असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
29 पौष 1944 (श0)
(सं0 पटना 71) पटना वृह(cid:232)पितवार 19 जनवर(cid:547) 2023 वाणिज्य-कर विभाग ———
अधिसूचना
18 जनवरी 2023
laŒ 6@fu0izfr0fu0&01&04@2013&251—बिहार लोक सेवा आयोग का पत्रांक-7ए/ सं0प्र0प0-01-21/2007(50) लो0से0आ0/गो0 दिनांक 26.05.2010 द्वारा 48वीं से 52वीं सम्मिलित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर बिहार वित्त सेवा के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति हेतु कुल 27 अभ्यर्थियों की अनुषंसा प्राप्त हुई थी जिसमें अनुपमा कुमारी (अनुक्रमांक-117210) का नाम नहीं था। अनुपमा कुमारी ने बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित 48वीं से 52वीं सम्मिलित संयुक्त प्रतियोगिता परीक्षा के आधार पर पिछड़ा वर्ग की महिला कोटि में चयन नहीं होने की स्थिति में माननीय उच्च न्यायालय एवं तदोपरान्त उच्चतम न्यायालय में चयन की अनुषंसा के लिए वाद दाखिल किया था। माननीय उच्चतम न्यायालय द्वारा सिविल अपील संख्या-8467/2013 (एस0एल0पी0 संख्या-31018/2011 अनुपमा कुमारी बनाम बिहार राज्य एवं अन्य से उद्भूत) में दिनांक 23.09.2013 को पारित न्याय निर्णय का कार्यकारी अंष निम्नवत् है :-
In view of the above we are of the considered opinion that as injustice has been done to the appellant without any fault on her part even though durning the process of selection she has submitted the correct certificate that she belonged to the OBC and was not of the creamy layer, she ought to have been offered the appointment.
Thus, appeal succeeds and is allowed. The appellant is directed to be appointed as Commercial Tax Officer giving all consequential benefits which had been given to the person selected in place of her except the back wages.
However, this order is being passed in the peculiar facts and circumstances of 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 19 जनवर(cid:547) 2023 उक्त न्याय निर्णय के आलोक में बिहार लोक सेवा आयोग, पटना का पत्रांक 201 दिनांक 20.11.2013 द्वारा अनुपमा कुमारी के लिए पिछड़े वर्ग की महिला कोटि से बिहार वित्त सेवा के मूल कोटि वाणिज्य-कर पदाधिकारी के पद पर नियुक्ति की अनुषंसा हेतु एक अधिसंख्य ¼Supernumrary½ पद सृजित कर रिक्ति उपलब्ध कराने का अनुरोध किया गया जिसके आलोक में विभागीय पत्रांक 2949 दिनांक 26.06.2014 द्वारा अनुपमा कुमारी के लिए वेतनमान् 9300-34800ग्रेड पे-5400/- में वाणिज्य-कर पदाधिकारी का एक अधिसंख्य ¼Supernumrary) पद का सृजन किया गया। तत्पष्चात् बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 244 दिनांक 21.02.2014 द्वारा अनुपमा कुमारी (अनुक्रमांक 117210) को वाणिज्य-कर पदाधिकारी के पद पर पिछड़े वर्ग की महिला कोटि के पद पर नियुक्ति की अनुषंसा की गयी जिसके आलोक में अनुपमा कुमारी को विभागीय अधिसूचना संख्या 3868 दिनांक 29.08.2014 द्वारा परीक्ष्यमान वाणिज्य-कर पदाधिकारी (अपुनरीक्षित वेतनमान् 9300-34800 ''पे बैंड-2''ग्रेड वेतन 5400/-) के रूप में योगदान की तिथि से नियुक्त किया गया था जिसके आलोक में उनके द्वारा दिनांक 05.09.2014 (अपराह्न) को अपना योगदान समर्पित किया गया।
पुनः बिहार लोक सेवा आयोग, बिहार, पटना का पत्रांक 93 दिनांक 08.12.2015 द्वारा अनुपमा कुमारी की वरीयता के बिन्दु पर बिहार लोक सेवा आयोग के पत्रांक 50 दिनांक 26.05.2010 द्वारा प्रतिवेदित किया गया कि 48वीं से 52वीं बैच के बिहार वित्त सेवा के लिए वाणिज्य-कर पदाधिकारी के पद हेतु नियुक्ति के निमित अनुषंसित अभ्यर्थियों की सूची के क्रम संख्या-21 पर अंकित श्री असदुल्लाह गालिब अंसारी एवं क्रम संख्या-22 पर अंकित श्री मुस्तर अकरम के बीच होगा अर्थात अनुपमा कुमारी, श्री असदुल्लाह गालिब अंसारी के नीचे एवं श्री मुस्तर अकरम के ऊपर होगी। साथ ही अनुपमा कुमारी की प्रोन्नति हेतु माँगे गए परामर्ष के आलोक में सामान्य प्रषासन विभाग, बिहार, पटना द्वारा अनुपमा कुमारी की वरीयता के बिन्दु पर निम्न परामर्ष दिया गया है :-
''अनुपमा कुमारी को मेधाक्रम में उनसे नीचे मेधा क्रम 22 पर अंकित श्री मुस्तर अकरम की नियुक्ति की तिथि के भूतलक्षी प्रभाव से ही वैचारिक रूप से नियुक्त किया जाता तथा नियुक्ति का आर्थिक लाभ उनके वास्तविक पद ग्रहण की तिथि से अनुमान्य किया जाता ऐसा करने पर न्यायादेष का अनुपालन भी होता, वरीयता का प्रष्न भी नहीं होता तथा अगले सम्वर्गीय पद पर प्रोन्नति के क्रम में कालावधि की समस्या भी उत्पन्न नही होती। सम्प्रति प्रषासी विभाग को अनुपमा कुमारी के नियुक्ति आदेष को उक्त हद तक संषोधित करने पर विचार किया जाना चाहिए।'' अतः उपर्युक्त तथ्यों एवं परामर्ष के आलोक में अनुपमा कुमारी की नियुक्ति की तिथि 05.09.2014 (अपराह्न) को श्री मुस्तर अकरम की नियुक्ति की तिथि 03.12.2010 के भूतलक्षी प्रभाव से वैचारिक रूप से संषोधित किया जाता है।
fcgkj&jkTiky ds vkns'k ls] iadt dqekj flUgk] jkT;&dj vij vk;qDr& lg&laqDr lfpoA
————
अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,