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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 07 December 2022

Published 07 December 2022

Type
Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2022-12-07.49
Languages
English, Hindi

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िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 (cid:464)बहार गजट

(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 16 अग्रहायण 1944 (श0) सं(cid:201)या 49 पटना, बुधवार, ———————— 7 दिसम्बर 2022 (ई0) विषय-सूची पृष्ठ भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-47 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---

भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।

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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---

भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। 48-48 भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---

भाग-4—बिहार अधिनियम ---

पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---

भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---

भाग-9—वि(cid:6980)ापन

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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---

भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 49-50 पूरक

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पूरक-क 51-642 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं।

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सं0 पि0व0/8/छा0संचा0-49-04/2022-87 पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ------

सेवा में,

महालेखाकार, बिहार, पटना।

पटना दिनांक-22 नवम्बर 2022 विषयः- पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए केन्द्र प्रायोजित योजनान्तर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास के संचालनार्थ पूर्व से निर्मित छात्रावासों के जीर्णोंद्धार/मरम्मती के कारण एवं लंबी अवधि से उपयोग में लाये जाने आदि के कारण उपस्कर की क्षति के फलस्वरूप 23 अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में आवश्यक सामग्रियों/उपस्करों की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सामग्रियों की मानक सूची एवं इसके क्रय हेतु अनावर्ती व्यय के रूप में एकमुश्त प्रति छात्रावास (100 आसनवाले) रू0 18,59,000 (रू0 अठारह लाख उनसठ हजार) मात्र की दर से कुल रू0 4,27,57,000/-(रू0 चार करोड़ सााईस लाख संतावन हजार) मात्र व्यय की स्वीकृति।

आदेशः- स्वीकृत।

2. पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग के छात्र/छात्राओं के लिए केन्द्र प्रायोजित योजनान्तर्गत अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास के संचालनार्थ पूर्व से निर्मित छात्रावासों के जीर्णोंद्धार/मरम्मती के कारण एवं लंबी अवधि से उपयोग में लाये जाने आदि के कारण उपस्कर की क्षति के फलस्वरूप संलग्न सूची-I में अंकित 23 अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावासों में आवश्यक सामग्रियों/उपस्करों की व्यवस्था सुनिश्चित करने हेतु सामग्रियों की मानक सूची-II (संलग्न) एवं इसके क्रय हेतु अनावर्ती व्यय के रूप में एकमुश्त प्रति छात्रावास (100 आसनवाले) रू0 18,59,000 (रू0 अठारह लाख उनसठ हजार) मात्र की दर से कुल रू0 4,27,57,000/- (रू0 चार करोड़ सााईस लाख संतावन हजार) मात्र व्यय की स्वीकृति प्रदान की जाती है। 3. स्वीकृत राशि राज्य योजना मद के अन्तर्गत मांग सं0-11 स्थापना एवं प्रतिबद्ध व्यय के तहत मुख्यशीर्ष 2225-अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों, अन्य पिछड़े वर्गों और अल्पसंख्यकों का कल्याण उपमुख्य शीर्ष 03-पिछड़े वर्गों का कल्याण, लघु शीर्ष 277-शिक्षा-उप शीर्ष 0002-छात्रावासों का संधारण-विषय शीर्ष-21 01-सामाग्री एवं पूर्तियाँ- विपत्र कोड संख्या-11-2225032770002 के अन्तर्गत विकलनीय होगा।

4. राशि की निकासी एवं व्यय वित विभाग, बिहार, पटना द्वारा निर्गत परिपत्र सं0-2561 दिनांक-17.04.98 तथा समय-समय पर वित विभाग/राज्य सरकार द्वारा निर्गत परिपत्रों के तहत दिए गए निदेशों के आलोक में किया जायेगा।

5. स्वीकृत राशि के लिए निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी संबंधित जिला के जिला पिछड़ा एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण पदाधिकारी होंगे तथा इसकी निकासी संबंधित जिला कोषागार से की जायेगी।

6. विर्निदिष्ट विशिष्टता सहित सामग्रियों/उपस्करों की अनुमानित दर सहित संलग्न मानक सूची के अनुसार सामग्रियों/उपस्करों का क्रय छात्रावासों के आवासन क्षमता के अनुरूप किया जाएगा एवं तदनुसार राशि आवंटित किया जायेगा। वैसे अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास जिसके लिए केन्द्र प्रायोजित योजनान्तर्गत पूर्व में फर्नीचर आदि हेतु राशि आवंटित की गयी है, को घटाकर शेष राशि आवंटित की जायेगी।

7. सामग्रियों का क्रय विा विभागीय नियम एवं छात्रावास संचालन हेतु निर्गत मार्गदर्शिका में निहित प्रावधान तथा समय-समय पर विभाग के द्वारा निर्गत निदेशों के अनुरूप किया जाएगा।

8. संबंधित उप विकास आयुक्त इसके नियंत्री पदाधिकारी होंगे। 9. राशि का व्यय विवरणी एवं उपयोगिता प्रमाण पत्र विाीय वर्ष समाप्ति के तत्काल बाद विभाग को भेजा जायेगा। किसी भी परिस्थिति में राशि का विचलन नहीं किया जायेगा।3 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 12. प्रस्ताव पर माननीया विभागीय मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

13. इसकी सूचना सभी संबंधित पदाधिकारियों एवं कोषागार को दी जा रही है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार, प्रधान सचिव।

क्र0सं0 अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास का नाम जिला का नाम आवासन क्षमता
1 2 3 4
1 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, (बालक) टी0एन0बी0, परिसर भागलपुर भागलपुर 100
2 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, (बालिका) विश्वविद्यालय, परिसर, भागलपुर 100
3 बी0एम0सी0, छात्रावास, दरभंगा दरभंगा 25
4 अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास राज हाई स्कुल, दरभंगा 100
5 अब्दुल क्यूम अंसारी पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, रानीघाट, पटना पटना 100
6 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, कोशी कॉलेज, खगड़िया। खगड़िया 100
7 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, शेखपुरा। शेखपुरा 100
8 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, के0के0एम कॉलेज परिसर, जमुई। जमुई 100
9 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी पूवी चंपारण (मोतिहारी) 100
10 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, जहानाबाद जहानाबाद 100
11 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, डे माके र्ट, किशनगंज किशनगंज 100
12 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, सुपौल सुपौल 100
13 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, के0बी0झा0 कॉलेज परिसर, कटिहार कटिहार 100
14 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, डी0एस0 कॉलेज परिसर, कटिहार 50
15 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, बांका बांका 100
16 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, मोकर, रोहतास सासाराम रोहतास (सासाराम) 100
17 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, मधेपुरा मधेपुरा 100
18 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, वैशाली वैशाली 100
19 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, मुंगेर मुंगेर 100
20 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, बेगूसराय बेगूसराय 100
21 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, आरा, भोजपुर भोजपुर 100
22 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, मोहनियाँ, कैमूर कैमूर 100
23 अन्य पिछड़ा वर्ग कल्याण छात्रावास, रोसड़ा, समस्तीपुर समस्तीपुर 100
योग- 2175

प्रधान सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण।4 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 सूची-II अन्य पिछड़ा वर्ग छात्रावास संचालन हेतु उपबंधित किये गये सामग्रियों की गुणवत्ता एवं विवरणीः-

Sl. No . Name of article Specification No. of Articles Tentative Rate/ Price Total Cost
1 BED Iron/Wooden Steel/DGHS Approved 100 3500 350000
2 Chair Branded 100 360 36000
3 Mattress Curlon/Equivalent 100 2610 261000
4 Table Godrej Steel/DGS & D Approved 100 1600 160000
5 Stool Godrej Steel/DGS & D Approved 5 150 750
6 Dining Table (30 Capacity) Steel/DGHS Approved 1 9600 9600
7 Dining Chair Steel/DGHS Approved 30 2240 67200
8 Aluminium Handa With Cover Handa Size 29", Thickness : 10 Gauze 4 1350 5400
Cover Size 29", Thickness : 10 Gauze 4
9 Stainless Steel Plate Size 23", Thickness : 22 Gauze 100 121 12100
10 Stainless Steel Glass Size 7.5:, Thickness : 22 Gauze 100 42 4200
11 Stainless Steel Bowl Size 4.25", Thickness : 22 Gauze 100 37 3700
12 Stainless Steel Jug Size - 1200 ml., Thickness : 22 Gauze 10 188 1880
13 Stainless Steel Dabbu & Cholni Dabbu Size: 15", Thickness : 22 Gauze 4 75 300
Cholni Size : 15", Thickness : 22 Gauze 4
14 Stainless Steel Spoon Size: 6", Thickness : 22 Gauze 100 10 1000
15 Water Purifier Storage Type Water Purifier, Storage capacity : 18 Liters and above, 3 Stages Purification 1 2718 2718
16 Silent Diesel Generator Set (Where no provision in Estimate) 15 KVA, Silent Generator, Air cooled Engine 1 337500 337500
17 Book self Godrej Steel/DGHS Approved 10 9200 92000
18 Chair Branded 50 2000 100000
19 CCTV Branded 30 2240 67200
20 TV (31'-45') Branded 1 40000 40000
21 Laptop HP/Dell/ or Any other Reputed Brand 1 55000 55000
22 TV, Sound System and Cordless Microphone LED TV 65"/2.1 Channel Sound System, Cordless Handheld Microphone 1 100000 100000
23 Internet Services, HDMI Cable and Other Yearly Plan/10-20 Meter HDMI Cable/Installation and Other expanses 1 15000 15000
24 All in one desktop with Desk Branded 2 50000 100000
25 Commercial Gas Cylinder (19 Kg) With Connection and Gas 10C/BPCL/HPCL 5 4510 22550
26 Gas Stove Branded 2 7000 14000
Total 1859098
Rounded to Rupees 1859000
(अठारह लाख उन्सठ हजार रूपये) मात्र
5 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022

प्रधान सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण।

----- पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग ------ कार्यालय आदेश 28 नवम्बर 2022

सं0 पि0व0/1/स्था0-10-15/2022-2610--सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-14993, दिनांक-26.08.2022 द्वारा बिहार कर्मचारी चयन आयोग, पटना के विज्ञापन संख्या-06060114 प्रथम इंटर स्तरीय प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार, पटना हेतु बिहार सचिवालय लिपिकीय सेवा के निम्न वर्गीय लिपिक पद के लिए अनुशंसित निम्नलिखित अभ्यर्थियों को परीक्ष्यमान निम्नवर्गीय लिपिक के पद पर वेतनमान लेवल-2 में समय-समय पर राज्य सरकार द्वारा स्वीकृत जीवन-यापन भाा एवं अन्य देय भत्तों के साथ नियुक्त किया जाता हैः-

क्र0 सं0 नाम आयोग द्वारा आवंटित रौल नं0 आयोग द्वारा आवंटित सामान्य श्रेणी जन्म तिथि पिता का नाम आवेदक का आरक्षण कोटि आयोग द्वारा अनुशंसित आरक्षण कोटि
1 श्री सियाराम कुमार 30018935 8250 11.10.1995 श्री राम विनय शर्मा सामान्य सामान्य
2 श्री रंजन कुमार 30004177 8281 18.02.1996 श्री रामानन्द प्रसाद पिछड़ा वर्ग सामान्य
3 मो0 रियाज अकरम 30018482 17835 16.01.1993 मो0 ईशाक आलम अत्यंत पिछड़ा वर्ग अत्यंत पिछड़ा वर्ग
4 श्री विकास कुमार चौधरी 30021173 31403 15.04.1996 श्री अरूण चौधरी अनुसूचित जाति अनुसूचित जाति
6

(cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 2-यह नियुक्ति अभ्यर्थियों के द्वारा समर्पित शपथ-पत्र तथा चरित्र एवं पूर्ववृत सत्यापन में अंकित सूचनाओं को प्रथम दृष्टया सही मानकर एवं पुलिस सत्यापन प्रतिवेदन अनुकूल प्राप्त होने की प्रत्याशा में की जा रही है। सत्यापन के क्रम में प्रतिकूल प्रतिवेदन प्राप्त होने पर इनकी सेवा बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त कर दी जायेगी एवं विधिसम्मत कार्रवाई की जायेगी।

3-यह नियुक्ति अभ्यर्थियों द्वारा समर्पित शपथ-पत्र के आधार पर शैक्षणिक एवं अन्य संगत प्रमाण-पत्रों को सही मानकर इस शर्त पर की जा रही है कि भविष्य में शैक्षणिक प्रमाण-पत्र/अभिलेखों के संबंध में गलत सूचना पाई जाने की स्थिति में इनकी सेवा कभी भी बिना किसी पूर्व सूचना के समाप्त कर दी जाएगी एवं आवष्यक कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। यह नियुक्ति पूर्णतः औपबंधिक होगी। नव नियुक्त निम्न वर्गीय लिपिक के वेतन का भुगतान शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाण-पत्रों के सत्यापन के उपरान्त किया जाएगा।

4-योगदान के समय अभ्यर्थियों को असैनिक शल्य चिकित्सक-सह-मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी द्वारा निर्गत स्वास्थ्य प्रमाण-पत्र (मूल रूप में) प्रस्तुत करना होगा।

5-योगदान के समय अभ्यर्थियों को दहेज नहीं लेने एवं देने संबंधित घोषणा-पत्र प्रस्तुत करना होगा। 6- बिहार पेंशन (संशोधन) नियमावली, 2005 द्वारा प्रतिपादित वित्त विभाग के संकल्प संख्या-1964, दिनांक 31.08.2005 एवं 768, दिनांक-03.07.2007 के अनुसार इन कर्मियों पर नई अंषदायी पेंशन योजना लागू होगी।

7-सभी नवनियुक्त निम्न वर्गीय लिपिक आदेश निर्गत होने की तिथि से 30 दिनों के अंदर अपना योगदान अवर सचिव, पिछड़ा वर्ग एवं अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग, बिहार, पटना के कार्यालय कक्ष में समर्पित करेंगे।

8-अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र प्राप्त करने/योगदान हेतु आने-जाने के लिए कोई यात्रा भत्ता देय नहीं होगा। 9-अभिप्रमाणित फोटोयुक्त नियुक्ति प्रस्तुत नहीं किये जाने पर योगदान स्वीकृत नहीं किया जाएगा। 10-पूर्व से सेवारत अभ्यर्थी विधिवत्‌ रूप से विरमित/त्याग-पत्र स्वीकृत होने के पष्चात्‌ ही उनका योगदान स्वीकृत किया जाएगा।

आदेश से, शैलेन्द्र नारायण मल्लिक, अवर सचिव।

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वाणिज्य-कर विभाग

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अधिसूचनाएं

28 नवम्बर 2022

सं0 6/वि0पत्रा0-24-48/2014-3223/वा0कर--श्री प्रवीण कुमार, राज्य-कर उपायुक्त (पदस्थापन की प्रतीक्षा में), को अगले आदेश तक वाणिज्य-कर विभाग, मुख्यालय, बिहार, पटना में पदस्थापित किया जाता है।

2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार सिन्हा, राज्य-कर अपर आयुक्त-सह-संयुक्त सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 6/सं0-04-01/2021-3156/(वा0कर)--बिहार वित्त सेवा के 56वीं से 59वीं बैच के अधोलिखित पदाधिकारियों को राज्य-कर सहायक आयुक्त (पुनरीक्षित वेतनमान लेवल-09 रू0-53,100-1,67,800) के पद पर उनके नाम के सामने कॉलम-5 में अंकित तिथि से सेवा सम्पुष्ट किया जाता हैः-

क्रमांक पदाधिकारी का नाम/वर्त्तमान पदस्थापन ग ृह जिला जन्म तिथि/ योगदान की तिथि सम्पुष्टि की तिथि
1 2 3 4 5
1 विनीता वत्स औरंगाबाद 02.10.1987/ 26.12.2018 26.12.2020
2 श्री संदीप तैतरवे भागलपुर 17.01.1976/ 26.12.2018 26.12.2020
3 रश्मि रंजीता प र्वी चंपारण ू 02.02.1983/ 26.12.2018 26.12.2020
4 श्री आदित्य कुमार पूर्णिया 16.01.1984/ 27.12.2018 27.12.2020
5 श्री कमलेश कुमार प्रकाश पटना 18.03.1983/ 26.12.2018 26.12.2020
6 श्री रोहित दूबे आजमगढ़ (उत्तर प्रदेष) 02.08.1990/ 26.12.2018 26.12.2020
7 श्री तरूण कुमार मुजफ्फरपुर 15.02.1983/ 26.12.2018 26.12.2020
8 श्री अर्जुन कुमार पूर्णिया 31.05.1989/ 26.12.2018 26.12.2020
9 श्री अरूण नाथ पटना 12.02.1985/ 26.12.2018 26.12.2020
10 श्री दीपक कुमार शर्मा पटना 08.02.1983/ 26.12.2018 26.12.2020
11 श्री अरविन्द कुमार राम प र्वी चंपारण ू 15.12.1984/ 26.12.2018 26.12.2020
12. श्री राजीव रंजन सिंह कटिहार 11.10.1970/ 26.12.2018 17.12.2021
7 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार सिन्हा, राज्य-कर अपर आयुक्त-सह-संयुक्त सचिव।

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21 नवम्बर 2022

सं0 6/गो0-34-03/2016(खण्ड-1)-3133--वाणिज्य-कर विभाग के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष स्तम्भ-5 में अंकित पद एवं स्थान पर अगले आदेश तक प्रतिनियुक्त किया जाता है :-

क्र0 स 0 ं पदाधिकारी का नाम/पदनाम ग ह जिला ृ वर्तमान पदस्थापन अतिरिक्त प्रभार हेतु प तिनियुक्ति का कार्यालय ्र
1 2 3 4 5
1 श्री विपिन कुमार झा, राज्य-कर अपर आयुक्त (अपने वेतनमान में), अ क ं क्षण, पूर्णियॉ े प्रमंडल, पूर्णियॉ। दरभंगा राज्य-कर अपर आयुक्त (अपने वेतनमान में) अ केक्षण, पूर्णियॉ प्रमंडल, ं पूर्णियॉ। राज्य-कर अपर आयुक्त अ क ं क्षण, भागलपुर प्रमंडल, े भागलपुर।
2 श्री पंकज कुमार प्रसाद राज्य-कर अपर आयुक्त (अपने वेतनमान में) अपील, पटना पष्चिमी प्रमंडल, पटना। पटना राज्य-कर अपर आयुक्त (अपने वेतनमान में), अपील पटना पश्चिमी प्रमंडल, पटना। राज्य-कर अपर आयुक्त, अपील, केन्द्रीय प्रमंडल, पटना।

2. प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। 3. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार सिन्हा, राज्य-कर अपर आयुक्त-सह-संयुक्त सचिव।

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सामान्य प्रशासन विभाग

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अधिसूचनाएं

28 नवम्बर 2022

सं0 21/पि॰व॰रा॰आ॰-01/2012-21120--पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग अधिनियम 1993 की धारा-3 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारा-9 में यथाविर्निदिष्ट कृत्यों के निष्पादन हेतु डॉ0 जनार्दन प्रसाद सिंह, पिता-स्व0 रामलखन सिंह, ग्राम-रूपसपुर, पो0-गोसार्इंमठ, थाना-चण्डी, नालन्दा-803108 को राज्य स्तर पर गठित पिछडे़ वर्गों के लिए राज्य आयोग, बिहार, पटना के सदस्य (समाज विज्ञानी) के रिक्त पद पर तीन वर्षों के लिए नियुक्त किया जाता है।8 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 2. यह आदेश पदभार ग्रहण की तिथि से प्रभावी माना जायेगा। बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो॰ सोहैल, विशेष सचिव।

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28 नवम्बर 2022

सं0 21/पि॰व॰रा॰आ॰-01/2012-21121--पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग अधिनियम 1993 की धारा-3 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारा-9 में यथाविर्निदिष्ट कृत्यों के निष्पादन हेतु श्री बीरेन्द्र कुशवाहा, पिता-श्री वासुदेव सिंह, ग्राम-खरहरिया, पो0-ओदार, थाना-सोनहन, जिला-कैमूर (भभुआ) को राज्य स्तर पर गठित पिछडे़ वर्गों के लिए राज्य आयोग, बिहार, पटना के पिछडे़ वर्गो से संबद्ध विषयों में विशेष ज्ञान रखने वाले सदस्य के रिक्त पद पर तीन वर्षों के लिए नियुक्त किया जाता है। 2. यह आदेश पदभार ग्रहण की तिथि से प्रभावी माना जायेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो॰ सोहैल, विशेष सचिव।

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28 नवम्बर 2022

सं0 21/पि॰व॰रा॰आ॰-01/2012-21122--पिछड़े वर्गों के लिए राज्य आयोग अधिनियम 1993 की धारा-3 के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए धारा-9 में यथाविर्निदिष्ट कृत्यों के निष्पादन हेतु श्री देवमुनी ंिसंह यादव, पिता-स्व0 श्री मीरा सिंह, ग्राम-छिहतर, थाना-मनेर, जिला-पटना, बिहार-801108 को राज्य स्तर पर गठित पिछडे़ वर्गों के लिए राज्य आयोग, बिहार, पटना के पिछडे़ वर्गो से संबद्ध विषयों में विशेष ज्ञान रखने वाले सदस्य के रिक्त पद पर तीन वर्षों के लिए नियुक्त किया जाता है। 2. यह आदेश पदभार ग्रहण की तिथि से प्रभावी माना जायेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो॰ सोहैल, विशेष सचिव।

----- मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ------ अधिसूचनाएं 17 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-174/2022-5985--श्री अजीत कुमार, जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-177/2022-6008--श्री सौरभ कुमार, अवर निबंधक, सूर्यगढ़ा (लखीसराय) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर9 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, सूर्यगढ़ा (लखीसराय) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, सूर्यगढ़ा (लखीसराय) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, सूर्यगढ़ा (लखीसराय) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, सूर्यगढ़ा (लखीसराय) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-112/2022-6009--श्री गौतम कुमार, जिला अवर निबंधक, गोपालगंज द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, गोपालगंज ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि जिला अवर निबंधक, गोपालगंज का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, गोपालगंज द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, गोपालगंज के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-171/2022-6010--श्री प्रणव शेखर, अवर निबंधक, बाबूबरही (मधुबनी) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, बाबूबरही (मधुबनी) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।10 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, बाबूबरही (मधुबनी) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, बाबूबरही (मधुबनी) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, बाबूबरही (मधुबनी) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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17 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-155/2022-5982--श्री हीरालाल पाल, अवर निबंधक, पारू (मुजफ्फरपुर) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, पारू (मुजफ्फरपुर) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, पारू (मुजफ्फरपुर) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, पारू (मुजफ्फरपुर) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, फुलवारीशरीफ (पटना) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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17 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-149/2022-5980--श्री हरिशंकर सुमन, अवर निबंधक, धमदाहा (पूर्णियॉ) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, धमदाहा (पूर्णियॉ) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, धमदाहा (पूर्णियॉ) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, धमदाहा (पूर्णियॉ) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं11 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, फुलवारीषरीफ (पटना) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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17 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-154/2022-5988--कुमारी प्रीतिलता, अवर निबंधक, कटरा (मुजफ्फरपुर) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, कटरा (मुजफ्फरपुर) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, कटरा (मुजफ्फरपुर) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, कटरा (मुजफ्फरपुर) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, कटरा (मुजफ्फरपुर) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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17 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-153/2022-5983--श्री उमाशंकर मिश्रा, जिला अवर निबंधक, लखीसराय द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, लखीसराय ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि जिला अवर निबंधक, लखीसराय का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, लखीसराय द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण12 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, लखीसराय के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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17 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-147/2022-5989--श्री गिरिशचन्द्र, जिला अवर निबंधक, रोहतास द्वारा दिनांक 26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, रोहतास ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि जिला अवर निबंधक, रोहतास का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, रोहतास द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, रोहतास के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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17 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-132/2022-5981--श्री ऋषि कुमार सिन्हा, जिला अवर निबंधक, बेगुसराय द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, बेगुसराय ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि जिला अवर निबंधक, बेगुसराय का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, बेगुसराय द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, बेगुसराय के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।13 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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19 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-150/2022-6039--श्रीमती शाकम्भरी चंदन, अवर निबंधक, फुलपरास (मधुबनी) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, फुलपरास (मधुबनी) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, फुलपरास (मधुबनी) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, फुलपरास (मधुबनी) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, फुलपरास (मधुबनी) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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19 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-131/2022-6040--श्री कौशल कुमार झा, अवर निबंधक, दलसिंह सराय (समस्तीपुर) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, दलसिंह सराय (समस्तीपुर) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, दलसिंह सराय (समस्तीपुर) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, दलसिंह सराय (समस्तीपुर) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, दलसिंह सराय (समस्तीपुर) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।14 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 19 नवम्बर 2022 सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-148/2022-6041--श्री सुनील कुमार दास, अवर निबंधक, बरहड़िया (सिवान) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, बरहड़िया (सिवान) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, बरहड़िया (सिवान) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, बरहड़िया (सिवान) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, बरहड़िया (सिवान) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-158/2022-6037--श्री भास्कर ज्योति, अवर निबंधक, बिरौल (दरभंगा) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, बिरौल (दरभंगा) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, बिरौल (दरभंगा) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, बिरौल (दरभंगा) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, बिरौल (दरभंगा) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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19 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-160/2022-6042--श्री अमरेन्द्र कुमार, जिला अवर निबंधक, प0 चम्पारण द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, प0 चम्पारण ने15 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि जिला अवर निबंधक, प0 चम्पारण का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, प0 चम्पारण द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, प0 चम्पारण के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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19 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-128/2022-6043--श्रीमती आदिति कुमारी, अवर निबंधक, पटना सिटी (पटना) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, पटना सिटी (पटना) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, पटना सिटी (पटना) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, पटना सिटी (पटना) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, पटना सिटी (पटना) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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19 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-145/2022-6044--श्री नीरज कुमार, अवर निबंधक, डेहरी (रोहतास) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, डेहरी (रोहतास) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।16 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, डेहरी (रोहतास) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, डेहरी (रोहतास) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, डेहरी (रोहतास) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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19 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-162/2022-6045--सुश्री स्वीटी सुमन, जिला अवर निबंधक, शेखपुरा द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, शेखपुरा ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि जिला अवर निबंधक, शेखपुरा का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, शेखपुरा द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, शेखपुरा के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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21 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-161/2022-6053--श्री अमित कुमार मंडल, अवर निबंधक, जयनगर (मधुबनी) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, जयनगर (मधुबनी) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, जयनगर (मधुबनी) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, जयनगर (मधुबनी) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं17 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, जयनगर (मधुबनी) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-135/2022-6028--श्री रवि रंजन, जिला अवर निबंधक, औरंगाबाद द्वारा दिनांक-26.

10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, औरंगाबाद ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि जिला अवर निबंधक, औरंगाबाद का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, औरंगाबाद द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, औरंगाबाद के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-156/2022-6030-श्री काली आशीष, अवर निबंधक, फुलवरिया (गोपालगंज) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, फुलवरिया (गोपालगंज) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, फुलवरिया (गोपालगंज) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, फुलवरिया (गोपालगंज) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना18 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, फुलवरिया (गोपालगंज) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-146/2022-6036--श्री आशीत कुमार सिंह, अवर निबंधक, सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, सिमरी बख्तियारपुर (सहरसा) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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21 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-157/2022-6054--श्री नवनीत कुमार, अवर निबंधक, छौड़ादानो (पूर्वी चम्पारण) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, छौड़ादानो (पूर्वी चम्पारण) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, छौड़ादानो (पूर्वी चम्पारण) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, छौड़ादानो (पूर्वी चम्पारण) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, छौड़ादानो (पूर्वी चम्पारण) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।19 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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21 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-140/2022-6056--श्री राम कृष्ण कुमार, अवर निबंधक, गणपतगंज (सुपौल) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, गणपतगंज (सुपौल) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, गणपतगंज (सुपौल) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, गणपतगंज (सुपौल) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, गणपतगंज (सुपौल) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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21 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-144/2022-6055--श्री धर्मेन्द्र कुमार दूबे, अवर निबंधक, सिधवलिया (गोपालगंज) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, सिधवलिया (गोपालगंज) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, सिधवलिया (गोपालगंज) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, सिधवलिया (गोपालगंज) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, सिधवलिया (गोपालगंज) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।20 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 23 नवम्बर 2022 सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-151/2022-6140--श्री केशव राज, अवर निबंधक, लौरिया (प0 चम्पारण) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, लौरिया (प0 चम्पारण) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, लौरिया (प0 चम्पारण) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, लौरिया (प0 चम्पारण) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, लौरिया (प0 चम्पारण) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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23 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-138/2022-6139--श्री संतोष कुमार, अवर निबंधक, रक्सौल (पूर्वी चम्पारण) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, रक्सौल (पूर्वी चम्पारण) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, रक्सौल (पूर्वी चम्पारण) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, रक्सौल (पूर्वी चम्पारण) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, रक्सौल (पूर्वी चम्पारण) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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23 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-183/2022-6138--श्री अमित कुमार, अवर निबंधक, शिकारपुर (प0 चम्पारण) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, शिकारपुर (प0 चम्पारण)21 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, शिकारपुर (प0 चम्पारण) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, शिकारपुर (प0 चम्पारण) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, शिकारपुर (प0 चम्पारण) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-186/2022-6133--श्री धनन्जय कुमार राव, जिला अवर निबंधक, पटना द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, पटना ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि जिला अवर निबंधक, पटना का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, पटना द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, पटना के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-163/2022-6100--श्री ओंकार, अवर निबंधक, खजौली (मधुबनी) द्वारा दिनांक-26.

10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, खजौली (मधुबनी) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या22 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, खजौली (मधुबनी) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, खजौली (मधुबनी) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, खजौली (मधुबनी) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-181/2022-6099--श्री नीलेश कुमार, जिला अवर निबंधक, नवादा द्वारा दिनांक-26.

10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, नवादा ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि जिला अवर निबंधक, नवादा का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, नवादा द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, नवादा के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-188/2022-6098--श्रीमती जया, अवर निबंधक, दाउदनगर (औरंगाबाद) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, दाउदनगर (औरंगाबाद) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, दाउदनगर (औरंगाबाद) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, दाउदनगर (औरंगाबाद) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का23 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, दाउदनगर (औरंगाबाद) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-192/2022-6097--श्री तुषार, अवर निबंधक, कहलागॉव (भागलपुर) द्वारा दिनांक-26.

10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, कहलागॉव (भागलपुर) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, कहलागॉव (भागलपुर) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, कहलागॉव (भागलपुर) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, कहलागॉव (भागलपुर) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-167/2022-6096--श्री मुकेश कुमार सुमन, अवर निबंधक, तेघड़ा (बेगुसराय) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, तेघड़ा (बेगुसराय) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, तेघड़ा (बेगुसराय) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, तेघड़ा (बेगुसराय) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।24 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 अतएव अवर निबंधक, तेघड़ा (बेगुसराय) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-170/2022-6095--श्री नीरज कुमार, नं0-2, अवर निबंधक, ढेंग (सीतामढ़ी) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, ढेंग (सीतामढ़ी) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, ढेंग (सीतामढ़ी) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, ढेंग (सीतामढ़ी) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, ढेंग (सीतामढ़ी) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-113/2022-6094--श्री अम्बुज कुमार कुणाल, अवर निबंधक, कमतौल (दरभंगा) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, कमतौल (दरभंगा) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, कमतौल (दरभंगा) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, कमतौल (दरभंगा) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, कमतौल (दरभंगा) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।25 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022

23 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-116/2022-6141--श्री अभिषेक कुमार, अवर निबंधक, मंझौल (बेगुसराय) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, मंझौल (बेगुसराय) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, मंझौल (बेगुसराय) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, मंझौल (बेगुसराय) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, मंझौल (बेगुसराय) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-129/2022-6093--श्री योगेश त्रिपाठी, अवर निबंधक, अरेराज (पूर्वी चम्पारण) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, अरेराज (पूर्वी चम्पारण) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, अरेराज (पूर्वी चम्पारण) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, अरेराज (पूर्वी चम्पारण) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, अरेराज (पूर्वी चम्पारण) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-130/2022-6092--श्री विकास कुमार, अवर निबंधक, परिहार (सीतामढ़ी) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, परिहार (सीतामढ़ी) ने26 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, परिहार (सीतामढ़ी) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, परिहार (सीतामढ़ी) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, परिहार (सीतामढ़ी) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-127/2022-6091--श्री विशाल सौरभ, अवर निबंधक, हलसी (लखीसराय) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, हलसी (लखीसराय) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, हलसी (लखीसराय) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, हलसी (लखीसराय) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, हलसी (लखीसराय) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-134/2022-6090--श्री मो0 सादाव आजम, अवर निबंधक, बलिया (बेगुसराय) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, बलिया (बेगुसराय) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, बलिया27 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 (बेगुसराय) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, बलिया (बेगुसराय) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, बलिया (बेगुसराय) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-136/2022-6089--श्रीमती रीवा चौधरी, जिला अवर निबंधक, जहानाबाद द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, जहानाबाद ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि जिला अवर निबंधक, जहानाबाद का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, जहानाबाद द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, जहानाबाद के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-137/2022-6088--श्री पंकज कुमार झा, जिला अवर निबंधक, नालन्दा द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, नालन्दा ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि जिला अवर निबंधक, नालन्दा का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, नालन्दा द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके28 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, नालन्दा के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-159/2022-6087--श्री पंकज कुमार बसाक, जिला अवर निबंधक, भागलपुर द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, भागलपुर ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि जिला अवर निबंधक, भागलपुर का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, भागलपुर द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, भागलपुर के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-120/2022-6086--श्री तारकेश्वर पाण्डेय, जिला अवर निबंधक, सिवान द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, सिवान ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि जिला अवर निबंधक, सिवान का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, सिवान द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।29 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 अतएव जिला अवर निबंधक, सिवान के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-117/2022-6085--श्री संजय कुमार, जिला अवर निबंधक, मधेपुरा द्वारा दिनांक-26.

10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, मधेपुरा ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि जिला अवर निबंधक, मधेपुरा का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, मधेपुरा द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, मधेपुरा के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-118/2022-6084--श्री निगम प्रकाश ज्वाला, जिला अवर निबंधक, दरभंगा द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, दरभंगा ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि जिला अवर निबंधक, दरभंगा का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, दरभंगा द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर30 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, दरभंगा के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-119/2022-6083--श्री अमरेन्द्र कुमार, जिला अवर निबंधक, प0 चम्पारण द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, प0 चम्पारण ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि जिला अवर निबंधक, प0 चम्पारण का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, प0 चम्पारण द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, प0 चम्पारण के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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21 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-122/2022-6081--श्री विनय सौरभ, जिला अवर निबंधक, सहरसा द्वारा दिनांक-26.

10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी षिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, सहरसा ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि जिला अवर निबंधक, सहरसा का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, सहरसा द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण31 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, सहरसा के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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21 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-123/2022-6080--श्री अजय कुमार, जिला अवर निबंधक, बक्सर द्वारा दिनांक-26.

10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, बक्सर ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि जिला अवर निबंधक, बक्सर का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, बक्सर द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, बक्सर के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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21 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-124/2022-6078--श्री कौशल कुमार मधुकर, अवर निबंधक, बसंतपुर (सिवान) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, बसंतपुर (सिवान)ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, बसंतपुर (सिवान) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, बसंतपुर (सिवान) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।32 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 अतएव अवर निबंधक, बसंतपुर (सिवान) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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21 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-125/2022-6079--श्री संजीव रंजन, अवर निबंधक, रघुनाथपुर (सिवान) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, रघुनाथपुर (सिवान)ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, रघुनाथपुर (सिवान) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, रघुनाथपुर (सिवान) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, रघुनाथपुर (सिवान) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 उ0)-2-16/2022/6115--श्री राकेश कुमार-2, अधीक्षक मद्य निषेध, कैमूर (भभुआ) से मद्य निषेध अधिनियम की धारा-37 के अंतर्गत दूसरी बार पकड़े गये अभियुक्तों (Repeat Offenders) की संख्या शून्य एवं छापेमारी, जब्त प्रदर्श एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी संतोषजनक नही पाये जाने के कारण विभागीय पत्रांक-5250 दिनांक 07.10.2022 द्वारा 24 घंटे के अन्दर स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी।

कैमूर जिला में दिनांक-08.09.2022 से 24.09.2022 तक की अवधि में मद्य निषेध अधिनियम की धारा-37 के अंतर्गत दूसरी बार पकड़े गये अभियुक्तों (Repeat Offenders) की संख्या शून्य है तथा दिनांक-01.04.2022 से 24.09.2022 तक दूसरी बार पकड़े गये अभियुक्तों (Repeat Offenders) की गिरफ्तारी शून्य है। इस संबंध में श्री कुमार का स्पष्टीकरण अप्राप्त है, जिससे स्पष्ट है कि उन्हें कुछ नहीं कहना है।

अतः श्री राकेश कुमार-2, अधीक्षक मद्य निषेध, कैमूर, भभूआ को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 यथासंशोधित के नियम-14 (i) के तहत आरोप वर्ष 2022-23 के लिए 'निन्दन' का दण्ड अधिरोपित किया जाता है।

02. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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22 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 उ0)-2-16/2022/6114--श्री राकेश कुमार, अधीक्षक मद्य निषेध, गोपालगंज से मद्य निषेध अधिनियम की धारा-37 के अंतर्गत दूसरी बार पकड़े गये अभियुक्तों (Repeat Offenders) की संख्या शून्य एवं छापेमारी, जब्त प्रदर्श एवं अभियुक्तों की गिरफ्तारी संतोषजनक नही पाये जाने के कारण विभागीय पत्रांक-5223 दिनांक-07.10.2022 द्वारा 24 घंटे के अन्दर स्पष्टीकरण की मांग की गयी थी।33 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 गोपालगंज जिला में दिनांक-08.09.2022 से 24.09.2022 तक की अवधि में मद्य निषेध अधिनियम की धारा-37 के अंतर्गत दूसरी बार पकड़े गये अभियुक्तों (Repeat Offenders) की संख्या शून्य है तथा दिनांक-01.04.2022 से 24.09.2022 तक दूसरी बार पकड़े गये अभियुक्तों (Repeat Offenders) की मात्र 01 गिरफ्तारी है। इस संबंध में श्री कुमार का स्पष्टीकरण अप्राप्त है, जिससे स्पष्ट है कि जिससे स्पष्ट है कि उन्हें कुछ नहीं कहना है।

अतः श्री राकेश कुमार, अधीक्षक मद्य निषेध, गोपालगंज को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 यथासंशोधित के नियम-14 (i) के तहत आरोप वर्ष 2022-23 के लिए 'निन्दन' का दण्ड अधिरोपित किया जाता है।

02. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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21 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-90/2022-6057--श्रीमती बंदना कुमारी, जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण, मोतिहारी के विरूद्ध श्री शिव कुमार चौधरी, पिता-स्व0 जनक चौधरी, साकिन-बनकट, थाना-मोतिहारी मुफ्फसिल, पूर्वी चम्पारण द्वारा खाता सं0-26, खेसरा सं0-663 के निबंधन हेतु श्री कृष्णा सिंह एवं राजीव श्रीवास्तव के माध्यम से नाजायज राशि मांगने का आरोप लगाते हुए परिवाद पत्र प्राप्त होने पर परिवाद पत्र की जॉच निबंधन महानिरीक्षक, बिहार, पटना द्वारा किया गया है। जिला अवर निबंधन कार्यालय, पूर्वी चम्पारण में अनाधिकृत व्यक्ति/दलाल के द्वारा नाजायज काम में संलिप्त रहने की प्रथम दृष्टया पुष्टि होने पर श्रीमती कुमारी के विरूद्ध अधिसूचना सं0-5149 दिनांक 29.09.2022 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संषोधित) के नियम-14(i) के अधीन वर्ष 2022-23 के आरोपों के लिए निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया गया है।

3. उक्त दंडादेश के विरूद्ध श्रीमती बंदना कुमारी, तत्का0 जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-24(2) के तहत्‌ पुनर्विलोकन अर्जी दायर किया गया है। श्रीमती बंदना कुमारी से प्राप्त पुनर्विलोकन अर्जी के समीक्षोरान्त पाया गया है कि जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण के विरूद्ध परिवाद नहीं था। परिवाद कार्यालय कर्मी के विरूद्ध दिया गया था एवं संज्ञानोपरान्त जिला अवर निबंधक श्रीमती वंदना कुमारी द्वारा कार्रवाई की गयी है। कार्यालय कर्मी द्वारा की गई रिश्वत की मांग के संबंध में परिवादी द्वारा जिला अवर निबंधक से मिलकर नहीं बताया गया था। इससे स्पष्ट होता है कि यह मामला जिला अवर निबंधक के संज्ञान में नहीं था और इस मामले में उनकी संलिप्तता की पुष्टि नहीं होती है।

अतः श्रीमती वंदना कुमारी के पुनर्विलोकन अर्जी को स्वीकार करते हुए विभागीय अधिसूचना सं0-5149 दिनांक 29.

09.2022 द्वारा अधिरोपित निन्दन के दंड को निरस्त किया जाता है। 4. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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19 अक्तूबर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-33/2021-5527--श्री विशाल कुमार, तत्का0 अवर निबंधक, बिक्रमगंज (रोहतास) सम्प्रति-संयुक्त अवर निबंधक, पूर्णियॉ के विरुद्ध मो0 फिरोज अली, पिता-जैनुल हक खॉ, ग्रामपो0थाना-बिक्रमगंज, जिला-रोहतास के द्वारा दस्तावेज सं0-2349 दिनांक-09.03.2021 के निबंधन में राजस्व क्षति का आरोप लगाते हुए परिवाद पत्र दिया गया था। परिवाद पत्र की जॉच सहायक निबंधन महानिरीक्षक, पटना प्रमंडल, पटना से करायी गयी है। सहायक निबंधन महानिरीक्षक, पटना प्रमंडल, पटना के पत्रांक-223 दिनांक-05.07.2021 द्वारा जॉच प्रतिवेदन उपलब्ध कराया गया है, जिसमें दस्तावेज सं0-2349 दिनांक-09.03.2022 के निबंधन में पक्षकार द्वारा गलत भूमि दिखाये जाने तथा स्थल जॉच कर्मी के द्वारा चौहदी से अंतरित भूमि का सत्यापन नहीं किये जाने के कारण मुद्रांक शुल्क के मद में रुपया 2,47,020/- एवं निबंधन शुल्क के मद में रु0 82,340/- कुल रु0 3,29,360 (तीन लाख उन्तीस हजार तीन सौ साठ रुपये) राजस्व क्षति प्रतिवेदित की गयी है। सहायक निबंधन महानिरीक्षक, पटना प्रमंडल, पटना के जॉच प्रतिवेदन एवं अवर निबंधक, बिक्रमगंज के स्पष्टीकरण पर विभाग में गठित त्रिसदस्यीय समिति का मंतव्य प्राप्त किया गया है। त्रिसदस्यीय समिति के मंतव्य के आधार पर आरोप पत्र गठित करते हुए श्री कुमार से लिखित अभिकथन की मांग की गयी है।

2. श्री कुमार द्वारा अपने बचाव के अभिकथन में सिर्फ श्री सुरेन्द्र प्रसाद शर्मा, निम्नवर्गीय लिपिक के स्पष्टीकरण का उल्लेख किया है। उनका कहना है कि सिवाना आम तौर पर गॉव की बस्ती से दूर हीं होता है। अतएव लिपिक के द्वारा दिये गये स्थल जॉच प्रतिवेदन पर संदेह नहीं किया गया। श्री कुमार, तत्का0 अवर निबंधक, बिक्रमगंज द्वारा यह भी कहा गया है कि उनके स्थानांतरण के उपरान्त वर्तमान अवर निबंधक, बिक्रमगंज द्वारा इस दस्तावेज को 47ए (3) के तहत्‌ समाहर्त्ता को रेफर किया गया है। प्रश्नगत भू-खण्ड हालांकि रेडिया मौजा का है किन्तु यह नगर पंचायत के रूप में अधिसूचित मौजा धनगाई के सीमा पर है और मौजा धनगाई के बसावट के नजदीक है। स्पष्टतः यह भू-खण्ड अवासीय श्रेणी का है। अतएव आरोपी पदाधिकारी का बचाव वयान तथ्य परक नहीं है।34 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 अतः श्री कुमार से प्राप्त बचाव वयान को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-14(1) के तहत्‌ वर्ष 2021-22 के आरोपों के लिए निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-141/2022-6024--श्री सुशील कुमार पासवान, अवर निबंधक, बिक्रमगंज (रोहतास) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, बिक्रमगंज (रोहतास) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, बिक्रमगंज (रोहतास) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, बिक्रमगंज (रोहतास) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, बिक्रमगंज (रोहतास) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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21 अक्तूबर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-97/2022-5584--(1) श्री बृज बिहारी शरण, जिला अवर निबंधक, पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा अप्रत्यानुपातिक धर्नाजन के आरोप में निगरानी थाना काण्ड सं0-05/2022 दिनांक 02.02.2022 दर्ज किये जाने के कारण श्री शरण को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(ग) के अधीन विभागीय अधिसूचना संख्या-1129 दिनांक 21.02.2022 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मुख्यालय-जिला अवर निबंधन कार्यालय, पूर्णियॉ निर्धारित किया गया।

(2) श्री मणिरंजन, जिला अवर निबंधक, समस्तीपुर के विरूद्ध विशेष निगरानी इकाई बिहार, पटना द्वारा अप्रत्यानुपातिक धर्नाजन के आरोप में विशेष निगरानी इकाई काण्ड सं0-06/2021 दिनांक 16.12.2021 दर्ज किये जाने के कारण श्री मणिरंजन को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(ग) के अधीन विभागीय अधिसूचना संख्या-4986 दिनांक 18.12.2021 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मुख्यालय-जिला अवर निबंधन कार्यालय, कैमूर निर्धारित किया गया।

(3) श्री उमलेश प्रसाद सिंह, जिला अवर निबंधक, पूर्णियॉ के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा अप्रत्यानुपातिक धर्नाजन के आरोप में निगरानी थाना काण्ड सं0-06/2022 दिनांक 12.02.2022 दर्ज किये जाने के कारण श्री सिंह को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1)(ग) के अधीन विभागीय अधिसूचना संख्या-1540 दिनांक 15.03.2022 द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए मुख्यालय-जिला अवर निबंधन कार्यालय, दरभंगा निर्धारित किया गया।

उपर्युक्त निलंबित निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा निलंबन से मुक्त करते हुए संवर्गीय पद पर पदस्थापित कर मद्यनिषेध का कार्य आवंटित करने के अनुरोध किया गया। उनके अनुरोध पर सम्यक विचारोपरांत निलंबन से मुक्त करते हुए राज्य में स्थापित आसवनियों से इथनॉल/ई0एन0ए0 के Movement का अनुश्रवण का कार्य आवंटित करने का निर्णय लिया गया।35 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 अतः श्री बृज बिहारी शरण, श्री मणिरंजन एवं श्री उमलेश प्रसाद सिंह निलंबित जिला अवर निबंधक को निलंबन से मुक्त करते हुए उनके नाम के सम्मुख अधोलिखित कॉलम-3 के अंकित पद पर अपने ही वेतनमान में पदस्थापित करते हुए कॉलम-4 में अंकित कार्य आवंटित किया जाता है - क्र0 नाम/पदनाम पदस्थापन आवंटित कार्य

क्र0 नाम/पदनाम पदस्थापन आवंटित कार्य
1 2 3 4
1 श्री बृज बिहारी शरण जिला अवर निबंधक सहायक निबंधन महानिरीक्षक, भागलपुर प ्रमण्डल, भागलपुर में नवसृजित अवर निबंधक का पद एस0सी0आई0 इंडिया प्रा0लि0 बांका आसवनी और एम0जे0 एण्ड सन्स आसवनी, बांका से इथनॉल/ई0एन0ए0 के Movement का अनुश्रवण।
2 श्री मणिरंजन, जिला अवर निबंधक सहायक निबंधन महानिरीक्षक, सारण प्रमण्डल, छपरा में नवसृजित अवर निबंधक का पद भारत सुगर मिल सिधवलिया एवं वेस्टवेल बायोरिफायनरी प्रा0लि0 आसवनी गोपालगंज से इथनॉल/ई0एन0ए0 के Movement का अनुश्रवण।
3 श्री उमलेश प्रसाद सिंह, जिला अवर निबंधक सहायक निबंधन महानिरीक्षक, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर मे नवसृजित ं अवर निबंधक का पद हरिनगर आसवनगृह, न्यू स्वदेशी आसवनगृह, मंझौलिया आसवनगृह, एच0पी0सी0एल0 बायोफ्यूल्स लि0 स ुगौली तथा एच0पी0सी0एल0 बायोफ्यूल्स लि0 लौरिया से इथनॉल/ई0एन0ए0 के Movement का अनुश्रवण।

न्यायालय का न्याय निर्णय प्राप्त न हो जाय।

3. यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा। 4. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-176/2022-6023--श्री अभिषेक सिंह, अवर निबंधक, चकिया (पूर्वी चम्पारण) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, चकिया (पूर्वी चम्पारण) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है। 2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, चकिया (पूर्वी चम्पारण) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, चकिया (पूर्वी चम्पारण) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, चकिया (पूर्वी चम्पारण) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।36 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 18 नवम्बर 2022 सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-175/2022-6021--श्री दिव्यांशु दिव्याल, अवर निबंधक, केसरिया (पूर्वी चम्पारण) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, केसरिया (पूर्वी चम्पारण) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, केसरिया (पूर्वी चम्पारण) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, केसरिया (पूर्वी चम्पारण) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, केसरिया (पूर्वी चम्पारण) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-169/2022-6022--श्री धर्मेन्द्र कुमार, अवर निबंधक, नीमचक बथानी (गया) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, नीमचक बथानी (गया) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, नीमचक बथानी (गया) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, नीमचक बथानी (गया) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, नीमचक बथानी (गया) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-166/2022-6019--श्री अश्विनी कुमार, अवर निबंधक, मीरगंज (गोपालगंज) द्वारा दिनांक 26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, मीरगंज (गोपालगंज) ने37 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, मीरगंज (गोपालगंज) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, मीरगंज (गोपालगंज) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, मीरगंज (गोपालगंज) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-194/2022-6018--मो0 सोहेल अख्तर, अवर निबंधक, बहेड़ा (दरभंगा) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, बहेड़ा (दरभंगा) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, बहेड़ा (दरभंगा) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, बहेड़ा (दरभंगा) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, बहेड़ा (दरभंगा) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-172/2022-6017--मो0 शकिल रजा, अवर निबंधक, रोसड़ा (समस्तीपुर) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, रोसड़ा (समस्तीपुर) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या38 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, रोसड़ा (समस्तीपुर) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, रोसड़ा (समस्तीपुर) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, रोसड़ा (समस्तीपुर) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-184/2022-6020--श्री अहमद हुसैन, अवर निबंधक, पकड़ीदयाल (पूर्वी चम्पारण) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, पकड़ीदयाल (पूर्वी चम्पारण) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, पकड़ीदयाल (पूर्वी चम्पारण) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, पकड़ीदयाल (पूर्वी चम्पारण) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, पकड़ीदयाल (पूर्वी चम्पारण) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-182/2022-6013--श्री कृष्ण मोहन जयसवाल, अवर निबंधक, बिहपुर (भागलपुर) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, बिहपुर (भागलपुर) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, बिहपुर (भागलपुर) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, बिहपुर (भागलपुर) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा39 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, बिहपुर (भागलपुर) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-191/2022-6016--श्री राजीव रंजन, अवर निबंधक, उदाकिशुनगंज (मधेपुरा) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, उदाकिषुनगंज (मधेपुरा) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, उदाकिषुनगंज (मधेपुरा) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, उदाकिषुनगंज (मधेपुरा) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, उदाकिषुनगंज (मधेपुरा) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-142/2022-6012--श्री विनीत कुमार, अवर निबंधक, झंझारपुर (मधुबनी) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, झंझारपुर (मधुबनी) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, झंझारपुर (मधुबनी) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, झंझारपुर (मधुबनी) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।40 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 अतएव अवर निबंधक, झंझारपुर (मधुबनी) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-189/2022-6025--श्री नीतिश कुमार, जिला अवर निबंधक, पूर्णियॉ द्वारा दिनांक-26.

10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। जिला अवर निबंधक, पूर्णियॉ ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि जिला अवर निबंधक, पूर्णियॉ का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु जिला अवर निबंधक, पूर्णियॉ द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव जिला अवर निबंधक, पूर्णियॉ के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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18 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-180/2022-6011--श्री राजकुमार प्रभाकर, अवर निबंधक, अमौर (पूर्णियॉ) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, अमौर (पूर्णियॉ) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, अमौर (पूर्णियॉ) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, अमौर (पूर्णियॉ) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, अमौर (पूर्णियॉ) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।41 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022

17 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-187/2022-5986--श्रीमती गायत्री अग्रवाल, अवर निबंधक, मोतीपुर (मुजफ्फरपुर) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, मोतीपुर (मुजफ्फरपुर) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनीय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनीय है कि अवर निबंधक, मोतीपुर (मुजफ्फरपुर) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, मोतीपुर (मुजफ्फरपुर) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, मोतीपुर (मुजफ्फरपुर) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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17 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-179/2022-5984--श्री अजय कुमार चौधरी, अवर निबंधक, बेलसंड (सीतामढ़ी) द्वारा दिनांक-26.10.2022 को शाम की विडियो कॉन्फ्रेंसिंग में अपनी शिकायत की पूर्व सूचना दिये बाँह पर काली पट्‌टी बाँधकर उपस्थित हुए थे। इस अमर्यादित कृत्य के लिये उनसे स्पष्टीकरण की मांग की गयी। अवर निबंधक, बेलसंड (सीतामढ़ी) ने अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया है कि विभागीय काली पट्‌टी लगाना किसी भी प्रकार से बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 का उल्लंघन नहीं है।

2. उल्लेखनिय है कि बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-8(ii) में यह प्रावधानित है कि ''अपनी सेवा या किसी अन्य सरकारी सेवक से सम्बद्ध किसी विषय के संबंध में किसी प्रकार के हड़ताल या प्रपीड़न या शारीरिक सम्बोधन का न सहारा लेगा और न उसके लिये दुष्प्रेरणा करेगा।'' यह भी उल्लेखनिय है कि अवर निबंधक, बेलसंड (सीतामढ़ी) का किसी विभागीय निर्णय से कोई आपत्ति थी तो उन्हें विभाग में लिखित ज्ञापन अथवा पत्र देते हुए अपना पक्ष रखना चाहिए था। किन्तु अवर निबंधक, बेलसंड (सीतामढ़ी) द्वारा इस प्रकार का कोई लिखित आवेदन विभाग को नहीं भेजकर सीधे अमर्यादित तरीके से रोष प्रकट करने हेतु काली पट्‌टी बांधकर विभागीय बैठक में उपस्थित हुए, जो कि घोर कदाचार है। राजपत्रित पदाधिकारियों से यह आशा की जाती है कि वह अनुशासन में रहते हुए विभागीय कार्यो का निष्पादन करें तथा विभागीय आदेशों का अनुपालन करें। यदि किसी विभागीय निर्णय से वह सहमत नहीं हैं तो उसके हेतु उन्हें मर्यादित तरीके से अपनी बात अपने नियंत्री पदाधिकारी के समक्ष रखनी थी, जो कि इनके द्वारा नहीं किया गया। बिना किसी उचित कारण के सरकारी बैठक में काली पट्‌टी लगाकर उपस्थित होना स्पष्टतया सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के उल्लिखित प्रावधानों का उल्लंघन है।

अतएव अवर निबंधक, बेलसंड (सीतामढ़ी) के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत्‌ वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।

3. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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24 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-201/2022-6200--श्री प्रशान्त कुमार, सहायक निबंधन महानिरीक्षक, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर के विरूद्ध अप्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में विशेष निगरानी इकाई, बिहार, पटना द्वारा धारा-u/s42 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 13 (1) (b) r/w 13 (2) r/w 12 पी0सी0 एक्ट 1988 एवं I.P.C.की धारा-120(B) के तहत्‌ विशेष निगरानी इकाई थाना कांड संख्या-15/22 दिनांक 09.11.2022 दर्ज कर अनुसंधान किया जा रहा है। अतएव श्री प्रशान्त कुमार, सहायक निबंधन महानिरीक्षक, तिरहुत प्रमण्डल, मुजफ्फरपुर को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 (1)(ग) के अधीन तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।

2. निलंबन अवधि में श्री कुमार का मुख्यालय-सहायक निबंधन महानिरीक्षक का कार्यालय, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर निर्धारित किया जाता है।

3. निलंबन अवधि में श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 के तहत्‌ अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता भुगतेय होगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

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23 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-95/2021-6143--श्री संजय कुमार, तत्का0 जिला अवर निबंधक, सारण सम्प्रति जिला अवर निबंधक, मधेपुरा द्वारा टोपो लैण्ड/असर्वेक्षित भूमि के निबंधन पर लगाए गए रोक की अवहेलना करते हुए राकेश गुप्ता द्वारा प्रस्तुत दस्तावेज सं0-4102 का निबंधन दिनांक-10.05.2019 को किया गया। C.W.J.C. No.2524/2018 राकेश गुप्ता बनाम बिहार राज्य में माननीय उच्च न्यायालय, पटना द्वारा दिनांक-19.04.2019 को पारित आदेश को आधार बनाकर निबंधन किया गया किन्तु उक्त न्यायादेश के विरुद्ध LPA दायर करने के लिए Grounds of Appeal तैयार करने में अभिरूचि नहीं लेने, फलस्वरूप माननीय न्यायालय में LPA दायर करने में काफी बिलम्ब हुआ। श्री कुमार का कार्य के प्रति लापरवाही, बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली के नियम-3 (1) के प्रावधानों का उल्लंघन करने आदि आरोप में विभागीय संकल्प सं0-1190 दिनांक 24.02.22 द्वारा विभागीय कार्यवाही संस्थित की गयी।

2. विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री कुमार के विरुद्ध गठित आरोप प्रतिबंधित टोपो लैण्ड से संबंधित दस्तावेज का निबंधन करने को प्रमाणित निष्कर्षित किया है।

विभागीय कार्यवाही के जॉच प्रतिवेदन एवं आरोपी पदाधिकारी से प्राप्त द्वितीय बचाव वयान पर सम्यक विचारोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(vi) के तहत्‌ विभागीय अधिसूचना सं0- 3770 दिनांक-27.07.2022 द्वारा 03 (तीन) वार्षिक वेतन वृद्धियॉ संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने का दण्ड अधिरोपित किया गया।

3. उक्त दण्डादेश के विरुद्ध श्री कुमार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-24 के तहत्‌ पुनर्विलोकन अर्जी दायर की गयी है। पुनर्विलोकन अर्जी में भी माननीय उच्च न्यायालय का आदेश का अनुपालन एवं उसके विरुद्ध अपील दायर करने के लिये आधार नहीं होना उल्लिखित किया है।

4. श्री कुमार से प्राप्त पुनर्विलोकन अर्जी पर अपर मुख्य सचिव द्वारा दिनांक-23.09.2022 एवं 21.10.2022 को सुनवाई की गयी। सुनवाई के क्रम में परिलक्षित हुआ कि श्री कुमार द्वारा टोपो लैण्ड से संबंधित एकरारनामा के दस्तावेज सं0-4102 का निबंधन दिनांक-10.05.2019 को किया गया। उक्त तिथि को टोपो लैण्ड/असर्वेक्षित भूमि के निबंधन पर रोक था। निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा-21(1) के अनुसार अचल सम्पत्ति जिसकी पहचान के लिये यदि दस्तावेज में पूर्ण विवरण अंकित नहीं है, वैसे दस्तावेजों को निबंधन पदाधिकारी द्वारा स्वीकार नहीं किये जाने का प्रावधान है। टोपो लैण्ड यानि असर्वेक्षित भूमि का खाता खेसरा संख्या नहीं रहता है। सम्पत्ति की पहचान के लिये सर्वे का प्लॉट संख्या और खाता संख्या की जानकारी होना आवश्यक है। अतएव इस दृष्टि से भी एकरारनामा के दस्तावेज को निबंधन हेतु स्वीकार किया जाना नियमानुकूल नहीं था। उक्त दस्तावेज के प्रस्तुतकर्त्ता द्वारा दायर याचिका सं0-सी0डब्लू0जे0सी0सं0-2524/2018 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा जमीन के स्वत्वाधिकार का परीक्षण करने की शक्ति निबंधन पदाधिकारी को प्रदत्त नहीं होने के आधार पर न्यायादेश पारित किया गया, जबकि प्रश्नगत मामला निबंधन अधिनियम, 1908 की धारा-21(1) से संबंधित है। याचिका के प्रतिशपथ में इस बात का स्पष्ट उल्लेख नहीं किया गया है। फलतः माननीय न्यायालय का ध्यान सिर्फ स्वत्व पर केन्द्रित हो सका है। साथ ही, इस मामले में धारा-21(1) के प्रावधान के आलोक में Grounds of Appeal शीघ्र तैयार कर अपील दायर किया जाना चाहिये था, जो नहीं किया गया।

अतः श्री संजय कुमार, तत्का0 जिला अवर निबंधक, सारण सम्प्रति जिला अवर निबंधक, मधेपुरा से प्राप्त पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकार करते हुए विभागीय अधिसूचना सं0-3770 दिनांक-27.07.2022 द्वारा अधिरोपित 03 (तीन) वार्षिक वेतन वृद्धियॉ संचयात्मक प्रभाव से अवरूद्ध करने के दण्ड को बरकरार रखा जाता है।

5. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।43 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022

बिहार विधन सभा सचिवालय

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अध्सिूचनाएं

29 नवम्बर 2022

सं0 पुस्त-05/2020-3112/विस।--सभा सचिवालय की अध्सिूचना सं-2878, दिनांक-26.09.2022 के क्रम में सर्वसाधरण की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है कि बिहार विधन परिषद्‌ सचिवालय के पत्राांक-विपअप्र-161/ 2017-1966;1द्धविप, दिनांक-21.11.2022 द्वारा माननीय सभापति, बिहार विधन परिषद्‌ के निदेशानुसार माननीय सदस्य श्री वीरेन्द्र नारायण यादव, सविप को पुस्तकालय समिति की सदस्यता से मुक्त किया जाता है ।

सभा सचिवालय के अध्सिूचना संख्या-2878, दिनांक-26.09.2022 द्वारा गठित पुस्तकालय समिति के शेष सदस्य यथावत रहेंगे ।ता

अध्यक्ष, बिहार विधन सभा के आदेश से,

पवन कुमार पाण्डेय, प्रभारी सचिव।

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24 नवम्बर 2022

सं0 02स्था-125/2021-2515/विस।--वित्त ;वैदानिकोद्ध विभाग, बिहार सरकार, पटना से प्राप्त पत्राांक-2567;22द्ध, दिनांक-07.11.2022 के आलोक में श्री मुकुल कुमार, प्रतिवेदक, बिहार विधन सभा सचिवालय, पटना को बिहार सेवा संहिता के नियम-240 एवं 248;कद्ध के तहत दिनांक-19.07.2022 से 22.07.2022 तक उपार्जित अवकाश स्वीकृत किया जाता है तथा उक्त संहिता के नियम-159 के अन्तर्गत दिनांक-23.07.2022 एवं 24.07.2022 को सार्वजनिक अवकाश उपभोग करने की अनुमति दी जाती है । अवकाश उपभोग के उपरान्त इनके उपार्जित अवकाश कोष में कुल 17 दिनों का अवकाश शेष है ।

आदेश से,

अभय शंकर राय, अवर सचिव।

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(cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग

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अधिसूचनाएं

22 नवम्बर 2022

सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-14(भा0)भा0-02/2015-1384434--(cid:302)ी उपे(cid:219)(cid:289) दास, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:274)ामीण (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547)-सह- (cid:292)भार(cid:547) (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), रंगराचौक, भागलपुर स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), रफ(cid:551)गंज, औरंगाबाद के विरुद्ध भागलपुर समाहरणालय के प(cid:287)ांक 16 ((cid:292)0) (cid:465)दनांक 31.03.2015 द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)प(cid:287) 'क' (cid:292)ा(cid:220)त है। आरोप प(cid:287) म(cid:581) पंचायत स(cid:871)म(cid:467)त द्वारा 13वीं (cid:874)व(cid:215)त आयोग के अंतग(cid:91)त ल(cid:547) गयी योजनाओं म(cid:581) गलत ढंग से योजना संचालन, गलत अ(cid:871)भक(cid:215)ता(cid:91) चयन, गलत तर(cid:547)के से अ(cid:871)भलेख के संधारण म(cid:581) सं(cid:871)ल(cid:220)त होने, (cid:874)वभागीय माग(cid:91)द(cid:871)श(cid:91)का का उ(cid:227)लंघन, योजना को (cid:874)वभ(cid:200)त कर (cid:292)शास(cid:467)नक (cid:232)वीकृ (cid:467)त (cid:292)दान करने, सरकार(cid:547) रा(cid:871)श के दु(cid:874)व(cid:91)(cid:467)नयोग, सं(cid:465)द(cid:202)घ भुगतान, कर अपवंचना, (cid:292)ा(cid:200)कलन से कम रा(cid:871)श का (cid:229)यय, सरकार(cid:547) रा(cid:871)श का गबन आ(cid:465)द आरोप धा(cid:464)रत है ।

(cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप के आलोक म(cid:581) (cid:302)ी दास से (cid:292)ा(cid:220)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण के समी(cid:162)ोपरांत (cid:874)वभागीय अ(cid:876)धसूचना सं(cid:201)या- 397224 (cid:465)दनांक- 25.02.2022 द्वारा (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत क(cid:551) गयी । संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) के (cid:292)(cid:467)तवेदन एवं उ(cid:200)त (cid:292)(cid:467)तवेदन पर (cid:302)ी दास का (cid:871)ल(cid:872)खत अ(cid:223)यावेदन (cid:292)ा(cid:220)त (cid:873)कया गया । (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप, संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) के (cid:292)(cid:467)तवेदन एवं (cid:302)ी दास द्वारा सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:871)ल(cid:872)खत अ(cid:223)यावेदन के स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत (cid:874)वभागीय अ(cid:876)धसूचना सं(cid:201)या- 1162986 (cid:465)दनांक- 18.08.2022 द्वारा (cid:302)ी दास पर संचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से तीन वेतन वृद्धि अवरुद्ध करने का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया गया ।

अ(cid:876)धरो(cid:874)पत दंड के विरुद्ध (cid:302)ी उपे(cid:219)(cid:289) दास द्वारा पुन(cid:874)व(cid:91)चार अ(cid:223)यावेदन सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:873)कया गया । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क अ(cid:223)यावेदन म(cid:581) (cid:873)कसी नये त(cid:216)य/सा(cid:234)य का उ(cid:227)लेख नह(cid:547)ं (cid:873)कया गया है ।

अत: स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत (cid:302)ी उपे(cid:219)(cid:289) दास के पुन(cid:874)व(cid:91)चार आवेदन को अ(cid:232)वीकृ त (cid:873)कया जाता है ।44 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

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30 नवम्बर 2022

सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-14(पटना)रोहतास (लोक (cid:292)ा(cid:876)धकार)-03/2021-1404523--(cid:302)ी मनोज पासवान, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), रोहतास सदर (रोहतास), स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), हरसिद्धी (पूव(cid:568) च(cid:224)पारण) के विरुद्ध लोक (cid:292)ा(cid:876)धकार(cid:585) क(cid:551) सुनवाई म(cid:581) अनुपि(cid:232)थत रहने के आरोप पर सामा(cid:219)य (cid:292)शासन (cid:874)वभाग, (cid:466)बहार, पटना के प(cid:287)ांक- 102 (cid:465)दनांक- 22.12.2020 द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त हुआ ।

उ(cid:200)त (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप(cid:585) पर (cid:874)वभागीय प(cid:287)ांक- 421356 (cid:465)दनांक- 18.03.2021 द्वारा (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण पूछा गया। काया(cid:91)लय (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), रोहतास के प(cid:287)ांक- 224 (cid:465)दनांक- 27.03.2021 के द्वारा (cid:302)ी पासवान का (cid:232) (cid:220) (cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त है, िजसम(cid:581) (cid:302)ी पासवान द्वारा उ(cid:227)लेख (cid:873)कया गया है (cid:873)क अनुमंडल(cid:547)य लोक (cid:871)शकायत पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:875)डहर(cid:547) के सम(cid:162) सुनवाई हेतु उ(cid:200)त (cid:467)त(cid:876)थ को संबं(cid:876)धत काया(cid:91)लय म(cid:581) उपि(cid:232)थत हुआ था (cid:873)क(cid:219)तु उ(cid:200)त (cid:467)त(cid:876)थ को सुनवाई नह(cid:547)ं हो पायी । संबं(cid:876)धत काया(cid:91)लय से स(cid:224)पक(cid:91) करने पर बताया गया (cid:873)क अप(cid:464)रहाय(cid:91) कारण(cid:585) से आज (cid:465)दनांक- 19.12.2020 को होने वाल(cid:547) सुनवाई (cid:232)थ(cid:876)गत कर द(cid:547) गई है तथा वाद क(cid:551) अगल(cid:547) सुनवाई क(cid:551) सूचना बाद म(cid:581) द(cid:547) जायेगी ।

(cid:302)ी पासवान के विरुद्ध सामा(cid:219)य (cid:292)शासन (cid:874)वभाग से (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप एवं (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत यह पाया गया (cid:873)क (cid:302)ी मनोज पासवान, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), रोहतास सदर (रोहतास), स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), हरसिद्धी (पूव(cid:568) च(cid:224)पारण) के द्वारा लोक (cid:292)ा(cid:876)धकार(cid:585) क(cid:551) अनुपि(cid:232)थ(cid:467)त के संबंध म(cid:581) न तो कोई ठोस सा(cid:234)य संल(cid:202)न (cid:873)कया गया है और न ह(cid:547) कोइ(cid:91) त(cid:216)य (cid:292)(cid:232)तुत (cid:873)कया गया है । अत: स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत (cid:302)ी मनोज पासवान, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), रोहतास सदर (रोहतास), स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), हरसिद्धी (पूव(cid:568) च(cid:224)पारण) को प(cid:287) (cid:467)नग(cid:91)त क(cid:551) (cid:467)त(cid:876)थ से'कड़ी चेतावनी'का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया जाता है।

आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क (cid:302)ी मनोज पासवान क(cid:551) चा(cid:464)र(cid:287)ी पुि(cid:232)तका म(cid:581) इस दंड क(cid:551) (cid:292)(cid:874)वि(cid:231)ट क(cid:551) जाय। उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

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18 नवम्बर 2022

45 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022

पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:872)खजरसराय, गया को (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण, (cid:467)नयं(cid:287)ण एवं अपील)(तृतीय संशोधन) (cid:467)नयमावल(cid:547), 2010 के (cid:467)नयम-3 के तहत'चेतावनी (प(cid:287) (cid:467)नग(cid:91)त क(cid:551) (cid:467)त(cid:876)थ से)'का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया गया । अ(cid:876)धरो(cid:874)पत दंड के विरुद्ध (cid:302)ी ठाकु र द्वारा काया(cid:91)लय, (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:872)खजरसराय, गया के प(cid:287)ांक- 1389 (cid:465)दनांक- 01.10.2022 से पुन(cid:874)व(cid:91)लोकन आवेदन सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:873)कया गया । पुन(cid:874)व(cid:91)लोकन अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क (cid:302)ी ठाकु र द्वारा अपने अ(cid:223)यावेदन म(cid:581) कोई नया त(cid:216)य का उ(cid:227)लेख नह(cid:547)ं (cid:873)कया गया है ।

अत: समी(cid:162)ोपरांत (cid:302)ी पवन कु मार ठाकु र के पुन(cid:874)व(cid:91)चार अ(cid:223)यावेदन को अ(cid:232)वीकृ त (cid:873)कया जाता है । उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

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30 नवम्बर 2022

सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-R-503/98/2022-Section14-RDD-RDD(COM-184909)-1404163-(cid:302)ी राजेश कु मार, (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), इमामगंज, गया के विरुद्ध उप (cid:874)वकास आयु(cid:200)त, गया के प(cid:287)ांक- 1443 (cid:465)दनांक- 25.05.2022 द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त है । आरोप प(cid:287) म(cid:581) (cid:302)ी कु मार के विरुद्ध आवास (cid:220)लस अ(cid:219)तग(cid:91)त (cid:874)व(cid:215)तीय वष(cid:91) 2021-22 म(cid:581) (cid:873)कये जा रहे पंजीकरण/िजओ टै(cid:876)गंग/ ऑडरसीट जेनरेशन/एफ0ट(cid:547)0ओ0 का स(cid:215)यापन काय(cid:91) म(cid:581) लापरवाह(cid:547) एवं वर(cid:547)य पदा(cid:876)धकार(cid:547) के द्वारा (cid:465)दये गये आदेश क(cid:551) अवहेलना का आरोप अं(cid:873)कत (cid:873)कया गया है।

आरोप प(cid:287) पर (cid:302)ी कु मार से (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त (cid:873)कया गया िजसम(cid:581) उनके द्वारा उ(cid:227)लेख (cid:873)कया गया है (cid:873)क (cid:465)दनांक- 19.07.2021 को इस (cid:292)खंड म(cid:581) पद(cid:232)थापन के समय अपूण(cid:91) आवास(cid:585) क(cid:551) सं(cid:201)या- 1850 थी । िजसके सतत ् (cid:467)नर(cid:547)(cid:162)ण के फल(cid:232)(cid:510)प वत(cid:91)मान म(cid:581) अपूण(cid:91) आवास(cid:585) क(cid:551) सं(cid:201)या- 675 है । ल(cid:234)य अ(cid:876)धक रहने, (cid:467)नमा(cid:91)ण काय(cid:91) हेतु आव(cid:230)यक साम(cid:274)ी का अभाव, (cid:292)खंड क(cid:551) भौगो(cid:871)लक ि(cid:232)थ(cid:467)त के कारण आवास (cid:467)नमा(cid:91)ण म(cid:581) आशातीत (cid:292)ग(cid:467)त नह(cid:547)ं हो पा रह(cid:547) है । आवास पूण(cid:91) नह(cid:547)ं करने वाले लाभुक(cid:585) को सफे द और लाल नो(cid:465)टस जार(cid:547) (cid:873)कया गया है एवं स(cid:465)ट(cid:91)(cid:873)फके ट के स (cid:873)कया गया है । वर(cid:547)य पदा(cid:876)धकार(cid:547) द्वारा बैठक, जूम (cid:871)म(cid:465)टंग या प(cid:287) के मा(cid:218)यम से जो भी (cid:467)नदेश (cid:465)दया जाता है, उसका अ(cid:162)रश:

पालन (cid:873)कया जाता है ।

उप (cid:874)वकास आयु(cid:200)त, गया से (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप एवं (cid:302)ी कु मार के (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत एम0आई0एस0 (cid:464)रपोट(cid:91) (cid:465)दनांक- 27.07.2022 म(cid:581) पाया गया (cid:873)क गया िजला के 24 (cid:292)खंड(cid:585) म(cid:581) आवास पूण(cid:91)ता के मामले म(cid:581) ईमामगंज (cid:292)खंड सबसे नीचे है । (cid:292)धानमं(cid:287)ी आवास योजना म(cid:581) (cid:232)वीकृ (cid:467)त के आलोक म(cid:581) पूण(cid:91)ता क(cid:551) ि(cid:232)थ(cid:467)त 90.02% है, जो गया िजले म(cid:581) नीचे से तीसरा (cid:232)थान पर है । (cid:465)दनांक- 27.07.2022 को कु ल ल(cid:234)य 10588 के विरुद्ध के वल 38 आवास अथा(cid:91)त के वल 0.37 (cid:292)(cid:467)तशत पूण(cid:91) कराया गया है, जब(cid:873)क उ(cid:200)त (cid:467)त(cid:876)थ को रा(cid:207)य का औसत 19.82 (cid:292)(cid:467)तशत है । (cid:465)दनांक- 01.09.2022 को कु ल ल(cid:234)य 10588 के विरुद्ध के वल 1443 आवास अथा(cid:91)त के वल 13.96 (cid:292)(cid:467)तशत पूण(cid:91) कराया गया है, जब(cid:873)क गया िजला का औसत 25.86 (cid:292)(cid:467)तशत है । इससे (cid:232)प(cid:231)ट है (cid:873)क आवास (cid:467)नमा(cid:91)ण क(cid:551) (cid:292)ग(cid:467)त (cid:292)खंड म(cid:581) काफ(cid:551) धीमी है । (cid:302)ी राजेश कु मार का (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:232)वीकार यो(cid:202)य नह(cid:547)ं है । अत: स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत (cid:302)ी राजेश कु मार, (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), इमामगंज, गया को लघुदंड के (cid:510)प म(cid:581) ''असंचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से एक वेतन वृद्धि'' अवरुद्ध करने का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया जाता है।

आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क (cid:302)ी राजेश कु मार क(cid:551) चा(cid:464)र(cid:287)ी म(cid:581) इस दंड क(cid:551) (cid:292)(cid:874)वि(cid:231)ट क(cid:551) जाय।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।46 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

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30 नवम्बर 2022

सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-R-503/75/2022-Section 14-RDD-RDD(COM-174665)-1404581-(cid:302)ी पुलक कु मार, (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), लालगंज (वैशाल(cid:547)) के विरुद्ध उप (cid:874)वकास आयु(cid:200)त, वैशाल(cid:547) के प(cid:287)ांक- 919 (cid:465)दनांक- 22.04.2022 द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त है । आरोप प(cid:287) म(cid:581) (cid:302)ी कु मार के विरुद्ध (cid:292)धानमं(cid:287)ी आवास योजना ((cid:274)ामीण) म(cid:581) असंतोषजनक (cid:292)ग(cid:467)त एवं अ(cid:219)य का आरोप अं(cid:873)कत (cid:873)कया गया है।

आरोप प(cid:287) पर (cid:302)ी कु मार से (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त (cid:873)कया गया िजसम(cid:581) उनके द्वारा उ(cid:227)लेख (cid:873)कया गया है (cid:873)क (cid:292)धानमं(cid:287)ी आवास योजना ((cid:274)ामीण) अ(cid:219)तग(cid:91)त आवास (cid:220)लस क(cid:551) सूची अनुसार (cid:874)वभाग से (cid:292)ा(cid:220)त ल(cid:234)य म(cid:581) से लाभुक(cid:585) का Sanction with Verified Account 3902 है । िजसम(cid:581) से 2670 लाभुक(cid:585) को 1st Inst. For FTO Generation क(cid:551) कार(cid:91)वाई क(cid:551) गई है, जो 68.05 (cid:292)(cid:467)तशत है ।

उप (cid:874)वकास आयु(cid:200)त, वैशाल(cid:547) से (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप एवं (cid:302)ी कु मार के (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क लालगंज (cid:292)खंड म(cid:581) (cid:874)व(cid:215)तीय वष(cid:91) 2021-22 म(cid:581) आवास पूण(cid:91)ता का (cid:292)(cid:467)तशत 65.50 है । साथ ह(cid:547)ं (cid:874)व(cid:215)तीय वष(cid:91) 2016-17 से 2020-21 तक के ल(cid:234)य म(cid:581) से (cid:232)वीकृ (cid:467)त के विरुद्ध पूण(cid:91)ता 97 (cid:292)(cid:467)तशत है । इनका (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:232)वीकार यो(cid:202)य है ।

अत: स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत (cid:302)ी पुलक कु मार, (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), लालगंज (वैशाल(cid:547)) को ''काय(cid:91) के (cid:292)(cid:467)त सचे(cid:231)ट रहने क(cid:551) चेतावनी के साथ आरोप मु(cid:200)त'' (cid:873)कया जाता है।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

-------

30 नवम्बर 2022


  1. {{^{{FOOTNOTE 04}}}}.{{^{{FOOTNOTE 2022}}}} द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त हुआ । उ(cid:200)त (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप(cid:585) पर मो0 अंसार(cid:547) से (cid:874)वभागीय प(cid:287)ांक-I/{{^{{FOOTNOTE 23521}}}}/{{^{{FOOTNOTE 2022}}}} (cid:465)दनांक- {{^{{FOOTNOTE 13}}}}.{{^{{FOOTNOTE 05}}}}.{{^{{FOOTNOTE 2022}}}} द्वारा (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण पूछा गया एवं (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण हेतु (cid:874)वभागीय (cid:163)ापांक- I/{{^{{FOOTNOTE 26320}}}}/{{^{{FOOTNOTE 2022}}}} (cid:465)दनांक-{{^{{FOOTNOTE 22}}}}.{{^{{FOOTNOTE 06}}}}.{{^{{FOOTNOTE 2022}}}} द्वारा (cid:232)मा(cid:464)रत भी (cid:873)कया गया । फल(cid:232)व(cid:510)प (cid:292)खंड काया(cid:91)लय, सहदेई बुजुग(cid:91) (वैशाल(cid:547)) के प(cid:287)ांक- 1444 (cid:465)दनांक- 14.07.2022 द्वारा मो0 अंसार(cid:547) का (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त है । उप (cid:874)वकास आयु(cid:200)त, वैशाल(cid:547) द्वारा (cid:292)ा(cid:220)त आरोप प(cid:287) एवं मो0 इ(cid:232)माईल अंसार(cid:547) द्वारा (cid:292)ा(cid:220)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547) द्वारा नौ बार पूछे गये (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण का जबाव नह(cid:547)ं देना एवं चार बार समी(cid:162)ा(cid:215)मक बैठक म(cid:581) उपि(cid:232)थत नह(cid:547)ं होना उनक(cid:551) अनुशासनह(cid:547)नता, उदंडता, कत(cid:91)(cid:229)यह(cid:547)नता एवं हठध(cid:871)म(cid:91)ता को दशा(cid:91)ता है । ↩
47 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022

अत: स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत मो0 इ(cid:232)माईल अंसार(cid:547), (cid:274)ामीण (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547)-सह-(cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), सहदेई बुजुग(cid:91) (वैशाल(cid:547)) को (cid:466)बहार सेवा सं(cid:465)हता, 2005 के (cid:467)नयम 14 क(cid:551) कं (cid:875)डका 1 के तहत ''(cid:467)नदंन'' (वष(cid:91) 2021-22) एवं ''असंचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से एक वेतन वृद्धि अवरुद्ध'' करने का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया जाता है।

आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क मो0 इ(cid:232)माईल अंसार(cid:547) क(cid:551) चा(cid:464)र(cid:287)ी पुि(cid:232)तका म(cid:581) इस दंड क(cid:551) (cid:292)(cid:874)वि(cid:231)ट क(cid:551) जाय। उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

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30 नवम्बर 2022

सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-R-503/70/2022-Section 14-RDD-RDD(COM-174618)-1404554--सु(cid:302)ी (cid:873)करण कु मार(cid:547), (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:466)बदुपुर (वैशाल(cid:547)) के विरुद्ध उप (cid:874)वकास आयु(cid:200)त, वैशाल(cid:547) के प(cid:287)ांक- 918 (cid:465)दनांक- 22.04.2022 द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त है । आरोप प(cid:287) म(cid:581) (cid:302)ी कु मार के विरुद्ध (cid:292)धानमं(cid:287)ी आवास योजना ((cid:274)ामीण) म(cid:581) असंतोषजनक (cid:292)ग(cid:467)त एवं अ(cid:219)य का आरोप अं(cid:873)कत (cid:873)कया गया है।

आरोप प(cid:287) पर (cid:302)ी कु मार से (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त (cid:873)कया गया िजसम(cid:581) उनके द्वारा उ(cid:227)लेख (cid:873)कया गया है (cid:873)क (cid:292)खंड अंतग(cid:91)त Verified Account 1723 है िजसम(cid:581) Order Sheet Generation 730 है। (cid:464)रपोट(cid:91) म(cid:581) (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत है (cid:873)क एक (cid:465)दन पूव(cid:91) 478 था, अथा(cid:91)त एक (cid:465)दन म(cid:581) 252 लाभुक(cid:585) का Progress (cid:873)कया गया । Order Sheet Generation 1269 तथा वत(cid:91)मान म(cid:581) यह 1934 ल(cid:234)य म(cid:581) 1846 Sanction (95.45%) एवं Order Sheet Generation 1775 (96.31%) है । 1723 Verified Account म(cid:581) 415 का Order Sheet Generate लं(cid:466)बत था िजसे एक स(cid:220)ताह म(cid:581) (cid:292)ग(cid:467)त कर ल(cid:547) गयी है । 1702 Verified Account म(cid:581) 204 का Order Sheet Generate लं(cid:466)बत था िजसे दो (cid:465)दन(cid:585) म(cid:581) (cid:292)ा(cid:220)त कर ल(cid:547) गयी एवं सभी आवास सहायक(cid:585) पर (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण जार(cid:547) (cid:873)कया गया ।

उप (cid:874)वकास आयु(cid:200)त, वैशाल(cid:547) से (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप एवं सु(cid:302)ी कु मार(cid:547) के (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क (cid:466)बदुपुर (cid:292)खंड म(cid:581) (cid:874)व(cid:215)तीय वष(cid:91) 2021-22 म(cid:581) आवास पूण(cid:91)ता का (cid:292)(cid:467)तशत 74.25 है तथा (cid:874)व(cid:215)तीय वष(cid:91) 2016-17 से 2020-21 म(cid:581) ल(cid:234)य के विरुद्ध पूण(cid:91)ता का (cid:292)(cid:467)तशत 96.01 है । इनका (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:232)वीकार यो(cid:202)य है ।

अत: स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत सु(cid:302)ी (cid:873)करण कु मार(cid:547), (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:466)बदुपुर (वैशाल(cid:547)) को ''काय(cid:91) के (cid:292)(cid:467)त सचे(cid:231)ट रहने क(cid:551) चेतावनी के साथ आरोप मु(cid:200)त'' (cid:873)कया जाता है।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

—————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 38—571+20-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

48 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022

भाग-2

बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और

नियम आदि।

—————

मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ------- अधिसूचना (शुद्धि-पत्र) 25 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-174/2022-6235--अधिसूचना सं0-5985 दिनांक-17.11.2022 में प्रयुक्त शब्द जिला अवर निबंधक के स्थान पर प्रभारी जिला अवर निबंधक पढ़ा जायेगा। 2. शेष सभी यथावत्‌ रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

------

25 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-155/2022-6232--अधिसूचना सं0-5982 दिनांक-17.11.2022 के कंडिका-2 के अंतिम पारा में फुलवारीशरीफ (पटना) के स्थान पर पारू (मुजफ्फरपुर) पढ़ा जायेगा।

2. शेष सभी यथावत्‌ रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

------

25 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-149/2022-6233--अधिसूचना सं0-5980 दिनांक-17.11.2022 के कंडिका-2 के अंतिम पारा में फुलवारीशरीफ (पटना) के स्थान पर धमदाहा (पूर्णियॉ) पढ़ा जायेगा।

2. शेष सभी यथावत्‌ रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

------

25 नवम्बर 2022

सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-128/2022-6234--अधिसूचना सं0-6043 दिनांक-19.11.2022 में श्रीमती आदिति कुमारी के स्थान पर श्री ऋषिकेश साहपुरी पढ़ा जायेगा।

2. शेष सभी यथावत्‌ रहेगा।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।

—————

अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 38—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

49 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022

भाग-9-ख

िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण

सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द । ————— सूचना -------

No. 1346--I Pooja Kumari, W/o Shashi Ranjan Kumar, R/o Kannulal Road, Mithapur, Po- G.P.O., P.S-Jakkanpur, Patna- 800001, (Bihar) Declare by This Affidavit No- 13791 Dated- 16/09/2022, that now onwards I shall be known as POOJA for all future purposes.

Pooja Kumari.

-------

No. 1347--I Arati Devi, W/o Manish Kumar, R/o Barara Nalanda, Bihar-803118, do hereby Solemnly affirm and declare as per affidavit No.-26501 dt. 8.10.22 that my name is written in my Daughter's Dweepika Sharma markssheet issued by CBSE 2022 as Arati Sharma. Which is wrong. My correct name is Arati Devi. Previously I known as Arati Sharma but now I shall be known as Arati Devi for all future purpose.

Arati Devi.

-------

No. 1348-- I, NAHEED AHMAD W/o Najmul Arfeen Shamsi, House NO. – 321, Road No. – 3H, Patliputra Colony, Next to Kriti Apartment, Patna- 800013 (Bihar) do hereby solemnly Affirm and declare as per aff. No. 6027 dt. 05-11-22 that my name is written in Matriculation and Share Certificate in Naheed Shamsi, Now I will be known as Naheed Ahmad in future.

NAHEED AHMAD.

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No. 1349--I, Pratima Devi W/o- Mr. Santosh Kumar Pandey, Resident of Dwarikapuri, Lakhani Bigaha, P.O.- Khagaul, P.S.- Danapur, Distt.- Patna. Bihar- 801105 hereby declare vide affidavit No.- 16968 dated- 25/10/2022 that in my Aadhar Card bearing No. is 393289883990 that my name is incorrectly mentioned as Partima Devi. I shall be known as Pratima Devi (प्रतिमा देवी) for all purposes which is my correct name.

Pratima Devi.

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No. 1350--I, Manoranjan Kumar Roy Aadhar No 7783 3146 0299 S/o – Tarni Roy R/o village – Alepur, Post – Shitalpur Onkar, P.S – Barsoi, District – Katihar Pin Code – 854317 inform and declare through affidavit No – 1418/2022 dated 27/09/2022 that my name has been written as Manoranjan Kumar in my marksheet and certificate of 10th Board of CBSE which is wrong. My actual and correct name is Manoranjan Kumar Roy and shall be known from this name (Manoranjan Kumar Roy).

Manoranjan Kumar Roy.

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मैं सोनी कुमारी, पति-राम प्रवेश यादव, निवास-शेरशाह रोड, सकरी गली, ग्वालटोली,पो॰-गुलजारबाग, थाना-आलमगंज, जिला-पटना, बिहार शपथ पत्र संख्या-899, दिनांक 09.11.2022 द्वारा यह घोषणा करती हूँ कि मेरा आधार कार्ड में सोनी देवी अंकित है, जो गलत है मेरा सही नाम सोनी कुमारी है।

सोनी कुमारी।50 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 मैं तौकीर अहमद वारसी (TAUQEER AHMAD WARSI) , पिता - सैय्यद मोहम्मद इस्माइल वारसी, निवास - खान मिर्जा मोहल्ला, पो. - महेन्द्रू, थाना- सुलतानगंज, जिला- पटना-800006 (बिहार)। शपथ पत्र सं. - 14106, 5/7/2022 द्वारा यह घोषणा करता हूं कि मेरे बेटे के मैट्रिक अंक प्रमाण पत्र (CBSE)रौल न. 7127602 एवं पंजियन सं. P117082000069 में मेरा नाम तौकीर अहमद (TAUQEER AHAMED)दर्ज हो गया है, जो गलत है। मेरा सही नाम तौकीर अहमद वारसी (TAUQEER AHMAD WARSI) है।

तौकीर अहमद वारसी।

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No. 1355--I, Surendra Kumar Singh, s/o- ParasNath Singh, R/o- vill- Masardhi, P.S- Masardhi, District- Patna, State- Bihar do Solemnly affirm vide affidavit 15143/Dt.11/11/2022 my name Surender Singh Wrongly mentioned in my Son's Baleshwar Singh class 10th and 12th CBSE Board certificate, roll no for 10th – 17103506 and for 12th Roll no. 22629846 my Correct name is Surendra Kumar Singh.

Surendra Kumar Singh.

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No. 1356--I Saikh Nayaz Ahmad S/o Mohammad Jamil Ahmad, R/o 401A, Abedin Plaza Samanpura, Rukanpura, Rajabazar, P.S.- Shastrinagar, Patna-800014 Bihar do hereby solemnly affirm and declare as per affidavit No. 3881/28.09.22 that my name is written in daughter's 10th certificate is Mohammad Nayaz Ahmad. Now I am known and identified as Saikh Nayaz Ahmad.

Saikh Nayaz Ahmad.

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No. 1357--I Rajendra Prasad, S/o MotiLal Thakur, R/o Laxmi Nursing Home, West Boring Canal Road, ChainpurMainpura, PO- GPO, Patna, Bihar do hereby solemnly affirm and declare as per aff. no. 811 dt 04.11.22 that my name is written is my Son's Ritik Raj secondary School Examination (Xth) (Session 2014-2016) conducted by CBSE Delhi vide Roll No. 7165252 is Rajendra Prasad Sharma which is wrong. Correct name is Rajendra Prasad. Now I will be known as Rajendra Prasad.

Rajendra Prasad.

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No. 1358--I Kalpana Kumari, W/o- Rajendra Prasad, R/o Laxmi Nursing Home, West Boring Canal Road, ChainpurMainpura, PO- GPO, Patna, Bihar do hereby solemnly affirm and declare as per aff. no. 810dt 04.11.22 that my name is written is my Son's Ritik Raj secondary School Examination (Xth) (Session 2014-2016) conducted by CBSE Delhi vide Roll No. 7165252 is Kalpana Prasad which is wrong. Correct name is Kalpana Kumari. Now I will be known as Kalpana Kumari.

Kalpana Kumari.

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मैं, खुशी पुत्री ब्रजेश कुमार, निवास गीता मार्ग लेन दक्षिणी चित्रगुप्त नगर, पो.-लोहिया नगर, थाना-पत्रकार नगर, जिला-पटना-800024 बिहार शपथ पत्र सं.-968 ता. 28.10.22 द्वारा यह घोषणा करती हूं कि मैं अब खुशी कश्यप के नाम से सभी कार्य हेतु जानी एवं पहचानी जाऊंगी।

खुशी। No. 1364--I, KHUSHI, D/o Brajesh Kumar, R/o Geeta Marg lane, South Chitragupt Nagar, P.O. Lohiyanagar, P.S. Patrakar Nagar, Distt.- Patna-800024 Bihar vide affidavit No.- 968, dated 28.10.22 declare that I will be known as KHUSHI KASHYAP for all purpose.

KHUSHI.

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 38—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।

Website: http://egazette.bih.nic.in

51 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022

बिहार गजट

का

पूरक(अ0)

प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित

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सं0 2/सी0-1022/2011-सा0प्र0-19213

सामान्य प्रशासन विभाग

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संकल्प

26 अक्तूबर 2022

श्री देवेन्द्र सुमन (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1117/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सिकन्दरा, जमुई के विरूद्ध जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, जमुई के पत्रांक 2567 दिनांक 28.12.2010 द्वारा आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' गठित कर उपलब्ध कराया गया। जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, जमुई से प्राप्त आरोप-पत्र एवं संचिका में उपलब्ध अभिलेखों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र पुनर्गठित किया गया, जिसपर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। श्री सुमन के विरूद्ध आरोप है कि :- (क) इंदिरा आवास योजना के आवंटन का आधार मुख्य रूप से स्थायी प्रतीक्षा सूची होती है, जिसके आधार पर ही आवास का आवंटन किया जाता है, किन्तु श्री सुमन द्वारा प्रतीक्षा सूची का क्रम तोड़कर आवास आवंटन किया गया। श्री सुमन द्वारा योजना संख्या 410/07-08 श्रीमती सोनी देवी जौ0 स्वर्गीय पति पाठक, ग्राम-लछुआड़, ग्राम पंचायत-भूल्लों, बी0पी0एल0 संख्या 110, प्राप्तांक-06 को आवास निर्माण के लिए दिनांक 31.03.2008 को स्वी—ति दी गयी। स्थायी प्रतीक्षा सूची में इनका क्रमांक 24 है। इसके पश्चात क्रमांक 25 में दर्ज भूटो साव, पिता-महावीर साव, ग्राम-956, प्राप्तांक-06 को छोड़कर क्रम तोड़ते हुए 195 में दर्ज साधुशरण महतो की पत्नी श्रीमती सुभद्रा देवी, ग्राम-खुटकट पहचान संख्या 121, प्राप्त अंक-08 को आवास आवंटित कर दिया गया। इसकी सम्पुष्टि योजना संख्या 411/07-08 से हुई।

(ख) आपके द्वारा ऐसे परिवारों को भी आवास आवंटित कर दिया गया, जिनका नाम इंदिरा आवास की प्रतीक्षा सूची में दर्ज नहीं है। श्री सुमन द्वारा ग्राम पंचायत-सिझौड़ी के अन्तर्गत योजना संख्या 63/2007-08 चमेली देवी, जौ0 परमेश्वर चौधरी, ग्राम-जलैय को इंदिरा आवास आवंटित किया गया। इनका नाम स्थायी प्रतीक्षा सूची में दर्ज नहीं है।

(ग) इंदिरा आवास के लाभूकों के लिए अलग-अलग अभिलेख खोलकर कार्रवाई करना जबकि एक पंचायत के लाभूकों का एक अभिलेख खोलने की निदेश है। श्री सुमन द्वारा उप विकास आयुक्त, जमुई के पत्रांक 985/अभि0 दिनांक 12.05.2010 से प्राप्त आरोप प्रतिवेदित।

(घ) इंदिरा आवास के अभिलेखों में प्रखंड विकास पदाधिकारी के द्वारा हस्ताक्षर नहीं करना। (ड़) स्थायी प्रतीक्षा सूची का प्रकाशन पंचायतों में नहीं करना। इस प्रकार इंदिरा आवास के आवंटन में मार्गदर्शिका का घोर उल्लंघन किया गया एवं अनुदान की राशि पाने से योग्य परिवार वंचित हो गये तथा सरकारी राशि का दुरूपयोग हुआ है।

विभागीय पत्रांक 10756 दिनांक 06.08.2019 एवं अन्य पत्रों द्वारा श्री सुमन से प्रतिवेदित आरोपों पर स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री सुमन के पत्रांक 1198 दिनांक 17.10.2019 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा प्रतिवेदित आरोपों से इनकार किया गया। विभागीय पत्रांक 8767 दिनांक 02.0.2019 द्वारा श्री सुमन के स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, जमुई से मंतव्य की मांग की गयी। उक्त के आलोक में जिला पदाधिकारी, जमुई के पत्रांक 140 दिनांक 03.02. 2020 द्वारा स्पष्टीकरण पर मंतव्य उपलब्ध कराया गया, जो निम्नलिखित है :-

(1) प्र0वि0 पदा0 द्वारा प्रखंड में चल रहे प्राप्तांक 06 को एकाएक छलांग लगाने के संबंध में कतिपय कारणों यथा बी0पी0एल0 सूची का बार बार प्रिंट होना, प्रतीक्षा सूची का कम्यूटराईजेषन एवं उसमें कई बार गड़बड़ी, लाभार्थियों का अस्थाई रूप से पलायन, कर्मी का दक्ष नहीं होना माना गया हैं यह स्पष्ट है कि यदि प्रतीक्षा सूची के संदर्भ में तत्कालीन52 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 प्र0वि0 पदा0 को कोई संशय थी, तो उन्हें राशि देने के पूर्ण आश्वस्त हो लेना चाहिए था। पुनः तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी के स्पष्टीकरण से इस बात की भी स्वीकारोक्ति है कि क्रम में कतिपय स्थिति जन्य कारणों से विसंगति हुई है। अतः इनका स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है।

(2) ग्राम पंचायत-सिझौड़ी अन्तर्गत चमेली देवी, पति-श्री परमेश्वर चौधरी, ग्राम-जर्लय, जिनका बी0पी0एल0 क्रम सं0-151, पहचान सं0-260, प्राप्तांक-07 का नाम प्रतीक्षा सूची में टाल सहरसा प्रिंटिंग है मूल रूप में परमेश्वर चौधरी, ग्राम-जलैय का रहने वाला है, जिसका प्रतीक्षा सूची में क्रमांक-174 पर नाम दर्ज है। अतएव प्रतीक्षा सूची से हटकर किसी अन्य लाभार्थियों का लाभ नहीं दिया गया है। स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य है।

(3) वर्ष 2007-08 में इंदिरा आवास योजना अन्तर्गत लाभार्थियों का अलग-अलग अभिलेख खोलने का प्रावधान था। वर्ष 2008-09 से पंचायतवार लाभार्थियों का विभागीय निदेशानुसार अभिलेख का संधारण किया गया। स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य है।

(4) तत्कालीन उप विकास आयुक्त का पत्रांक 985/अभि0 दिनांक 12.05.2010 जो जिला पदाधिकारी को संबोधित है, specifice में अभिलेख की चर्चा नहीं की गई है, जिसके कारण यह आरोप प्रथम दृष्टया प्रमाणित नहीं होता है। उनके द्वारा सिर्फ अनियमितता में शामिल किया गया है। स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य है।

(5) विभागीय निदेशानुसार इंदिरा आवास स्थाई प्रतीक्षा सूची का प्रकाशन जिले के सभी पंचायतों में कराया गया तथा इसे जिले के बेवसाईट पर प्रकाशित किया गया तथा सभी पंचायत भवनों/सरकारी स्थान पर दीवार लेखन भी कराया गया। फोटोग्राफ उपलब्ध कराया गया है, जिसे विभाग को भेजा जा सकता है। स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य है।

पुनः जिला पदाधिकारी, जमुई के मंतव्य के आलोक में ग्रामीण विकास विभाग से मंतव्य की मांग की गयी। उनके द्वारा जिला पदाधिकारी, जमुई के मंतव्य से सहमति व्यक्त की गयी।

प्रतिवेदित आरोप, आरोपी का स्पष्टीकरण, जिला पदाधिकारी, जमुई/ग्रामीण विकास विभाग से प्राप्त मंतव्य की सम्यक समीक्षोपरान्त आरोप संख्या-01 की विस्तृत जाँच हेतु विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1531 दिनांक 04.02.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। आयुक्त, मुंगेर प्रंमडल, मुंगेर के पत्रांक 3488 दिनांक 25.09.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। समर्पित जाँच प्रतिवेदन पर अनुशासनिक प्राधिकार के समीक्षोपरांत जाँच प्रतिवेदन से असहमत होते हुए आरोपों की अग्रेतर जाँच कर जाँच प्रतिवेदन की मांग की गयी। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन पत्रांक 4344 दिनांक 11.07.2022 में श्री सुमन के विरूद्ध इंदिरा आवास योजना के आवंटन के विभागीय प्रावधानों का अनुपालन नहीं किये जाने के आलोक में प्रतिवेदित आरोपोंं को पूर्णतः प्रमाणित पाया गया है।

प्राप्त जाँच प्रतिवेदन पर श्री सुमन से बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी। श्री सुमन द्वारा दिनांक 14.09.2022 द्वारा अपना बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया। श्री सुमन का मुख्यतया कहना है कि उनके द्वारा सम्यक्‌ जाँचोपरान्त योग्य लाभार्थियों को आवास आवंटित की जाती थी तथा इसमें किसी प्रकार की कोई अनियमितता नहीं की गयी है। उनका कहना है कि घुटो साव का क्षेत्रीय एवं स्थलीय जाँच के पूर्व कार्यालय अभिलेखों के आधार पर इंदिरा आवास मिला हुआ पाया गया होगा। इसलिए इन्हें नहीं दिया गया होगा। उनका यह भी कहना है कि स्थायी प्रतीक्षा सूची पर प्रखंड विकास पदाधिकारी एवं उप विकास आयुक्त के हस्ताक्षर नहीं है।

श्री सुमन के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, इनके लिखित अभिकथन एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की सम्यक्‌ समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री सुमन द्वारा घुटो साव को अवैध रूप से इंदिरा आवास उपलब्ध कराये जाने के संबंध में उनके द्वारा प्रमाणित आरोपों के लिए संभावना पर आधारित उार दिया गया है। उल्लेखनीय है कि ग्रामीण विकास विभााग, बिहार, पटना के पत्रांक 13635 दिनांक 09.12.2006 के संगत प्रावधानों के तहत पंचायतवार प्रतीक्षा सूची को जिला पदाधिकारी द्वारा प्राधि—त सरकारी सेवक की उपस्थिति में पंचायत की ग्राम सभा से अनुमोदित कराये जाने के उपरान्त आवास का आवंटन किया जाना है। जबकि श्री सुमन द्वारा प्रतीक्षा सूची जिसपर उप विकास आयुक्त एवं अन्य के हस्ताक्षरयुक्त प्रतीक्षा सूची की मांग किया जाना कहीं से भी उचित प्रतीत नहीं होता है। संचालन पदाधिकारी का भी कहना है कि श्री सुमन के विभागीय प्रावधानों का पालन नहीं किया गया एवं अपने निजी हित को ध्यान में रखकर स्थायी प्रतीक्षा सूची के लाभार्थियों को इंदिरा आवास का लाभ नहीं दिया गया। इसके आलोक में ही संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप को पूर्णतः प्रतिवेदित किया गया है। श्री सुमन का यह —त्य आचार नियमावली, 1976 के नियम-3(1) के संगत प्रावधानों के प्रतिकूल है। वर्णित तथ्यो के आलोक में प्रतिवेदित आरोपों की गंभीरता एवं संचालन पदाधिकारी के मंतव्य के आलोक में श्री सुमन के लिखित अभिकथन को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 में अंकित (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2010-11) एवं (ii) असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक का दण्ड अधिरोपित किये जाने का निर्णय लिया गया।

अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री देवेन्द्र सुमन (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1117/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, सिकन्दरा, जमुई सम्प्रति संयुक्त निदेशक, नगरपालिका स्वच्छता एवं विकास निदेशालय, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 में अंकित निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-

(i) निन्दन (आरोप वर्ष 2010-11) (ii) असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक।53 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति के साथ सभी संबंधित पदाधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ भेज दी जाए।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/नि0था0-11-07/2017-सा0प्र0-18714

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18 अक्तूबर 2022

श्री देवेन्द्र कुमार दर्द (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1103/11, तत्कालीन जिला आपूर्ति पदाधिकारी, भागलपुर के विरूद्ध निम्नलिखित आरोप है :-

1. पुलिस अधीक्षक, निगरानी विभाग (अन्वेषण ब्यूरो), बिहार, पटना के ज्ञापांक 3346 दिनांक 22.11.2017 द्वारा श्री देवेन्द्र कुमार दर्द (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1103/11, तत्कालीन जिला आपूर्ति पदाधिकारी, भागलपुर के विरूद्ध 77,85,546/-(सत्हार लाख पचासी हजार पाँच सौ छियालिस) रूपये के आय से अधिक सम्पत्ति के आरोप में निगरानी थाना कांड संख्या 082/17 दिनांक 31.10.2017 धारा-13(2)सह-पठित धारा-13(1)(ई) भ्र0नि0अधि0, 1988 दर्ज है।

2. श्री दर्द के तत्कालीन पदस्थापन अवधि तक उनके आय एवं व्यय की गणना के अनुसार उनकी कुल सम्पाि 1,91,07,546/-रू0 आंकी गयी है। श्री दर्द द्वारा अर्जित की गई कुल राशि (1,91,07,546/-रू0) में से उनकी अनुमानित बचत 1,13,22,000/-रू0 है। इस प्रकार श्री दर्द की कुल सम्पाि में उनके ज्ञात वैध स्रोतों से कुल 77,85,546/-(सत्हार लाख पचासी हजार पाँच सौ छियालिस) रू0 की अधिक सम्पाि पाई गई है।

3. श्री दर्द द्वारा समर्पित वर्ष 2016-17 की सम्पाि विवरणी में अपने एवं अपनी पत्नी के नाम से खरीदी गई अचल सम्पाि का पूर्ण विवरण नहीं दिया गया है, जो नजायज एवं अवैध रूप से अर्जित सम्पाि को छुपाने की मंशा से प्रेरित है। श्री दर्द के विरूद्ध आय से अधिक सम्पत्ति के आरोप के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16459 दिनांक 26.12.2017 द्वारा तात्कालिक प्रभाव से निलंबित किया गया। निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से प्राप्त पत्र एवं संचिका में उपलब्ध कागजातों के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र गठित कर अनुशासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। प्रतिवेदित आरोपों पर विभागीय पत्रांक 4329 दिनांक 03.04.2018 द्वारा श्री दर्द का स्पष्टीकरण की मांग की गयी एवं स्मारित किये जाने के बावजूद श्री दर्द द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित नहीं किया गया। उक्त के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2601 दिनांक 25. 02.2019 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें मुख्य जाँच आयुक्त को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

निगरानी न्यायालय द्वारा दिनांक 24.02.2021 को पारित आदेश एवं निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से प्राप्त प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5091 दिनांक 22.04.2021 द्वारा निलंबन मुक्त किया गया।

मुख्य जाँच आयुक्त कार्यालय के पत्रांक 197 दिनांक 28.03.2022 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें आरोपों को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

श्री दर्द के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप के आलोक में संचालन पदाधिकारी के मंतव्य की समीक्षा की गयी। आरोप संख्या-01 एवं 02 जो सीधे-सीधे निगरानी द्वारा दर्ज आय से अधिक सम्पाि से संबंधित है, को निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के अंतिम जाँच प्रतिवेदन (साक्ष्य की कमी) के आधार पर निगरानी अन्वेषण ब्यूरो के विशेष न्यायालय द्वारा श्री दर्द के विरूद्ध दर्ज कांड से संबंधित वाद को समाप्त किया जा चुका है। इसके आधार पर संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप संख्या-01 एवं 02 को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया है।

आरोप संख्या-03 के संबंध में संचालन पदाधिकारी का मंतव्य है कि आरोपित पदाधिकारी ने यह भी समर्पित किया कि बिहार सरकारी सेवक (आचार) नियमावी, 1976 के संदर्भ में मेमो नंबर-3/आर0आई0-108/76ए-21734 दिनांक 15.11. 1976 के अनुसार सरकारी सेवक के परिवार का कोई सदस्य यदि निजी स्त्रोत या विरासत में कोई सम्पत्ति अर्जित करता है, तो इस तरह अर्जित की गयी सम्पत्ति पर बिहार सरकारी सेवक (आचार) नियमावली, 1976 के नियम-19 के उप नियम-02 एवं 03 लागू नहीं होंगे और नियम-19 के अधीन दिये जाने वाले सम्पत्ति संबंधी रिपोर्ट में भी इस तरह की सम्पत्ति का उल्लेख करना आवश्यक नहीं है। प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी ने इस संबंध में कुछ भी समर्पित नहीं किया। आरोपित पदाधिकारी ने अपना या अपनी पत्नी की सम्पत्तियों का पूर्ण विवरण 2016-17 के लिये समर्पित सम्पत्ति विवरणी में किया है और यह भी समर्पित किया कि उनकी पत्नी निजी स्त्रोत एवं विरासत से सम्पत्ति अर्जित की है, इसलिए बिहार सरकारी सेवक (आचार) नियमावली, 1976 के नियम-19 के उप नियम-02 एवं 03 लागू नहीं होंगे। आरोपित पदाधिकारी ने भी जो तर्क दिये हैं और जिस सरकारी पत्र का जिक्र किया है, उसके अनुसार आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध यह आरोप प्रमाणित प्रतीत नहीं होता है।

प्रतिवेदित आरोप के आलोक में संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त प्राप्त जाँच प्रतिवेदन पर अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा असहमति व्यक्त की गयी :-

''बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-19(1)(क) एवं उक्त नियमावली के तहत सामान्य प्रशासन विभाग के पत्रांक 946 दिनांक 24.01.2011 द्वारा राज्य सरकार के सभी पदाधिकारी/कर्मियों को विहित प्रपत्र में चल एवं अचल सम्पाि तथा दायित्वों की विवरणी प्रत्येक वर्ष के फरवरी माह तक सार्वजनिक किये जाने का आदेश दिया गया है। उपस्थापित मामले में संचालन पदाधिकारी महोदय द्वारा आरोपी के कथन को उल्लेखित करते हुए आरोप को प्रमाणित प्रतीत54 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 नहीं होता बताया गया है। आरोपी पदाधिकारी का कहना है कि वे अपना या अपनी पत्नी की सम्पत्तियों का पूर्ण विवरण 2016-17 के लिये समर्पित सम्पत्ति विवरणी में किया है और उनकी पत्नी जो सम्पाि निजी स्त्रोत एवं विरासत से अर्जित की है, उसका ब्योरा उसमें नहीं दिया गया है।

इस प्रकार श्री दर्द द्वारा वर्ष 2016-17 में अपनी पत्नी के नाम पर आय से कम सम्पाि का उल्लेख किया गया है एवं शेष सम्पाि के संबंध में उनकी निजी अर्जित सम्पाि बताया गया है। अगर श्री दर्द की पत्नी के सम्पाि का निजी स्त्रोत है तो फिर उनके सम्पाि ब्योरा में रू0 3,92,000/- की जमा राशि एवं अन्य सम्पाि दर्शाया जाना उनके गलत मंशा को दर्शाता है। इस संबंध में संचालन पदाधिकारी द्वारा स्पष्ट मंतव्य नहीं दिया गया है। उनके द्वारा केवल श्री दर्द के तर्क के आधार पर आरोप को प्रमाणित प्रतीत नहीं होता है, बताया जाना तर्क संगत प्रतीत नहीं होता है।''

असहमति के बिन्दु पर विभागीय पत्रांक 9415 दिनांक 10.06.2022 द्वारा श्री दर्द से लिखित अभिकथन की मांग की गयी। श्री दर्द के पत्रांक-मं0स0 (उप सचिव को0)-03 दिनांक 22.06.2022 द्वारा लिखित अभिकथन समर्पित किया गया, जिसमें श्री दर्द द्वारा कहा गया है कि :-

''मुख्य जाँच आयुक्त, सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 197 दिनांक 28.03.2022 के द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही संख्या 07/2019 में आरोपवार अंतिम निष्कर्ष समर्पित किया गया है, जिसमें इनके विरूद्ध किसी भी स्तर पर आरोप प्रमाणित नहीं पाये गये है।

परन्तु प्रासंगिक पत्र में आरोप संख्या-3 की समीक्षोपरान्त उद्‌धृत की गयी है कि ''वर्ष 2016-17 की सम्पति विवरणी में इनकी पत्नी के नाम से आय से कम सम्पति का उल्लेख किया गया है, एवं शेष सम्पति के संबंध में इनकी पत्नी की निजी अर्जित सम्पति बतलाया गया है, इसका आधार स्पष्ट नहीं किया गया है,''

इस संदर्भ में को कहना है कि इनकी पत्नी प्रारम्भ से ही व्यवसायिक क्रियाकलाप एवं जमीन की खरीद-बिक्री से जूड़ी रहकर स्वतंत्र रूप से आय का श्रोत विकसित की हैं। प्रारम्भिक गोपनीय जाँच में अचल सम्पति/जमीन से संबंधित जो भी दस्तावेज दर्शायी गयी है, वह सभी इनकी पत्नी का व्यवसाय से संबंधित खरीद-बिक्री का दस्तावेज है। जहाँ तक समर्पित वर्ष 2016-17 में इनकी पत्नी के नाम से मात्र दो जमीन शेष बचे हुए थे, जिसका बिक्री से संबंधित निबंधन का निष्पादन नहीं की गयी थी, यथा-

(i) मौजा रामपुर में 59 डी0 जमीन- जिसे वर्ष 2016-17 की सम्पति विवरणी में दर्शाया गया है। (ii) गया में 16 कट्‌ठा जमीन- जिसे सम्पति विवरणी में दर्शाया गया है। शेष अन्य जमीन इनकी पत्नी के द्वारा अपने व्यवसायिक क्रियाकलाप के क्रम में पूर्व में ही बिक्री की जा चूकी है, ऐसी स्थिति में विक्रय की जा चुकी जमीन को सम्पति विवरणी में दर्शाये जाने का कोई औचित्य नहीं है। इस प्रकार इनकी पत्नी के नाम से आय से कम सम्पति उल्लेखित किये जाने का आरोप निराधार है। प्रश्नगत जमीन स्थावन सम्पति नहीं है, यह इनकी पत्नी के व्यवसाय से संबंधित क्रय-विक्रय की जमीन है, जो इनकी पत्नी का निजी श्रोत से अर्जित सम्पति है। वैसे निजी श्रोत से अर्जित सम्पति के संदर्भ में बिहार सरकारी सेवक (आचार) नियमावली, 1976 में राज्य सरकार का निर्णय में यह भी स्पष्ट किया गया है कि-''सरकारी सेवक के परिवार का कोई सदस्य यदि निजी श्रोत से कोई सम्पति अर्जित करता है तो सम्पति संबंधी रिपोर्ट में इस तरह की सम्पति का उल्लेख करना आवश्यक नहीं है।'' इनकी पत्नी का निजी श्रोत से अर्जित सम्पति का आधार स्पष्ट किये जाने के संदर्भ में कहना है कि इनकी पत्नी Income Tax Assessee हैं, इनकी पत्नी के द्वारा अपने व्यवसायिक क्रियाकलाप एवं जमीन की खरीद-बिक्री के क्रम में अद्‌यतन वर्ष वार Income Tax Return File करती रही हैं, साक्ष्य स्वरूप विस्तृत ब्योरा के साथ Assessment Year 2010-11 से अद्‌यतन चेक अवधि तक का इनकी पत्नी के द्वारा समर्पित Income Tax Return संलग्न किया जा रहा है। उपरोक्त वर्णित परिप्रेक्ष्य में आरोप पूर्णतः निराधार है।''

प्रतिवेदित आरोप एवं जाँच प्रतिवेदन के असहमति के बिन्दु पर श्री दर्द से प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि -

श्री दर्द के विरूद्ध मुख्यतः 77,85,546/-(सत्हार लाख पचासी हजार पाँच सौ छियालिस) रूपये के आय से अधिक सम्पत्ति का आरोप प्रतिवेदित है। उल्लेखनीय है कि श्री देवेन्द्र कुमार दर्द द्वारा वर्ष 2016-17 की उद्‌घोषित सम्पति विवरणी में अपने एवं अपने पत्नी के नाम से खरीदे गये जमीनों का पूर्ण विवरण नजायज एवं अवैध रूप से अर्जित सम्पत्ति को छुपाने के उद्येश्य से घोषित नहीं किये गये हैं। श्री दर्द के द्वारा अपने बचाव में निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के अंतिम प्रतिवेदन को आधार बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि अपराधिक कार्रवाई एवं अनुशासनिक कार्रवाई अलग-अलग मामला है एवं अपराधिक मामले के फलाफल के आधार पर अनुशासनिक कार्रवाई का निर्णय नहीं किया जा सकता है।

श्री दर्द का ये कहना कि निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, पटना द्वारा आय से अधिक पाया गया सम्पत्ति पत्नी के द्वारा अर्जित किया गया है एवं चुंकि उनकी पत्नी के द्वारा अर्जित की गयी सम्पत्ति वर्ष 2016-17 के पहले की थी, इसलिए उनके द्वारा 2016-17 के सम्पत्ति ब्यौरा में उसे उद्‌घोषित नहीं किया गया है। वर्ष 2016-17 में पत्नी के नाम से मात्र दो जमीन शेष बचे हुए थे, जिसका बिक्री से संबंधित निबंधन का निष्पादन नहीं की गयी, यथा मौजा रामपुर में 59 डी0 जमीन एवं गया में 16 कट्‌ठा जमीन जिसे वर्ष 2016-17 की सम्पत्ति विवरणी में दर्शाया गया है। शेष अन्य जमीन पत्नी के द्वारा अपने व्यवसायिक क्रियाकलाप के क्रम में पूर्व में ही बिक्री की जा चूकी है, ऐसी स्थिति में विक्रय की जा चुकी जमीन को सम्पत्ति विवरणी में दर्शाये जाने का कोई औचित्य नहीं है। श्री दर्द का साथ में यह भी कहना है कि बिहार सरकारी आचार नियमावली, 1976 के नियम-19 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ पत्नी के निजी स्रोत एवं विरासत से अर्जित सम्पत्ति का उल्लेख नहीं किया जाना है। श्री दर्द का यह कथन पूर्णतया विरोधाभाषी है।55 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 यदि श्री दर्द के द्वारा वित्तीय वर्ष 2016-17 के सम्पत्ति विवरणी में पत्नी के नाम पर सम्पत्ति का पूर्ण ब्योरा अंकित किया गया है, तो उनके द्वारा अब ये कहना कि वर्ष 2016-17 के पूर्व की राशि का सम्पति ब्योरा में दर्ज नहीं किया गया है एवं साथ में उनके द्वारा आचार नियमावली का हवाला देकर पत्नी के सम्पति ब्यौरा का उनके सम्पत्ति ब्यौरा के साथ अंकित किया जाना नहीं आवश्यक है, कहना कहीं से भी न्यायसंगत नहीं है। जब श्री दर्द के द्वारा पत्नी के नाम पर सम्पति ब्यौरा का उद्‌घोषणा किया गया है, तो उन्हें कुल सम्पत्ति का भी उद्‌घोषणा किया जाना चाहिए था। विदित हो कि बिहार आचार नियमावली, 1976 के तहत्‌ सरकारी सेवक को आस्ति एवं दायित्वों (Assets and Labilities) का पूर्ण विवरण दिया जाना अनिवार्य रूप से आवश्यक है। इसके तहत्‌ सभी सरकारी सेवक को चल एवं अचल सम्पत्ति का ब्यौरा दिया जाना है। श्री दर्द द्वारा वर्ष 2016-17 में पत्नी के द्वारा बिक्रय किये गये सम्पत्ति का ब्यौरा दिया गया तो उसके पूर्व के बिक्री से प्राप्त आय का ब्यौरा भी दिया जाना चाहिए था। इससे स्पष्ट होता है कि श्री दर्द द्वारा भ्रष्ट एवं नजायज तरीके से अर्जित सम्पत्ति को छुपाने के उद्येश्य से सम्पत्ति विवरणी में पूर्ण सम्पत्ति को उद्‌घोषित नहीं किया गया है।

स्पष्टतया श्री दर्द के द्वारा आय से अधिक सम्पाि के संबंध में विरोधाभाषी तथ्यों का उल्लेख किया जाना उनके गलत मंशा को दर्शाता है। श्री दर्द द्वारा बिहार आचार नियमावली, 1976 के संगत प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है, जो एक सरकारी सेवक के र्काव्यहीनता एवं स्वेच्छाचारित का द्योतक है।

वर्णित तथ्यों के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री दर्द के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, इनके बचाव अभ्यावेदन एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की सम्यक्‌ समीक्षोपरान्त श्री दर्द के लिखित अभिकथन को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 में अंकित निम्नलिखित दण्ड अधिरोपित करने का शास्ति विनिश्चय किया गया :-

(i) संचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक। श्री दर्द के विरूद्ध विनिश्चित वृहत दंड पर विभागीय पत्रांक 14901 दिनांक 25.08.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना से परामर्श/सहमति की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 2438/लो0से0आ0 दिनांक 27.09.2022 द्वारा विनिश्चित दंड पर परामर्श/सहमति व्यक्त की गयी, जिसमें आयोग का कहना है कि :-

''आरोपित पदाधिकारी के द्वितीय कारन-पृच्छा के आलोक में प्रस्तुत प्रत्युार एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के विभागीय स्तर पर सम्यक समीक्षोपरान्त आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध ''02 (दो) वेतनवृद्धि पर संचयात्मक प्रभाव से रोक'' का निर्णय लिय गया, जिसपर माननीय मुख्य (सा0प्र0) मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।

उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में सम्यक्‌ विचारोपरान्त आयोग विभागीय दण्ड प्रस्ताव से सहमति व्यक्त करता है।''

अतः श्री देवेन्द्र कुमार दर्द (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1103/11, तत्कालीन जिला आपूर्ति पदाधिकारी, भागलपुर सम्प्रति उप सचिव, मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग, बिहार, पटना द्वारा समर्पित बचाव अभ्यावेदन को अस्वीकार करते हुए एवं बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त परामर्श से सहमत होते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 में अंकित निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित किया जाता है :-

(i) संचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक।

आदेष :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति के साथ सभी संबंधित पदाधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ भेज दी जाए।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/सी-03-30207/1999-सा0प्र0-19654

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7 नवम्बर 2022

श्री आशुतोष सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 740/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, सिरदला, नवादा के विरूद्ध इंदिरा आवास योजनाओं के लाभुकों से प्रति लाभुक रूपये 800.00 से 1500.00 तक रिश्वत लेने, सरकारी कार्य में बाधा डालने एवं जाँच हेतु अभिलेख उपस्थापित नहीं करने, इंदिरा आवास की स्वी—ति में गरीबों की उपेक्षा कर समृद्ध लोगों को इसका लाभ पहुँचाने एवं इंदिरा आवास योजना के लाभुकों से अवैध राशि की वसूली करने संबंधी आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 12685 दिनांक 19.09.2016 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही में आयुक्त, मगध प्रमंडल, गया से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के निष्कर्ष से असहमत होते हुए असहमति के बिन्दु पर श्री सिंह से प्राप्त अभ्यावेदन की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षा की गयी।

समीक्षा में पाया गया कि श्री सिंह ने अपने विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही के मूल में तत्कालीन स0वि0स0, रजौली द्वारा उनके मनमाफिक काम नहीं किये जाने के फलस्वरूप दाखिल किये गये परिवाद को बताया है, परन्तु स्वयं श्री सिंह द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण में श्री बालेश्वर भुईयाँ, बी0सी0सी0एल0 कर्मी एवं श्री मिश्री पासवान, जनवितरण बिक्रेता की पत्नी को इंदिरा आवास स्वी—त होने को स्वीकार किया है। साथ ही उन्होंने यह स्पष्ट किया है कि इस प्रकार की गलती जैसे ही उनके प्रकाश में आयी इन्होंने लिये गये अग्रिम की वसूली की कार्रवाई की है। इसके अतिरिक्त अंचल कार्यालय में इंदिरा आवास के लाभूकों को कैम्प के माध्यम से इंदिरा आवास के किस्तों की राशि भुगतान करने संबंधी मामला प्रकाश में आने पर तत्कालीन जिला पदाधिकारी द्वारा दिये गये मौखिक निदेश पर इन्होंने जाँच कर मामले को सही पाने तथा रोकी56 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 गयी राशि को लाभूक को उपलब्ध कराने तथा साथ ही अंचल नाजिर श्री गोवर्धन प्रसाद, श्री रामपाल सिंह, प्रभारी लिपिक एवं श्री अच्युतानंद प्रसाद, राजस्व कर्मचारी के विरूद्ध Criminal Breach of Trust के मामले में प्राथमिकी संख्या 111/98 दर्ज कराने की बात कही है, परन्तु इस प्रकरण से यह भी स्पष्ट परिलक्षित होता है कि श्री सिंह अपने कार्यालय पर पूर्ण प्रशासनिक नियंत्रण रखने में असफल रहे एवं जिला पदाधिकारी के निदेश के बाद इनके द्वारा अपेक्षित कार्रवाई की गयी।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिंह के अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए लिए गये निर्णय के आलोक में इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत्‌ विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3106 दिनांक 05.03.2021 द्वारा ''असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक'' शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित किया गया।

संसूचित दंडादेश के विरूद्ध श्री सिंह द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक 15.09.2022 समर्पित किया गया, जिसमें इनका कहना है कि इनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी द्वारा सभी आरोपों को अप्रमाणित पाया गया है। इनके स्पष्टीकरण पर जिला पदाधिकारी, नवादा द्वारा सहमति व्यक्त करते हुए आरोप मुक्त किये जाने पर विचार हेतु कहा गया है। श्री बालेश्वर, भुईयाँ, बी0सी0सी0एल0 कर्मी को इंदिरा आवास स्वी—त करने हेतु स्थलीय निरीक्षण के क्रम में ग्रामीणों द्वारा यह जानकारी उपलब्ध नहीं करायी गयी कि श्री भुईयाँ, बी0सी0सी0एल0 कर्मी हैं। श्री मिश्री पासवान, जनवितरण विक्रेता की पत्नी को इंदिरा आवास स्वी—त करने के संबंध में उपस्थापन पदाधिकारी द्वारा कोई साक्ष्य उपलब्ध नहीं कराया गया और इस संबंध में उनके जानकारी में आवंटन के संबंध में स्पष्ट नहीं है। घटना वर्ष 1998 में वे परीक्ष्यमान अवधि के बाद प्रथम पदस्थापन रहने के कारण उन्हें विभिन्न प्रकार के योजना को कार्यान्वयन का भी अनुभव नहीं था। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, निर्गत दंडादेश एवं इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि इनके द्वारा ऐसा कोई तथ्य अंकित नहीं किया गया, जिसके आधार पर इन्हें आरोप से मुक्त किया जा सके।

वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री सिंह से प्राप्त पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3106 दिनांक 05.03.2021 द्वारा ''असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक'' के दंड को पूर्ववत बरकरार रखने का निर्णय लिया गया।

अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री आशुतोष सिंह (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 740/11, तत्कालीन अंचलाधिकारी, सिरदला, नवादा सम्प्रति उप सचिव, आपदा प्रबंधन प्राधिकार, बिहार, पटना द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 3106 दिनांक 05.03.2021 द्वारा ''असंचयात्मक प्रभाव से दो वेतनवृद्धि पर रोक'' के दंड को पूर्वव्‌त बरकरार रखा जाता है। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति के साथ सभी संबंधित पदाधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ भेज दी जाए।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 2/आरोप-01-34/2014-सा0प्र0-19211

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26 अक्तूबर 2022

श्री अभिनय भास्कर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1209/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंलचाधिकारी, छातापुर (सुपौल) के विरूद्ध महालेखाकार (लेखा परीक्षा), बिहार, पटना द्वारा प्रखंड एवं अंचल कार्यालय छातापुर (सुपौल) के लेखा का अंकेक्षण दिनांक 09.04.2014 से 15.04.2014 तक किया गया। अंकेक्षण के उपरान्त महालेखाकार (लेखा परीक्षा) के पत्रांक-एलए/ एसएस-1/रिर्पोट/आईएवाइ/82/258 दिनांक 28.04.2014 द्वारा समर्पित प्रतिवेदन में श्री भास्कर के विरूद्ध वित्तीय अनियमितता संबंधी निम्नांकित आरोप प्रतिवेदित किया गया है :-

(i) श्री भास्कर द्वारा अंचल कार्यालय के खाता (एस0बी0 2245, एस0बी0आई0, छातापुर) से रू0 पाँच करोड़ की निकासी करके एवं इस राशि को अग्रिम के रूप में अपने नाम से अपने खाता में रखा गया तथा अग्रिम लेजर में रू0 पाँच करोड़ का समायोजन किया गया, जबकि रू0 एक करोड़ का समायोजन पाँच साल से अधिक की अवधि तक लंबित रखा गया।

(ii) श्री भास्कर द्वारा राशि रू0 पाँच करोड़ की अग्रिम की स्वी—ति अपने पक्ष में बिना किसी प्रयोजन के की गयी और अव्यवहृत राशि रू0 3,55,51,001/- में से रू0 3,49,50,000/- चार महीने के बाद एवं रू0 6,01,000/- दो महीने के बाद व्यक्तिगत चेक के द्वारा वापस किया गया।

(iii) बाढ़ राहत कार्य से संबंधित व्यय का विकलन आपदा प्रबंधन खाता (खाता सं0-2245) से किया जाना था, परन्तु इनकेे द्वारा इस कार्य हेतु प्रखंड कार्यालय के इंदिरा आवास योजना खाता से रू0 एक करोड़ को विचलित किया गया। (iv) श्री भास्कर द्वारा एमजीएनआरईजीएस (पीओ,पीआरएस) के संविदा पर नियुक्त कर्मियों को रिलिफ भुगतान कार्य में लगाया गया एवं उक्त कर्मियों को राशि का भुगतान बियरर चेक से किया गया, किन्तु राशि की उपयोगिता का अनुश्रवण नहीं किया गया।57 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 (v) बाढ़ पीड़ितों को भुगतान हेतु दिनांक 07.01.2009 से 09.02.2009 के बीच तीन बैंक खातों से कुल रू016,57,38,000/- का भुगतान प्रोग्राम पदाधिकारी/पीआरएस (एमजीएनआरईजीएस), शिक्षक और अन्य कर्मियों को करने का उल्लेख अंचल कार्यालय के रोकड़ पंजी तथा बैंक पंजी में अंकित है, परन्तु अंकेक्षण के समय उक्त राशि के समायोजन से संबंधित अभिश्रव प्रस्तुत नहीं किया गया।

(vi) श्री भास्कर द्वारा श्री सुनील कुमार, पीटीए (एमजीएनआरईजीएस) को चेक संख्या 57822776 दिनांक 19.01. 2009 के द्वारा रू0 पचास लाख का भुगतान बाढ़ पीड़ितों के राहत कार्य हेतु किया गया। उक्त भुगतान इंदिरा आवास योजना के लिए संधारित एसबी खाता संख्या 3454 (बीओआइ, भीमपुर) से किया गया, किन्तु उक्त राशि की प्रविष्टि रोकड़ पंजी, चेक निर्गत पंजी एवं अग्रिम पंजी में नहीं किया गया।

श्री भास्कर द्वारा श्री हमेन्द्र कुमार वर्मा, एकाउन्टेंट (एमजीएनआरईजीएस) को चेक संख्या 578227767 दिनांक 24.

01.2009 के द्वारा रू0 पचास लाख का भुगतान बाढ़ पीड़ितों के राहत कार्य हेतु किया गया। उक्त भुगतान इंदिरा आवास योजना के लिए संधारित एसबी खाता संख्या 3454 (बीओआइ, भीमपुर) से किया गया, किन्तु उक्त राशि की प्रविष्टि रोकड़ पंजी, चेक निर्गत पंजी एवं अग्रिम पंजी में नहीं किया गया ।

(vii) अंचल के खाता से श्री एस0 एन0 राम, नाजिर के द्वारा सेल्फ चेक के माध्यम से कुल रू0 31,00,000/- की राशि की निकासी की गयी। उक्त राशि नाजिर द्वारा सिंगल लॉक में रखा जाना था लेकिन सिंगल लॉक पंजी में इसका संधारण नहीं पाया गया और राशि के उपयोगिता के समर्थन में अभिश्रव अंकेक्षक को नहीं दिखलाया गया।

(viii) श्री भास्कर द्वारा हड़ताल अवधि में कुल राशि रू0 10.51 करोड़ का भुगतान अग्रिम के रूप में अंचल कार्यालय के आपदा प्रबंधन खाता से बाढ़ पीड़ितों के भुगतान के लिए पीओ/ पीआरएस/जेई को किया गया, किन्तु अग्रिम पंजी में उन व्यक्तियों, जिन्हें इस अग्रिम का भुगतान किया गया, के नाम के बदले उन व्यक्तियों का नाम अंकित पाया गया, जिसे अग्रिम प्राप्तकर्ता के द्वारा राशि का भुगतान किया गया।

(ix) अंचल कार्यालय के रोकड़पाल (नाजिर), के द्वारा चेक बुक रिसिट और निर्गत पंजी का संधारण नहीं किया गया। हड़ताल अवधि में आपके द्वारा चेक बुक (चेक सं0 57822776 से 5782800) बैंक से प्राप्त किया गया, किन्तु चेक रिसिट पंजी का संधारण नहीं किया गया।

(x) अग्रिम पंजी तथा श्री हमेन्द्र कुमार वर्मा, जो हड़ताल अवधि में नाजिर का कार्य कर रहे थे, के कथन से स्पष्ट होता है कि हड़ताल अवधि में बाढ़ पीड़ितों के बीच वितरण हेतु प्राप्त राशि में से प्राप्तकर्त्ताओं द्वारा वापस की गयी कुल रू0 9,33,832/- श्री एस0एन0 राम, नाजिर द्वारा श्री हमेन्द्र कुमार वर्मा के माध्यम से प्राप्त किया गया। परन्तु श्री राम द्वारा उक्त राशि में से मात्र रू0 5,39,400/- सर्किल खाता में जमा किया गया तथा शेष राशि रू0 3,94,432/- विगत पाँच वर्षो से श्री एस0 एन0 राम के पास ही रहा।

(xi) चेक सं0-520204 दिनांक 10.01.09 श्री अब्दुल गफूर, पी0ओ0 के नाम से बाढ़ पीड़ितों के भुगतान हेतु निर्गत किया गया, किन्तु रिकॉर्ड के अवलोकन से यह स्पष्ट हुआ कि उक्त राशि आपको हस्तगत करा दिया गया।

(xii) श्री भास्कर द्वारा रिलिफ भुगतान के लिए एमजीएनआरईजीएस (पीओ,पीआरएस) के संविदा पर नियुक्त कर्मियों और प्रखंड के जेई को लगाया गया और कुल रू0 12,50,50,000/- का भुगतान दिनांक 10.01.09 से 20.01.09 के बीच उन्हें किया गया जिसमें से रू0 11,50,50,000/- की ही प्रविष्टि रोकड़ पंजी और बैंक पंजी में की गई।

उपर्युक्त अग्रिम के विरूद्ध सामायोजन अभिश्रव को रिव्यू टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया, किन्तु रू0 13,46,69,840/- के समायोजन अग्रिम पंजी में पाया गया। इस प्रकार रू0 96,19,840/- अधिक राशि का समायोजन अग्रिम पंजी में पाया गया।

श्री भास्कर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 1609 दिनांक 02.02.2016 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, कोशी प्रमंडल, सहरसा को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। आयुक्त, कोशी प्रमंडल, सहरसा का पत्रांक 1354/स्था0 दिनांक 30.10.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। उक्त जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री भास्कर के विरूद्ध आरोप संख्या-01, 04, 06, 12 को अंशतः प्रमाणित एवं आरोप संख्या-02, 05, 07, 08, 10 को अप्रमाणित तथा आरोप संख्या-03, 09, 11, 13 को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्रांक 14267 दिनांक 01.12.2021 द्वारा श्री भास्कर से बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी, जिसके आलोक में श्री भास्कर द्वारा बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया। श्री भास्कर द्वारा अंशतः प्रमाणित एवं प्रमाणित आरोपों के संदर्भ में आरोपवार समर्पित बचाव अभ्यावेदन निम्नलिखित है-

आरोप सं0-01 :- खाते से प्रतिनियुक्त प्रोग्राम पदाधिकारी मनरेगा, सुपौल, अब्दुल गफुर अंसारी द्वारा आहरित राशि अंचल नजारत के वैकल्पिक नाजिर श्री हेमेन्द्र कुमार वर्मा को सौंपते हुए प्राप्ति रसीद प्राप्त किया गया। तत्कालीन प्रोग्राम ऑफिसर, छातापुर एवं श्री हेमेन्द्र कुमार वर्मा, लेखापाल सहित अन्य द्वारा जिला पदाधिकारी सुपौल को सौंपे गए पत्र में भी आहरित राशि को प्राप्त करना स्वीकार किया गया है। इसी राशि को अग्रिम पंजी में हस्तांतरित राशि के रूप में दर्ज किया गया है। वित्त (अंकेक्षण) विभाग के विशेष अंकेक्षण प्रतिवेदन 23/18-19 के कंडिका-15(ग) में भी इस राशि की निकासी अब्दुल गफुर अंसारी द्वारा किए जाने तथा लाभुकों के वितरण हेतु अग्रिम धारकों को देने की बात दर्ज है। इस प्रकार न तो58 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 इनके द्वारा सरकारी राशि निजी खाते में रखा गया और न हीं इनके ऊपर कोई बकाया लंबित है। अतः आरोप पूर्णतः निराधार एवं साक्ष्य के आधार पर अप्रमाणित है।

आरोप सं0-02 :- आपदा के समय सर्वोच्च प्राथमिकता आपदा पीड़ितों को तत्काल राहत पहुँचाना होता है। इसके लिए सुविधानुसार किसी भी राशि का उपयोग करने एवं आपदा प्रबंधन विभाग से निधि प्राप्त होने पर Adjust करने की प्रचलित परंपरा है। माननीय मुख्यमंत्री जी एवं उच्चाधिकारियों द्वारा भी तत्‌संबंधी निर्देश बैठकों अथवा दूरभाष के माध्यम से दिया जाता रहा है। अंचल के आपदा शीर्ष के खाते में एवं नाथपुर स्थित भारतीय स्टेट बैंक खाते में राशि अवष्य उपलब्ध था परन्तु अंचल के पश्चिमी भाग एवं दक्षिणी भाग में स्थित पंचायतों में राशि की उपलब्धता इन खातों के माध्यम से नहीं किया जा पा रहा था। जलमग्न होने के कारण उत्तरी एवं पूर्वी भाग में स्थित बैंकों से आहरित राशि का परिवहन इन पंचायतों तक किया जाना संभव ही नहीं था। तत्कालीन अनुमण्डल पदाधिकारी, त्रिवेणीगंज एवं जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा बैंक ऑफ इंडिया के उच्चाधिकारियों से वार्ता कर राशि की उपलब्धता सुनिश्चित करवाई गयी थी और बैंक ऑफ इंडिया स्थित इंदिरा आवास के खाते में उपलब्ध राशि का उपयोग करने हेतु निदेशित किया गया। तत्कालीन परिस्थिति के अनुकूल निदेशानुसार इंदिरा आवास के खाते से राशि की निकासी कर राहत वितरण कार्य में उपयोग किया गया। निकासी की गई राशि का समायोजन अंचल के आपदा प्रबंधन के खाते से कर दिया जाता।

जहाँ तक पंजियों के संधारण का प्रश्न है ज्ञातव्य हो कि ये सभी कार्य अराजपत्रित कर्मियों के हड़ताल के दौरान किये जा रहे थे। वैकल्पिक व्यवस्था के तहत मनरेगा कर्मियों से कार्य लिया जा रहा था। हड़ताल से वापसी के पश्चात्‌ बोर्ड प्रकीर्ण नियमावली के अनुसार अंचल एवं प्रखण्ड नजारत के पंजियों का विधिवत्‌ संधारण श्री सत्यनारायण राम को करना था जो सम्भवतः कार्य की अधिकता की वजह से त्रुटिपूर्ण रह गया होगा जिसे संज्ञान में आने पर सुधारा जा सकता था। यह किसी प्रकार के वित्तीय अनियमितता के उद्‌देश्य से नहीं किया गया था। अतः आरोप पूर्णतया निराधार है।

आरोप सं0-04, 06, 09 एवं 12 :- चारों आरोप पंजियों के संधारण से संबंधित है। यह सर्वविदित हैं, कि आपदा की घड़ी में वित्तीय नियमों में ढील दी जाती रही है। साथ ही आपदा समाप्ति के पश्चात्‌ पंजियों/अभिलेखों/संचिकाओं का संधारण किया जाता रहा है। जिसके अनगिनत उदाहरण है। प्रयोगिक तौर भी यह संभव नहीं है कि वित्तीय नियमों के अनुरूप पंजियों का संधारण करते हुए बचाव राहत कार्य को चलाया जा सके। आपदा प्रबंधन विभाग भी आपदा समाप्ति के पष्चात्‌ पंजियों/अभिलेखों/संचिकाओं के संधारण हेतु समय देती रही है।

जबकि इनके कार्यकाल में अराजपत्रित कर्मियों के हड़ताल पर चले जाने एवं एक महीना से अधिक हड़ताल अवधि के दौरान किये गए राहत वितरण कार्योसे संबंधित पंजियों/कैश बुक/अभिलेखों का संधारण राहत कार्य चलाते हुए व्यवहारिक तौर पर एक महीने के अंदर नाजीर के लिये संभव नहीं था। हड़ताल से वापसी के बाद वैकल्पिक नाजीर द्वारा सभी दस्तावेज/पंजी/चेक बुक इत्यादि विधिवत संधारण हेतु नियमित नाजीर को सौंप दिया गया। फसल क्षति, भूमि क्षति, पशु क्षति एवं मानव क्षति अनुदान का प्रतिदिन सैकड़ों चेक बनाते हुए पिछले (Backlog) कार्यों को संपादित करने के लिए एक महीना पर्याप्त नहीं था। नियमित नाजीर द्वारा इनके कार्यकाल में हुए राहत वितरण कार्य से संबंधित पंजियों/अभिलेखों/अभिश्रवों का संधारण इनके प्रभार सौंपने तक पूर्ण नहीं किया गया था।

कालान्तर में प्रखण्ड विकास पदाधिकारी-सह-अंचल अधिकारी के अनुरोध पर संधारित दस्तावेज पर हस्ताक्षर हेतु जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा इनकी एक दिन की प्रतिनियुक्ति छातापुर की गई थी।

विभिन्न विभागों एवं अनेक Capacity में कार्य करने के दौरान अनगिनत ऐसे मामले सामने आये हैं जिसमें ऑडिट के Objection का निराकरण कई-कई सालों बाद तक किया गया है। यदि इस मामले में पंजी/रोकड़ बही/चेक पंजी इत्यादि का संधारण विधिवत नहीं किया गया था और ऑडिट द्वारा Objection किया गया था तो इसका निराकरण किया जा सकता था। परन्तु इस केष में Audit Compliance का प्रयास नहीं करते हुए सीधे आरोप गठन कर दिया गया जो न्यायपूर्ण नहीं है। अतः उक्त तथ्यों के आलोक में आरोप संख्या 04, 06, 09 एवं 12 पूर्णतया निराधार एवं अप्रमाणिक है। आरोप सं0-11 :-श्री भास्कर का कहना है कि उनके द्वारा स्पष्टीकरण एवं बचाव बयान में कोई अंतर नहीं है। उनके द्वारा स्पष्ट रूप से अंकित किया गया है कि चेक संख्या 520204 निकासी हेतु श्री अब्दुल गफुर अंसारी, तत्कालीन प्रोगाम पदाधिकारी, सुपौल के नाम से निर्गत किया गया था, जिसे आहरण पश्चात्‌ आहरित राषि मो0 50,000/- (पचास हजार रूपया) अंचल नजारत को सौंप दिया गया। तत्कालीन वैकल्पिक नाजीर, हेमन्त कुमार वर्मा से प्राप्ति रसीद भी उनके द्वारा प्राप्त किया गया। परन्तु श्री कुमार अरूण प्रकाश द्वारा समर्पित गलत प्रतिवेदन एवं जिला पदाधिकारी, सुपौल द्वारा तद्‌आलोक में दोषपूर्ण मंतव्य दिये जाने के प्ररिप्रेक्ष्य में बैंक स्टेटमेन्ट को लगाते हुए उक्त बातें लिखी गई थी। संचालन पदाधिकारी का मंतव्य पूर्णतः निराधार है।

आरोप सं0-13 :- श्री भास्कर का कहना है कि उनके द्वारा अपने कर्त्तव्यों का निर्वहन पूर्ण निष्ठा एवं ईमानदारी से किया जाता रहा है। अपने सेवाकाल में उनके द्वारा कोई ऐसा कार्य नहीं किया है जो सरकारी सेवक के आचरण के विरूद्ध हो।''

श्री भास्कर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, संचालन पदाधिकारी का जाँच प्रतिवेदन एवं इनसे प्राप्त लिखित अभिकथन की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री भास्कर के विरूद्ध निम्नलिखित आरोप प्रमाणित/आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है :-

➢ अंचल कार्यालय के खाता (एस0बी0 2245, एस0बी0आई0, छातापुर) से रू0 पाँच करोड़ की निकासी करके एवं इस राशि का अग्रिम के रूप में श्री भास्कर द्वारा खाता में रखा गया तथा अग्रिम लेजर में रू0 पाँच करोड़ का समायोजन59 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 किया गया, जबकि रू0 एक करोड़ का समायोजन पाँच साल से अधिक की अवधि तक लंबित रखने का आरोप अंशतः प्रमाणित पाया गया है।

➢ बाढ़ राहत कार्य से संबंधित व्यय का विकलन आपदा प्रबंधन (आपदा प्रबंधन खाता संख्या 2245) से किया जाना था, परंतु श्री भास्कर द्वारा इस कार्य हेतु प्रखंड कार्यालय के इन्दिरा आवास योजना खाता से मो0 1,00,00,000/-(एक करोड़) रूपये का विचलन का आरोप प्रमाणित पाया गया है।

➢ एम0जी0एन0आर0ई0जी0एस0 (पी0ओ0पी0आर0एस0) के संविदा पर नियुक्त कर्मियों को रिलीफ भुगतान कार्य में लगाया गया एवं उक्त कर्मियों को राशि का भुगतान कार्य में लगाया गया एवं उक्त कर्मियों को राशि का भुगतान वियरर चेक से किया गया, किन्तु राशि की उपयोगिता का अनुश्रवण नहीं किया गया। यह आरोप आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है। ➢ श्री सुनील कुमार, पी0टी0ए0 (एम0जी0एन0आर0ई0जी0एस0) को चेक संख्या 57822776 दिनांक 19.01.2009 एवं श्री हेमेन्द्र कुमार वर्मा, एकाउन्टेंट (एम0जी0एन0आर0ई0जी0एस0) को चेक संख्या 57822777 दिनांक 24.01.2009 द्वारा रू0 पचास-पचास लाख का भुगतान बाढ़ पीड़ितों के राहत कार्य हेतु किया गया एवं उक्त भुगतान इंदिरा आवास योजना के लिए संधारित एस0बी0 खाता संख्या 3454 (बी0ओ0आई0, भीमपुर) से किया गया, किन्तु उक्त राशि की प्रविष्टि रोकड़ पंजी चेक निर्गत पंजी एवं अग्रिम पंजी में नहीं किया गया। जाँच में इस आरोप को आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है। ➢ अंचल कार्यालय के रोकड़पाल (नाजिर) के द्वारा चेक बुक रिसिट और निर्गत पंजी का संधारण नहीं किया गया एवं हड़ताल अवधि में श्री भास्कर द्वारा चेक बुक (चेक संख्या 57822776 से 57822800) बैंक से प्राप्त किया गया, किन्तु चेक रिसीट पंजी का संधारण नहीं किया गया। यह आरोप प्रमाणित पाया गया है।

➢ चेक संख्या 520204 दिनांक 10.01.2009 श्री अब्दुल गफुर, पी0ओ0 के नाम से बाढ़ पीड़ितों के भुगतान हेतु निर्गत किया गया, किन्तु उक्त राशि श्री भास्कर को हस्तगत कराये जाने का आरोप प्रमाणित पाया गया है।

➢ रिलीफ भुगतान के लिए एम0जी0एन0आर0ई0जी0एस0 (पी0ओ0पी0आर0एस0) के संविदा पर नियुक्त कर्मियों और प्रखंड के जेई को लगाया गया और कुल रू0 12,50,50,000/- का भुगतान उन्हें किया गया, जिसमें से रू0 11,50,50,000/- की ही प्रविष्टि रोकड़ पंजी और बैंक पंजी में की गई।

श्री भास्कर द्वारा उपर्युक्त अग्रिम के विरूद्ध समायोजन अभिश्रव को रिव्यू टीम के समक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया, किन्तु रू0 13,46,69,840.00/- के समायोजन अग्रिम पंजी में पाया गया। इस प्रकार रू0 96,19,840.00/- अधिक राशि का समायोजन अग्रिम पंजी में पाया गया। यह आरोप आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है। स्पष्टतया श्री भास्कर के विरूद्ध अंचल कार्यालय के खाता से की गई अग्रिम निकासी की राशि में से एक करोड़ रूपये का समायोजन लम्बी अवधि तक लंबित रखने, इंदिरा आवास की राशि का विचलन करने, संविदा पर नियुक्त कर्मियों को राशि भुगतान वियरर चेक से करने, राशि की उपयोगिता का अनुश्रवन नहीं करने, अंकेक्षण के समय राशि के समायोजन से संबंधित अभिश्रव प्रस्तुत नहीं करने आदि का आरोप प्रमाणित है।

समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकारा द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए श्री भास्कर के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधान के तहत (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2008-09), (ii) संचयात्मक प्रभाव से पाँच वेतनवृद्धि पर रोक एवं (iii) स्थायी प्रभाव से पदोन्नति पर रोक का दंड अधिरोपित किये जाने का विनिष्चित किया गया।

श्री भास्कर के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिष्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 1389 दिनांक 20.07.2022 द्वारा सहमति व्यक्त की गयी।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिष्चत दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में श्री भास्कर के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधान के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 13162 दिनांक 01.08.2022 द्वारा (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2008-09), (ii) संचयात्मक प्रभाव से पाँच वेतनवृद्धि पर रोक एवं (iii) स्थायी प्रभाव से पदोन्नति पर रोक का दंड अधिरोपित किया गया।

श्री भास्कर द्वारा उक्त दंड पर विचार हेतु पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक 06.09.2022 दायर किया गया, जिसमें इनके द्वारा मुख्य रूप से उल्लेख किया गया है कि बाढ़ समाप्ति के तुरंत पश्चात 2010 में वित्त (अंकेक्षण) विभाग, पटना द्वारा वृहद अंकेक्षण विभाग के अंकेक्षण प्रतिवेदन 48/2010-11 में किसी प्रकार की अनियमितता अथवा राषि गबन का जिक्र नहीं है। सुपौल जिला में वर्ष 2008-09 के बाढ़ अवधि में आपदा प्रबंधन विभाग, पटना द्वारा आवंटित राषि का उपयोगिता प्रमाण पत्र समर्पित किया जा चुका है। बाढ़ राहत वितरण प्रथम चरण के दौरान उच्चाधिकारियों द्वारा ''अभिनय भास्कर'' कार्यपालक दण्डाधिकारी त्रिवेणीगंज के नाम से खुलवाए गए खाते का उपयोग केवल और केवल बाढ़ राहत वितरण के लिए किया गया। अराजपत्रित कर्मियों के हड़ताल पर रहने के कारण बाढ़ राहत का सभी कार्य सम्पूर्ण राज्य में मनरेगा कार्यालय एवं मनरेगा कर्मियों के द्वारा ही सम्पन्न कराया जा रहा था। जिन कर्मियों को अग्रिम दिया जाता था, उनका नाम अग्रिम पंजी में अग्रिम राषि, समायोजन की स्थिति सहित दर्ज है। परंतु आहरणकर्ता ही अग्रिमधारक है, के दलील पर कई आरोप गठित किए गए है। मनरेगा कार्यालय के सभी कर्मी संविदा पर ही बहाल है और सरकार अरबों-खरबों की राषि मनरेगा को आवंटित करती है। संविदा कर्मियों से राहत कार्य नहीं कराना है या राषि आहरित नहीं कराना है ऐसा कोई पत्र/निर्देष इनके संज्ञान में नहीं है। लेकिन मनरेगा कर्मियों से राहत कार्य लेना है ऐसा पत्र उपलब्ध है। आपदा के समय सर्वोच्च प्राथमिकता आपदा पीड़ितों को तत्काल राहत पहुँचाना होता है। इसके लिए सुविधानुसार किसी भी राषि का उपयोग करने एवं आपदा प्रबंधन60 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 विभाग से निधि प्राप्त होने पर समायोजन करने की प्रचलित परम्परा है। आपदा की घड़ी में वित्तीय नियमों में ढ़ील दी जाती रही है।

श्री भास्कर के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन एवं इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री भास्कर द्वारा अपने पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में पूर्व में दिये गये स्पष्टीकरण के बिन्दुओं को पुनः अंकित किया गया है। उनके द्वारा प्रमाणित आरोपों के आलोक में कोई नया तथ्य/बिन्दु अंकित नहीं किया गया है। समीक्षोपरांत श्री भास्कर के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करने एवं अधिरोपित दंड को पूर्ववत बरकरार रखने का निर्णय लिया गया।

अतः वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री अभिनय भास्कर (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1209/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी-सह-अंलचाधिकारी, छातापुर (सुपौल) द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 13162 दिनांक 01.08.2022 द्वारा (i) निन्दन (आरोप वर्ष 2008-09) (ii) संचयात्मक प्रभाव से पाँच वेतनवृद्धि पर रोक एवं (iii) स्थायी प्रभाव से पदोन्नति पर रोक के दंड को पूर्वव्‌त बरकरार रखा जाता है। आदेश :-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति अनुबंध की प्रति के साथ सभी संबंधित पदाधिकारियों को सूचनार्थ एवं आवश्यक कार्यार्थ भेज दी जाए।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।

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सं0 प्र0-01-रा0(वि0)-06/2022-5808.(एक0)

खान एवं भूतत्व विभाग

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संकल्प

25 नवम्बर 2022

विषयः-बिहार खान एवं भूतत्व सेवा नियमावली, 2008 के प्रावधान 8, 9, 14 एवं 20 को एक बार क्षांत करते हुए प्रोन्नति से भरे जाने वाले खनिज विकास पदाधिकारी के 09 पद, सहायक निदेशक के 03 पद, उप निदेशक के 11 पद एवं अपर निदेशक के 02 पद पर बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी नियुक्ति की स्वीकृति के संबंध में। खान एवं भूतत्व विभाग में अपर निदेशक (वेतन स्तर-13) के 02 पद, उप निदेशक (वेतन स्तर-12) के 11 पद, सहायक निदेशक (वेतन स्तर-11) के 15 पद एवं खनिज विकास पदाधिकारी (वेतन स्तर-9) के प्रोन्नति से भरे जाने वाले 11 पद स्वीकृत है, जिसमें 01 सहायक निदेशक एवं 02 खनिज विकास पदाधिकारी को छोड़कर शेष सभी पद रिक्त हैं। 2. खान एवं भूतत्व विभाग के अधीन बिहार खान एवं भूतत्व सेवा के प्रोन्नति से भरे जाने वाले पदों के लिए योग्य पदाधिकारियों की अनुपलब्धता के कारण इन पदों के लंबे समय तक रिक्त रहने एवं विभागीय कार्यों पर इसके प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए बिहार खान एवं भूतत्व सेवा नियमावली, 2008 के प्रावधानों को एक बार क्षांत करते हुए इन पदों पर बिहार लोक सेवा आयोग के माध्यम से सीधी नियुक्ति करने का निर्णय लिया जाता है।

3. खनिज विकास पदाधिकारी, सहायक निदेशक, उप निदेशक एवं अपर निदेशक पदों पर सीधी नियुक्ति हेतु न्यूनतम योग्यता निम्नवत्‌ होगीः-

(क) खनिज विकास पदाधिकारीः-बिहार खान एवं भूतत्व सेवा नियमावली, 2008 के नियम-09 के अनुसूची-2 में अंकित शैक्षणिक योग्यता।

(ख) सहायक निदेशकः-शैक्षणिक योग्यता ः-किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से M.Tech (Mining Engineering)/M.Sc (Geology) या समकक्ष योग्यता।

अनुभव :-शैक्षणिक योग्यता के उपरांत सरकारी संस्थान/उपक्रम में न्यूनतम 05 वर्ष का खनन/भू-गर्भ क्षेत्र में कार्य का अनुभव।

आयु सीमाः-सरकारी सेवा में नियुक्ति हेतु अधिकतम आयु सीमा में 05 वर्ष की छूट।61 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 (ग) उप निदेशक :-शैक्षणिक योग्यताः-किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से M.Tech (Mining Engineering)/ M.Sc (Geology) या समकक्ष योग्यता।

अनुभव :-शैक्षणिक योग्यता के उपरांत सरकारी संस्थान/उपक्रम में न्यूनतम 10 वर्ष का खनन/भू-गर्भ क्षेत्र में कार्य का अनुभव।

आयु सीमाः-सरकारी सेवा में नियुक्ति हेतु अधिकतम आयु सीमा में 10 वर्ष की छूट।

(घ) अपर निदेशकः-शैक्षणिक योग्यताः-किसी मान्यता प्राप्त संस्थान से M.Tech (Mining Engineering)/ M.Sc (Geology) या समकक्ष योग्यता।

अनुभवः-शैक्षणिक योग्यता के उपरांत सरकारी संस्थान/उपक्रम में न्यूनतम 15 वर्ष का खनन/भू-गर्भ क्षेत्र में कार्य का अनुभव।

आयु सीमाः-सरकारी सेवा में नियुक्ति हेतु अधिकतम आयु सीमा में 15 वर्ष की छूट।

आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राज्य पत्र के अगले अंक में सर्वसाधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित किया जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेश से,

कमलेश कुमार सिंह, संयुक्त सचिव।

------ सं0 6/श्रम वि॰ आ॰(02)-36/2018 श्र॰सं॰-2757 श्रम संसाधन विभाग ------ संकल्प 1 दिसम्बर 2022

श्री सुजीत कुमार राय, तत्कालीन उप श्रमायुक्त, दरभंगा सम्प्रति सेवानिवृत संयुक्त श्रमायुक्त के विरूद्ध उनके पेंशन से 20% (बीस प्रतिशत) राशि कटौती करने के संबंध में। श्री सुजीत कुमार राय, तत्कालीन संयुक्त श्रमायुक्त सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध श्री संजय कुमार सरावगी, माननीय विधायक, दरभंगा सदर-सह-सभापति, प्राक्कलन समिति, बिहार विधान सभा द्वारा यह परिवाद पत्र दिया गया कि उप श्रमायुक्त, दरभंगा के पदस्थापन के दौरान श्री राय द्वारा कर्मकार क्षतिपूर्ति राशि के भुगतान में भारी अनियमितता की गई। इनके द्वारा मृत कामगारों के आश्रितों को क्षतिपूर्ति की आंशिक राशि का भुगतान बियरर चेक तथा शेष राशि का भुगतान एकाउंट पेयी चेक द्वारा एक ही तिथि में किया गया एवं लाभुकाें के आश्रितों को प्रभावित कर बियरर चेक की राशि को नगद रूप में लिया जाता रहा है। माननीय विधायक के परिवाद पत्र की जाँच श्रमायुक्त, बिहार से कराई गई। श्रमायुक्त, बिहार ने उप श्रमायुक्त, कार्यालय, दरभंगा की 20 संचिकाओं एवं भुगतान पंजी की जाँच कर प्रतिवेदित किया कि बहुत सारे मामलों में बियरर चेक के माध्यम से भुगतान किया गया है। उप श्रमायुक्त, दरभंगा कार्यालय द्वारा अभिलेखों का संधारण नियमानुसार नहीं किया गया है। एक ही तिथि को एक ही लाभुक को आंशिक राशि बियरर चेक तथा शेष राशि एकाउंट पेयी चेक से भुगतान करना संदेह पैदा करता है। अतः इस मामले की अन्य स्तर से भी गहन जाँच करा लेना उचित प्रतीत होता है। 2. श्रमायुक्त, बिहार के जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गई एवं माननीय विधायक के परिवाद पत्र को प्रथम दृष्टया प्रमाणित पाया गया। फलतः श्री सुजीत कुमार राय के विरूद्ध अपने निजी लाभ हेतु मृत कामगारों के आश्रितों को कर्मकार प्रतिकर क्षतिपूर्ति की राशि के भुगतान में अनियमितता बरतने, कर्मकार प्रतिकर क्षतिपूर्ति की राशि के भुगतान से संबंधित कार्यालय अभिलेखों को नियमानुसार संधारित नहीं करने तथा उनकी कार्यावधि में घोर कदाचार करने तथा राज्य सरकार को आर्थिक हानि पहुँचाने से संबंधित मुख्यतः दो आरोप गठित कर इस मामले की जाँच सक्षम जाँच अभिकरण से कराने के प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त किया गया। इसी बीच श्री सुजीत कुमार राय, संयुक्त श्रमायुक्त दिनांक-31.12. 2018 को सेवानिवृत हो गये। मामले की पुनः समीक्षा की गई एवं बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम 43'बी'-सह-पठित नियम-139 के आलोक में विभागीय ज्ञापांक-240 दिनांक-25.01.2019 द्वारा श्री राय को साक्ष्य सहित आरोप पत्र उपलब्ध कराते हुए बचाव बयान की मांग की गई। श्री राय द्वारा समर्पित बचाव बयान दिनांक-25.02.2019 की समीक्षा की गई एवं उनका उक्त बचाव बयान असंतोषजनक पाया गया। फलतः सक्षम प्राधिकार के आदेश से विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1177 दिनांक-24.05.2019 द्वारा बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43'बी' -सह-पठित नियम-139 के अंतर्गत विभागीय कार्यवाही संस्थित की गई। मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना इस विभागीय कार्यवाही के जाँच पदाधिकारी एवं उप श्रमायुक्त, दरभंगा प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किये गये।62 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 3. श्री सुजीत कुमार राय ने विभागीय संकल्प ज्ञापांक-1177 दिनांक-24.05.2019 द्वारा संचालित विभागीय कार्यवाही को रद्द करने हेतु माननीय उच्च न्यायालय, पटना में रिट याचिका CWJC No.-14322/2019 दायर की गई उक्त रिट याचिका में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक-05.07.2021 को पारित आदेश निम्नवत हैः- In my opinion, since there is substantial progress in the enquiry initiated against the petitioner under Rule 43(b) of the Rules, for the present no interference of this Court with the said proceeding is warranted under Article 226 of the Constitution of India. Some of the witnesses have already been examined. However, the Court cannot lose sight of the fact that the proceeding was initiated on 24.05.2019. The respondents cannot be permitted to keep the matter pending indefinitely which has the consequence of denying the petitioner his pensionary benefits. The Court accordingly directs the respondents to ensure that a final decision is taken on the enquiry being conducted under Rule 43(b) of the Rules within a period of three months from the date of receipt/production of a copy of this order. If the proceeding is not concluded within three months, the same shall be treated to have terminated and the petitioner shall be thereafter entitled to receive his admissible pension and other post retiral benefits. It goes without saying that the petitioner shall cooperate in conclusion of the proceeding under Rule 43 (b) of the Rules and shall not seek unnecessary adjournments. In case the petitioner is found wanting in this regard expeditious conclusion of the enquiry, the enquiring authority shall be at liberty to proceed and submit his report and the competent authority to pass final order. I find force in submission made on behalf of the petitioner in the light of Full Bench decision in case of Arvind Kumar Singh (supra) that the respondents could not have withheld the admissible amount of gratuity payable to the petitioner. The respondents are accordingly directed to pay to the petitioner, the amount of gratuity within a period of two months from the date of receipt/production of a copy of this order.

4. माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित उपर्युक्त आदेश से विभागीय पत्रांक-6/श्रम वि॰आ॰(02)-18/2019 श्रं॰सं॰-1263 दिनांक-16.07.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना को अवगत कराते हुए 15 दिनों के अंदर जाँच प्रतिवेदन की मांग की गई। इस हेतु विभागीय पत्रांक-1929 दिनांक- 01.10.2021 द्वारा स्मारित भी किया गया। इसी बीच श्री सुजीत कुमार राय द्वारा उपदान भुगतान एवं विभागीय कार्यवाही को निरस्त करने हेतु माननीय न्यायालय में दो अवमाननावाद- अवमाननावाद संख्या-1827/2021 तथा अवमाननावाद संख्या- 1958/2021 दायर किया गया। हालांकि विभाग द्वारा उनके उपदान भुगतान की स्वीकृति विभागीय पत्रांक-1/श्रम वि॰स्था॰(1)-10-19/18 श्रं॰सं॰-1936 दिनांक-04.10.2021 द्वारा दी जा चुकी है एवं प्रधान महालेखाकार (ले॰ एवं ह॰) का कार्यालय, बिहार पटना द्वारा उपदान भुगतान के संबंध में प्राधिकार पत्र निर्गत किया जा चुका है।

5. मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना द्वारा श्री सुजीत कुमार राय के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन मुख्य जाँच आयुक्त का कार्यालय, बिहार, पटना के पत्रांक-821/अनु॰ दिनांक-09.10.2021 द्वारा विभाग को उपलब्ध कराया गया। उक्त जाँच प्रतिवेदन में श्री राय के विरूद्ध गठित आरोपों के संबंध में मुख्य जाँच आयुक्त का मंतव्य है कि आरोप संख्या-01 तथा आरोप संख्या-02 प्रमाणित नहीं है। आरोप संख्या-01 के संबंध में निष्कर्ष में अंकित है कि जाँच एवं विश्लेषण के आधार पर आरोपित पदाधिकारी के ऊपर आरोप प्रमाणित नहीं होता है। परन्तु आरोपित पदाधिकारी द्वारा जिस कार्यशैली के तहत एक ही तिथि में लाभुक से स्वयं (आरोपित पदाधिकारी) के लिखावट में नगद भुगतान हेतु आवेदन लेकर कर्मकार प्रतिकर क्षतिपूर्ति की राशि का एक आंशिक भाग बियरर चेक के रूप में तथा शेष भाग A/c Payee cheque के रूप में निर्गत किया गया है, वह कार्यशैली उचित प्रतीत नहीं होता है। आरोपित पदाधिकारी के इस कार्यशैली, चाहे यह किसी भी नियम/निदेश/अनुदेश/आदेश के विपरित नहीं भी हो, के लिए दोषी माना जा सकता है।

6. मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षा की गई। अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा मुख्य जाँच आयुक्त, बिहार, पटना के मंतव्य से असहमति व्यक्त करते हुए यह निष्कर्ष अंकित किया है कि चुँकि एक ही तिथि में लाभुकों को आंशिक राशि बियरर चेक के द्वारा तथा शेष राशि एकाउंट पेयी चेक के द्वारा भुगतान किया गया है। अतः आरोप संख्या-01 प्रमाणित होता है। अनुशासनिक प्राधिकार जाँच प्राधिकार की इस टिप्पणी कि ''वह कार्यशैली, चाहे यह किसी भी नियम/निदेश/अनुदेश/आदेश के विपरित नहीं भी हो, के लिए दोषी माना जा सकता है'' से सहमत हैं। तदालोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18(2) एवं 18(3) के आलोक में विभागीय पत्रांक-2253 दिनांक-25.11.2021 द्वारा श्री सुजीत कुमार राय, तत्कालीन उप श्रमायुक्त, दरभंगा सम्प्रति सेवानिवृत संयुक्त श्रमायुक्त को अनुशासनिक प्राधिकार के निष्कर्ष तथा जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए द्वितीय कारण पृच्छा की मांग की गई।63 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 7. विभागीय पत्रांक-2253 दिनांक-25.11.2021 के आलोक में श्री सुजीत कुमार राय ने द्वितीय कारण पृच्छा का उत्तर दिनांक-01.12.2021 विभाग को उपलब्ध कराया। अपने द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर मेंं श्री सुजीत कुमार ने आरोपों सेे बचाव के संबंध में कुछ नहीं कहा। उन्होंने बचाव बयान में मात्र सी॰डब्ल्यू॰जे॰सी॰ संख्या-14322/2019 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक-05.07.2021 को पारित आदेश का उल्लेख करते हुए विभागीय पत्रांक-2253 दिनांक-25.11.2021 को वापस लेने, बकाये सेवांत लाभ का भुगतान करने, अवमाननावाद दायर करने का उल्लेख किया एवं विभागीय पदाधिकारियों के विरूद्ध आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया।

श्री सुजीत कुमार राय के द्वितीय कारण पृच्छा के उत्तर की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गई एवं समीक्षोपरांत यह पाया गया कि श्री राय ने आरोप संख्या-01 के संबंध में अपने बचाव में कुछ भी नहीं कहा है, अतः उनके विरूद्ध यह आरोप प्रमाणित होता है कि श्री राय द्वारा बियरर चेक के माध्यम से मृत कामगारों के आश्रितों को प्रभावित कर निजी लाभ प्राप्त किया गया एवं अनियमितता बरती गई। श्री राय के विरूद्ध इस आरोप के प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43'बी' के अंतर्गत उनके पेंशन से 20 प्रतिशत राशि की कटौती का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।

8. बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43'बी' तथा बिहार लोक सेवा आयोग (कार्यसीमन) विनियमावली, 1957 के प्रावधानों के आलोक में ऐसे सरकारी सेवक, जिनकी नियुक्ति बिहार लोक सेवा आयोग के अनुशंसा के आधार पर होती है, के पेंशन से कटौती का आदेश देने के पूर्व बिहार लोक सेवा आयोग का परामर्श प्राप्त करते हुए प्राप्त परामर्श पर विचार कर अंतिम निर्णय लिया जाना है। उक्त के आलोक में विभागीय पत्रांक-152 दिनांक-24.01.2022 द्वारा श्री राय के पेंशन कटौती के संंबंध में परामर्श की मांग की गई। सचिव, बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक-1394 दिनांक-20.07.2022 द्वारा श्री सुजीत कुमार राय के विरूद्ध पेंशन से 20 प्रतिशत कटौती करने के विभागीय दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गई। 9. अतएव श्री सुजीत कुमार राय, तत्कालीन उप श्रमायुक्त, दरभंगा सम्प्रति सेवानिवृत संयुक्त श्रमायुक्त के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के नियम-43'बी'-सह-पठित नियम-139 के अंतर्गत उनकेे पेंशन से 20% (बीस प्रतिशत) राशि की कटौती का दण्ड अधिरोपित किया जाता है।

10. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है। आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की एक प्रति श्री सुजीत कुमार राय, तत्कालीन उप श्रमायुक्त, दरभंगा सम्प्रति सेवानिवृत संयुक्त श्रमायुक्त को निबंधित डाक/स्पीड पोस्ट से उपलब्ध कराई जाय।

स्थाई पताः- मोहल्ला-विवेक विहार कॉलोनी, रोड नं॰-1, पो॰-लोहियानगर, हनुमान नगर, पटना-800026 बिहार-राज्यपाल के आदेश से, राजीव कुमार, विशेष कार्य पदाधिकारी।

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सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-R-503/31/2022-Section-14-RDD-RDD--1402193

(cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग

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संक(cid:227)प

29 नवम्बर 2022

(cid:302)ी श(cid:871)श (cid:292)काश, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:871)संहवाड़ा (दरभंगा) के विरुद्ध पंचायत आम (cid:467)नवा(cid:91)चन, 2016 म(cid:581) उदासीनता, (cid:232)वे(cid:205)छाचा(cid:464)रता, गैर िज(cid:224)मेदार आचरण, (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक आचार (cid:467)नयमावल(cid:547)-1976 एवं (cid:466)बहार पंचायत (cid:467)नवा(cid:91)चन (cid:467)नयमावल(cid:547)-2006 के (cid:292)ावधान(cid:585) के (cid:292)(cid:467)तकू ल काय(cid:91) करने का आरोप प(cid:287) िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), दरभंगा के प(cid:287)ांक- 318 (cid:465)दनांक-10.02.2022 द्वारा ग(cid:465)ठत है, जो उप स(cid:876)चव, रा(cid:207)य (cid:467)नवा(cid:91)चन आयोग, (cid:466)बहार, पटना के प(cid:287)ांक- 791 (cid:465)दनांक- 25.02.2022 द्वारा (cid:874)वभाग को उपल(cid:222)ध कराया गया ।


  1. {{^{{FOOTNOTE 08}}}}.{{^{{FOOTNOTE 2022}}}} द्वारा इ(cid:219)ह(cid:581) (cid:467)नलं(cid:466)बत करते हुए इनके विरुद्ध (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत क(cid:551) गयी। ↩

(cid:302)ी श(cid:871)श (cid:292)काश के विरुद्ध धा(cid:464)रत आरोप(cid:585) क(cid:551) वृहत ् जाँच हेतु (cid:874)वभागीय संक(cid:227)प (cid:163)ापांक- 83/सी0 (cid:465)दनांक-64 (cid:464)बहार गजट, 7 दिसम्बर 2022 (cid:302)ी श(cid:871)श (cid:292)काश द्वारा सम(cid:874)प(cid:91)त अ(cid:223)यावेदन (cid:465)दनांक-02.09.2022 के समी(cid:162)ोपरांत (cid:874)वभाग द्वारा (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण (cid:467)नयं(cid:287)ण एवं अपील) (cid:467)नयमावल(cid:547), 2005 के (cid:467)नयम- 9 (6)(ग) के तहत इ(cid:219)ह(cid:581) त(cid:215)काल (cid:467)नलंबन से मु(cid:200)त (cid:873)कया जाता है । इनके विरुद्ध संचा(cid:871)लत (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) पूव(cid:91)वत ् चलती रहेगी । (cid:302)ी श(cid:871)श (cid:292)काश (cid:467)नलंबन से मु(cid:200)त होने के प(cid:230)चात ् (cid:874)वभाग म(cid:581) अपना योगदान सम(cid:874)प(cid:91)त कर(cid:581)गे।

(cid:467)नलंबन अव(cid:876)ध के दौरान (cid:465)दये जाने वाले वेतन एवं भत्ते के संबंध म(cid:581) (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) के फलाफल के उपरांत अलग से (cid:467)नण(cid:91)य (cid:871)लया जायेगा।

उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।

आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क संक(cid:227)प क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।

(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,

बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।

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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय

(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।

(cid:464)बहार गजट, 38—571+15-डी0ट(cid:547)0पी0।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 07 December 2022. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2022-12-07.49/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2022-12-07.49.