असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 22 पौष 1944 (श0)
(सं0 पटना 53) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 12 जनवर(cid:547) 2023 सं॰ 2/आरोप-01-18/2022-21269/सा0प्र0 सामान्य प्रषासन विभाग ——— संकल्प 30 नवम्बर 2022
श्री चन्द्रशेखर कुमारन (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1129/19, वरीय उप समार्हाा, सुपौल के विरूद्ध महानिदेशक, बिहार लोक प्रशासन एवं ग्रामीण विकास संस्थान, वाल्मी कैम्पस, फुलवारी शरीफ, पटना के पत्रांक 2260 दिनांक 16.07.2022 पत्र समर्पित किया गया। महानिदेशक, विपार्ड द्वारा श्री कुमारन के विरूद्ध निम्नलिखित आरोप प्रतिवेदित किया गया है कि :-
1. बिपार्ड के पत्रांक 1078 दिनांक 10.05.2022 द्वारा वाल्मिकी नगर टाईगर रिजर्व भ्रमण कार्यक्रम में जाने का आदेश दिया गया था, परन्तु उनके द्वारा इस कार्यक्रम में बिना अनुमति के भाग नहीं लिया गया।
2. बिपार्ड के पत्रांक 1732 दिनांक 20.06.2022 द्वारा श्री कुमारन को दिनांक 20.06.2022 को चतुर्थ सत्र में 2ः45 से 4ः30 अपराह्न में बिना किसी अग्रिम सूचना के प्रशिक्षण सत्र से अनधि—त रूप से अनुपस्थित पाये गये।
3. अनुपस्थिति के संबंध में उनसे स्पष्टीकरण किये जाने के कारण सहायक निदेशक के कार्यालय कक्ष में जाकर उग्र और अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया। सहायक निदेशक के समझाने पर भी वे शांत नहीं हुए और भोजनालय में जाकर वहाँ रखे समानों को फेकने लगे तथा अभद्र भाषा का प्रयोग किया गया।
विपार्ड से प्राप्त पत्र के आलोक में विभागीय पत्रांक 13030 दिनांक 29.07.2022 द्वारा श्री कुमारन से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। श्री कुमारन के पत्र दिनांक 18.08.2022 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया, जिसमें श्री कुमारन मुख्य रूप से कहा गया है कि :-
''सहायक निदेशक महोदय से जानबूझकर कोई अभद्रता नहीं की गई है। उस समय में UPSC की मुख्य परीक्षा में असफल रहा था। साथ ही, अगले UPSC (प्रारंभिक) की तैयारी भी कर रहा था। असफलता एवं तैयारी के सम्मिलित तनाव से संभवतः सहायक निदेशक से संवाद के दौरान उनकी आवाज ऊँची हो गई हो एवं असम्मानजनक प्रतीत हुआ हो जिसके लिए वे क्षमाप्रार्थी हूँ।'' 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 12 जनवर(cid:547) 2023 प्राप्त सी0सी0टी0वी0 फुटेज दिनांक 23.06.2022 का बिपार्ड के भोजनालय हॉल का है। फुटेज में श्री कुमारन द्वारा असमान्य रूप से कार्यकलाप करते एवं चीजों को फेकते हुए एवं कुछ बोलते हुए (आवाज स्पष्ट नहीं है) देखा गया। इसके साथ ही उनके अन्य सहयोगी प्रशिक्षुओं द्वारा उन्हें उक्त क्रियाकलाप को रोकने एवं समझाते हुए देखा गया।
श्री कुमारन के विरूद्ध प्रतिवेदत आरोप एवं इनके स्पष्टीकरण की समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री कुमारन बिहार प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षु पदाधिकारी हैं। महानिदेशक, विपार्ड से प्राप्त प्रतिवेदन एवं सी0सी0टी0वी0 फुटेज में श्री कुमारन का —त्य काफी आपािजनक, सरकारी सम्पाि का दुरूपयोग एवं एक प्रशिक्षु पदाधिकारी होने के नाते स्वेच्छाचारिता का परिचायक है। श्री कुमारन बिहार प्रशासनिक सेवा के पदाधिकारी हैं, जिनके लिए र्काव्यनिष्ट एवं अनुशासित होना प्रथम अर्हता आवश्यक है। पदाधिकारियों एवं कर्मियाें के लिए राज्य सरकार द्वारा आचार नियमावली, 1976 मेें उारदायित्वों का उल्लेख किया गया है। इसका अनुपालन सभी के लिए अनिवार्य है, किन्तु श्री कुमारन द्वारा आचार नियमावली के तहत प्रावधानित नियम-3 के संगत प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। निष्कर्षतः इसके आधार पर श्री कुमारन का स्पष्टीकरण संतोषजनक नहीं है।
वर्णित तथ्यों के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री कुमारन द्वारा समर्पित स्पष्टीकरण को अस्वी—त करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत् ''निन्दन (आरोप वर्ष 2022-23)'' की शास्ति अधिरोपित करने का निर्णय लिया गया।
अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री चन्द्रशेखर कुमारन (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1129/19, वरीय उप समार्हाा, सुपौल को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत् ''निन्दन (आरोप वर्ष 2022-23)'' की शास्ति अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है।
आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,