असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
22 पौष 1944 (श0)
(सं0 पटना 51) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 12 जनवर(cid:547) 2023 सं॰ 2/सी0-1098/2007-21165/सा0प्र0 सामान्य प्रषासन विभाग ——— अधिसूचना 29 नवम्बर 2022
श्री चन्द्रषेखर प्रसाद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 454/08, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, खगड़िया सम्प्रति सेवानिवृत्त (दिनांक 30.09.2010) के विरूद्ध वर्ष 2007 के बाढ़ राहत में गोगरी अनुमंडल के अधिकांष प्रखंडों में कागज में ही नाव चलाये जाने, बेलदौर प्रखंड में समानुपातिक रूप से अनाज वितरित नहीं करने, बेलदौर प्रखंड के लिए आवंटित खाद्यान्न का मानसी रेलवे स्टेषन से उठाव कर गंतव्य स्थान तक पहुँचाने में लापरवाही बरतने, बेलदौर प्रखंड में 15 हजार बोरे अनाज के वितरण के लिए कोई व्यवस्था नहीं करने एवं बिना उच्चाधिकारी के अनुमति के मुख्यालय से बाहर चले जाने इत्यादि आरोप विशेष जिला पदाधिकारी, खगड़िया के पत्रांक 1162 दिनांक 21.09. 2007 द्वारा प्रतिवेदित किया गया।
श्री प्रसाद के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के आलोक में बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-9(1) में निहित प्रावधान के तहत विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9913 दिनांक 03.10.2007 द्वारा निलंबित किया गया।
जिला पदाधिकारी, खगड़िया के पत्रांक 266 दिनांक 16.04.2008 से प्राप्त आरोप-पत्र प्रपत्र 'क' में अंतर्विष्ट आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 7061 दिनांक 27.06.2008 द्वारा श्री प्रसाद से स्पष्टीकरण की गयी। श्री प्रसाद के पत्रांक 1705 दिनांक 25.08.2008 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। श्री प्रसाद दिनांक 30.09.2010 को सेवानिवृा हो गये।
श्री प्रसाद से प्राप्त स्पष्टीकरण एवं उपलब्ध अभिलेखों के समीक्षोपरान्त अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-139(ख) के तहत श्री प्रसाद की सेवा संतोषजनक नहीं होने के आधार पर संकल्प ज्ञापांक 16537 दिनांक 05.12.2012 द्वारा उनके पेंषन से 10% राषि कटौती करने का दंड संसूचित किया गया। अधिरोपित दंड पर पुनर्विचार हेतु श्री प्रसाद द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन समर्पित किया गया। श्री प्रसाद के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में कोई नया तथ्य नहीं पाये जाने के बावत समीक्षोपरान्त इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वी—त करते हुए अधिरोपित दंड को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 12081 दिनांक 22.07.2013 द्वारा बरकरार रखा गया।
उपर्युक्त दंड के विरूद्ध श्री प्रसाद द्वारा माननीय उच्च न्यायालय, पटना में सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 22973/2019 दायर किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 12.04.2021 को पारित आदेष का कार्यकारी अंश निम्नवत है :-
2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 12 जनवर(cid:547) 2023 (Annexure-P-6) and letter as contained in Memo No. 6836, dated 29.04.2013 (Annexure-P-8) are set aside.19. The matter is remitted to the Principal Secretary, General Administration Department, Government of Bihar, respndent no. 2 to pass order afresh with regard to withholding of 10% pension and payment of unutilized earned leave encashment and gratuity to the petitioner taking into consideration the provisions as contained in Section 43 of the Bihar Pension Rules, 1950 within four months from the date of receipt of this order." माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि माननीय न्यायालय द्वारा श्री प्रसाद के विरूद्ध बिहार पेंषन नियमावली, 1950 के नियम-139(ख) के तहत कार्रवाई को न्याय विरूद्ध पाया गया है। समीक्षोपरान्त माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश के अनुपालन में श्री प्रसाद के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16537 दिनांक 05.05.2012 द्वारा 10% पेंषन कटौती से संबंधित दंडादेष को निरस्त किये जाने का निर्णय लिया गया है।
अतएव उपर्युक्त वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री चन्द्रषेखर प्रसाद (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 454/08, तत्कालीन अनुमंडल पदाधिकारी, खगड़िया सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16537 दिनांक 05.05.2012 द्वारा अधिरोपित दंड को निरस्त किया जाता है।
आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,