(cid:467)नबंधन सं(cid:201)या पी0ट(cid:547)0-40 ;बपकरू464द्ध
;बपकरू464द्ध ;बपकरू430द्ध ;बपकरू292द्ध
29 ;बपकरू287द्ध 1945 ;0द्ध
(0 336) ए ए 19 ;बपकरू292द्ध 2023
गृह विभाग
(आरक्षी शाखा)
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अधिसूचना
18 अप्रील 2023
सं॰ 8/विविध-10-18/2023 गृ0आ0 4832—दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 157 उप धारा (1) के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुये बिहार के राज्यपाल बिहार पुलिस सेवा में सम्पुष्ट, पी0टी0सी0 प्रशिक्षण प्राप्त एवं उत्तीर्ण तथा सहायक अवर निरीक्षक के पद पर प्रोन्नति के लिए अर्हक न्यूनतम सेवा अवधि पूर्ण सिपाही को निम्न शर्तों के साथ थाना में दर्ज काण्ड के अनुसंधान हेतु प्राधिकृत करते हैं तथा उन्हें दण्ड प्रक्रिया संहिता, 1973 की धारा 173 उपधारा (2)(i) के तहत सक्षम अधिकारिता वाले न्यायालय में पुलिस रिपोर्ट दाखिल करने हेतु धारा 2(ण) के तहत थाना के भार साधक अधिकारी के रूप में नामित करते हैं :-
1. भारतीय दण्ड विधान, विशेष अधिनियमों तथा स्थानीय अधिनियमों के अन्तर्गत 07 वर्ष तक अधिकतम सजा वाले अपराधों (साम्प्रदायिक प्रकृति के अपराधों को छोड़कर), जिसके अनुसंधान के लिए न्यूनतम रैंक निर्धारित नहीं किया गया हो, का अनुसंधान कर सकेगा। अनुसंधान के क्रम में यदि काण्ड, 7(सात) वर्ष से अधिक सजा के प्रावधान के धारा के अन्तर्गत सत्य पाया जाता है, तो काण्ड का अनुसंधान नियमित सहायक अवर निरीक्षक अथवा उनसे वरीय पुलिस पदाधिकारी को हस्तगत किया जायेगा।
2. यथा विहित सिपाही की वरीयता इससे प्रभावित नहीं होगी और न ही किसी वित्तीय अथवा अन्य कार्मिक मामलों में उसे हकदारी देगा।
बिहार-राज्यपाल के आदेश से, गिरीश मोहन ठाकुर, सरकार के अवर सचिव।