असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 22 पौष 1944 (श0)
(सं0 पटना 50) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 12 जनवर(cid:547) 2023 सं॰ 2/आरोप-01-06/2022-22530/सा0प्र0 सामान्य प्रषासन विभाग ——— अधिसूचना 15 दिसम्बर 2022
श्री गोपाल शरण (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 660/19, माननीय मंत्री के तत्कालीन आप्त सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति विषेष कार्य पदाधिकारी, पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 6460 दिनांक 22.08.2022 द्वारा आरोप-पत्र उपलब्ध कराया गया। श्री शरण के विरूद्ध मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना से उपलब्ध कराये गये आरोप-पत्र के आधार पर विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र गठित कर अनुषासनिक प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
श्री शरण के विरूद्ध आरोप है कि :-
(1) विधान सभा बजट सत्रावधि में दिनांक 14.03.2022 से 25.03.2022 तक आकस्मिक अवकाष लेकर राज्य से बाहर जाने की अनुमति मांगी गयी, परन्तु माननीय मंत्री द्वारा उन्हें सत्रावधि की समाप्ति के पश्चात् आकस्मिक अवकाष में जाने का आदेष दिया गया।
(2) श्री शरण द्वारा माननीय मंत्री के आदेष का अवहेलना कर आकस्मिक अवकाष का आवेदन देकर राज्य से बाहर प्रस्थान कर गये। उल्लेखनीय है कि राजपत्रित एवं घोषित अवकाष को मिलाकर एक बार में अधिकतम 10 दिन आकस्मिक अवकाष स्वी—त करने का प्रावधान है। विधान सभा बजट सत्रावधि जैसे महत्वपूर्ण समय पर बिना अनुमति अवकाष पर प्रस्थान करना एक अत्यन्त ही गंभीर मामला है। ये उनके अनुषासनहीनता, कर्तव्यहीनता और आदेषोल्लंघन का परिचायक है।
विभागीय पत्रांक 17781 दिनांक 29.09.2022 द्वारा श्री शरण के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों पर स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री शरण के पत्रांक 01(कैम्प) दिनांक 02.11.2022 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसमें उनके द्वारा अपने उपर लगाये गये आरोपों से इनकार किया गया है। उनके द्वारा लगाये गये आरोप को निराधार एवं साक्ष्य विहिन एवं नियम विरूद्ध होने के कारण खारिज करते हुए सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का अनुरोध किया गया। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 12 जनवर(cid:547) 2023 के निदेशों का अवहेलना की गयी। साथ ही नियम विरूद्ध 10 दिन से अधिक अवधि के लिए आकस्मिक अवकाश पर चले जाना नियम विरूद्ध भी है। श्री शरण का यह आचरण एक वरीय पदाधिकारी के र्काव्यहीनता एवं अनुशासनहीनता को दर्शाता है। श्री शरण का यह —त्य बिहार आचार नियमावली, 1976 के नियम-3(1) के संगत प्रावधानों का उल्लंघन है।
अतः वर्णित तथ्यों के आलोक में प्रतिवेदित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए श्री गोपाल शरण (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 660/19, माननीय मंत्री के तत्कालीन आप्त सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना के स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत् ''निन्दन (आरोप वर्ष 2022-23)'' एवं '' असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक'' का दंड अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।
अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री गोपाल शरण (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 660/19, माननीय मंत्री के तत्कालीन आप्त सचिव, मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग, बिहार, पटना सम्प्रति विषेष कार्य पदाधिकारी, पंचायती राज विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध निम्नलिखित शास्ति अधिरोपित किया जाता है :-
¼i½ ''निन्दन (आरोप वर्ष 2022-23)'' ¼ii½ असंचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक
आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, सरकार के अवर सचिव। ————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,