िनबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40
(cid:464)बहार गजट
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत 28 पौष 1944 (श0) सं(cid:201)या 03 पटना, बुधवार, ———————— 18 जनवरी 2023 (ई0) विषय-सूची पृष्ठ भाग-1— नियुक्ति, पदस्थापन, बदली, शक्ति, छु (cid:7349)ी और अन्य व्यक्तिगत सूचनाएं। 2-35 भाग-1-क—स्वयंसेवक गुल्मों के समादेष्टाओं के आदेश। ---
भाग-1-ख—मैट्रीकु लेशन, आई0ए0, आई0एससी0, बी0ए0, बी0एससी0, एम0ए0, एम0एससी0, लॉ भाग-1 और 2, एम0बी0बी0एस0, बी0एस0ई0, डीप0- इन-एड0, एम0एस0 और मुख्तारी परीक्षाओं के परीक्षा-फल, कार्य(cid:7059)म, छात्रवृत्ति प्रदान, आदि।
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भाग-1-ग—शिक्षा संबंधी सूचनाएं, परीक्षाफल आदि ---
भाग-2—बिहार-राज्यपाल और कार्याध्यक्षों द्वारा निकाले गये विनियम, आदेश, अधिसूचनाएं और नियम आदि।
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भाग-3—भारत सरकार, प(िcid:7391)म बंगाल सरकार और उच्च न्यायालय के आदेश, अधिसूचनाएं और नियम, 'भारत गजट' और राज्य गजटों के उ(cid:7373)रण। ---
भाग-4—बिहार अधिनियम ---
पृष्ठ भाग-5—बिहार विधान मंडल में पुर:स्थापित विधेयक,उक्त विधान मंडल में उपस्थापित या उपस्थापित किये जानेवाले प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और उक्त विधान मंडल में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-7—संसद के अधिनियम जिनपर राष्ट्रपति की ज्येेष्ठ अनुमति मिल चुकी है। ---
भाग-8—भारत की संसद में पुर:स्थापित विधेयक, संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में उपस्थापित प्रवर समितियों के प्रतिवेदन और संसद में पुर:स्थापन के पूर्व प्रकाशित विधेयक। ---
भाग-9—वि(cid:6980)ापन
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भाग-9-क—वन विभाग की नीलामी संबंधी सूचनाएं ---
भाग-9-ख—निविदा सूचनाएं, परिवहन सूचनाएं, न्यायालय सूचनाएं और सर्वसाधारण सूचनाएं
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इत्यादि।
पूरक
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पूरक-क 36-402 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 भाग-1 िनयु(cid:464)(cid:416), पद(cid:232)थापन, बदल(cid:547), श(cid:464)(cid:416), छु(cid:210)ट(cid:547) और अ(cid:219)य (cid:229)य(cid:464)(cid:416)गत सूचनाएं।
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विधि विभाग -------
अधिसूचनाएं
2 जनवरी 2023
एस0ओ0 92 दिनांक 18 जनवरी 2023--विधि विभागीय अधिसूचना संख्या-8669 दिनांक-18.10.2022, जिसके द्वारा श्री मुरारी लाल स्वर्णकार, अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, जमुई का नाम नोटरी पंजी से हटाया गया था, को निरस्त किया जाता है।
2. विधि विभागीय अधिसूचना सं0-2642/जे0 दिनांक-29.03.2019 यथावत प्रभावी रहेगा।
(सं0सं0-ए0/नोट-30/1998/20/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी।
(सक्षम प्राधिकार)
2 जनवरी 2023
एस0ओ0 92 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0सं0-ए0/नोट-30/1998/20/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा,
संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी। (सक्षम प्राधिकार)
The 2nd January 2023
S.O. 92 dated the 18th January 2023---The name of Sri Murari Lal Swarnkar, Advocated-cum-Notary Civil Court, Jamui was removed from notary register vide Law Departmental notification no.-8669, dated-18.10.2022, is hereby cancelled .
2. Notification No.-2642/J dated-29.03.2019 of Law Department shall remain in force.
(File No.-A/Not-30/1998/20/J)
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma,
Joint Secretary-Cum- Additional Legal Remembrancer.
(Competent Authority)3 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
2 जनवरी 2023
एस0ओ0 93 दिनांक 18 जनवरी 2023--विधि विभागीय अधिसूचना संख्या-8670 दिनांक-18.10.2022, जिसके द्वारा श्री कृष्ण नन्दन सिंह, अधिवक्ता-सह-नोटरी, व्यवहार न्यायालय, जमुई का नाम नोटरी पंजी से हटाया गया था, को निरस्त किया जाता है। 2. विधि विभागीय अधिसूचना सं0-1088/जे0 दिनांक-08.02.2019 यथावत प्रभावी रहेगा।
(सं0सं0-ए0/नोट-05/1997/21/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,
संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी। (सक्षम प्राधिकार)
2 जनवरी 2023
एस0ओ0 93 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0सं0-ए0/नोट-05/1997/21/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी।
(सक्षम प्राधिकार)
The 2nd January 2023
S.O. 93 dated the 18th January 2023---The name of Sri Krishna Nandan Singh, Advocated-cum-Notary Civil Court, Jamui was removed from notary register vide Law Departmental notification no.-8670, dated-18.10.2022, is hereby cancelled .
2. Notification No.-1088/J dated-08.02.2019 of Law Department shall remain in force.
(File No.-A/Not-05/1997/21/J)
By Order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma,
Joint Secretary-Cum- Additional Legal Remembrancer.
(Competent Authority)
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14 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 94 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-6920/जे0, दिनांक-15.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री अशोक कुमार सिंह, अधिवक्ता, जिनका4 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-15.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने क लिए प्राधिकृत े किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री अशोक कुमार सिंह | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, बाढ़, पटना | 15.09.2012 | एम0एस0सी0 एल0एल0बी0 | पटना जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-25/2008/10184/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
14 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 94 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-25/2008/10184/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 14th December 2022
S.O. 94 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ashok kumar Singh and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 6920/J dated 15.09.2012 to practice as notary again for the next five year from 15.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Ashok kumar Singh | Advocate-cum- Notary Civil Court Barh | 15.09.2012 | M.Sc L.L.B | Patna Distt.- |
(File no. -A/Not(S)-25/2008/10184/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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19 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 95 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और5 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3656/जे0, दिनांक-22.08.2003 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री राकेश कुमार, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-22.08.2018 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री राकेश कुमार | अधिवक्ता, सिविल कोर्ट पटना। | 22.08.2003 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | पटना जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-82/2000/10243/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
19 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 95 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-82/2000/10243/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 19th December 2022
S.O. 95 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Rakesh kumar and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 3656./J dated 22.08.2003 to practice as notary again for the next five year from 22.08.2018.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Rakesh kumar | Advocate, Civil Court Patna | 22.08.2003 | B.Sc L.L.B | Patna Distt.- |
(File no. -A/Not-82/2000/10243/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)6 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
19 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 96 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-2095/जे0, दिनांक-26.04.1994 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री सत्यनारायण प्रसाद, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-26.04.2020 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री सत्यनारायण प्रसाद | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, बिक्रमगंज जिला-रोहतास | 26.04.1994 | बी0ए0 बी0एल0 | बिक्रमगंज अनुमंडल (जिला-रोहतास) |
(सं0 सं0-ए0/नोट-27/1992/10244/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
19 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 96 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-27/1992/10244/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 19th December 2022
S.O. 96 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri .Satya Narayan Prasad and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 2095/J dated 26.04.1994 to practice as notary again for the next five year from 26.04.2020.
7 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Satya Narayan Prasad | Advocate, Civil Court, Bikramganj Rohtas | 26.04.1994 | B.A B.L | Bikramganj Sub-division (Distt.- Rohtas) |
(File no. -A/Not-27/1992/10244/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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19 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 97 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7641/जे0, दिनांक-15.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री शिवचन्द्र प्रसाद ठाकुर, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-15.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री शिवचन्द्र प्रसाद ठाकुर | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, सीतामढ़ी | 15.10.2012 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | सीतामढ़ी जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-23/2007/10245/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
19 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 97 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट(एस)-23/2007/10245/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)8 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 The 19th December 2022
S.O. 97 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Shivchandra prasad Thakur and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7641./J dated 15.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 15.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Shivchandra prasad Thakur | Advocate, Sitamarhi Civil Court | 15.10.2012 | B.Sc L.L.B | Sitamarhi Distt.- |
(File no. -A/Not(S)-12/2007/10245/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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19 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 98 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3999/जे0, दिनांक-07.08.1993 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री मदन प्रसाद, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-07.08.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री मदन प्रसाद | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, (मोतिहारी)पूर्वी चम्पारण | 07.08.1993 | बी0ए0 बी0एल0 | पूर्वी चम्पारण जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-16/1992/10246/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)9 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
19 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 98 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-16/1992/10246/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 19th December 2022
S.O. 98 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Madan Prasad and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 3999/J dated 07.08.1993 to practice as notary again for the next five year from 07.08.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Madan Prasad | Advocate-cum- Notary Civil Court East Champaran, Motihari | 07.08.1993 | B.A B.L | East Champaran. Distt.- |
(File no. -A/Not-16/1992/10246/J)
By order of the Governor of Bihar,
Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary.
(Competent Authority)
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20 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 99 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7135/जे0, दिनांक-25.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री अनिल कुमार पाण्डेय, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-25.9.2017 से 24.09.2022 एवं पुनः दिनांक-25.09.2022 से पुनः आगामी पाँच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।10 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री अनिल क मार पाण्डेय ु | अधिवक्ता-सह-नोटरी अनुमंडल न्यायालय, हथुआ, गोपालगंज | 25.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | गोपालगंज जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-02/2008/10297/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
20 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 99 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-02/2008/10297/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 20th December 2022
S.O. 99 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Anil Kumar Pandey and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7135/J dated 25.09.2012 to practice as notary for a period from 25.09.2017 to 24.09.2022 and again for the next five year from 25.09.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Anil Kumar Pandey | Advocate-cum- Notary Subdivisional Court, Hathua, Gopalganj | 25.09.2012 | B.A. L.L.B. | Gopalganj Distt.- |
(File no. -A/Not-02/2008/10297/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)11 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
20 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 100 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-6920/जे0, दिनांक-15.09.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री दिलीप कुमार वर्मा, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-15.09.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री दिलीप कुमार वर्मा, | अधिवक्ता सिविल कोर्ट, पटना सिटी | 15.09.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | पटना जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-(एस)-9/2003/10300/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
20 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 100 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-(एस)-9/2003/10300/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 20th December 2022
S.O. 100 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Dilip kumar Varma. and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No6920/J dated 15.09.2012. to practice as notary again for the next five year from 15.09.2022.
12 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Dilip kumar Varma | Advocate Civil Court Patna City | 15.09.2012 | B.A L.L.B | Patna Distt.- |
(File no. -A/Not(S)-9-2022/10300/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
-------
20 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 101 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-1995/जे0, दिनांक11.06.2002 के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-11.06.2022 से पुनः अगामी पॉच
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री दिलीप क मार ु | अधिवक्ता, सिविल कोर्ट, पटना | 11.06.2002 | बी0एस0सी0 एल0एल0बी0 | पटना जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-57/2000/10301/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
20 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 101 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-57/2000/10301/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
The 20th December 2022
S.O. 101 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Dilip Kumar and whose detail according to Notary Register is given below,13 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No1995J dated 11.06.2002 to practice as notary again for the next five year from 11.06.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Shri Dilip Kumar | Advocate, Civil Court Patna | 11.06.2002 | B.Sc. L.L.B | Patna Distt.- |
(File no. -A/Not-57/2000/10301/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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20 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 102 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-3681/जे0, दिनांक-12.11.2002 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री प्रेम लाल सिंह अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-12.11.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री प्रेम लाल सिंह | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, भभुआ (कैमूर) | 12.11.2002 | एम0ए0 एल0एल0बी0 | क मूर ै जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-67/2000/10304/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
20 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 102 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-67/2000/10304/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)14 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 The 20th December 2022
S.O. 102 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Prem Lal Singh and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 3681./J dated 12.11.2002 to practice as notary again for the next five year from 12.11.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Prem Lal Singh | Advocate-cum- Notary Civil Court Bhabua Kaimur | 12.11.2002 | M.A. L.L.B | Kaimur District.- |
(File no. -A/Not-67/2000/10304/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
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20 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 103 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7296/जे0, दिनांक-03.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री राम सागर प्रसाद, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-03.10.2022 से पुनः आगामी पाँच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री राम सागर प्रसाद | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, नवादा | 03.10.2012 | बी0ए0 (आनर्स एल0एल0बी0 | नवादा जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-38/2012/10305/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)15 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
20 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 103 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-38/2012/10305/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 20th December 2022
S.O. 103 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Ram Sagar Prasad and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7296/J dated 03.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 03.10.2022.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Ram Sagar Prasad | Advocate-cum- Notary Civil Court, Nawada | 03.10.2012 | B.A. (Hons.) L.L.B. | Nawada Distt.- |
(File no. -A/Not-38/2012/10305/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
-------
21 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 104 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7424/जे0, दिनांक-05.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री विनय कुमार सिंह, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-05.10.2017 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।16 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री विनय कुमार सिंह | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, महुआ वैशाली | 05.10.2012 | बी0ए0 एल0एल0बी0 | वैशाली जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-125/2004/10366/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव।
(सक्षम प्राधिकार)
21 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 104 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-125/2004/10366/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव। (सक्षम प्राधिकार)
The 21st December 2022
S.O. 104 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Vinay kumar singh. and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7424/J dated 05.10.2012 to practice as notary again for the next five year from 05.10.2017.
| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Vinay kumar singh | Advocate-cum- Notary Civil Court Mahua Vaishali | 05.10.2012 | B.A L.L.B | Vaishali Distt.- |
(File no. -A/Not-125/2004/10366/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)17 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
21 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 105 दिनांक 18 जनवरी 2023--नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-5 (2) के द्वारा प्रदत शक्तियों का प्रयोग करते हुए बिहार राज्यपाल, नोटरीज अधिनियम, 1952 (53 of 1952) की धारा-3 और नोटरीज नियमावली, 1956 (यथा संशोधित) के नियम-8 के उप नियम (4) के अधीन विधि विभाग की अधिसूचना संख्या-7292/जे0, दिनांक-03.10.2012 के द्वारा नियुक्त लेख्य प्रमाणक, श्री युगल किशोर धारेवाल, अधिवक्ता, जिनका नोटरीज पंजी के अनुसार ब्योरा निम्नलिखित है, को दिनांक-03.10.2022 से पुनः अगामी पॉच वर्ष के लिए लेख्य प्रमाणक के रुप में कार्य करने के लिए प्राधिकृत करते हैं।
| लेख्य प्रमाणक क नाम े | आवासीय / व्यवसायिक पता | लेख्य प्रमाणक पंजी में नाम अंकित होने की तिथि । | अहर्त्ता | जिस क्षेत्र में व्यवसाय करने के लिए प्राधिकृत किया गया है । | अभियुक्ति |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| श्री युगल किशोर धारेवाल | अधिवक्ता-सह-नोटरी व्यवहार न्यायालय, अररिया | 03.10.2012 | बी0कॉम0 एल0एल0बी0 | अररिया जिला |
(सं0 सं0-ए0/नोट-14/2006/10367/जे0)
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, उमेश कुमार शर्मा,
संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी।
(सक्षम प्राधिकार)
21 दिसम्बर 2022
एस0ओ0 105 दिनांक 18 जनवरी 2023 को अंग्रेजी में निम्नलिखित अनुवाद बिहार राज्यपाल के प्राधिकार से इसके द्वारा प्रकाशित किया जाता है जो भारतीय संविधान के अनुच्छेद-348 के खण्ड (3) के अधीन अंग्रेजी भाषा का प्राधिकृत पाठ समझा जायेगा।
(सं0 सं0-ए0/नोट-14/2006/10367/जे0) बिहार-राज्यपाल के आदेश से,
उमेश कुमार शर्मा, संयुक्त सचिव-सह-अपर विधि परामर्शी।
(सक्षम प्राधिकार)
The 21st December 2022
S.O. 105 dated the 18th January 2023---In exercise of the powers conferred by section-5(2) of the Notaries Act, 1952 (53 of 1952), the Governor of Bihar is pleased to authorise Shri Yugal Kishore Dharewal and whose detail according to Notary Register is given below, the Notary appointed under section-3 of the Notaries, Act, 1952 (1953 of 1952) and sub-rule (4) of Rule-8 of the Notaries Rules, 1956 (As Amended) by the State Government in Law Department Notification No. 7292./J dated 03.10.2022 to practice as notary again for the next five year from 03.10.2022.
18 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023| Name of Notary | Residental/ professional address | Date of which the name of the Notary has been entered in the Register. | Qualification | Area in which Notary to practice | Remarks |
| 1 | 2 | 3 | 4 | 5 | 6 |
| Shri Yugal Kishore Dharewal | Advocate-cum- Notary Civil Court Araria | 03.10.2012 | B.Com L.L.B | Araria Distt.- |
(File no. -A/Not-14/2006/10367/J) By order of the Governor of Bihar, Umesh Kumar Sharma, Joint Secretary. (Competent Authority)
------- पशु एवं मत्स्य संसाधन विभाग ------ अधिसूचनाएं 6 जनवरी 2023 सं0 1/स्था0 (2) 01/ 2022-67--वित्त विभाग, बिहार, पटना के संकल्प संख्या-7566 दिनांक-14.07.2010 एवं समय-समय पर निर्गत अन्य संकल्पों के संदर्भ में दिनांक-11.11.2022 को सम्पन्न विभागीय स्क्रीनिंग कमिटी की अनुषंसा एवं तदोपरांत सक्षम प्राधिकार से अनुमोदनोपरांत निम्नांकित पदाधिकारी को 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने के पश्चात उनके तृतीय रूपांतरित सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन का लाभ वेतन बैण्ड-3, ग्रेड वेतन रू0 7600/- में सूची के स्तम्भ-3 में अंकित तिथि से प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी जाती है :-
| क्र0 | पदाधिकारी का नाम/पदनाम | तृतीय एम0ए0सी0पी0 की देय तिथि |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | श्री सियालाल साहू सेवानिवृत कार्यपालक अभियंता, मत्स्य निदेशालय, बिहार, पटना | 01.01.2009 |
2. उपर्युक्त पदाधिकारी के रूपांतरित सुनिश्चित वित्तीय उन्नयन से संबंधित वेतनपूर्जा महालेखाकार/वित्त (वै0दा0नि0को0) विभाग, बिहार, पटना द्वारा विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्णता अथवा विमुक्ति प्रदान किये जाने की स्थिति संपुष्ट करने के बाद विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्ण होने अथवा विमुक्ति की तिथि से ही वित्तीय उन्नयन का आर्थिक लाभ अनुमान्य करते हुए निर्गत किया जाएगा। 3. उपर्युक्त एम0ए0सी0पी0 का लाभ प्रदान किये जाने के निमित भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि (यथा वेतनमान, ग्रेड पे, पे बैण्ड एवं देय तिथि) पाये जाने पर संबंधित पदाधिकारी को प्रदान की गयी वित्तीय योजना के लाभ से संबंधित आदेष को रद्द/संषोधित कर दिया जायेगा तथा उन्हे अधिक भुगतान की गयी राषि की वसूली एकमुष्त कर ली जायेगी। सेवानिवृति की स्थिति में यह वसूली देय पावनाओं से की जायेगी। 4. उपर्युक्त वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप संबंधित पदाधिकारी के वेतन का निर्धारण वित्त विभागीय संकल्प में निहित प्रावधान के आलोक में किया जायेगा तथा मौलिक नियमावली के नियम 22 (1) (ए) (1) के आलोक में वेतन निर्धारण का विकल्प की तिथि, अधिसूचना निर्गत की तिथि से एक माह में यदि चाहें तो देंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमन प्रसाद साह, उप-सचिव।
------ 6 जनवरी 2023 सं0 1/स्था0 (2) 01/ 2022-69--वित्त विभाग, बिहार, पटना के संकल्प संख्या-7566 दिनांक-14.07.2010 एवं समय-समय पर निर्गत अन्य संकल्पों के संदर्भ में दिनांक-11.11.2022 को सम्पन्न विभागीय स्क्रीनिंग कमिटी की अनुषंसा एवं तदोपरांत सक्षम प्राधिकार से अनुमोदनोपरांत निम्नांकित पदाधिकारी को 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने के पश्चात उनके तृतीय रूपांतरित सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन का लाभ वेतन बैण्ड-4, ग्रेड वेतन रू0 8700/- में सूची के स्तम्भ-3 में अंकित तिथि से प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी जाती है :-
| क्र0 | पदाधिकारी का नाम/पदनाम | तृतीय एम0ए0सी0पी0 की देय तिथि |
| 1 | 2 | 3 |
| 1. | श्री निशात अहमद निदेशक, मत्स्य, बिहार, पटना | 19.11.2020 |
2. उपर्युक्त पदाधिकारी के रूपांतरित सुनिश्चित वित्तीय उन्नयन से संबंधित वेतनपूर्जा महालेखाकार/वित्त (वै0दा0नि0को0) विभाग, बिहार, पटना द्वारा विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्णता अथवा विमुक्ति प्रदान किये जाने की स्थिति संपुष्ट करने के बाद विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्ण होने अथवा विमुक्ति की तिथि से ही वित्तीय उन्नयन का आर्थिक लाभ अनुमान्य करते हुए निर्गत किया जाएगा। 3. उपर्युक्त एम0ए0सी0पी0 का लाभ प्रदान किये जाने के निमित भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि (यथा वेतनमान, ग्रेड पे, पे बैण्ड एवं देय तिथि) पाये जाने पर संबंधित पदाधिकारी को प्रदान की गयी वित्तीय योजना के लाभ से संबंधित आदेष को रद्द/संषोधित कर दिया जायेगा तथा उन्हे अधिक भुगतान की गयी राषि की वसूली एकमुष्त कर ली जायेगी। सेवानिवृति की स्थिति में यह वसूली देय पावनाओं से की जायेगी। 4. उपर्युक्त वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप संबंधित पदाधिकारी के वेतन का निर्धारण वित्त विभागीय संकल्प में निहित प्रावधान के आलोक में किया जायेगा तथा मौलिक नियमावली के नियम 22 (1) (ए) (1) के आलोक में वेतन निर्धारण का विकल्प की तिथि, अधिसूचना निर्गत की तिथि से एक माह में यदि चाहें तो देंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमन प्रसाद साह, उप-सचिव।
------ 6 जनवरी 2023 सं0 1/स्था0 (2) 01/ 2022-72--वित्त विभाग, बिहार, पटना के संकल्प संख्या-7566 दिनांक-14.07.2010 एवं वित्त विभागीय पत्रांक-8928 दिनांक-15.11.2017 के आलोक में दिनांक-11.11.2022 को सम्पन्न विभागीय स्क्रीनिंग कमिटी की अनुषंसा एवं तदोपरांत सक्षम प्राधिकार से अनुमोदनोपरांत बिहार पशु चिकित्सा सेवा के निम्नांकित पदाधिकारियों को सूची के स्तम्भ-3 में अंकित तिथि से वेतन स्तर-11 (ग्रेड पे 6600/-) में अनुमान्यता प्रदान करते हुये 20 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने के पश्चात उनके द्वितीय रूपांतरित सुनिष्चित वृत्ति उन्नयन का लाभ वेतन स्तर-12 (पे बैण्ड-3, ग्रेड वेतन रू0 7600/-) में सूची के स्तम्भ-4 में अंकित तिथि से प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी जाती है :-
| क्र0 | पदाधिकारी का नाम/पदनाम | वेतन स्तर-11 मे अनुमान्यता की तिथि ं | द्वितीय एम0ए0सी0पी0की देय तिथि |
| 1 | 22 | 3 | 4 |
| 1. | डा0 (श्रीमती) सपना कुमारी स्टाफ पशु चिकित्सा पदा0, पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना | प्राप्त | 21.10.2018 |
| 2. | डा0 हेमा सिंह भ्र0प0चि0पदा0, बड़हरी, पूर्णियाँ | विभागीय अधिसूचना संख्या-3309-सह-पठित ज्ञापांक-3310 दिनांक-21.10.2019 द्वारा दिनांक-01.01. 2016 से प्राप्त, लेकिन विभागीय अधिसूचना सं0-754 दि0-22.10.2014 द्वारा दण्ड अधिरोपित होने के कारण दि0-01.07.2017 के प्रभाव से वेतन स्तर-11 में संशोधित। | 21.10.2018 |
| 3. | डा0 चन्द्रशेखर सिंह आप्त सचिव, माननीय नेता, विरोधी दल, बिहार विधान परिषद्, बिहार, पटना | प्राप्त | 21.10.2018 |
| 4. | डा0 शिव शंकर ओझा भ्र0प0चि0पदा0, रामगढ़, कैमूर | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 5. | डा0 विजय कुमार सिंह कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 6. | डा0 श्रवण कुमार साह भ्र0प0चि0पदा0, सिकटी, अररिया | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 7. | डा0 प्रमोद कुमार आर्या भ्र0प0चि0पदा0, भुतही, सीतामढ़ी | प्राप्त | 07.11.2018 |
| 8. | डा0 हेमन्त कुमार राय भ्र0प0चि0पदा0, माधोपुर, मधुबनी | प्राप्त | 06.11.2019 |
| 9. | डा0 तारणी प्रसाद मंडल रक्षित पशु चिकित्सा पदा0, क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन, कोशी क्षेत्र, सहरसा | प्राप्त | 12.10.2018 |
| 10. | डा0 राम बचन पंडित कृत्रिम प्रजनन प्रणाली पदा0, क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन कार्यालय, उत्तर बिहार, क्षेत्र, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 24.10.2018 |
| 11. | डा0 (श्रीमती) अंजना कुमारी कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना | प्राप्त | 01.11.2018 |
| 12. | डा0 अनिता कुमारी कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना | प्राप्त | 18.10.2018 |
| 13. | डा0 संजीव कुमार कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना | प्राप्त | 31.10.2018 |
| 14. | डा0 (श्रीमती) अनामिका स्टाफ पशु चिकित्सा पदा0 क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन, केन्द्रीय क्षेत्र, पटना | प्राप्त | 24.11.2018 |
| 15. | डा0 सुब्रतो सरकार भ्र0प0चि0पदा0, झाझा, जमुई | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 16. | डा0 राकेश कुमार भ्र0प0चि0पदा0, नाथनगर, भागलपुर | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 17. | डा0 स्नेह भ्र0प0चि0पदा0, लई, पटना | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 18. | डा0 राकेश कुमार गोशाला विकास पदा0, बिहार, पटना | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 19. | डा0 राकेश बिहारी अम्बष्ठा सहायक पशु प्रदर्शनी पदा0, सूचना एवं प्रसार कार्यालय, बिहार, पटना | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 20. | डा0 अशोक कुमार रक्षित पशु चकित्सा पदा0, क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन कार्यालय, उत्तर बिहार, क्षेत्र, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 21. | डा0 नितेश कुमार शोध पदा0 पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 22. | डा0 तपेश्वर कुमार अवर प्रमंडल पशुपालन पदा0, झंझारपुर, मधुबनी | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 23. | डा0 विनीत कुमार झा भ्र0प0चि0पदा0, मोतीपुर, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 24. | डा0 (श्रीमती) अनामिका कुमारी कनीय पशु चिकित्सा पदा0, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 25. | डा0 कौशलेन्द्र कुमार भ्र0प0चि0पदा0, जलालपुर, नवादा | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 26. | डा0 (श्रीमती) ज्योति रानी भ्र0प0चि0पदा0, सदाकत आश्रम, पटना | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 27. | डा0 संजय कुमार भ्र0प0चि0पदा0, सहार, भोजपुर | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 28. | डा0 दिलीप कुमार भ्र0प0चि0पदा0, अंदौली, सुपौल | प्राप्त | 23.10.2018 |
| 29. | डा0 ओम प्रकाश प्रसाद भ्र0प0चि0पदा0, परसौनी, सीतामढ़ी | प्राप्त | 31.10.2018 |
| 30. | डा0 शैलेन्द्र कुमार पशु शल्य चिकित्सक, हाजीपुर, वैशाली | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 31. | डा0 राम विलास पासवान सहायक निदेशक (कु0), क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन, केन्द्रीय क्षेत्र, पटना | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 32. | डा0 राजेश कुमार अवर प्रमंडल पशुपालन पदा0, सदर आरा, भोजपुर | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 33. | डा0 विजय कुमार पशु शल्य चिकित्सक, किशनगंज | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 34. | डा0 निरंजन कुमार अवर प्रमंडल पशुपालन पदा0, पटना सिटी, पटना | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 35. | डा0 अजय कुमार चौधरी भ्र0प0चि0पदा0, रजौन, बांका | प्राप्त | 20.10.2018 |
| 36. | डा0 हीरा रजक भ्र0प0चि0पदा0, रौतारा, कटिहार | प्राप्त | 05.11.2018 |
| 37. | डा0 अनूप कुमार अग्रवाल अवकाश रक्षित पदा0, पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 38. | डा0 संजीव कुमार ठाकुर भ्र0प0चि0पदा0, आम्रपाली, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 39. | डा0 पवन कुमार भ्र0प0चि0पदा0, योगिया, मधुबनी | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 40. | डा0 अशोक कुमार भ्र0प0चि0पदा0 (च0), क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन कार्यालय, उत्तर बिहार क्षेत्र, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 41. | डा0 रेणु सिन्हा भ्र0प0चि0पदा0, टेकुना, गया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 42. | डा0 अस्मिता कुमारी कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 43. | डा0 सत्येन्द्र कुमार सहायक प्रबंधक, क्षेत्रीय कुक्कुट प्रक्षेत्र, भागलपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 44. | डा0 जितेन्द्र प्रसाद भ्र0प0चि0पदा0, नौबतपुर, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 45. | डा0 असीम कुमार भ्र0प0चि0पदा0, खगौल, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 46. | डा0 सुखदेव मुखिया भ्र0प0चि0पदा0 (च0), क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन, केन्द्रीय क्षेत्र, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 47. | डा0 प्रभात कुमार मिश्रा भ्र0प0चि0पदा0, श्यामबाजार, बाँका | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 48. | डा0 प्रमोद कुमार अवकाश रक्षित पदा0, पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 49. | डा0 आनन्द कुमार अवकाश रक्षित पदा0, पशुपालन निदेशालय, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 50. | डा0 ज्ञानवेन्द्र कुमार वर्मा कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 51. | डा0 विपिन कुमार भ्र0प0चि0पदा0, फतेहपुर, गया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 52. | डा0 प्रभात कुमार सिंह भ्र0प0चि0पदा0, अमनौर, सारण | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 53. | डा0 संजय कुमार भ्र0प0चि0पदा0, बेलछी, नालन्दा | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 54. | डा0 प्रिया राज कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 55. | डा0 प्रमोद कुमार भ्र0प0चि0पद0, सरायरंजन, समस्तीपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 56. | डा0 रजनीश कुमार कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 57. | डा0 कंचना कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 58. | डा0 मनोज कुमार कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 59. | डा0 अनिल कुमार सिन्हा कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 60. | डा0 निरंजन कुमार सिंह भ्र0प0चि0पदा0, तीनटंगा, भागलपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 61. | डा0 शंभु कुमार कनीय सहायक शोध पदा0, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 62. | डा0 सुशील कुमार सिन्हा सहायक रोग अनुसंधान पदा0, क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन कार्यालय, उत्तर बिहार क्षेत्र, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 63. | डा0 गुलाब चन्द कनीय पशु चिकित्सा पदा0, भागलपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 64. | डा0 श्री नारायण परिहार भ्र0प0चि0पदा0, सजौर, भागलपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 65. | डा0 संजीव कुमार भ्र0प0चि0पदा0, पचटकी, सीतामढ़ी | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 66. | डा0 परमबोध कुमार सहायक कुक्कुट पदा0, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 67. | डा0 प्रभात रंजन राय भ्र0प0चि0पदा0, धमदाहा, पूर्णिया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 68. | डा0 धनंजय कुमार भ्र0प0चि0पदा0, परसा बाजार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 69. | डा0 सुधीर कुमार भ्र0प0चि0पदा0, बघनगरी, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 70. | डा0 सुधीर कुमार भ्र0प0चि0पदा0, मऊ, गया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 71. | डा0 सुरेन्द्र नारायण मिश्र भ्र0प0चि0पदा0, सरैया साहेबगंज, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 72. | डा0 सुबोध कुमार रक्षित पशु चिकित्सा पदा0, क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन कार्यालय, उत्तर बिहार क्षेत्र, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 73. | डा0 संजय नाथ भ्र0प0चि0पदा0, पहलेजाघाट, सारण | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 74. | डा0 सुभाष चन्द्र हिन्दुस्तानी स्टाफ पशु चिकित्सा पदा0, क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन कार्यालय, भागलपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 75. | डा0 प्रवीण भारती भ्र0प0चि0पदा0, बड़हिया, लखीसराय | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 76. | डा0 गुणानन्द प्रसाद सिंह भ्र0प0चि0पदा0 (च0), मधुबनी | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 77. | डा0 नवीन कुमार स्टाफ पशु चिकित्सा पदा0, क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन, मगध क्षेत्र, गया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 78. | डा0 राम कुमार सिंह भ्र0प0चि0पदा0, वारिसनगर, समस्तीपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 79. | डा0 संजय कुमार रोग अनुसंधान पदा0, क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन, केन्द्रीय क्षेत्र, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 80. | डा0 श्रवण कुमार स्टाफ पशु चिकित्सा पदा0, क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन कार्यालय, पूर्णिया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 81. | डा0 कृष्णदेव यादव रक्षित पशु चिकित्सा पदा0, क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन कार्यालय, दरभंगा | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 82. | डा0 जयवर्धन भ्र0प0चि0पदा0 (च0), छपरा, सारण | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 83. | डा0 कुमारी आशा सिन्हा भ्र0प0चि0पदा0, शादीपुर, गया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 84. | डा0 योगेन्द्र कुमार दास भ्र0प0चि0पदा0, फेसर, औरंगाबाद | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 85. | डा0 नागमणि कुमार सिन्हा भ्र0प0चि0पदा0, नगरनौसा, नालन्दा | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 86. | डा0 सदानन्द राम भ्र0प0चि0पदा0 (च0), गया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 87. | डा0 विजय कुमार झा पशु शल्य चिकित्सक, गया | प्राप्त | 17.10.2020 |
| 88. | डा0 निर्मल कुमार भ्र0प0चि0पदा0, सरैया, भोजपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 89. | डा0 संतोष कुमार आप्त सचिव, माननीय सचेतक, सत्तारूढ़ दल, बिहार विधान परिषद्, बिहार, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 90. | डा0 विजय प्रसाद मंडल भ्र0प0चि0पदा0, हलसी, लखीसराय | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 91. | डा0 संजीव कुमार सहायक कुक्कुट पदा0, बेगूसराय | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 92. | डा0 नरेन्द्र कुमार सिंह सहायक कुक्कुट पदा0, मुंगेर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 93. | डा0 रंजीत प्रसाद सिन्हा भ्र0प0चि0पदा0, हरनौत, नालन्दा | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 94. | डा0 राज कुमार सिन्हा भ्र0प0चि0पदा0, बिक्रम, पटना | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 95. | डा0 शशिकान्त सिंह भ्र0प0चि0पदा0, कसबा, पूर्णिया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 96. | डा0 कृष्णा चौधरी भ्र0प0चि0पदा0, तुर्की, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 97. | डा0 मो0 अताउर रहमान भ्र0प0चि0पदा0, मुरलीगंज, मधेपुरा | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 98. | डा0 संजय कुमार भ्र0प0चि0पदा0, हरदा, पूर्णिया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 99. | डा0 बालेश्वर मंडल भ्र0प0चि0पदा0, रानीपतरा, पूर्णिया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 100. | डा0 शशिधर सिंह भ्र0प0चि0पदा0, कुढ़नी, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 101. | डा0 अशोक कुमार भ्र0प0चि0पदा0, गायघाट, मुजफ्फरपुर | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 102. | डा0 विशेश्वर प्रसाद सहायक कुक्कुट पदा0, पूर्णिया | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 103. | डा0 अनिल प्रसाद भ्र0प0चि0पदा0, मेहुस, शेखपुरा | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 104. | डा0 गोपाल प्रसाद सिंह भ्र0प0चि0पदा0, सिंहेश्वरी, बांका | प्राप्त | 11.10.2020 |
| 105. | डा0 शैलेश कुमार भ्र0प0चि0पदा0 (च0), सिवान | प्राप्त | 21.12.2021 |
| 106. | डा0 गीता कुमारी भ्र0प0चि0पदा0, कचनामा, जहानाबाद | 01.01.2016 | 11.10.2020 |
| 107. | डा0 पंकज कुमार भ्र0प0चि0पदा0, उदवंतनगर, भोजपुर | 01.01.2016 | 11.10.2020 |
| 108. | डा0 सुधीर कुमार रक्षित पशु चिकित्सा पदा0, क्षेत्रीय निदेशक, पशुपालन कार्यालय, दरभंगा | 22.02.2018 | अदेय |
2. उपर्युक्त पदाधिकारी के रूपांतरित सुनिश्चित वित्तीय उन्नयन से संबंधित वेतनपूर्जा महालेखाकार/वित्त (वै0दा0नि0को0) विभाग, बिहार, पटना द्वारा विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्णता अथवा विमुक्ति प्रदान किये जाने की स्थिति संपुष्ट करने के बाद विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्ण होने अथवा विमुक्ति की तिथि से ही वित्तीय उन्नयन का आर्थिक लाभ अनुमान्य करते हुए निर्गत किया जाएगा। 3. उपर्युक्त एम0ए0सी0पी0 का लाभ प्रदान किये जाने के निमित भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि (यथा वेतनमान, ग्रेड पे, पे बैण्ड एवं देय तिथि) पाये जाने पर संबंधित पदाधिकारी को प्रदान की गयी वित्तीय योजना के लाभ से संबंधित25 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 आदेष को रद्द/संषोधित कर दिया जायेगा तथा उन्हे अधिक भुगतान की गयी राषि की वसूली एकमुष्त कर ली जायेगी। सेवानिवृति की स्थिति में यह वसूली देय पावनाओं से की जायेगी। 4. उपर्युक्त वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप संबंधित पदाधिकारी के वेतन का निर्धारण वित्त विभागीय संकल्प में निहित प्रावधान के आलोक में किया जायेगा तथा मौलिक नियमावली के नियम 22 (1) (ए) (1) के आलोक में वेतन निर्धारण का विकल्प की तिथि, अधिसूचना निर्गत की तिथि से एक माह में यदि चाहें तो देंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमन प्रसाद साह, उप-सचिव।
------ 6 जनवरी 2023 सं0 1/स्था0 (2) 01/ 2022-75--वित्त विभाग, बिहार, पटना के संकल्प संख्या-7566 दिनांक-14.07.2010 एवं समय-समय पर निर्गत अन्य संकल्पों के संदर्भ में दिनांक-11.11.2022 को सम्पन्न विभागीय स्क्रीनिंग कमिटी की अनुषंसा एवं तदोपरांत सक्षम प्राधिकार से अनुमोदनोपरांत बिहार पशु चिकित्सा सेवा के निम्नांकित पदाधिकारियों को 30 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने के पश्चात रूपांतरित सुनिश्चित वृत्ति उन्नयन योजना के तहत तृतीय एम0ए0सी0पी0 वेतन बैण्ड-4 एवं ग्रेड वेतन रू0 8700/- में सूची के स्तम्भ-3 में अंकित तिथि से प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी जाती है :-
| क्र0 | पदाधिकारी का नाम/पदनाम | तृतीय एम0ए0सी0पी0 की देय तिथि |
| 1 | 2 | 3 |
| 1 | डॉ0 उपेन्द्र नारायण यादव सेवानिवृत्त जिला पशुपालन पदाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण, बेतिया | 13.04.2013 |
| 2 | डॉ0 रविन्द्र नाथ चौधरी विशेष उप निदेशक (प0वि0), वृ0प0वि0परि0 (मु0स्तर), छपरा-सिवान | 04.10.2013 |
| 3 | डॉ0 नवीनचन्द्र प्रसाद जिला पशुपालन पदाधिकारी, समस्तीपुर | 03.04.2021 |
| 4 | श्री शैलेन्द्र कुमार सिंह शोध पदाधिकारी, पशु स्वास्थ्य एवं उत्पादन संस्थान, पटना | 12.07.2020 |
| 5 | डॉ0 दयानन्द प्रसाद सेवानिवृत भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, मोतिहारी | 08.05.2016 |
| 6 | डा0 विनोद कुमार सिन्हा, सेवानिवृत जिला पशुपालन पदाधिकारी, सिवान | 21.03.2016 |
| 7 | डा0 सुभाष कुमार, सेवानिवृत पशु शल्य चिकित्सक, बेगूसराय | 26.10.2019 |
| 8 | डॉ0 सैयद शौकत हुसैन, सेवानिवृत पशुपालन पदाधिकारी, वृ0प0वि0परि (क्षे0स्तर), छपरा | 01.09.2017 पूर्व में दी गई प्रथम/द्वितीय ए0सी0पी की तिथि क्रमशः 17.11.2001 एवं 17.11.2009 मे ं संशोधन (क्रमशः 01.09.1999 एवं 01.01.2009 के प्रभाव से) के साथ तृतीय एम0ए0सी0पी0 अनुशंसित। |
2. उपर्युक्त पदाधिकारी के रूपांतरित सुनिश्चित वित्तीय उन्नयन से संबंधित वेतनपूर्जा महालेखाकार/वित्त (वै0दा0नि0को0) विभाग, बिहार, पटना द्वारा विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्णता अथवा विमुक्ति प्रदान किये जाने की स्थिति संपुष्ट करने के बाद विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्ण होने अथवा विमुक्ति की तिथि से ही वित्तीय उन्नयन का आर्थिक लाभ अनुमान्य करते हुए निर्गत किया जाएगा। 3. उपर्युक्त एम0ए0सी0पी0 का लाभ प्रदान किये जाने के निमित भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि (यथा वेतनमान, ग्रेड पे, पे बैण्ड एवं देय तिथि) पाये जाने पर संबंधित पदाधिकारियों को प्रदान की गयी वित्तीय योजना के लाभ से संबंधित आदेष को रद्द/संषोधित कर दिया जायेगा तथा उन्हे अधिक भुगतान की गयी राषि की वसूली एकमुष्त कर ली जायेगी। सेवानिवृति की स्थिति में यह वसूली देय पावनाओं से की जायेगी। 4. उपर्युक्त वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप संबंधित पदाधिकारी के वेतन का निर्धारण वित्त विभागीय संकल्प में निहित प्रावधान के आलोक में किया जायेगा तथा मौलिक नियमावली के नियम 22 (1) (ए) (1) के आलोक में वेतन निर्धारण का विकल्प की तिथि, अधिसूचना निर्गत की तिथि से एक माह में यदि चाहें तो देंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमन प्रसाद साह, उप-सचिव।26 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 6 जनवरी 2023 सं0 1/स्था0 (2) 01/ 2022-80--वित्त विभाग, बिहार, पटना के संकल्प संख्या-7566 दिनांक-14.07.2010 एवं समय-समय पर निर्गत अन्य संकल्पों के संदर्भ में दिनांक-11.11.2022 को सम्पन्न विभागीय स्क्रीनिंग कमिटी की अनुषंसा एवं तदोपरांत सक्षम प्राधिकार से अनुमोदनोपरांत निम्नवत् बिहार पशु चिकित्सा सेवा के निम्नांकित पदाधिकारियों को 12 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने के पश्चात उनके प्रथम सुनिष्चित वित्तीय उन्नयन का लाभ वेतनमान रू0 10000-15200/- में स्तम्भ-3 में अकित तिथि से एवं 24 वर्ष की सेवा अवधि पूर्ण होने के पश्चात द्वितीय सुनिष्चित वित्तीय उन्नयन का लाभ वेतनमान रू0 12000-16500/- में सूची के स्तम्भ-4 में अंकित तिथि से प्रदान किए जाने की स्वीकृति दी जाती है :-
| क्र0 | पदाधिकारी का नाम/पदनाम | प्रथम ए0सी0पी0की देय तिथि | द्वितीय ए0सी0पी0 की देय तिथि |
| 1 | 2 | 3 | 4 |
| 1. | डॉ0 मधुकांत झा सेवानिवृत सहायक निदेशक (कुक्कुट) क्षेत्रीय कुक्कुट प्रक्षेत्र, बेला, मुजफ्फरपुर | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 2. | डॉ0 आनन्द शंकर पाण्डेय सेवानिवृत अवर प्रमंडल पशुपालन पदाधिकारी, गोपालगंज | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
| 3. | डॉ0 दयानन्द प्रसाद सेवानिवृत भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, मोतिहारी | प्राप्त | 08.05.2010 |
| 4. | डॉ0 अबुजर मोहम्मद जाहिर सेवानिवृत भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, गलगलिया, किशनगंज | 09.08.1999 | 09.08.1999 |
2. उपर्युक्त पदाधिकारी के रूपांतरित सुनिश्चित वित्तीय उन्नयन से संबंधित वेतनपूर्जा महालेखाकार/वित्त (वै0दा0नि0को0) विभाग, बिहार, पटना द्वारा विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्णता अथवा विमुक्ति प्रदान किये जाने की स्थिति संपुष्ट करने के बाद विभागीय परीक्षा अंतिम रूप से उत्तीर्ण होने अथवा विमुक्ति की तिथि से ही वित्तीय उन्नयन का आर्थिक लाभ अनुमान्य करते हुए निर्गत किया जाएगा। 3. उपर्युक्त एम0ए0सी0पी0 का लाभ प्रदान किये जाने के निमित भविष्य में किसी प्रकार की त्रुटि (यथा वेतनमान, ग्रेड पे, पे बैण्ड एवं देय तिथि) पाये जाने पर संबंधित पदाधिकारियों को प्रदान की गयी वित्तीय योजना के लाभ से संबंधित आदेष को रद्द/संषोधित कर दिया जायेगा तथा उन्हे अधिक भुगतान की गयी राषि की वसूली एकमुष्त कर ली जायेगी। सेवानिवृति की स्थिति में यह वसूली देय पावनाओं से की जायेगी। 4. उपर्युक्त वित्तीय उन्नयन के फलस्वरूप संबंधित पदाधिकारी के वेतन का निर्धारण वित्त विभागीय संकल्प में निहित प्रावधान के आलोक में किया जायेगा तथा मौलिक नियमावली के नियम 22 (1) (ए) (1) के आलोक में वेतन निर्धारण का विकल्प की तिथि, अधिसूचना निर्गत की तिथि से एक माह में यदि चाहें तो देंगे।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, सुमन प्रसाद साह, उप-सचिव।
------ मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग ------ अधिसूचनाएं 6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-143--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री धनन्जय कुमार राव, जिला अवर निबंधक, पटना से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री धनन्जय कुमार राव, जिला अवर निबंधक, पटना से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।27 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-142--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री गिरीश चन्द्र, जिला अवर निबंधक, रोहतास से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री गिरीश चन्द्र, जिला अवर निबंधक, रोहतास से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।
2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-141--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री अजय कुमार, जिला अवर निबंधक, बक्सर से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री अजय कुमार, जिला अवर निबंधक, बक्सर से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।
2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-140--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री रवि रंजन, जिला अवर निबंधक, औरंगाबाद से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री रवि रंजन, जिला अवर निबंधक, औरंगाबाद से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।
2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।28 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 6 जनवरी 2023 सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-139--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री मणिन्द्र नाथ झा, जिला अवर निबंधक, सीतामढ़ी से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री मणिन्द्र नाथ झा, जिला अवर निबंधक, सीतामढ़ी से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-138--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री पप्पु कुमार, अवर निबंधक, बिक्रम (पटना) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री पप्पु कुमार, अवर निबंधक, बिक्रम (पटना) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।
2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-137--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री प्रसन्न कुमार, अवर निबंधक, मोहनिया (कैमुर) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री प्रसन्न कुमार, अवर निबंधक, मोहनिया (कैमुर) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।29 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-136--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्रीमती जया, अवर निबंधक, दाउदनगर (औरंगाबाद) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्रीमती जया, अवर निबंधक, दाउदनगर (औरंगाबाद) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-135--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री आर्यमन, अवर निबंधक, महाराजगंज (सिवान) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री आर्यमन, अवर निबंधक, महाराजगंज (सिवान) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा।
2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-134--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री कौशल कुमार मधुकर, अवर निबंधक, बसंतपुर (सिवान) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री कौशल कुमार मधुकर, अवर निबंधक, बसंतपुर (सिवान) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।30 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 6 जनवरी 2023 सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-133--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री धर्मेन्द्र कुमार दुबे, अवर निबंधक, सिधबलिया (गोपालगंज) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री धर्मेन्द्र कुमार दुबे, अवर निबंधक, सिधबलिया (गोपालगंज) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-132--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्रीमती गायत्री अग्रवाल, अवर निबंधक, मोतीपुर (मुजफ्फरपुर) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्रीमती गायत्री अग्रवाल, अवर निबंधक, मोतीपुर (मुजफ्फरपुर) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-131--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री अमित कुमार, अवर निबंधक, शिकारपुर (प0 चम्पारण) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री अमित कुमार, अवर निबंधक, शिकारपुर (प0 चम्पारण) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।31 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-130--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री भास्कर ज्योति, अवर निबंधक, बिरौल (दरभंगा) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री भास्कर ज्योति, अवर निबंधक, बिरौल (दरभंगा) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-129--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री कौशल कुमार झा, अवर निबंधक, दलसिंह सराय (समस्तीपुर) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री कौशल कुमार झा, अवर निबंधक, दलसिंह सराय (समस्तीपुर) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-126--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री प्रफुल्ल कुमार सिंह, अवर निबंधक, बहादुरगंज (किशनगंज) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री प्रफुल्ल कुमार सिंह, अवर निबंधक, बहादुरगंज (किशनगंज) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।32 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 6 जनवरी 2023 सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-124--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। सुश्री अपर्णा शिवा, अवर निबंधक, हवेली खड़गपुर (मुंगेर) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः सुश्री अपर्णा शिवा, अवर निबंधक, हवेली खड़गपुर (मुंगेर) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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6 जनवरी 2023
सं0 8/आ0 (राज0 नि0)-1-226/2022-123--निबंधन कार्यालयों को राजस्व हित में खोलकर निबंधन का कार्य करने संबंधी विभागीय आदेश/निदेश के विरुद्ध बिहार निबंधन सेवा के पदाधिकारियों द्वारा आदेश/निदेश का उल्लंघन के उद्देश्य से दिनांक-24.10.2022 से 29.10.2022 तक अपने Whatsapp Group में वरीय पदाधिकारियों के संबंध में अमर्यादित टिप्पणी की गयी है और अपने संवर्ग के अन्य पदाधिकारियों को भी अनुशासनहीनता के लिये प्रेरित किया गया है। इस तरह की टिप्पणी करना बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के प्रावधानों के प्रतिकूल है। Chatting का हार्डकॉपी जन शिकायत के रूप में प्राप्त हुई, जिसके अवलोकनोपरांत अनुशासनहीनता का वरण करने वाले पदाधिकारियों से अनुशासनहीनता एवं अमर्यादित भाषा का प्रयोग करने के लिये स्पष्टीकरण की मांग की गयी है। श्री मुकेश कुमार सुमन, अवर निबंधक, तेघड़ा (बेगुसराय) से की गई कारण पृच्छा के संदर्भ में उनके द्वारा अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया जाना स्वीकार नहीं किया गया है। किन्तु Chatting के हार्डकॉपी में अंकित उनकी टिप्पणी के मद्देनजर स्पष्टीकरण स्वीकार योग्य नहीं है। अतः श्री मुकेश कुमार सुमन, अवर निबंधक, तेघड़ा (बेगुसराय) से प्राप्त स्पष्टीकरण को अस्वीकार करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(i) के तहत् वर्ष 2022-23 के लिये निन्दन का दण्ड अधिरोपित किया जाता है। यदि पूर्व में कोई दण्ड अधिरोपित हो तो, यह दण्ड उसके बाद प्रभावी होगा। 2. इसमें सक्षम प्राधिकार का अनुमोदन प्राप्त है।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, निरंजन कुमार, उप-सचिव।
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गृह विभाग
(विषेष शाखा)
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आदेश
10 जनवरी 2023
सं॰ एल/एच॰जी॰-14-05/2020-337--महानिदेशक-सह-महासमादेष्टा का कार्यालय, गृह रक्षा वाहिनी एवं अग्निशाम सेवाएँ, बिहार, पटना के पत्रांक-6744, दिनांक-15.12.2022 द्वारा प्राप्त प्रस्ताव केे आलोक में श्रीमती तृप्ति सिंह, जिला समादेष्टा, बिहार गृह रक्षा वाहिनी, पूर्वी चम्पारण (मोतिहारी) को उनकी प्रथम संतान के लिए बिहार सेवा संहिता (समय-समय पर यथा संशोधित) के नियम-220 के तहत दिनांक-01.03.2023 से 27.08.2023 तक कुल 180 (एक सौ अस्सी) दिनों के मातृत्व अवकाश की स्वीकृति प्रदान की जाती है।
2. इस आदेश में अपर मुख्य सचिव का अनुमोदन प्राप्त है।
आदेश से,
अनिमेश पाण्डेय, संयुक्त सचिव।33 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023
(cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग
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अधिसूचनाएं
11 जनवरी 2023
सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0-14(सा0)(cid:871)स0-08/2020-1502178---(cid:302)ी द(cid:547)पक कु मार (cid:871)संह, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547)-सह- (cid:292)भार(cid:547) बाल (cid:874)वकास प(cid:464)रयोजना पदा(cid:876)धकार(cid:547), हुसैनगंज, (cid:871)सवान स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), परसा (सारण) के विरुद्ध (cid:292)भार(cid:547) बाल (cid:874)वकास प(cid:464)रयोजना पदा(cid:876)धकार(cid:547), हुसैनगंज ((cid:871)सवान) के पद पर रहते हुये मई, 2019 म(cid:581) ट(cid:547)0एच0आर0/एच0सी0एम0 (cid:874)वतरण नह(cid:547)ं करने के आरोप म(cid:581) समाज क(cid:227)याण (cid:874)वभाग, (cid:466)बहार, पटना के प(cid:287)ांक- 2376 (cid:465)दनांक- 22.06.2021 द्वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त है ।
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11 जनवरी 2023
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समाज क(cid:227)याण (cid:874)वभाग, (cid:466)बहार, पटना द्वारा (cid:292)(cid:467)तवे(cid:465)दत आरोप पर (cid:302)ी (cid:871)संह का (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त (cid:873)कया गया िजसम(cid:581) उनके द्वारा (cid:232)प(cid:231)ट (cid:873)कया गया है (cid:873)क सी0एफ0एम0एस0 सॉ(cid:221)टवेयर पर काय(cid:91) करने हेतु मेकर-चेकर एवं ए(cid:292)ुभर को कोई (cid:874)व(cid:232)तृत (cid:292)(cid:871)श(cid:162)ण नह(cid:547)ं (cid:465)दया गया था। आई0सी0डी0एस0 (cid:467)नदेशालय द्वारा (cid:874)वलंब से आवंटन34 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 उपल(cid:222)ध कराने एवं उसक(cid:551) जानकार(cid:547) (cid:873)कसी भी (cid:232)तर से नह(cid:547)ं (cid:465)दये जाने के कारण कोषागार से (cid:467)नकासी (cid:874)वलंब से हो पाया ।
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11 जनवरी 2023
सं0 (cid:274)ा0(cid:874)व0- 14((cid:467)त0)मु0- 03/2019-1499410---(cid:302)ी सिद्धार्थ कु मार, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), बोचहा, मुज(cid:221)फरपुर स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), काराकाट (रोहतास) के विरुद्ध िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), मुज(cid:221)फरपुर के प(cid:287)ांक- 1443 (cid:465)दनांक-21.12.2018 के (cid:622)वारा आरोप प(cid:287) (cid:292)ा(cid:220)त एवं (cid:302)ी कु मार से (cid:292)ा(cid:220)त (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण के समी(cid:162)ोपरांत (cid:874)वभागीय काया(cid:91)लय आदेश सं(cid:201)या- 587828 (cid:465)दनांक- 04.10.2021 द्वारा (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत क(cid:551) गयी । संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) से (cid:292)ा(cid:220)त जांच (cid:292)(cid:467)तवेदन के समी(cid:162)ोपरांत (cid:874)वभागीय अ(cid:876)धसूचना सं(cid:201)या- 1324075 (cid:465)दनांक- 21.10.2022 द्वारा (cid:302)ी सिद्धार्थ कु मार, त(cid:215)काल(cid:547)न (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), बोचहा, मुज(cid:221)फरपुर स(cid:224)(cid:292)(cid:467)त (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), काराकाट (रोहतास) को लघु दंड के (cid:510)प म(cid:581) ''असंचया(cid:215)मक (cid:292)भाव से एक वेतन वृद्धि पर रोक'' का दंड अ(cid:876)धरो(cid:874)पत (cid:873)कया गया ।
अ(cid:876)धरो(cid:874)पत दंड के विरुद्ध (cid:302)ी कु मार द्वारा (cid:465)दनांक- 09.11.2022 को पुन(cid:874)व(cid:91)लोकन आवेदन सम(cid:874)प(cid:91)त (cid:873)कया गया । पुन(cid:874)व(cid:91)लोकन अ(cid:223)यावेदन क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी । समी(cid:162)ोपरांत पाया गया (cid:873)क (cid:302)ी कु मार द्वारा अपने अ(cid:223)यावेदन म(cid:581) कोई नया त(cid:216)य का उ(cid:227)लेख नह(cid:547)ं (cid:873)कया गया है ।
अत: समी(cid:162)ोपरांत (cid:302)ी सिद्धार्थ कु मार के पुन(cid:874)व(cid:91)चार अ(cid:223)यावेदन को अ(cid:232)वीकृ त (cid:873)कया जाता है ।
उ(cid:200)त आदेश पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का अनुमोदन (cid:292)ा(cid:220)त है।35 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 आदेश:-आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क अ(cid:876)धसूचना क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।
(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,
बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।
(cid:464)बहार गजट, 44—571+10-डी0ट(cid:547)0पी0।
Website: http://egazette.bih.nic.in
36 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023बिहार गजट
का
पूरक(अ0)
प्राधिकारी द्वारा प्रकाशित
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सं0 कारा/नि0को0(अधी0)-01-09/2021--301 कारा एवं सुधार सेवाएँ निरीक्षणालय गृह विभाग (कारा) ------ संकल्प 11 जनवरी 2023
श्री सत्येन्द्र कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना (सम्प्रति निलंबित) संलग्न केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ के विरूद्ध उनके आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना में पदस्थापन के दौरान दिनांक 03.03.2021 को जिलाधिकारी, पटना के नेतृत्व में जिला प्रषासन द्वारा आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना में की गई औचक छापेमारी में 02 मोबाईल फोन, 01 मोबाईल सिम एवं 02 पंजियों की बरामदगी, जिला प्रषासन की टीम के कारा पर पहुँचने पर 30 मिनट विलम्ब से कारा का गेट खोले जाने तथा निरीक्षण में पाई गई अन्य कतिपय अनियमितता एवं दिनांक 07.03.2021 को कारा प्रषासन द्वारा की गई छापेमारी में 01 मोबाईल फोन एवं 01 मोबाईल चार्जर तथा दिनांक 08.03.2021 को कारा महानिरीक्षक के नेतृत्व में की गई औचक छापेमारी में पुनः 02 मोबाईल फोन, 01 पेन ड्राईव एवं अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी तथा कारा के अन्दर से बंदियों द्वारा वीडियो बनाकर वायरल किये जाने की घटना में बरती गई लापरवाही एवं कर्त्तव्यहीनता के प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक-2418 दिनांक 10.03.2021 द्वारा श्री सत्येन्द्र कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना को निलंबित किया गया तथा निलंबनावस्था में उनका मुख्यालय केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ निर्धारित किया गया। उक्त प्रतिवेदित आरोपों के लिए प्रपत्र 'क' में गठित आरोप पत्र के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक-6568 दिनांक 30.07.2021 द्वारा श्री कुमार के विरूद्ध विभागीय कार्यवाही संचालित की गई है। विभागीय कार्यवाही के संचालन हेतु आयुक्त, पटना प्रमण्डल, पटना को संचालन पदाधिकारी तथा अधीक्षक, आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया गया।
2. सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना के पत्रांक 13655/सा0प्र0, दिनांक 15.12.2011 की कंडिका-2(1)(ग) के प्रावधान के आलोक में आयुक्त कार्यालय, पटना प्रमण्डल, पटना के आदेश ज्ञापांक 775/स्था0, दिनांक 01.09.2021 द्वारा उक्त विभागीय कार्यवाही में नियमानुसार जाँच सम्पन्न कर जाँच अभिलेख अनुशासनिक प्राधिकार को उपलब्ध कराने हेतु जाँच का कार्य संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना को हस्तांतरित किया गया।
3. संचालन पदाधिकारी-सह-संयुक्त आयुक्त, विभागीय जाँच, पटना प्रमण्डल, पटना के पत्रांक-595/स्था0, दिनांक-07.06.2022 द्वारा विभागीय कार्यवाही का जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री सत्येन्द्र कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना (सम्प्रति निलंबित) के विरूद्ध प्रपत्र 'क' में गठित कुल 07 आरोपों में से आरोप संख्या-01, 02, 05 एवं 07 को आंषिक रूप से प्रमाणित तथा आरोप संख्या-03, 04 एवं 06 को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
4. बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18(3) के प्रावधान के तहत विभागीय ज्ञापांक 7362 दिनांक 05.07.2022 द्वारा संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन की छायाप्रति उपलब्ध कराते हुए आरोपित पदाधिकारी श्री सत्येन्द्र कुमार से द्वितीय कारण पृच्छा/लिखित अभ्यावेदन की मांग की गई।
5. तद्आलोक में श्री सत्येन्द्र कुमार द्वारा अपना द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब/लिखित अभ्यावेदन दिनांक 08.09. 2022 समर्पित किया गया, जिसमें उनका कहना है कि आदर्श केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना की भौगोलिक संरचना के कारण कारा में प्रतिबंधित सामग्रियों के आगमन को पूर्णतः प्रतिबंधित करना असंभव है। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उन्हें 4 मोबाईल के संबंध में दोषी माना गया, जबकि ये 4 मोबाईल 3 निरीक्षण में जब्त किये गये थे। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा प्रतिबंधित सामग्रियों की प्राप्ति हेतु समय-समय पर औचक छापेमारी करते हुए प्रतिबंधित सामग्रियों को जब्त कर स्थानीय बेऊर थाना में इससे संबंधित प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी। उनका कहना है कि बिहार कारा हस्तक, 2012 के37 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 नियम-800(i),(ii), नियम-21(i) एवं नियम-799 (i) (xi) में प्रतिबंधित सामग्रियों के संबंध में उपाधीक्षक दोषी है, न कि अधीक्षक। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके कार्यालय प्रधान होने के नाते संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप को अंशतः प्रमाणित किया गया है।
आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि दिनांक 03.03.2021 को जिलाधिकारी, पटना के औचक निरीक्षण के क्रम में 30 मिनट विलम्ब से कारा का मुख्य द्वार खोलने के संबंध में तत्कालीन उपाधीक्षक दोषी हैं। जब जिला पदाधिकारी द्वारा कारा के अंदर प्रवेश किया गया, तो उन्होंने गोलघर जाने की इच्छा जताई, जिसमें कुख्यात बंदी सुबोध सिंह संसीमित थे, लेकिन जब वे गोलघर से बाहर निकले तो डिवीजन वार्ड की बात कही, लेकिन डिवीजन वार्ड न जाकर जुबेनाईल वार्ड चले गये। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम 796 (i) (ii) का पूर्णतः अनुपालन उनके द्वारा किया गया है तथा नियम-797 (iii) के आलोक में सम्पूर्ण कारा के अंदरूनी परिसीमाओं की पूर्ण जानकारी उन्हें थी। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि कुख्यात बंदी सुबोध सिंह द्वारा रंगदारी मांगने एवं वीडियो वायरल होने के समय वे दिनांक 13.02.2021 से 15.02.2021 तक BICA, हाजीपुर में बंदियाें के अधिकार विषय पर आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित थे। जहाँ तक परस्पर विरोधी प्रतिवेदन का प्रश्न है, इसका उद्देश्य कोई भ्रामक स्थिति पैदा करना नहीं था, बल्कि पूर्व में किये गये गलती का सुधार मात्र था। संचालन पदाधिकारी द्वारा मुलाकाती के प्रश्न पर आरोप को प्रमाणित माना है, इस संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि तत्कालीन कारा महानिरीक्षक के दूरभाषित निर्देश पर बंदी कुणाल शर्मा को उनके पिता से मिलवाया गया था। साथ ही बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-305 में जहाँ मुलाकाती को अधीक्षक के विवेक पर छोड़ा गया है, वहीं नियम 307 में वर्णित है कि-'' अधीक्षक असाधारण परिस्थितियों में भी मुलाकाती की अनुमति दे सकता है।'' आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि संचालन पदाधिकारी द्वारा उनके (आरोपित पदाधिकारी) प्रशासनिक काल में आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना में प्रशासनिक लचर व्यवस्था के आरोप को अंशतः प्रमाणित माना है। इस संबंध में आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि दिनांक 07.03.2021 को तत्कालीन कारा महानिरीक्षक द्वारा कारा का निरीक्षण किया गया था। निरीक्षण प्रतिवेदन में कारा महानिरीक्षक द्वारा कहीं भी इस बात का उल्लेख नहीं किया गया है कि कारा की प्रशासनिक व्यवस्था काफी लचर थी। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उपरोक्त वर्णन से स्पष्ट है कि वे न तो अपने पदीय दायित्व में लापरवाह थे और न हीं अधीनस्थ कर्मियों पर उनका अनियंत्रण था। आरोपित पदाधिकारी का कहना है कि उनके कार्यकाल में न कभी बंदी पलायन हुआ है, न कभी भूख हड़ताल हुआ है और न ही कभी कोई संघर्ष हुआ है। आरोपित पदाधिकारी द्वारा उपरोक्त वर्णन के आधार पर आरोपों से पूर्णतः मुक्त करने का अनुरोध किया गया है। 6. आरोप पत्र, संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन एवं श्री कुमार द्वारा समर्पित द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब की समीक्षा अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा की गई, जिसमें पाया गया कि आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कहना है कि कई अवसरों पर कारा प्रशासन द्वारा औचक छापेमारी कर प्रतिबंधित सामग्रियों को जब्त किया जाता था तथा स्थानीय बेऊर थाना में प्राथमिकी भी दर्ज कराई जाती थी। आरोपित पदाधिकारी के इस कथन से स्पष्ट है कि उनके द्वारा कारा में प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी कर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर महज खानापूरी की गई थी। उनके द्वारा कारा में प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवेश को निषिद्ध करने के लिए कोई कारगर व्यवस्था स्थापित नहीं की गई थी। दिनांक 03.03.2021 को जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा की गई छापेमारी में मोबाईल सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी के उपरान्त दिनांक 07.03.2021 को कारा प्रशासन द्वारा तथा दिनांक 08.03.2021 को कारा महानिरीक्षक द्वारा की गई औचक छापेमारी में पुनः मोबाईल फोन की बरामदगी हुई है। इस प्रकार लगातार तीन तिथियों को हुई छापेमारी में मोबाईल सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्रियाें की बरामदगी से स्पष्ट है कि कारा के अंदर लगातार मोबाईल का प्रवेश हो रहा था, जिस पर रोक लगाने में आरोपित पदाधिकारी पूर्णतः विफल रहे हैं। जहाँ तक कारा के बगल में अवस्थित बहुमंजिले इमारतों से कारा के अंदर मोबाईल फेंके जाने का प्रश्न है, तो इस पर कड़ी निगरानी रखने की जवाबदेही आरोपित पदाधिकारी की हीं थी। आरोपित पदाधिकारी द्वारा इन सारी परिस्थितियों के लिए तत्कालीन उपाधीक्षक को पूर्णतः जवाबदेह ठहराया गया है, किन्तु कारा के मुख्य नियंत्री एवं पर्यवेक्षी पदाधिकारी होने के नाते अपने अधीनस्थ कर्मियों पर नियंत्रण एवं उनके कार्यों का सतत् पर्यवेक्षण करने की जवाबदेही आरोपित पदाधिकारी की थी, जिसके निर्वहन में वे विफल रहे हैं। आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कहना है कि उनके कार्यालय प्रधान होने के नाते संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप को अंशतः प्रमाणित किया गया है। उनका कहना है कि दिनांक 03.03.2021 को जिलाधिकारी, पटना के औचक निरीक्षण के क्रम में 30 मिनट विलम्ब से कारा का मुख्य द्वार खोलने के संबंध में तत्कालीन उपाधीक्षक दोषी हैं, किन्तु आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध गठित आरोप का मुख्य बिन्दु यह है कि उनका अपने अधीनस्थ उपाधीक्षक पर नियंत्रण का अभाव परिलक्षित होता है। बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-796 (i), (ii) के विहित प्रावधान के अनुसार काराधीक्षक सम्पूर्ण कारा के नियंत्री एवं मुख्य पर्यवेक्षी पदाधिकारी होते हैं। आरोपित पदाधिकारी द्वारा कारा में स्थापित प्रशासनिक कुव्यवस्था का ही यह परिणाम है कि उनके अधीनस्थ कर्मियों द्वारा अपने दायित्वों का निर्वहन सही ढंग से नहीं किया जा रहा था तथा आरोपित पदाधिकारी द्वारा इसका सतत् पर्यवेक्षण नहीं किया गया। फलस्वरूप औचक निरीक्षण में जिला प्रषासन के पदाधिकारियों एवं बल के पहुँचने पर लगभग 30 मिनट विलम्ब से कारा के मुख्य द्वार को खोला गया, जिस कारण न केवल पदाधिकारियों को अनावष्यक प्रतीक्षा करनी पड़ी, बल्कि औचक निरीक्षण/छापेमारी का उद्देष्य भी विफल हो गया। आरोपित पदाधिकारी का यह कृत्य उनकी गंभीर प्रशासनिक विफलता का परिचायक है। साथ ही स्पष्ट है कि कारा में गंभीर अराजकता एवं प्रशासनिक कुव्यवस्था व्याप्त थी, जिस कारण जिला प्रशासन की टीम के कारा पर पहुँचने पर आरोपित पदाधिकारी के अधीनस्थ कर्मी द्वारा जानबूझकर 30 मिनट विलम्ब से कारा का गेट खोला गया, जिसमें आरोपित पदाधिकारी की मिलीभगत से इन्कार नहीं किया जा सकता।38 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कहना है कि जब जिला पदाधिकारी द्वारा कारा के अंदर प्रवेष किया गया, तो उन्होंने गोलघर जाने की इच्छा जतायी, जिसमें कुख्यात बंदी सुबोध सिंह संसीमित था, लेकिन जब वे गोलघर से बाहर निकले तो डिवीजन वार्ड की बात कही, लेकिन डिवीजन वार्ड न जाकर जुवेनाईल वार्ड चले गये, जबकि इस संबंध में जिला पदाधिकारी, पटना के प्रतिवेदन में स्पष्ट अंकित है कि औचक निरीक्षण/छापेमारी के क्रम में आरोपित पदाधिकारी से उच्च श्रेणी वार्ड (डिविजन वार्ड) के संबंध में पृच्छा करने पर उनके द्वारा जो वार्ड दिखाया गया, वह वास्तव में विजिलेंस वार्ड निकला। इसी प्रकार जिला पदाधिकारी द्वारा स्पेषल सेल के निरीक्षण हेतु जानकारी प्राप्त किये जाने पर आरोपित पदाधिकारी द्वारा एक ही स्पेषल सेल के बारे में बताया गया, जबकि कारा में दो स्पेषल सेल है। इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी द्वारा उक्त निरीक्षण के क्रम में जिला पदाधिकारी, पटना को दिग्भ्रमित करने का प्रयास किया गया है, जो उनकी गंभीर अनुशासनहीनता एवं धृष्टता का द्योतक है। बिहार कारा हस्तक,2012 के नियम 797(iii) में विहित प्रावधान के अनुसार काराधीक्षक को कारा का नियमित परिभ्रमण करना है, किन्तु स्पष्ट है कि आरोपित पदाधिकारी को कारा के वार्डों की सामान्य जानकारी तक नहीं थी तथा उनका कारा पर कोई नियंत्रण नहीं रह गया था।
आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कहना है कि वे दिनांक 13.02.2021 से 15.02.2021 तक BICA, हाजीपुर में आयोजित कार्यक्रम में सम्मिलित थे। उनका यह भी कहना है कि परस्पर विरोधी प्रतिवेदन देने के संबंध में उनका उद्देश्य कोई भ्रामक स्थिति पैदा करना नहीं था, बल्कि पूर्व में किये गये गलती का सुधार मात्र था, जबकि कारा में संसीमित कुख्यात बंदी सुबोध सिंह द्वारा कुणाल शर्मा नामक एक बंदी से रंगदारी मांगने एवं बंदी कुणाल शर्मा से जेल में उठक-बैठक कराने का वीडियो वायरल होने से संबंधित समाचार 'दैनिक भास्कर' अखबार में दिनांक 01.03.2021 को ''सोना लूटेरा सुबोध सिंह ने जेल से व्हाट्सएप कॉल कर मांगी 10 लाख रंगदारी ''शीर्षक से प्रकाषित हुई तथा उठक-बैठक कराने का वीडियो न्यूज-18 बिहार/झारखंड पर प्रसारित हुआ। इस संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा दो अलग-अलग प्रतिवेदन विभाग को उपलब्ध कराया गया, जिसमें से एक प्रतिवेदन में उन्होंने उक्त वीडियो के कारा में बनाये जाने से इन्कार किया है, किन्तु दूसरे प्रतिवेदन में उन्होंने वायरल वीडियो कारा में ही शूट किये जाने की बात को स्वीकार किया है। इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी के इन दो परस्पर विरोधाभाषी प्रतिवेदन से स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा इस घटना को Manipulate किये जाने का प्रयास किया गया है, जबकि विभागीय जाँच दल के द्वारा जाँच में पाया गया कि वीडियो वास्तव में कारा के बंदी कक्ष संख्या-3/22 में नवम्बर-दिसम्बर, 2020 में बनाया गया था। इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी का अपने जवाब में यह स्वीकार करना कि परस्पर विरोधी प्रतिवेदन देने में पूर्व में किये गये गलती का सुधार मात्र था, उनकी गंभीर अनुशासनहीनता एवं जान-बूझ कर मामले को दिशाहीन करने का प्रयास है।
आरोपित पदाधिकारी के विरूद्ध गठित आरोप का मुख्य बिन्दु यह है कि कारा में प्रतिबंधित सामग्री मोबाईल फोन का प्रवेष हुआ था और बंदियों द्वारा कारा के अन्दर मोबाईल का नियम विरूद्ध उपयोग किया जा रहा था। इस संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा अपने बचाव में कुछ नहीं कहा गया है। आरोपित पदाधिकारी का अपने द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब में कहना है कि कारा महानिरीक्षक के दूरभाषित निर्देष पर ही बंदी कुणाल शर्मा को उनके पिता से मुलाकात कराया गया था, किन्तु आरोप का मुख्य बिन्दु यह है कि बंदी कुणाल शर्मा के पिता अपने पुत्र के अतिरिक्त कारा में संसीमित अन्य बंदियों यथा-सुबोध सिंह, राजवीर सिंह आदि से भी कारा में मुलाकात करते थे। इस संबंध में आरोपित पदाधिकारी द्वारा कोई जवाब नहीं दिया गया है। कारा के अंदर कोई मुलाकाती अपनी इच्छानुसार दूसरे बंदियों से मुलाकात नहीं कर सकता, जिससे स्पष्ट है कि इस घटना में आरोपित पदाधिकारी पूर्णरूप से जिम्मेवार हैं तथा उनका बंदियों से साठ-गाँठ भी परिलक्षित होता है।
जिला पदाधिकारी के नेतृत्व में जिला प्रशासन द्वारा एवं तत्कालीन कारा महानिरीक्षक द्वारा कारा में की गई अलग-अलग छापेमारी में मोबाईल सहित अन्य प्रतिबंधित सामग्रियों की बरामदगी तथा कारा में व्याप्त घोर प्रशासनिक कुव्यवस्था से स्पष्ट होता है कि आरोपित पदाधिकारी कारा के प्रबंधन तथा अपने अधीनस्थ कर्मियों के पर्यवेक्षण में पूर्णतः विफल रहे हैं। आरोपित पदाधिकारी द्वारा कारा में प्रतिबंधित सामग्रियों के प्रवेश पर रोक लगाने एवं कारा में अपने स्तर से सघन तलाशी की कार्रवाई नहीं की गई है। कारा के अन्दर से बंदियों द्वारा वीडियो बनाकर वायरल किया गया तथा बंदियों द्वारा कारा के अन्दर से आपराधिक गतिविधियों का संचालन किया जा रहा था। यही नहीं जिला प्रशासन की टीम के कारा पर पहुँचने पर 30 मिनट विलम्ब से कारा गेट का खोला जाना तथा जिला पदाधिकारी, पटना द्वारा कारा के वार्डों के संबंध में आरोपित पदाधिकारी से जानकारी मांगे जाने पर उन्हें कारा के वार्डों की सामान्य जानकारी का नहीं होना, आरोपित पदाधिकारी की गंभीर प्रशासनिक विफलता, पदीय दायित्वों के निर्वहन में पूर्णतः विफलता एवं गंभीर अनुशासहीनता का द्योतक है। इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी के पदस्थापन काल में राज्य के महत्वपूर्ण एवं संवेदनषील आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना, जिसमें कई खूँखार अपराधी, आतंकवादी एवं माओवादी बंदी संसीमित है, की प्रषासनिक व्यवस्था काफी लचर हो चुकी थी। आरोपित पदाधिकारी को कारा के वार्डों की सामान्य जानकारी तक नहीं थी तथा उनका अपने अधीनस्थ कर्मियों पर कोई नियंत्रण नहीं था। इस प्रकार आरोपित पदाधिकारी द्वारा बिहार कारा हस्तक, 2012 के नियम-140, 796 (i), (ii), 797 (iii) एवं 870 (iii), (iv) का स्पष्ट रूप से उल्लंघन किया गया है एवं कारा सुरक्षा के प्रति घोर लापरवाही बरती गई। उनका यह कृत्य बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1),(2) का भी घोर उल्लंघन है। अतः आरोपित पदाधिकारी का द्वितीय कारण पृच्छा का जवाब स्वीकार करने योग्य नहीं है।
7. वर्णित तथ्यों के आधार पर अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री सत्येन्द्र कुमार, तत्कालीन अधीक्षक, आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना (सम्प्रति निलंबित) के द्वितीय कारण पृच्छा के जवाब को अस्वीकृत करते हुए तथा प्रमाणित पाये गये आरोपों की गंभीरता को दृष्टिगत रखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के39 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 नियम-14(vi) के प्रावधानों के तहत उनके विरूद्ध निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए उन्हें निलंबन से मुक्त करने का विनिष्चय किया गया :-
''संचयी प्रभाव से चार (04) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड''। 8. उपर्युक्त विनिष्चित दंड के संदर्भ में विभागीय पत्रांक 11673 दिनांक 21.11.2022 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की मांग की गयी। तद्आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना के पत्रांक 3770 दिनांक 27.12.2022 द्वारा दण्ड प्रस्ताव पर सहमति संसूचित की गयी है।
9. प्रस्तावित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री सत्येन्द्र कुमार, बिहार कारा सेवा, तत्कालीन अधीक्षक, आदर्ष केन्द्रीय कारा, बेऊर, पटना (सम्प्रति निलंबित) संलग्न केन्द्रीय कारा, पूर्णियाँ के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14(vi) के प्रावधानों के तहत निम्नांकित दंड अधिरोपित करते हुए उन्हें निलंबन से मुक्त किया जाता है :-
'' संचयी प्रभाव से चार (04) वेतनवृद्धियों पर रोक का दण्ड ''।
आदेशः-आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित की जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, रजनीष कुमार सिंह, संयुक्त सचिव-सह-निदेषक (प्र0)।
------ सं0 2/आरोप-01-17/2021-सा0प्र0-23087 सामान्य प्रशासन विभाग ------ संकल्प 22 दिसम्बर 2022
श्री अनुज कुमार (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 980/11, अपर समाहर्त्ता, किशनगंज के विरूद्ध आरोप है कि वरीय उप समाहर्त्ता-सह-जिला प्रबंधक, राज्य खाद्य निगम, खगड़िया पदस्थापन अवधि में इनके द्वारा मेसर्स कोशी —षक राईस मिल, रामचन्द्रा, खगड़िया से बैंक गारंटी नहीं ली गई तथा Deed of Pledge नियमानुकूल नहीं रहने के कारण प्रमादी मिलर के द्वारा जमा नहीं किये गये सी0एम0आर0 के समतुल्य राशि की वसूली नहीं की गई, जिसके कारण निगम को मो0 28,59,839.00 (अठाईस लाख उनसठ हजार आठ सौ उनचालीस) रूपये की आर्थिक क्षति हुई है।
श्री कुमार के विरूद्ध गठित आरोप-पत्र में अंतर्विष्ट आरोपों के लिए विभागीय पत्रांक 19257 दिनांक 28.10.2022 द्वारा स्पष्टीकरण की गयी। श्री कुमार के पत्रांक-कैम्प (3) किशनगंज दिनांक 18.11.2022 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया।
श्री कुमार के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप एवं इनसे प्राप्त स्पष्टीकरण की अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त श्री कुमार के स्पष्टीकरण को अस्वी—त किया गया एवं प्रतिवेदित आरोप की वृहत जाँच हेतु बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत् विभागीय कार्यवाही संचालित किया जाता है, जिसमें आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर को संचालन पदाधिकारी तथा सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना द्वारा नामित किन्हीं वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त किया जाता है।
सचिव, खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग, बिहार, पटना से अनुरोध है कि इस विभागीय कार्यवाही में संचालन पदाधिकारी को सहयोग प्रदान करने हेतु अपने अधीनस्थ किन्हीं वरीय पदाधिकारी को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नियुक्त कर संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, मुंगेर प्रमंडल, मुंगेर एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार, पटना को सूचित करेंगे।
श्री कुमार से अपेक्षा की जाती है कि वे अपने बचाव के संबंध में अपना पक्ष रखने हेतु जैसा कि संचालन पदाधिकारी अनुमति दें, उनके समक्ष स्वयं उपस्थित होंगे। आदेश :- आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले अंक में प्रकाशित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधित को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, शिवमहादेव प्रसाद, अवर सचिव।
------
सं0 R-503/84/2022-SECTION 14-RDD-RDD (COM-179949)-1499390
(cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग ------
संक(cid:227)प
11 जनवरी 2023
(cid:302)ी अशोक कु मार, (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), दुगा(cid:91)वती (कै मूर) के विरुद्ध पंचायत स(cid:871)म(cid:467)त के (cid:232)तर से 15व(cid:581) (cid:874)व(cid:215)त आयोग मद से (cid:873)(cid:272)याि(cid:219)वत योजनाओं म(cid:581) बरती गयी अ(cid:467)नय(cid:871)मतता के आलोक म(cid:581) िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), कै मूर के40 (cid:464)बहार गजट, 18 जनवरी 2023 प(cid:287)ांक 440 (cid:465)दनांक 20.05.2022 द्वारा उनके विरुद्ध आरोप प(cid:287) उपल(cid:222)ध कराया गया। (cid:292)ा(cid:220)त आरोप प(cid:287) पर (cid:874)वभागीय (cid:163)ापांक I/28216/2022 (cid:465)दनांक 15.07.2022 के द्वारा (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) मॉ ंग क(cid:551) गयी । काया(cid:91)लय (cid:292)खंड (cid:874)वकास पदा(cid:876)धकार(cid:547), कै मूर (भभुआ) के प(cid:287)ांक- 1302 (cid:465)दनांक- 30.08.2022 द्वारा (cid:302)ी कु मार का (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण (cid:292)ा(cid:220)त है । (cid:302)ी अशोक कु मार के विरुद्ध िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), कै मूर से (cid:292)ा(cid:220)त आरोप प(cid:287) एवं (cid:302)ी कु मार के (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण क(cid:551) समी(cid:162)ा (cid:874)वभाग द्वारा क(cid:551) गयी। समी(cid:162)ोपरा(cid:219)त पाया गया आरोप गंभीर (cid:292)कृ (cid:467)त के ह(cid:583) िजसक(cid:551) वृहत ् जॉ ंच क(cid:551) आव(cid:230)यकता है । तदालोक म(cid:581) (cid:302)ी कु मार के विरुद्ध (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत करने का (cid:467)नण(cid:91)य (cid:871)लया गया। (cid:302)ी कु मार के विरुद्ध (cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) संचा(cid:871)लत करने हेतु (cid:302)ी अर(cid:466)बंद मंडल, संयु(cid:200)त स(cid:876)चव, (cid:274)ामीण (cid:874)वकास (cid:874)वभाग, (cid:466)बहार, पटना को संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) (cid:467)नयु(cid:200)त (cid:873)कया जाता है एवं उप(cid:232)थापन पदा(cid:876)धकार(cid:547) (cid:467)नयु(cid:200)त करने हेतु िजला पदा(cid:876)धकार(cid:547), कै मूर को (cid:467)नदेश (cid:465)दया जाता है।
तदनुसार एत(cid:622) द्वारा (cid:302)ी अशोक कु मार को आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क संक(cid:227)प क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त (cid:292)ा(cid:220)त होने पर संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) के सम(cid:162) उपि(cid:232)थत होकर जैसा (cid:873)क संचालन पदा(cid:876)धकार(cid:547) आदेश द(cid:581) अपना (cid:232)प(cid:231)ट(cid:547)करण/(cid:871)ल(cid:872)खत बचाव बयान (सा(cid:234)य स(cid:465)हत) उनके सम(cid:162) (cid:292)(cid:232)तुत कर(cid:581)गे ।
(cid:874)वभागीय काय(cid:91)वाह(cid:547) के संचालन के (cid:292)(cid:232)ताव पर स(cid:162)म (cid:292)ा(cid:876)धकार का आदेश (cid:292)ा(cid:220)त है।
आदेश:- आदेश (cid:465)दया जाता है (cid:873)क संक(cid:227)प क(cid:551) (cid:292)(cid:467)त सभी संबं(cid:876)धत(cid:585) को सूचनाथ(cid:91) एवं आव(cid:230)यक कार(cid:91)वाई हेतु भेज द(cid:547) जाय ।
(cid:466)बहार-रा(cid:207)यपाल के आदेश से,
बालामु(cid:510)गन डी0, स(cid:876)चव।