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16 1944 ;0द्ध
(0 35) ए ;बपकरू272द्धए 6 ;बपकरू547द्ध 2023
सामान्य प्रषासन विभाग
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अधिसूचना
23 दिसम्बर 2022
सं॰ 08/आरोप-01-01/2022 सा0प्र0-23228—श्री विजय कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-938/19, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, बरबीघा, शेखपुरा को विशेष निगरानी इकाई, निगरानी विभाग, बिहार, पटना के धावा दल द्वारा दिनांक 18.01.2022 को परिवादी, श्री शम्भु कुमार से 48,000/- (अड़तालीस हजार) रूपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किये जाने तथा उनके विरूद्ध विशेष निगरानी इकाई, भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा-7 अन्तर्गत निगरानी थाना कांड सं॰-01/2022 दिनांक 17.01.2022 दर्ज होने की सूचना नगर विकास एवं आवास विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक-203 दिनांक 24.01.2022 द्वारा उपलब्ध कराते हुए विधि सम्मत अनुशासनिक कार्रवाई की अनुशंसा की गयी। उक्त क्रम में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2573 दिनांक 23.02.2022 द्वारा श्री कुमार को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली-2005 के नियम-9(1)(क) एवं (ग) तथा 9(2) में निहित प्रावधानों के तहत न्यायिक हिरासत में भेजे जाने की तिथि दिनांक 19.01.2022 के प्रभाव से अगले आदेश तक के लिए निलंबित किया गया।
विभागीय पत्रांक-3593 दिनांक 09.03.2022 द्वारा नगर विकास एवं आवास विभाग से श्री कुमार के विरूद्ध आरोप पत्र की माँग की गयी, जो अप्राप्त रहा। तदुपरांत अपर पुलिस महानिदेशक, विशेष निगरानी इकाई, निगरानी विभाग से प्राप्त प्रतिवेदन के आधार पर विभागीय स्तर पर पुनर्गठित एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा अनुमोदित आरोप पत्र की प्रति संलग्न करते हुए विभागीय पत्रांक 5603 दिनांक 11.04.2022 द्वारा श्री कुमार से स्पष्टीकरण की मांग की गयी।
उक्त के आलोक में न्यायिक हिरासत से मुक्त होने के पश्चात श्री कुमार द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा मुख्य रूप से उल्लेख किया गया है कि विभागीय कार्यवाही और आपराधिक मुकदमा एक तथ्य एवं एक ही साक्ष्य पर आधारित है इसलिए विभागीय कार्यवाही को आपराधिक मुकदमा के निष्पादन तक स्थगित रखा जाय। 2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 6 जनवर(cid:547) 2023 अतएव श्री कुमार का स्पष्टीकरण अस्वी—त किया जाता है, चूँकि मामला निगरानी विभाग के धावा दल द्वारा रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों से गिरफ्तार किये जाने से संबंधित है। अतः मामले की गंभीरता को देखते हुए श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की विस्तृत जांच कराये जाने की आवश्कता पायी गयी। अतएव सम्यक् विचारोपरांत श्री विजय कुमार, बि॰प्र॰से॰, कोटि क्रमांक-938/19, तत्कालीन कार्यपालक पदाधिकारी, बरबीघा, शेखपुरा के विरूद्ध गठित उक्त आरोपों की विस्तृत जांच बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियत्रण एवं अपील) नियमावली 2005 के नियम-17(2) के प्रावधानों के तहत कराने का निर्णय लिया गया है। इस विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी, मुख्य जांच आयुक्त, बिहार, पटना एवं उपस्थापन/प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी, निगरानी विभाग, बिहार, पटना द्वारा नामित कोई वरीय पदाधिकारी होंगे।
श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है वे अपना बचाव बयान/पक्ष संचालन पदाधिकारी के समक्ष रखेंगे एवं जैसा की संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होगें।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में
प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
मो0 सिराजुद्दीन अंसारी, सरकार के अवर सचिव।