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Bihar Gazette · Government of Bihar

Bihar Gazette, 17 April 2023

Published 17 April 2023

Type
Extra Ordinary
Identifier
in.gov.bih.gazette.2023-04-17.320
Languages
English, Hindi

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2;बपकरू18द्ध ;बपकरू20द्ध;बपकरू21द्ध 1;बपकरू23द्ध45 ;बपकरू26द्ध;बपकरू27द्ध;बपकरू28द्ध

;बपकरू26द्ध;बपकरू29द्ध;बपकरू27द्ध ;बपकरू4द्ध 32;बपकरू27द्ध;बपकरू28द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध 1;बपकरू18द्ध ख्;बपकरू13द्धः 2;बपकरू27द्ध23

सं॰ 2/सी॰-1010/2009-सा॰प्र॰सं॰ 2/सी॰-1010/2009-सा॰प्र॰सं॰ 2/सी॰-1010/2009-सा॰प्र॰सं॰ 2/सी॰-1010/2009-सा॰प्र॰-4137-4137-4137-4137 सामान्य प्रषासन विभागसामान्य प्रषासन विभागसामान्य प्रषासन विभागसामान्य प्रषासन विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 01010101 मार्च, 2023मार्च, 2023मार्च, 2023मार्च, 2023

श्री अषोक कुमार तिवारी (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1032/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, पलासी, अररिया के विरूद्ध अररिया जिले के अन्तर्गत इंदिरा आवास की राषि राष्ट्रीय—त बैंक में नहीं जमा कराकर डेहटी पैक्स में जमा कर इंदिरा आवास योजना की मार्गदर्षिका के विपरीत कार्य करने, उच्चाधिकारियों के आदेष की अवहेलना करने, इंदिरा आवास मद की राषि का दुरूपयोग, गबन तथा कदाचार का मार्ग प्रषस्त करने तथा इंदिरा आवास के लाभार्थियों के चयन में भारी अनियमितता बरतने इत्यादि प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 353 दिनांक 29.01.2009 द्वारा निलंबित किया गया था। तत्पष्चात उनके विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों के लिए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 9056 दिनांक 09.09.2009 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया।

सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 12959/2010 अषोक कुमार तिवारी बनाम बिहार राज्य एवं अन्य में दिनांक 19.08.2010 को माननीय उच्च न्यायालय द्वारा पारित न्यायादेष के आलोक में श्री तिवारी को निलंबन से मुक्त किया गया। साथ ही श्री तिवारी के निलंबन अवधि के विनियमन एवं वेतन के संबंध में उनके विरूद्ध संचालित विभागीय कार्यवाही एवं फौजदारी मुकदमे के फलाफल के आलोक में निर्णय लिये जाने का आदेष संसूचित किया गया।

विभागीय कार्यवाही के संचालन पदाधिकारी आयुक्त, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ के पत्रांक 3338 दिनांक 26.11.2009 द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन के समीक्षोपरान्त यह पाया गया कि जाँच प्रतिवेदन में सभी तथ्यों तथा साक्ष्यों को विचारित नहीं किया गया था तथा इस मामले की पूर्ण जाँच नहीं हो सकी थी। अतः अनुषासनिक प्राधिकार के आदेषानुसार इस मामले की पुनर्जांच की आवष्यकता को देखते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-18(1) के अन्तर्गत अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा पुनः विस्तृत जाँच हेतु संषोधित आरोप-पत्र गठित कर साक्ष्य के साथ संचालन पदाधिकारी को उपलब्ध कराते हुए पुनः जाँच कराये जाने का निर्णय लिया गया। विभागीय पत्रांक 8389 दिनांक 26.08.2010 द्वारा श्री तिवारी के विरूद्ध गठित पूरक/संषोधित आरोपों पर स्पष्टीकरण की मांग की गयी। संचालन पदाधिकारी द्वारा प्रेषित जाँच प्रतिवेदन, जिला2 ;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू2द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू3द्ध;बपकरू4द्ध 1;बपकरू18द्ध ख्;बपकरू13द्धःद्ध 2;बपकरू27द्ध23 पदाधिकारी, अररिया द्वारा प्रेषित जाँच प्रतिवेदन एवं साक्ष्य तथा ग्रामीण विकास विभाग, बिहार, पटना द्वारा पूरक आरोप-पत्र के साथ साक्ष्य अभिलेख आदि को विभागीय पत्रांक 35 दिनांक 03.01.2011 द्वारा आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ को भेजते हुए पुनर्जांच कर तीन माह के अन्दर जाँच प्रतिवेदन समर्पित करने का निदेष दिया गया।

आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, पूर्णियाँ प्रमंडल, पूर्णियाँ द्वारा पुनर्जांच के उपरान्त समर्पित जाँच प्रतिवेदन में सभी आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।

अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा जाँँच प्रतिवेदन पर सम्यक्‌ विचारोपरान्त बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील), नियमावली, 2005 (यथा संषोधित) के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत आरोपित ''सेवा से बर्खास्तगी एवं निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं'' पदाधिकारी के विरूद्ध ''सेवा से बर्खास्तगी एवं निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं'' ''सेवा से बर्खास्तगी एवं निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं'' ''सेवा से बर्खास्तगी एवं निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं'' का दंड अधिरोपित करने का विनिष्चय किया गया।

संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन तथा अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा विनिष्चित दंड पर श्री तिवारी से अभ्यावेदन की मांग किये जाने पर उनके द्वारा ससमय अभ्यावेदन समर्पित नहीं किया गया।

विनिष्चित दंड पर बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति की मांग किये जाने पर आयोग द्वारा विनिष्चित दंड पर सहमति संसूचित की गयी। बिहार लोक सेवा आयोग से सहमति प्राप्त होने के उपरान्त श्री तिवारी की सेवा से बर्खास्तगी एवं निलंबन अवधि में जीवन निर्वाह भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं का दंड दिये जाने के प्रस्ताव पर मंत्रिपरिषद्‌ द्वारा स्वी—ति दी गयी।

विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2977 दिनांक 24.02.2012 द्वारा श्री तिवारी के विरूद्ध सेवा से बर्खास्तगी एवं निलंबन अवधि में जीवन भाा के अतिरिक्त कुछ भी देय नहीं का दंड संसूचित किया गया।

सेवा से बर्खास्तगी संबंधी आदेष के विरूद्ध श्री तिवारी द्वारा माननीय उच्च न्यायालय में दायर सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 7586/2013 में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 15.07.2016 को पारित आदेष का कार्यकारी अंष निम्नवत्‌ है :-

" I find that the case of the petitioner is at least on similar footing to that of

Shamim Akhtar, Surendra Roy and Gayanand Yadav, whose dismissal have already been

set aside. In the result, the writ petition succeeds. The impugned order of dismissal is set

aside in terms of order dated 20.5.2016, passed in C.W.J.C. Nos. 14595 of 2012 and

C.W.J.C. No. 20812 of 2012, with the liberty mentioned therein."

सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 7586/2013 में माननीय उच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 15.07.2016 को पारित आदेश के विरूद्ध राज्य सरकार द्वारा एल0पी0ए0 संख्या 2377/2016 दायर किया गया।

इस बीच सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 7586/2013 में पारित आदेष का अनुपालन नहीं होने के आधार पर श्री तिवारी द्वारा अवमाननावाद एम0जे0सी0 संख्या 1303/2017 दायर किया गया। माननीय उच्च न्यायालय का उक्त अवमाननावाद में दिनांक 07.11.2017 को पारित आदेष निम्नवत है :-

"Heard learned counsel for the petitioner and the learned Additional Advocate

General No.3 appearing on behalf of the State.

A show cause has been filed today stating that an L.P.A. has been preferred

against the order, which is the subject-mater of the present contempt application.

Learned counsel for the petitioner submits that till date, the matter is pending as

defective and no stay order has been passed. Therefore, the contempt application may

proceed as similarly situated persons have been extended the relief as sought for by the

present petitioner.

List this case after two weeks, during which period the learned counsel for the

State may take appropriate steps, failing which this Court shall proceed to pass further

order in the contempt application."

सी0डब्लू0जे0सी0 संख्या 7586/2013 एवं एम0जे0सी0 संख्या 1303/2017 में पारित न्यायादेष के अनुपालन में मंत्रिपरिषद द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2977 दिनांक 24.02.2012 द्वारा श्री तिवारी को संसूचित दंड को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 15923 दिनांक 13.12.2017 द्वारा निरस्त करते हुए बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत सेवा में इस शर्त के साथ पुनः स्थापित किया गया कि विचाराधीन एल0पी0ए0 संख्या 2377/2016 में माननीय उच्च न्यायालय के आदेष के फलाफल से आच्छादित होगा।

विचाराधीन एल0पी0ए0 सं0 2377/2016 में माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 19.01.2023 को आदेश पारित किया गया, जिसका कार्यकारी अंश निम्नवत्‌ है :-

3 ;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू2द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू3द्ध;बपकरू4द्ध 1;बपकरू18द्ध ख्;बपकरू13द्धःद्ध 2;बपकरू27द्ध23

"The aforesaid cited decisions of the learned Single Judge has no application to the case in hand for the reasons that it is not common proceedings or joint inquiry so as to take note of decisions reported in CWJC No. 14595 of 2012 and CWJC No. 20812 of 2012. In other words, independently the matter of the respondent is required to be decided by the learned Single Judge. Accordingly, the State-appellant has made out a prima facie case to the extent that order of the learned Single Jude is not a reasoned order. Hence, order of the learned Single Judge dated 15.07.2016 passed in CWJC No. 7586 of 2013 stands set aside. CWJC No. 7586 of 2013 stands restored on the file of the learned Single Judge. CWJC No. 7586 of 2013 is of the year 2013 and dismissal order is dated 24.02.2012, therefore, the learned Single Judge is requested to decide CWJC No. 7586 of 2013 within a period of four months.

In the result, the present Letters Patent Appeal stands allowed." माननीय न्यायालय द्वारा एल0पी0ए0 सं0 2377/2016 में सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 7586/2013 में दिनांक 15.07.2016 को पारित आदेश को रद्‌द कर दिया गया है एवं सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 7586/2013 को पुनः स्थापित किया गया है। साथ ही विद्वान एकल जज को चार माह के भीतर सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 7586/2013 में निर्णय लेने के लिए अनुरोध किया गया है।

अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा मामले की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि श्री तिवारी को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 15923 दिनांक 13.12.2017 द्वारा सेवा में इस शर्त के साथ पुनः स्थापित किया गया था कि माननीय उच्च न्यायालय में विचाराधीन एल0पी0ए0 सं0 2377/2016 में पारित किये जाने वाले आदेष के फलाफल से आच्छादित होगा। एल0पी0ए0 सं0 2377/2016 में पारित आदेष द्वारा सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 7586/2013 में एकल जज द्वारा दिनांक 15.07.2016 को पारित आदेष को रद्‌द कर दिया गया है। ऐसी स्थिति में मंत्रिपरिषद्‌ के निर्णयानुसार श्री तिवारी को सेवा से बर्खास्तगी संबंधी आदेश पुनः प्रभावी हो जाता है।

समीक्षोपरान्त माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेश एवं पूर्व में मंत्रिपरिषद के निर्णय के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री तिवारी को पुनः सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय लिया गया है।

अतः अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा लिये गये निर्णय के आलोक में श्री अषोक कुमार तिवारी (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1032/11, तत्कालीन प्रखंड विकास पदाधिकारी, पलासी, अररिया सम्प्रति लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, बगहा, पश्चिम चम्पारण को पुनः पुनः पुनः पुनः सेवा से बर्खास्तसेवा से बर्खास्तसेवा से बर्खास्तसेवा से बर्खास्त किया जाता है। आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जाय।जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जाय।जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जाय।जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जाय।

बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, शिवमहादेव प्रसाद,शिवमहादेव प्रसाद,शिवमहादेव प्रसाद,शिवमहादेव प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।सरकार के अवर सचिव।

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Cite this issue. Bihar Gazette, Government of Bihar, 17 April 2023. Indian Gazettes, https://egazette.servantsofknowledge.in/details/in.gov.bih.gazette.2023-04-17.320/. Archive identifier in.gov.bih.gazette.2023-04-17.320.