असाधारण अंक
(cid:464)बहार सरकार (cid:430)ारा (cid:292)कािशत
27 चै(cid:287) 1945 (श0)
(सं0 पटना 323) पटना, सोमवार, 17 अ(cid:292)ील 2023
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ladYi
15 Qjojh 2023
श्री आनन्द प्रकाष (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1088/11, तत्कालीन जिला प्रभारी पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना, पूर्णियां सम्प्रति विषेष कार्य पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध संविदा की अवधि विस्तार हेतु अवैध राशि की मांग करने, संवेदकों से हथालन-सह-परिवहन की राशि में अवैध उगाही करने, निजी स्वार्थ की पूर्ति हेतु आपूर्तिर्काा से मिलीभगत कर अवैध राशि की वसूली करने, विद्यालयों में बरती गयी अनियमितताओं को उच्चाधिकारी के संज्ञान में नहीं लाकर अपने स्तर से मामलों को रफा-दफा करने संबंधित आरोपों के लिए जिला पदाधिकारी, पूर्णियां के पत्रांक 2238 दिनांक 17.07.2014 द्वारा गठित आरोप-पत्र उपलब्ध कराया गया।
विभागीय पत्रांक 11428 दिनांक 19.08.2014 द्वारा प्रतिवेदित आरोपों के लिए श्री प्रकाश से स्पष्टीकरण की मांग की गयी। उक्त के आलोक में श्री प्रकाश का पत्र दिनांक 20.10.2014 द्वारा स्पष्टीकरण समर्पित किया गया। समर्पित स्पष्टीकरण पर विभागीय पत्रांक 12451 दिनांक 12.09.2016 एवं अन्य पत्रों द्वारा जिला पदाधिकारी, पूर्णियां से मंतव्य की मांग की गयी। जिला पदाधिकारी, पूर्णिया के पत्रांक 143 दिनांक 31.01.2017 द्वारा स्पष्टीकरण पर मंतव्य उपलब्ध कराया गया।
श्री प्रकाश के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, इनके स्पष्टीकरण एवं जिला पदाधिकारी, पूर्णियां के मंतव्य की विचारोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय संकल्प ज्ञापांक 6595 दिनांक 01.06.2017 द्वारा विभागीय कार्यवाही संचालित किया गया, जिसमें आयुक्त, पूर्णियां प्रमंडल, पूर्णियां को संचालन पदाधिकारी नियुक्त किया गया। आयुक्त, पूर्णियां प्रमंडल, पूर्णियां के पत्रांक 1835 दिनांक 29.07.2021 द्वारा जाँच प्रतिवेदन समर्पित किया गया। प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की समीक्षा की गयी। समीक्षा में पाया गया कि प्रस्तुतीकरण पदाधिकारी द्वारा संचालन पदाधिकारी के समक्ष नियमानुकूल विभागीय पक्ष प्रस्तुत नहीं किया गया। समीक्षोपरान्त अनुशासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विभागीय पत्रांक 9960 दिनांक 03.09.2021 द्वारा अग्रेतर जाँच हेतु संचालन पदाधिकारी को निदेश दिया गया। 2 (cid:464)बहार गजट (असाधारण), 17 अ(cid:292)ील 2023 विभागीय पत्रांक 15120 दिनांक 29.08.2022 द्वारा श्री प्रकाष से आंशिक प्रमाणित आरोप के लिए लिखित बचाव अभ्यावेदन की मांग की गयी। श्री प्रकाष के पत्र दिनांक 10.11.2022 द्वारा लिखित बचाव अभ्यावेदन समर्पित किया गया। श्री प्रकाश द्वारा आंशिक रूप से प्रमाणित आरोप के संबंध में मूल रूप से उल्लेख किया गया है कि यह न्याय संगत नहीं है। आरोप के संचालन के क्रम में साक्षियों के बयान का उनके द्वारा किया गया प्रतिपरीक्षण संचालन पदाधिकारी के जाँच प्रतिवेदन में उल्लेख नहीं किया गया है। उनका कहना है कि उपस्थापन पदाधिकारी के द्वारा भी जिला पदाधिकारी, पूर्णियां के द्वारा प्रस्तुत मंतव्य को खंडित/असत्य सिद्ध करने संबंधी कोई तथ्य संचालन पदाधिकारी के समक्ष उपस्थापित नहीं किया गया। इसके आलोक में उनके द्वारा विभागीय कार्यवाही समाप्त किये जाने का अनुरोध किया गया है। श्री प्रकाश के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोपों, समर्पित बचाव अभ्यावेदन एवं संचालन पदाधिकारी से प्राप्त जाँच प्रतिवेदन की सम्यक् समीक्षा की गयी। समीक्षोपरान्त पाया गया कि श्री प्रकाश के विरूद्ध प्रतिवेदित आरोप प्रखंड साधन सेवियों के संविदा अवधि विस्तार के लिए बिचौलिया के माध्यम से अवैध राशि की मांग को आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है। जाँच के क्रम में 10 गवाहों में से 07 गवाहों द्वारा अवैध राशि मांग किये जाने की पुष्टि की गयी है, किन्तु कोई दस्तावेजी साक्ष्य नहीं प्राप्त हुआ है।
संचालन पदाधिकारी द्वारा आरोप संख्या-02 जिसमें श्री प्रकाश के द्वारा मध्याह्न भोजन योजना के संवेदको से हथालन-सह-परिवहन की राशि का 10 प्रतिशत राशि वसूली किये जाने का आरोप गवाहों के बयान के आधार पर आंशिक रूप से प्रमाणित पाया गया है। स्पष्ट है कि अवैध राशि की मांग/वसूली करने के आरोप आंशिक रूप से प्रमाणित है, क्योंकि मौखिक साक्ष्य उपलब्ध है परन्तु दस्तावेजी साक्ष्य नहीं है।
अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा वर्णित तथ्यों के आलोक में श्री प्रकाश के विरूद्ध आरोप की प्र—ति को देखते हुए इनके बचाव अभ्यावेदन को अस्वी—त किया गया एवं बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत i निन्दन (वर्ष 2014-15) एवं ii दो वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड अधिरोपित करने का विनिश्चय किया गया।
अनुषासनिक प्राधिकार द्वारा श्री प्रकाश के विरूद्ध विनिष्चित दण्ड प्रस्ताव पर विभागीय पत्रांक 582 दिनांक 09.
01.2023 द्वारा बिहार लोक सेवा आयोग, पटना से परामर्ष की मांग की गई। आयोग के पत्रांक 4222/लो0से0आ0 दिनांक 27.01.2023 द्वारा विनिश्चित दंड प्रस्ताव पर सहमति व्यक्त की गयी।
अनुषासनिक प्राधिकार के निर्णयानुसार विनिष्चत दण्ड प्रस्ताव पर बिहार लोक सेवा आयोग से प्राप्त सहमति एवं आरोप की प्र—ति को देखते हुए श्री आनन्द प्रकाष (बि0प्र0से0), कोटि क्रमांक 1088/11, तत्कालीन जिला प्रभारी पदाधिकारी, मध्याह्न भोजन योजना, पूर्णियां सम्प्रति विषेष कार्य पदाधिकारी, स्वास्थ्य विभाग, बिहार, पटना के विरूद्ध बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के संगत प्रावधानों के तहत निम्नलिखित दंड अधिरोपित एवं संसूचित किया जाता है :-
i निन्दन (वर्ष 2014-15), ii दो वेतनवृद्धियाँ संचयात्मक प्रभाव से रोकने का दंड।
आदेष :- आदेष दिया जाता है कि इस संकल्प की प्रति बिहार राजपत्र के अगले असाधारण अंक में प्रकाषित किया जाय तथा इसकी प्रति सभी संबंधितों को भेज दी जाय।
बिहार-राज्यपाल के आदेष से, शिवमहादेव प्रसाद, सरकार के अवर सचिव।
Bihar
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अधी(cid:162)क, सिचवालय मु(cid:289)णालय,
(cid:464)बहार, पटना (cid:430)ारा (cid:292)कािशत एवं मु(cid:464)(cid:289)त।