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(0 1095) ए ए 20 ;बपकरू464द्ध;बपकरू224द्ध 2022
जल संसाधन विभाग
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अधिसूचना
8 सितम्बर 2022
सं॰ 22/नि0सि0(औ0)17-09/2017/2180—श्री संजय रमण, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता (आई0डी0-3365) सोन नहर प्रमण्डल, खगौल द्वारा अपने उक्त पदस्थापन काल में बरती गई अनियमितता की जॉच विभागीय उड़नदस्ता अंचल द्वारा कि गई। उड़नदस्ता अंचल द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर कि गई। सम्यक समीक्षोपरांत निम्न आरोप के संबंध मेंं विभागीय पत्रांक-65 दिनांक-14.02.17 द्वारा श्री रमण से स्पष्टीकरण किया गयाः- आरोप-
(i) विभागीय भूमि पर अवैध रूप से सामुदायिक भवन के निर्माण की सूचना सामाजिक कार्यकर्त्ता श्री प्रेम प्रकाश द्वारा दायर परिवाद द्वारा विभाग को दिनांक-02.02.16 को प्राप्त हुई उक्त अवैध निर्माण के प्रति आपने कोई संज्ञान नही लिया तथा इसके विरूद्ध आपके स्तर से कोई ठोस कार्रवाई नही की गई।
(ii) उक्त अवैध निर्माण की सूचना आंशिक रूप से अधीक्षण अभियंता को काफी विलंब से पत्रांक-291 दिनांक-18.02.16 द्वारा दी गई।
(iii) आपने विभागीय भुमि पर अवैध निर्माण कार्य बंद कराने को जो पत्रांक-1525 दिनांक-23.09.14 स्थानीय थाना को प्रेषित किया है उसमें भूमि की विवरण का अभाव है।
(iv) अवैध निर्माणाधीन भूमि के भूस्वामित्व संबंधी साक्ष्य नगर परिषद द्वारा पत्रांक-342 दिनांक- 06.04.16 द्वारा मांगने पर भी ठोस साक्ष्य आपके द्वारा उपलब्ध नही कराया गया। 2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 20 (cid:465)दस(cid:224)बर 2022 प्रेषित की गई। प्रमंडलीय कार्यालय में जमीन संबंधी अभिलेख उपलब्ध नही होने की बात का उल्लेख श्री रमण द्वारा किया गया। उड़नदस्ता अंचल द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन, श्री रमण के विरूद्ध गठित आरोप पत्र एवं श्री रमण द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण कि समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरांत पाया गया कि अवैध रूप निर्माण कराये जा रहे सामुदायिक भवन की सर्वपथम सूचना विभाग को परिवादी से प्राप्त हुआ। जबकि कार्यपालक अभिंयता श्री रमण द्वारा अतिक्रमण संबंधी सूचना पूर्व मे ही विभाग को दिया जाना चाहिए था, जो नही दिया गया। जबकि अतिक्रमित भूमि कार्यपालक अभियंता के कार्यालय के समीप है एवं पूर्व में भी जल मीनार का निर्माण अतिक्रमण कर किया गया था। कार्यपालक अभियंता द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद खगौल से केशर-ए-हिन्द भूमि जल संसाधन विभाग का है, का दावा करते हुए उन्ही से अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग करनी चाहिए थी एवं इसकी सम्पुष्टि अंचलाधिकारी से भी करानी चाहिए थी जो नही की गई।
प्रमंडल में उपलब्ध अभिलेख के आधार पर कार्यपालक अभियंता द्वारा नगर परिषद के पत्रांक-115, दिनांक-18.03.2009 एवं विभागीय पत्रांक-1362 दिनांक-13.08.1991 की जानकारी पहले ही नगर परिषद, थाना प्रभारी, अंचलाधिकारी, एवं अन्य अधिकारियों को दी जानी चाहिए थी जो कि नही किया गया।
विभागीय भुमि पर अवैध रूप से निर्माण किये जा रहे सामुदायिक भवन के संबंध में खगौल थाना में देर से सूचना दिये जाने एवं विधिवत् प्राथमिकी नही दर्ज कराने के लिए श्री रमण उत्तरदायी पाये गए।
कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद खगौल के द्वारा निर्माण कराये जा रहे सामुदायिक भवन जमीन से संबंधीत/भू स्वामित्व से संबंधित साक्ष्य उपलबध कराने की मांग कार्यपालक अभियंता से की गई थी। इस संदर्भ मे सोन काडा को विषयांकित भुमि 10 वर्षाे के लिए लीज पर हस्तान्तरित करने हेतु विभागीय स्वीकृति को भू-स्वामित्व के साक्ष्य के रूप में नही प्रस्तुत करने के लिए कार्यपालक अभियंता श्री संजय रमण उत्तरदायी पाये गए।
जल मीनार निर्माण के पश्चात् बचे हुए भु भाग जिसपर नगर परिषद द्वारा अवैध रूप से सामुदायिक भवन इत्यादि का निर्माण किया जा रहा था, को धेराबंदी कर भविष्य में होने वाले अतिक्रमण से बचाने हेतु श्री रमण द्वारा अपेक्षित कार्रवाई नही ंकी गई।
वित्तीय वर्ष 2016-17 की अवधि में कृषि हेतु नहर चाट की बन्दोवस्ती नहीं किये जाने के फलस्वरूप विभाग को राजस्व की हानि हुई । जिसके लिए श्री संजय रमण उत्तरदायी पाये गए।
इस प्रकार श्री रमण के विरूद्ध आरोप प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री रमण के विरूद्ध ''निन्दन की सजा एवं एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री संजय रमण तत्कालीन कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमण्डल, खगौल को विभागीय अधिसूचना सं0-1602 दिनांक 29.07.2019 द्वारा निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया गया -
(i) निन्दन की सजा। (ii) एक वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त दण्ड के आलोक में श्री रमण द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित की गई, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री रमण द्वारा अपने पुनर्विलोकन अर्जी में उसी बात को पुनः दोहराया गया है जिसका वर्णन पूर्व में उनके द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण में अंकित है। उक्त के आलोक में सक्षम प्राधिकार द्वारा श्री रमण के पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकार करने का निर्णय लिया गया।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री संजय रमण, तत्कालीन कार्यपालक अभियंता (आई0डी0-3365) सोन नहर प्रमण्डल, खगौल के विरूद्ध अधिसूचना सं0-1602 दिनांक 29.07.2019 द्वारा संसूचित दण्ड को बरकरार रखते हुए श्री रमण द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकार किया जाता है। उक्त आदेश श्री रमण को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संतोष कुमार सिन्हा, सरकार के अवर सचिव।