असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
22 पौष 1944 (श0)
(सं0 पटना 55) पटना, वृह(cid:232)पितवार, 12 जनवर(cid:547) 2023 laŒ 2@vkjksi&01&40@2015&23032@lk0ç0 lkekU; ç'kklu foHkkx ——— ladYi 21 fnlEcj 2022
श्री अब्दुल बहाव अंसारी (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 427/11, तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना के विरूद्ध आरोप है कि इनके द्वारा परियोजना-220/132 K.V ग्रीड उप केन्द्र निर्माण हेतु मौजा-जुझारपुर थाना नं0 128] L.A. Case No. 07@2008&09 esa गलत तरीके से 80% मुआवजा भुगतान का आदेश पारित किया गया। उल्लेखनीय है कि सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 17550/2012 में माननीय उच्च न्यायालय, पटना के द्वारा दिनांक 04.04.2013 को पारित आदेश के आलोक में प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के द्वारा विस्तृत समीक्षा करते हुए सकारण आदेश पारित किया गया है। उक्त आदेश में भू-अर्जन वाद संख्या 07/2008-09 में श्री शिवपूजन राय एवं श्री शिवलाल राय को गलत ढंग से मुआवजा भुगतान करने वाले पदाधिकारी, श्री अब्दुल बहाव अंसारी एवं कर्मचारियों को दोषी पाते हुए उनके विरूद्ध आरोप गठित करने एवं आपराधिक वाद दायर करने का निदेश दिया गया।
श्री अंसारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरान्त विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा श्री अंसारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप को अंशतः प्रमाणित पाया गया।
अंशतः प्रमाणित आरोपों के लिए श्री अंसारी द्वारा लिखित अभिकथन में उल्लेख किया गया है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में उनके स्पष्टीकरण एवं वर्णित तथ्यों, साक्ष्यों एवं न्यायादेश की व्याखया ठीक ढंग से नहीं किया गया और न ही उनका अनुपालन किया गया है। उनके द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन को त्रुटिपूर्ण बताया गया है। इसके आलोक में अंसारी द्वारा अपने लिखित अभ्यावेदन में आरोपों से इनकार किया गया। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 12 जनवर(cid:547) 2023 विरूद्ध अनुशासनिक कार्रवाई का निर्णय लिया गया। श्री अंसारी, तत्कालीन भूमि सुधार उप समार्हाा, पटना द्वारा अपील वाद संख्या 28/09-10 में दिनांक 28.08.2010 को वादी के पक्ष में 0.16 एकड़ के मुआवजे का 80% भुगतान का आदेश दिया गया तथा शेष 0.16 एकड़ के भुगतान के संबंध में भूमि सुधार उप समार्हाा, पटना के न्यायालय के निर्णय प्राप्त होने पर आदेश निर्गत किये जाने का निर्णय लिया गया। भूमि सुधार उप समार्हाा, पटना द्वारा दाखिल खारिज अपील वाद सं0 28/09-10 में दिनांक 08.09.2010 को आदेश पारित किया गया। भूमि सुधार उप समार्हाा ने तथ्यों के आधार पर दाखिल खारिज वाद सं0 488/3/09-10 को निरस्त करते हुए पुनः अंचलाधिकारी को नये सिरे से सुनवाई का आदेश दिया गया। श्री अंसारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना द्वारा भुगतान आदेश के पूर्व अपने आदेश दिनांक 28.08.2010 को संज्ञान में नहीं लिया गया, जिसमें भूमि सुधार उप समार्हाा, पटना के न्यायालय के निर्णय उपरान्त आदेश निर्गत किये जाने का निर्णय लिया गया था। साथ इन्हें नए अभिलेख खोलने पर कार्यालय कर्मियों पर शंका व्यक्त करना चाहिए था।
साथ ही मूल अभिलेख के साथ भी शिवपूजन राय द्वारा समर्पित आदेश पत्र नहीं मांगा गया। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि भुगतान रोकने वाले तथा भुगतान का आदेश देने वाले जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एक ही व्यक्ति श्री अंसारी ही हैं।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा वर्णित तथ्यों के आलोक में संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए, श्री अब्दुल बहाव अंसारी (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 427/11, तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना सम्प्रति सेवानिवृा के लिखित अभिकथन को अस्वीकार करते हुए बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के संगत प्रावधानों के तहत् '' % का दंड अधिरोपित करने का विनिश्चय किया गया। विभागीय पत्रांक 15649 दिनांक 01.09.2022 द्वारा श्री अंसारी के विरूद्ध अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति/परामर्श की मांग की गई। आयोग के पत्रांक 3566/लो0से0आ0 दिनांक 14.12.2022 द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी।
अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विनिश्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में श्री अब्दुल बहाव अंसारी (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 427/11, तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना के विरूद्ध बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के संगत प्रावधानों के तहत निम्नलिखित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है।
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