असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
27 चै(cid:287) 1945 (श0)
(सं0 पटना 322) पटना, सोमवार, 17 अ(cid:292)ील 2023
——— ladYi 27 ekpZ 2023
श्री अब्दुल बहाव अंसारी (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 427/11, तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना के विरूद्ध आरोप है कि इनके द्वारा परियोजना-220/132 K.V ग्रीड उप केन्द्र निर्माण हेतु मौजा-जुझारपुर थाना नं0 128, L.A. Case No. 07@2008&09 में गलत तरीके से 80% मुआवजा भुगतान का आदेश पारित किया गया। उल्लेखनीय है कि सी0डब्लू0जे0सी0 सं0 17550/2012 में माननीय उच्च न्यायालय, पटना के द्वारा दिनांक 04.04.2013 को पारित आदेष के आलोक में प्रधान सचिव, राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग, बिहार, पटना के द्वारा विस्तृत समीक्षा करते हुए सकारण आदेष पारित किया गया है। उक्त आदेष में भू-अर्जन वाद संख्या 07/2008-09 में श्री षिवपूजन राय एवं श्री षिवलाल राय को गलत ढंग से मुआवजा भुगतान करने वाले पदाधिकारी, श्री अब्दुल बहाव अंसारी एवं कर्मचारियों को दोषी पाते हुए उनके विरूद्ध आरोप गठित करने एवं आपराधिक वाद दायर करने का निदेष दिया गया।
श्री अंसारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों की गंभीरता को देखते हुए विभागीय स्तर पर आरोप-पत्र गठित करते हुए अनुशासनिक प्राधिकार के अनुमोदनोपरान्त विभागीय कार्यवाही संचालित की गयी, जिसमें आयुक्त, पटना प्रमंडल, पटना को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन में श्री अंसारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप को अंशतः प्रमाणित पाया गया। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 17 अ(cid:292)ील 2023 दिया गया तथा शेष 0.16 एकड़ के भुगतान के संबंध में भूमि सुधार उप समार्हाा, पटना के न्यायालय के निर्णय प्राप्त होने पर आदेश निर्गत किये जाने का निर्णय लिया गया। भूमि सुधार उप समार्हाा, पटना द्वारा दाखिल खारिज अपील वाद सं0 28/09-10 में दिनांक 08.09.2010 को आदेश पारित किया गया। भूमि सुधार उप समार्हाा ने तथ्यों के आधार पर दाखिल खारिज वाद सं0 488/3/09-10 को निरस्त करते हुए पुनः अंचलाधिकारी को नये सिरे से सुनवाई का आदेश दिया गया। श्री अंसारी, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना द्वारा भुगतान आदेश के पूर्व अपने आदेश दिनांक 28.08.2010 को संज्ञान में नहीं लिया गया, जिसमें भूमि सुधार उप समार्हाा, पटना के न्यायालय के निर्णय उपरान्त आदेश निर्गत किये जाने का निर्णय लिया गया था। साथ इन्हें नए अभिलेख खोलने पर कार्यालय कर्मियों पर शंका व्यक्त करना चाहिए था।
साथ ही मूल अभिलेख के साथ भी शिवपूजन राय द्वारा समर्पित आदेश पत्र नहीं मांगा गया। यहाँ यह भी उल्लेखनीय है कि भुगतान रोकने वाले तथा भुगतान का आदेश देने वाले जिला भू-अर्जन पदाधिकारी एक ही व्यक्ति श्री अंसारी ही हैं।
अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा वर्णित तथ्यों के आलोक में संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन से सहमत होते हुए, श्री अंसारी के लिखित अभिकथन को अस्वीकार करते हुए बिहार पेंशन नियमावली, 1950 के संगत प्रावधानों के तहत् ''पेंषन से % राशि कटौती एक वर्ष के लिए रोक'' का दंड अधिरोपित करने का विनिश्चय किया गया। विभागीय पत्रांक 15649 दिनांक 01.09.2022 द्वारा श्री अंसारी के विरूद्ध अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा विनिष्चित दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से सहमति/परामर्ष की मांग की गई। आयोग के पत्रांक 3566/लो0से0आ0 दिनांक 14.12.2022 द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी। अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विनिष्चत दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति के आलोक में विभागीय संकल्प ज्ञापांक 23032 दिनांक 21.12.2022 द्वारा श्री अंसारी के विरूद्ध ''पेंषन से % की राषि कटौती एक वर्ष के लिए'' दंड अधिरोपित किया गया।
श्री अंसारी द्वारा उक्त दंड पर विचार हेतु पुनर्विलोकन अभ्यावेदन दिनांक 18.01.2023 समर्पित किया गया। श्री अंसारी के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप, इनके पुनर्विलोकन अभ्यावेदन एवं संचालन पदाधिकारी द्वारा समर्पित जाँच प्रतिवेदन की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरांत पाया गया कि श्री अंसारी द्वारा पुनर्विलोकन अभ्यावेदन में पूर्व में समर्पित बिन्दुओं को ही अंकित किया गया है और संचालन पदाधिकारी द्वारा विभागीय कार्यवाही के नियमानुकूल सभी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए अपना मंतव्य समर्पित किया गया है। समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार द्वारा श्री अंसारी के पुनर्विलोकन अभ्यावेदन को अस्वीकार करते हुए विभागीय संकल्प ज्ञापांक 23032 दिनांक 21.12.2022 द्वारा ''पेंषन से % की राषि कटौती एक वर्ष के लिए'' दंड को बरकरार रखने का निर्णय लिया गया।
अतः अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार श्री अब्दुल बहाव अंसारी (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 427/11, तत्कालीन जिला भू-अर्जन पदाधिकारी, पटना सम्प्रति सेवानिवृत्त के विरूद्ध विभागीय संकल्प ज्ञापांक 23032 दिनांक 21.12.2022 द्वारा अधिरोपित दंड ''पेंशन से5% राशि कटौती एक वर्ष के लिए'' को बरकरार रखा जाता है। आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, शिवमहादेव प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।
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