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सं॰ 06/वि॰ 09-43/2021/138 षिक्षा विभाग ——— ladYi 31 tuojh 2023 विषयः- राज्य के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए जन सहयोग से भूमि एवं भवन प्राप्त करने एवं विद्यालय का नामाकरण के संबंध में।
राज्य में शिक्षा व्यवस्था की सुदृढी़करण हेतु प्रत्येक बसाव क्षेत्र (Habitation) के पोषक क्षेत्र के अन्तर्गत बच्चों को शिक्षा मुहैया कराने हेतु राज्य सरकार द्वारा कई नये प्राथमिक विद्यालय स्थापित किये गये हैं। उन प्राथमिक विद्यालयों को भूमि मुहैया एवं भवन का निर्माण राज्य सरकार द्वारा किया गया है लेकिन अभी भी कई नवसृजित प्राथमिक विद्यालयों के लिए भूमि उपलब्ध नहीं हो पाई है साथ ही पुराने प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों में पर्याप्त भवन की कमी है। इसी प्रकार राज्य के प्रत्येक पंचायतों में मध्य विद्यालय को उच्च माध्यमिक विद्यालय के रूप में उत्क्रमित/नवस्थापित किया गया है। अतः भूमि एवं भवन निर्माण हेतु जन सहयोग की सहभागिता आवश्यक है। अतएव राज्य सरकार के द्वारा सम्यक् विचारोपरान्त राज्य के प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए जन सहयोग से भूमि एवं भवन प्राप्त करने हेतु पूर्व में निर्गत विभागीय संकल्प संख्या-514 दिनांक 03.04.2013 एवं संकल्प संख्या-1492 दिनांक 19.11.2014 के प्रावधानों को विलोपित करते हुए निम्नवत् प्रावधान किये जाते हैंः-
(क) नए प्राथमिक विद्यालय के लिए न्यूनतम 20 (बीस) डिसमिल भूमि दान देनेवाले दानदाता के नाम पर 2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 15 फरवर(cid:547) 2023 पर मध्य विद्यालय का नाम रखा जायगा यदि पूर्व से वह विद्यालय किसी के नाम पर नहीं हो। उक्त माप से कम भूमि देने वाले का नाम विद्यालय के मुख्य द्वार के बगल में शिलापट्ट पर अंकित किया जाएगा। (ख) प्राथमिक विद्यालय को यदि सरकारी भूमि उपलब्ध है और भूमिदाता के द्वारा न्यूनतम तीन पक्का कमरों का बरामदा सहित निर्माण सरकार के माप-दण्ड के अनुसार कराया जाता है तो भवनदाता के नाम पर विद्यालय का नामकरण किया जाएगा। इसी प्रकार मध्य विद्यालय में सरकार के निर्धारित माप-दण्ड के अनुसार बरामदा सहित पॉंच पक्के कमरों का निर्माण कराने वाले भवनदाता के नाम पर विद्यालय का नाम रखा जाएगा। एक कमरा या दो कमरे का निर्माण कराने वाले व्यक्ति के नाम का शिलापट्ट कमरे के दिवाल पर लगाया जाएगा।
(ग) माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए न्यूनतम 75 डिसमिल या उससे अधिक भूमि दान देने वाले दानदाता के नाम पर अथवा उनके द्वारा इच्छित व्यक्ति के नाम पर माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालय का नाम रखा जायगा यदि पूर्व से वह विद्यालय किसी के नाम पर नहीं हो। 75 डिसमिल से कम भूमि देने वाले का नाम विद्यालय के मुख्य द्वार के बगल में शिलापट्ट पर अंकित किया जाएगा।
(घ) यदि भूमि दान करने वाले भूमिदाता जीवित नहीं हो तो उनके वैध उत्तराधिकारी के आवेदन पर भूमि के संदर्भ में निर्धारित मापदण्डों यथा प्राथमिक विद्यालय के लिए 20 (बीस) डिसमिल एवं मध्य विद्यालय के लिए 50 (पचास) डिसमिल एवं माध्यमिक/उच्च माध्यमिक विद्यालयों के लिए 75 (पचहत्तर) डिसमिल भूमि दान करने वाले भूमिदाता के नाम पर अथवा वैध उत्तराधिकारी के द्वारा इच्छित व्यक्ति के नाम पर विद्यालय का नामकरण किया जाएगा यदि पूर्व से वह विद्यालय किसी के नाम पर नहीं हो। उक्त माप से कम भूमि दान करने वाले का नाम विद्यालय के मुख्य द्वार के बगल में शिलापट्ट पर अंकित किया जाएगा। दान संबंधी भूमि के कागजात उपलब्ध कराने की जिम्मेदारी भूमिदाता के उत्तराधिकारी की होगी।
(ड़) उपर्युक्त कंडिकाओं में वर्णित प्रावधान के आलोक में विद्यालय के नामकरण का आदेश संबंधित जिला शिक्षा पदाधिकारी द्वारा निर्गत किया जाएगा। विद्यालय के नामकरण के संबंध में विवाद होने पर संबंधित जिला के जिला पदाधिकारी के द्वारा निर्णय लिया जाएगा। जिला पदाधिकारी के निर्णय के विरूद्ध प्राथमिक एवं मध्य विद्यालयों के संबंध में निदेशक, प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संबंध में निदेशक, माध्यमिक शिक्षा के समक्ष अपील दायर की जा सकेगी, जिनका निर्णय अंतिम होगा।
आदेशः- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार गजट के असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाए तथा इसकी 1000 प्रतियॉं निदेषक, प्राथमिक षिक्षा को उपलब्ध करायी जाए।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, संजय कुमार, संयुक्त सचिव।