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;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
29 ;बपकरू274द्ध 1944 ;0द्ध
(0 1096) ए ए 20 ;बपकरू464द्ध;बपकरू224द्ध 2022
जल संसाधन विभाग
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अधिसूचना
8 सितम्बर 2022
सं॰ 22/नि0सि0(औ0)17-09/2017/2181—श्री संतोष कुमार प्रभाकर, तत्कालीन सहायक अभियंता (आई0डी0-5356) सोन नहर प्रमण्डल, खगौल द्वारा अपने उक्त पदस्थापन काल में बरती गई अनियमितता की जॉच विभागीय उड़नदस्ता अंचल द्वारा की गई। उड़नदस्ता अंचल द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरांत निम्न आरोप के संबंध मेंं विभागीय पत्रांक-63 दिनांक 14.02.17 द्वारा श्री प्रभाकर से स्पष्टीकरण किया गयाः- आरोप-
(i) कनीय अभियंता, सोन नहर अवर प्रमंडल नौबतपुर द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि विभागीय भूमि पर नगर परिषद, खगौल द्वारा अवैध निर्माण कार्य कराय जा रहा है, परंतु आपने कोई ठोस कार्रवाई नही की।
(ii) नगर कार्यपालक पदाधिकारी नगर परिषद, खगौल के पत्रांक-101 दिनांक-10.02.16 द्वारा मौजा बदलपुरा, थाना सं0-52 खाता सं0-189 प्लॉट सं0-413 एवं 414 से संबंधित अभिलेख की मॉग की गई जिसे ससमय उपलब्ध नही कराया गया।
श्री प्रभाकर द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण का मुख्य अंशः-श्री प्रभाकर द्वारा अपने स्पष्टीकरण में अंकित किया गया कि कनीय अभियंता से प्रतिवेदन प्राप्त होते ही अवर प्रमंडलीय पत्रांक-19 दिनांक-04.02.16 द्वारा नगर कार्यपालक पदाधिकारी, नगर परिषद, खगौल से निर्माण कार्य को रोकने एवं विभागीय अनुमति प्राप्त कर ही अग्रेतर कार्य कराने का अनुरोध किया। विभागीय अमीन से जमीन की नापी कराकर प्रतिवेदन समर्पित किया। पुनः दिनांक- 08.02.16 को कार्यपालक पदाधिकारी, खगौल से निर्माण कार्य रोकने का अनुरोध किया।
आरोप सं0-(ii) के संबंध में श्री प्रभाकर कहा गया कि कार्यपालक पदाधिकारी, खगौल द्वारा याचित अभिलेख उपलब्ध कराने हेतु कार्यपालक अभियंता, सोन नहर प्रमण्डल, खगौल से अनुरोध किया। उक्त के क्रम में अवर प्रमंडल पदाधिकारी विक्रम के पत्रांक- 98 दिनांक-21.03.16 द्वारा सूचित किया गया कि संबंधित अभिलेख मौजूद नहीं है। अतः अभिलेख उपलब्ध नही कराया जा सका। 2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 20 (cid:465)दस(cid:224)बर 2022 सूचना देने के लिए श्री प्रभाकर जिम्मेदार पाये गए। श्री प्रभाकर ने अपने पत्रांक-19 दिनांक-04.02.16 द्वारा कार्यपालक पदाधिकारी को निर्माण रोकने हेतु अनुरोध किया। किन्तु इसकी सूचना ततसमय कार्यपालक अभियंता को नही दी गई। कनीय अभियंता द्वारा स्थानीय थाना में अवैध निर्माण संबंधी मात्र सूचना दी गई। प्राथमिकी नही दर्ज कराई गई। इस घटना की सूचना श्री प्रभाकर को दी गई। किन्तु श्री प्रभाकर द्वारा प्राथमिकी दर्ज कराने के संबंध में कोई पहल नही की गई। इस प्रकार श्री प्रभाकर के विरूद्ध लापरवाही एवं कर्त्तव्यहीनता का आरोप प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री प्रभाकर के विरूद्ध ''निन्दन की सजा एवं दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय सरकार द्वारा लिया गया।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री संतोष कुमार प्रभाकर, तत्कालीन सहायक अभियंता, सोन नहर प्रमण्डल, खगौल को विभागीय अधिसूचना सं0-1603 दिनांक 29.07.2019 द्वारा निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया गया -
(i) निन्दन की सजा । (ii) दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त दण्ड के आलोक में श्री प्रभाकर द्वारा पुनर्विलोकन याचिका समर्पित की गई, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री प्रभाकर द्वारा अपने पुनर्विलोकन अर्जी में उसी बात को पुनः दोहराया गया है जिसका वर्णन पूर्व में उनके द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण में अंकित है। उक्त के आलोक में सक्षम प्राधिकार द्वारा श्री प्रभाकर के पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकार करने का निर्णय लिया गया।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री संतोष कुमार प्रभाकर, तत्कालीन सहायक अभियंता (आई0डी0-5356) सोन नहर प्रमण्डल, खगौल के विरूद्ध अधिसूचना सं0-1603 दिनांक 29.07.2019 द्वारा संसूचित दण्ड को बरकरार रखते हुए श्री प्रभाकर द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकार किया जाता है। उक्त आदेश श्री प्रभाकर को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संतोष कुमार सिन्हा, सरकार के अवर सचिव।