(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 असाधारण अंक (cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
21 माघ 1944 (श0)
(सं0 पटना 131) पटना शु(cid:272)zवार, 10 फरवर(cid:547) 2023
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10 Qjojh 2023
Q.I.P.
विज्ञान एवं प्रावैधिकी विभाग के अंतर्गत राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों के संकाय शिक्षकों को गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (Q.I.P.) के अंतर्गत क्रमशः पीएच॰डी॰ एवं एम॰टेक॰ में नामांकन लिये जाने हेतु निम्नांकित प्रावधान किया जाता है :-
(i) राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय एवं राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों
के नियमित शिक्षकों को उच्चतर योग्यता (क्रमशः पीएच॰डी॰ एवं एम॰टेक॰) के लिए अध्ययन अवकाश हेतु निरंतर सेवा अवधि न्यूनतम तीन वर्ष पूरी होनी चाहिए। (ii) पीएच॰डी॰ एवं एम॰टेक॰ कोर्स की अवधि को ही अध्ययन अवकाश के रूप में सक्षम प्राधिकार द्वारा
स्वीकृत किया जाएगा। (iii) वैसे शिक्षक जिनकी सेवानिवृति की तिथि 5 वर्ष के अन्दर हो, वे अध्ययन अवकाश के पात्र नहीं होगें। (iv) अध्ययन अवकाश अवधि में शिक्षक को अवकाश में जाने के पूर्व प्राप्त वेतन (मूल वेतनमहंगाई भत्ता) अनुमान्य होगा एवं इसके अतिरिक्त कोई अन्य वित्तीय लाभ अनुमान्य नहीं होगा। (v) अध्ययन अवकाश पूरे सेवा काल के दौरान दो बार से अधिक नहीं दिया जाएगा। पूरी सेवा के दौरान स्वीकार्य अध्ययन अवकाश की अधिकतम अवधि पाँच वर्ष से अधिक नहीं होगी। प्रथम अध्ययन अवकाश की समाप्ति के पश्चात 5 वर्ष कर्त्तव्य अवधि व्यतीत करने के पश्चात ही दूसरा अध्ययन अवकाश अनुमान्य होगा।2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 10 फरवर(cid:547) 2023 (vi) अध्ययन अवकाश (एम॰टेक॰/पीएच॰डी॰ कोर्स की अवधि) की सीमा समाप्त होने पर अतिरिक्त अनुपस्थिति अवधि, शिक्षक को देय अर्जित अवकाश अथवा असाधारण अवकाश से समायोजित किया जाएगा। (जब अध्ययन अवकाश, अवकाश के क्रम में लिया जाता है तो अध्ययन अवकाश को चालू माना जाएगा, जबतक अवकाश की समाप्ति न हो जाए।) (vii) अध्ययन अवकाश की अवधि को सेवानिवृति प्रयोजन के लिए सेवा के रूप में गणना किया जाएगा, बशर्ते कि शिक्षक अपने अध्ययन अवकाश की समाप्ति पर संस्थान/विभाग में फिर से योगदान समर्पित कर, बॉन्ड निष्पादित अवधि तक अनिवार्य सेवा प्रदान करेंगे। (viii) स्वीकृत अध्ययन अवकाश का उपभोग शिक्षक द्वारा स्वीकृति तिथि से 12 महीनों के अन्दर नहीं किया जाता है तब स्वीकृत अध्ययन अवकाश को रद्द किया जा सकेगा। ऐसी स्थिति में अध्ययन अवकाश के लिए शिक्षक द्वारा पुनः आवेदन किया जा सकता है। (ix) अध्ययन अवकाश का लाभ उठाने वाले शिक्षकों को इस आशय का शपथ पत्र (बॉन्ड पेपर) (कार्यपालक दण्डाधिकारी से निर्गत) समर्पित करना होगा कि :-
a) अध्ययन अवकाश समाप्ति के उपरान्त संबंधित शिक्षक पॉच वर्ष की निरन्तर सेवा संस्थान/ प्रशासी विभाग में देगें, अन्यथा की स्थिति में उक्त अवकाश अवधि में प्राप्त वेतन एवं भत्तें की कुल राशि, संबंधित शिक्षक से प्रतिपूर्ति के रूप में वसूलनीय होगा। b) वैसे शिक्षक- i. जो अध्ययन की समाप्ति पर संस्थान/प्रशासी विभाग की सेवाओं में फिर से शामिल
होने में विफल रहते हैं। ii. जो संस्थान/प्रशासी विभाग की सेवा में शामिल हो जाता है लेकिन सेवा में शामिल हो जाने के बाद सेवा की निर्धारित अवधि को पूरा किये बिना सेवा छोड़ देते हैं। iii. जो उक्त अवधि के भीतर प्रशासी विभाग द्वारा बर्खास्त या सेवा से हटा दिए
जाते है। इनके मामले में अवकाश अवधि में प्राप्त वेतन और भत्तें की राशि, संबंधित
शिक्षक से प्रतिपूर्ति के रूप में वसूलनीय होगा।
(x) अध्ययन अवकाश पर रहने वाले शिक्षक को अपने पर्यवेक्षक या संस्थान के प्रमुख के माध्यम से अपने अध्ययन की प्रगति की छमाही रिपोर्ट अपने संस्थान के प्राचार्य/विभाग को प्रस्तुत करनी होगी। ऐसी रिपोर्ट अध्ययन अवकाश की अवधि के प्रत्येक छः माह की समाप्ति के एक माह के भीतर प्राचार्य के पास अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा, यदि रिपोर्ट निर्दिष्ट समय के भीतर संस्थानीय प्राचार्य एवं विभाग के पास उपलब्ध नहीं होता है तो संबंधित शिक्षक के अवकाश वेतन का भुगतान उक्त रिपोर्ट प्राप्त होने तक स्थगित रखा जाएगा। (xi) अध्ययन अवकाश की अवधि (एम॰टेक॰/पीएच॰डी॰ कोर्स की अवधि) पूर्ण होने पर शिक्षक को संस्थान एवं विभाग में योगदान समर्पित करते समय अध्ययन से संबंधित एक विस्तृत रिपोर्ट/शोध दस्तावेज/ अकादमिक पेपर की प्रति उपलब्ध कराना अनिवार्य होगा।
(xii) विभाग स्तर प्रत्येक संकाय में कुल कार्यरत बल का अधिकतम दो प्रतिशत अथवा कम से कम एक शिक्षक, जो अधिकतम हो, को अध्ययन अवकाश स्वीकृत किया जाएगा।
(xiii) राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय के शिक्षकों को गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (Q.I.P.) के अंतर्गत निम्नांकित संस्थानों से पीएच॰डी॰ एवं एम॰टेक॰ करने हेतु अध्ययन अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा :-
1. Indian Institute of Science, Bengaluru 2. Indian Institute of Technology, Mumbai 3. Indian Institute of Technology, Delhi 4. Indian Institute of Technology, Guwahati 5. Indian Institute of Technology, Kanpur 6. Indian Institute of Technology, Kharagpur 7. Indian Institute of Technology, Madras 8. Indian Institute of Technology, Roorkee 9. Indian Institute of Technology, Benaras Hindu University (BHU) 10. Indian Institute of Technology, Hyderabad 11. Indian Institute of Technology, Bhubaneshwar3 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 10 फरवर(cid:547) 2023 (xiv) राजकीय पोलिटेकनिक/राजकीय महिला पोलिटेकनिक संस्थानों के शिक्षकों को गुणवत्ता सुधार कार्यक्रम (Q.I.P.) के अंतर्गत निम्नांकित संस्थानों से पीएच॰डी॰ एवं एम॰टेक॰ करने हेतु अध्ययन अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा :-
1. Atal Bihari Vajpayee Indian Institute of Information Technology & Management, Gwalior 2. Jadavpur University, Kolkata 3. M.B.M. Engineering College, Jai Narain Vyas University, Jodhpur 4. Malaviya National Institute of Technology, Jaipur 5. Motilal Nehru National Institute of Technology, Allahabad 6. National Institute of Technical Teacher's Training & Research, Chandigarh
7. National Institute of Technology, Calicut 8. National Institute of Technology, Durgapur 9. National Institute of Technology, Tiruchirappalli 10. National Institute of Technology, Surathkal
2. यह तत्काल प्रभाव से लागू होगा। 3. आदेश दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले अंक में सर्व साधारण की जानकारी हेतु प्रकाशित की जाय।
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त। (cid:464)बहार गजट (असाधारण) 131-571+10-डी0ट(cid:547)0पी0। Website: http://egazette.bih.nic.in