(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 ;बपकरू464द्ध
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(0 216) ए ;बपकरू272द्धए 10 ;बपकरू91द्ध 2023
पषु एवं मत्स्य संसाधन विभाग पषुपालन निदेषालय ———— आदेष 31 दिसम्बर 2022
सं॰ 11 नि॰गो॰वि॰ 01-73/16-4461(नि॰)—जिला पशुपालन पदाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण (बेतिया) के पत्राांक 07 दिनांक 04.01.2018 तथा तत्क्रम में क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, उत्तर बिहार क्षेत्रा, मुजफ्फरपुर के जाँच प्रतिवेदन पत्राांक 89 दिनांक 10.02.2018 से स्पष्ट होता है कि क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, उत्तर बिहार क्षेत्रा, मुजफ्फरपुर के द्वारा दिनांक 04.12.2017 को प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, मंझौलिया, पश्चिमी चम्पारण (बेतिया) के औचक निरीक्षण के क्रम में श्री राजेश्वर राय, अनुसेवक अनुपस्थित पाये गये तथा औचक निरीक्षण के उपरांत श्री राय द्वारा डॉ॰ (श्रीमति) राखी, तत्कालीन भ्रमणशील पशु चिकित्सा पदाधिकारी, प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, मंझौलिया, पश्चिमी चम्पारण (बेतिया) को एक कमरे में जबरन (जबरदस्ती) बंद कर गाली-गलौज करते हुए अमर्यादित व्यवहार किया गया तथा जान से मार देने की धमकी दी गयी।
उक्त वर्णित गंभीर प्रकृति के आरोपों के मद्देनजर श्री राजेश्वर राय, अनुसेवक, प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, मंझौलिया, पश्चिमी चम्पारण (बेतिया) को कर्त्तव्य के प्रति घोर लापरवाही, उदासीनता एवं अनुशासनहीनता बरतने एवं बिहार सरकारी सेवक (आचार) नियमावली, 1976 के नियम 3 का उल्लंघन करने संबंधी आरोपों के लिए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 17 में निहित प्रावधान के आलोक में श्री राय के विरूद्ध आरोप पत्रा गठित करते हुए पशुपालन निदेशालय के पत्राांक 783 दिनांक 26.02.2021 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित करने का निर्णय लिया गया तथा विभागीय कार्यवाही संचालन हेतु क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, उत्तर बिहार क्षेत्रा, मुजफ्फरपुर को जाँच पदाधिकारी एवं जिला पशुपालन पदाधिकारी, पश्चिमी चम्पारण (बेतिया) को प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी नामित किया गया।
विभागीय कार्यवाही संचालन के क्रम में जाँच पदाधिकारी द्वारा अपने पत्राांक 557 दिनांक 14.06.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरांत पाया गया कि जाँच प्रतिवेदन बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 में निहित प्रावधानों के अनुकूल नहीं है एवं जाँच प्रतिवेदन में2 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 10 ;बपकरू91द्ध 2023 कई त्राुटि पाई गयी है तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 की प्रक्रियाओं का अनुपालन नहीं किया गया है। अतएव पशुपालन निदेशालय के ज्ञापांक 135 'A' (निदे॰को॰), दिनांक 22.08.2022 द्वारा क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, उत्तर बिहार क्षेत्रा, मुजफ्फरपुर को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 में निहित प्रावधानों एवं सामान्य प्रशासन विभाग, बिहार के पत्राांक 15548 दिनांक 06.12.2017 के अनुदेशों का पूर्ण अनुपालन करते हुए जाँच प्रतिवेदन शीघ्र उपलब्ध कराने हेतु निदेश दिया गया।
उक्त के आलोक में क्षेत्राीय निदेशक, पशुपालन, उत्तर बिहार क्षेत्रा, मुजफ्फरपुर के पत्राांक 1772 दिनांक 23.12.2022 के द्वारा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 में निहित प्रावधानों के अनुसार श्री राजेश्वर राय को नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के तहत पुनः अवसर देते हुए उनका पक्ष सुनने के उपरान्त उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही में जाँच प्रतिवेदन संलग्न किया गया जिसमें मंतव्य के रूप में अंकित है कि "सभी आरोपों के संबंध में पीड़िता के द्वारा समर्पित अभ्यावेदन, आरोपी कर्मी का बचाव बयान एवं प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी के द्वारा समर्पित बिन्दुवार जाँच प्रतिवेदन एवं पूर्व में आरोपित कर्मी द्वारा किये गये गैर अनुशासनिक कार्य, कदाचार इत्यादि के संबंध में प्रस्तुत किये गये दस्तावेजों से स्पष्ट है कि आरोपित कर्मी द्वारा डॉ॰ राखी को कार्य स्थल पर कमरा में बंद कर देना एवं प्रताड़ित करना, डराना, धमकाना एवं लैंगिक उत्पीड़न करना अपराध की श्रेणी में आता है। अतः बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 के नियम-3 (1), 3 (4), 12 एवं 22 तथा कार्य स्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग का संकल्प संख्या 3/एम॰-72/2014-17903 दिनांक 29.12.2014 तथा बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 के सुसंगत प्रावधानों के तहत शास्ति प्रदान करने हेतु सक्षम प्राधिकार को अनुशंसित"।
बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम 18 (3) के आलोक में पशुपालन निदेशालय के पत्राांक 4426 (नि॰), दिनांक 27.12.2022 द्वारा श्री राजेश्वर राय को जाँच प्रतिवेदन की प्रति उपलब्ध कराते हुए द्वितीय लिखित अभिकथन की मांग की गयी। साथ ही नैसर्गिक न्याय के सिद्धांत के तहत श्री राय को व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर अपना बचाव बयान प्रस्तुत करने का अवसर दिया गया।
श्री राय द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन दिनांक 30.12.2022 की समीक्षा सक्षम प्राधिकार के द्वारा की गयी। श्री राय द्वारा अपने द्वितीय लिखित अभिकथन में अंकित मंतव्य के संबंध में संतोषजनक अभिकथन समर्पित नहीं किया गया बल्कि पूर्व में प्रस्तुत तथ्यों एवं बचाव बयान का ही उल्लेख किया है। साथ ही सुनवाई के दौरान उन्हें पुनः अंतिम अवसर देते हुए वारदात के संबंध में सत्य बताने का अनुरोध किया गया तो उनके द्वारा लिखित अभिकथन दिया गया जिसके अवलोकन से यह स्पष्ट होता है कि उनके द्वारा घटना के संबंध में स्वतः स्वीकारोक्ति की गयी है। फलतः श्री राय के विरूद्ध लगाये गये आरोपाें को प्रमाणित पाया गया।
पूर्व में भी श्री राजेश्वर राय के द्वारा किये गये गम्भीर कदाचार एवं संदेहास्पद आचरण के लिए पशुपालन निदेशालय के ज्ञापांक-11 नि0गो0वि0 (1) 12/14 - 442 (नि0) दिनांक-26.02.2014 के द्वारा निलंबित किया गया था। विभागीय कार्यवाही संचालन के उपरान्त जाँच प्राधिकार से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त श्री राय को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 (1) में निहित प्रावधानों के तहत "निन्दन" की लघु शास्ति अधिरोपित की गयी थी। इससे स्पष्ट है कि श्री राय के द्वारा आदतन अनुशासनहीनता बरती जाती है।
अतः श्री राय को बिहार सरकारी सेवक आचार नियमावली, 1976 (यथा संशोधित) के नियम-3 (1), 3 (4), 12 एवं 22 तथा कार्य स्थल पर महिलाओं के साथ लैंगिक उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोष) अधिनियम, 2013 के आलोक में सामान्य प्रशासन विभाग का संकल्प संख्या 3/एम॰-72/2014-17903 दिनांक 29.12.2014 के प्रावधानों के आलोक में कदाचार का दोषी पाते हुए श्री राय के विरूद्ध प्रमाणित आरोपों के फलस्वरूप बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्राण एवं अपील) नियमावली, 2005 (यथा संशोधित 2007) के नियम 18 (6) एवं 14 (xi) में वर्णित प्रावधान के आलोक में श्री राजेश्वर राय, कार्यालय परिचारी, प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, मंझौलिया, पश्चिमी चम्पारण (बेतिया), प्रतिनियुक्त जिला पशुपालन कार्यालय, बेतिया को सरकारी सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है।3 ;बपकरू464द्ध ;द्ध 10 माच(cid:91) 2023 उक्त के आलोक में श्री राजेश्वर राय, पिता-श्री कन्हैया राय, ग्राम-सिंघाछापड़, पोस्ट-लालगढ़, जिला-पश्चिमी चम्पारण, पदनाम-कार्यालय परिचारी (समूह 'घ'), प्रथम वर्गीय पशु चिकित्सालय, मंझौलिया, पश्चिमी चम्पारण (बेतिया), प्रतिनियुक्त जिला पशुपालन कार्यालय, बेतिया को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाता है।