवाह का परीक्षण एवं प्रतिपरीक्षण नहीं किया गया।
12. उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सिंह का लिखित अभिकथन अस्वी—त करते हुए संचालन पदाधिकारी द्वारा आंशिक रूप से प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43 (बी0) के प्रावधानों के तहत ''श्री सिंह के पेंशन से 25% राशि की कटौती पाँच वर्षो तक करने'' का दंड अधिरोपित करने का निर्णय अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा लिया गया।
13. अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा उक्त विनिश्चत दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक-7904 दिनांक 30.07.2021 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की माँग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग की दिनांक 27.09.2021 को आहूत पूर्ण पीठ की बैठक में श्री सिंह के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित उक्त दंड प्रस्ताव (श्री सिंह के पेंशन से 25% राशि की कटौती पाँच वर्षो तक करने) पर सहमति व्यक्त किया गया। उक्त परामर्श/सहमति बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक-2062 दिनांक 07.10.2021 द्वारा विभाग को उपलब्ध कराया गया।
14. अतएव विभागीय संकल्प ज्ञापांक-12772 दिनांक 28.10.2021 द्वारा श्री शशि भूषण सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 692/08, तत्कालीन बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, महिषी (सम्प्रति सेवानिवृत्त) को संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए बिहार पेंशन नियमावली-1950 के नियम-43 (बी0) के संगत प्रावधानों के तहत ''पेंशन से 25% राशि की कटौती पाँच वर्षो तक करने'' का दंड अधिरोपित/संसूचित किया गया।
15. उपर्युक्त दंडादेश पर पुनर्विचार करने एवं बकाया वेतन/सेवांत लाभ भुगतान करने हेतु श्री सिंह द्वारा अभ्यावेदन समर्पित किया गया। जिसमें आरोप संख्या-01 के संबंध में उल्लेख किया गया है कि कार्यालय नाजीर के लगातार अनुपस्थिति रहने के कारण रोकड़ पंजी अद्यतन नहीं हो सका। नाजीर की अनुपस्थिति के संबंध में उच्च पदाधिकारी को120 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 लिखित सूचना दी गयी। अतएव रोकड़ पंजी अद्यतन नहीं होने का आरोप उनपर आंशिक प्रमाणित नहीं होता है। आरोप संख्या-03 के संबंध में उल्लेख किया गया है कि यह आरोप बाल विकास परियोजना कार्यालय का प्रभार अंचल पदाधिकारी, सलखुआ को नहीं सौपने से संबंधित है। अंचल पदाधिकारी से बार-बार सम्पर्क करने के बावजूद भी उनके द्वारा प्रभार नहीं लिया गया, जिसकी सूचना उप निदेशक, कल्याण, सहरसा/जिला पदाधिकारी, सहरसा को भी दी गयी, परन्तु अंचल पदाधिकारी द्वारा प्रभार नहीं ली गयी। अतएव इस आरोप को अांशिक प्रमाणित मानना न्यायोचित नहीं है। आरोप संख्या-05 के संबंध में उल्लेख किया गया है कि नाजीर की अनुपस्थिति के कारण रोकड़ बही अद्यतन नहीं हुआ। इस कारण बाल विकास परियोजना का प्रभार नहीं सौपा जा सका, जिसके लिए उन्हें आंशिक रूप से दोषी नहीं माना जा सकता। आरोप संख्या-06 के संबंध में उल्लेख किया गया है कि बाल विकास परियोजना कार्यालय में पीछे की तिथि सेविकाओं/सहायिकाओं की नियुक्ति नहीं की गयी थी। इनके मानदेय का भुगतान भी किया जा रहा था। अतएव सरकार को कोई वित्तीय क्षति नहीं हुई। उक्त कारणों से आरोप संख्या-01, 03, 05 एवं 06 के लिए उन्हें दोषी नहीं ठहराया जा सकता। श्री सिंह द्वारा अभ्यावेदन में यह भी उल्लेख किया गया है कि CWJC NO-11868/12 में मा0 उच्च न्यायालय के आदेश के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9135 दिनांक 09.07.2019 द्वारा उनको पूर्व संसूचित दंड वापस ले लिया गया है। अतएव अनिवार्य सेवानिवृति की तिथि 25.03.2009 से वार्द्धक्य सेवानिवृति की तिथि 30.09.2018 तक का वेतन एवं सेवान्त लाभ के भुगतान के साथ-साथ निलम्बन अवधि 08.03.2002 से 16.12.2006 तक का वेतन (निलम्बन भत्ता की राशि घटाकर) भुगतान किया जाय।
16. श्री सिंह से प्राप्त उक्त पुनर्विचार अभ्यावेदन की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार के स्तर पर की गयी। सम्यक विचारोपरांत पाया गया कि विभागीय कार्यवाही के समय संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जांच प्रतिवेदन में आंशिक रूप से प्रमाणित पाये गये आरोप संख्या-01, 03, 05 एवं 06 के संबंध में श्री सिंह द्वारा अपने लिखित अभिकथन/अभ्यावेदन में कुछ भी नहीं कहा गया था। इनके द्वारा अांशिक रूप से प्रमाणित पाये गये आरोप के संबंध में दंड संसूचन के उपरांत समर्पित पुनर्विचार अभ्यावेदन में उल्लेख किया जा रहा है। समीक्षोपरांत यह भी पाया गया कि श्री सिंह द्वारा अपने पुनर्विचार अभ्यावेदन में किसी नये तथ्य का उल्लेख नहीं किया गया है, उनके द्वारा उन्हीं तथ्यों का उल्लेख किया गया है, जिसका उल्लेख उनके द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालन के क्रम में संचालन पदाधिकारी के समक्ष समर्पित स्पष्टीकरण/अभ्यावेदन में किया गया था। जिसके समीक्षोपरांत ही संचालन पदाधिकारी द्वारा सुनवाई के उपरांत विश्लेषण एवं जाँचोपरांत आरोप संख्या-01, 03, 05 एवं 06 को प्रमाणित पाया गया है। अतएव श्री सिंह का पुनर्विचार अभ्यावेदन स्वीकार योग्य नहीं है। 17. जहाँ तक श्री सिंह के अनिवार्य सेवानिवृति, निलम्बन अवधि, वेतन एवं सेवान्त लाभ भुगतान का प्रश्न है, इस संबंध में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली का नियम-9(5) में उल्लेख किया गया है किः- ''जहाँ सरकारी सेवक पर सेवाच्युति, बर्खास्तगी या अनिवार्य सेवानिवृति की अधिरोपित शास्ति किसी न्यायालय के किसी आदेश द्वारा निरस्त कर दी जाती है या के परिणामस्वरूप शून्य घोषित होती है या शून्य हो जाती है और अनुशासनिक प्राधिकार, मामले की परिस्थितियों पर विचार करने के पश्चात, ऐसी परिस्थिति में यदि न्यायालय ने मामले के गुणागुण पर विचार किये बिना मात्र तकनीकी आधार पर आदेश पारित किया हो, सरकारी सेवक के विरूद्ध ऐसे आरोपों, जिन पर सेवाच्युति, बर्खास्तगी या अनिवार्य सेवानिवृति की शास्ति मूलतः अधिरोपित की गयी थी, की पुनः जाँच करने का विनिश्चय करता है वहाँ सरकारी सेवक सेवाच्युति, बर्खास्तगी या अनिवार्य सेवानिवृत्ति के मूल आदेश की तिथि से नियुक्ति प्राधिकार द्वारा निलंबित किया हुआ समझा जायेगा और अगले आदेश तक निलम्बनाधीन रहेगा।''
बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली का नियम-13(2)(1) में उल्लेख किया गया है कि सरकारी सेवक को इस नियम के अधीन कोई भुगतान यथास्थिति न तो पूर्ण वेतन एवं भत्तें के बराबर होगा और न ही नियम-10 के अधीन अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता एवं अन्य से कम।
18 . उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा निम्न निर्णय लिया गया हैः- (i) श्री शशि भूषण सिंह (सेवानिवृत, बि0प्र0से0) का पुनर्विचार अभ्यावेदन स्वीकार योग्य नहीं है। अतः इसे अस्वीकृत किया जाता है तथा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अधिरोपित दंड ''पेंशन से 25% राशि की कटौती पाँच वर्षो तक करने'' को पूर्ववत् बरकरार रखा जाता है।
(ii) श्री सिंह के निलंबन अवधि (दिनांक 08.03.2002 से दिनांक 16.12.2006) में इन्हें भुगतान किय गये जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा और इस अवधि की सेवा मात्र पेंशन प्रयोजनार्थ परिगणित किया जायेगा (iii) बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(5) में विहित निदेश के आलोक में श्री सिंह की अनिवार्य सेवानिवृत्ति की तिथि 25.03.2009 से वार्धक्य सेवानिवृत्ति की तिथि 30.09.2018 तक की निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं होगा तथा इस अवधि की सेवा भी मात्र पेंशन प्रयोजनार्थ परिगणित किया जायेगा। आदेशः- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, अवर सचिव।121 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-10/2021--11820
कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ----- संकल्प 24 नवम्बर 2022
श्री महेष रजक, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, नवादा सम्प्रति अधीक्षक उपकारा, मसौढ़ी के विरूद्ध उनके मंडल कारा, नवादा में पदस्थापन के दौरान दिनांक 03.03.2021 को जिलाधिकारी, नवादा एवं पुलिस अधीक्षक, नवादा के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा मंडल कारा, नवादा में किये गये औचक निरीक्षण/छापेमारी में प्रतिबंधित सामग्रियों यथा-09 मोबाईल फोन, 04 मोबाईल चार्जर, 03 मोबाईल बैट्री, 01 हेडफोन एवं 02 ताष गड्डी की बरामदगी एवं इसके पूर्व दिनांक 02.03.2019, दिनांक 30.05.2019 तथा दिनांक 05.01.2020 को भी जिला प्रशासन द्वारा मंडल कारा, नवादा में की गई औचक छापेमारी में मोबाईल फोन सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2417 दिनांक 10.03.2021 द्वारा श्री महेश रजक, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, नवादा को तत्काल प्रभाव से निलम्बित करते हुए उनका मुख्यालय केन्द्रीय कारा, मोतिहारी निर्धारित किया गया। उक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-5581 दिनांक 10.07.2021 द्वारा श्री रजक के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया को संचालन पदाधिकारी एवं अधीक्षक, मंडल कारा, नवादा को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
2. विभागीय कार्यवाही के जाँचोपरान्त आयुक्त कार्यालय, मगध प्रमंडल, गया के पत्रांक 694/विधि, दिनांक 22.02. 2022 के माध्यम से संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री रजक के विरूद्ध गठित सभी आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।
3. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 2845 दिनांक 28.03.2022 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए आरोपित पदाधिकारी श्री महेष रजक से द्वितीय कारण पृच्छा की गई।
4. तद्आलोक में श्री महेष रजक द्वारा अपना द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब दिनांक 31.03.2022 समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि दिनांक 03.03.2021 को जिला प्रषासन की छापेमारी में 09 मोबाईल फोन, 04 मोबाईल चार्जर, 03 मोबाईल बैट्री, 01 हेडफोन एवं 02 ताष गड्डी बरामद हुआ है, इनमें से 01 हेडफोन, 04 मोबाईल चार्जर, 03 मोबाईल बैट्री और 02 ताष की गड्डी वार्डों में/वार्ड के बाहर यत्र-तत्र फेंका हुआ बरामद हुआ। 09 मोबाईल फोन में से 05 मोबाईल फोन विभिन्न बंदियों के पास से तथा 04 मोबाईल फोन जमीन खोदकर बाहर से बरामद हुआ। जिन बंदियों के पास से मोबाईल फोन बरामद हुआ था, उनके विरूद्ध स्थानीय थाना नवादा में एफ0आई0आर0 दर्ज किया गया है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके द्वारा समय-समय पर सुरक्षा पदाधिकारियों एवं सुरक्षा कर्मियों के साथ बैठक कर उपाधीक्षक एवं सभी कारा सुरक्षा कर्मी एवं गृह रक्षक/बी.एम.पी. के सुरक्षा बलों को कारा की सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष निगरानी रखने हेतु बराबर निर्देश दिया जाता था कि कारा गेट पर एवं गेट के बाहर किसी प्रकार की लापरवाही नहीं बरती जाय। कारा के पेरिमीटर वॉल के बाहरी बाउन्ड्री वॉल की मरम्मती के लिए कार्यपालक अभियंता, भवन प्रमंडल, नवादा को उनके द्वारा कई बार पत्र भेजा गया है, जिसकी प्रतिलिपि जिला पदाधिकारी, नवादा, माननीय जिला एवं सत्र न्यायाधीश, नवादा एवं महानिरीक्षक, कारा एवं सुधार सेवाएँ, बिहार, पटना को भी प्रेषित की गई है।
आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके द्वारा अपने कर्तव्यों के निर्वहन में लापरवाही नहीं बरती गई है तथा उन्होंने अपनी पूरी क्षमता और निष्ठा के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन किया है। उनके पदस्थापन काल में कारा की विधि-व्यवस्था पर कभी भी प्रश्नचिन्ह नहीं लगा है। कारा के अन्दर से कोई बंदी पलायन की घटना नहीं हुई है। कारा के अन्दर बंदियों के बीच गुटबाजी एवं गंभीर मार-पीट की कोई घटना नहीं हुई है। उनका कहना है कि ये बातें स्वतः प्रमाण देती है कि कारा के बंदियों एवं कर्मियों पर उनका नियंत्रण था। बिहार कारा हस्तक के नियम-140 में उल्लिखित सभी दायित्वों का निर्वहन उनके द्वारा किया जाता था। बिहार कारा हस्तक के नियम-796 (i), (ii) में निहित दायित्वों के आलोक में ही वे कारा का संचालन करते थे। बिहार कारा हस्तक नियम-870 (iii) के आलोक में कारा के सभी कर्मी प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवेश को रोकने एवं बरामद करने में अपना सक्रिय योगदान देेते थे। उनका कहना है कि कारा प्रशासन के सामूहिक कार्यों के कारण ही कारा के अंदर का वातावरण सौहादर््रपूर्ण बना हुआ था तथा आवश्यक प्रशिक्षण भी वहाँ सुचारू रूप से चल रहा था। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि जहाँ तक बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1), (2) के उल्लंघन का प्रष्न है, उनके द्वारा न तो कभी निष्ठा एवं आचरण में कोई गड़बड़ी की गई है और न ही उनके द्वारा अधीनस्थ कर्मियों को ऐसा करने की छूट दी गई है।
5. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री रजक द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब के समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में मोबाईल फोन सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी के लिए सिर्फ FIR दर्ज कर अपने दायित्वों के निर्वहन का जिक्र किया गया है। इनके द्वारा प्रतिबंधित सामग्रियों के कारा में प्रवेश पर रोक लगाने का कोई सार्थक प्रयास नहीं किया गया है, जो काराधीक्षक के रूप में कारा के मुख्य नियंत्री पदाधिकारी होने के नाते इनके पदीय दायित्वों के निर्वहन में विफलता का परिचायक है। आरोपित पदाधिकारी के द्वारा अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में उन्हीं बातों को दोहराया122 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022 गया है, जिसका उल्लेख उन्होेंने पूर्व में संचालन पदाधिकारी को समर्पित अपने बचाव बयान एवं विभाग को समर्पित बचाव अभिकथन में किया है, जिसे सम्यक् जाँचोपरान्त संचालन पदाधिकारी-सह-आयुक्त, मगध प्रमण्डल, गया द्वारा अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध गठित सभी आरोपों को साक्ष्य आधारित होने के कारण प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।
इस प्रकार स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने पदीय दायित्वों के सम्यक् निर्वहन में गम्भीर लापरवाही बरती गई है, जिस कारण जिला प्रषासन द्वारा विभिन्न तिथियों पर कारा में की गई छापेमारी में लगातार मोबाईल फोन सहित भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी हुई है। स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी के द्वारा बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-140, 796 (i), (ii), 870 (iii) का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया गया है एवं कारा सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही बरती गई है। अतः सम्यक् विचारोपरान्त आरोपित पदाधिकारी का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब स्वीकार करने योग्य नहीं पाया गया।
6. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री महेष रजक, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, नवादा (सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, मसौढ़ी) के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को अस्वीकृत करते हुए तथा प्रमाणित पाये गये आरोपों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(vi) के प्रावधानों के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए निलंबन से मुक्त करने का विनिष्चय किया गया :-
'' संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''। 7. उपर्युक्त विनिष्चित दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 5153 दिनांक 04.05.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की मांग की गयी। तद्आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 1132 दिनांक 28.06.2022 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है।
8. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7357 दिनांक 05.07.2022 द्वारा श्री महेष रजक, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, नवादा के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(vi) के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए उन्हें निलंबन से मुक्त किया गया :-
'' संचयी प्रभाव से तीन (03) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''। 9. वित्त (वै0दा0नि0को0) विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 779 (23), दिनांक 22.07.2022 द्वारा संसूचित किया गया कि श्री महेष रजक, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, नवादा के विरूद्ध अधिरोपित उपर्युक्त दण्ड के कारण प्रभावित होने वाली वार्षिक वेतनवृद्धियाँ क्रमषः 01.07.2023, 01.07.2024 तथा 01.07.2025 होंगी, जबकि श्री रजक की वार्धक्य सेवानिवृत्ति की तिथि 30.06.2025 है, जिस कारण दण्डादेष का समुचित कुप्रभाव इनके वेतन पर नहीं पड़ता है।
10. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा मामले की पुनः समीक्षा की गई। श्री महेष रजक के विरूद्ध उपर्युक्त दण्डादेष अधिरोपित करने का विनिष्चय अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा दिनांक 26.04.2022 को किया गया था। तदोपरान्त विभागीय पत्रांक 5153 दिनांक 04.05.2022 द्वारा उपर्युक्त दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना से परामर्ष की मांग की गई थी। तद्आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना के पत्रांक 1132 दिनांक 28.06.2022 द्वारा उपर्युक्त दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गई। इस प्रकार बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्ष प्राप्त होने में समय लग जाने तथा श्री रजक की वार्धक्य सेवानिवृत्ति की तिथि 30.06.2025 होने के कारण दिया गया दण्ड समुचित रूप से प्रभावी नहीं है।
11. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री महेष रजक, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, नवादा (सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, मसौढ़ी) के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7357 दिनांक 05.07.2022 द्वारा अधिरोपित उपर्युक्त दण्ड को संषोधित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(vii)/(vi) के प्रावधानों के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करने का विनिष्चय किया गया :-
(i) '' वर्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से एक (01) वेतनवृद्धि घटाकर संचयी प्रभाव से वेतन की अवनति का दण्ड ''।
(ii) '' संचयी प्रभाव से दो (02) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''। 12. उपर्युक्त विनिष्चित दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 9349 दिनांक 07.09.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष/सहमति की मांग की गयी थी। तद्आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 3035 दिनांक 14.11.2022 द्वारा संसूचित किया गया है कि सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना के अधिसूचना-सह-पठित ज्ञापांक 9794 दिनांक 22.07.2019 की कंडिका-7 में प्रावधान है कि '' वैसे अनुषासन संबंधी पेंषन से कटौती अथवा वृहत दण्ड के मामलों में, जिनमें आयोग द्वारा परामर्ष/सहमति दी गयी हो, और बाद में पेंषन से कटौती अथवा वृहत दण्ड के आदेष को निरस्त करने, कम करने अथवा रूपभेदित किये जाने की स्थिति में पुनः आयोग से परामर्ष करना आवष्यक नहीं होगा ''। उक्त प्रावधान के आलोक में विभागीय दंड प्रस्ताव पर आयोग का परामर्ष आवष्यक नहीं रहने की स्थिति में विभागीय प्रस्ताव को बिना आयोग के परामर्ष के वापस कर दिया गया।
13. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 7357 दिनांक 05.07.2022 द्वारा श्री महेष रजक, तत्कालीन अधीक्षक, मंडल कारा, नवादा (सम्प्रति अधीक्षक, उपकारा, मसौढ़ी) के विरूद्ध अधिरोपित दण्ड को संषोधित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 14(vii)/(vi) के प्रावधानों के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित किया जाता है :-
123 (cid:464)बहार गजट, 30 नवम्बर 2022(i) '' वर्तमान वेतनमान में सम्प्रति देय वेतन से एक (01) वेतनवृद्धि घटाकर संचयी प्रभाव से वेतन की अवनति का दण्ड ''।
(ii) '' संचयी प्रभाव से दो (02) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।