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(0 283) ए ए 3 ;बपकरू292द्ध 2023
बिहार विधान सभा सचिवालय
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अधिसूचना
3 अप्रील 2023
सं॰ विसवि-05/2023-1777—विस। ''आधरभूत संरचना विकास सामथ्र्यकारी ;एनेबलिंगद्ध ;संशोध्नद्ध विध्ेयक, 2023'', जो बिहार विधन सभा में दिनांक-03 अप्रैल, 2023 को पुरःस्थापित हुआ था, बिहार विधन सभा की प्रक्रिया तथा कार्य संचालन नियमावली के नियम-116 के अन्तर्गत उद्देश्य और हेतु सहित प्रकाशित किया जाता है ।
आदेश से, पवन कुमार पाण्डेय, प्रभारी सचिव।2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 3 ;बपकरू292द्ध 2023 आधारभूत संरचना विकास सामथ्र्यकारी (एनेबलिंग) (संशोधन) विधेयक, 2023 [विसवि-04/2023] बिहार आधारभूत संरचना विकास सामथ्र्यकारी अधिनियम, 2006 को संशोधन करने के लिए विधेयक। भारत-गणराज्य के चौहारवें वर्ष में बिहार राज्य विधानमंडल द्वारा निम्नलिखित रूप में यह अधिनियमित होः- 1. संक्षिप्त नाम, विस्तार और प्रारंभ। -
(1) यह अधिनियम बिहार आधारभूत संरचना विकास सामथ्र्यकारी (एनेबलिंग) (संशोधन) अधिनियम, 2023 कहा जा सकेगा।
(2) इसका विस्तार सम्पूर्ण बिहार राज्य होगा। (3) यह तत्काल प्रभाव से प्रवृा होगा।
2. बिहार आधारभूत संरचना विकास सामथ्र्यकारी अधिनियम, 2006 के अनुसूची V (ii) (क) में संशोधन।- उक्त अधिनियम के अनुसूची V (ii) (क) को निम्नलिखित के द्वारा प्रतिस्थापित किया जायेगा :-
''जहाँ स्वामित्व सरकार को वापस मिलनी है वहाँ सरकारी स्वामित्व की भूमि स्वीकृति से आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार द्वारा निर्धारित अवधि के लिए रियायती पट्टा प्रभार पर परियोजनाओं के लिए दी जाएगी।''
उद्देश्य एवं हेतु राज्य के भौतिक एवं सामाजिक आधारभूत संरचनाओं के तीव्र विकास एवं निजी प्रक्षेत्र की भागीदारी तथा प्रारूपण, वित्त पोषण, निर्माण परिसंचालन, रख-रखाव आदि से सम्बद्ध विषयों पर प्रशासनिक एवं प्रक्रियात्मक विलम्ब कम करने एवं विशेष परियोजना जोखिम चिन्हित करने के लिये बिहार राज्य आधारभूत संरचना विकास सामथ्र्यकारी अधिनियम, 2006 लागू किया गया है जिसके अंतर्गत आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार (आई.डी.ए.) का गठन किया गया है। उक्त अधिनियम की अनुसूची V(ii) (क) में यह प्रावधान है कि जहाँ स्वामित्व सरकार को वापस मिलनी है। वहाँ सरकारी स्वामित्व की भूमि स्वी—ति से अधिकतम 33 वर्षो के रियायती पट्टा प्रभार पर परियोजनाओं के लिए दी जाएगी। इस प्रकार उक्त प्रावधान के अनुसार मात्र 33 वर्ष के लिए भूमि रियायती पट्टा प्रभार पर निजी प्रक्षेत्र को सौंपी जा सकती है। वर्तमान में जन-निजी भागीदारी (पी.पी.पी.) आधारित परियोजनाओ में निजी प्रक्षेत्र के भागीदारी को बढ़ावा देने हेतु यह आवश्यक हो गया है कि भूमि के पट्टे की अवधि परियोजना के स्वरूप को देखते हुए परिवर्तित की जा सके। उक्त अधिनियम के अनुसूची v(ii) (क) के वर्तमान प्रावधान के कारण निजी प्रक्षेत्र के भागीदारी आकर्षित करने में बाधा उत्पन्न हो रही है। इस कारण उक्त प्रावधान को संशोधित करने का प्रस्ताव लाया गया है। चूँकि उक्त अधिनियम के अंतर्गत आधारभूत संरचना विकास प्राधिकार मुख्य सचिव, बिहार की अध्यक्षता में पूर्व से गठित है, यह परियोजना के स्वरूप को देखते हुए भूमि के पट्टे की अवधि निर्धारित करने पर निर्णय ले सकता है। उपर्युक्त प्रयोजनों को पूरा करने के उद्देश्य से व्यापक विचार-विमर्श करने के बाद बिहार राज्य आधारभूत संरचना विकास सामथ्र्यकारी (संशोधन) विधेयक, 2023 तैयार किया गया है। प्रस्तावित संशोधन नए युग में राज्य में विकास कार्यों में निजी प्रक्षेत्र की भागीदारी को बढ़ावा देगा एवं आगामी चुनौतियों के प्रति अपना स्थान बनाए रखेगा। यही इस विधेयक का मुख्य उद्देश्य है एवं इसेे अधिनियमित करना ही इस विधेयक का मुख्य अभीष्ट है।
समीर कुमार महासेठ,
भार-साधक सदस्य।
पटना
प्रभारी सचिव दिनांक-03.04.2023
बिहार विधन सभा, पटना ।