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29 ;बपकरू274द्ध 1944 ;0द्ध
(0 1097) ए ए 20 ;बपकरू464द्ध;बपकरू224द्ध 2022
जल संसाधन विभाग
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अधिसूचना
8 सितम्बर 2022
सं॰ 22/नि0सि0(औ0)17-09/2017/2182—श्री खलील अख्तर (आई0डी0-जे0 7932), तत्कालीन कनीय अभियंता, सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर द्वारा अपने उक्त पदस्थापन काल में बरती गई अनियमितता की जॉच विभागीय उड़नदस्ता अंचल द्वारा की गई। उड़नदस्ता अंचल द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरांत निम्न आरोप के संबंध मेंं विभागीय पत्रांक-59 दिनांक-14.02.17 द्वारा श्री अख्तर से स्पष्टीकरण किया गयाः- श्री खलील अख्तर, तत्कालीन कनीय अभियंता, सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर के विरूद्ध आरोपः- (i) जल संसाधन विभाग की भूमि पर अतिक्रमण का नगर परिषद खगौल द्वारा जल मीनार निर्माण कार्य प्रारंभ किया गया। निर्माण कार्य प्रारंभ के समय स्थानीय थाना में आपके द्वारा विधिवत प्राथमिकी दर्ज नही कराई गयी। प्राथमिकी अवर प्रमंडल पदाधिकारी द्वारा पत्रांक-68 दिनांक-28.03.12 द्वारा दर्ज कराई गई।
(ii) विभागीय भूमि पर अवैध रूप से पानी टंकी निर्माण भी सूचना आपने वरीय पदाधिकारियों को नहीं दी। अवैध निर्माण की सूचना अवर प्रमंडल पदाधिकारी के पत्रांक 242 दिनांक-23.08.13 के द्वारा कार्यपालक अभियंता सोन नहर प्रमंडल खगौल को प्राप्त हुई।
(iii) विभागीय भूमि पर अवैध निर्माण कार्य रोकने के लिए अतिक्रमणवाद दायर करने या स्थानीय थाना के सहयोग से अतिक्रमणमुक्त कराने का प्रयास भी आपके स्तर से नहीं किया गया। मात्र अवर प्रमंडल पदाधिकारी, सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर को संसूचित किया। 2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 20 (cid:465)दस(cid:224)बर 2022 उड़नदस्ता द्वारा समर्पित जॉच प्रतिवेदन, श्री अख्तर के विरूद्ध गठित आरोप एवं श्री अख्तर द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण की समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरांत पाया गया कि पत्रांक 68 दिनांक- 28.03.12 द्वारा अवैध निर्माण संबंधी मामले में प्राथमिकी दर्ज करने की बात कही गई है वह सूचना मात्र था। जिसे थाना में प्राप्त कराया गया था। यह प्राथमिकी नहीं था। श्री अख्तर उक्त के लिए जिम्मेदार है। श्री अख्तर द्वारा तत्काल सम्पूर्ण अभिलेख संलग्न करते हुए अंचलाधिकारी के समक्ष अतिक्रमणवाद दायर किया जाना चाहिए था, जो नहीं किया गया। इसके लिए श्री अख्तर जिम्मेदार पाये गए। इस प्रकार श्री अख्तर के विरूद्ध कर्त्तव्यहीनता एवं लापरवाही बरतने का आरोप प्रमाणित पाया गया। उक्त प्रमाणित आरोप के लिए श्री अख्तर के विरूद्ध ''निन्दन की सजा एवं दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दण्ड अधिरोपित करने का निर्णय विभाग द्वारा लिया गया।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री खलील अख्तर (आई0डी0-जे0-7932), तत्कालीन कनीय अभियंता, सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर को विभागीय अधिसूचना सं0-1604 दिनांक 29.07.2019 द्वारा निम्न दण्ड दिया एवं संसूचित किया गया-
(i) निन्दन की सजा । (ii) दो वेतन वृद्धि पर असंचयात्मक प्रभाव से रोक। उक्त दण्ड के आलोक में श्री अख्तर द्वारा पुनर्विलोकन अर्जी समर्पित की गई, जिसकी समीक्षा सरकार के स्तर पर की गई। सम्यक समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री अख्तर द्वारा अपने पुनर्विलोकन अर्जी में उसी बात को पुनः दोहराया गया है जिसका वर्णन पूर्व में उनके द्वारा दिये गये स्पष्टीकरण में अंकित है। उक्त के आलोक में सक्षम प्राधिकार द्वारा श्री अख्तर के पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकार करने का निर्णय लिया गया।
उक्त निर्णय के आलोक में श्री खलील अख्तर (आई0डी0-जे0-7932), तत्कालीन कनीय अभियंता, सोन नहर अवर प्रमंडल, नौबतपुर के विरूद्ध अधिसूचना सं0-1604 दिनांक 29.07.2019 द्वारा संसूचित दण्ड को बरकरार रखते हुए श्री अख्तर द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अर्जी को अस्वीकार किया जाता है। उक्त आदेश श्री अख्तर को संसूचित किया जाता है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, संतोष कुमार सिन्हा, सरकार के अवर सचिव।