िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
(cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 23 अग्रहायण 1944 (श0) सं(cid:201)या 50 पटना, बुधवार, ———————— 14 दिसम्बर 2022 (ई0) विषय-सूची पृष्ठ भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-35 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---
भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
---
भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि। 36-37 भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
---
भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं इत्यादि। 38-40 पूरक
---
पूरक-क 41-442 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं।
—————
समाज कल्याण विभाग
-----
अधिसूचना
1 दिसम्बर 2022
समेकित बाल विकास सेवाएँ अंतर्गत आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका चयन मार्गदर्शिका-2022
सं0 ICDS/30030/01-2020-6042---आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका के चयन हेतु मार्गदर्शिका निम्न प्रकार से अधिसूचित की जाती है :-
1. संक्षिप्त नाम एवं प्रारंभ । - (i) इस मार्गदर्शिका को ''आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका चयन मार्गदर्शिका, 2022'' के रूप में जाना जाएगा। (ii) यह पूरे बिहार राज्य में लागू होगी। (iii) यह आदेश निर्गत की तिथि से प्रभावी होगी। 2. परिभाषाएँ । - इस मार्गदर्शिका में, जब तक संदर्भ में अन्यथा अपेक्षित ना हो
(क) ''आँगनवाड़ी केन्द्र'' से अभिप्रेत है, आई.सी.डी.एस. अन्तर्गत बाल विकास परियोजना के क्षेत्राधीन वार्ड अंतर्गत जनसंख्या के आधार पर निर्धारित चौहद्दी में स्वी—त आँगनवाड़ी केन्द्र।
(ख) ''सेविका/सहायिका'' से अभिप्रेत है, समेकित बाल विकास सेवा योजना के आँगनवाड़ी केन्द्र के लिए सेविका/सहायिका के कार्य हेतु चयनित महिला।
(ग) ''वार्ड सदस्य/पंच'' से अभिप्रेत है बिहार पंचायत राज अधिनियम, 2006 (समय-समय पर यथा संशोधित) के उपबंधों के अधीन किसी ग्राम पंचायत का निर्वाचित वार्ड सदस्य/पंच।
(घ) ''वार्ड आयुक्त/नगर पार्षद'' से अभिप्रेत है बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 (समय-समय पर यथा संशोधित) के उपबन्धों के अधीन किसी नगर निगम, नगर परिषद अथवा नगर पंचायत के किसी वार्ड (शहरी क्षेत्र के लिए) का निर्वाचित वार्ड आयुक्त/ नगर पार्षद।
(ड़) ''वार्ड की आम सभा'' से अभिप्रेत है किसी वार्ड अंतर्गत स्थित आँगनवाड़ी केन्द्र हेतु आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका के चयन के लिए उस केन्द्र के पोषक क्षेत्र के उपस्थित व्यस्क सदस्यों की आम सभा। (च) ''पोषक क्षेत्र' से अभिप्रेत है, ग्रामीण क्षेत्रों एवं शहरी क्षेत्रों में राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित वार्ड आँगनवाड़ी केन्द्र की ईकाई।(शहरी क्षेत्र अन्तर्गत एक वार्ड की जनसंख्या अधिक रहने की स्थिति में एक से अधिक केन्द्रों का संचालन किया जा सकता है, जिसका पोषक क्षेत्र उसी वार्ड अन्तर्गत संबंधित महिला पर्यवेक्षिका एवं बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा निर्धारित होगा)।
(छ) वार्ड की आरक्षित कोटि से अभिप्रेत है, आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका चयन हेतु विज्ञापन प्रकाशन की तिथि को बिहार राज्य/निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित पंचायत चुनाव/नगर निकाय चुनाव के लिए निर्धारित वार्ड की आरक्षित कोटि।
(ज) आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका के नियुक्ति प्राधिकार से अभिप्रेत है, जिला प्रोग्राम पदाधिकारी 3. अहर्ताएँ ।- (i)
(ii)
(iii)
आँगनवाड़ी सेविका एवं सहायिका चयन हेतु न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता मान्यता प्राप्त शैक्षणिक संस्था्न से इन्टर (बारहवीं) अथवा समकक्ष उत्तीर्ण होगी। सभी पदवार समर्पित आवेदनों में सर्वाेच्च शैक्षणिक योग्यता (अतिरिक्त विषय छोड़कर) वाले अभ्यर्थी का चयन सेविका/सहायिका पद पर किया जायेगा। दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों की सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यता समान रहने पर अधिक मेधा अंक वाले अभ्यर्थी का चयन सेविका/सहायिका पद पर किया जायेगा।
(iv) दो या दो से अधिक अभ्यर्थियों की सर्वोच्च शैक्षणिक योग्यता एवं मेधा अंक भी समान रहने पर उनमें अधिक उम्र वाले अभ्यर्थी का चयन सेविका/ सहायिका पद पर किया जायेगा।
(v) आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका के चयन हेतु रिक्ति के प्रकाशन की तिथि को उनकी उम्र न्यूनतम 18 वर्ष तथा अधिकतम उम्र सीमा 35 वर्ष होगी। आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका अधिकतम 65 वर्ष की उम्र तक कार्य कर सकेंगी, जिसके पश्चात वह स्वतः सेवा मुक्त हो जायेंगी।3 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 (vi) आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका चयन हेतु वार्ड का निवासी होना आवश्यक होगा। आवेदन पत्र के साथ सक्षम प्राधिकार से निर्गत स्थायी आवासीय प्रमाण पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा, जिसमें संबंधित वार्ड अंकित होना चाहिए।
(vii) आँगनवाड़ी सेविका/ सहायिका चयन हेतु विज्ञापन प्रकाशन की तिथि को बिहार राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा घोषित पंचायत चुनाव / नगर निकाय चुनाव के लिए निर्धारित वार्ड की आरक्षित कोटि के अंतर्गत जो महिला अभ्यर्थी आती हो, वही आँगनवाड़ी सेविका/ सहायिका चयन के लिए योग्य होगी। रिक्त वार्ड की आरक्षित कोटि में योग्य महिला अभ्यर्थी के उपलब्ध नहीं होने पर क्रमानुसार अनु० जनजाति /अनुसूचित जाति /अति पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक सहित)/पिछड़ा वर्ग (अल्पसंख्यक सहित)/सामान्य वर्ग (अल्पसंख्यक सहित) के उम्मीदवार को चयनित किया जायेगा। 4. निरर्हता ।- ऐसे अभ्यर्थी, जिन्हें किसी न्यायालय से दण्डित किया गया हो अथवा सेविका/सहायिका को अनियमितता के आरोप में चयनमुक्त कर दिया गया हो, आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका के पद पर चयन के लिए अर्हता धारित नहीं करेंगे।
5. चयन की प्रक्रिया ।- (i) आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका चयन हेतु विज्ञापन जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा दो प्रमुख हिन्दी समाचार पत्रों एवं संबंधित जिला के ऑनलाईन पोर्टल पर प्रकाशित किया जाएगा। रिक्ति हेतु आवेदन जिला के पोर्टल पर ऑनलाईन लिये जाएँगे। आवेदन के साथ ही स्व-अभिप्रमाणित शैक्षणिक प्रमाण पत्र/जाति प्रमाण पत्र/आवासीय प्रमाण पत्र/मैट्रिक अथवा समकक्ष शैक्षणिक योग्यता जिसमें आवेदिका की जन्म तिथि अंकित हो, आदि कागजात अभ्यर्थी द्वारा अपलोड किए जाएँगे। मेधा सूची तैयार करने हेतु त्रिस्तरीय स्क्रीनिंग समिति निम्नवत गठित की जाएगी -
(ii)
| 1 | उप विकास आयुक्त | - अध्यक्ष |
| 2 | जिलााधिकारी द्वारा नामित अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के पदाधिकारी | - सदस्य |
| 3 | जिला प्रोग्राम पदाधिकारी | - सदस्य सचिव |
सदस्य सचिव द्वारा प्राप्त आवेदनों एवं आवश्यक कागजातों को समिति के समक्ष प्रस्तुत किया जायेगा, जिसकी जाँच करते हुए समिति द्वारा मेधा सूची तैयार की जाएगी। तदोपरान्त तैयार औपबंधिक मेधा सूची जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के द्वारा पोर्टल पर प्रकाशित की जाएगी।
(iii) मेधा सूची प्रकाशन के 15 दिनों तक पोर्टल पर ऑनलाईन आपत्तियॉ प्राप्त की जाएँगी। (iv) कंडिका 5 (ii) में वर्णित त्रिस्तरीय स्क्रीनिंग समिति द्वारा आपाि का निराकरण करते हुए अंतिम मेधा सूची तैयार की जाएगी। तत्पश्चात जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा अंतिम मेधा सूची का प्रकाशन पोर्टल पर किया जायेगा।
(v) (क) जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को सभी कागजात (ऑनलाईन आवेदन के साथ प्राप्त सभी कागजात)/मेधा सूची/आपाि आदि से संबंधित कागजात इत्यादि उपलब्ध कराए जाएँगे। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा महिला पर्यवेक्षिका को आम सभा के समक्ष उपस्थापित करने हेतु उपरोक्त कागजात उपलब्ध कराए जाएँगे। आम सभा द्वारा संगत अभिलेखों पर विचार विमर्श किया जायेगा।
(ख) आम सभा में यदि मेधा सूची के संबंध में कोई आपाि प्राप्त नहीं होती है, तो ऐसी स्थिति में त्रिस्तरीय स्क्रीनिंग समिति द्वारा समर्पित मेधा सूची की सर्वोच्च मेधा प्राप्त अभ्यर्थी को बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा जिला प्रोग्राम पदाधिकारी के अनुमोदनोपरान्त चयन पत्र निर्गत किया जायेगा। (ग) आम सभा में यदि मेधा सूची के संबंध में कोई आपाि प्राप्त होती है तो आम सभा द्वारा इसके निराकरण हेतु जिला प्रोग्राम पदाधिकारी को उपलब्ध कराया जायेगा। जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा आपाि का निराकरण कर उप विकास आयुक्त से अनुमोदन प्राप्त करते हुए योग्य अभ्यर्थी का चयन सेविका/ सहायिका पद पर किया जायेगा। चयनित सेविका/सहायिका को चयन पत्र बाल विकास परियोजना पदाधिकारी द्वारा निर्गत किया जायेगा।
(घ) आम सभा की कार्यवाही पंजी महिला पर्यवेक्षिका द्वारा तैयार की जायेगी, जिस पर अध्यक्ष एवं महिला पर्यवेक्षिका का हस्ताक्षर अनिवार्य होगा। महिला पर्यवेक्षिका द्वारा कार्यवाही पंजी की मूल प्रति बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को हस्तगत करायी जायेगी।
(ड.) आम सभा की प्रक्रिया अधिकतम एक माह में पूरी कर ली जायेगी। आम सभा प्रत्येक माह की प्रथम/द्वितीय/तृतीय/चतुर्थ सोमवार को ही आयोजित की जायेगी। अवकाश की स्थिति में अगले कार्य दिवस को आम सभा आयोजित की जायेगी।4 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 (च) एक माह में आम सभा की कार्यवाही पूर्ण नहीं होने की स्थिति में त्रिस्तरीय स्क्रीनिंग समिति द्वारा तैयार मेधा सूची अंतिम मेधा सूची मानी जायेगी एवं जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा सर्वोच्च मेधा क्रमांक की आवेदिका का चयन किया जायेगा।
(vi) (क) ग्रामीण परियोजनाओं में आम सभा संबंधित वार्ड के वार्ड सदस्य की अध्यक्षता में आयोजित की जायेगी। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष (वार्ड पंच) द्वारा अध्यक्षता की जायेगी। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में आम सभा के दिन उपस्थित व्यस्क सदस्यों में से किसी एक को अध्यक्ष के रूप में चयन कर आम सभा की प्रक्रिया सम्पन्न की जायेगी।
(ख) शहरी परियोजनाओं में आम सभा संबंधित वार्ड के आयुक्त/वार्ड पार्षद की अध्यक्षता में आयोजित की जायेगी। अध्यक्ष की अनुपस्थिति में उपाध्यक्ष (प्रखण्ड विकास पदाधिकारी द्वारा नामित पर्यवेक्षकीय स्तर के पदाधिकारी) द्वारा अध्यक्षता की जायेगी। अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष की अनुपस्थिति में आम सभा के दिन उपस्थित व्यस्क सदस्यों में से किसी एक को अध्यक्ष के रूप में चयन कर आम सभा की प्रक्रिया सम्पन्न की जायेगी।
(vii) आम सभा की कार्यवाही पंजी एवं फोटो तथा चयनित सेविका/सहायिका का चयन पत्र पोर्टल पर अपलोड किया जायेगा।
(viii) अंतिम मेधा सूची की मान्य्ाता अवधि चयन की तिथि से तीन (03) वर्षाें के लिए होगी। (ix) चयन पत्र प्राप्ति के 60 दिनों के अन्दर आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका पद पर योगदान नहीं करने की स्थिति में चयन रद्द समझा जाएगा।
(x) 50% आँगनबाडी सेविका के पद कार्यरत सहायिका से भरे जाएँगे। सेविका पद पर प्रोन्नति हेतु सहायिका को निम्न अर्हता प्राप्त होनी चाहिए :-
(क) कम से कम 05 वर्षो का सहायिका पद पर कार्य करने का अनुभव प्राप्त हो। (ख) सेविका चयन हेतु निर्धारित मानदण्ड एवं अन्य सभी अर्हताएँ पूर्ण करती हो।
इस संदर्भ में समाज कल्याण विभाग द्वारा विस्तृत अनुदेश निर्गत किया जा सकेगा। 6. चयन के विरूद्ध परिवाद /अपील/पुनरीक्षण ।- (i) चयन से असंतुष्ट परिवादी चयन की तिथि से 30 दिनों के अन्दर जिला पदाधिकारी द्वारा नामित अपर समार्हाा के समक्ष अपील दायर कर सकती है, जिसके साथ साक्ष्य एवं शपथ पत्र देना अनिवार्य होगा। प्राप्त अपील का निष्पादन तीन माह के भीतर किया जायेगा।
(ii) जिला पदाधिकारी द्वारा नामित अपर समार्हाा द्वारा पारित आदेश के विरूद्ध 30 दिनों के भीतर संबंधित प्रमंडल के प्रमंडलीय आयुक्त के यहाँ पुनरीक्षण दायर किया जा सकता है तथा उनके द्वारा पारित आदेश अंतिम आदेश होगा। जिला पदाधिकारी द्वारा नामित अपर समार्हाा एवं आयुक्त द्वारा प्राप्त परिवाद पर प्रशासनिक –ष्टिकोण से सुनवाई की जायेगी।
7. त्याग पत्र ।- आँगनवाड़ी सेविका / सहायिका बाल विकास परियोजना पदाधिकारी को एक माह की पूर्व सूचना पर अपने पद से लिखित त्याग पत्र दे सकती हैं। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी की अनुशंसा के आधार पर जिला प्रोग्राम पदाधिकारी द्वारा त्याग पत्र स्वी—त किया जायेगा। उनके द्वारा निर्णय नहीं लिये जाने की स्थिति में समर्पित किये जाने की तिथि से एक माह के बाद त्यागपत्र स्वतः प्रभावी माना जायेगा। 8. प्रास्थिति ।- आँगनवाड़ी सेविका/सहायिका किसी भी प्रयोजन के लिए सरकारी सेवक नहीं मानी जाएँगी तथा भविष्य में सरकारी सेवा में समायोजन का उनका कोई दावा मान्य नहीं होगा।
9. कठिनाई का निराकरण एवं निर्वचन ।- इस मार्गदर्शिका के किसी कंडिका के निर्वचन में कोई शंका उत्पन्न होने पर उस मामले के निराकरण हेतु प्रशासी विभाग सक्षम होगा एवं उसका विनिश्चय अंतिम होगा।
विश्सभाजन, कुमारी सीमा, उप-सचिव।
------
शिक्षा विभाग
------
अधिसूचना
25 नवम्बर 2022
सं0 15/ए 2-03/2017-3613--चन्द्रगुप्त प्रबंध संस्थान, पटना के निदेशक के रिक्त पद पर नियुक्ति हेतु सुयोग्य व्यक्तियों का चयन कर अनुशंसा उपलब्ध कराने के लिए निम्न रूपेण एक सर्च कमिटी गठित की जाती है :- 1. मुख्य सचिव, बिहार - अध्यक्ष। 2. कुलपति, पटना विश्वविद्यालय, पटना - सदस्य। 3. अपर मुख्य सचिव, शिक्षा विभाग - संयोजक सदस्य। प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, असंगबा चुबा आओ, सचिव।5 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग ------ अधिसूचना 5 दिसम्बर 2022
सं0 बि॰व॰से॰(आ॰)-04/2022-4892/प॰व॰ज०प०-- श्री सुनील कुमार शरण, बि॰व॰से॰, तत्कालीन वन प्रमंडल पदाधिकारी, सुपौल वन प्रमंडल, सुपौल सम्प्रति वन प्रमंडल पदाधिकारी, बेतिया वन प्रमंडल, बेतिया के विरूद्ध निगरानी विभाग (अन्वेषण ब्यूरो), बिहार, पटना के पत्रांक-1335 दिनांक-09.05.2022 द्वारा प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में निगरानी थाना काण्ड संख्या-021/2022 दिनांक-28.04.2022 धारा-13(2) सह पठित धारा-13 (1) (बी) भ्र.नि.अधि.-1988 (संशोधित अधिनियम-2018) दर्ज किये जाने से संबंधित प्रतिवेदन प्राप्त हुआ है।
2. उक्त प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्रांक-1997 दिनांक-16.06.2022 द्वारा श्री सुनील कुमार शरण से स्पष्टीकरण पृच्छा की गयी। श्री शरण द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण के सम्यक समीक्षोपरांत बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के उल्लंघन से संबंधित प्रथम दृष्टया प्रमाणित आरोपों के लिए श्री शरण के विरूद्ध बिहार सकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के अन्तर्गत विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया है। इसके लिए अलग से आदेश निर्गत किया जायेगा।
3. अतएव श्री सुनील कुमार शरण, बि.व.से. वन प्रमंडल पदाधिकारी, बेतिया वन प्रमंडल, बेतिया को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1) के संगत प्रावधानों के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
4. निलंबन अवधि में श्री सुनील कुमार शरण, बि.व.से. का मुख्यालय, कार्यालय : प्रधान मुख्य वन संरक्षक, बिहार, पटना निर्धारित किया जाता है। उक्त अवधि में श्री शरण राज्य सरकार की बिना पूर्वानुमति प्राप्त किये मुख्यालय नहीं छोड़ेगें। 5. निलंबन अवधि में श्री शरण को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-10 के आलोक में जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
6. प्रस्ताव में माननीय मंत्री, पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग, बिहार, पटना का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पूनम कुमारी, उप-सचिव।
-------
(cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग -------
अ(cid:876)धसूचना
1 दिसम्बर 2022
- {{^{{FOOTNOTE 04}}}}.{{^{{FOOTNOTE 2022}}}} द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त हुआ । उ(cid:200)त (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप(cid:585) पर सु(cid:302)ी अच(cid:91)ना से (cid:874)वभागीय प(cid:287)ांक-I/{{^{{FOOTNOTE 23516}}}}/{{^{{FOOTNOTE 2022}}}} (cid:465)दनांक-{{^{{FOOTNOTE 13}}}}.{{^{{FOOTNOTE 05}}}}.{{^{{FOOTNOTE 2022}}}} द्वारा (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण पूछा गया एवं (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण हेतु (cid:874)वभागीय (cid:163)ापांक-I/{{^{{FOOTNOTE 26187}}}}/{{^{{FOOTNOTE 2022}}}} (cid:465)दनांक-{{^{{FOOTNOTE 20}}}}.{{^{{FOOTNOTE 06}}}}.{{^{{FOOTNOTE 2022}}}} द्वारा (cid:232)मा(cid:464)रत भी (cid:873)कया गया । फल(cid:232)व(cid:510)प (cid:292)खंड काया(cid:91)लय, देसर(cid:547) (वैशाल(cid:547)) के प(cid:287)ांक-1015 (cid:465)दनांक-04.07.2022 द्वारा सु(cid:302)ी अच(cid:91)ना का (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त है । उप (cid:874)वकास आयु(cid:200)त, वैशाल(cid:547) द्वारा (cid:292)ा(cid:220)त आरोप प(cid:287) एवं सु(cid:302)ी अच(cid:91)ना द्वारा (cid:292)ा(cid:220)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547) द्वारा छ: बार पूछे गये (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण का जबाव नह(cid:547)ं देना एवं समी(cid:162)ा(cid:215)मक बैठक म(cid:581) उपि(cid:232)थत नह(cid:547)ं होना उनक(cid:551) अनुशासनह(cid:547)नता, उदंडता, कत(cid:91)(cid:229)यह(cid:547)नता एवं हठध(cid:871)म(cid:91)ता को दशा(cid:91)ता है । अत: स(cid:224)यक (cid:874)वचारोपरांत सु(cid:302)ी अच(cid:91)ना कु मार(cid:547), (cid:274)ामीण (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547)-सह-(cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), देसर(cid:547) (वैशाल(cid:547)) को (cid:466)बहार सेवा सं(cid:465)हता, 2005 के (cid:467)नयम 14 क(cid:551) कं (cid:875)डका 1 के तहत ''(cid:467)नदंन'' (वष(cid:91) 2021-22) एवं "असंचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से एक वेतन वृद्धि अवरुद्ध'' करने का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया जाता है। आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क सु(cid:302)ी अच(cid:91)ना क(cid:551) चा(cid:464)र(cid:287)ी पुि(cid:232)तका म(cid:581) इस दंड क(cid:551) (cid:292)(cid:874)वि(cid:231)ट क(cid:551) जाय। उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है। ↩
सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-R-503/71/2022-SECTION 14-RDD-RDD(COM-174622)-1407802--सु(cid:302)ी अच(cid:91)ना कु मार(cid:547), (cid:274)ामीण (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547)-सह-(cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), देसर(cid:547) (वैशाल(cid:547)) के विरुद्ध (cid:292)धानमं(cid:287)ी आवास योजना6 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।
(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,
बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।
------
जल संसाधन विभाग
-------
आवश्यक सूचना
6 दिसम्बर 2022
विषय- पश्चिमी गंडक नहर प्रणाली (सारण मुख्य नहर एवं इससे निःसृत नहर प्रणाली) के पुनस्र्थापन कार्य हेतु रब्बी सिंचाई 2022-23 के दौरान नहरों में जलश्राव बंद रखने के संबंध में ।
Subject:- Notice for closure of Canals of Western Gandak Canal System (Saran Main Canal and its Systems) during Rabbi Irrigation 2022-23 for Restoration work. सं0 सिं0 को0-01/2001 पार्ट V- 500--मुख्य अभियंता, सिंचाई सृजन, जल संसाधन विभाग, सिवान के परिक्षेत्राधीन पश्चिमी गंडक नहर प्रणाली (सारण मुख्य नहर एवं इससे निःसृत नहर प्रणाली) के पुनस्र्थापन कार्य हेतु नहरों में रब्बी सिंचाई 2022-23 के दौरान जलापूर्ति बंद रखने का निर्णय लिया गया है । अतः सारण मुख्य नहर एवं इससे निःसृत नहर प्रणालियों के कमाण्ड क्षेत्र के कृषकों को सूचित किया जाता है कि रब्बी सिंचाई 2022-23 के दौरान इन नहरों में जलापूर्ति नहीं की जा सकेगी। उनसे अनुरोध है कि उक्त अवधि में रब्बी सिंचाई हेतु वैकल्पिक व्यवस्था से पटवन करने का कष्ट करेंगे । उपरोक्त कार्य में किसानों का भरपूर सहयोग प्रार्थित है ।
आदेश से, देव नारायण पाण्डेय, संयुक्त सचिव (अभियंत्रण)।
------
सामान्य प्रशासन विभाग
-----
अधिसूचनाएं
18 नवम्बर 2022
सं0 28-जा0ग0-01-01/2022-सा0प्र0-20479--राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक-15.11.2022 में मद संख्या-8 के रूप् में लिए गए निर्णय के अनुरूप जाति आधारित गणना कार्य पूर्ण करने हेतु निर्धारित समय-सीमा फरवरी, 2023 को मई, 2023 तक विस्तारित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो0 सोहैल, विशेष सचिव।
------
30 नवम्बर 2022
सं0 28/जा0ग0-04-02/2022 सा0प्र0-21306--राज्य मंत्रिपरिषद की बैठक दिनांक-02.06.2022 के मद संख्या-09 के रूप में लिए गए निर्णय के आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-9077 दिनांक- 06.06. 2022 के कार्यान्वयन हेतु बिहार जाति आधाारित गणना के प्रथम चरण- मकान नंबरीकरण एवं संक्षिप्त मकान सूची के निर्माण का कार्य दिनांक-07.01.2023 से दिनांक-21.01.2023 तक की अवधि में किया जाना निर्धारित किया गया है।
उक्त कार्य हेतु सभी गणना कर्मियों, जिन्हें गणना कार्य हेतु नियुक्त किया गया है, अपनी नियुक्ति से संबंधित गणना/उपगणना ब्लॉक सीमा के भीतर भ्रमण करेंगे एवं उक्त गणना/उपगणना ब्लॉक में आवासित सभी परिवारों की अपेक्षित जानकारी संक्षिप्त मकान सूची के निर्माण से संबंधित निर्धारित विहित प्रपत्र में तैयार करेंगे। एत्द संबंधी सूचना सर्वसाधारण की जानकारी के लिए प्रकाशित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मो० सोहैल, विशेष सचिव।
------ सामान्य प्रशासन विभाग ------ आदेश 1 दिसम्बर 2022 सं0 6/आ.-33/2021 सा.प्र.-21366--डॉ. जितेन्द्र गुप्ता, भा.प्र.से. (बिहार ः 2013) की सेवा अंतर्संवर्गीय प्रतिनियुक्ति के आधार पर माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा एस.एल.पी.(सी) संख्या-2978/2020 में दिनांक 25.09.2020 को पारित आदेश के अनुपालन में कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार के आदेश दिनांक 15.12.2020 के द्वारा नागालैण्ड संवर्ग में दी गयी थी। इसके आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार के अधिसूचना दिनांक 15.12.2020 के द्वारा उन्हें7 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 नागालैण्ड संवर्ग में योगदान देने हेतु विरमित किया गया था। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग, भारत सरकार के पत्र दिनांक 08. 10.2021 के द्वारा यह सूचना दी गयी कि उनके द्वारा अब तक नागालैण्ड सरकार के अधीन योगदान नहीं दिया गया है। इस प्रकार वे अनधिकृत रूप लंबे समय से कार्य से अनुपस्थित रहे। 2. अतः डॉ. जितेन्द्र गुप्ता, भा.प्र.से. (बिहार : 2013) द्वारा सरकार के निदेश का अनुपालन नहीं करने और लंबे समय से अनधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने के कारण राज्य सरकार द्वारा अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली 1969 के नियम-3 के उपनियम (1) में निहित प्रावधान के अंतर्गत सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के आदेश ज्ञापांक-12927 दिनांक 01.11.2021 के द्वारा तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया था। 3. अखिल भारतीय सेवाएँ (अनुशासन एवं अपील) नियमावली-1969 के नियम-3 (1ठ) के अनुसार भ्रष्टाचार से भिन्न मामलों में राज्य सरकार के द्वारा अखिल भारतीय सेवा के पदाधिकारी को एक साल से अधिक की अवधि के लिए निलंबित नहीं रखे जाने का प्रावधान है। इस बीच डॉ. जितेन्द्र गुप्ता के द्वारा भारत सरकार के आदेश दिनांक 15.12.2020 के आलोक में नागालैण्ड सरकार में योगदान देने की सूचना दी गयी। 4. इस स्थिति में डॉ. जितेन्द्र गुप्ता, भा.प्र.से. (2013) का निलंबन दिनांक 01.11.2022 के प्रभाव से समाप्त किये जाने के संबंध में अनुशासनिक प्राधिकार के द्वारा निर्णय लिया गया। 5. अतः डॉ. जितेन्द्र गुप्ता, भा.प्र.से. (बिहार : 2013) का उक्त निलंबन दिनांक 01.11.2022 के प्रभाव से समाप्त किया जाता है। इस मामले में डॉ. गुप्ता के विरूद्ध सामान्य प्रशासन विभाग के ज्ञापन ज्ञापांक-13413 दिनांक 15.11.2021 के द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित है। उक्त विभागीय कार्यवाही के फलाफल के आधार पर डॉ. गुप्ता के निलंबन की अवधि की प्रकृति और निलंबन के दौरान देय वेतन भत्ते के संबंध में नियमानुसार निर्णय लिया जाएगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, कन्हैया लाल साह, अवर सचिव।
------ उद्योग (cid:874)वभाग ------
अ(cid:876)धसूचना
8 दिसम्बर 2022
सं० 6(स०)(cid:874)व(cid:874)वध (अ(cid:224)बापाल(cid:547))-06/2016 (ख(cid:214)ड)-5679--(cid:466)बहार इ(cid:224)पो(cid:464)रयम, पटना, अ(cid:224)बापाल(cid:547) (cid:466)बहार इ(cid:224)पो(cid:464)रयम, बाबा खडग(cid:871)संह माग(cid:91), नई (cid:465)द(cid:227)ल(cid:547) एवं है(cid:214)डलूम हाट, पटना का संचालन उपे(cid:219)(cid:289) महारथी (cid:871)श(cid:227)प अनुसंधान सं(cid:232)थान, पटना के द्वारा (cid:873)कया जायेगा ।
उ(cid:200)त संबंध म(cid:581) पूव(cid:91) म(cid:581) (cid:467)नग(cid:91)त आदेश को इस हद तक संशो(cid:876)धत समझा जाय।
(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से, (ह०) अस्पष्ट, (cid:467)नदेशक ।
------ सं0 09/सैप-10-03/2019 गृ0आ0-12279 गृह विभाग (आरक्षी शाखा) -----
प्रेषक, गिरीश मोहन ठाकुर, सरकार के अवर सचिव। सेवा में, महालेखाकार (ले0 एवं हक0), बिहार, पटना।
पटना, दिनांक 5 दिसम्बर 2022 विषय :- In connection with the extension of the contract period for the financial year 2022-2023 of the total working force of 3953 retired soldiers of the Indian Army who were reinstated in the Special Auxiliary Police(SAP) constituted under the Bihar Police.
आदेश :- स्वीकृत।
बिहार राज्य में उग्रवादी/हिंसात्मक गतिविधियों पर बेहतर नियंत्रण रखने एवं विधि व्यवस्था के संधारण हेतु गृह (आरक्षी) विभाग के संकल्प संख्या-3379, दिनांक-27.03.2006 द्वारा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त 5000 सिपाहियों को अनुबंध पर नियुक्त कर एक वर्ष के लिए रखने की स्वीकृति प्रदान की गई, जिसका गठन स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस8 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 (Special Auxiliary Police) के रूप में किया गया तथा विभागीय अधिसूचना संख्या-5268, दिनांक-16.05.2006 द्वारा इसे बिहार पुलिस का अंग घोषित किया गया। तदोपरांत राज्य सरकार द्वारा एक वर्ष के लिए अनुबंध पर बिहार में स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस (SAP) का गठन करने तथा आवश्यकतानुसार इसकी अवधि बढ़ाये जाने का आदेश संसूचित किया गया। 2. गृह (आरक्षी) विभाग के संकल्प संख्या-7003, दिनांक-11.07.2007 के द्वारा पूर्व में गठित 5000 सैप बल में वृद्धि करते हुए कुल 12000 सैप बल को (11500 सैप जवान, 100 जे0सी0ओ0 एवं 400 रसोईयों) वित्तीय वर्ष 2007-08 में 09 माह के लिए अनुबंध के आधार पर नियुक्ति करने का निर्णय लिया गया।
3. गृह (आरक्षी) विभाग के संकल्प संख्या-4170, दिनांक-14.05.2008 द्वारा वर्ष 2008-09 के लिए सैप बलों को पुराने अनुबंधों की शर्ताें एवं देय भुगतान के आधार पर नवीन अनुबंध कर पुनः विस्तारित किया गया। साथ ही जुनियर कमिशंड ऑफिसर के लिए आयु सीमा बढ़ाकर 50 वर्ष किया गया।
4. गृह (आरक्षी) विभाग के संकल्प संख्या-6739, दिनांक-14.10.2009 द्वारा अक्टूबर 2009 से मार्च 2010 तक के लिए स्वीकृत सैप बल 12000 (11500 सैप जवान, 100 जे0सी0ओ0 एवं 400 रसोईयों) के अतिरिक्त 5000 सैप बल (4800 सैप जवान, 50 जे0सी0ओ0 एवं 150 रसोईयों) को 06 महीने तक अनुबंध पर रखने की स्वीकृति दी गई, जिसके अनुसार सैप का कुल स्वीकृत बल 17000 (16300 सैप जवान, 150 जे0सी0ओ0 एवं 550 रसोईयों) हो गया।
5. गृह (आरक्षी) विभाग के संकल्प संख्या-3437, दिनांक-27.04.2010 द्वारा भारतीय सेना से सेवानिवृत्त सैप जवानों को पुराने अनुबंधों की शर्ताें एवं देय भुगतान के आधार पर नवीन अनुबंध कर वर्ष 2010-11 के लिए नियोजित किया गया। साथ ही सैप बल के जवानों एवं जे0सी0ओ0 के चयन हेतु अधिकतम आयु सीमा क्रमशः 47 वर्ष एवं 52 वर्ष निर्धारित किया गया।
6. गृह (आरक्षी) विभाग के स्वीकृत्यादेश संख्या-8700, दिनांक-30.11.2011 द्वारा सैप के स्वीकृत्त 17000 बल को वित्तीय वर्ष 2011-12 से 2015-16 अर्थात 05 (पांच) वर्षों तक अनुबंध पर रखने की स्वीकृति प्रदान की गयी।
7. गृह (आरक्षी) विभाग के स्वीकृत्यादेश सं0-7016, दिनांक-07.10.2020 द्वारा सैप के कुल स्वीकृत 17000 बल की अनुबंध अवधि वित्तीय वर्ष 2016-2017 से 2020-2021 तक अर्थात कुल-05 वर्षों के लिए विस्तारित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी।
8. गृह (आरक्षी) विभाग के स्वीकृत्यादेश सं0-2909, दिनांक-21.03.2022 के द्वारा सैप के कुल स्वीकृत 17000 बल की अनुबंध अवधि वित्तीय वर्ष 2021-2022 के लिए विस्तारित करने की स्वीकृति प्रदान की गयी।
9. सैप के गठन से विगत वर्षों में बिहार पुलिस की प्रतिरोधक क्षमता में वृद्धि एवं पुलिस बल के मनोबल में सुधार हुआ है। सैप के गठन से उग्रवादियों एवं संगठित अपराधियों के विरूद्ध छापेमारियाँ तेज हुई है। सैप के गठन के पश्चात् विगत वर्ष में अपराध नियंत्रण, उग्रवाद निरोध एवं विधि-व्यवस्था संधारण में अपेक्षित सहायता मिली है।
10. सैप बल के प्रभावकारी कार्य एवं पुलिस बल की आवश्यकताओं के परिप्रेक्ष्य में वर्तमान में कार्यरत कुल 3953 (3884 सैप, 28 जे0सी0ओ0 एवं 41 रसोईयों) सैप कर्मियों की अनुबंध अवधि को पुराने शर्तों एवं देय भुगतान के आधार पर मात्र वित्तीय वर्ष 2022-2023 के लिए विस्तारित किये जाने का निर्णय लिया गया है।
11. स्वीकृत बल के विरूद्ध वर्तमान में कार्यरत बल की संख्या-3953 है, जिसमें 28 जे0सी0ओ0, 3884 सैप जवान एवं 41 रसोईया है। उल्लेखनीय है कि राज्य पुलिस बल में भी लगातार वृद्धि होती गई है। सम्प्रति राज्य पुलिस बल में सिपाहियोंं एवं समकक्ष कोटि की स्वीकृत संख्या-86647 एवं कार्यरत बल-57439 हैं। इसके अलावा 22676 सिपाहियों की भर्त्ती प्रक्रियाधीन है। अतएव, सैप बलों की अनुबंध अवधि तत्काल एक वर्ष अर्थात वित्तीय वर्ष 2022-2023 के लिये विस्तारित करने की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
12. चालू वित्तीय वर्ष 2022-2023 हेतु कुल कार्यरत बल 3953 (3884 सैप जवान, 28 जे0सी0ओ0 एवं 41 रसोईयों) पर अनुमानित वार्षिक व्यय रू0-89,28,23,320/- (नवासी करोड़ अठाईस लाख तेईस हजार तीन सौ बीस रूपये मात्र) की स्वीकृति अपेक्षित है, जो व्यय मांग संख्या-22 मुख्य शीर्ष ''2055-पुलिस, उपमुख्य शीर्ष-00, लघु शीर्ष-109-जिला पुलिस, उपशीर्ष-0005-स्पेशल ऑक्जिलरी पुलिस हेतु, विषय शीर्ष-0005-28-02-संविदा सेवाऐं एवं विपत्र कोड संख्या-22-2055001090005 के अतंर्गत विकलनीय होगा।
13. इस राशि पर पुलिस महानिदेशक एवं पुलिस महानिरीक्षक, बिहार, पटना का सीधा नियंत्रण होगा। राशि की निकासी एवं व्ययन पदाधिकारी, पुलिस उप-महानिरीक्षक (प्रशासन), बिहार, पटना होंगे तथा जिला स्तर पर संबंधित जिला के पुलिस अधीक्षक होंगे। राशि की निकासी सचिवालय कोषागार, सिंचाई भवन, पटना से की जायेगी एवं जिला स्तर पर संबंधित जिला के कोषागार से की जायेगी।
14. उपर्युक्त में वित्त विभाग की सहमति एवं मंत्रिपरिषद् की स्वीकृति प्राप्त है।
आदेश से, गिरीश मोहन ठाकुर, अवर सचिव।
------
वाणिज्य-कर विभाग
----
अधिसूचनाएं
6 दिसम्बर 2022
सं0 कौन/भी-401/2018-241/सी--श्री शशिकान्त चतुर्वेदी, तत्कालीन राज्य कर उपायुक्त, खगड़िया अंचल, खगड़िया के विरूद्ध निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के द्वारा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 (संशोधित अधिनियम,9 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 2018) धारा 7(a) के तहत दिनांक 10.10.2018 को निगरानी थाना काण्ड संख्या-045/2018 दर्ज किया गया एवं श्री चतुर्वेदी को रू॰ 1,00,000/- (एक लाख) रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा गया। रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़े जाने के आरोप में श्री चतुर्वेदी को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया एवं पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना द्वारा पत्रांक-3536/अप0शा0 दिनांक-15.10.2018 के माध्यम से आवश्यक कार्रवाई हेतु वाणिज्य-कर विभाग से अनुरोध किया गया।
पुलिस अधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना से प्राप्त सूचना के आलोक मे अग्रेतर कार्रवाई करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(2)(क) के प्रावधानानुसार वाणिज्य-कर विभाग द्वारा अधिसूचना संख्या-353/सी, दिनांक-14.12.2018 के माध्यम से श्री चतुर्वेदी को दिनांक 10.10.2018 के भूतलक्षी प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। तत्पश्चात् श्री चतुर्वेदी के विरूद्ध आरोप पत्र गठित करते हुए विभागीय पत्रांक-89/सी (अनु0), दिनांक 27.02.2019 द्वारा बचाव अभिकथन की मांग की गयी।
श्री चतुर्वेदी द्वारा बचाव अभिकथन न देकर न्यायिक हिरासत से बाहर निकलने एवं इसके बाद एक माह तक का समय देने का अनुरोध किया गया। श्री चतुर्वेदी से प्राप्त पत्र पर सम्यक् समीक्षोपरान्त असहमत होते हुए संकल्प ज्ञापांक-189/सी (अनु0), दिनांक- 02.07.2019 द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 के तहत मुख्य जाँच आयुक्त के अधीन विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। संचालन पदाधिकारी (जाँच आयुक्त) से प्राप्त जांच प्रतिवेदन मे श्री चतुर्वेदी के विरूद्ध लगाये गये आरोपों को प्रमाणित करार दिया गया।
तत्पश्चात बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18(3) के तहत जाँच प्रतिवेदन की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक-4/सी (अनु0), दिनांक-27.01.2022 द्वारा श्री चतुर्वेदी से अभ्यावेदन/निवेदन की मांग की गयी। श्री चतुर्वेदी से प्राप्त अभ्यावेदन/निवेदन के सम्यक् समीक्षोपरान्त विभागीय पत्रांक-33/सी, दिनांक-12.04.2022 द्वारा श्री चतुर्वेदी को अंतिम रूप से अपना पक्ष रखने हेतु एक और अवसर दिया गया। श्री चतुर्वेदी से प्राप्त पक्ष के सम्यक् समीक्षोपरान्त असहमत होते हुए सक्षम प्राधिकार द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(xi) के तहत ''सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी'' का दंड विनिश्चित किया गया।
तत्पश्चात विभागीय पत्रांक -कौन/भी-401/2018-72/सी (अनु0), दिनांक 02.06.2022 द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव (सेवा से बर्खास्तगी, जो सामान्यतया सरकार के अधीन भविष्य में नियोजन के लिए निरर्हता होगी) पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्श की मांग की गई।
बिहार लोक सेवा आयोग, पटना द्वारा संचिका सं0-5/प्रो0-36-01/2022 (2436) लो0 से0 आ0. दिनांक-27.09.
2022 के माध्यम से परामर्श प्रेषित किया गया है, जिसमें विभागीय दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी है।
अतएव श्री शशिकांत चतुर्वेदी, तत्कालीन राज्य कर उपायुक्त, खगड़िया अंचल, खगड़िया, सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध रंगे हाथ रिश्वत लेने का आरोप प्रमाणित पाये जाने के फलस्वरूप श्री चतुर्वेदी को सेवा से बर्खास्त किये जाने का निर्णय लिया जाता है।
प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद् का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार सिन्हा, राज्य कर अपर आयुक्त-सह-संयुक्त सचिव।
------
1 दिसम्बर 2022
सं0 6/वि0पत्रा0-24-45/2008-3263--वाणिज्य-कर विभाग के निम्नलिखित पदाधिकारियों को उनके नाम के समक्ष स्तम्भ-5 में अंकित पद एवं स्थान पर अगले आदेश तक प्रतिनियुक्त किया जाता है :-
| क्र0 स 0 ं | पदाधिकारी का नाम/पदनाम | ग ह जिला ृ | वर्तमान पदस्थापन | प तिनियुक्ति/अतिरिक्त ्र प ्रभार का कार्यालय |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | श्री विश्वकान्त तिवारी, राज्य-कर अपर आयुक्त (अपने वेतनमान में), मुख्यालय। | रोहतास | वाणिज्य-कर विभाग, मुख्यालय, बिहार, पटना। | राज्य-कर अपर आयुक्त (अपने वेतनमान् में) सदस्य, वाणिज्य-कर न्यायाधिकरण, बिहार, पटना के पद पर प्रतिनियुक्त। |
| 2 | श्री सुजय प्रकाश उपाध्याय, राज्य-कर अपर आयुक्त | पटना | राज्य-कर अपर आयुक्त, प्रशासन, केन्द्रीय प्रमंडल, पटना। | राज्य-कर अपर आयुक्त, प्रशासन, पटना पूर्वी प्रमंडल, पटना के पद पर अतिरिक्त प्रभार। |
3. यह आदेश दिनांक 01.12.2022 के प्रभाव से लागू होगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, पंकज कुमार सिन्हा, राज्य-कर अपर आयुक्त-सह-संयुक्त सचिव।
------ VIGILANCE DEPARTMENT BIHAR, PATNA FORM No. I ------ DECLARATION The 16th November 2022
(Under Section 5 of the Bihar Special Courts Act 2009, and Rules 7 of Bihar Special Courts Rules 2010) No. Ni. Vi. /Stha (Vi.Nya.)-07/2022-5378/सी0---WHEREAS, It is alleged that Sri Kaushal Kishore Tripathi, the then Motor Vehicle Inspector, Katihar, S/o Sri RamchandraTripathi, Village-Kaparpura, P.S. - Kanti, District-Muzaffarpur at present A-304, Siyachandrika Apartment, RMS Colony, P.S.-Kankarbagh, District- Patna, while holding the post of Motor Vehicle Inspector, Katihar and serving in different capacities in the State of Bihar, committed an offence under clause (e) of sub- section (1) of Section 13 of the Prevention of Corruption Act, 1988 and that the matter was investigated in Vigilance Investigation Bureau, Bihar Case No. 102/2015 dated 08.12.2015.
AND WHEREAS, on scrutiny of relevant materials available on record, the State Government is of the opinion that there is prima faciecase of Commission of above mentioned criminal misconduct by said Sri Kaushal Kishore Tripathi, the then Motor Vehicle Inspector, Katihar, who has accumulated properties disproportionate to his known sources of income by resorting to corrupt means.
AND WHEREAS, it is felt necessary and expedient by the Government that the said offender should be tried for confiscation of the properties mentioned in the application by the Special CourtsEstablished under sub-section (1) of Section 3 of Bihar Special Courts Act, 2009;
NOW, THEREFORE, in exercise of the powers conferred by sub-section (1) of Section 5 of Bihar Special Courts Act, 2009, the State Government do hereby declare that the said offence shallbe dealt with under the provisions of Special Courts Act, 2009.
By the order of the Governor of Bihar, Sd/-Illegible, Additional Chief Secretary to Government.
-----
गृह विभाग
(विषेष शाखा)
------
आदेश
9 दिसम्बर 2022
सं0 एल/एच॰जी॰-14-06/2018-13794--बिहार गृह रक्षा वाहिनी सेवा के निम्नांकित तीन परीक्ष्यमान जिला समादेष्टा (पुलिस उपाधीक्षक के समकक्ष) की सेवा बिहार पुलिस मेनुअल के नियम-648(क) में निहित प्रावधान के आलोक में उनके नाम के सामने स्तंभ-4 में अंकित तिथि से संपुष्ट की जाती हैंः-11 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022
| क्र॰ | नाम/पदनाम/पदस्थापन | नियुक्ति की तिथि | सम्पुष्टि की तिथि |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1 | श्री विनय कुमार, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, औरंगाबाद | 27.06.2019 (अपराह्न) | 28.06.2022 |
| 2 | श्री अविनाश कुमार, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, बक्सर | 28.06.2019 (पूर्वाह्न) | 11.10.2022 |
| 3 | श्रीमती तृप्ति सिंह जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) | 28.06.2019 (पूर्वाह्न) | 13.07.2022 |
आदेश से,
अनिमेश पाण्डेय, संयुक्त सचिव।
------
पथ निर्माण विभाग
------
अधिसूचनाएं
10 अक्तूबर 2022
सं0 प्र0-11/बैठक-16-20/2018-5111(S)--सरकार के आदेशानुसार नगर निगम के स्वामित्व वाले
| क्र.सं. | पथ प्रमंडल का नाम | पथ का नाम | पथ चैनेज | लम्बाई (कि0मी0) | दायित्व रहित अनापत्ति प्रमाण पत्र का प्रसंग |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| 1 | दरभंगा | महात्मा गांधी कॉलेज से अलीनगर PWD पथ खर्गाचौक, सहनी चौक, परमेश्वर चौक होते हुए बेला दुर्गा मंदिर तक PWD पथ तक PTC चाहरदिवारी के उत्तर वाले पथ रेलवे लाईन तक परमेश्वर चौक म ं े पोलिटेकनिक चौक PWD पथ तक। | 0.000 से 2.250 कि0मी0 | 2.250 | नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार का पत्रांक 360 दिनांक 05.02.21 |
| 2 | PWD एल.एन.मिश्रा पथ वैरोलिया निवास से परवा गदी होते हुए नाका नं॰-04 से केला गद्दी होते हुए शिवाजी चौक एवं मशरफ बाजार चौक से दक्षिण नगर थाना एल.एन. मिश्रा पी.डब्लू.डी. पथ तक एवं शिवाजी चौक से उत्तर डा0 रामबाबू खैतार होते हुए गामी डिपार्टमेंटल स्टोर के निकट PWD पथ तक। | 0.000 से 1.540 कि0मी0 | 1.540 | ||
| 3 | म्यूजियम गुमटी VIP रोड PWD पथ से जे.पी.चौक होते हुए ज्ञान भारती पब्लिक स्कूल विद्यापति चौक से ज्ञान निकेतन पब्लिक स्कूल से पश्चिम लक्ष्मीसागर दुर्गा मंदिर तक एवं गैस गोदाम चौक से विद्यापति चौक से पश्चिम ओवर ब्रीज रेलवे क्रासिंग तक PWD ओवर ब्रीज के निकट। | 0.000 से 1.650 कि0मी0 | 1.650 | ||
| 4 | दरभंगा टावर से भगत सिंह चौक, पंसारी पेट्रोल पंप होते हुए मिर्जापुर चौक एवं दरभंगा टावर से राजाबाबू पेट्रोल पंप, हसन चौक, लालबाग पोस्ट ऑफिस, PWD पथ NCC से योगेन्द्र झा चौक PWD मिलान बिन्दु तक एवं लालबाग पोस्ट ऑफिस से पंसारी पेट्रोल पंप भगत सिंह चौक से सी. एम.साईंस कॉलेज PWD पथ मुख्य द्वार से पूरब मुशासाह स्कूल PWD के मिलान बिन्दु तक एवं नगर निगम के पीछे मारवाड़ी स्कूल होते हुए PWD पथ एल.एन.मिश्रा पथ तक। | 0.000 से 2.695 कि0मी0 | 2.695 | ||
| 5 | गया | कालचक्र मैदान से महारानी रोड भाया सुजाता बाईपास पथ | 0.000 से 0.590 कि0मी0 | 0.590 | नगर परिषद बोधगया का पत्रांक 663 दिनांक 14.07.22 |
| 6 | सक्सेना मोड़ से शाक्यमूणि कॉलेज भाया कटोरवा रामण्या भूमि से जयहिन्द पब्लिक स्कूल के निकट (NH-83) पथ। | 0.000 से 2.400 कि0मी0 | 2.400 | नगर परिषद बोधगया का पत्रांक 637 दिनांक 06.07.22 | |
| 7 | बोधगया-गया पथ में डाकस्थान से होकर सेवधर बिगहा बेलवा टांड होते हुए NH- 83 डी.ए.भी. स्कूल तक पथ। | 0.000 से 1.900 कि0मी0 | 1.900 | ||
| 8 | तिब्बत धर्मशाला स े होटल ओम इन्टरनेशनल, बोधगया भाया सब्जी मार्केट तक। | 0.000 से 0.600 कि0मी0 | 0.600 |
2. संबंधित क्षेत्र के पथ प्रमण्डल के कार्यपालक अभियंता, विधिवत रूप से उपर्युक्त पथों का दायित्व रहित प्रभार संबंधित विभाग/ नगर परिषद् से प्राप्त करेंगे तथा विभागीय पंजी में संधारित करते हुए अग्रतर कार्रवाई करेंगे एवं पथ का अद्यतन स्टेटस प्रतिवेदन तीन दिनों के भीतर विशेष दूत से अधीक्षण अभियंता (अनुश्रवण) को समर्पित करेंगे। विषयांकित पथ के Right of Way संबंधित सूचना भी निश्चित रूप से प्राप्त कर लेंगे।
3. संबंधित पथ के विरूद्ध पूर्व से सृजित किसी भी दायित्व का वहन पथ निर्माण विभाग द्वारा नहीं किया जाएगा। 4. निर्माण एवं संधारण के प्रस्ताव पर माननीय उप मुख्य (पथ निर्माण) मंत्री का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, मुकेश कुमार, संयुक्त सचिव (प्र॰को॰)।
------
13 अक्तूबर 2022
सं0 1/विविध (अतिरिक्त प्रभार)-15/2017-5204(S)--1. श्री सुशील कुमार, कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, किशनगंज को स्थानान्तरित करते हुए कार्यपालक अभियंता के समकक्ष पद पर पदस्थापन हेतु इनकी सेवा बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड को सौंपी जाती है।
सं0 1/विविध (अतिरिक्त प्रभार)-15/2017-5205(S)--2. श्री शैलेश कुमार, सहायक अभियंता अतिरिक्त प्रभार कार्यपालक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड की सेवा वापस लेते हुए अगले आदेश तक के लिए अपने ही वेतनमान में कार्यकारी व्यवस्था के अधीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, किशनगंज के पद पर पदस्थापित किया जाता है। प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है ।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अर्जुन कुमार मिश्रा, अवर सचिव (प्र0को0)
------
18 अक्तूबर 2022
सं0 निग/सारा-4 (पथ) आरोप-48/2014-5262(S)-- मुजफ्फरपुर जिलान्तर्गत रून्नी सैदपुर-कटरा-केवटसा पथ के कि0मी0 26.15 में निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त हो जाने के संबंध में अध्यक्ष, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के पत्रांक-2658 दिनांक-10.09.14 से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन एवं अनुशंसा के आलोक में संलग्न श्री जितेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन परियोजना अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल संख्या-1, मुजफ्फरपुर को विभागीय अधिसूचना संख्या-9111 (एस) दिनांक-19.09.14 द्वारा निलंबित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील)13 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 नियमावली, 2005 के नियम-17 के अन्तर्गत विभागीय संकल्प ज्ञापांक-11248 (एस) अनु0 दिनांक-25.11.14 द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध अपर विभागीय जाँच आयुक्त के अधीन विभागीय कार्यवाही संचलित की गयी। संचालन पदाधिकारी-सह-अपर विभागीय जाँच आयुक्त के पत्रांक-972 अनु0 दिनांक-29.08.16 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रपत्र-"क" में गठित एक मात्र आरोप को अप्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। 2. संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में अंकित निष्कर्ष की विभागीय समीक्षा की गई। समीक्षोपरांत यह पाया गया कि श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रपत्र-'क' के तहत गठित आरोप एवं गठित विभागीय मंतव्य के संदर्भ में सन्निहित तकनीकी बिन्दुओं पर संचालन पदाधिकारी के द्वारा विश्लेषण नहीं किया गया है और न ही अपना कोई सुस्पष्ट अभिमत ही गठित किया गया है बल्कि श्री प्रसाद के बचाव-बयान मात्र को ही आरोप अप्रमाणित होने का आधार बनाया गया है, जिसके फलस्वरूप संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से उत्पन्न असहमति के बिन्दुओं को रेखांकित करते हुए विभागीय पत्रांक-789 (एस) अनु0 दिनांक-02.02.17 द्वारा श्री प्रसाद को द्वितीय कारण पृच्छा निर्गत किया गया, जिसके आलोक में श्री प्रसाद से प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर पत्रांक-शून्य दिनांक-22.02.17 की बिन्दुवार समीक्षा की गई, जिसमें यह पाया गया कि श्री प्रसाद के द्वारा योजना की विशिष्टियों एवं मानक प्रक्रियाओं की अवहेलना करते हुए निर्धारित कार्य दायित्व का समुचित ढंग से निर्वहन नहीं किया गया, जबकि संचालन पदाधिकारी के द्वारा भी समर्पित अंतिम जाँच प्रतिवेदन के तहत श्री प्रसाद के बचाव बयान मात्र को ही बिना किसी तकनीकी और तथ्यगत साक्ष्य के ही पूर्ण रूप से स्वीकार करते हुए आरेाप प्रमाणित नहीं पाये जाने का अभिमत गठित किया गया, जिसका कोई तर्कसंगत आधार प्रतीत नहीं होता है। 3. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में प्रश्नगत मामले में संचालित विभागीय कार्यवाही में श्री प्रसाद द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर पत्रांक-शून्य, दिनांक-22.02.2017 की विभाग के स्तर पर उपलब्ध तथ्यों, साक्ष्यों एवं तर्कों के आधार पर विस्तृत एवं व्यापक संदर्भ में की गयी समीक्षा के उपरांत विषयांकित निर्माणाधीन पुल के ध्वस्त हो जाने के सन्निहित आरोपों की तीव्रता एवं गंभीरता को दृष्टिपथ में रखते हुए प्राप्त द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए सम्यक् विचारोपरांत विभागीय कार्यालय अधिसूचना संख्या-11059 (एस)-सहपठित ज्ञापांक-11060 (एस) दिनांक-04.12.2017 द्वारा श्री जितेन्द्र प्रसाद, तत्कालीन परियोजना अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, कार्य प्रमंडल संख्या-1, मुजफ्फरपुर को निलंबन से मुक्त करते हुए प्रमाणित पाये गये आरोपों का दोषी पाते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 (viii) के तहत सहायक अभियंता के कालमान वेतन में निम्नतर प्रक्रम पर पदावनत का दंड संसूचित किया गया। 4. निलंबन से मुक्त होने के पश्चात् श्री प्रसाद द्वारा निलंबन की अवधि (दिनांक-19.11.14 से दिनांक-03.12.2017 तक) तक की सेवा को विनियमित करने हेतु दिनांक-04.12.2017 को समर्पित अभ्यावेदन के माध्यम से अनुरोध किया गया। 5. श्री प्रसाद के द्वारा अपने अभ्यावेदन दिनांक-03.11.2017 के द्वारा उनके निलंबन अवधि दिनांक-19.11.2014 से एक वर्ष की गणना करते हुए अर्थात दिनांक-19.11.2015 से देय जीवन निर्वाह भता कुल 75 प्रतिवशत करने का अनुरोध किया गया। श्री प्रसाद द्वारा समर्पित उक्त अभ्यावेदन की विभागीय स्तर पर समीक्षा में पाया गया कि श्री प्रसाद को दिनांक-04.12.2017 से निलंबनमुक्त किया जा चुका था और वे सम्प्रति कार्यरत है। ऐसी स्थिति में जीवन निर्वाह भता में बढोंतरी किये जाने की कोई प्रासंगिकता नही रह जाती है। तदनुसार श्री प्रसाद के अभ्यावेदन दिनांक-03.11.2017 को अस्वीकृत किया जाता है। 6. श्री प्रसाद के द्वारा विनियमित करने हेतु समर्पित अभ्यावेदन दिनांक-04.12.2017 की समीक्षा में पाया गया कि उनके द्वारा पूरे निलंबन अवधि के दौरान कार्यालय में उपस्थित रहने एवं विभागीय कार्यवाही के संचालन में पूर्ण सहयोग किये जाने का उल्लेख किया गया है, जो निलंबन अवधि के पूर्ण वेतन भत्तों के साथ विनियमित किये जाने का आधार कदापि नहीं हो सकता है। 7. उपरोक्त वर्णित परिप्रेक्ष्य में श्री प्रसाद के विनियमित करने हेतु समर्पित अभ्यावेदन दिनांक-04.12.2017 को सम्यक् विचारोपरांत चूँकि श्री प्रसाद के विरूद्ध संचालित प्रश्नगत विभागीय कार्यवाही के तहत प्रमाणित पाये गये आरोपों के विरूद्ध दंडादेश संसूचित किया जा चुका है, ऐसी स्थिति में श्री प्रसाद के निलंबन अवधि (दिनांक-19.11.14 से दिनांक-03.12. 2017 तक) में जीवन निर्वाह भत्ता के अतिरिक्त अन्य कुछ भी देय नहीं होगा, परन्तु उक्त अवधि अन्य प्रयोजनार्थ कर्तव्य पर बितायी गयी अवधि के रूप में परिगणित की जा सकेगी-के रूप में विनियमित किया जाता है।
8. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार राय, संयुक्त सचिव।
------
20 अक्तूबर 2022
सं0 निग/सारा-1 (पथ)-आरोप-36/2022-5349(S)--पथ प्रमंडल संख्या-01, जहानाबाद अन्तर्गत बंधुगंज-हबलीपुर-चंधरिया-मसौढ़ी पथ में कराये गये/कराये जा रहे कार्यो की जाँच उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-02, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना द्वारा दिनांक 13.07.2017 को की गयी। उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-02 द्वारा जाँचोपरांत प्रारंभिक एवं अन्तिम (गुणवत्ता) जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसकी विभागीय समीक्षोपरांत परिलक्षित निम्नलिखित त्रुटियों के लिए श्री समलदेव कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल संख्या-01, जहानाबाद सम्प्रति सहायक अभियंता (अनुश्रवण) पथ प्रमंडल, बेतिया से विभागीय पत्रांक-442 (एस) अनु॰, दिनांक 15.01.2018 के द्वारा स्पष्टीकरण की मांग की गयी :-
14(cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 (i) पथ के 15वें कि॰मी॰ में कराये गये SDBC Gr-2 का FDD-2.11 gm/cc पाया गया जो प्राक्कलन में प्रावधानित 2.30 प्रतिशत से कम है। (ii) पथ के 15वें कि॰मी॰ में कराये गये SDBC Gr-2 कार्य में प्रयुक्त अलकतरा की औसत मात्रा 3.90 प्रतिशत पाया गया, जो प्राक्कलन में प्रावधानित मात्रा 5.00 प्रतिशत से कम है। 2. स्पष्टीकरण अप्राप्त रहने की स्थिति में विभागीय पत्रांक-2688 (एस) दिनांक 04.04.2018, पत्रांक-4861 (एस) दिनांक 26.06.2018, पत्रांक-3376 (एस) दिनांक 15.03.2019, पत्रांक-4676 (एस) दिनांक 10.05.2019, पत्रांक-7193 (एस) दिनांक 05.08.2019 एवं पत्रांक-898 (एस) दिनांक 04.02.2020 द्वारा स्मारित किया गया, परन्तु श्री कुमार द्वारा स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित नहीं किया गया। स्पष्ट है कि श्री कुमार को स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित किये जाने हेतु पर्याप्त अवसर प्रदान किया गया, इसके बावजूद इनके द्वारा स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित नहीं किया गया। स्पष्ट है कि इनके द्वारा जान-बूझकर अपना स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित नहीं किया गया, जबकि विभागीय समीक्षा के क्रम में यह पाया गया है कि आलोच्य त्रुटियों के लिए श्री कुमार जिम्मेवार थे। अतएव आलोच्य त्रुटिपूर्ण कार्य के लिए श्री कुमार को दोषी माना जाता है।
3. अतः सम्यक समीक्षोपरांत श्री समलदेव कुमार, तत्कालीन सहायक अभियंता, पथ प्रमंडल संख्या-01, जहानाबाद सम्प्रति सहायक अभियंता (अनुश्रवण) पथ प्रमंडल, बेतिया के विरूद्ध गठित आरोप/त्रुटि प्रमाणित मानते हुए समानुपातिक रूप से इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 (v) के तहत निम्न दण्ड संसूचित किया जाता है :- '' असंचयात्मक प्रभाव से 02 (दो) वार्षिक वेतनवृद्धि पर रोक। '' 4. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप-सचिव।
------
4 नवम्बर 2022
सं0 निग/सारा-(निगम) वि॰नि॰ई०था०कां॰-04/2022-5503(S)--बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम के पत्रांक-2447 अनु0 दिनांक-18.08.2022 के साथ संलग्न पुलिस अधीक्षक, विशेष निगरानी इकाई, पटना के पत्रांक-1073 दिनांक-17.08.2022 द्वारा सूचित किया गया है कि श्री अरूण कुमार, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड पटना के विरूद्ध रिश्वत लेने से संबंधित मामले में धारा-7 भ्र॰नि॰अधि॰, 1988 के तहत विशेष निगरानी इकाई थाना कांड संख्या-11/2022, दिनांक-16.08.2022 दर्ज किया गया है। पुनः निगम के पत्रांक-2676 दिनांक 05.09.2022 के साथ संलग्न पुलिस अधीक्षक, विशेष निगरानी इकाई, पटना के पत्रांक-1139/11/2022/SVU/Pat, दिनांक 05.09.2022 द्वारा सूचित किया गया है कि विशेष निगरानी इकाई, पटना के गठित धावा दल के द्वारा दिनांक 17.08.2022 को श्री कुमार के द्वारा परिवादी श्री गणेश कुमार से रू0 50,000/- (पच्चास हजार रूपये) रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार कर उन्हें माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया, जहाँ से आदेशानुसार उन्हें दिनांक-18.08.2022 से न्यायिक हिरासत में भेजा गया है। इनके गृह तलाशी के क्रम में रू0 19,50,000/- (उन्नीस लाख पच्चास हजार रूपये) की राशि एवं कुछ संदेहात्मक दस्तावेज जब्त किये गये है, जिसकी जाँच की जा रही है।
2. प्रश्नगत मामले में विभागीय स्तर पर की गई समीक्षा में यह पाया गया कि श्री कुमार के विरूद्ध विशेष निगरानी इकाई थाना कांड संख्या-11/2022, दिनांक-16.08.2022 दर्ज है, जिस पर अनुसंधान जारी है। अतः सम्यक् विचारोपरांत श्री अरूण कुमार, तत्कालीन अधीक्षण अभियंता, बिहार पुलिस भवन निर्माण निगम लिमिटेड, पटना को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 (2)-क के अन्तर्गत दिनांक-17.08.2022 के प्रभाव से निलंबित किया जाता है।
3. न्यायिक हिरासत से मुक्त होने के पश्चात श्री कुमार पथ निर्माण विभाग, पटना (मुख्यालय) में योगदान समर्पित करेंगे।
4. निलंबन की अवधि में श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 के तहत् अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
5. इनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही संचालित करने हेतु अलग से नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। 6. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार राय, संयुक्त सचिव।
------
4 नवम्बर 2022
सं0 निग/सारा-1(पथ) नि॰था॰कां॰-03/2022-5505 (S)--नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्रांक-2182 दिनांक- 12.08.2022 द्वारा पुलिस अधीक्षक, विशेष निगरानी इकाई, पटना के पत्रांक-940/10/2022/SVU/Pat, दिनांक-26.07.2022 को संलग्न करते हुए सूचित किया गया है कि श्री अनिल कुमार यादव, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, उत्तर बिहार, आयोजन, निरूपण एवं अनुश्रवण, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित करने के मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(1)(b) r/w 13(2) r/w 12 एवं15 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 भारतीय दंड संहिता की धारा 120 (B) के तहत् विशेष निगरानी इकाई, पटना द्वारा प्राथमिकी दर्ज किया गया है, जिसका थाना कांड संख्या-10/2022 है। 2. नगर विकास एवं आवास विभाग के पत्र के साथ संलग्न पुलिस अधीक्षक, विशेष निगरानी इकाई, पटना के प्राथमिकी प्रतिवेदन में अंकित है कि श्री अनिल कुमार यादव, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, उत्तर बिहार, आयोजन, निरूपण एवं अनुश्रवण, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना द्वारा भ्रष्ट एवं अनैतिक तरीके से रू॰ 98,41,366/- (रूपये अन्ठानवे लाख एकतालिस हजार तीन सौ छियासठ) मात्र के प्रत्यानुपातिक धनार्जन किया गया है, जिसकी प्रारंभिक जाँच की जा रही है तथा उनके विरूद्ध धारा- 13(1)(b) r/w 13(2) r/w 12 भ्र॰नि॰अधि॰, 1988 (संशोधित अधिनियम 2018) एवं भारतीय दंड संहिता की धारा 120 (B) के तहत् विशेष निगरानी इकाई द्वारा थाना कांड संख्या-10/2022 दिनांक 25.07.2022 दर्ज किया गया है। 3. प्रश्नगत मामले में विभागीय स्तर पर की गई समीक्षा में यह पाया गया कि श्री यादव के विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या-10/2022, दिनांक-25.07.2022 दर्ज है, जिस पर अनुसंधान जारी है। अतः सम्यक् विचारोपरांत श्री अनिल कुमार यादव, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, उत्तर बिहार, आयोजन, निरूपण एवं अनुश्रवण, नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति सेवा पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना को वापस, को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-9 (1)(ग) के अन्तर्गत तत्काल प्रभाव से निलंबित किया जाता है। 4. निलंबन की अवधि में श्री यादव का मुख्यालय अभियंता प्रमुख का कार्यालय, पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना होगा। 5. निलंबन की अवधि में श्री यादव को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-10 के तहत् अनुमान्य जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा। 6. इनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही संचालित करने हेतु अलग से नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी। 7. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार राय, संयुक्त सचिव।
------
9 नवम्बर 2022
सं0 निग/सारा-1 (पथ)-नि॰वि॰-02/19-5560(S)--श्री सुरेश प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना पश्चिम पथ प्रमंडल, पटना सम्प्रति सेवानिवृत (दिनांक-31.03.2022) के उक्त पदस्थापन अवधि में Secured Advance का भुगतान के एवज में संवेदक से रिश्वत् की मांग तथा इस संबंध में रुपये 14,00,000/- (चौदह लाख) मात्र रिश्वत् लेते रंगे हाथाें पकड़े जाने के मामले में उनके विरूद्ध दर्ज निगरानी थाना कांड संख्या-23/2019 में दिनांक- 08.06. 2019 को कारा में संसीमन होने की तिथि से अधिसूचना संख्या- 5659 (एस) दिनांक- 14.06.2019 द्वारा निलंबित किया गया। विभागीय अधिसूचना संख्या- 1398 (एस) दिनांक- 20.02.2020 द्वारा श्री सिंह के कारा से मुक्त होने एवं विभाग में दिनांक- 20.01.2020 को योगदान दिये जाने की तिथि से निलंबन मुक्त करते हुये योगदान स्वीकृत किया गया तथा पुनः दिनांक- 20.01.2020 के प्रभाव से विभागीय कार्यवाही संचालित किये जाने निमित्त निलंबित किया गया। इसी क्रम में उनके विरूद्ध प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में दर्ज निगरानी थाना कांड संख्या-26/2019 से संबंधित निगरानी अन्वेषण ब्यूरों से प्राप्त अभिलेख एवं विभागीय अभिलेखों एवं साक्ष्यों के आधार पर आरोप पत्र गठित कर श्री सिंह के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक-3578 (एस), दिनांक 11.06.2020 के द्वारा मुख्य जाँच आयुक्त के अधीन विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी। 2. श्री सिंह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में निम्न आरोप गठित किये गयेः-
(i) पटना पश्चिम पथ प्रमंडल, पटना अन्तर्गत Vikram-Via-Gonawanmore to Amhara पथ (कि॰मी॰ 0.00 से 20.811 तक) के चौड़ीकरण एवं मजबूतीकरण कार्य के लिए एकरारनामा सं॰-04/SBD/2018-19 के तहत कराये जा रहे निर्माण कार्य के बदले Secured Advance का किया जाने वाला भुगतान के मद में रिश्वत्् मांगने के आरोप के लिए संवेदक साज इन्फ्राकॉन प्रोजेक्ट इण्डिया लिमिटेड के प्रबंध निदेशक, श्री अखिलेश कुमार जायसवाल द्वारा निगरानी अन्वेषण ब्यूराें में श्री सुरेश प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना पश्चिम पथ प्रमंडल, पटना सम्प्रति निलंबित के विरूद्ध परिवाद पत्र दिनांक 03.06.2019 दायर किया गया। इस परिवाद पत्र के आलोक में निगरानी अन्वेषण ब्यूरों के गठित धावा दल द्वारा दिनांक 08.06.2019 को श्री सिंह को परिवादी से रुपये 14,00,000/- (चौदह लाख) रिश्वत्् लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया तथा उनके विरूद्ध निगरानी थाना कांड संख्या-023/2019, दिनांक 08.06.2019 दर्ज किया गया। साथ ही निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार के पत्रांक-1494, दिनांक-25.06.2019 द्वारा यह सूचित किया गया है कि श्री सिंह एवं उनकी पत्नी के विरूद्ध रूपये 5,16,08,982/- (पाँच करोड़, सोलह लाख, आठ हजार, नौ सौ बेरासी) के प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में निगरानी थाना काण्ड संख्या-26/2019, दिनांक-21. 06.2019 दर्ज किया गया है।16 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 (ii) परिवाद पत्र का आधार यह है कि संवेदक के पक्ष में कार्यादेश निर्गत होने के पश्चात्् आलोच्य पथ के एकरारनामा बनाने में श्री सिंह द्वारा टाल-मटोल की गयी। संवेदक द्वारा अधीक्षण अभियंता से इस संबंध में लिखित शिकायत के बाद ही श्री सिंह, कार्यपालक अभियंता द्वारा उक्त कार्य का एकरारनामा किया गया। यह पूरा कार्य का लागत रुपये 44,22,82,993/- का है, जिसकी एकरारित राशि रुपये 39,80,54,694/- है। संवेदक द्वारा लगभग 7 कि॰मी॰ GSB का कार्य पूरा किया गया तथा इस कार्य को तीव्र गति से पूर्ण करने के लिए करीब रुपये 3-4 करोड़ का निर्माण सामग्री Stock कर दिया गया, जिसके लिए इनके द्वारा कार्यपालक अभियंता से रुपये 3 (तीन) करोड़ की Secured Advance की मांग की गयी। श्री सिंह, कार्यपालक अभियंता द्वारा उक्त राशि के भुगतान के लिए रुपये 40 लाख की मांग रिश्वत्् के रूप में की गयी, जो संवेदक के अनुनय विनय पर 32 लाख रुपये रिश्वत्् राशि पर Secured Advance दिया जाना तय हुआ। परिवादी के शिकायत पर रुपये 14 (चौदह) लाख लेते हुए श्री सिंह को निगरानी धावा दल द्वारा रंगे हाथ दिनांक 08.06.2019 को गिरफ्तार किया गया।
कार्यादेश निर्गत की तिथि 01.02.2019 है तथा एकरारनामा दिनांक 08.03.2019 के अनुसार कार्य प्रारंभ की तिथि भी 01.02.2019 है। परिवाद पत्र में संवेदक द्वारा लगाये गये आरोप कि श्री सिंह के द्वारा आलोच्य कार्य का एकरारनामा संवेदक से नहीं किया जा रहा था तथा अधीक्षण अभियंता को लिखित शिकायत पर श्री सिंह के द्वारा दिनांक 08.03.2019 को एकरारनामा किया गया, सही प्रतीत होता है, क्योंकि दिनांक 01.02.2019 को शुरू होने वाले आलोच्य कार्य के लिए एकरारनामा काफी विलम्ब से दिनांक 08.03.2019 को किया जाना इस आरोप को पुष्ट करता है कि संवेदक से Agreement करने में श्री सिंह के द्वारा जान-बूझकर रिश्वत्् के मांग के लिए उपेक्षा की रणनीति अपनायी गयी।
(iii) सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, बिहटा के पत्रांक-88, दिनांक 29.07.2019 से स्पष्ट होता है कि श्री सिंह द्वारा उनके गिरफ्तार होने के तिथि-08.06.2019 तक Secured Advance का भुगतान संवेदक को नहीं किया गया था। स्पष्ट है कि परिवादी का आरोप सही है कि श्री सिंह ने Secured Advance के भुगतान के लिए रिश्वत्् के रकम की मांग की। संवेदक से एकरारनामा के पश्चात्् आलोच्य कार्य कराये जाने एवं संवेदक द्वारा 3-4 करोड़ रुपये का निर्माण सामग्री Stock करा देने के पश्चात्् श्री सिंह के द्वारा Secured Advance का भुगतान किया जाना चाहिए था। संवेदक से रिश्वत्् की राशि प्राप्त करने के लिए श्री सिंह के द्वारा जान-बूझकर विलम्ब किया गया।
(iv) वर्त्तमान कार्यपालक अभियंता, पटना पश्चिम पथ प्रमंडल, पटना द्वारा उपलब्ध करवाये गये MB No- 1745, 1806, 1792 एवं 1744 के अवलोकन से स्पष्ट है कि श्री सिंह के द्वारा पटना पश्चिम पथ प्रमंडल, पटना में चल रहे दूसरे कार्यो के संवेदकों, यथा- मेसर्स दयानन्द प्रसाद सिन्हा एण्ड कम्पनी को एकरारनामा संख्या-03/SBD/2018-19, राजकुमार सिंह राजा कन्सट्रक्शन प्रा॰ लि॰ को एकरारनामा संख्या-02/SBD/2018-19 तथा वंशीधर कन्सट्रक्शन प्रा॰लि॰ को एकरारनामा संख्या-01/CMBD/2018-19 के तहत Secured Advance का भुगतान किया गया है, लेकिन आलोच्य कार्य में संवेदक को Secured Advance दिये जाने में श्री सिंह के द्वारा जान-बूझकर विलम्ब किया गया, ताकि संवेदक से रिश्वत्् की रकम प्राप्त की जा सके।
(v) इसके अतिरिक्त, निगरानी अन्वेषण ब्यूरों, बिहार, पटना के द्वारा श्री सिंह को ट्रैप किये जाने के दौरान उनके गृह तलाशी के क्रम में 2,36,23,000/- (दो करोड़, छत्तीस लाख, तेईस हजार) रू0 नगद सहित भू दस्तावेज, बैंक लॉकरों तथा बैंक में भारी मात्रा में जमा राशि संबंधी बैंक पासबुक जप्त किये गये। साथ ही निगरानी विभाग द्वारा श्री सिंह एवं उनकी पत्नी के विरूद्ध 5,16,08,982/- (पाँच करोड़, सोलह लाख, आठ हजार, नौ सौ बेरासी) रू0 के प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप में भी निगरानी थाना काण्ड 26/2019 दिनांक 21.06.2019 दर्ज किया गया।
(a) गृह तलाशी के क्रम में 2,36,23,000/- (दो करोड़, छत्तीस लाख, तेईस हजार) रू0 नगद पाया गया, जबकि वर्ष 2018-19 (घोषित 05.02.2019) के Declaration of Assets and Liabilities में अपने नाम पर मात्र 35,000/- रू0 एवं अपनी पत्नी श्रीमती शान्ति सिंह के नाम पर 45,000/- रू0 नगद होने का उल्लेख किया गया।
(b) गृह तलाशी के क्रम में श्री सिंह के नाम पर 11 (ग्यारह) से भी अधिक बैंक खाता जब्त किया गया, जबकि वर्ष 2017-18 (घोषित दिनांक 08.02.2018) एंव वर्ष 2018-19 (घोषित 05.02. 2019) के Declaration of Assets and Liabilities में अपने नाम पर मात्र दो बैंक खाता होने का उल्लेख किया गया।17 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 (c) गृह तलाशी के क्रम में श्री सिंह के नाम पर Other Financial Institutions से संबंधित 08 (आठ) से भी अधिक Policy से संबंधित कागजात जब्त किया गया, जबकि वर्ष 2017-18 (घोषित दिनांक 08.02.2018) एंव वर्ष 2018-19 (घोषित 05.02.2019) के Declaration of Assets and Liabilities में अपने नाम पर मात्र पाँच Policy होने का उल्लेख किया गया।
(d) गृह तलाशी के क्रम में श्री सिंह के पत्नी श्रीमती शान्ति सिंह के नाम पर 05 (पाँच) से भी अधिक बैंक खाता जब्त किया गया, जबकि वर्ष 2017-18 (घोषित दिनांक 08.02.2018) एंव वर्ष 2018-19 (घोषित 05.02.2019) के Declaration of Assets and Liabilities में श्रीमती शान्ति सिंह केे नाम पर मात्र दो बैंक खाता होने का उल्लेख किया गया। (e) गृह तलाशी के क्रम में श्री सिंह के पत्नी श्रीमती शान्ति सिंह के नाम पर Other Financial Institutions से संबंधित 06 (छः) से भी अधिक Policy के कागजात जब्त किये गये, जबकि वर्ष 2017-18 (घोषित दिनांक 08.02.2018) एंव वर्ष 2018-19 (घोषित 05. 02.2019) के Declaration of Assets and Liabilities में श्रीमती शान्ति सिंह के नाम पर एक भी Policy नहीं होने का उल्लेख किया गया।
(f) गृह तलाशी के क्रम में श्री सिंह के दो पुत्र (श्री पियुस, श्री प्रसुन) एवं दो पुत्री (सुश्री स्मृति, सुश्री प्रीति) जो उनके उपर Dependant है, से संबंधित कुल 11 (ग्यारह) बैंक खाता जब्त किया गया, जबकि वर्ष 2017-18 (घोषित दिनांक 08.02.2018) एंव वर्ष 2018-19 (घोषित 05. 02.2019) के Declaration of Assets and Liabilities में इस संबंध में एक भी बैंक खाता नहीं होने का उल्लेख किया गया।
(g) गृह तलाशी के क्रम में श्री सिंह के दो पुत्र (श्री पियुस, श्री प्रसुन) एवं एक पुत्री (सुश्री प्रीति) जो उनके उपर Dependant है, से संबंधित Other Financial Institutions के कुल 07 (सात) से भी अधिक Policy के कागजात जब्त किये गये, जबकि वर्ष 2017-18 (घोषित दिनांक 08.02.2018) एंव वर्ष 2018-19 (घोषित 05.02.2019) के Declaration of Assets and Liabilities में इस संबंध में एक भी Policy नहीं होने का उल्लेख किया गया। (h) गृह तलाशी के क्रम में श्री सिंह एवं उनकी पत्नी शान्ति सिंह के नाम का नोयडा (उ0प्र0) में 28,01,000/- (अठाईस लाख एक हजार) रू0 का फ्लैट एग्रीमेंट पेपर जब्त किया गया, जबकि वर्ष 2017-18 एंव वर्ष 2018-19 के Declaration of Assets and Liabilities में इसका उल्लेख नहीं किया गया।
(i) गृह तलाशी के क्रम में श्री सिंह के दो Dependent पुत्रियों सुश्री स्मृृति एवं सुश्री प्रीति के नाम पर पटेल नगर के निर्मला रेसिडेन्सी में क्रमशः 25.00 लाख रुपये एवं 24,34,000/- का दो फ्लैट निबंधित है, जबकि वर्ष 2017-18 एंव वर्ष 2018-19 के Declaration of Assets and Liabilities में इसका उल्लेख नहीं किया गया।
(j) गृह तलाशी के क्रम में श्री सिंह के Dependent पुत्र श्री पियुस कुमार के नाम का सूर्या विहार कॉलोनी, रूपसपुर, शिवांसु वाटिका, पटना में फ्लैट नं0-101 का सेल डीड जब्त किया गया, जिसकी कीमत 33,50,000/- (तेंतीस लाख पचास हजार) रू0 मात्र हैै, जबकि वर्ष 2017-18 एंव वर्ष 2018-19 के Declaration of Assets and Liabilities में इसका उल्लेख नहीं किया गया।
उपरोक्त तथ्यों से श्री सिंह द्वारा आय से अधिक सम्पत्ति अर्जित किये जाने की पुष्टि होती है। साथ ही उनके द्वारा सरकारी दिशा निर्देशों का अवहेलना करते हुए Declaration of Assets & Liabilities में गलत तरीके से अर्जित आय से अधिक सम्पत्ति को छुपाने के नियत से गलत सूचना अंकित किया गया है।
उपर्युक्त अंकित तथ्यों से यह सिद्ध होता है कि आलोच्य मामले में Secured Advance का भुगतान के एवज में श्री सिंह के द्वारा संवेदक से रिश्वत्् की मांग की गयी तथा निगरानी धावा दल द्वारा 14,00000/- रिश्वत्् लेते हुए उन्हें रंगे हाथों गिरफ्तार भी किया गया। साथ ही श्री सिंह द्वारा गलत तरीके से आय से अधिक अर्जित सम्पत्ति को Declaration of Assets & Liabilities में कम दिखाकर गलत सूचना अंकित किया गया है। श्री सुरेश प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना पश्चित पथ प्रमंडल, पटना का यह कृत सरकारी सेवक आचार नियमावली 1976, के नियम -3. (1) (i), (ii) एवं18 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 (iii), यथा सरकारी सेवक को पूरी शीलनिष्ठा रखना, कर्त्तव्य के प्रति निष्ठा रखना तथा ऐसा कोई काम न करना जो सरकारी सेवक के लिए अशोभनीय हो, का उल्लंघन है। 3. श्री सिंह के विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही संख्या-30/2020 को कालांतर में जाँच आयुक्त के यहाँ स्थानांतरित कर दिया गया। श्री सिंह के सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप विभागीय अधिसूचना संख्या- 3664 (एस) दिनांक- 13.07.2022 द्वारा सेवानिवृति की तिथि दिनांक 31.03.2022 के प्रभाव से निलंबन मुक्त किया गया। श्री सिंह के सेवानिवृत हो जाने के फलस्वरूप उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही को संकल्प ज्ञापांक-3659 (एस), दिनांक 13.07.2022 के द्वारा बिहार पेंशन नियामवली के नियम 43 (बी) के तहत सम्परिवर्तित किया गया।
4. उक्त संचालित विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन श्री अरविन्द कुमार चौधरी, जाँच आयुक्त-सह-प्रधान सचिव, श्रम संसाधन विभाग के पत्रांक-69/जाँ॰आ॰, दिनांक 13.10.2022 द्वारा जाँच प्रतिवेदन प्राप्त हुआ। प्राप्त जाँच प्रतिवेदन में संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री सिंह के विरूद्ध गठित सभी 05 (पाँच) आरोपाें को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया। विभागीय समीक्षा के क्रम में संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से सक्षम प्राधिकार द्वारा सहमति व्यक्त की गयी तथा तद्नुसार विभागीय पत्रांक-5225 (एस) दिनांक 14.10.2022 के द्वारा जाँच प्रतिवेदन संलग्न करते हुए प्रमाणित आरोपों के संबंध में श्री सिंह से लिखित अभिकथन के रूप में द्वितीय कारण-पृच्छा की मांग की गयी तथा प्रतिवेदन अप्राप्त रहने की स्थिति में विभागीय पत्रांक-5411 (एस), दिनांक 01.11.2022 द्वारा श्री सिंह को स्मारित भी किया गया।
श्री सिंह के पत्रांक-21, दिनांक 01.11.2022 द्वारा द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा निम्न तर्क रखा गयाः-
(i) संचालन पदाधिकारी के द्वारा गवाहों द्वारा दिये गये गवाही पर अपना कोई ध्यान नहीं दिया गया है, जिसकी सम्पुष्टि संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में अंकित गवाहों के द्वारा दिये गये वक्तव्य से भी की जा सकती है।
(ii) संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने मंतव्य में यह कहा गया है कि मेरे द्वारा एकरारनामा दिनांक 01.02. 2019 को हस्ताक्षरित किया गया था, जिसे दिनांक 08.03.2019 को संवेदक को उपलब्ध कराया गया है। संचालन पदाधिकारी द्वारा संभावना के आधार पर यह बात अंकित की गयी है कि मेरे द्वारा एकरारनामा में Back dating करते हुए हस्ताक्षरित किया गया है या फिर हस्ताक्षरित किया गया तो मेरे द्वारा संवेदक को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था, जिससे स्वतः स्पष्ट होता है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा गवाहों द्वारा दिये गये वक्तव्य एवं अभिलेखीय साक्ष्यों पर विचार नहीं किया गया एवं संभावना के आधार पर आरोप को प्रमाणित किया गया है, जो वैंधानिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है। (iii) संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री संजीव कुमार, पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरों, बिहार, पटना के गवाही के क्रम में यह बतलाया गया कि वार्तालाप की Voice recording की गयी है, परन्तु Voice recording में Voice matching से संबंधित प्रतिवेदन मेें कोई साक्ष्य एवं अभिलेख उनके द्वारा देखा गया, जो कि इस मामले का मूल आधार था। ऐसे भी यह साक्ष्य अपराधिक मामले का एक अभियोजन पक्ष का हो सकता है, जिसका विचारण विभागीय कार्यवाही के क्रम में किया जाना न्याय संगत नहीं है।
(iv) संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री गोपाल पासवान, पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेंषण ब्यूरों द्वारा दिये गये गवाही के अवलोकन से स्पष्ट होगा कि उनके द्वारा भी मुझे रिश्वत् की राशि लेते हुए नहीं देखा गया था। संचालन पदाधिकारी द्वारा भी अपने प्रतिवेदन में Video recording के आधार पर ऐसा प्रतीत होता है कि संज्ञा दी गयी है, जबकि आरोप को प्रमाणित करने से पूर्व आरोप को प्रमाणित करने हेतु साक्ष्य उपास्थापित करने का निदेश प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी को देने की आवश्यकता थी। मात्र संभावना एवं प्रतीत लिख देने से आरोप प्रमाणित नहीं माना जा सकता है, क्योंकि प्रतीत शब्द से ही यह निष्कर्ष निकलता है कि संचालन पदाधिकारी स्वंय आरोप को प्रमाणित करने में पूर्णतः सहमति नहीं दी है।
(v) संचालन पदाधिकारी द्वारा यह मंतव्य दिया गया है कि कार्यपालक अभियंता कार्य के संबंध में संवेदकों से कार्यालय में ही मिले न कि उनके आवासों पर मिले इसकी उपेक्षा नहीं की जाती है। इसी क्रम में उनके द्वारा दिनांक 08.06.2019 को संवेदक को मेरे घर पर कैशियर के साथ उपस्थित होने के क्रम में आरोप को प्रमाणित किये जाने की संज्ञा दी है, के क्रम में यह कहना आवश्यक है कि कार्यहित में संवेदक एवं विभागीय पदाधिकारियों/कर्मियों को आवास पर नहीं मिलने के संबंध में अगर कोई दिशा-निर्देश है, तो उसकी प्रति उपलब्ध कराने की आवश्यकता थी, जो कि नहीं किया गया। (vi) उपरोक्त वर्णित कंडिकाओं से स्पष्ट होगा कि आरोप पत्र में वर्णित आरोप संख्या-01, 02, 03 एवं 04 से संबंधित आरोप जो निगरानी थाना कांड संख्या-023/19 से संबंधित था, जो एक रिश्वत् लेते हुए रंगेहाथ पकड़ने से संबंधित था। संचालन पदाधिकारी के प्रतिवेदन से ही यह स्पष्ट होगा कि आरोप संख्या-01, 02, 03 एवं 04 के जो साक्ष्य है एवं गवाहों का परीक्षण एवं प्रतिपरीक्षण उसका मूल रूप विचारण न्यायालय में होना है, तो ऐसी परिस्थिति में जब संचालन पदाधिकारी द्वारा ही स्वंय आरोप को19 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 प्रमाणित करने के क्रम में संभावना व्यक्त की है तो ऐसी स्थिति में संभावना के आधार पर किसी प्रकार का कार्रवाई किया जाना वैधानिक एवं न्यायिक दृष्टिकोण से उचित नहीं होगा।
(vii) आरोप संख्या-05 के क्रम में संचालन पदाधिकारी द्वारा यह स्वंय अंकित किया गया है कि आय से अधिक संपत्ति का मामला अभी अनुसंधानरत्त है एवं ऐसी परिस्थिति में उनके द्वारा कोई मंतव्य अंकित नहीं किया गया है परन्तु उनके द्वारा यह कहा गया है कि आरोपी पदाधिकारी द्वारा अपने Declaration of Assets and Liabilities के संबंध में सही विवरण नहीं दिया है, जो बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 के (i), (ii) एवं (iii) के संगत प्रावधानों के प्रतिकूल है, के क्रम में भी संचालन पदाधिकारी द्वारा विश्लेषण एवं मंतव्य में कोई ऐसा तथ्य नहीं रखा गया है, जो यह आरोप प्रमाणित कर सके। संचालन पदाधिकारी द्वारा ही आरोप संख्या-05 के क्रम में यह कहा गया है कि इसके संबंध में सक्षम न्यायालय द्वारा निर्णय लिया जायेगा, तो ऐसी स्थिति में जब Trap Case से ही आय से अधिक संपत्ति के मामले का अनुसंधान किया जा रहा है, तो ऐसी परिस्थिति में अनुरोध है कि संबंधित मामले में विशेष न्यायालय, पटना द्वारा अंतिम निर्णय की प्रतिक्षा की जाय, जिससे कि मुझे न्याय मिल सके और भविष्य में कोई अड़चन उत्पन्न न हो।
5. आरोपी श्री सिंह के द्वारा लिखित अभिकथन के रूप में समर्पित द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में अंकित किये गये तथ्यों की समीक्षा कंडिकावार निम्नवत की गयीः-
(i) आरोपी श्री सिंह के द्वारा द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में यह कहा गया है कि संचालन पदाधिकारी के द्वारा गवाहों के दिये गये गवाही पर कोई ध्यान नहीं दिया गया। इस संबंध में संचालन पदाधिकारी के द्वारा उपलब्ध कराये गये जॉंच प्रतिवेदन के अवलोकन से स्पष्ट होता है कि श्री सिंह का उक्त कथन तथ्यगत नहीं है, क्योंकि संचालन पदाधिकारी के जॉच प्रतिवेदन के विश्लेषण एवं मंतव्य के तहत गवाह के रूप में सत्यापनकर्त्ता श्री संजीव कुमार, पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना एवं श्री गोपाल पासवान, तत्कालीन पुलिस उपाधीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के गवाही को दृष्टिगत रखते हुए ही आरोप को प्रमाणित होने का निष्कर्ष अंकित किया गया है।
(ii) आरोपी श्री सिंह के द्वारा द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में यह कहा गया है कि उनके द्वारा एकरारनामा दिनांक 01.02.2019 को हस्ताक्षरित किया गया था, जिसे दिनांक 08.03.2019 को संवेदक को उपलब्ध कराया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा संभावना के आधार पर यह बात अंकित की गयी है कि मेरे द्वारा एकरारनामा में बैक डेटिंग करते हुए हस्ताक्षरित किया गया है या फिर हस्ताक्षरित किया गया तो मेरे द्वारा संवेदक को उपलब्ध नहीं कराया जा रहा था, जिससे स्वतः स्पष्ट होता है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा गवाहों द्वारा दिये गये वक्तव्य एवं अभिलेखीय साक्ष्यों पर विचार नहीं किया गया एवं संभावना के आधार पर आरोप को प्रमाणित किया गया है जो वैधानिक दृष्टिकोण से उचित नहीं है। आरोपी श्री सिंह का उक्त कथन तर्कसंगत नहीं है, क्योंकि आरोपी के कथनानुसार यह मान भी लिया जाये कि दिनांक 01.02.2019 को एकरारनामा पर उनके द्वारा हस्ताक्षरित किया गया था, तो फिर किस परिस्थिति में लगभग 01 माह 07 दिन के बाद संवेदक को उक्त एकरारनामा की प्रति उपलब्ध कराया गया - के बिंदु पर आरोपी द्वारा कोई तथ्य अंकित नहीं किया गया। यह भी कि संवेदक द्वारा दिनांक 05.03.2019 को अधीक्षण अभियंता से शिकायत किये जाने के बाद दिनांक 08.03.2019 को आरोपी द्वारा संवेदक को उक्त एकरारनामा की प्रति उपलब्ध कराया गया। अतएव उक्त बिंदु पर संचालन पदाधिकारी के द्वारा गठित किया गया अभिमत तर्कसंगत प्रतीत होता है।
(iii) आरोपी श्री सिंह के द्वारा द्वितीय कारण-पृच्छा उत्तर में यह भी कहा गया है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री संजीव कुमार, पुलिस निरीक्षक, निगरानी अन्वेषण ब्यूरो, बिहार, पटना के गवाही के क्रम में यह बताया गया कि वार्तालाप की Voice Recording की गयी है, परन्तु Voice Recording में Voice Matching से संबंधित प्रतिवेदन में कोई साक्ष्य एवं अभिलेख उनके द्वारा देखा गया, जो कि इस मामले का मूल आधार था। ऐसे भी यह साक्ष्य आपराधिक मामले का एक अभियोजन पथ का हो सकता है, जिसका विचारण विभागीय कार्यवाही के क्रम में किया जाना न्यायसंगत नहीं है। आरोपी का उक्त कथन भी तर्कसंगत प्रतीत नहीं होता है, क्योंकि Voice Recording में Record किये गये Voice के संबंध में कोई प्रतिकार किये जाने का तथ्य जॉच प्रतिवेदन में उल्लेखित नहीं है।
(iv) आरोपी श्री सिंह के द्वारा यह भी कहा गया है कि संचालन पदाधिकारी के द्वारा विश्लेषण के क्रम में "प्रतीत" शब्द का प्रयोग करते हुए संभावना के आधार पर आरोपों को प्रमाणित पाये जाने का निष्कर्ष दिया गया है, जिससे आरोप को प्रमाणित नहीं माना जा सकता है। आरोपी पदाधिकारी का उक्त कथन मामले को विषयांतरित मात्र किये जाने का प्रयास है, क्याेंकि आरोपी द्वारा आरोप के मूल बिंदु पर कोई तथ्य/तर्क नहीं दिया गया है, जबकि जॉच प्रतिवेदन की कंडिका-7 में जॉच पदाधिकारी के द्वारा अंतिम निष्कर्ष के रूप में स्पष्ट रूप से "आरोप प्रमाणित होता है" अंकित किया गया है।20 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 (v) संचालन पदाधिकारी के गठित यह अभिमत की - यह अपेक्षा की जाती है कि कार्यपालक अभियंता कार्यालय कार्य के संबंध में संवेदको से अपने कार्यालय में ही मिलेगे न कि अपने आवास पर - के संबंध में आरोपी श्री सिंह के द्वारा अन्यथा लेते हुए इस संबंध में कोई दिशा निर्देश नहीं होने/नहीं दिये जाने का उल्लेख किया गया है। जबकि जॉच पदाधिकारी ने आरोपी द्वारा ही उपलब्ध कराये गये Video Recording का विश्लेषण करते हुए यह अंकित किया गया है कि - परिवादी काफी लंबे समय तक सोफे पर बैठे रहे और आरोपी CCTV कैमरे की मरम्मति कर रहे थे, जो स्पष्ट करता है कि परिवादी (संवेदक) का आरोपी के घर में आना एक आम बात थी। जॉच पदाधिकारी के द्वारा किये गये उक्त विवेचना उत्पन्न परिस्थिति को दृष्टिगत रखते हुए किया गया है, जो आरोपी के विरूद्ध गठित आरोप की तीव्रता को बल प्रदान करता है।
(vi) आरोप सं0-05, जो आरोपी श्री सिंह एवं उनकी पत्नी के विरूद्ध 5,16,08,982/- (पाँच करोड़ सोलह लाख आठ हजार नौ सौ बेरासी) रू0 के प्रत्यानुपातिक धनार्जन के आरोप से संबंधित है - के संबंध में आरोपी के द्वारा मुख्य रूप से यह कहा गया है कि जब ट्रैप के केस से ही आय से अधिक सम्पत्ति के मामले का अनुसंधान किया जा रहा है, तो ऐसी परिस्थिति में विशेष न्यायालय, पटना द्वारा अंतिम निर्णय की प्रतिक्षा की जाय। यह भी कहा गया है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा अपने विश्लेषण एवं मंतव्य में ऐसा कोई तथ्य नहीं रखा गया है, जो इस आरोप को प्रमाणित कर सकें।
उक्त संबंध में तथ्य यह है कि संचालन पदाधिकारी के द्वारा जॉच प्रतिवेदन में स्पष्ट तौर पर उल्लेख किया गया है कि - आरोपी श्री सिंह के गृह तलासी के क्रम में जो राशि एवं सम्पत्ति प्राप्त हुई है, वह आरोपी पदाधिकारी द्वारा वर्ष 2017-18 एवं 2018-19 के लिये समर्पित Declaration of Assets and Liabilities में दी गयी विवरणी से कहीं बहुत ज्यादा है। स्पष्टतः आरोपी द्वारा अपने Declaration of Assets and Liabilities के संबंध में सही विवरण नहीं दिया गया है। इस प्रकार संचालन पदाधिकारी के द्वारा गठित किया गया मंतव्य पूर्ण रूप से साक्ष्य/अभिलेख पर आधारित है, इसलिए आरोपी का उक्त कथन तथ्यगत नहीं है।
(vii) जहाँतक आरोपी का यह तर्क दिया जाना कि आय से अधिक सम्पत्ति के आरोप के बिंदु पर विशेष न्यायालय, पटना के अंतिम निर्णय की प्रतीक्षा किया जाये - का प्रश्न है तो इस संबंध में उल्लेखनीय है कि कार्मिक एवं प्रशासनिक सुधार विभाग, बिहार, पटना के संकल्प ज्ञापांक-3150, दिनांक 21.03. 2007 एवं संकल्प पत्रांक-2324, दिनांक 10.07.2007 में यह प्रावधान है कि जब किसी पदाधिकारी/कर्मचारी पर आपराधिक कदाचारो में लिप्त होने के कारण भ्रष्टाचार निरोध अधिनियम एवं भारतीय दण्ड विधान के तहत फौजदारी मुकदमा किया जाये, तो साथ-ही-साथ समुचित तथ्यों पर आधारित आरोप पत्र गठित कर विभागीय कार्यवाही भी प्रारम्भ की जाये। अतएव आरोपी श्री सिंह का किया गया उक्त अनुरोध मानने योग्य नहीं हैं।
6. उपर्युक्त परिपे्रक्ष्य में सम्पूर्ण मामले की विभाग के स्तर पर की गई समीक्षा के उपरांत यह पाया गया कि आरोपी श्री सिंह के द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर सुसंगत तथ्यों एवं साक्ष्यों पर आधारित नहीं है और रंगे हाथों रिश्वत लेते हुए पकड़े जाने एवं प्रत्यानुपातिक रूप से किये गये धनोपार्जन के संबंध में श्री सिंह के द्वारा ऐसा कोई ठोस अथवा अकाट्य साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया गया है, जिसके आधार पर उन्हें निर्दोष सिद्ध किया जा सके। 7. आरोपी श्री सिंह के विरूद्ध अपने सरकारी कर्तव्य के पालन में गंभीर कदाचार का दोष सिद्ध होता है। श्री सिंह के द्वारा सरकारी सेवा में रहते हुए अपने भ्रष्ट क्रियाकलापों के द्वारा प्रत्यानुपातिक रूप से आय के ज्ञात स्रोतों से काफी अधिक परिसम्पत्तियॉं अर्जित किया गया, जिसके फलस्वरूप श्री सिंह की सेवा सदाचारयुक्त सेवा (Good Services) की मूल भावना के प्रतिकूल कदाचारयुक्त मानी जा सकती है। उक्त कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के तहत सरकारी सेवक के विहित पदीय दायित्वों के आचरण के प्रतिकूल है। 8. उपर्युक्त के आलोक में विभागीय समीक्षोपरान्त प्रमाणित कदाचार एवं अस्वच्छ आचरण के लिए आरोपी श्री सिंह के पत्रांक- 21 दिनांक- 01.11.2022 द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा उत्तर को अस्वीकृत करते हुए उनके विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के तहत उनका पेंशन स्थायी रूप से शून्य किये जाने का निर्णय लिया गया। निर्णित दंड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक- 5532 (एस) दिनांक- 07.11.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति/परामर्श की मांग की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक- 2928 दिनांक- 08.11.2022 के द्वारा निर्णित दंड प्रस्ताव पर सहमति दी गयी। 9. अतएव उपर्युक्त विभागीय समीक्षा एवं बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति/परामर्श के आलोक में सम्यक् विचारोपरान्त श्री सुरेश प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पटना पश्चिम पथ प्रमंडल, पटना सम्प्रति सेवानिवृत के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के लिए बिहार पेंशन नियमावली के नियम-43(बी) के तहत् उनका पेंशन स्थायी रूप से शून्य किया जाता है।21 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 10. श्री सिंह का विभागीय कार्यवाही संचालित करने से उद्भुत निलंबन अवधि दिनांक-20.01.2020 से 31.03.2022 तक का विनियमन की कार्रवाई अलग से की जायेगी। प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार राय, संयुक्त सचिव।
------
9 नवम्बर 2022
सं0 प्र॰2/स्था॰-नियुक्ति-01-01/2018-5565(S)--भारतीय संविधान के अनुच्छेद-309 के परन्तुक के अधीन प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल एतद् द्वारा बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-II भर्ती नियमावली, 2019 में संशोधन करने हेतु निम्नलिखित नियमावली बनाते है :-
1. संक्षिप्त नाम विस्तार एवं प्रारम्भ-(1) यह नियमावली ''बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-II भर्ती (संशोधन) नियमावली, 2022'' कही जा सकेगी।
(2) इसका विस्तार संपूर्ण बिहार राज्य में होगा। (3) यह बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-II भर्ती नियमावली, 2019 के प्रवृृत्त होने की तिथि अर्थात दिनांक 06.03.2019 से प्रवृृत्त होगा।
2. बिहार अभियंत्रण सेवा वर्ग-II भर्ती नियमावली, 2019 के नियम-8 में संशोधन- उक्त नियमावली के नियम-8 (4) के उपरान्त नियम-8(5) निम्नवत् जोड़ा जायेगा :-
''8(5) चयन का आधार-(i) सहायक अभियंता (सिविल/यांत्रिक/विद्युत) संवर्ग के मूल कोटि सहायक अभियंता (सिविल/यांत्रिक/विद्युत) के पदों पर नियुक्ति हेतु चयन आयोग द्वारा आयोजित प्रतियोगिता परीक्षा में प्राप्त अंक एवं संविदा के आधार पर किये गये कार्य की अधिमानता की गणना कर आयोग द्वारा किया जाएगा। संविदा के आधार पर किये गये कार्य की अधिमानता के लिए बिहार राज्य के अन्तर्गत सभी सरकारी/गैर-निजी (केन्द्र सरकार, पंचायत, नगर निकाय आदि) कार्यालयों/संस्थानों का कार्य अनुभव मान्य होगा। संविदा के आधार पर सहायक अभियंता (सिविल/यांत्रिक/विद्युत) के पद पर कार्य करने का अनुभव रखने वाले अभ्यर्थी, जो इस संवर्ग में भर्ती की अर्हता पूरी करते हैं, को चयन में इस नियम के उप नियम (ii) के अनुसार अतिरिक्त अंक देकर अधिमानता दी जाएगी।
| पूर्णांक | |
| (क) आयोग द्वारा आयोजित लिखित परीक्षा में प्राप्त अंको की अधिमानता | 75 अंक |
| (ख) संविदा के आधार पर कार्य करने के निमित अधिकतम अधिमानता (प्रति कार्यरत वर्ष के लिए 5 अंक जिसकी अधिकतम सीमा 25 अंक होगी। किसी वर्ष के अंश के लिए कार्यरत दिवसों की संख्या में संख्या 5 से गुणा करने के पश्चात् 365 से भाग देकर प्राप्त अनुपातिक अंक जोड़ा जाएगा)। | 25 अंक |
| कुल - | 100 अंक |
जाएगा।
अर्थात अधिमानता अंक = (परीक्षा में प्राप्त अंकपरीक्षा के कुल अंक) X 75
(iii) संविदा के आधार पर पूर्व से नियोजित सहायक अभियंताओं (सिविल/यांत्रिक/विद्युत) को अधिकतम उम्र सीमा में संविदा पर कार्य की गयी अवधि के समतुल्य अवधि की छूट दी जायेगी। अधिकतम उम्र सीमा में उक्त छूट के लिए बिहार राज्य के अन्तर्गत सभी सरकारी/गैर-निजी (केन्द्र सरकार, पंचायत, नगर निकाय आदि) कार्यालयों/संस्थानों का कार्य अनुभव मान्य होगा। संविदा के आधार पर कार्यरत अवधि का विनिश्चय संबंधित नियंत्री पदाधिकारी द्वारा निर्गत वेतन भुगतान प्रमाण-पत्र के आधार पर किया जाएगा। इस हेतु आयोग द्वारा प्रकाशित विज्ञापन में अंकित कट-ऑफ डेट तक की अवधि की गणना कार्य अनुभव के लिए की जा सकेगी।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, प्रत्यय अमृत, अपर मुख्य सचिव।
The 9th November 2022
No. Sec.2/Estt-Appointment-01-1/2018/5565(S)---In exercise of Powers conferred under the proviso to Article-309 of the Constitution of India, the Governor of Bihar is hereby pleased to make the following Rules to amend the Bihar Engineering Service Class-II Recruitment Rule, 2019:-
1. Short title, extent and Commencement: -(1) These Rules may be called "The Bihar Engineering Service Class-II Recruitment(Amendment)Rules, 2022'' (2) It shall extend to the whole of the State of Bihar.
22(cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 (3)It shall come into force from the date of coming into force of the Bihar Engineering Services Class-II Recruitment Rules, 2019 i.e. 6.03.2019.
2. Amendment in rule 8 of Bihar Engineering Service Class-II Recruitment Rules, 2019:-
Rule 8(5) shall be added after rule 8(4) of the said rule as follow:- "8(5) Basis of Selection- (i) The Selection for appointment to the posts of Assistant Engineers(Civil/Mechanical/Electrical) in the basic category of Assistant Engineer (Civil/ Mechanical/Electrical) cadre shall be made by the Commission after calculating The marks obtained in the competitive examination conducted by the Commission and the preference of work done on the contract basis. The work experience of all government / non-private (central government, panchayat, municipal bodies etc.) offices / institutions under the State of Bihar shall be valid for the preference of work done on contract basis. Candidates having experience of working on the post of Assistant Engineer (Civil / Mechanical / Electrical) on contract basis, who fulfil the essential qualifications for the recruitment in this cadre, shall be given preference in selection by giving additional marks according to sub-rule (ii)of this Rule.
| Full Marks | |
| (a) Weightage of marks obtained in the written examination conducted by the Commission | 75 Marks |
| (b) Maximum weightage for the working experience on contract basis - (The weightage of per working year shall be 5 marks subject to the maximum limit of 25 marks. For any fraction of year of working experience, the proportionate weightage, the marks shall be calculated by multiplying the number of working days by 5 and dividing it by 365). | 25 Marks |
| Total - | 100 marks |
Note:-To calculate the weightage of the marks in the examination, the percentage of marks obtained in the examination shall be multiplied by 0.75.
That is Weightage Marks= (the marks obtained in the examination /Full Marks of the examination) X 75
(iii) Assistant Engineers Civil/Mechanical/Electrical) already employed on contract basis will be given relaxation in the upper age limit for a period equivalent to the period worked on contract. For the above relaxation in upper age limit, work experience of all government / non- private (central government, panchayat, municipal bodies etc.) offices / institutions under the State of Bihar shall be valid. The period of working on contract basis shall be decided on the basis of the salary payment certificate issued by the controlling officer concerned. For this, the period up to the cut-off date mentioned in the advertisement published by the Commission may be counted for work experience.
By the order of Governor of Bihar, Pratyaya Amrit, Additional Chief Secretary.
------
11 नवम्बर 2022
सं0 निग/सारा-4(पथ) आरोप-102/2020-5611(S)--श्री नौशाद आलम, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, मधेपुरा सम्प्रति ः कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मोतिहारी के पथ प्रमंडल, मधेपुरा के पदस्थापन काल अन्तर्गत बी॰पी॰ मंडल चौक से कर्पूरी चौक होते हुए कॉमर्स कॉलेज तक नवनिर्मित सड़क निर्माण कार्य में बरती गयी अनियमितताओं के लिए जिला पदाधिकारी, मधेपुरा का पत्रांक-550-2, दिनांक 12.08.2020 द्वारा प्रपत्र-क में प्रतिवेदित आरोपाें के अनुसार विभागीय पत्रांक-7252 (एस) अनु॰, दिनांक 31.12.2020 द्वारा निम्न आरोपों के लिए स्पष्टीकरण की मांग की गयीः-23 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 (i) Improvement work of left out portion of NH-107 Madhepura Bye-pass from CH- 91 + 190 to 102 + 540 for the year 2018-19 under Road Division, Madhepura कार्य योजना के तहत् बी॰पी॰ मंडल से कर्पूरी चौक होते हुए कामर्स कॉलेज तक नव निर्मित सड़क कई स्थलों पर उखड़ गया है। इससे कार्य की गुणवत्ता पर संदेह उत्पन्न होता है। (ii) क्षतिग्रस्त भाग के अलावा छः जगहों पर छोटे-छोटे Pots पाये गये। Bituminous पथ में मरम्मति किये गये पथांश के अतिरिक्त आठ जगहों पर Crack Develop हुआ पाया गया।
(iii) WMM Material में ज्यादा Moisture Content पाया गया, जिसके फलस्वरूप पथ क्रस्ट क्षतिग्रस्त हुई है।
(iv) उपर्युक्त से स्पष्ट है कि आपके द्वारा निर्माण कार्य में अभिरूचि नहीं ली गयी, जिसके कारण पथ क्षतिग्रस्त हुआ एवं सरकारी राशि की हानि हुई।
2. उक्त के आलोक में श्री आलम के पत्रांक-38 दिनांक 14.01.2021 एवं पत्रांक-418 अनु॰, दिनांक 31.03.2021 द्वारा स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा मुख्य रूप से निम्न तथ्यों/तर्कों को रखा गया हैः- (i) आरोप के बिन्दु-1 के संबंध में श्री आलम द्वारा यह कहा गया है कि यह साक्ष्य आधारित नहीं है। जाँच दल द्वारा इस संबंध में कोई प्रतिवेदन अंकित नहीं किया गया है। यह तथ्य जिला पदाधिकारी मधेपुरा द्वारा दिनांक- 06.07.2020 को किये गये निरीक्षण प्रतिवेदन के आधार पर किया गया प्रतीत होता है। उक्त प्रतिवेदन के अवलोकन से स्पष्ट होगा कि संबंधित पथ, पथ निर्माण विभाग, मधेपुरा को एन॰एच॰ से हस्तांतरित हुआ है एवं कार्य प्रतिवेदन के अनुरूप ही अधुरा था। जिला पदाधिकारी द्वारा नियमानुसार मरम्मति सुनिश्चित करने को कहा गया था। अतः लगाये गये आरोप साक्ष्य विहिन हैं।
(ii) आरोप के बिन्दु-2 के संबंध में यह कहा गया है कि संबंधित आरोप संयुक्त जाँच प्रतिवेदन पर आधारित है, जिससे यह स्पष्ट होगा कि जाँच पदाधिकारी को पथ की मुटाई प्राक्कलन अनुसार पाया गया है। कार्य के चालू अवस्था में छोटे-मोटे पॉट्स पाये जाने को आरोप की श्रेणी में नहीं रखा जा सकता है। कार्य चालू अवस्था में था, जिसकी अंतिम विपत्र पारित होने तक कार्य में सुधार करने का दायित्व संवेदक का है। पॉटस पाये जाने के अन्य तकनीकी कारण भी हो सकते हैं।
(iii) आरोप के बिन्दु-3 के संबंध में यह कहा गया है कि यह साक्ष्य आधारित नहीं है। जाँच दल के द्वारा जो प्रतिवेदन दिया गया है, उसमें Moisture Content अधिक पाये जाने के संबंध में कोई गुणवत्ता प्रतिवेदन संलग्न नहीं किया गया है, जिस प्रतिवेदन को संलग्न किया गया है उसके अवलोकन से स्पष्ट होगा कि प्राक्कलन के प्रावधानित मात्रा के अधीन BC एवं DBM में पाया गया है। उक्त परिप्रक्ष्य में Moisture Content अधिक पाये जाने को कोई साक्ष्य नहीं है।
(iv) आरोप के बिन्दु-4 के संबंध में उनके द्वारा यह कहा गया है कि मेरे द्वारा पूर्ण निष्ठा एवं अभिरूची के साथ कार्य कराया गया है। जाँच प्रतिवेदन से ही स्पष्ट होगा कि कार्य एकरारनामा के तहत् कराया जा रहा था एवं क्षतिग्रस्त भाग की मरम्मति भी संबंधित संवेदक द्वारा किया गया था। साथ ही साथ पथ की कुल लम्बाई 2 कि॰मी॰ में 150 मीटर पथ क्षतिग्रस्त पाया गया था, जिसे भी संवेदक द्वारा ठीक करा दिया गया था, तो ऐसी स्थिति में सरकारी राशि की हानि हुई कहा जाना अभिलेख आधारित नहीं है। 3. उपरोक्त परिप्रेक्ष्य में आरोपी अभियंता के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर की त्रुटिवार समीक्षा एवं विश्लेषण किया गया, जिसमें त्रुटि संख्या-(ii) के संबंध में श्री आलम द्वारा रखे गये तथ्यों एवं तर्को की समीक्षा के उपरान्त संयुक्त जाँच दल के प्रतिवेदन के अवलोकन से प्रतीत होता है कि आलोच्य पथ के जिस भाग में कार्य कराया गया है। उसी भाग में छः जगहों पर छोटे-छोटे Pots एवं आठ जगहों पर Craks पाये गये है। चूंकि पथ की जाँच के समय Pots एवं Cracks पाये गये थे, इसलिए इस हद तक त्रुटि संख्या-(ii) के संबंध में श्री आलम का स्पष्टीकरण उत्तर संतोषजनक नहीं पाया गया है। अतएव उपर्युक्त के आलोक में श्री नौशाद आलम, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल, मधेपुरा सम्प्रतिः कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मोतिहारी के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर पत्रांक-38, दिनांक 14.01.2021 एवं पत्रांक-418 अनु॰, दिनांक 31.03.2021 को इस हद तक अस्वीकृत करते हुए सम्यक् विचारोपरांत एवं सरकार के निर्णयानुसार बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (i) के तहत श्री आलम के विहित कार्य दायित्व के समानुपातिक उनके विरूद्ध निम्न दंड संसूचित किया जाता है :- (i) ''आरोप वर्ष-2020-21 के लिए निन्दन की सजा''।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, (ह॰) अस्पष्ट, उप-सचिव।
------
14 नवम्बर 2022
सं0 प्र॰2/स्था॰-07-03/2019-5619(S)--कार्यहित में वरीय कनीय अभियंताओं (असैनिक) को कार्यकारी व्यवस्था के अन्तर्गत अपने ही वेतनमान में अपने कार्यों के अतिरिक्त सहायक अभियंता का अतिरिक्त प्रभार देते हुए उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-5 में वर्णित स्थान पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है :-
24 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022| क्र॰ सं॰ | नाम | कनीय अभियंता का वर्ष 2017 का वरीयता क्रमांक | वर्तमान पदस्थापन | नव पदस्थापन / अतिरिक्त प्रभार |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | श्री सुरेश कुमार | 90 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 2 | श्री सरोज कुमार | 93 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), रा0उ0प0 प्रमंडल, भागलपुर। |
| 3 | श्री गोपाल राम | 102 | शाहाबाद पथ प्रमंडल, आरा | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता,सेतु निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण विभाग, पटना। |
| 4 | श्री वीरेन्द्र कुमार शर्मा | 111 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन एट गया | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, गया-1, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन एट गया। |
| 5 | श्री वेद प्रकाश | 113 | पथ प्रमंडल, गोपालगंज | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, हथुआ, पथ प्रमंडल, गोपालगंज |
| 6 | श्री हनुमानी यादव | 114 | पथ प्रमंडल, बेनीपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता,पथ अवर प्रमंडल संख्या-2, बेनीपुर पथ प्रमंडल, बेनीपुर। |
| 7 | श्री वकील रजक | 115 | पथ प्रमंडल, मुंगेर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, मुंगेर, पथ प्रमंडल, मुंगेर। |
| 8 | श्री रामचन्द्र बैठा | 116 | पथ प्रमंडल, बेतिया | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, बगहा, पथ प्रमंडल, बेतिया। |
| 9 | श्री उमा शंकर लाल | 126 | शाहाबाद पथ प्रमंडल, आरा | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (गुण नियंत्रण)-2, मुख्य अभियंता,उत्तर का कार्यालय |
| 10 | श्री मोहन झा | 131 | राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, दरभंगा | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), राष्ट्रीय उच्च पथ अंचल, दरभंगा। |
| 11 | श्री संजय कुमार सिंघानियाँ | 132 | पथ प्रमंडल, शेरघाटी | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, पटना दक्षिण, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन एट गया। |
| 12 | श्री जैनुल आवदीन खॉ | 136 | पथ प्रमंडल, छपरा | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल संख्या-2, छपरा, पथ प्रमंडल, छपरा। |
| 13 | श्री जयंत कुमार | 138 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 14 | मो0 वाहिद आलम | 140 | पथ प्रमंडल, दरभंगा | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल, दरभंगा। |
| 15. | श्री सुखेन्द्र रविदास | 150 | नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटना | कनीय अभियंता,पथ प्रमंडल प्रमंडल संख्या-1, औरंगाबाद अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, दाउदनगर, पथ प्रमंडल प्रमंडल संख्या-1, औरंगाबाद। |
| 16 | श्री शैलेन्द्र कुमार शैल | 151 | पथ प्रमंडल सं0-1, जहानाबाद | कनीय अभियंता, नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटना अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, केन्द्रीय पथ अंचल, पटना। |
| 17 | श्री राम उग्रह | 153 | पथ प्रमंडल, कोचस | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल कोचस। |
| 18 | श्री राजन प्रसाद चौधरी | 160 | पथ प्रमंडल, बक्सर | आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, उद्योग विभाग, बिहार, पटना। |
| 19 | श्री शत्रुध्न कुमार मिश्र | 162 | पथ प्रमंडल, मधुबनी | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल मधुबनी। |
| 20 | श्री सुनील कुमार | 163 | पथ प्रमंडल, पूर्णिया | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल पूर्णिया। |
| 21 | मो॰ अब्दुल रब | 164 | पथ प्रमंडल, हिलसा | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल हिलसा। |
| 22 | श्री राम प्रकाश ठाकुर | 165 | पथ प्रमंडल, झंझारपुर | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल झंझारपुर। |
| 23 | श्री जय कान्त सिंह | 166 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, लखीसराय एट मु गेर ं | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण, पथ अवर प्रमंडल, मुंगेर |
| 24 | श्री सुरेश कुमार मंडल | 167 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, अररिया | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, अररिया, रा0उ0प0प्रमं0 अररिया। |
| 25 | श्री दिलीप कुमार शर्मा | 168 | जिला शहरी विकास अधिकरण, समस्तीपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता,नगर विकास एवं आवास विभाग। |
| 26 | श्री जंग बहादुर सिंह | 170 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 27 | श्री अमरेश कुमार | 172 | उत्तर बिहार पथ अंचल, मुजफ्फरपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण, पथ अवर प्रमंडल सं॰-2, मुजफ्फरपुर, पथ प्रमंडल, मुजफ्फरपुर-2 |
| 28 | श्री अजीर्जुर रहमान | 173 | पथ प्रमंडल, सिवान | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल,सिवान, पथ प्रमंडल, सिवान। |
| 29 | श्री प्रभु प्रसाद | 174 | बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड। |
| 30 | श्री अनिल कुमार | 179 | पथ प्रमंडल, नवादा | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, गया-1, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन एट गया। |
| 31 | श्री राम बसंत कुमार सिंह | 180 | सारण पथ अंचल, हाजीपुर | कनीय अभियंता, केन्द्रीय पथ अंचल, पटना अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (उत्तर)-2, मुख्य अभियंता, उत्तर का कार्यालय। |
| 32 | मो0 सादिक अली | 181 | पथ प्रमंडल, अरवल | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल अरवल। |
| 33 | श्री सूरज नारायण शर्मा | 182 | पथ प्रमंडल, नवादा | आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, उद्योग विभाग, बिहार, पटना। |
| 34 | श्री उज्जवल कुमार | 183 | वैशाली पथ प्रमंडल, हाजीपुर | कनीय अभियंता, नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटना अतिरिक्त सहायक अभियंता (गुण नियंत्रण)-4 मुख्य अभियंता, (सीमाचंल) उपभाग का कार्यालय। |
| 35 | मो॰ जफर अब्दुलाह अंसारी | 184 | पथ प्रमंडल, मोतिहारी | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, चकिया, रा0उ0प0, मोतिहारी। |
| 36 | श्री चन्द्रशेखर चौधरी | 185 | पथ प्रमंडल, छपरा | कनीय अभियंता,पथ प्रमंडल, पटना पश्चिम अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, बिहटा, पथ प्रमंडल, पटना पश्चिम। |
| 37 | श्री राज किशोर प्रसाद | 186 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, लखीसराय एट मु गेर ं | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, रामगढ़, पथ प्रमंडल, लक्खीसराय। |
| 38 | श्री मुन्नी लाल प्रसाद | 188 | पथ प्रमंडल, बक्सर | आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, उद्योग विभाग, बिहार, पटना। |
| 39 | श्री नागेन्द्र पासवान | 189 | पथ प्रमंडल सं0-1, गया | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल सं0-1, गया |
| 40 | श्री बीरेन्द्र चौधरी | 190 | पथ प्रमंडल, पूर्णिया | कनीय अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 41 | श्री रामचन्द्र | 191 | नगर विकास एवं आवास विभाग, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, नगर विकास एवं आवास विभाग। |
| 42 | श्री देवेन्द्र कुमार | 192 | पथ प्रमंडल, दरभंगा | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ अंचल, दरभंगा। |
| 43 | श्री नारद प्रसाद सिंह | 193 | नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), केन्द्रीय पथ अंचल, पटना। |
| 44 | श्री अनिल कुमार सिंह | 195 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 45 | श्री ध्रुव नारायण मंडल | 197 | पथ प्रमंडल, लखीसराय | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल संख्या-2, लखीसराय, पथ प्रमंडल, लखीसराय। |
| 46 | श्री अमलेश कुमार | 198 | पटना पश्चिम पथ प्रमंडल, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (दक्षिण)-1 मुख्य अभियंता, दक्षिण का कार्यालय। |
| 47 | श्री रामधनी राम | 198A | पथ प्रमंडल, सहरसा | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल संख्या-1, सहरसा, पथ प्रमंडल, सहरसा। |
| 48 | मो॰ शकील अशरफ | 200 | पटना पश्चिम पथ प्रमंडल, पटना | कनीय अभियंता पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, बिहारशरीफ |
| 49 | श्री राम स्वरूप भगत | 201 | मुख्यालय निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, मुख्यालय निरूपण अंचल, पटना। |
| 50 | मो॰ अब्दुल जाहीर | 203 | पथ प्रमंडल, सीतामढ़ी | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल, सीतामढ़ी। |
| 51 | श्री सीताराम पासवान | 204 | पथ प्रमंडल, शेखपुरा | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल, शेखपुरा। |
| 52 | श्री अरूण कुमार | 205 | पथ प्रमंडल, शेखपुरा | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, बरवीघा, पथ प्रमंडल, शेखपुरा। |
| 53 | श्री राम प्रवेश प्रसाद | 207 | शाहाबाद पथ प्रमंडल, आरा | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (गुण नियंत्रण)-2 मुख्य अभियंता, (सीमाचंल) उपभाग का कार्यालय। |
| 54 | श्री जवाहर प्रसाद, | 208 | बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड। |
| 55 | श्री राम विलास दास | 209 | पथ प्रमंडल, पूर्णिया | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ अंचल, पूर्णियाँ। |
| 56 | श्री राम पुकार पासवान | 210 | पथ प्रमंडल, हिलसा | कनीय अभियंता अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 57 | श्री बाल गोविन्द चौहान | 211 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 58 | श्री अर्जुन प्रसाद | 213 | पटना पश्चिम पथ प्रमंडल, पटना | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, सहायक अभियंता-1, (सेतु विशेषज्ञ), सेतु प्रबंधन उपभाग, पथ निर्माण विभाग, पटना। |
| 59 | श्री संजय कुमार साव | 214 | अभियंता प्रमुख का कार्यालय (अवकाश रक्षित), पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, मुख्यालय निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण विभाग, पटना। |
| 60 | श्री प्रकाश मिंज, | 215 | पथ प्रमंडल, ड हरी- े ऑन-सोन | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता,पथ अवर प्रमंडल, डेहरी पथ प्रमंडल, डेहरी ऑन सोन। |
| 61 | श्री रामरूप मंडल | 218 | पथ प्रमंडल, पूर्णिया | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, कुरसैला-1, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, पूर्णियाँ। |
| 62 | श्री अरूण कुमार चौधरी | 220 | पथ प्रमंडल, सहरसा | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल, सहरसा। |
| 63 | श्री बाबूलाल राम | 221 | पथ प्रमंडल, बेतिया | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, क्षेत्रीय प्रयोगशाला, उत्तर बिहार पथ अंचल, मुजफ्फरपुर। |
| 64 | श्री विमल चन्द्र प्रसाद | 223 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 65 | श्री अखिलेश कुमार अंबुज | 224 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 66 | श्री कामता प्रसाद सत्यार्थी | 225 | पथ प्रमंडल, कोचस | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण, अवर प्रमंडल, पथ प्रमंडल, कोचस। |
| 67 | श्री अखिलेश कुमार | 226 | वैशाली पथ प्रमंडल, हाजीपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), सारण पथ अंचल, हाजीपुर। |
| 68 | श्री छविनाथ कुमार | 227 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0 |
| 69 | श्री कमलेश कुमार | 228 | पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ। |
| 70 | श्री सुनील कुमार शर्मा | 229 | बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य शैक्षणिक आधारभूत संरचना विकास निगम लिमिटेड। |
| 71 | श्री संजय कुमार | 230 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 72 | श्री विनय किशोर सिंह | 231 | पटना सिटी पथ प्रमंडल, गुलजारबाग, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल पटना सिटी। |
| 73 | श्री अनिल कुमार | 232 | पथ प्रमंडल, बेनीपुर | अतिरिक्त प्रभार अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, बिरौल, पथ प्रमंडल बेनीपुर। |
| 74 | श्री संजीव कुमार वर्मा | 233 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल-2, बिहारशरीफ | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल-2, बिहारशरीफ |
| 75 | श्री रजनी बल्लभ सिंह | 234 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 76 | श्री बीर बहादुर सिंह | 235 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 77 | श्री राजेश्वर कुमार | 236 | पथ प्रमंडल, मोतिहारी | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, अरेराज, पथ प्रमंडल, मोतिहारी। |
| 78 | श्री उमेश चन्द्र प्रसाद | 237 | पथ प्रमंडल सं0-1, गया | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन एट गया। |
| 79 | श्री संजय कुमार सिन्हा | 238 | शाहाबाद पथ प्रमंडल, आरा | अतिरिक्त प्रभार सहायक सेतु अभियंता-3 (सेतु विशेषज्ञ), सेतु प्रबंधन उपभाग, पथ निर्माण विभाग, पटना। |
| 80 | श्री तेज नारायण आर्य | 239 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, लखीसराय एट मु गेर ं | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल, मुंगेर। |
| 81 | श्री चन्द्र मोहन सिंह | 240 | पटना सिटी पथ प्रमंडल, गुलजारबाग, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक सेतु अभियंता-4 (सेतु विशेषज्ञ), सेतु प्रबंधन उपभाग, पथ निर्माण विभाग, पटना। |
| 82 | श्री अजय कुमार सिन्हा | 242 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता(अनुश्रवण), रा0उ0प0 प्रमंडल, बिहारशरीफ। |
| 83 | श्री राजेश्वर प्रसाद | 244 | पथ प्रमंडल, बक्सर | अतिरिक्त प्रभार सहायक सेतु अभियंता-5 (सेतु विशेषज्ञ), सेतु प्रबंधन उपभाग, पथ निर्माण विभाग, पटना। |
| 84 | श्री जग सुहावन सिंह | 245 | पथ प्रमंडल, ड हरी- े ऑन-सोन | कनीय अभियंता पथ प्रमंडल, मोतिहारी अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अंचल, मोतिहारी |
| 85 | श्री राकेश कुमार गुप्ता | 246 | पथ प्रमंडल सं0-2, मुजफ्फरपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, रून्नीसैदपुर, पथ प्रमंडल, मुजफ्फरपुर-2 |
| 86 | श्री जगेश्वर सिंह | 247 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, गुलजारबाग, पटना | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, रा0उ0प0 प्रमंडल, गुलजारबाग। |
| 87 | श्री रघुनाथ प्रसाद यादव | 248 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड। |
| 88 | श्री राजेश्वर प्रसाद | 249 | पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण)-7, मुख्य अभियंता (अनुश्रवण) का कार्यालय। |
| 89 | श्री उज्जवल कुमार | 250 | पटना पश्चिम पथ प्रमंडल, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, सेतु निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण विभाग, पटना। |
| 90 | श्री सुधीर कुमार | 251 | पथ प्रमंडल, सुपौल | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल, सुपौल। |
| 91 | श्री राजीव कुमार राघव | 252 | पथ प्रमंडल, भागलपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, नवगछिया, पथ प्रमंडल, भागलपुर। |
| 92 | श्री मुद्रिका प्रसाद | 253 | पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, बिहारशरीफ, रा0उ0प0 प्रमंडल, बिहारशरीफ। |
| 93 | श्री अजीत कुमार | 254 | पथ प्रमंडल, भागलपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, सबौर, पथ प्रमंडल, भागलपुर। |
| 94 | श्री गजेन्द्र चौधरी | 255 | पथ प्रमंडल, मोतिहारी | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, मोतिहारी, रा0उ0प0 प्रमंडल, मोतिहारी। |
| 95 | श्री राम नवल किशोर प्रसाद सिंह | 256 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, गुलजारबाग, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण, रा0उ0प0 प्रमंडल, गुलजारबाग, पटना। |
| 96 | श्री सुधीर कुमार | 257 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, सुल्तानगंज, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर। |
| 97 | श्री जटाशंकर गुप्ता | 258 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, भागलपुर, रा0उ0प0 प्रमंडल, भागलपुर। |
| 98 | श्री उपेन्द्र कुमार | 260 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड, पटना। |
| 99 | श्री हरिहर सिंह यादव | 262 | शाहाबाद पथ प्रमंडल, आरा | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, सेतु निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण विभाग, पटना। |
| 100 | श्री वीरेन्द्र प्रसाद | 263 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, सीतामढ़ी | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, सीतामढ़ी-1, रा॰उ॰ पथ प्रमंडल, सीतामढी। |
| 101 | श्री अरविन्द कुमार यादव | 264 | पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, बिहारशरीफ, रा0उ0प0 प्रमंडल, बिहारशरीफ । |
| 102 | श्री अजय कुमार वर्मा | 266 | पथ प्रमंडल, मोतिहारी | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल, ढ़ाका। |
| 103 | श्री भूपेन्द्र राय | 268 | पथ प्रमंडल सं0-1, मुजफ्फरपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल सं0-2, मुजफ्फरपुर, पथ प्रमंडल सं॰-1, मुजफ्फरपुर। |
| 104 | श्री संजय कुमार सिंह | 269 | पथ प्रमंडल, बांका | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पूर्व बिहार पथ अंचल, भागलपुर। |
| 105 | श्री दिनेश कुमार प्रसाद | 270 | नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (गुण नियंत्रण)-1, मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर) उपभाग। |
| 106 | श्री उपेन्द्र प्रसाद | 271 | पथ प्रमंडल, झंझारपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण पथ अवर प्रमंडल, झंझारपुर, पथ प्रमंडल, झंझारपुर। |
| 107 | श्री नागेन्द्र | 271A | उच्च पथ योजना एवं अन्वेषण अ चल, केन्द्रीय ं निरूपण संगठन, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, सेतु निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण विभाग, पटना। |
| 108 | श्री राधेश्याम शुक्ला | 272 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, औरंगाबाद | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, अरवल, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, औरंगाबाद। |
| 109 | श्री सतीश कुमार | 273 | पथ प्रमंडल सं0-1, औरंगाबाद | आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, उद्योग विभाग, बिहार, पटना। |
| 110 | श्री ददन प्रसाद गुप्ता | 274 | पथ प्रमंडल, भभुआ | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता,पथ अवर प्रमंडल सं॰-2, भभुआ, पथ प्रमंडल, भभुआ। |
| 111 | श्री गोपाल प्रसाद सिंह | 276 | महात्मा गाँधी सेतु प्रमंडल, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता,महात्मा गॉधी सेतु प्रमंडल, पटना। |
| 112 | श्री राजेेश कुमार | 277 | पथ प्रमंडल, समस्तीपुर | अतिरिक्त प्रभार पथ अवर प्रमंडल संख्या-1, रोसड़ा, पथ प्रमंडल रोसड़ा। |
| 113 | श्री प्रिय रंजन सिन्हा | 279 | वैशाली पथ प्रमंडल, हाजीपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), सारण पथ अंचल, हाजीपुर। |
| 114 | श्री नरेन्द्र प्रसाद सिंह | 281 | पथ प्रमंडल सं0-1, मुजफ्फरपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल सं॰-1, मुजफ्फरपुर। |
| 115 | श्री आलम सगीर मो0 रसूल | 282 | वैशाली पथ प्रमंडल, हाजीपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल सोनपुर। |
| 116 | श्री अनिल कुमार | 283 | पथ प्रमंडल, ढ़ाका | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण पथ अवर प्रमंडल, ढ़ाका, पथ प्रमंडल, ढ़ाका। |
| 117 | श्री राणा ब्रजेश | 284 | पथ प्रमंडल, मधुबनी | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल सं0-1, मधुबनी, पथ प्रमंडल, मधुबनी। |
| 118 | श्री सिद्धेश्वर महतो | 285 | पथ प्रमंडल, समस्तीपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण पथ अवर प्रमंडल, समस्तीपुर। |
| 119 | श्री चन्द्रमा प्रसाद | 287 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मुजफ्फरपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, अवर प्रमंडल, मोतीपुर, अग्रिम योजना प्रमंडल, मुजफ्फरपुर। |
| 120 | श्री दिलीप प्रसाद | 288 | नई राजधानी पथ प्रमंडल, पटना | कनीय अभियंता, बि0रा0पु0नि0नि0लि0, अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बि0रा0पु0नि0नि0लि0, पटना। |
| 121 | श्री राजेश कुमार वर्णवाल | 289 | पटना सिटी पथ प्रमंडल, गुलजारबाग, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, (NHAI)-1, मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर) उपभाग। |
| 122 | श्री धर्मनारायण सिंह | 290 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बि0रा0पु0नि0नि0लि0, पटना। |
| 123 | श्री प्रवेश कुमार | 291 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, रा0उ0प0प्रमं0, भागलपुर। |
| 124 | श्री अनिल कुमार | 292 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बि0रा0पु0नि0नि0लि0, पटना। |
| 125 | श्री महेश प्रसाद | 293 | पथ प्रमंडल, समस्तीपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल समस्तीपुर। |
| 126 | श्री सुधीर कुमार | 294 | पथ प्रमंडल, बेनीपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल, पथ प्रमंडल, बेनीपुर। |
| 127 | श्री मनोज कुमार | 295 | पथ प्रमंडल, भागलपुर | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पूर्व बिहार पथ अंचल, भागलपुर। |
| 128 | श्री राज किशोर गुप्ता | 296 | राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, पूर्णिया | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, पूर्णिया, रा0उ0प0प्रमं0, पूर्णियाँ। |
| 129 | श्री ददन सिंह | 297 | शाहाबाद पथ प्रमंडल, आरा | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, (योजना निरूपण)-1, मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर) उपभाग। |
| 130 | श्री राम दयाल राम | 302 | पथ प्रमंडल, बांका | अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल, बॉका। |
| 131 | श्री संजय कुमार गुप्ता | 308 | मुख्यालय निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, मुख्यालय निरूपण अंचल, पटना। |
| 132 | श्री रमेश पासवान | 309 | पथ प्रमंडल, मधुबनी | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल, झंझारपुर। |
| 133 | श्री राम प्रवेश चौधरी | 314 | पथ प्रमंडल, बेगुसराय | कनीय अभियंता, पथ प्रमंडल, रा0उ0प0प्रमं0 लखीसराय एट मुंगेर अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, रा0उ0प0 अवर प्रमंडल, सूर्यगढ़ा, रा0उ0प0प्रमं0 लखीसराय एट मुंगेर। |
| 134 | श्री उमेश कुमार राम | 317 | पथ प्रमंडल, जमुई | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, पथ अवर प्रमंडल, झाझा, पथ प्रमंडल, जमुई। |
| 135 | श्री संजय कुमार दास | 320 | पटना सिटी पथ प्रमंडल, गुलजारबाग, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर)-4, मुख्य अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ (उत्तर) उपभाग। |
| 136 | श्री दिनेश चौधरी | 331 | पथ प्रमंडल सं0-1, औरंगाबाद | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन। |
| 137 | श्री राजेश कुमार | 341 | बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लि0, पटना | अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, बि0रा0पु0नि0नि0लि0, पटना। |
वरीय कनीय अभियंताओं को सहायक अभियंता का अतिरिक्त प्रभार कार्यहित में कार्यकारी व्यवस्था अन्तर्गत अपने ही वेतनमान् में दिया जा रहा है। इस अधिसूचना के आधार पर भविष्य में प्रोन्नति अथवा वरीयता का दावा मान्य नहीं होगा। प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अर्जुन कुमार मिश्रा, अवर सचिव (प्र॰को॰)।
------
24 नवम्बर 2022
सं0 1/स्था0 (यांत्रिक)-01/2020-5789(S)--श्री अशोक कुमार रंजन, कार्यपालक अभियंता, तकनीकी सलाहकार, यॉत्रिक अंचल, राष्ट्रीय उच्च पथ पटना को अपने कार्यो के अतिरिक्त कार्यपालक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ यॉत्रिक प्रमंडल, नवादा के कार्यो के निष्पादन हेतु अगले आदेश तक के लिए प्राधिकृत किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अर्जुन कुमार मिश्रा, अवर सचिव (प्र॰को॰)।
------
25 नवम्बर 2022
सं0 रा0उ0प0-20/स्था0(का0क्षे0)-02-135/2001(खण्ड-1)-5812(S)--सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्राालय, भारत सरकार की गजट अधिसूचना संख्या-695 (अ0) दिनांक-14.02.2020 द्वारा अधिसूचित हाजीपुर के निकट एन0एच0-22 के साथ अपने जंक्शन से आरंभ होकर महनार, मोहिउद्वीन नगर को जोड़ते हुए बछवाड़ा के निकट एन0एच0-122 के साथ अपने जंक्शन पर समाप्त होने वाले एन0एच0-122बी (हाजीपुर-बछवाड़ा पथ), कुल लम्बाई 72.348 कि0मी0 को पथ निर्माण विभाग, बिहार पटना के अधिसूचना संख्या-5180(एस) दिनांक- 09.09.2020 के द्वारा अधिसूचित नियंत्री प्रमंडल राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ से दूर होने एवं राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, गुलजारबाग, पटना के निकट होने के कारण सम्यक विचारोपरान्त उक्त पथ को पर्यवेक्षण, निरीक्षण एवं किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य हेतु राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, बिहारशरीफ से राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, गुलजारबाग, पटना को हस्तांरित किया जाता है।33 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 1. उक्त पथ में चल रहे सभी निर्माण कार्यो का पर्यवेक्षण एवं निरीक्षण राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमण्डल, गुलजारबाग, प्रमण्डल, पटना द्वारा किया जायेगा ।
2. यह आदेश निर्गत तिथि से प्रभावी होगा ।
आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, उप सचिव (प्रबंधन कोषांग)।
------
25 नवम्बर 2022
सं0 1/विविध-20/2007-5821(S)--National Highway Infrastructure Development Corporation Limited NHIDCL/2(9)/ Rectt ED & Other Posts/2022/HR/2830 दिनांक-02.11.2022 के आलोक में श्री अजय कुमार रजक, कार्यपालक अभियंता (असैनिक) की सेवा National Highway Infrastructure Development Corporation Limited (NHIDCL) नई दिल्ली, को General Manager(T/P) के पद पर प्रतिनियुक्ति के आधार पर सेवा सौंपी जाती है । इन्हें योगदान करने हेतु तत्काल प्रभाव से विरमित किया जाता है। 2. सरकार के आदेष से पैतृक विभाग द्वारा आवष्यकता पड़ने पर इनकी सेवा किसी भी समय वापस ले ली जायेगी।
3. श्री अजय कुमार रजक, कार्यपालक अभियंता, सेतु षोध एवं विकास प्रमंडल संख्याा-01, सेतु प्रबंधन उपभाग पथ निर्माण विभाग, बिहार, पटना विधिवत प्रभार परित्याग करने के उपरान्त अनापत्ति प्रमाण पत्र NOC प्राप्त कर अंतिम वेतन प्रमाण पत्र प्राप्त करेंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, दीपेश कुमार, उप-सचिव (प्र0को0)।
------
25 नवम्बर 2022
सं0 प्र॰2/स्था॰-07-03/2019-5833(S)--कार्यहित में वरीय कनीय अभियंता (असैनिक) को कार्यकारी व्यवस्था के अन्तर्गत अपने ही वेतनमान में अपने कार्यों के अतिरिक्त सहायक अभियंता का अतिरिक्त प्रभार देते हुए उनके नाम के सम्मुख स्तम्भ-5 में वर्णित स्थान पर अगले आदेश तक पदस्थापित किया जाता है :-
| क्र॰ सं॰ | नाम | कनीय अभियंता का वर्ष 2017 का वरीयता क्रमांक | वर्तमान पदस्थापन | नव पदस्थापन / अतिरिक्त प्रभार |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 |
| 1 | श्री तारकेश्वर दासील | 280 | वैशाली पथ प ्रमंडल, हाजीपुर। | अतिरिक्त प्रभार प ्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल, सोनपुर। |
वेतनमान् में दिया जा रहा है। इस अधिसूचना के आधार पर भविष्य में प्रोन्नति अथवा वरीयता का दावा मान्य नहीं होगा। प्रस्ताव पर सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अर्जुन कुमार मिश्रा, अवर सचिव (प्र॰को॰)।
------
1 दिसम्बर 2022
सं0 निग/सारा-4(पथ)-आरोप-09/2020-5884(S)--पथ प्रमंडल संख्या-01, मुजफ्फरपुर में पूर्ण योजनाओं के PCR से संबंधित कार्य "Sabha-Jahangirpur" पथ निर्माण कार्य की उड़नदस्ता प्रमंडल संख्या-3, के द्वारा जाँचोपरांत समर्पित जाँच प्रतिवेदन एवं गुणवत्ता प्रतिवेदन की विभागीय तकनीकी समिति के द्वारा समीक्षोंपरांत उपलब्ध कराये गये अनुसंशा की विभागीय समीक्षा के उपरांत आलोच्य पथ में निम्न त्रुटियाँ पायी गयी :-
(i) आलोच्य पथ के 4थें कि॰मी॰ मेें DBM Gr-II में अलकतरा की औसतन मात्रा 2.80% पायी गयी है, जो टॉलरेन्स लिमिट 3.56% से कम है।
(ii) आलोच्य पथ के 4थें कि॰मी॰ मेें WMM में प्रयुक्त Aggregate का औसत FI+EI 56. 516% पायी गयी है, जो टॉलरेन्स लिमिट से कम है।
2. उक्त पाये गये त्रुटियों के लिए श्री योगेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल संख्या-01, मुजफ्फरपुर सम्प्रति सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता, फ्लैट न0-41, जगत आद्या अपार्टमेंट, पो0-भेटनरी कॉलेज, शास्त्रीनगर, जिला-पटना, बिहार-800014 से विभागीय पत्रांक-4819(S)We दिनांक-25.06.2018 द्वारा स्पष्टीकरण पूछा गया। श्री सिंह ने अपने पत्रांक-625, दिनांक-03.08.2018 द्वारा स्पष्टीकरण उत्तर समर्पित किया। समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर में इनके द्वारा मुख्य रूप से Department of Scientific and Industrial Research के Road Research Laboratory के Bituminous Material in Road Construction Publication Chapter-20 की कंडिका-20.8 के अनुसार अलकतरा की जाँच नहीं किये जाने, IRC के Specification for Road & Bridge Work के Section-400.10 के आलोक में IS-2386(Part-I) के अनुरूप एग्रिगेट की ग्रेडिंग जाँच नहीं किये जाने एवं विभागीय आदेश संख्या-340, दिनांक-07.01.2010 का संदर्भ देते हुए अंकित किया गया है कि आलोच्य कार्य वास्तविक रूप से दिनांक-28.10.2014 को समाप्त हुई थी, जबकि संबंधित कार्य की जाँच लगभग दो वर्षो के बाद दिनांक-23.07.2016 को की गई थी।34 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 3. श्री सिंह के द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर की विभागीय समीक्षा की गई। समीक्षोंपरांत यह पाया गया कि आलोच्य कार्य में श्री सिंह के द्वारा अपने बचाव में जिन व्यवहारिक कठिनाईयों एवं तकनीकी परिस्थितिजन्य कारणो का तर्क दिया गया है, वस्तुतः उन सभी व्यवहारिक कठिनाईयों एवं तकनीकी कारणों को विभागीय मार्गदर्शिका में समाहित करते हुए ही टॉलरेन्स/विचलन का निर्धारण किया गया है, परन्तु प्रस्तुत मामले में वर्णित कार्य मदों की गुणवत्ता निर्धारित टॉलरेन्स/विचलन से भी काफी कम पाया गया है।
तद्ालोक में विभागीय स्तर पर की गयी समीक्षा के क्रम में श्री सिंह द्वारा दिनांक-03.08.2018 के समर्पित स्पष्टीकरण उत्तर को अस्वीकृत करते हुए सम्यक् विचारोपरांत बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-14 के उपनियम-v के तहत विभागीय अधिसूचना सं0 1930 (एस)-सहपठित-ज्ञापांक-1931(एस) दिनांक-06.03.2020 के द्वारा निम्न शास्ति अधिरोपित किया गयाः-
''एक वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' । 4. उक्त संसूचित दण्ड को निरस्त करने हेतु श्री सिंह द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन पत्रांक- 296 दिनांक- 18.05.2020 को सम्यक विचारोपरान्त एवं सरकार के निर्णयानुसार विभागीय अधिसूचना संख्या- 6283 (एस)-सहपठित-ज्ञापांक-6284(एस) दिनांक-04.11.2020 द्वारा अस्वीकृत किया गया।
5. इस संबंध में प्रधान महालेखाकार (ले0 एवं ह0) का कार्यालय, बिहार, पटना के पत्रांक- GN- 170820210402012 द्वारा श्री योगेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता के विरुद्ध 04 विभिन्न विभागीय अधिसूचनाओं के द्वारा कुल 05 वार्षिक वेतनवृद्धियों को असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने संबंधी दंडादेशों का संदर्भ देते हुये सूचित किया गया कि विभागीय अधिसूचना संख्या- 1930(एस) दिनांक-06.03.2020 के द्वारा श्री सिंह के विरुद्ध एक वार्षिक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक के संसूचित लघु दंड श्री सिंह के दिनांक- 31.12.2021 को सेवानिवृति की तिथि होने के कारण संचयात्मक प्रकृति (वृहद दंड) का हो रहा है। इस संबंध में प्रधान महालेखाकार (ले॰ एवं ह॰), बिहार, पटना के कार्यालय द्वारा विभागीय मंतव्य की अपेक्षा की गयी।
6. उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में मामले की विभागीय समीक्षा में पाया गया कि श्री सिंह के विरुद्ध 04 विभिन्न विभागीय अधिसूचनाओं के द्वारा कुल 05 वार्षिक वेतनवृद्धियों को असंचयात्मक प्रभाव से रोके जाने संबंधी दंडादेश संसूचित किया गया। सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार के पत्रांक-1659 दिनांक-05.02.2021 में विहित प्रावधान के आलोक में श्री सिंह के विरुद्ध विभागीय अधिसूचना सं0 1930 (एस)-सहपठित-ज्ञापांक-1931(एस) दिनांक-06.03.2020 द्वारा एक वार्षिक वेतनवृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक का संसूचित लघु दंड दिनांक-01.07.2021 से प्रभावी होने तथा श्री सिंह के दिनांक- 31.12.2021 को सेवानिवृत हो जाने के कारण संचयात्मक प्रकृति (वृहद दंड) का हो रहा है। इस प्रकार प्रधान महालेखाकार (ले0 एवं ह0) के कार्यालय, बिहार, पटना द्वारा उक्त रेखांकित बिंदु तथ्यगत पाया गया।
7. अतः उपर्युक्त परिप्रेक्ष्य में लघु दंड का प्रभाव वृहद् दंड में परिणत हो जाने के कारण सम्यक् विचारोपरान्त श्री योगेन्द्र प्रसाद सिंह, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, पथ प्रमंडल संख्या-1, मुजफ्फरपुर सम्प्रति सेवानिवृत को विभागीय अधिसूचना संख्या-1930 (एस)-सह-पठित ज्ञापांक-1931 (एस) दिनांक-06.03.2020 द्वारा संसूचित ''एक वार्षिक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' के दण्ड को मूल दंडादेश निर्गत करने की तिथि से पुनरीक्षित करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के स्पष्टीकरण-3 के तहत् ''चेतावनी, जिसकी प्रविष्टि इनके चरित्र पुस्त में की जायेगी'' का दंड अधिरोपित किया जाता है। 8. प्रस्ताव में सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, विनय कुमार राय, संयुक्त सचिव।
------ लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग ------ प्रभार प्रतिवेदन 16 नवम्बर 2022
सं0 8/धु0-1-113/2021-451--अधोहस्ताक्षरी मैं, राम अनुग्रह नारायण सिंह, भा0प्र0से0 सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/सी0-1012/2021-सा0प्र0-20262, दिनांक-15.11.2022 के आलोक में विषेष सचिव के पद पर प्रोन्नति के फलस्वरूप आज दिनांक-16.11.2022 को पूर्वाह्न में विषेष सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना का स्वतः पदभार ग्रहण किया ।
सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-1/सी0-1012/2021-सा0प्र0- 20262, दिनांक-15.11.2022 द्रष्टव्य।
(राम अनुग्रह नारायण सिंह) भारमुक्त पदाधिकारी
आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग।35 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग
------
प्रभार प्रतिवेदन
16 नवम्बर 2022
सं0 8/धु0-1-113/2021-452--अधोहस्ताक्षरी मैं, राम अनुग्रह नारायण सिंह, भा0प्र0से0 सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना की अधिसूचना संख्या-1/सी0-1012/2021-सा0प्र0-20262, दिनांक-15.11.2022 के आलोक में विषेष सचिव के पद पर प्रोन्नति के फलस्वरूप आज दिनांक-16.11.2022 को पूर्वाह्न में अपर सचिव, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग, बिहार, पटना के पद से स्वतः प्रभार परित्याग किया ।
सामान्य प्रशासन विभाग की अधिसूचना संख्या-1/सी0-1012/2021-सा0प्र0-20262, दिनांक-15.11.2022 द्रष्टव्य।
(राम अनुग्रह नारायण सिंह) भारग्राही पदाधिकारी
आदेश से, (ह0) अस्पष्ट, लोक स्वास्थ्य अभियंत्रण विभाग।
—————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 39—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
36 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022भाग-2
बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और
नियम आदि।
—————
पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग
------
शुद्धि-पत्र
5 दिसम्बर 2022
सं0 1/स्था0 (1) 201/2000-4101--विभागीय अधिसूचना संख्या-530-सह-पठित ज्ञापांक-531 दिनांक 18.02.2022 में अंकित ''कनीय प्रवर कोटि वेतनमान रू0 3000-4700/-'' को शुद्ध रूप में ''कनीय प्रवर कोटि वेतनमान रू0 3000-4500/-'' पढ़ा एवं समझा जाए। उक्त अधिसूचना के शेष अंश यथावत रहेंगे।
आदेश से, प्रेम कुमार गुप्ता 'प्रेम', अवर सचिव। ------ पथ निर्माण विभाग ------ अधिसूचना (शुद्धि-पत्र) 11 नवम्बर 2022
सं॰ प्र॰2/स्था॰-07-03/2019-5621(S)--विभागीय अधिसूचना संख्या-5619 (एस)-सहपठित ज्ञापांक-5620 (एस), दिनांक 11.11.2022 द्वारा निर्गत अधिसूचना के क्र॰सं॰-54 के स्तम्भ-4 एवं 5 में अंकित ''बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड'' के स्थान पर ''बिहार राज्य पुल निर्माण निगम लिमिटेड'' पढ़ा जाय। 2. शेष सभी यथावत समझा जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अर्जुन कुमार मिश्रा, अवर सचिव (प्र॰को॰)।
------
अधिसूचना (शुद्धि-पत्र)
14 नवम्बर 2022
सं॰ प्र॰2/स्था॰-07-03/2019-5653(S)--विभागीय अधिसूचना संख्या-5619 (एस)-सहपठित ज्ञापांक-5620 (एस), दिनांक 11.11.2022 द्वारा निर्गत अधिसूचना के क्र॰सं॰-30 के स्तम्भ-5 में अंकित ''राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमंडल, गया-1'' के स्थान पर ''राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमंडल, गया-2 तथा अधिसूचना क्र॰सं॰-109 के स्तम्भ-2 में अंकित ''श्री सतीश कुमार'' के स्थान पर ''श्री सतीश कुमार वैद्य'' पढ़ा जाय। 2. निर्गत अधिसूचना को इस हद तक संशोधित समझा जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अर्जुन कुमार मिश्रा, अवर सचिव (प्र॰को॰)।
------
अधिसूचना (शुद्धि-पत्र)
25 नवम्बर 2022
सं॰ प्र॰2/स्था॰-07-03/2019-5834(S)--विभागीय अधिसूचना संख्या-5619 (एस)-सहपठित ज्ञापांक-5620 (एस), दिनांक 11.11.2022 द्वारा निर्गत अधिसूचना के क्रम में निम्नरूपेण संशोधित किया जाता है :-
(i) क्रम संख्या-119 के स्तम्भ संख्या-4 में अंकित वर्तमान पदस्थापन ''राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, मुजफ्फरपुर'' के स्थान पर ''राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, डेहरी-ऑन-सोन एट गया'' तथा स्तम्भ संख्या-5 में अंकित अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, अवर प्रमंडल, मोतीपुर, अग्रिम योजना प्रमंडल, मुजफ्फरपुर'' के स्थान पर ''अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, गुण नियंत्रण अवर प्रमंडल, पथ प्रमंडल, अरवल'' पढ़ा जाय।
(ii) क्रम संख्या-53 के स्तम्भ संख्या-4 में अंकित वर्तमान पदस्थापन ''शाहाबाद पथ प्रमंडल आरा'' के स्थान पर ''पथ प्रमंडल संख्या-1, गया'' पढ़ा जाय।
(iii) क्रम संख्या-69 के स्तम्भ संख्या-4 में अंकित वर्तमान पदस्थापन ''पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ'' के स्थान पर ''पटना नगर निगम, पटना सिटी अंचल, नगर विकास एवं आवास विभाग'' तथा स्तम्भ संख्या-5 में अंकित अतिरिक्त प्रभार37 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ'' के स्थान पर ''अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, नगर विकास एवं आवास विभाग'' पढ़ा जाय।
(iv) क्रम संख्या-20 के स्तम्भ संख्या-4 में अंकित वर्तमान पदस्थापन ''पथ प्रमंडल, पूर्णियाँ'' के स्थान पर ''पटना सिटी पथ प्रमंडल, गुलजारबाग, पटना'' तथा स्तम्भ संख्या-5 में अंकित अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल, पूर्णियाँ'' के स्थान पर ''अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, मुख्यालय निरूपण अंचल, केन्द्रीय निरूपण संगठन, पथ निर्माण विभाग, पटना'' पढ़ा जाय।
(v) क्रम संख्या-38 के स्तम्भ संख्या-5 में अंकित वर्तमान पदस्थापन ''आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, उद्योग विभाग, बिहार, पटना'' के स्थान पर ''कनीय अभियंता, पथ प्रमंडल, भभुआ, अतिरिक्त प्रभार, पथ अवर प्रमंडल, मोहनिया, पथ प्रमंडल, भभुआ'' पढ़ा जाय।
(vi) क्रम संख्या-114 के स्तम्भ संख्या-4 में अंकित वर्तमान पदस्थापन ''पथ प्रमंडल संख्या-1, मुजफ्फरपुर'' के स्थान पर ''पथ प्रमंडल, मोतिहारी प्रतिनियुक्त पथ प्रमंडल संख्या-1, मुजफ्फरपुर'' पढ़ा जाय।
(vii) क्रम संख्या-127 के स्तम्भ संख्या-5 में अंकित वर्तमान पदस्थापन ''अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता (अनुश्रवण), पूर्व बिहार पथ अंचल, भागलपुर'' के स्थान पर ''अतिरिक्त प्रभार सहायक अभियंता, राष्ट्रीय उच्च पथ अवर प्रमंडल, कहलगॉव, राष्ट्रीय उच्च पथ प्रमंडल, भागलपुर'' पढ़ा जाय।
(viii) क्रम संख्या-18 के स्तम्भ संख्या-5 में अंकित वर्तमान पदस्थापन ''आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार, उद्योग विभाग, बिहार, पटना'' के स्थान पर ''कनीय अभियंता, पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ, अतिरिक्त प्रभार प्राक्कलन पदाधिकारी, पथ प्रमंडल, बिहारशरीफ'' पढ़ा जाय। 2. शेष सभी यथावत समझा जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, अर्जुन कुमार मिश्रा, अवर सचिव (प्र॰को॰)।
—————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 39—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
38 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022भाग-9-ख
िन(cid:464)वदा सूचनाएं, प(cid:464)रवहन सूचनाएं, (cid:219)यायालय सूचनाएं और सव(cid:91)साधारण
सूचनाएं इ(cid:215)या(cid:464)द ।
—————
lwpuk
&&&&&&&
No. 1375—I YASMIN MALKA, W/O MD IMTEYAZ ALAM, R/O MOGHLAKHAR PAR NAWADA POST-NAWADA DISTRICT-NAWADA PIN 805110. DO HEREBY SOLEMNLY AFFIRM AND DECLARE VIDE AFFIDAVIT NO 19602, DATED 05/11/2022. THAT MY NAME IS YASMIN MALKA, BUT IN MY DAUGHTER (MOMINA SABAH) CLASS 10TH MIGRATION CERTIFICATE AND MARKSHEET MY NAME HAS BEEN WRONGLY MENTIONED AS YASMIN KHATOON. BUT MY TRUE AND CORRECT NAME IS YASMIN MALKA.
YASMIN MALKA.
&&&&&&&
No. 1381— I MD. Naim S/o Md Mainul Ansari R/o Algayas Nagar Nohsa, Patna declare that vide affidavit no. 1914 dtd 10.11.22 now will be known as Md Naeem Ansari.
MD. Naim.
&&&&&&&
No. 1399—I Rudra Kant Choudhary, S/o-Gouri Kant Choudhary, R/o- Village- Panchov, P.S.-Bishanpur, Dist-Darbhanga, Bihar, do solemnly affirm vide affidavit 167/Dated 27.09.2022, my name Rudranand Choudhary wrongly mentioned in my daughter Priyanka Kumari class 10th CBSE board certificate, Roll-7123047/2019, My correct name is Rudra Kant Choudhary.
Rudra Kant Choudhary.
&&&&&&&
सं0 1400--मैं शिवशंकर पंडित पिता. विष्णु दयाल पंडित पो0 आरा चौक थाना-आरा नगर जिला भोजपुर के निवासी हूँ। शैक्षणिक प्रमाण पत्र में मेरा नाम SHIV SHANKER PANDIT हो गया है। जो गलत है। शपथ पत्र संख्या 82991/28.06.2022 के अनुसार सही नाम SHIV SHANKAR PANDIT है।
शिवशंकर पंडित।
&&&&&&&
बिहार राज्य वित्तीय निगम
फ्रेजर रोड, पटना-1
&&&&&&&
सूचना
10 दिसम्बर 2022
सं0 1393--एतद् द्वारा सूचित किया जाता है कि बिहार राज्य वित्तीय निगम के अंशधारकों की 66वीं सामान्य बैठक दिनांक 22.12.2022 को 4.00 बजे अपराह्न में प्रधान सचिव, उद्योग विभाग के कक्ष में, विकास भवन, न्यू सचिवालय, पटना स्थित में आहूत की गयी है । उपरोक्त बैठक में सम्पादित किये जाने वाले कार्य एवं तत्सम्बन्धित विस्तृत सूचना निगम के सूचना पट पर देखा जा सकता है । सभी अंशधारकों को उक्त बैठक में भाग लिये जाने हेतु अनुरोध पत्र एवं हस्ताक्षरित/अनुमोदित सूचना की प्रति एवं सम्बन्धित विहित प्रपत्र डाक द्वारा अलग से भेजी जा रही है ।
निदेशक पर्षद के आदेश से, दिलीप कुमार, प्रबन्ध निदेशक।39 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 बिहार राज्य शिया वक्फ बोर्ड ------ NOTIFICATIONS The 17th October 2022
No. 7a Block-A/Patna/27 W.B--As per Bihar State Shia Waqf Board Resolution No.- 13 dated 07.10.2022 Altaf Nawab & Wajihunnisa Begum Waqf Estate (Board's Registration No.-7a Block-A/Patna) has been taken under direct control of the Board U/S 65 of the Waqf Act, 1995 with immediate effect, due to non availability of suitable person and certain developments in the Waqf Estate.
By Order, (Sd/-) Illegible, Chief Executive Officer.
------
The 17th October 2022
No. 150/Patna/28 W.B--As per Bihar State Shia Waqf Board Resolution No.-18 dated 07.10.2022 Mir Farzand Ali Waqf Estate (Board's Registration No.-150/Patna.) has been taken under direct control of the Board U/S 65 of the Waqf Act, 1995 with immediate effect, due to non availability of suitable person and certain developments in the Waqf Estate.
By Order, (Sd/-) Illegible, Chief Executive Officer.
------
The 17th October 2022
No. 184/Patna/29 W.B--As per Bihar State Shia Waqf Board Resolution No.-19 dated 07.10.2022 Syed Khurshid Hasnain Waqf Estate (Board's Registration No.-184/Patna.) has been taken under direct control of the Board U/S 65 of the Waqf Act, 1995 with immediate effect, due to non availability of suitable person.
By Order, (Sd/-) Illegible, Chief Executive Officer.
------
The 17th October 2022
No. 5/Patna/30 W.B--As per Bihar State Shia Waqf Board Resolution No.-12 dated 07.10.2022 Col. Kalbe Ali Khan Waqf Estate (Board's Registration No.-5/Patna.) has been taken under direct control of the Board U/S 65 of the Waqf Act, 1995 with immediate effect, due to non availability of suitable person.
By Order, (Sd/-) Illegible, Chief Executive Officer.
------
The 17th October 2022
No. 36/Patna/31W.B-- As per Bihar State Shia Waqf Board Resolution No.-17 dated 07.10.2022 Syed Abbas Ali Waqf Estate (Board's Registration No.-36/Patna) has been taken under direct control of the Board U/S 65 of the Waqf Act, 1995 with immediate effect, due to non availability of suitable person.
By Order, (Sd/-) Illegible, Chief Executive Officer.
------
The 17th October 2022
No. 71/Muz. /32 W.B-- As per Bihar State Shia Waqf Board Resolution No.-20 dated 07.10.2022 Tasawar Ali Waqf Estate (Board's Registration No.-71/Muz.) has been taken under direct control of the Board U/S 65 of the Waqf Act, 1995 with immediate effect, due to non availability of suitable person.
By Order, (Sd/-) Illegible, Chief Executive Officer.
------
The 17th October 2022
No. 7a Block-B/Patna/33 W.B--As per Bihar State Shia Waqf Board Resolution No.- 14 dated 07.10.2022 Altaf Nawab & Wajihunnisa Begum Waqf Estate (Board's Registration No.-7a Block-B/Patna) has been taken under direct control of the Board U/S 65 of the Waqf Act,40 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 1995 with immediate effect, due to non availability of suitable person and certain developments in the Waqf Estate.
By Order, (Sd/-) Illegible, Chief Executive Officer.
------
The 17th October 2022
No. 139/Patna/34 W.B--As per Bihar State Shia Waqf Board Resolution No.-23 dated 07.10.2022 Mahmood Ali Shia Graveyard Waqf Estate (Board's Registration No.-139/Patna.) has been taken under direct control of the Board U/S 65 of the Waqf Act, 1995 with immediate effect, due to non availability of suitable person.
By Order, (Sd/-) Illegible, Chief Executive Officer.
------
The 17th October 2022
No. 13(i)/Patna/35 W.B--As per Bihar State Shia Waqf Board Resolution No.-15 dated 07.10.2022 Haji Syed Farhat Hussain & Asalat Hussain Waqf Estate (Board's Registration No.- 13(i)/Patna) has been taken under direct control of the Board U/S 65 of the Waqf Act, 1995 with immediate effect, due to non availability of suitable person.
By Order, (Sd/-) Illegible, Chief Executive Officer.
------
The 17th October 2022
No. 187/Motihari/36 W.B--As per Bihar State Shia Waqf Board Resolution No.-22 dated 07.10.2022 Bibi Mahmoodunnisa Waqf Estate (Board's Registration No.-187/Motihari) has been taken under direct control of the Board U/S 65 of the Waqf Act, 1995 with immediate effect, due to non availability of suitable person.
By Order, (Sd/-) Illegible, Chief Executive Officer.
------
The 17th October 2022
No. 167/Muz./37 W.B--As per Bihar State Shia Waqf Board Resolution No.-21 dated 07.10.2022 Akharaghat Graveyard Karbala & Qabristan Waqf Estate (Board's Registration No.- 167/Muz.) has been taken under direct control of the Board U/S 65 of the Waqf Act, 1995 with immediate effect, due to non availability of suitable person.
By Order, (Sd/-) Illegible, Chief Executive Officer.
—————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 39—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
41 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
—————
सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-R/1/2022-Section-14-RDD-RDD(COM-174600)--1407720
(cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग
------
संक(cid:227)प
1 दिसम्बर 2022
(cid:302)ी अमरेश कु मार (cid:871)म(cid:302)ा, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), नारद(cid:547)गंज (नवादा) के विरुद्ध सरकार द्वारा संचा(cid:871)लत मह(cid:215)वाकां(cid:162)ी योजना म(cid:581) (cid:510)(cid:876)च नह(cid:547)ं लेने, सरकार(cid:547) काय(cid:607) एवं दा(cid:467)य(cid:215)व(cid:585) म(cid:581) लापरवाह(cid:547) बरतने, उ(cid:205)चा(cid:876)धकार(cid:547) के आदेश/(cid:467)नदेश का उ(cid:227)लंघन करने, सरकार(cid:547) काय(cid:607) म(cid:581) घोर लापरवाह(cid:547) बरतने, िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547) द्वारा आहूत बैठक म(cid:581) ससमय (cid:292)(cid:467)तवेदन के साथ उपि(cid:232)थत नह(cid:547)ं रहने, ससमय (cid:873)कसी मामले म(cid:581) (cid:292)(cid:467)तवेदन नह(cid:547)ं उपल(cid:222)ध कराने, पंचायत आम (cid:467)नवा(cid:91)चन, 2021 म(cid:581) (cid:232)वे(cid:205)छाचा(cid:464)रता बरतने तथा िजला (cid:292)शासन, नवादा क(cid:551) छ(cid:874)व को धू(cid:871)मल करने आ(cid:465)द आरोप से संबं(cid:876)धत आरोप प(cid:287) िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), नवादा के प(cid:287)ांक- 724 (cid:465)दनांक- 03.05.2022 द्वारा (cid:874)वभाग को उपल(cid:222)ध कराया गया ।
(cid:302)ी अमरेश कु मार (cid:871)म(cid:302)ा के विरुद्ध धा(cid:464)रत आरोप(cid:585) क(cid:551) वृहत ् जाँच हेतु (cid:874)वभागीय संक(cid:227)प (cid:163)ापांक- 100495242 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 सं0 R-503/85/2022-SECTION 14-RDD-RDD (COM-180990)--1424319 ------ 8 दिसम्बर 2022
(cid:302)ी मनोज कु मार, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), मोह(cid:467)नयां, कै मूर स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), नावानगर (ब(cid:200)सर) के विरुद्ध पंचायत स(cid:871)म(cid:467)त के (cid:232)तर से 15व(cid:581) (cid:874)व(cid:215)त आयोग मद से (cid:873)(cid:272)याि(cid:219)वत योजनाओं म(cid:581) बरती गयी अ(cid:467)नय(cid:871)मतता के आलोक म(cid:581) िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), कै मूर के प(cid:287)ांक 441 (cid:465)दनांक 20.05.2022 द्वारा उनके विरुद्ध आरोप प(cid:287) उपल(cid:222)ध कराया गया। (cid:292)ा(cid:220)त आरोप प(cid:287) पर (cid:874)वभागीय (cid:163)ापांक I/26989/2022 (cid:465)दनांक 29.06.2022 के द्वारा (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) मॉ ंग क(cid:551) गयी एवं प(cid:287)ांक- 1242398 (cid:465)दनांक-16.09.2022 द्वारा (cid:232)मा(cid:464)रत (cid:873)कया गया । काया(cid:91)लय (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), नवानगर, ब(cid:200)सर के प(cid:287)ांक-1282 (cid:465)दनांक-21.09.2022 द्वारा (cid:302)ी कु मार का (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त है ।
(cid:302)ी मनोज कु मार के विरुद्ध िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), कै मूर से (cid:292)ा(cid:220)त आरोप प(cid:287) एवं (cid:302)ी कु मार के (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी। समी(cid:162)ोपरा(cid:219)त पाया गया आरोप गंभीर (cid:292)कृ (cid:467)त के ह(cid:583) िजसक(cid:551) वृहत ् जॉ ंच क(cid:551) आव(cid:230)यकता है । तदालोक म(cid:581) (cid:302)ी कु मार के विरुद्ध (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत करने का (cid:467)नण(cid:91)य (cid:871)लया गया। (cid:302)ी कु मार के विरुद्ध (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत करने हेतु (cid:302)ी र(cid:874)व कु मार, सरकार के उप स(cid:876)चव, (cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग, (cid:466)बहार, पटना को संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) (cid:467)नयु(cid:200)त (cid:873)कया जाता है एवं उप(cid:232)थापन पदा(cid:876)धकार(cid:547) (cid:467)नयु(cid:200)त करने हेतु िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), कैमूर को (cid:467)नदेश (cid:465)दया जाता है।
तदनुसार एत(cid:622) द्वारा (cid:302)ी मनोज कु मार को आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क संक(cid:227)प क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त (cid:292)ा(cid:220)त होने पर संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) के सम(cid:162) उपि(cid:232)थत होकर जैसा (cid:873)क संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) आदेश द(cid:581) अपना (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण/(cid:871)ल(cid:872)खत बचाव बयान (सा(cid:234)य स(cid:465)हत) उनके सम(cid:162) (cid:292)(cid:232)तुत कर(cid:581)गे ।
(cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) के संचालन के (cid:292)(cid:232)ताव पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का आदेश (cid:292)ा(cid:220)त है।
आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क संक(cid:227)प क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।
(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,
बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।
------
सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-14(सा0)सा0- 03/2021--1424475
------
8 दिसम्बर 2022
सु(cid:302)ी अच(cid:91)ना, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:464)र(cid:874)वलगंज, सारण के विरुद्ध (cid:302)ी अ(cid:510)ण कु मार, सेवा (cid:467)नवृत (cid:871)ल(cid:874)पक, (cid:292)खंड काया(cid:91)लय, (cid:464)र(cid:874)वलगंज के सं(cid:874)वदा पर (cid:467)नयोजन का (cid:292)ा(cid:220)त (cid:292)(cid:232)ताव सामा(cid:219)य (cid:292)शासन (cid:874)वभाग के (cid:465)दशा(cid:467)नद(cid:566)श के आलोक म(cid:581) नह(cid:547)ं होने के कारण र(cid:622)द (cid:873)कये जाने के उपरा(cid:219)त (cid:302)ी कु मार से (cid:292)ा(cid:220)त अ(cid:223)यावेदन (cid:465)दनांक 25.03.2021 पर (cid:467)नण(cid:91)य पूव(cid:91) ह(cid:547) िजला(cid:876)धकार(cid:547) क(cid:551) अ(cid:218)य(cid:162)ता म(cid:581) ग(cid:465)ठत चयन स(cid:871)म(cid:467)त एवं िजला (cid:232)थापना शाखा, सारण पर ष(cid:620)यं(cid:287) का आरोप लगाते हुए उ(cid:205)चा(cid:876)धका(cid:464)रय(cid:585) के (cid:292)(cid:467)त अनुशासनह(cid:547)नता; िजला(cid:876)धकार(cid:547), सारण से अकारण प(cid:287)ाचार करते हुए अमया(cid:91)(cid:465)दत भाषा का (cid:292)योग करने, (cid:292)खंड के योजनाओं अथवा काय(cid:574) का अपने (cid:229)यि(cid:200)तगत अ(cid:871)भ(cid:510)(cid:876)च के (cid:871)लए पद(cid:232)था(cid:874)पत/(cid:292)(cid:467)त(cid:467)नयु(cid:200)त क(cid:871)म(cid:91)य(cid:585) के बदले (cid:467)नजी (cid:229)यि(cid:200)त से कराकर लाभ लेने क(cid:551) मनसा आ(cid:465)द (cid:232)वे(cid:205)छाचा(cid:464)रता43 (cid:464)बहार गजट, 14 दिसम्बर 2022 तथा सरकार(cid:547) सेवक आचार (cid:467)नयमावल(cid:547)- 1976 के (cid:467)नयम- 3(1) व 3(3) का उ(cid:227)लंघन करने के आरोप म(cid:581) िजला ------
------
- दिसम्बर 2022 (cid:302)ी राके श रौशन, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:274)ामीण (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547)-सह-(cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), कु शे(cid:230)वर(cid:232)थान पूव(cid:568), दरभंगा के प(cid:287)ांक {{^{{FOOTNOTE 1202}}}}/(cid:232)था{{^{{FOOTNOTE 0}}}} (cid:465)दनांक {{^{{FOOTNOTE 26}}}}.{{^{{FOOTNOTE 07}}}}.{{^{{FOOTNOTE 2018}}}} द्वारा (cid:874)व(cid:465)हत (cid:292)प(cid:287) म(cid:581) आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त हुआ। आरोप प(cid:287) म(cid:581) (cid:302)ी रौशन के विरुद्ध अपने कत(cid:91)(cid:229)य का (cid:467)नव(cid:91)हन नह(cid:547)ं करने, (cid:292)खंड नजारत म(cid:581) (cid:229)या(cid:220)त अ(cid:467)नय(cid:871)मतताओं क(cid:551) सूचना नह(cid:547)ं देने, वर(cid:547)य पदा(cid:876)धकार(cid:547) के आदेश क(cid:551) अवहेलना एवं (cid:292)खंड के (cid:874)व(cid:419)ीय आय-(cid:229)यय पर (cid:467)नयं(cid:287)ण नह(cid:547)ं रखने तथा सरकार(cid:547) रा(cid:871)श नाजीर द्वारा गबन करने म(cid:581) सहयोग करने के आरोप (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत (cid:873)कये गये। ↩
िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547) के द्वारा (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप(cid:585) पर (cid:302)ी रौशन से (cid:292)ा(cid:220)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) (cid:874)वभाग द्वारा समी(cid:162)ा क(cid:551) गयी। समी(cid:162)ोपरा(cid:219)त आरोप(cid:585) क(cid:551) (cid:874)व(cid:232)तृत जाँच हेतु (cid:874)वभागीय संक(cid:227)प (cid:163)ापांक-375501 (cid:465)दनांक-02.02.2021 द्वारा (cid:302)ी रौशन के विरुद्ध (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत क(cid:551) गयी ।
संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547), (cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग, (cid:466)बहार, पटना के प(cid:287)ांक-880872 (cid:465)दनांक-19.04.2022 द्वारा (cid:302)ी रौशन के विरुद्ध संचा(cid:871)लत (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) का जाँच (cid:292)(cid:467)तवेदन (cid:292)ा(cid:220)त हुआ। संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) द्वारा (cid:302)ी रौशन के विरुद्ध रोकड़ पंजी के संधारण म(cid:581) क(cid:551) गई अ(cid:467)नय(cid:871)मतता को दबाकर रखने का आरोप अ(cid:292)मा(cid:872)णत, (cid:287)ु(cid:465)टपूण(cid:91) रोकड़ पंजी का स(cid:215)यापन करने का आरोप (cid:292)मा(cid:872)णत एवं (cid:874)व(cid:215)तीय (cid:292)बंधन म(cid:581) बरती गयी लापरवाह(cid:547) को (cid:292)मा(cid:872)णत (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत (cid:873)कया गया।
(cid:874)वभागीय प(cid:287)ांक- 983401 (cid:465)दनांक-07.06.2022 द्वारा उ(cid:200)त जाँच (cid:292)(cid:467)तवेदन क(cid:551) छाया(cid:292)(cid:467)त (cid:302)ी रौशन को उपल(cid:222)ध कराते हुए (cid:466)बहार सरकार(cid:547) सेवक (वग(cid:568)करण, (cid:467)नयं(cid:287)ण एवं अपील) (cid:467)नयामावल(cid:547)- 2005 के (cid:467)नयम-18(3) के तहत (cid:302)ी रौशन से (cid:871)ल(cid:872)खत अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) मांग क(cid:551) गयी ।
त(cid:215)संबंध म(cid:581) (cid:302)ी रौशन द्वारा सम(cid:874)प(cid:91)त अ(cid:223)यावेदन (cid:465)दनांक-09.07.2022 क(cid:551) अनुशास(cid:467)नक (cid:292)ा(cid:876)धकार द्वारा समी(cid:162)ा क(cid:551) गई। समी(cid:162)ोपरा(cid:219)त इनके द्वारा सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:871)ल(cid:872)खत अ(cid:223)यावेदन को (cid:232)वीकारयो(cid:202)य नह(cid:547)ं पाया गया। अतएव स(cid:224)यक् (cid:874)वचारोपरा(cid:219)त (cid:302)ी राके श रौशन, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:274)ामीण (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547)-सह-(cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), कु शे(cid:230)वर(cid:232)थान पूव(cid:568), दरभंगा स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), पानापुर, सारण के द्वारा (cid:287)ु(cid:465)टपूण(cid:91) रोकड़ पंजी का स(cid:215)यापन करने एवं (cid:874)व(cid:215)तीय (cid:292)बंधन म(cid:581) बरती गई अ(cid:467)नय(cid:871)मतता/लापरवाह(cid:547) के (cid:292)मा(cid:872)णत आरोप(cid:585) के (cid:871)लए इ(cid:219)ह(cid:581) ''असंचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से दो वेतन वृद्धि अवरुद्ध'' करने का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया जाता है।
आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क दंड क(cid:551) (cid:292)(cid:874)वि(cid:231)ट (cid:302)ी रौशन के सेवापु(cid:232)त म(cid:581) क(cid:551) जाय।
उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।
आदेश से,
बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।