;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध
ख्;बपकरू3द्ध;बपकरू3द्ध ख्;बपकरू8द्ध
;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू12द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू13द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू14द्ध
2;बपकरू18द्ध ;बपकरू20द्ध;बपकरू21द्ध 1;बपकरू23द्ध45 ;बपकरू26द्ध;बपकरू27द्ध;बपकरू28द्ध
;बपकरू26द्ध;बपकरू29द्ध;बपकरू27द्ध ;बपकरू4द्ध 321;बपकरू28द्ध ;बपकरू4द्ध ;बपकरू4द्ध 1;बपकरू18द्ध ख्;बपकरू13द्धः 2;बपकरू27द्ध23
सं॰ 2/सं॰ 2/सं॰ 2/सं॰ 2/आरोपआरोपआरोपआरोप----01-89/201201-89/201201-89/201201-89/2012-सा॰प्र॰-सा॰प्र॰-सा॰प्र॰-सा॰प्र॰-4226-4226-4226-4226 सामान्य प्रषासन विभागसामान्य प्रषासन विभागसामान्य प्रषासन विभागसामान्य प्रषासन विभाग ——— संकल्पसंकल्पसंकल्पसंकल्प 02020202 मार्च, 2023मार्च, 2023मार्च, 2023मार्च, 2023
श्री अनिल कुमार आर्य (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 811/11, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता, मधुबनी-सह-प्रभारी काराधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी के विरूद्ध अनाधि—त रूप से काराहस्तक नियमों के प्रावधानों के विरूद्ध छः बन्दियों को अवैध एवं अनियमित रूप से कारा के गेट के बाहर ले जाकर कार्य कराने, अवैध एवं अनाधि—त रूप से कारा से बाहर ले जाकर कार्य कराये जाने के दौरान विचाराधीन बंदी मो0 साबीर के पलायन कर जाने के लिए, कर्त्तव्यहीनता, लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा नियमों के उल्लंघन करने के प्रतिवेदित आरोप के लिए गृह विभाग के पत्रांक 4846 दिनांक 25.10.2012 द्वारा प्राप्त आरोप पत्र प्रपत्र 'क' के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16980 दिनांक 12.12.2012 द्वारा श्री आर्य को निलंबित किया गया एवं विभागीय संकल्प ज्ञापांक 281 दिनांक 08.01.2014 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया।
आयुक्त कार्यालय, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्रांक 309 दिनांक 21.04.2014 से प्राप्त प्रमंडलीय आयुक्त-सह-संचालन पदाधिकारी, आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में सभी आरोपों को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
श्री आर्य द्वारा अपने बचाव में समर्पित अभ्यावेदन दिनांक 07.07.2014 की समीक्षा के उपरान्त प्रमाणित आरोपों एवं बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 13776 दिनांक 07.10.2014 द्वारा श्री आर्य को आदेश निर्गत होने की तिथि से निलंबन मुक्त करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16040 दिनांक 21.11.2014 द्वारा ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक''संचयात्मक प्रभाव से रोक''संचयात्मक प्रभाव से रोक''संचयात्मक प्रभाव से रोक'' का दंड अधिरोपित किया गया। उक्त प्रकरण में श्री आर्य दिनांक 12.12.2012 से 06.10.2014 तक निलंबित रहे। श्री आर्य को प्रमाणित आरोपों के लिए दंडित किये जाने के फलस्वरूप उनके निलंबन को औचित्यपूर्ण मानते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 2687 दिनांक 19.02.2015 द्वारा उनके उक्त वर्णित निलंबन अवधि निलंबन अवधि निलंबन अवधि निलंबन अवधि के लिए देय वेतनादि की राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती करने का दंड संसूचित किया गया। के लिए देय वेतनादि की राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती करने के लिए देय वेतनादि की राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती करने के लिए देय वेतनादि की राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती करने
श्री आर्य द्वारा विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16040 दिनांक 21.11.2014 द्वारा संसूचित दंडादेष के विरूद्व पुनर्विलोकन आवेदन दिनांक 05.01.2015 समर्पित किया गया। श्री आर्य द्वारा समर्पित पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक2 ;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू2द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू3द्ध;बपकरू4द्ध 1;बपकरू18द्ध ख्;बपकरू13द्धःद्ध 2;बपकरू27द्ध23 05.01.2015 को सम्यक् विचारोपरान्त अस्वी—त करते हुए इनके विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16040 दिनांक 21.11.2014 द्वारा निन्दन (वर्ष 2012-13) एवं तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक निन्दन (वर्ष 2012-13) एवं तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक एवं विभागीय संकल्प निन्दन (वर्ष 2012-13) एवं तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक निन्दन (वर्ष 2012-13) एवं तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक ज्ञापांक 2687 दिनांक 19.02.2015 द्वारा निलंबन अवधि (दिनांक 12निलंबन अवधि (दिनांक 12निलंबन अवधि (दिनांक 12निलंबन अवधि (दिनांक 12....12121212....2012 से 062012 से 062012 से 062012 से 06....10101010....2014) के लिए देय वेतनादि की 2014) के लिए देय वेतनादि की 2014) के लिए देय वेतनादि की 2014) के लिए देय वेतनादि की राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती के अधिरोपित दंड को विभागीय संकल्प ज्ञापांक 5036 दिनांक 01.04.2015 राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती राशि से 25 प्रतिशत राशि की कटौती द्वारा पूर्ववत् बरकरार रखा गया।
श्री आर्य द्वारा उपर्युक्त दण्डादेष के विरूद्ध माननीय उच्च न्यायालय, पटना में याचिका सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या 5057/2016 दायर किया गया। माननीय न्यायालय द्वारा उक्त याचिका में दिनांक 05.08.2021 को पारित आदेष का कार्यकारी अंश निम्नवत् है :-
"8. Having heard the parties and on a consideration of the materials on record,
this Court finds merit in the submissions of the petitioner. A perusal of the inquiry report
dated 15.04.2014 discloses that considerable reliance has been placed on the District
Magistrate's letter no. 373 dated 05.03.2014 for proving the charges against the
petitioner.
9. Learned counsel for the respondents does not dispute that the said letter dated
05.03.2014 was in fact never served on the petitioner and has for the first time been
brought on record by way of a supplementary counter affidavit filed before this Court. The
authority has thus relied on material by way of the letter dated 05.03.2014 without
confronting the petitioner in that behalf which has thus resulted in violation of natural
justice. This Court is therefore of the view that the Departmental proceedings stand
vitiated.
10. Accordingly, the impugned order dated 21.11.2014 (Annexure-18) along with
the inquiry report dated 15.04.2014 (Annexure-16), order dated 01.04.2015 rejecting the
petitioner's review application (Annexure-23) as well as the order dated 19.02.2015
(Annexure-22) are set aside and the matter is remanded to the Additional Secretary,
General Administration Department, Govt. of Bihar, Patna (respondent no.5) for passing
orders afresh after obtaining a fresh inquiry report in accordance with law and upon
grant of an opportunity of hearing to the petitioner, preferably within a period of four
months from the date of receipt/production of a copy of this judgment.
11. The writ petition stands allowed." माननीय न्यायालय द्वारा उपर्युक्त आदेश में श्री आर्य के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 16040 दिनांक
ंचयात्मक प्रभाव से रोक'' के दंड को ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर संचयात्मक प्रभाव से रोक'' 21.11.2014 द्वारा ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर स ंचयात्मक प्रभाव से रोक'' ंचयात्मक प्रभाव से रोक'' ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर स ''निन्दन (वर्ष 2012-13)'' एवं ''तीन वेतन वृद्धियों पर स निरस्त किया गया एवं वादी को सुनवाई का मौका प्रदान करते हेतु नये सिरे से नियमानुकूल जाँच करने आदेश विभाग को दिया गया।
माननीय न्यायालय द्वारा दिनांक 05.08.2021 को पारित आदेश की अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त माननीय न्यायालय द्वारा पारित आदेष के अनुपालन में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 12113 दिनांक 08.10.2021 द्वारा श्री आर्य के विरूद्ध आरोपों की नये सिरे से जाँच करने हेतु संचालन पदाधिकारी, आयुक्त दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा को विभागीय कार्यवाही संबंधित अभिलेख वापस करते हुए माननीय न्यायालय द्वारा उल्लिखित बिन्दुओं के आलोक में जाँच सुनिष्चित करते हुए जाँच प्रतिवेदन उपलब्ध करने का अनुरोध किया गया।
उक्त के आलोक में आयुक्त, दरभंगा प्रमंडल, दरभंगा के पत्रांक 1150 दिनांक 13.10.2022 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया, जिसमें श्री आर्य के विरूद्ध सभी आरोप को प्रमाणित प्रतिवेदित किया गया।
संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन के आलोक में विभागीय पत्रांक 22615 दिनांक 15.12.2022 एवं स्मार पत्रांक 651 दिनांक 09.01.2023 द्वारा श्री आर्य से लिखित अभिकथन समर्पित करने का अनुरोध किया गया। श्री आर्य के पत्रांक 169 दिनांक 20.01.2023 द्वारा आरोप के संदर्भ में कंडिकावार लिखित अभिकथन समर्पित किया गया।
अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री आर्य के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, इनसे प्राप्त लिखित अभिकथन एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि तत्कालीन जिला पदाधिकारी, मधुबनी द्वारा वर्णित घटना के आलोक में मंडल कारा, मधुबनी के स्थलीय जाँचोपरान्त बंदी पलायन के संबंध में स्पष्ट रूप से कर्मियों को दोषी पाया गया। प्रभारी काराधीक्षक होने के कारण श्री आर्य की भी लापरवाही साबित होती है। साथ ही श्री आर्य का कारा परिसर में अगर मंदिर निर्माण में सक्रिय भूमिका नहीं थी तो भी प्रभारी काराधीक्षक होने के नाते उन्हें इसकी जानकारी होनी चाहिए थी एवं नियमानुसार कार्रवाई किया जाना3 ;बपकरू1द्ध;बपकरू4द्ध ;बपकरू2द्धख्;बपकरू4द्ध;बपकरू4द्ध;बपकरू3द्ध;बपकरू4द्ध 1;बपकरू18द्ध ख्;बपकरू13द्धःद्ध 2;बपकरू27द्ध23 अपेक्षित था। श्री आर्य द्वारा अनधि—त रूप से काराहस्तक नियमों के प्रावधानों के विरूद्ध छः बन्दियों को अवैध एवं अनियमित रूप से कारा के गेट के बाहर ले जाकर कार्य कराने, अवैध एवं अनधि—त रूप से कारा से बाहर ले जाकर कार्य कराये जाने के दौरान विचाराधीन बंदी मो0 शबीर के पलायन कर जाने संबंधी आरोप श्री आर्य के कर्त्तव्यहीनता, लापरवाही, स्वेच्छाचारिता तथा नियमों के उल्लंघन दर्शाता है।
समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए श्री आर्य द्वारा समर्पित लिखित अभिकथन को अस्वी—त किया गया एवं प्रमाणित पाये गये आरोपों के लिए इनके विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत् ((((i) निन्दन (आरोप वर्ष 2012-13) एवं ( ) निन्दन (आरोप वर्ष 2012-13) एवं (ii) संचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक ) संचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक का दंड अधिरोपित ) संचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक ) संचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक ) निन्दन (आरोप वर्ष 2012-13) एवं ( ) निन्दन (आरोप वर्ष 2012-13) एवं ( किये जाने का निर्णय लिया गया है।
अतएव माननीय उच्च न्यायालय द्वारा सी0डब्ल्यू0जे0सी0 संख्या 5057/2016 में दिनांक 05.08.2021 को पारित आदेश एवं अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा समीक्षोपरान्त लिये गये निर्णय के आलोक में श्री अनिल कुमार आर्य (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 811/11, तत्कालीन वरीय उप समाहर्त्ता, मधुबनी-सह-प्रभारी काराधीक्षक, मंडल कारा, मधुबनी सम्प्रति भूमि सुधार उप समार्हाा, बाढ़ को बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के नियम-14 के संगत प्रावधानों के तहत् निम्नांकित दंड अधिरोपित किया जाता है :-
((((i) ) ) ) निन्दन (आरनिन्दन (आरनिन्दन (आरनिन्दन (आरोप वर्ष 2012-13),ोप वर्ष 2012-13),ोप वर्ष 2012-13),ोप वर्ष 2012-13), ((((ii) ) ) ) संचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक।संचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक।संचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक।संचयात्मक प्रभाव से एक वेतनवृद्धि पर रोक।
आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया आदेश :-आदेश :-आदेश :-आदेश :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प को बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जाय।जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जाय।जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जाय।जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, बिहार-राज्यपाल के आदेष से, शिवमहादेव प्रसाद,शिवमहादेव प्रसाद,शिवमहादेव प्रसाद,शिवमहादेव प्रसाद, ससससरकार के अवर सचिव।रकार के अवर सचिव।रकार के अवर सचिव।रकार के अवर सचिव।